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जानिए इस तारीख से लगातार 7 दिन बंद रहेंगे देश के बैंक, हो सकती है पैसों की किल्लत…

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यूं तो त्योहारों का मौसम शुरु होने में अभी कुछ दिन बचे हैं लेकिन कुछ ऐसे कारण है जिसके चलते देश के बैंक एक दो दिन नहीं बल्कि पूरे 7 दिन बंद रहने वाले है। अब जब लगातार 7 दिन बैंक बंद रहेंगे तो लाजिमी है कि आपके कई जरुरी काम अटक सकते हैं। वहीं लागातार 7 दिन बैंक बंद रहने के चलते एटीएम में भी पैसों की कमी हो सकती है। इसलिए अगर आप पैसो की कमी से नहीं जूझना चाहते है तो पहले से ही पर्याप्त कैश का इंतजाम कर लें।
इसलिए 7 दिन बंद रहेंगे बैंक
दरअसल सरकार ने बैकों के विलय की जो घोषणा की है उसके विरोध में बैंक यूनियन अगले हफ्ते 26 और 27 को हड़ताल करेंगे। फिर 28 सितंबर को महीने का आखिरी शनिवार होने के चलते बैंक बंद रहेंगे। 29 सितंबर की बात करें तो रविवार होने के कारण सभी बेंक बंद रहेंगे। इसके बाद दिल्ली प्रदेश बैंक वर्कर्स आर्गेनाइजेशन ने 30 सितंबर और एक अक्टूबर को बंदी करने का फैसला किया है। फिर दो अक्टूबर को गांधी जंयती के उपलक्ष्य में देश के सभी बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में लगातार 7 दिन बैंक बंद रहने की स्थिति में बैंक से नकद निकासी, जमा के अलावा दूसरे कामों को ग्राहक इससे पहले जल्द निपटा लें ताकि बंदी के दिनों में ग्राहकों को कोई परेशानी न हो।
ATM पर भी होगा असर
बैंक में लगातार 7 दिन काम न होने के चलते ATM पर भी कैश का असर देखा जा सकेगा। क्योंकि ATM में एक या दो दिन का पैसा डाला जाता है। 7 दिन तक बैंक में कामकाज न होने की स्थिति में ATM में भी कैश की किल्लत हो सकती है। इसलिए आप अगर परेशानी से बचना चाहते हैं तो पहले से ही कैश का इंतजाम कर लें।

कुछ प्रोडक्ट जो अलग अलग देशों में अलग नाम से बेचे जाते हैं। देखिए…

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1.लेट के आलू के चिप्स के अन्य देशों में बहुत सारे नाम हैं – वे यूके और आयरलैंड में वॉकर, इज़राइल में टैपचिप्स, मिस्र में चिप्सी और वेस्ट बाल्कन, ऑस्ट्रेलिया में स्मिथ, मैक्सिको में सबरीटास और कोलंबिया में मार्गरिटा हैं।

2.विश्व प्रसिद्ध कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट Tide को यूके में डैज़, प्यूर्टो रिको और लैटिन अमेरिका में ऐस, अलो (जिसका अर्थ है “तुर्की में”) कहा जाता है, हांगकांग और मलेशिया में फैब, और विज़ीर (जिसका अर्थ “वैस्टियर” के समान है) ) पोलैंड में।

3.कभी-कभी कंपनियों को अपने ब्रांड का नाम बदलने के लिए मजबूर किया जाता है, जिसका स्थानीय भाषा में अलग-अलग अर्थ होता है।

हर ‘नवरत्रि गरबा’ की शान बॉलीवुड के ये 5 टॉप गरबा सॉन्ग, बढ़ाते हैं जानिए नाम…

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गरबा या डांडिया नाइट की शान होता है उसमें बजने वाले गाने। कुछ समय पहले तक ज्यादातर डांडिया फंक्शन में पुराने बॉलीवुड गाने व फाल्‍गुनी पाठक के गाने बजा करते थे। लेकिन अब समय के साथ-साथ लोगों का टेस्ट भी बदल गया है। आजकल बॉलीवुड के ये नए सॉन्ग्स डांडिया फंक्शन की शान बने रहते हैं। तो आइए जानते हैं उन सॉन्ग के बारे में…

