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छत्तीसगढ़ को ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत 9 राष्ट्रीय पुरस्कार

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भारत सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के कुल 9 जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए किया गया है।

दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार-2019 के लिए 8 और नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार-2019 के लिए एक पंचायत का चयन हुआ है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने चयनित सभी पंचायतों को बधाई देते हुए अच्छे कार्यों के लिए उनकी पीठ थपथपाई है।

केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्रालय द्वारा दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार के लिए जिला पंचायत कांकेर तथा धमतरी जिले के नगरी जनपद पंचायत और कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा जनपद पंचायत का चयन किया गया है।

सूरजपुर जिले के कंदरई ग्राम पंचायत, राजनांदगांव के मुसराकला और रूआताला पंचायत, धमतरी के अरौद तथा दुर्ग जिले के बोरई ग्राम पंचायत का भी चयन इस पुरस्कार के लिए हुआ है। वहीं राजनांदगांव जिले के छुईखदान जनपद पंचायत के कुटेलीखुर्द ग्राम पंचायत को नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

छत्तीसगढ़ : माशिमं चार साल बाद फिर छापेगा नौवीं-11वीं का पर्चा

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स्कूल शिक्षा विभाग परीक्षाओं और उनके मूल्यांकन में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। चार साल बाद फिर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) को 9वीं-11वीं का पर्चा छापने की जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इस बार माशिमं 9वीं-11वीं का न सिर्फ वार्षिक, बल्कि छमाही परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र छापने के लिए विचार कर रहा है।

शिक्षा अफसरों का दावा है कि हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी पढ़ाई के स्तर पर बच्चों के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए और 10वीं- 12वीं बोर्ड परीक्षा से पहले उन्हें लोकल परीक्षाओं के जरिए परीक्षा के पैटर्न से अवगत कराने के लिए इस तरह परीक्षा लेने को लेकर विचार किया जा रहा है। बतादें कि चार साल पहले साल 2016 में स्कूल शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल के बीच पर्चों के छपाई को लेकर विवाद हो गया था।

विवाद के बाद पिछली सरकार ने यू-टर्न लेते हुए 9वीं-11वीं का पर्चा माशिमं के जरिए छपवाने के निर्णय को ही वापस ले लिया था। गौरतलब है कि माशिमं अभी सिर्फ 10वीं- 12वीं बोर्ड परीक्षा ही आयोजित करा रहा है।

पिछली बार विवाद में पड़ गई थी परीक्षा

पिछली बार नियमों के पेंच के कारण भी माशिमं की परीक्षा विवाद में पड़ गई थी। शिक्षाविदों का कहना है कि माशिमं नियमानुसार 9वीं और 11वीं का स्तर सुधारने के लिए ब्लूप्रिंट दे सकता है।

पर्चे छापकर देने का नियम माशिमं के अधिनियम में नहीं है। गौरतलब है कि माशिमं पर्चा छापेगा लेकिन स्कूली स्तर पर परीक्षा होगी। माशिमं पर्चा तैयार करके छापेगा तो इससे पर्चे छापने का खर्च अधिक आएगा और विद्यार्थियों की जेब भी कटेगी। हालांकि खर्च कम करने के लिए माशिमं की ओर से सीडी बनाकर स्कूलों को भेजा जा सकता है।

पहली से आठवीं तक की परीक्षा लेगा एससीईआरटी

9वीं-11वीं की परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र जहां माशिमं तैयार करेगा वहीं इस साल भी पहली से लेकर आठवीं तक की परीक्षाओं के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद(एससीईआरटी) पर्चा तैयार करेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल की तरह इस साल भी स्कूल शिक्षा विभाग प्राइमरी-मिडिल में भी राज्य स्तरीय पर्चे से तिमाही और छमाही की परीक्षा लेगा। इसके लिए एससीईआरटी की ओर से राज्य स्तर का टाइम टेबल जारी किया जाएगा। तिमाही परीक्षा सितंबर के अंतिम सप्ताह और छमाही परीक्षा दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होगी।

विचार किया जा रहा है

परीक्षाओं को रिशेड्यूल कर रहे हैं। 9वीं-11वीं की परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र माशिमं से तैयार कराने के लिए विचार किया जाएगा। कई सारे विकल्पों पर फिलहाल निर्णय लेना बाकी है। – गौरव द्विवेदी, अध्यक्ष माशिमं व प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा

बिलासपुर का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट देश में अव्वल, निगम आयुक्त लेंगे अवार्ड

