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एक ग्राम की मछली को हुए ट्यूमर तो मालिक ने इतने रुपये खर्च कर कराया ऑपरेशन

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आप ने अबतक दुनिया में तमाम दर्लभ सर्जरी के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको जिस सर्जरी के बारे में बताने जा रहे हैं वह किसी इंसान की नहीं बल्कि एक मछली की हुई. यही नहीं ये मछली दुनिया की सबसे छोटी मछलियों में से एक है. जिसका वजन सिर्फ एक ग्राम है है. दरअसल, इंग्लैंड के ब्रिस्टस स्थित वेट्स वेटरनरी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक ऐसी मछली की सर्जरी की जिसके पेट में ट्यूमर था. चिकित्सकों ने मछली की सर्जरी कर उसके शरीर से ट्यूमर निकाल दिया.

मछली का ऑपरेशन करने में डॉक्टरों की टीम को करीब 40 मिनट का वक्त लगा. लेकिन उसकी सर्जरी कर ट्यूमर को बाहर निकाल दिया. इसी के साथ ये मछली सर्जरी कराने वाली दुनिया की सबसे छोटी मरीज बन गई. बता दें कि जिस मछली की सर्जरी हुई वह मोली प्रजाति की गोल्ड फिश है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छोटी मछली की कीमत महज 89 रुपये है, लेकिन इसके ऑपरेशन में लगभग 9000 रुपये खर्च हुए है.

ये कोई पहली बार नहीं है जब इस अस्पताल में किसी सरीसृपप का ऑपरेशन हुआ हो, इससे पहले यहां गिरगिट, छिपकली, सांप और मगरमच्छ जैसे जीवों की भी सर्जरी हो चुकी है. अस्पताल में काम करने वाली सोन्या माइल्स के मुताबिक, इस गोल्ड फिश के मालिक को उसके पड़ोसी ने कुछ हफ्ते पहले ही उसे तोहफे में दिया था. पहले तो सब ठीक लगा, लेकिन कुछ दिनों के बाद ही मछली के पेट के निचले हिस्से में एक गांठ बन गया. इसके बाद उसका मालिक उसे लेकर अस्पताल लेकर पहुंचा.

सोन्या माइल्स ने बताया कि पहले मछली को एक कंटेनर में डाल दिया गया. उसके बाद जब वो शांत हो गई तो उसे ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया. इसके बाद उसके पेट में मौजूद ट्यूमर को मुंह की नली से निकाल दिया गया. इसके बाद उसके पेट को वाटरप्रूफ पेस्ट से बंद कर दिया गया और कुछ देर के बाद उसे ऑक्सीजन युक्त पानी में डाल दिया गया. कुछ ही घंटे बाद मछली को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

पूरे 7 दिन बंद रहेंगे देश के बैंक, हो सकती है पैसों की किल्लत

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सरकारी बैंकों के विलय के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के चार अधिकारी संगठनों ने हड़ताल का एलान कर दिया है. इसी की वजह से देश में बैंक दो या तीन दिन नहीं बल्कि पूरे 7 दिन बंद रहने वाले हैं. ऐसे में यदि आपको नकद राशि, जमा करने के अलावा दूसरे बैंक के काम हो तो आप जल्दी इन्हें निपटा लें. जिसके चलते आपको किसी भी परेशानी का कोई सामना ना करना पड़ा.

दरअसल बैंक यूनियन अगले हफ्ते 26 या 27 को हड़ताल करेंगे. वहीं 28 सितंबर को महीने का आखिरी शनिवार होने पर बैंक बंद रहेगा. 29 सितंबर को रविवार है. जिसके चलते सभी बैंक बंद रहेंगे. 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को दिल्ली प्रदेश बैंक वर्कर्स आर्गेनाइजेशन ने दो दिन के लिए बैंक बंद रखने का फैसला किया है.

इसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जंयति के उपलक्ष्य में देश में सभी बैंक बंद रहती हैं. इसी के चलते लगातार 7 दिन बैंक बंद रहने वाली है. इसी के साथ इस मौके पर एटीएम क्रैश होने की भी संभावना भी बढ़ जाती है. तो अगर आप इन सभी समस्याओं से बचना चाहते हैं को आप पहले ही कैश का इंतजाम कर सकते हैं.

शशि थरूर बनाए जा सकते हैं कांग्रेस पार्टी के अगले अध्यक्ष!

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 100 वर्ष पुरानी हो चुकी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की साख पर लगा बट्टा छूटने का नाम नहीं ले रहा है। देश में राष्ट्रवादी ताकतों का उभार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छवि ने कांग्रेस के पारंपरिक शैली को बहुत नुकसान पहुंचाया है, जिसको सीढ़ी बनाकर कांग्रेस पार्टी प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप में भारत की सत्ता पर करीब 70 वर्ष तक काबिज रही।