फिल्म रामलीला का नगाड़ा संग ढोल बाजे…संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म रामलीला को गाना लोगों की पसंद बना हुआ है। इसमें रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के मूव्स को लोग गरबा करते समय फॉलो भी करते हैं।

फिल्म लवरात्रि का गाना छोगड़ा तारा…गरबा में डांस करने के लिए युवाओं में छोगड़ा सॉन्ग बहुत फेमस है।

फिल्म काई पो चे का सॉन्ग शुभारंभ…हे शुभारंभ हो शुभारंभ मंगल बेला आई गाना ट्रेडिशनल गुजराती बीट्स पर बना है। यह गरबा डांस परफॉर्मेन्स के लिए बहुत ही शानदार सॉन्ग है।

हम दिल दे चुके सनम का ढोली तारो सॉन्ग…ढोली तारो ढोल बाजे, ढोल बाजे… गरबा का सबसे एनर्जेटिक सॉन्ग है, जो हर गरबा व डांडिया नाइट पर बजाया जाता है।

फिल्म सुहाग का सबसे बड़ा तेरा नाम ओ शेरोवाली
संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का यह गाना अम्बे मां को समर्पित है। इस सॉन्ग को डांडिया और गरबा Classic नंबर माना जाता है

बिना किसी यात्री के उड़ा दिए 82 विमान, लगी 18 करोड़ की चपत !वाह रे पाकिस्तान…

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पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (Pakistan International Airlines) ने ऐसा एक-दो नहीं 82 बार किया है. रिपोर्ट (Report) के मुताबिक साल 2016 से 2017 के बीच पीआईए ने ऐसी 46 उड़ानों का संचालन किया, जिसमें एक भी यात्री सवार नहीं थे.

पाकिस्तान (Pakistan) के आर्थिक (Economy) हालात तेजी से खराब हो रहे हैं. पाकिस्तान के खराब होते हालात के बीच अब एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है. एक ऑडिट रिपोर्ट ( Audit Report) में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की सरकारी विमान सेवा (Government Airlines), पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) पिछले कुछ समय से बिना किसी यात्री के उड़ान भर रही थी. खास बात ये है कि पीआईए के विमान एक-दो नहीं पूरे 82 बार बिना किसी यात्री से उड़ान भर चुके हैं. विमान कंपनी की इस हरकत से सरकार को 18 करोड़ रुपये की चपत लगी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय विमान सेवा ने इस्लामाबाद से उड़ान भरी और हवा में ही अपने विमान उड़ाने के बाद उसे वापस इस्लामाबाद में ही उतार दिया. पीआईए ने ऐसा एक-दो नहीं 82 बार किया है. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 से 2017 के बीच पीआईए ने ऐसी 46 उड़ानों का संचालन किया, जिसमें एक भी यात्री सवार नहीं थे. आश्चर्य की बात ये ही इन उड़ानों के अलावा हज जाने वाली करीब 36 उड़ानें ऐसी थीं, जिसमें एक भी यात्री सवार नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से पीआईए को 18 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है. इस मामले में अब प्रशासन को जानकारी देने के बाद जांच तेज कर दी गई है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान का कर्ज 6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. मूडीज के 39 महीने के करार के अलावा दूसरे देशों से लिए कर्ज और उसके ब्याज के भुगतान की वजह से फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व और चालू खाता घाटे में भी गिरावट आई है. बढ़ते कर्ज के कारण देश की वित्तीय स्थिति और कमजोर होगी. कर्ज वहन करने की उसकी क्षमता पर भी असर पड़ेगा. 

पाकिस्तान का मौजूदा वित्तीय संकट भारी राजकोषीय घाटे एवं फॉरेन एक्सचेंज इनफ्लो में कमी के कारण और गंभीर हो जाता है. बाहरी असंतुलन को लेकर पिछले दो साल में पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में 7.50 प्रतिशत की वृद्धि की है. इससे पाकिस्तान की राजकोषीय स्थिति और कमजोर हो गयी है.