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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न श्रेणियों में कराई गई प्रतियोगिता में शहर के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को पूरे देश में सबसे बेहतर पाया गया है। इसके लिए स्मार्ट सिटी कौंसिल और मिनिस्ट्री ऑफ हाऊसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट की ओर से निगम आयुक्त को 25 सितंबर को बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में अवार्ड दिया जाएगा।

निगम के अंतर्गत चल रहे स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को अवार्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। 25 सितंबर को बेंगलुरु में आयोजित छठे स्मार्ट सिटी सम्मेलन में कमिश्नर प्रभाकर पांडेय शामिल होकर अवार्ड प्राप्त करेंगे। भारत सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई थी और विभिन्न कार्यों के लिए सभी शहर को नंबर भी दिए गए थे।

इसमें निगम के अंतर्गत चल रहे सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम की कार्यप्रणाली को स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम का दर्जा दिया गया है। इसमें कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के काम की प्रशंसा हुई है। यह अपनी तरह का अलग कमांड सेंटर है।

इसमें एक जगह पर बैठकर पूरे शहर में चल रही सफाई व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सकती है। सफाईकर्मी भी सफाई से पहले और बाद की स्थिति को लेकर लगातार फोटोग्राफ कमांड सेंटर को भेजते रहते हैं। इससे किसी तरह की लापरवाही की आशंका खत्म हो जाती है। इस सिस्टम की जांच में आए अधिकारियों ने तारीफ भी की थी और सबसे ज्यादा नंबर भी दिए हैं।

मालूम कि देश के 100 में से 80 स्मार्ट सिटी ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए अपने अपने प्रोजेक्ट जमा किए थे। उनमें से 50 स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट का चुनाव किया गया। फिर 10 स्मार्ट सिटी को अवार्ड के लिए नामांकित किया गया। इन 10 स्मार्ट सिटी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की श्रेणी से बिलासपुर इकलौता स्मार्ट सिटी है, जिसे यह सम्मान प्राप्त हो रहा है। देश में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अपना अलग स्थान बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे प्रोजेक्ट के काम को और गति मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

रात्रिकालीन सफाई की नियमित निगरानी

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नोडल अधिकारी अनुपम तिवारी रात्रिकालीन सफाई का सतत निरीक्षण करते हैं। डिलेवो मशीन द्वारा रोटेशन में शहर के मुख्य मार्ग, डिवाइडर, फुटपाथ व चौक-चौराहों की सफाई की जाती है। इसकी हर दिन निगरानी की जाती है।

स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने लगातार सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए हाल में ही दो टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। इसी तरह कमांड सेंटर में मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया गया है। इसमें हाइटेक व्यवस्था के साथ समय-सीमा पर शिकायतों का निराकरण करने शहर की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। अवार्ड मिलने से इस काम में लगे पूरे स्टॉफ का निश्चित रूप से उत्साहवर्धन होगा।

प्रभाकर पांडेय, आयुक्त, नगर निगम

छत्तीसगढ़ : मार्केट में बिक रहा एक्सपायरी डेट वाला दूध, लेवल बदलकर चल रहा ये खेल

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पतंजलि के दूध के एक्सपॉयरी होने के बाद भी उसके डेट को बदलकर बेचे जाने का प्रकरण सामने आया है। शदाणी मार्केट में एक गोदाम एफ 57 नंबर दुकान में फूड एंड ड्रग विभाग की टीम ने छापामारी की थी, जहां करीब 20 हजार पतंजलि दूध के पैकेट पाए गए। वहां कुछ कर्मचारी दूध के एक्सपायरी डेट के लेवल को बदलने में जुटे हुए, जिनके पास से करीब आठ हजार नया लेवल के रैपर भी बरामद किए गए थे।

विभागीय जानकारी के मुताबिक इन कर्मचारियों ने बताया कि ये गोरखधंधा करीब साल भर से कर रहे थे। यानी हर माह करीब 5,000 हजार लीटर दूध के एक्सपॉयरी डेट के लेवल बदल रहे हैं। बहरहाल बरामद दूध के नमूने को प्रयोगशाला में भेजा गया है। अधिकारी के मुताबिक इसकी रिपोर्ट अभी आने में करीब 20 दिन से अधिक समय लगेगा। लेकिन एक बात तो लेबल बदलने से पुष्ट हो गई है कि जहरीले दूध को शहर की दुकानों में खपाया जा रहा था।