कांग्रेस को अपनी पारंपरिक छवि से निकलने में अभी और वक्त लग सकता है, क्योंकि कांग्रेस के पास अब एक अकेला चेहरा नहीं है, जो कुछ नहीं तो उसकी नैया को मंझधार से पार लगाने में मदद कर सके। गांधी परिवार के वर्तमान वारिस पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अब नेपथ्य में जा चुके हैं और प्रियंका गांधी ने अभी-अभी राजनीतिक बिसात पर चाल चलना शुरू किया है। कांग्रेस का अब ऐसे चेहरे की तलाश है, जो पांरपरिक कांग्रेस को मौजूदा दौर की प्रचलित राजनीति में प्रासंगिक बना सके।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर पिछले कई महीनों से लगातार कांग्रेस की नई छवि गढ़ने में लगे हैं, जो बयानों और अंदाजों से जाहिर भी होता है। पार्टी लाइन से इतर शशि थरूर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करने लगे हैं। सत्तासीन बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री के कामकाज और मंशा पर कम सवाल उठाते हुए दिख रहे हैं।

यह सब कांग्रेस के एक वृहद रणनीति का हिस्सा हो सकता है। क्योंकि शशि थरूर ही नहीं, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस बीच प्रधानमंत्री के कामकाज और मंशा दोनों पर सवाल उठाने के बजाय उल्टा कांग्रेस लाइन को गलत ठहराते हुए दिखाई पड़े हैं। इनमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी का नाम शामिल हैं।

जयराम रमेश ही वो कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने पार्टी लाइन से इतर जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रत्येक कामकाज के विरोध करने के कांग्रेसी रणनीति पर हमला किया, जिसका शशि थरूर ने आगे बढ़कर न केवल समर्थन किया बल्कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए गए जम्मू-कश्मीर समेत अन्य मुद्दों को रेखांकित किया।

जयराम रमेश की जलाई मशाल को शशि थरूर के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने थाम लिया और उन्होंने भी कांग्रेस की रणनीतियों पर सवाल उठा दिया। इस कतार में अभी कई और नेताओं को कतारबद्ध देखा जा सकता है, लेकिन शशि थरूर की सिलसिलेवार टिप्पणी इशारा करती है कि कांग्रेस पार्टी कुछ नया सोच रही है।

शशि थरूर की छवि एक ईमानदारी नेता के रूप में रही है। बिना किसी लाग लपेट के अपनी बात रखने वाले शशि थरूर साफगोई से अपनी बात कहने के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि पार्टी शशि थरूर पर दांव खेल सकती है और उन्हें हरियाणा और महाराष्ट्र में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी थमा सकती है।

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को मतगणना कराने की घोषणा की है और 25 अक्टूबर को दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम आ जाएंगे। दोनों में से किसी भी एक प्रदेश में कांग्रेस को क्या हासिल होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल काम नहीं है।

माना जा रहा है कि दोनों विधानसभा चुनावों के परिणाम की घोषणा के बाद कांग्रेस अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव करवा सकती हैं और शशि थरूर को यह मौका मिल सकता है।युवा वोटरों पर केंद्रित मुद्दों पर बयानबाजी
युवाओं को सीधा कनेक्ट करते हैं शशि थरूर

भारत के 40 फीसदी युवाओं के सहारे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी केंद्र की सत्ता पर काबिज हुई है। शशि थरूर भी कही न कहीं देश के युवा वोटर कों कनेक्ट करने की कोशिश कर रही हैं, जो साफगोई और ईमानदारी छवि को पसंद करती है। शशि थरूर भले ही पत्नी सुनंदा पु्ष्कर मर्डर केस में ट्रायल पर चल रहे हैं, लेकिन उन पर अभी तक अपराधा साबित नहीं है। इसलिए कांग्रेस शशि थरूर को एक मौका दे सकती है। शशि थरूर के हालिया बयानों पर गौर करेंगे तो शशि थरूर के बयान युवाओं की मनस्थिति से मेल खाती है। युवा वोटरों पर केंद्रित शशि थरूर उन्हीं मुद्दों पर बयानबाजी कर रहे हैं, जिस पर युवा सोचता है।

मसलन, एक युवा इस बात खुश है कि पिछले 72 वर्षों बाद किसी प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की हिम्मत दिखाई, लेकिन वह नए जम्मू-कश्मीर में क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है इस ज्यादा फोकस नहीं कर रहा है। शशि थरूर यहां युवाओं को टारगेट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की प्रसंशा कर रहे हैं जबकि पूरी कांग्रेस पार्टी जम्मू-कश्मीर पर मातम में लगी हुई है, जो युवाओं को जरा भी रास नहीं आ रही है।

थरूर कह चुके हैं कि उन्हें हिंदू होने पर बहुत गर्व है
साफगोई और ईमानदार छवि वाले हैं शशि थरूर

शशि थरूर के बारे में एक बात अगर रायशुमारी कराई जाए तो शशि थरूर को जो लोग जानते हैं, वो उनकी साफगोई और ईमानदारी छवि के बारे में जरूरच चर्चा करेंगे। निःसंदेह युवा पीढ़ी कांग्रेस में अगर किसी नेता का पसंद करती है है, तो वह शशि थरूर ही होंगे। एक सधे हुए वक्ता की तरह अपनी बात रखने के लिए मशहूर शशि थरूर संयुक्त राष्ट्र में कई बार भारतीय पक्ष को रख सके हैं।