टैक्सपेयर्स के लिए खुशखबरी! अब टैक्स चोरी पर नहीं होगी जेल जानिए…

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 टैक्सपेयर्स को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. अगर आपने जानबूझकर भी टैक्स (Tax) की चोरी कर ली है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है. क्योंकि सरकार ने सभी इनकम टैक्स अधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि अगर किसी ने 25 लाख रुपये तक टीसीएस (TDS) जमा नहीं किया है या फिर इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) में जानबूझकर अपनी आमदनी कम करके दिखाई है तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं करें. उसे जेल नहीं भेजें.

अब तक के नियमों के मुताबिक, अगर किसी ने TDS जमा नहीं किया है तो उसे 3 महीने से लेकर 6 साल तक जेल की सजा का प्रावधान था. लेकिन अब जेल नहीं होगी.

इसी तरह किसी ने जानबूझकर पर अपनी आमदनी कम करके दिखाई है और 25 लाख रुपये तक की टैक्स चोरी की है तो उसे पहले 7 साल तक जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान था जो अब सामान्य हालात में अपराधिक मामला नहीं चलेगा.

तीसरी राहत ये है कि अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरा है तो अब तक के नियमों के मुताबिक 3 महीने से लेकर 7 साल तक जेल और जुर्माना का प्रावधान था लेकिन अब सामान्य हालात में ऐसा नहीं होगा.

हालांकि ये सारी बातें 9 सितंबर से लागू हो गई हैं. लेकिन इससे बहुत ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि गाइडलाइंस के मुताबिक, कई सारी शर्तें भी जोड़ी गई हैं कि आपको राहत किन-किन शर्तों के तहत दी जाएगी.

टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अधिकारियों को निर्देश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि अनजाने में या पहली बार टैक्स चोरी करने पर जेल नहीं होगी. लेकिन बार-बार टैक्स चोरी करने पर आपराधिक मुकदमा और जेल दोनों ही सजा दी जाएगी और ऐसा दो अधिकारियों से बने कॉलेजियम की मंजूरी के बाद होगा. आपराधिक मुकदमे में किसी एक अधिकारी की मनमर्जी नहीं चलेगी. बता दे कि ये 25 लाख रुपये तक के मामले में ही ये छूट मिलेगी.

कलेक्‍ट्रेट के बाहर अंडरवियर सुखाने का मुकदमा दर्ज 24 साल से धरना पर बैठे टीचर पर…

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पिछले 24 सालों से भ्रष्टाचार और भू-माफियों के खिलाफ कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे एक शिक्षक विजय सिंह का जिलाधिकारी ने धरना खत्म करा दिया है। पुलिस ने विजय सिंह पर मुकदमा दर्ज किया है। उनपर आरोप है कि वो कलेक्ट्रेट के बाहर खुले में अंडरवियर सुखाते हैं। पुलिस ने टीचर के खिलाफ धारा 509 के अंतर्गत महिला की विनम्रता को ठेस पहुंचान के तहत मामला दर्ज किया है। आपको बता दें कि विजय सिंह पिछले 24 सालों से एक पूर्व विधायक द्वारा जमीन हड़पने के विरोध में धरने पर बैठे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे लंबा धरना देने पर विजय सिंह का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस, लिम्का बुक में दर्ज है। वे यह धरना 26 फरवरी 1996 से दे रहे हैं।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे लंबा धरना देने पर विजय सिंह का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस, लिम्का बुक में दर्ज है। वे यह धरना 26 फरवरी 1996 से दे रहे हैं। बुधवार को मुजफ्फरनगर की जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी ने विजय सिंह को अपने ऑफिस में बुलाया और धरना खत्म कर कलक्ट्रेट खाली करने को कहा। इसके बाद जिलाधिकारी ने पुलिस और पीएसी की मदद से विजय सिंह का सारा सामान कचहरी से बाहर करा दिया। इसके बाद विजय सिंह जब जिलाधिकारी के ऑफिस में फिर पहुंचे तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। विजय सिंह वहां से हाथ जोड़कर लौट आए और अपना धरना शिवचौक पर डाकखाने के पास फिर से शुरू कर दिया।