इसमें कंपनी नहीं, बल्कि कुछ लोग ऐसे पैकेटों को दुकान से उठाने के बाद उसे नए लेबल लगाकर फिर से सस्ते दाम में आपूर्ति करते थे। ऐसे में जाहिर है कि अब सामान्य और एक्सपायर नहीं होने वाले पतंजलि के दूधों की भी जांच होगी, ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि दूध के खतरनाक तत्व को शहरवासियों को बचाया जा सके। अभी कार्रवाई के लिए जांच प्रक्रिया चल रही है। फूड एंड ड्रग अधिकारी राजेश श्रत्री ने बताया कि दुकान के किरायानामा निकलवा रहे हैं। इसके बाद दुकान मालिक पर एफआइआर कराएंगे।

PM मोदी की तस्वीर के लिए लोग 10 लाख देने को तैयार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन से आशीर्वाद लेने की एक तस्वीर को खरीदने की होड़ लग गई है। ख़बरों के अनुसारएक हजार रुपये की कीमत वाली इस तस्वीर के लिए ग्राहक दस लाख रुपए तक देने को तैयार हैं। अब इसकी ऑनलाइन बोली लग रही है, ऐसे में कीमत और बढ़ने की उम्मीद है।

इन दिनों मोदी को मिले उपहारों की ऑनलाइन नीलामी चल रही है। तीन अक्तूबर की शाम पांच बजे तक चलने वाली नीलामी में कोई भी बोली लगाकर इन उपहारों को खरीद सकता है।

2022 में होने वाला गणतंत्र दिवस परेड नए राजपथ पर किया जा सकता है आयोजित

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गणतंत्र दिवस 2022 की परेड नए सिरे से तैयार किए जा रहे राजपथ पर हो सकती है। वर्तमान में गणतंत्र दिवस की परेड राष्ट्रपति भवन से होते हुए विजय चौक के रास्ते इंडिया गेट तक जाती है। इस कार्य से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी दी है कि केंद्र ने नवंबर 2021 तक राजपथ के पुनरुद्धार को पूरा करने की योजना बनाई है। गणतंत्र दिवस की परेड हर साल 26 जनवरी को इंडिया गेट स्थित राजपथ पर आयोजित की जाती है। यह रायसीना हिल्स जहां, राष्ट्रपति भवन स्थित हैं से शुरू होकर इंडिया गेट पर खत्म होती है।

खबर के अनुसार, यह कदम एनडीए सरकार द्वारा की गई योजना की घोषणा के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें लुटियंस दिल्ली का फिर से पुनर्निर्माण किया जाएगा। लुटियंस दिल्ली को यह नाम इसके वास्तुकार एडवर्ड लुटियन के नाम पर दिया गया।

इस मेगा परियोजना में 2022 तक एक नए संसद भवन का पुनर्निर्माण करना और 2024 तक एक एकीकृत परिसर बनाने के लिए एक दर्जन सरकारी कार्यालयों को निर्मित करना शामिल है।

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम फरवरी 2021 तक राजपथ क्षेत्र के पुनर्विकास का काम शुरू करेंगे। वर्तमान स्थिति को पूरी तरह से सुधारने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आप पेरिस या वाशिंगटन डीसी जैसी अन्य राजधानियों के विस्तारों को देखिए और इसकी तुलना अपनी राजधानी से करिए आपको फर्क नजर आ जाएगा। यहां बिजली के खंभे की स्थिति और ट्रैफिक को देखिए चारों तरफ शोर-शराबा होता है।

उन्होंने आगे कहा कि दिलचस्प बात यह है कि इन स्थानों के सभी केंद्रीय स्थल तीन किलोमीटर में ही है। हमारे पास जगह है और हमें अपना आधुनिकीकरण करने की जरूरत है।

लुटियंस जोन की ऐतिहासिक वास्तुकला के साथ छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा लुटियंस जोन की ऐतिहासिक वास्तुकला के साथ छेड़छाड़ करने की चिंताओं पर, अधिकारी ने कहा कि हम लुटियंस की बुनियादी संरचना को नहीं छूएंगे क्योंकि यह हमारी विरासत का हिस्सा है और दुनिया भर में इसका ख्याल रखा जाता है।

लेकिन हम इस जगह को और भी खूबसूरत और आधुनिक बनाएंगे। वास्तव में हम एडवर्ड लुटियन के मूल कार्यों का अध्ययन कर रहे हैं और उनके डिजाइनों को समझ रहे हैं, जो त्रुटिहीन है। अधिकारी ने कहा कि उनके अनुसार इन इमारतों में कोई विकास नहीं हुआ है।

