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Budget Session 2026: विधानसभा बजट सत्र का 8वां दिन, आज इस मुद्दे पर गरमाएगा सदन, प्रश्नकाल में विपक्ष करेगा घेराव…

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”छग विधानसभा के बजट सत्र का आज 8वां दिन, सदन में जंबूरी विवाद, आत्मानंद स्कूलों का मुद्दा गूंजेगा, कांग्रेस विधायक उमेश पटेल प्रश्नकाल में उठाएंगे मुद्दा’

”छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 8वां दिन है। आज भी सदन की कार्यवाही हंगामेदार रहने का आसार है। बताया जा रहा है कि सदन में आज जंबूरी विवाद, आत्मानंद स्कूलों का मुद्दा गूंजेगा।”

”प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल इस मुद्दे को उठाएंगे। वहीं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी स्कूलों की दुर्दशा को लेकर सवाल लगाया है। इन सवालों का जवाब स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सदन में देंगे। इसके अलावा विभागों से जुड़े सवालों का जवाब मंत्री लखन लाल और डिप्टी सीएम अरुण साव देंगे।”

ध्यानाकर्षण में उठेगा ये मुद्दा

”जिसके बाद ध्यानाकर्षण के दौरान आज सदन में आयुष्मान से इलाज नहीं होने का मुद्दा उठेगा। कांग्रेस विधायक कविता लहरे आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं मिलने का मुद्दा सदन में उठाएंगी।”

”वहीं अनुज शर्मा धरसींवा क्षेत्र में उद्योगों के रासायनिक अपशिष्ट से पानी प्रदूषित होने के मामले को ध्यानाकर्षण के जरिए उठाएंगे। इसके अलावा मंत्री ओपी चौधरी और रामविचार नेताम के विभागों पर भी चर्चा होगी। साथ ही मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों की अनुदान मांगों पर भी सदन में विचार किया जाएगा।”

7वां दिन इस मुद्दे पर गरमाया सदन

”छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को धान खरीदी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल ने ‘मुसवा’ के नाम पर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि 2024-25 सीजन में किसानों से खरीदे गए बड़ी मात्रा में धान को चूहों ने खा लिया, कुछ धान भ्रष्ट अधिकारियों ने बेच दिया या रखरखाव के कारण खराब हो गया।”

CG: उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को किया सम्मानित…

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नारी शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन’

प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से हुईं शामिल’

फाग गीत पर झूमीं समारोह में मौजूद महिलाएं’

नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ’

स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 15 दिनों का विशेष शिविर’

महिलाएं ईश्वर की अनुपम कृति हैं। ईश्वर ने उन्हें विशेष शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। महिलाओं ने अपनी लगन, मेहनत और काबिलियत से हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है। हर क्षेत्र में उपलब्धियां और ऊंचाईयां हासिल की हैं। माताओं व बहनों का सम्मान एवं विशेष स्थान प्राचीन काल से हमारी संस्कृति और परंपरा में है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों, महिला हितग्राहियों एवं स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समारोह में नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए 15 दिनों के विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा की। ये शिविर आगामी 14 मार्च से लगाए जाएंगे। नारी शक्ति सम्मान समारोह में प्रदेशभर की स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही एवं स्वसहायता समूहों की महिलाएं जोश और उत्साह से शामिल हुईं। वे इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर द्वारा प्रस्तुत फाग गीत पर जमकर झूमीं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नारी शक्ति सम्मान समारोह में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं संघर्ष और करूणा की प्रतिमूर्ति हैं। आप में जो क्षमता और ताकत है, वो किसी और में नहीं है। देश में ऐसी अनेक घटनाएं और प्रसंग हैं जहां नारी शक्ति ने अपनी ममता, तपस्या, त्याग और बलिदान की अनूठी मिसालें पेश की हैं। श्री साव ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू हुई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय बनाए गए हैं, उज्जवला योजना से रसोई गैस दिए गए हैं, जल जीवन मिशन ने महिलाओं की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘वीमेन फॉर ट्री’ जैसी योजनाओं ने महिलाओं की प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाया है।

श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वीकृत दो लाख 44 हजार प्रधानमंत्री आवासों में से एक लाख 77 हजार आवास महिलाओं के नाम से स्वीकृत हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से यह संभव हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के पास खुद के नाम पर पक्का घर है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य के 70 हजार महिला स्ट्रीट वेंडर्स को 88 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि माता बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है। इस नाते भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार, अच्छी शिक्षा, अच्छी सोच और अच्छी दिशा देने की महती जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है।

रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे राज्य को और हमारे शहरों को जो प्रतिष्ठा मिलती है, वह आप लोगों के कार्यों की वजह से मिलती है। उन्होंने समारोह के आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के बीच इसका आयोजन किया गया है। तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आप लोगों का हौसला बढ़ाने और सम्मानित करने उप मुख्यमंत्री यहां मौजूद हैं। श्रीमती चौबे ने कहा कि आप लोगों की प्रेरणा और सहयोग से हम आगे बढ़ते हैं। आपकी सहभागिता से योजनाओं को हम धरातल पर उतारते हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग के कार्यों में महिलाएं महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। स्वच्छता दीदियों और स्वसहायता समूहों के साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में वे बड़ी भूमिका निभा रही हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, राजस्व विभाग के अध्यक्ष श्री अवतार भारती बागल और पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा सहित नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अनेक अधिकारी भी समारोह में मौजूद थे।

इनका किया गया सम्मान, चेक भी सौंपे गए

समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के स्वच्छता दीदियों के प्रतिनिधि के रूप में बिलासपुर की श्रीमती रामेश्वरी सागर, कुम्हारी की श्रीमती मंजू देवांगन, बिल्हा की श्रीमती संपति यादव, अंबिकापुर की श्रीमती संगीता गुप्ता, विश्रामपुर की श्रीमती भारती गुप्ता और पाटन की श्रीमती लता मंडलेश को सम्मानित किया गया। विपरीत परिस्थितियों के बीच नगर निगम के सहयोग से प्रधानमंत्री आवास का निर्माण करने वाली रायपुर की श्रीमती मांडवी कौशिक, बीरगांव की श्रीमती बिमला साहू, कुम्हारी की श्रीमती त्रिवेणी साहू, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित बगीचा की महिला हितग्राही श्रीमती सुमन तिर्की तथा वीमेन फॉर ट्री में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बिलासपुर की श्रीमती पल्लवी विजय क्षत्री, लोरमी की श्रीमती दुर्गा राजपूत और बगीचा की श्रीमती प्रभा यादव का भी सम्मान किया गया।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निर्धारित समयावधि में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण पूर्ण कर मुख्यमंत्री गृहप्रवेश सम्मान का हकदार बनीं रायपुर की श्रीमती रजनी ध्रुव, कुम्हारी की श्रीमती गीता पाल और बीरगांव की श्रीमती पलक देवांगन को (प्रत्येक को) 32 हजार 850 रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत रायपुर नगर निगम की तीन स्ट्रीट वेंडर्स श्रीमती लक्ष्मी साहू, श्रीमती रत्ना दीप और श्रीमती बी. लावण्या को 50-50 हजार रुपए के चेक सौंपे।

CG: रसोई गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने अधिकारियों को निर्देश: प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक…

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मंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी के साथ ही पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रसोई गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आपूर्ति व्यवस्था पर सतत नजर रखने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं कालाबाजारी या अनियमितता की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही रसोई गैस की बुकिंग करें। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है।

CG: ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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मुख्यमंत्री से जशपुर जिले के सरपंचों ने की मुलाकात’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री श्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन  से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।

CG: माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विधानसभा में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए…

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मंत्रिपरिषद के निर्णय:-

  1.   मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्रय विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति व साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण पर प्रभावी ढंग से रोक लगाना है।
  2.   मंत्रिपरिषद द्वारा विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप-समिति द्वारा अनुशंसित 13 प्रकरणों को माननीय न्यायालय से वापस लिए जाने का अनुमोदन किया गया।
  3.   मंत्रिपरिषद द्वारा अपारम्परिक ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित संयंत्रों व परियोजनाओं हेतु अनुदान की दरों का निर्धारण किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति दी गई।

क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्र वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए 01 लाख 50 हजार रूपए का राज्य अनुदान तथा वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षाें के लिए निविदा दर का 30 प्रतिशत अथवा 01 लाख 50 हजार रूपए जो भी कम हो, प्रस्तावित किया गया है। इसी तरह घरेलू बॉयो गैस संयंत्र न्यूनतम 2 से 6 घन मीटर के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में 9 हजार रूपए प्रति संयंत्र तथा वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षाें के लिए 9 हजार रूपए प्रति संयंत्र सभी क्षमताओं के लिए प्रस्तावित किया गया है। 