इस बीच नया मामला सामने आया। पता चला कि टीचर विजय सिंह के खिलाफ संजय कुमार नाम के व्यक्ति ने सिविल लाइन थाने में कलक्ट्रेट में धरनास्थल के बाहर अंडरवियर सुखाने की शिकायत की थी। संजय सिंह की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विजय सिंह ने कहा कि मैं पुलिस केस से किसी तरह के दबाव में आने वाला नहीं हूं। आगे भी मैं अपना धरना जारी रखूंगा। उन्होंने कहा कि मेरे धरने को खत्म करने क लिए यह साजिश रची है। टीचर ने कहा कि जिस अंडरवेयर को लेकर मेरे खिलाफ केस दर्ज किया गया है वह मेरा अंडरवेयर नहीं हैं। नजदीक में रहने वाले एक बेसहारा आदमी का है।

छत्तीसगढ़ – जांजगीर में घर से स्कूल जाने निकले 3 बच्चे लापता, तलाश में जुटी पुलिस…

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जांजगीर (Janjgir) जिले में घर से स्कूल जाने निकले तीन मासूम स्कूली (School) बच्चे लापता हो गए हैं. तीनों बच्चे एक ही परिवार के हैं. बीते शुक्रवार से लापता इन बच्चों के स्कूल बैग और स्कूल जाने के दौरान पहने हुए कपड़े बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस (Police) जान पहचान वालों से पूछताछ के साथ ही घर से स्कूल और कपड़े बरामद होने की जगह​ के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है. पुलिस बच्चों की तलाश में जुट गई है. जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

जांजगीर-चांपा (Janjgir-Champa) जिले के चांपा के वार्ड नंबर क्रमांक 2 में बीते शनिवार को उस वक्त हड़कम्प मच गया. जब मोहल्लेवाशियों को यह जानकारी हुए कि उनके मोहल्ले के रहने वाले तीन मासूम स्कूली (School) बच्चे कल घर से स्कूल जाने निकले थे, लेकिन स्कूल पहुंचने से पहले रस्ते से ही रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं. बच्चों का स्कूल बैग और स्कूल जाने के दौरान पहने हुए कपड़े परिजनों को चांपा थाना क्षेत्र के गांधी भवन के पास सड़क किनारे मिला.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक चांपा के वार्ड क्रमांक 2 में रहने वाले राजू सहिस के दो बच्चे कुमारी संजना सात वर्ष, सचिन कुमार छ वर्ष और उसकी सात वर्षीय बहन निर्जला शुक्रवार को सुबह घर से स्कूल जाने निकले थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे. जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की. पूरी रात बच्चों की खोजने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली तो शनिवार को परिजन सुबह 10 बजे चांपा थाना पहुंच कर बच्चों की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई है. मामले के विवेचक​ ग्रहण सिंह का कहना है कि परिजनों की शिकायत पर चांपा पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है और बच्चों की तलाश में जुट गई है.

मिड डे मील में अंडा बांटने से 472 स्कूलों का इनकार, 44 हजार बच्‍चे होंगे प्रभावित…

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कवर्धा (Kawardha) जिले में कुपोषण (Malnutrition) अभियान को लेकर राज्य सरकार की योजना को को लेकर विवाद बढ़ गया है. इस जिले में 472 स्कूलों में मिड डे मील में अंडा वितरण को लेकर शिक्षक (Teacher) पालक संघ में सहमति नहीं बनी है. शाला विकास समिति, शिक्षक पालक समिति की बैठक में हुए निर्णय के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है. रिपोर्ट को जिला शिक्षा अधिकरी को सौंप दिया गया है.