केंद्रीय शहरी और आवास विकास मंत्री हरदीप पुरी ने गुरुवार को हिंदुस्तान टाइम्स को बताया था कि नॉर्थ ब्लॉक या साउथ ब्लॉक को नष्ट करने की कोई योजना नहीं है, हालांकि, इमारतों को आधुनिक संरचनाओं की जरूरत है।

अधिकारी ने बताया कि हम नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और राष्ट्रपति भवन के बाहरी हिस्सों को नहीं छूएंगे, लेकिन ये सभी इमारतें भूकंप रोधक नहीं हैं इसलिए हम इनका पुनर्विकास करेंगे। ब्राजील और कुआलालंपुर जैसी राजधानियों ने नई संसदों को बनाया है, हम उनसे इस मुद्दे पर सलाह ले सकते हैं।

अधिकारी ने जानकारी दी कि केंद्र द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव (आरपीएफ) दस्तावेज़ के अनुरोध के अनुसार राजपथ और केंद्रीय क्षेत्र के साथ मोटे तौर पर तीन से चार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पूरी तरह फिर से बनाया जाएगा। वहीं, सरकार 2021 दिल्ली मास्टर प्लान को भी बदल सकता है।

सनी देओल और करिश्मा कपूर को 22 साल पुराने केस में बड़ी राहत, जानिए क्या है मामला

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अभिनेता से नेता बने सनी देओल (Sunny Deol) और अभिनेत्री करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) को 22 साल पुराने मामले में जयपुर कोर्ट (District and Sessions Court Jaipur Metro) से बड़ी राहत मिली है। सनी देओल और करिश्मा कपूर को 22 साल पुराने ट्रेन चेन पुलिंग (Train Chain-Pulling) मामले में शुक्रवार को जयपुर के सेशन कोर्ट ने स्टे लगा दिया है।
1997 में आई एक फिल्म की शूटिंग के दौरान चेन पुलिंग के मामले में रेलवे कोर्ट (Railway Court) की ओर से उनके खिलाफ तय आरोपों पर जयपुर के सेशन कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। सेशन कोर्ट में सनी देओल के वकील एके जैन और आदित्य जैन की जिरह के बाद दो दशक से पुराने इस ट्रेन चेन पुलिंग केस में दोनों आरोपी कलाकारों को राहत मिली। दरअसल, 1997 में फिल्म ‘बजरंग’ की शूटिंग के दौरान चेन पुलिंग के चलते अपलिंक एक्सप्रेस ट्रेन 25 मिनट लेट हुई थी। इस मामले में दोनों कलाकारों के खिलाफ रेलवे कोर्ट ने आरोप तय किए थे। राजस्थान के अजमेर डिविजन के नरेना रेलवे स्टेशन पर 2413-ए अपलिंक एक्सप्रेस की चेन खींची गई थी जिसके चलते ट्रेन करीब 25 मिनट तक ट्रेन लेट हुई। इसे लेकर अभिनेता सनी देओल और अभिनेत्री करिश्मा कपूर पर रेलवे एक्ट की धारा 141 (अनावश्यक रूप से एक ट्रेन में संचार के साधनों के साथ हस्तक्षेप), धारा 145 (नशा करके उपद्रव), धारा 146(रेलवे कर्मचारी के काम में बाधा डालना) और धारा 147 (अनधिकृत प्रवेश करना) के उल्लंघन के आरोप लगाए गए।

सनी और करिश्मा के साथ ही स्टंटमैन टीनू वर्मा और सतीश शाह को भी आरोपी बनाया गया। इसी केस में हाल ही में कोर्ट ने तीन गवाहों को जमानती वारंट के साथ 24 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई के लिए समन भेजा था। उधर, सनी और करिश्मा दोनों की ओर से रेलवे कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली एक पिटीशन, सेशन कोर्ट में दायर कर दी थी।

सरकार कॉरपोरेट के लिए दिवाली लाई, गरीबों को उनके हाल पर छोड़ा: कपिल सिब्बल

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कॉरपोरेट कर की दर में कमी किए जाने के सरकार के कदम को कॉरपोरेट जगत के लिए फायदेमंद करार देते हुए शनिवार को दावा किया कि देश के गरीबों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने ट्वीट किया कि होउडी मोदी, कॉरपोरेट दिवाली। भारत को 1.45 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ। जरूरतमंद लोगों के लिए दिवाली की जरूरत है। कॉरपोरेट के हाथों में अतिरिक्त पैसा देने से मांग नहीं बढ़ेगी। ग्रामीण भारत के हाथों में अतिरिक्त पैसा देना होगा ताकि उपभोग को बढ़ाया जा सके।