  1.   मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे पंजीयन पर प्रभार्य उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्त पोषण के सम्पत्ति के अंतरण पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब योजना संचालित नहीं है, इस कारण पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर शुल्क को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
  2.   मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  3.   मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  4.   मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल विधेयक, 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के विभिन्न कार्यालयों में तकनीकी और गैर तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियुक्तियों के लिए उम्मीदवारांे के चयन और परीक्षा आयोजित करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल का गठन किया जाएगा।
  5.   मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य लोक परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को कायम करना है।
  6.   मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 40, 50 एवं 59 में संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  7.   मंत्रिपरिषद द्वारा जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर अत्याधुनिक खेल मैदान क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा।

‘LPG, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक…’ मुख्यमंत्री साय बोले- प्रदेशवासियों को घबराने की जरूरत नहीं…

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”छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है.  छत्तीसगढ़ राज्य से जुड़ी आज की खबरें पढ़ना चाहते हैं तो आप इस लिंक पर पढ़ सकते हैं.”

”मुख्यमंत्री साय बोले- LPG, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक”

”छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि रसोई गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है.”

”मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को रसोई गैस की सुचारु सप्लाई बनाए रखने, नियमित रूप से स्टॉक की निगरानी करने और किसी भी तरह की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.”

”उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस की बुकिंग करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके. रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर आमजन को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”

”प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी जिलों के अधिकारियों को रसोई गैस की सुचारु आपूर्ति, नियमित स्टॉक मॉनिटरिंग और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें…”

ये कैसे जवाब दे रहा है Elon Musk का Grok चैटबॉट! रेसिज्म वाले रिस्पॉन्स से यूजर हैरान…

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 Elon Musk का Grok चैटबॉट!

Elon Musk की कंपनी xAI का एआई चैटबॉट Grok एक बार फिर मुश्किलों मे घिर गया है. कुछ दिन पहले बिकिनी ट्रेंड  के कारण आलोचना झेलने वाला यह चैटबॉट अब अपने रेसिस्ट और अपमानजनक रिस्पॉन्स के कारण फिर खबरों में आ गया है. बिकिनी ट्रेंड के बाद अब लोग इससे चैटबॉट से अनसेंसर्ड और अश्लील कंटेट जनरेट करने को कह रहे हैं. इस ट्रेंड ने एआई की लिमिट और इसके यूज पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.

ग्रोक दे रहा आपत्तिजनक जवाब

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्काई न्यूज ने सबसे पहले इस ट्रेंड के बारे में रिपोर्ट किया है. इस मीडिया कंपनी ने ग्रोक के पब्लिक रिप्लाई को स्टडी किया और पाया कि कई रिस्पॉन्स में गाली और धर्म के बारे में अपमानजनक बातें कही गई थीं. इसे लेकर कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह की लैंग्वेज को सहन नहीं किया जा सकता. ये भेदभाव को बढ़ाने वाली बातें हैं. यूके की सरकार ने भी इन पोस्ट को ऑफेंसिव और गैर-जिम्मेदाराना माना है. सरकार का कहना है कि सभी एआई चैटबॉट को देश के नियमों का पालन करना पड़ेगा.

बिकिनी ट्रेंड के कारण भी बढ़ी थी मुश्किलें

ग्रोक के सुर्खियों में रहने का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले यह बिकिनी ट्रेंड के कारण चर्चा में आया था. तब यूजर्स के इंस्ट्रक्शन पर यह महिलाओं की अश्लील तस्वीरें क्रिएट कर रहा था. कई यूजर्स ने इससे महिलाओं और बच्चों को आपत्तिजनक पोस्ट बनाकर एक्स समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डार्क वेब पर शेयर की थी. इसे देखते हुए भारत समेत कई देशों की सरकार ने कंपनी से जवाब मांगा था. इस ट्रेंड के कारण इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देशों में ग्रोक पर बैन भी लग गया था. विरोध बढ़ने पर एक्स ने ग्रोक की इमेज एडिटिंग कैपेबिलिटी को केवल पेड सब्सक्राइबर तक लिमिट कर दिया था. यानी केवल पेड सब्सक्राइबर के पास ही ग्रोक से इमेज एडिट कराने का ऑप्शन बचा था.