कवर्धा (Kawardha) के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department) से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के 1464 स्कूलों से रिपोर्ट मंगाई गई थी, जिनमें से 803 स्कूलों में अंडा वितरण पर सहमति बनी है. शेष 472 स्कूलों ने अंडा बांटने से साफ मना कर दिया है. इन स्कूलों के करीब 44 हजार बच्चों को अंडा नहीं दिया जाएगा. यहां पर अंडे की जगह केले का वितरण होगा. केले को अंडे के विकल्प के रूप में बच्चों को मिड डे मील में दिया जाएगा.

बता दें कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए राज्य सरकार ने मिड डे मील के मेन्यू में अंडा को शामिल करने का निर्णय लिया. सरकार के इस निर्णय का विरोध कवर्धा जिले में सबसे पहले शुरू हुआ. यहां कबीरपंथियों ने इसका पुरजोर विरोध किया, जिस पर राज्य सरकार ने तर्क दिया कि कुपोषण से लड़ाई लड़ने पहली से आठवीं तक के बच्चें और आंगनबाड़ी केन्द्रों में सप्ताह में एक दिन अंडे का वितरण होगा, जिसका विरोध होने पर रास्ता निकाला गया कि जो अंडा नहीं खाते उन्हें केला दिया जाएगा. समितियों से रिपोर्ट आने पर राज्य सरकार को रिपोर्ट शिक्षा विभाग ने भेज दिया है.

मुंबई का लोकल गुंडा कैसे बना बॉलीवुड का सुपरस्टार? जानिए हकीकत

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दोस्तो आज हम आपको जिस शक्सियत के बारे में बताने जा रहे है वो कभी मुंबई की गलियों में दादागिरी करता था। अपने जीवन की गाड़ी चलाने के लिए उसने ट्रक ड्राइवरी भी कि।
दरअसल हुआ यूं , देवानंद साहब साल 1982 में अपनी फिल्म स्वामी दादा की शूटिंग मुंबई की एक कोलोनी में कर रहे थे। शूटिंग देखने के लिए काफी भीड़ जमा थी। उसी भीड़ में वह एक लोकल गुंडा भी खड़ा था। जिसका होलिया बाकी लोगो से अलग था। देवानंद साहब की नजर उस पर पड़ी उन्होंने उसे बुलाया और छोटा सा रोल करने को कहा उस गुंडे ने वो रोल किया पर कुछ इस तरह से किया ना सिर्फ फिल्म स्वामी दादा में बल्कि हिंदी सिनेमा में हमेशा हमेशा के लिए अपनी जगह पक्की कर ली। और ये लोकल गुंडा कोई और नहीं बल्कि अपने जग्गू दादा जैकी श्रॉफ थे।
जैकी के घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। इसलिए वो ज्यादा पढ़ लिख ना सके। जैकी से बड़ा एक भाई और था। जो कभी उस चाल का असली दादा हुआ करता था। एक बार जैकी का भाई किसीको बचाने के लिए समुंदर में कूद गया था , जब की उसे भी तैरना नहीं आता था। और इस तरह उसने अपनी जान गवा दी। भाई की अचानक मौत के बाद जैकी ने उसकी जगह ले ली और बस्ती में भलाई का काम करने लगे। इस तरह से जैकी जग्गू दादा बन गए।
एक बार जब जैकी बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे थे तब एक आदमी ने उन्हें मॉडलिंग के ऑफर दिया। अच्छे पैसे मिलते देख जैकी ने भी हामी भर दी। इस तरह जैकी के सितारे बनने कि शरुआत हुई। जैकी का भाग्य जोरो पर था। साल 1982 में भारी भीड़ में से देवानंद साहब को पसंद आ गए। और उनकी फिल्म स्वामी दादा में काम भी मिल गया। इसके बाद जैकी फिल्मों में ही काम तलासने लगे। अब इसे जैकी का नसीब ही तो कहेंगे , कि उस समय मशहूर निर्देशक सुभाष गई स्टार्स से परेशान हो कर अपनी फिल्म हीरो के लिए किसी नए चेहरे की तलाश कर रहे थे। यह फिल्म जैकी श्रॉफ को मिल गई। सुभाष गई को जय किशन नाम पुराना और बड़ा लगा इसलिए उन्होंने उसे जैकी कर दिया। फिल्म हीरो साल 1983 की अत्यंत ही सफल फिल्म रही।
इसके बाद जैकी ने अंदर बाहर , जुनून , और युद्ध जैसी फ़िल्मे की। साल 1986 में जैकी श्रॉफ की फिल्म कर्मा आयी। फिल्म ना सिर्फ ब्लॉकबस्टर रही बल्कि उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। आगे के सालो में जैकी ने खलनायक , गर्दिश , राम लखन , तेरी मेहरबानियां जैसी फिल्मों में जैकी ने माया नगरी में धूम मचा दी थी।
अब आलम यह था कि निर्देशक स्तरकैस्ट बदलकर जैकी को साइन करने लगे। किंग अंकल और अल्लाह रखा ऐसी फिल्में है , जिसमें निर्देशक की असली पसंद अमिताभ बच्चन थे। लेकिन बाद में ये फ़िल्मे जैकी श्रॉफ के खाते में अायी। उसके बाद जैकी ने कई फिल्मफेयर अवार्ड्स भी जीते।
जैकी इंडस्ट्री के ऐसे अभिनेता में से है , जिन्होंने सिनेमा में काम ही नहीं किया बल्कि उसको जिया भी है।