उन्होंने दावा किया कि सरकार के कदम से अमीर लोगों को फायदा होगा। गरीबों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।

गौरतलब है कि सरकार ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिये शुक्रवार को कई बड़ी घोषणाएं की। इन घोषणाओं में कंपनियों के लिये आयकर की दर करीब 10 प्रतिशत घटाकर 25.17 प्रतिशत करना तथा नयी विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर घटाकर 17.01 प्रतिशत करना शामिल है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये घोषणाएं उस वक्त की हैं जब चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर छह साल के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गयी है। इन घोषणाओं से निवेश को प्रोत्साहन मिलने तथा रोजगार सृजन को गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।

सुबह जल्दी उठने के केवल फायदे ही नहीं, नुकसान भी होते हैं

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डॉक्टर कहता है- सुबह जल्दी उठने से उम्र बढ़ती है।
मुर्गा जल्दी उठता है और शाम तक शहीद हो जाता है।

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मरीज की परेशानी…
मरीज: मुझे अपनी आंखों के सामने धब्बे से दिखाई देते हैं।
डॉक्टर: क्या नये चश्मे से कोई फायदा नहीं हुआ?
मरीज: हां हुआ है न, अब वो धब्बे ज्यादा साफ दिखाई देते हैं।

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ऑपरेशन कराए बिना ही भागा मगन
छगन :तुम ऑपरेशन कराए बिना ही हॉस्पिटल से क्यों भाग गए?
मगन :नर्स बार बार कह रही थी कि डरो मत, हिम्मत रखो, कुछ नहीं होगा…ये तो बस एक छोटा सा ऑपरेशन है!
छगन :तो इसमें डरने वाली कौन सी बात है? सही तो कह रही थी नर्स!
मगन :वो मुझसे नहीं डॉक्टर से कह रही थी!!!

शादी में फोटो खींचने आए फोटोग्राफर से दुल्हन को हुआ प्यार, और फिर…

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कहते हैं कि प्यार अंधा होता है, लेकिन चार दिन पुराने आशिक के चक्कर में एक दुल्हन पगफेरे के दिन प्रेमी संग फरार हो गई। बता दें कि शादी से एक महीने पहले एक फोटोग्राफर से दुल्हन को प्यार हो गया। वह शादी के दिन फोटो खींचने आया। इस दौरान दोनों ने फेरे के बाद साथ भागने का प्लान भी बनाया था लेकिन उन्हें भागने का मौका नहीं मिला। लेकिन चार दिन बाद ही दुल्हन पगफेरे के दिन अपने घर आ गई। यही से वह अपने प्रेमी संग फरार हो गई।क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला दिल्ली के गोकलपुर इलाके का है। शादी के बाद लड़की ने सुहागरात पर दूल्हे से कह दिया कि वह अभी संबंधों के लिए तैयार नहीं है। पति के पूछने पर उसने कहा कि उसे कम से कम छह महीने का समय चाहिए। पत्नी की यह बात पति को रास नहीं आई, तो उसने अपनी सास से बात की। मगर नवविवाहिता मां के समझाने पर भी नहीं मानी और शादी के सात फेरे लेने के चार दिन बाद ही पगफेरे के दिन अपने खजूरी स्थित घर आ गई।

गहने भी ले गई साथ

दुल्हन अपने घर से प्रेमी (फोटोग्राफर) के साथ चोरी-छिपे निकल गई। इसके बाद मायके वालों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तब पता चला कि वह शादी के गहने भी साथ ले गई है। उसी शाम नवविवाहिता ने खुद फोन कॉल करके बताया कि वह अपनी एक दोस्त के यहां है। हालांकि बाद में पता चला कि वह शादी में आए फोटोग्राफर संग गई है। अब पति ने कोर्ट में अर्जी देकर तलाक की मंजूरी मांगी है।

गोकलपुर थाने में दर्ज कराई FIR

गंगा विहार निवासी पीड़ित पति की मानें तो अब अपनी पत्नी के खिलाफ गोकलपुर थाने में शिकायत दी है। बताया कि उसकी शादी 27 जून 2019 को हुई थी। जब सुहागरात पर पत्नी ने संबंधों से इनकार किया और 6 महीने का समय मांगा तो उसे यह बात अजीब तो लगी, मगर उसने रजामंदी दे दी। चार दिन बाद 1 जुलाई को पगफेरे की रस्म हुई और पत्नी मायके गई, तो वहीं से गायब हो गई। बाद में उसे जानकारी मिली कि उसके शादी से पहले से उसकी पत्नी के फोटोग्राफर से संबंध थे।