यही नहीं, उनकी तेज-तर्रार और हाजिर जवाबी का भी जवाब नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व राजनयिक शशि थरूर हिंदु बहुसंख्यकों को उनकी ओर मोड़ने में सबसे ज्यादा सहायक साबित होगी और वह उनका हिंदू धर्म प्रति लगाव। कई बार शशि थरूर यह कह चुके हैं कि उन्हें हिंदू होने पर बहुत गर्व है जबकि कांग्रेस पार्टी की छवि हिंदु बहुसंख्यक विरोधी की बनी हुई हैँ। विधि-विधान से भगवान की पूजा में विश्वास करने वालेथरूर उपनिषदों की ‘उचित राशि’ पढ़ने का दावा करते हैं।

ऑक्सफर्ड यूनियन में जोरदार भाषण से जीत लिया था देश का दिल
यूट्यूब पर ट्रेंड हुआ था शशि थरूर का जज्बाती भाषण

केरल के तिरूवनंतपुररम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वर्ष 2017 में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की वादविवाद सोसाइटी, ऑक्सफर्ड यूनियन में अपने जोरदार भाषण से पूरे देश का दिल जीत लिया था। यहां तक सत्ता पक्ष के नेताओं को भी शशि थरूर की प्रसंशा करने से खुद को नहीं रोक सके। शशि थरर ने ऑक्सफर्ड यूनियन में ‘भारत में ब्रिटिश राज’ विषय पर दिए भाषण में ब्रिटिश हुकूमत से भारत समेत सभी उपनिवेशों को मुआवजा देने को कहा था। उनका यह कितना खास था, इसका अंदाज इससे लगा सकते हैं कि सप्ताह भर के भीतर सिर्फ यूट्यूब पर उसे 12 लाख बार देखा जा चुका है। ब्रिटेन से अपने पूर्व उपनिवेशों को मुआवज़ा देने को कहा है। शशि थरूर ऑक्सफ़र्ड यूनियन में बोलने वाले आठ लोगों में से सातवें थे। वादविवाद का विषय था, ‘सदन का मानना है कि ब्रिटेन को अपने पूर्व उपनिवेशों को मुआवज़ा देना चाहिए।’

विदेशी मामलों में संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं थरूर
UN महासचिव की रेस में बान की मून को मिली कड़ी टक्कर

शशि थरूर संयुक्त राष्ट्र के पहले करियर अधिकारी थे, लेकिन वर्ष 2009 में संयुक्त राष्ट्र में थरूर संचार और जन सूचना के उप महासचिव बने। करीब 29 वर्ष संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत रहने के बाद उन्होंने महासचिव पद के लिए वर्ष 2006 चुनाव लड़े और बान की मून की तुलना में दूसरे स्थान पर आने के बाद उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को छोड़ दिया। वर्ष 2009 से केरल के थिरुवनंतपुरम से लोक सभा सांसद थरूर वर्तमान में विदेशी मामलों में संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में सेवारत हैं। वो भारत सरकार के 2009-2010 तक विदेश मन्त्रालय के और 2012-2014 तक मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के राज्य मन्त्री रह चुके हैं।

भाजपा में उल्टी गंगा बह रही है, लोग सत्ता से बाहर करने को तैयार: कांग्रेस

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महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा का स्वागत करते हुए कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि इन दोनों राज्यों की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करने की तैयारी में है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस किसानों की परेशानी, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और जनता से जुड़े अन्य मुद्दे उठाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, चुनाव तिथियों की घोषणा हुई है। हम इसका स्वागत करते हैं। हम तन, मन और बल से तैयार हैं। हम जनता के मुद्दे पूरे जोश से उठाएंगे जैसे कि पहले भी उठाते आएं हैं। खेड़ा ने कहा, हम किसानों के मुद्दे उठाएंगे। पिछले तीन महीनों में 15 लाख नौकरियां जाने का भी मुद्दा उठाएंगे। शेयर बाजार में लाखों करोड़ रुपये डूबने का मुद्दा भी जनता के बीच ले जाएंगे।

उन्होंने कहा, झारखंड की जनता भी चुनाव का इंतजार कर रही थी। जो राज्यों में एक साथ चुनाव करा नहीं पाते वो एक राष्ट्र, एक चुनाव की बात कर रहे हैं। खेड़ा ने कहा, महाराष्ट्र में किसान परेशान हैं। आत्महत्या का दौर विकराल स्थिति में है। वो सरकार बदलने का इंतजार कर रहे हैं। हरियाणा में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है। वहां भी लोग भाजपा सरकार को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी में हैं।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने शनिवार को घोषणा की कि महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दोनों राज्यों में मतों की गिनती 24 अक्टूबर को होगी। महाराष्ट्र में 288 सदस्यों वाली विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को खत्म हो रहा है, जबकि 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल दो नवंबर को खत्म होगा।

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए खेड़ा ने कहा, एक तरफ एक पूर्व केंद्रीय मंत्री को बिना साक्ष्य के गिफ्तार कर रखा है, लेकिन दूसरी तरफ वो लड़की के साथ बलात्कार के आरोपी अपने पूर्व मंत्री को बचाने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने दावा किया, भाजपा सरकार को लगता है कि संस्थाएं इनकी गुलाम हो गयी हैं जबकि संस्थाएं जनता की गुलाम होनी चाहिए। इनकी सरकार में उल्टी गंगा बह रही है।

