राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ जनसभाओं तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है.
उत्तराखंड में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी रणनीति के तहत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार और शुक्रवार (4-5 जून, 2026) को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड जाने वाले हैं.
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ जनसभाओं तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है.
क्या है राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे का शेड्यूल?
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी गुरुवार (4 जून, 2026) को अल्मोड़ा में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद शाम को वह पौड़ी में पूर्व सैनिकों से मुलाकात करेंगे और उनके मुद्दों पर चर्चा करेंगे. इसके बाद वे गुरुवार (4 जून) की रात देहरादून में ही गुजारेंगे.
इसके बाद, अगले दिन शुक्रवार (5 जून, 2026) को राहुल गांधी देहरादून में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक करेंगे. इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस, NSUI और सेवादल के प्रतिनिधि शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.
कांग्रेस को उत्तराखंड में बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति
सूत्र बताते हैं कि राहुल गांधी के इस दौरे की मॉनिटरिंग प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के साथ सह-प्रभारी मनोज यादव और सुरेंद्र शर्मा कर रहे हैं. दौरे के दौरान कुमाऊं क्षेत्र के अल्मोड़ा और गढ़वाल क्षेत्र के देहरादून में बड़ी राजनीतिक सभाओं की भी तैयारी की गई है.
कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसी कड़ी में पार्टी लगभग 200 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुकी है. वहीं, लंबे समय से लंबित प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा भी राहुल गांधी के दौरे के तुरंत बाद किए जाने की संभावना जताई जा रही है.
कार्यकर्ताओं को चुनावी मोड में लाने का महत्वपूर्ण कदम
पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड में आंतरिक गुटबाजी को समाप्त कर संगठन को एकजुट करने पर विशेष जोर दे रहा है. राहुल गांधी का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और 2027 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को चुनावी मोड में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.