तंगी के चलते धोये थे बर्तन “मेरा भोला है भंडारी” से फेमस हुए अब गया देओल प्रोडक्शन में गाना…

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सनी देओल के निर्देशन में बनी “करण देओल” की डेब्यू फिल्म “पल पल दिल” के पास सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से ठीक ठाक रिव्यूज मिले हैं. यह फिल्म एक और शख्स के लिए भी खास है जो पहले ही लोगों को अपनी आवाज का दीवाना बना चुके हैं. वो है सिंगर “हंसराज रघुवंशी”,” मेरा भोला है भंडारी” से मशूहर हुए हंसराज ने इस फिल्म का सॉन्ग ‘आधा भी है ज्यादा’ को अपनी आवाज दी है. एक समय था , जब हंसराज के पास पैसे नहीं थे, वह बर्तन धोने का काम करते थे लेकिन आज वह अपनी मेहनत की बदौलत फेमस हो गए हैं।

बाबा जी नाम से मशहूर हंसराज रघुवंशी हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं. उनके पिता भी लोक सिंगर हैं और हिमाचली गाना गाते हैं. हंसराज को गाने की प्रेरणा अपने पिता से मिली है. उन्होंने कभी भी गाने की स्पेशल ट्रेनिंग नहीं ली है।

इंटरव्यू के दौरान सिंगर ने बताया था कि “उन्होंने सिंगर सुरेश वर्मा के कहने पर गाना गाने की शुरुआत की थी.मैंने सुरेश वर्मा से गाना लिखने को कहा था. इसके बाद मेरा भोला है भंडारी गाना तैयार हुआ, जिसे मैंने अपनी आवाज दी. इस गाने को देशभर के लोगों ने अपना प्यार दिया”

हंसराज ने बताया कि पैसे की तंगी के कारण वे बीकॉम भी पास नहीं कर पाए. वे जिस कॉलेज में पढ़ रहे थे उसी कॉलेज में उन्होंने कैंटीन में काम किया. उस दौरान उन्हें बर्तन धोने तक का काम करना पड़ा. पैसे की दिक्कतों के कारण उन्होंने आगे की पढ़ाई नहीं की।

वह मुंबई में सनी देओल से मिले थे तो उन्होंने ‘भोला है भंडारी’ गाना सुनाया था जो उन्हें बहुत पसंद आया था. इसके बाद उन्होंने अपनी फिल्म में एक गाना गाने के लिए अप्रोच किया था।

हंसराज का गाया हुआ सॉन्ग ‘मेरा भोला है भंडारी’ पहला हिमाचली गाना था जिसे रिलीज होने के एक सप्ताह में ही YouTube पर 7 मिलियन व्यूज मिले थे. उनके द्वारा गाए गए गंगा किनारे, कसोल, फकीरा, बाबुल, शिमला गर्ल, बाबाजी जैसे सॉन्ग बहुत पॉपुलर हैं।