प्लास्टिक मुक्त छत्तीसगढ़ और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर सायकल रैली : जिला अस्पताल में तीसरी बार सामुहिक श्रमदान

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प्लास्टिक मुक्त छत्तीसगढ़ और गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर जिला मुख्यालय, जनपद और नगरीय निकायों में सायकल रैली का आयोजन शनिवार को प्रातः 7 बजे से किया गया। सायकल रैली में
 कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री एम.आर. आहिरे, जिला पंचायत सीईओ श्री आर.के. खुटे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मिलेश्वरी साहू सहित जिले के आमजन, बुद्धिजीवी वर्ग, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्था एवं मीडिया के प्रतिनिधियों ने सायकल रैली में भाग लेकर प्लास्टिक मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में उत्साह से भाग लिया। जिला मुख्यालय में रैली सुबह 7 बजे से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए सिविल लाईन, गौरव पथ, कन्या शाला, बाजार वार्ड, बजरंग चौक, तिरंगा चौक से गुजरते हुए जिला चिकित्सालय गरियाबंद में समाप्त हुई। समापन उपरांत प्लास्टिक के उपयोग को नहीं करने की शपथ लिया गया तत्पश्चात् श्रमदान का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें कलेक्टर सहित अधिकारी-कर्मचारी और आम जनता ने जिला अस्पताल परिसर की सफाई की। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला अस्पताल में तीसरी बार सामुहिक श्रमदान किया गया।
    इस अवसर पर संक्षिप्त कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर श्री श्याम धावड़े ने कहा कि प्लास्टिक का उपयोग पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेय है। आज हमें प्लास्टिक के उपयोग पर लगाम लगाने की आवश्यकता है। हमें राष्ट्रिय हरित प्राधिकरण, फसल अपशिष्ट, बायो मेडिकल वेस्ट को लागू करने के लिए उपाय करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में गरियाबंद भी पीछे नहीं रहेगा। जिले की आबो हवा शुद्ध है, जिसे हमें शुद्ध ही रखना है। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मिलेश्वरी साहू ने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। स्वच्छता ही सेवा की भावना को लेकर सायकल रैली और श्रमदान चलाया गया। उसका समाज ने स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि हमें अपने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग को कम करते हुए कागज या कपड़े के थैले का उपयोग करना आवश्यक हो गया है। श्रीमती साहू ने कहा कि नगर पालिका द्वारा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन से सफाई के प्रति सजगता बढ़ी है। सायकल रैली और श्रमदान में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री मुकेश दासवानी, पार्षद श्री आसीफ मेमन, श्री रितिक सिन्हा, श्री बीरू यादव, श्री आशीष शर्मा, आशीर्वाद सेवा समिति के सदस्य हरीश ठक्कर, विकास पारख, भावेश सिन्हा, रिखी राम साहू, प्रकाश सोनी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती राजेश्वरी पटेल, जिला कार्यालय के अधिाकरी एवं कर्मचारी मिशन क्लीन सिटी, पुलिस एवं स्कूली बच्चों ने भाग लिया। जिला मुख्यालय के अलावा सभी जनपद एवं नगरीय निकायों में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

छत्तीसगढ़ : एससीईआरटी में राज्य स्तरीय आंकलन केन्द्र की स्थापना : कार्य संपादन के लिए टास्क फोर्स का गठन

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प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद में एक आंकलन केन्द्र का गठन किया गया है। राज्य स्तर पर आयोजित किए जाने वाले आकलन के मानकों का निर्धारण करते हुए रूपरेखा तैयार करना, क्रियान्वयन करना और प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर आवश्यकता अनुसार शिक्षकों को जागरूक करना एवं कक्षागत शिक्षण में मदद करना आदि कार्य संपादन के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। टास्क फोर्स का उद्देश्य राज्य स्तर पर आयोजित किए जाने वाले समस्त शैक्षिक कार्याें के लिए कार्ययोजना, रूपेरखा तैयार कर विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुदृढ़ सपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाना है।