‘ऐसे कैसे चलेगा गठबंधन?’, INDIA ब्लॉक की मीटिंग में लेफ्ट नेताओं ने राहुल गांधी को ही सुना दिया…

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‘ऐसे कैसे चलेगा गठबंधन?’, INDIA ब्लॉक की मीटिंग में लेफ्ट नेताओं ने राहुल गांधी को ही सुना दिया…”

केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. एक तरफ लेफ्ट के नेतृत्व में एलडीएफ गठबंधन है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का यूडीएफ है. नेताओं की बयानबाजी के चलते INDIA ब्लॉक में तनाव पैदा हो रहा है.

इस बार तो लेफ्ट पार्टियों ने सीधे राहुल गांधी को ही घेर लिया है.

वामपंथी पार्टियों ने ऐतराज जताया है कि राहुल गांधी केरल में जिस तरह से लेफ्ट पार्टियों पर हमला बोल रहे हैं, वह ठीक नहीं है. इससे INDIA अलायंस की एकता प्रभावित होगी और संबंधों में कड़वाहट आएगी.

जानें क्या है पूरा मामला

INDIA ब्लॉक की सोमवार (9 मार्च) को दिल्ली में मीटिंग थी, जिसमें संसद सत्र को लेकर चर्चा होनी थी. इस दौरान लेफ्ट सांसद जॉन ब्रिट्स और पी. संतोष कुमार ने मीटिंग में आपत्ति जताई कि राहुल गांधी कम्युनिस्ट पार्टी और बीजेपी के बीच गठजोड़ की बात कैसे कर सकते हैं. बता दें कि राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि केरल में बीजेपी और कम्युनिस्ट दलों के बीच तालमेल है. इससे और आगे बढ़कर राहुल गांधी ने ‘कम्युनिस्ट जनता पार्टी’ नाम के एक टर्म का इस्तेमाल किया था, जिससे वामपंथी नेता भड़के हुए हैं. वामपंथी नेताओं ने कहा कि इस तरह सहयोगी दलों पर टिप्पणियां करने से गठबंधन कैसे चल पाएगा.

राहुल गांधी ने क्या कहा

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीटिंग के दौरान लेफ्ट सांसदों के रुख पर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि इस मसले पर बाद में बात की जाएगी और हम बताएंगे कि आखिर राहुल गांधी के कहने का क्या मतलब था. उन्होंने कहा कि मीटिंग में इस तरह राहुल गांधी की स्पीच के एक हिस्से को मुद्दा बनाना ठीक नहीं है. बता दें कि इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद थे और उन्होंने कहा कि इस पर बाद में बात की जाएगी. ज्यादातर नेताओं ने कहा कि हमें फिलहाल बैठक में संसद के एजेंडे पर फोकस करना चाहिए.

दरअसल अगले कुछ ही माह में केरल में इलेक्शन होने हैं. बीते लगातार 2 कार्यकाल से वामपंथी नेतृत्व वाली सरकार सत्ता पर काबिज है और यहां बीजेपी तीसरे नंबर की पार्टी है, जबकि कांग्रेस मुकाबले में रही है. कांग्रेस को लगता है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर लेगी.

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच संकट में बांग्लादेश, भारत करेगा दिल खोलकर मदद, भेजेगा 5000 टन तेल…

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मिडिल ईस्ट में जंग के बीच संकट में बांग्लादेश, भारत करेगा दिल खोलकर मदद, भेजेगा 5000 टन तेल…

भारत पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को 5,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा. यह खेप मंगलवार को पारबतिपुर सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करने की उम्मीद है. यह आपूर्ति उस समझौते का हिस्सा है जिसके तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को 1,80,000 टन डीजल देगा.

समझौते के तहत तय आपूर्ति

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि मौजूदा खेप इसी समझौते का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि समझौते के अनुसार छह महीने के भीतर कम से कम 90,000 टन डीजल बांग्लादेश को आयात करना चाहिए.

दो महीने में पूरी मात्रा आयात करने की उम्मीद

रहमान ने कहा कि आज आने वाली खेप 5,000 टन की है और उम्मीद है कि अगले दो महीनों के भीतर छह महीने के लिए तय पूरी डीजल मात्रा देश में आयात कर ली जाएगी.यह आपूर्ति ऐसे समय हो रही है जब बांग्लादेश में व्यापारियों द्वारा अवैध भंडारण और बाजार में हेरफेर को लेकर चिंता जताई जा रही है. रिपोर्टों में सामने आया है कि कुछ व्यापारी अवैध रूप से ईंधन जमा कर कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं.