इस टास्क फोर्स के अंतर्गत विभिन्न कार्यों को संपादित करने के लिए समन्वयक और उनके सहयोग के लिए सदस्य नियुक्त किए गए हैं। टास्क फोर्स को केलेण्डर का प्रबंधन, आंकलन, प्रश्न बैंक का निर्माण, डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग, शिक्षक प्रशिक्षण एवं अभ्यास, क्रियात्मक अनुसंधान और संचार, प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केलेण्डर के प्रबंधन कार्य के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के सहायक संचालक श्री वी.के तिवारी को समन्वयक और पाठ्यपुस्तक निगम के महाप्रबंधक श्री अशोक चतुर्वेदी को सदस्य बनाया गया। आंकलन कार्य के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की सहायक प्राध्यापक श्रीमती अनुपमा नलगुंडवार को समन्वयक और माध्यमिक शिक्षा मण्डल की श्रीमती अर्चना वर्मा को सदस्य बनाया गया है। प्रश्न बैंक निर्माण कार्य के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की सहायक प्राध्यापक श्रीमती आई संध्या रानी को समन्वयक और माध्यमिक शिक्षा मण्डल श्रीमती प्रीति दुबे को सदस्य बनाया गया है। डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग कार्य के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक श्री राज किशोर तिवारी को समन्वयक और समग्र शिक्षा के सहायक संचालक श्री शैलेन्द्र वर्मा एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के व्याख्याता श्री संतोष तंबोली को सदस्य बनाया गया। शिक्षण प्रशिक्षण एवं अभ्यास कार्य के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की सहायक प्राध्यापक सुश्री विद्यावती चंद्राकर को समन्वयक और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सहायक प्राध्यापक श्री पी.आर. साहू को सदस्य बनाया गया है। क्रियात्मक अनुसंधान कार्य के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की सहायक प्राध्यापक श्रीमती ज्योति चक्रवर्ती को समन्वयक और डाइट दुर्ग के सहायक प्राचार्य डॉ. शिशिरकन्ना भट्टाचार्य को सदस्य बनाया गया। संचार और प्रचार-प्रसार कार्य के लिए समग्र शिक्षा के सहायक संचालक श्री एम. सुधीश को समन्वयक और राज्य साक्षरता मिशन के सहायक संचालक श्री प्रशांत पाण्डेय को सदस्य बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ : भूटान से सम्मेलन में आए प्रतिनिधि ने की छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना : भूटानवासियों को पसंद आएगा छत्तीसगढ़ का चावल

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रायपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में पहली बार छत्तीसगढ़ आए भूटान के प्रतिनिधि एवं व्यापार जगत से जुड़े श्री कमल प्रधान ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों एवं कृषि के क्षेत्र में किए जा रहे सहयोग की सराहना की। उनका मानना है कि किसान सिर्फ अपना पेट भरने के लिए ही अन्न नही उगाता। वह सबके लिए परिश्रम करता है और अन्न उगाता है ऐसे में किसान की भावनाओं को समझते हुए किसान हित में कदम उठाना सरकार का कर्तव्य भी होना चाहिए। कमल प्रधान ने बताया कि छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों का बहुत सहयोग करती है। कृषि ऋण माफ करने, धान का अधिकतम समर्थन मूल्य देने के साथ किसानों के कृषि एवम लघु वनोपज को बाजार में पहुचाने की दिशा में शासन का प्रयास अदभुत है। इसी का परिणाम है कि इस सम्मेलन में कृषि उत्पादों की अलग पहचान दिख रही है।
    उन्होंने बताया कि मैं बहुत खुशकिस्मत हूँ कि भारतीय राजदूत के माध्यम से मुझे यहाँ आने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि भूटान देश के सम्पूर्ण भू-भाग का महज तीन प्रतिशत ही कृषि भूमि है। पर्वतीय इलाका होने की वजह से फसल उत्पादन आसान नही है। इसलिए अधिकतर खाद्यान्न सामग्री अन्य देश से आयात करना पड़ता है।
     भूटान के सरपंग जिला गेलफू सिटी कॉर्पोरेशन इलाके में रहने वाले बिजनेसमैन कमल प्रधान एक अन्य व्यापारी श्री नीमा लामा के साथ अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में भाग लेने आये हुए है। श्री कमल प्रधान ने बताया कि वे भी एक बड़े प्रगतिशील किसान है ,कृषि उत्पाद किसानों से लेकर सोसायटी के माध्यम से व्यापार भी करते है। वे भूटान में चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स से भी जुड़े है।

भूटान के लोग तीन टाइम चावल खाते है, यहाँ का चावल पसंद आएगा

कमल प्रधान ने बताया कि भूटान के लोग तीन टाइम रोजाना चावल खाना पसंद करते है। हालांकि वहाँ चावल का उत्पादन नाम मात्र को ही हो पाता है,क्योंकि वहाँ चावल उत्पादन के लिए पर्याप्त जगह नही है और मौसम भी अनुकूल नही है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों से आए किसानों द्वारा प्रदर्शित दुबराज,जवा फूल,जीरा फूल,विष्णुभोग, कोदो, कुटकी,आदि चावल की अलग अलग वेरायटी को देखकर कमल प्रधान ने इसे अपने भूटान देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण और आज की जरूरत बताया। उन्होंने बताया कि भूटान में चावल खाना लगभग सभी पसन्द करते है ऐसे में वहा के लोगों को छत्तीसगढ़ का चावल बहुत पसंद आएगा। कमल ने छत्तीसगढ़ के किसानों द्वारा जैविक खाद का इस्तेमाल कर फसल उत्पादन करने पर किसानों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण तत्व से भरपूर उत्पाद आज हर किसी की डिमांड में है।हम लोग भी चाहते है कि यहाँ से गुणवत्तायुक्त और पोषण से भरपूर उत्पाद हमारे देश पहुँचे।

व्यापारिक आदान प्रदान का मार्ग खुलेगा

क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में यहाँ के किसानों द्वारा प्रदर्शित चावल, दाल एवम अन्य जैविक कृषि उत्पादों का अवलोकन करने के पश्चात भूटान के कमल प्रधान और नीमा लामा ने इसे अपने देश के लोगों तक पहुचाने की दिशा में अलग अलग किसानों, सप्लायर्स अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा इस तरह का सम्मेलन कर  किसानों के उत्पादों को जरूरत के अनुसार सही जगह तक पहुचाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। मेरी यह पहली विजिट है और मैं देखना चाहता था कि किस तरह से यहाँ के उत्पादों को हम व्यापारिक लेन देन (बिजनेस ट्रांजेक्शन) के माध्यम से  प्राप्त कर सकें। नीमा लामा ने बताया कि भूटान चूंकि पर्वतीय इलाका है ऐसे में वहा भुट्टे का उत्पादन किया जाता है। इसके अलावा सेव, संतरा, अदरक की पैदावार अधिक होती है।

राजनांदगांव : लॉज में पुलिस की रेड, देह व्यापार मामले में चार युवतियों के साथ धरे गए तीन युवक

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शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित लॉज में एक बार फिर सेक्स रैकेट का मामला सामने आया है, जिसमें कोतवाली पुलिस ने चार युवतियों के साथ तीन युवकों को संदिग्ध हालत में गिरफ्तार किया है। इस बार देह व्यापार का खेल सुरेश लॉज में चल रहा था। शुक्रवार की सुबह युवक-युवतियों की संदिग्ध गतिविधि को देख मुखबीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस की टीम ने लॉज में रेड मारकर देह व्यापार का पर्दाफाश किया। चार युवती व तीन युवकों के साथ पुलिस ने सुरेश लॉज के संचालक सत्यप्रकाश सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि सभी युवक व युवती राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चौकी, घुमका व डोंगरगांव के अलावा जांजगीर चांपा के हैं। देह व्यापार के मामले में दो माह के भीतर पुलिस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले जुलाई महीने में कोतवाली पुलिस ने पुराना बस स्टैंड में ही कैलाश व चंद्रा लॉज से सेक्स रैकेट के मामले में 18 जोड़ो की गिरफ्तारी की थी। शहर के पुराना बस स्टैंड में लगातार जिस्मफरोशी के व्यापार की शिकायत को लेकर रहवासियों में काफी आक्रोश है।

सुबह मिली पुलिस को सूचना

शुक्रवार की सुबह ही मुखबीर के माध्यम से कोतवाली पुलिस को पुराना बस स्टैंड स्थित सुरेश लॉज में युवक-युवतियों की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिल गई थी। दोपहर करीब सवा 12 बजे पुलिस ने टीम बनाकर लॉज में रेड मारी। लॉज के अलग-अलग कमरों में पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में चारों युवती और तीनों युवक को पकड़ा। इसके बाद सभी जोड़ों को पुलिस थाने ले आयी। अपराध दर्ज करने के बाद सभी को न्यायालय में पेशकर रिमांड पर भेजा गया।

जांजगीर चांपा से पहुंचा था जोड़ा

पुलिस ने बताया कि सेक्स रैकेट में धरे गए जोड़ों में एक जोड़ा जांजगीर चांपा का है। युवक चांपा का है और युवती चांपा से लगे ग्राम बलौदा की है। इसके अलावा राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चौकी, डोंगरगांव व घुमका के युवक-युवती को लॉज से गिरफ्तार किया गया है। खबर तो यह है कि पुलिसिया कार्रवाई से बचने सेक्स रैकेट में पकड़ी गई एक युवती स्कूल ड्रेस पहनी थी। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

दो माह पहले ही 18 जोड़ों को किया था गिरफ्तार

शहर के भरकापारा पुराना बस स्टैंड स्थित लॉज में सेक्स रैकेट का यह पहला मामला नहीं है। दो माह पहले भी कोतवाली पुलिस ने देह व्यापार के मामले में 18 जोड़ों को गिरफ्तार किया था। मोहल्लेवासियों की शिकायत पर पुलिस ने भरकापारा के कैलाश लॉज में छापामार कार्रवाई की थी। यहां कैलाश लॉज के अलावा चंद्रा लॉज में भी पुलिस ने सेक्स रैकेट का मामला पकड़ा था। यही नहीं इस कार्रवाई के कुछ दिन पहले भी पुलिस ने हाइवे की सर्विस रोड से लगे सोनू होटल में तीन जोड़ों को गिरफ्तार किया था। लॉज व होटल के रजिस्टर में इनकी इंट्री भी नहीं थी। मामले में लाज संचालकों की लापरवाही मिलने पर पुलिस ने कैलाश व चंद्रा लॉज के संचालकों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

रहवासियों में भड़का आक्रोश

होटल और लॉज में लगातार देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद भरकापारा पुराना बस स्टैंड के रहवासियों का आक्रोश बढ़ गया है। पिछली कार्रवाई में भी मोहल्ले के लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने देह व्यापार का मामला पकड़ा था। इसके बाद से मोहल्ले के लोगों में लॉज संचालकों के खिलाफ काफी रोष है। रहवासियों की मानें तो इन लॉजों में प्रेमी जोड़ों के अलावा अन्य महिला-पुरुषों की संदिग्ध गतिविधियां लंबे समय से चल रही है। यही नहीं इनके अलावा और भी कई लॉज व होटल हैं, जहां देह व्यापार से जुड़ी महिला और पुरुष आए दिन आते-जाते रहते हैं।