सरकार ने ईंधन आपूर्ति पर लगाई सीमा

बांग्लादेश उर्जा मंत्रालय ने इन रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए वाहनों की श्रेणियों के आधार पर ईंधन आपूर्ति की सीमा तय कर दी है, ताकि कृत्रिम कमी की स्थिति से निपटा जा सके. हालांकि, कुछ पेट्रोल पंपों पर इन सीमाओं से अधिक ईंधन बेचे जाने और अतिरिक्त स्टॉक जमा कर मुनाफा कमाने की खबरें भी सामने आई हैं.

अवैध भंडारण रोकने के लिए मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई

इन समस्याओं को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि अवैध भंडारण और निर्धारित सीमा से अधिक बिक्री रोकने के लिए मोबाइल कोर्ट अभियान चलाया गया. इस दौरान एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने ढाका में विभिन्न फ्यूल स्टेशनों पर कार्रवाई की. जांच में पाया गया कि सिटी फिलिंग स्टेशन पर ईंधन उपलब्ध नहीं था, जबकि क्लीन फ्यूल स्टेशन नियमों के अनुसार संचालन कर रहा था.

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर दिया समान नागरिक संहिता का सुझाव, याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी…

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सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता की जरूरत बताई है. मुस्लिम महिलाओं के उत्तराधिकार से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह टिप्पणी की है.

चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने कहा है कि यूसीसी कई विषमताओं को खत्म करेगा, लेकिन इस पर निर्णय लेना संसद का काम है.

जजों ने जिस मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की उसे वकील पॉलोमी पवनी शुक्ला और न्याय नारी फाउंडेशन नाम की संस्था की निदेशक आयशा जावेद ने दाखिल किया था. याचिका में 1937 के शरीयत एक्ट के उस प्रावधान का विरोध किया गया था जो मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों की तुलना में संपत्ति में आधा हिस्सा देता है. याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वकील प्रशांत भूषण ने इस प्रावधान को संविधान से हर नागरिक को मिले समानता के अधिकार का हनन बताया.

प्रशांत भूषण ने कहा कि

सुप्रीम कोर्ट शायरा बानो बनाम भारत सरकार मामले में एक साथ तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर चुका है. इस मामले में भी ऐसा किए जाने की जरूरत है. इस पर कोर्ट ने कहा, ‘आप ने मुस्लिम पर्सनल लॉ एप्लिकेशन एक्ट, 1937 को चुनौती दी है. मान लीजिए कि इसे रद्द कर दिया जाता है, तो उसके बाद कौन-सा कानून लागू होगा? यह बहुत अहम सवाल है. कानून को हटाने से जो शून्य पैदा होगा, उस पर विचार जरूरी है.’

जस्टिस बागची ने कहा कि अगर 1937 का कानून हट जाता है, तब भी संविधान के अनुच्छेद 372 के चलते मुस्लिम उत्तराधिकार पारंपरिक पर्सनल लॉ से चलेगा. इस पर प्रशांत भूषण ने सुझाव दिया कि कोर्ट यह आदेश दे कि 1937 का कानून खत्म होने के बाद मुसलमानों के उत्तराधिकार के मामले इंडियन सक्सेशन एक्ट, 1925 के तहत चलेंगे क्योंकि यह कानून पुरुष और महिला को बराबर अधिकार देता है.

इसके बाद जजों ने इस विषय को संसद के अधिकार क्षेत्र का बताया. बेंच ने कहा कि कानून बनाने का काम विधायिका का है. संसद ही व्यापक सुधार कर सकती है. चीफ जस्टिस ने कहा, ‘इस तरह के मुद्दों का वास्तविक समाधान यूनिफॉर्म सिविल कोड के जरिए ही संभव है. इससे सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू हो सकेंगे. हम पहले भी इसका सुझाव दे चुके हैं. निर्णय संसद को लेना है.’

सुनवाई के अंत में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वह अपनी याचिका में संशोधन कर दोबारा दाखिल करें. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता व्यवहारिक सुझाव दें. तभी वह इस मामले पर आगे विचार कर सकेगा. प्रशांत भूषण ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि वह संशोधित याचिका दाखिल करेंगे.