पुलिस नहीं कर रही निगरानी

लॉज व होटलों में लगातार देह व्यापार से जुड़े मामले सामने आने के बाद भी पुलिस इनके संचालकों पर सख्ती नहीं दिखा रही है। जबकि लॉज व होटल संचालकों की मनमानी खुलकर सामने आ चुकी है। संदिग्ध गतिविधि वाले युवक-युवतियों की लॉज के रजिस्टर में इंट्री तक नहीं की जा रही है। बिना पहचान किए लोगों को आसानी से कमरा दिया जा रहा है। अगर पुलिस पुराना बस स्टैंड समेत शहर के सभी होटल व लॉज में छापामार कार्रवाई करेगी तो संचालकों की लापरवाही सामने आ सकती है। इससे व्यवस्था में भी सुधार किया जा सकता है।

‘मुखबीर की सूचना पर टीम सुरेश लॉज पहुंची थी। रेड कार्रवाई में तीन युवकों समेत चार युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। मामले में पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई कर सभी को रिमांड में भेज दिए हैं। लॉज संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।’

-श्याम सुंदर शर्मा, सीएसपी

राजनांदगांव : किसानो में गुस्सा, फसलों को चट कर रहे बेसहारा मवेशी

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बेसहारा मवेशियों के झुंड फसलों को जमकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों के फसलों को मवेशी आसानी से चट कर रहे हैं। जिसके कारण किसानों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेसहारा मवेशियों के तांडव से परेशान किसानों ने शुक्रवार को कलेक्टर व एसडीएम को ज्ञापन देकर पशुपालकों पर कार्रवाई की मांग की।

दूसरे गांव से भी पहुंच रहे मवेशी

पदुमतरा में बेसहारा मवेशियों ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। मवेशी फसलों को जमकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसके बाद अब किसानों को गुस्सा पशु पालकों के खिलाफ फूट पड़ा है। फसलों को नुकसान से बचाने व पशु पालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गांव के किसानों ने कलेक्टर से गुहार लगाई। वहीं संबंधित पशु पालकों पर कार्रवाई की मांग भी की। किसानों ने बताया कि पदुमतरा में आसपास गांवों के आवारा मवेशियों को छोड़ दिया गया है। आवारा मवेशी खेतों में घुसकर फसलों को जमकर हानि पहुंचा रहे हैं।

सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट पड़ी ठप

राज्य सरकार की नरवा, गरवा, घुरवा, बॉडी योजना पर अब सवाल उठने लगे हैं। किसानों ने एक स्वर में कहा कि सरकार गायों की संरक्षण के लिए योजना चला रही है। लेकिन इसका क्रियान्वयन सहीं तरीके से नहीं हो पा रहा है। आवारा मवेशी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसके कारण किसानों को आर्थिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है। गांव के मवेशियों को चराने चारवाहों का टोटा है। मवेशियों से फसलों को हो रहे नुकसान को देखते हुए किसानों ने खुद मवेशियों को चरा रहे हैं। मवेशी चराने गांव में चारवाहे नहीं मिल रहे हैं। जिसके कारण किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों ने मवेशी चराने अलग-अलग दिन निर्धारित कर रखे हैं। जिसके मुताबिक किसान मवेशियों को चराते हैं। सड़क से मवेशियों को खदड़ने के बाद मवेशी किसानों की ओर रूख करते हैं। इसके बाद फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाते हैं। आवारा मवेशियों से क्षेत्र के किसान काफी परेशान हैं।

कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश

सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों के पालकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर कई बार क्षेत्र के किसान ज्ञापन भी दे चुके हैं। इसके बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसके कारण किसानों में जमकर रोष देखा जा रहा है। यहीं नहीं आवारा मवेशियों ने राहगीरों के साथ वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ा दी है। सड़कों में मवेशी राज होने के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। इसके बाद भी प्रशासन मवेशियों को पकड़ने गंभीर नहीं हैं। चालकों को सबसे अधिक परेशानी रात के दौरान होती है। रात में मवेशी नजर ही नहीं आते जिसके कारण वाहन चालक मवेशियों से टकराकर हादसे को शिकार हो रहे हैं। लगातार इस ओर अवगत कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी अनजान बैठे हुए हैं।

‘बेसहारा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन इस बार गंभीरता दिखाते हुए तत्काल पशु पालकों पर कार्रवाई करे। गांव में अन्य गांवों के मवेशियों को भी लाकर छोड़ दिया गया है। प्रशासन लापरवाह पशुपालकों पर कार्रवाई करें।’

-मोहन साहू, सरपंच पदुमतरा

छत्तीसगढ़ : आधुनिक पनडुब्बी आइएनएस खंडेरी खड़ा हो रहा बीएसपी के स्टील पर

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भारतीय नौसेना के विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण को भिलाई इस्पात संयंत्र का विशिष्ट ग्रेड का प्लेट बल दे रहा है। बीएसपी ने भारतीय रेलवे, डेम, पुलों और गगनचुंबी इमारतों के लिए स्पेशल ग्रेड का स्टील बनाया है। एक और उपलब्धि बीएसपी के खाते में जुड़ने जा रहा है। भारतीय नौसेना के विस्तारीकरण और आधुनिकीकरण के तहत पनडुब्बियों का भी निर्माण किया जा रहा है। डीएमआर 249-ए ग्रेड प्लेट का उपयोग इन पनडुब्बियों के निर्माण में किया जा रहा है। ऐसे ही एक आधुनिकतम पनडुब्बी, आईएनएस खंडेरी जिसका निर्माण मजगन डॉक लिमिटेड में किया गया है, जिसे इसी माह के अंत तक कमिशन किया जाना प्रस्तावित है। इसे राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।

इस्पात और इस्पात के सर्वोत्तम और वांछित ग्रेड प्रदान करने और रक्षा, ऊर्जा क्षेत्र, अंतरिक्ष आविष्कार आदि में राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण और क्रिटिकल परियोजनाओं के लिए स्टील प्रदान कर गौरवान्वित हुआ है। इसी दिशा में बीएसपी ने विशिष्ट इस्पात केटेगरी में आक्रामक तरीके से उत्पाद विकास की रणनीति के तहत नए ग्रेड का विकास कर रहा है। जिससे बीएसपी प्रतिस्पर्धा के युग में मजबूती के साथ अपनी स्थिति बनाए रखने में सक्षम हो रहा है। साथ ही भारत सरकार के विनिर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ के लिए जोर के साथ आयात प्रतिस्थापन में भी दृढ़ता के साथ कदम बढ़ा रहा है।

बीएसपी ने एक और महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारतीय नौसेना द्वारा उपयोग के लिए उधा शक्ति वाले युद्घपोत ग्रेड प्लेटों का उत्पादन किया है। हालांकि बीएसपी ने कई दशकों से शिप बिल्डिंग ग्रेड प्लेटों का उत्पादन करता आ रहा है, इसमें यूरोपियन शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री को निर्यात की गई प्लेटे भी शामिल हैं। भारतीय नौसेना के लिए संयंत्र डीएमआर 249-ए युद्घपोत ग्रेड प्लेटों का निर्माण करती रही है। इसमें देश में बनाए गए प्रथम स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और छोटे युद्घपोतों के अन्य वर्ग जैसे एंटी सबमेरिन युद्घपोत, आईएनएस किलतन, आईएनएस कमोर्ता, आईएनएस कदमत भी शामिल हैं। इस तरह के विशिष्ट प्लेटों का आयात पहले रूस से किया जाता था।

जानिए किस ग्रेड का बना रहे स्टील

भारतीय नौसेना ने युद्घपोतों के अपने बेड़े के विस्तार का एक समृद्घ कार्यक्रम शुरू किया है। बीएसपी ने अब तक 25,000 टन से अधिक डीएमआर 249-ए ग्रेड प्लेंट मजगन डॉक लिमिटेड, गार्डनरीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स और कोचिन शिपयार्ड इत्यादि को आपूर्ति की है। वर्ष 2017-18 में बीएसपी ने 2263 टन एवं 2018-19 में 2387 टन डीएमआर 249-ए ग्रेड प्लेट की आपूर्ति की है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में नौसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बीएसपी ने अब तक लगभग 1800 टन इस विशिष्ट ग्रेड प्लेट की आपूर्ति की है।

राउरकेला और बोकारो भी साथ

बीएसपी के अलावा राउरकेला इस्पात संयंत्र ने भी अलग मोटाई के डीएमआर 249-ए ग्रेड प्लेट की आपूर्ति की है। सेल के ही बोकारो संयंत्र ने अपने हॉट स्ट्रिप मिल से कम मोटाई की शीट की आपूर्ति कर रही है। बीएसपी द्वारा उत्पादित डीएमआर 249-ए ग्रेड प्लेट की निरीक्षण क्वालिटी एश्योरेंस एस्टेबलिसमेंट (नेवेल) द्वारा किया जाता है। राष्ट्र निर्माण के लिए सेल इकाइयों की भूमिका को लेकर इस्पात मंत्रालय भी पीठ थपथपा रही है। विदेशों पर निर्भरता को खत्म करने की दिशा में तेजी से सेल ने काम किया है।

डाइविंग सपोर्ट वेसेल में लग रहा स्टील

बता दें कि भिलाई इस्पात संयंत्र को स्पेशल ग्रेड का स्टील बनाने पर आईआरएस प्रमाण मिला हुआ है। पिछले महीने प्रमाण पत्र मिलने के बाद बीएसपी ने राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान और बढ़ाने का फैसला लिया है। स्पेशल ग्रेड प्लेट की आपूर्ति के लिए पूरा फोकस किया जा रहा है। बीएसपी द्वारा नौसेना के इस्तेमाल के लिए हिन्दुस्तान शिपयार्ड में निर्माण किए जा रहे डाइविंग सपोर्ट वेसेल के लिए विशिष्ट ग्रेड के प्लेट की आपूर्ति इस वर्ष किया जा रहा है। बीएसपी की रेल पटरी और प्लेट इस वक्त सबसे खास प्रोडक्ट माने जा रहे हैं। आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रही इंडस्ट्री में ये दोनों दोनों प्रोडक्ट बीएसपी को संभाले हुए हैं।