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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक निर्माणाधीन सड़कों का करेंगे परीक्षण

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 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन सड़कों का राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक परीक्षण करेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षकों का दौरा कार्यक्रम निधारित किया गया है। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अधिकरण के मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक ने आज यहां बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माणाधीन कार्याें में तृतीय स्तर के गुणवत्ता परीक्षण के लिए चालू माह सितम्बर में राष्ट्रीय समीक्षक श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह नारायणपुर एवं बस्तर जिले के सड़कों का परीक्षण करेंगे। इनका मोबइल नम्बर 9415136567 हैं। श्री माधव सक्सेना जांजगीर-चांपा एवं बिलासपुर जिले के सड़कों का परीक्षण करेंगे। इनका मोबाइल नम्बर 9415104688 हैं। श्री अखिलेश कुमार दीक्षित बीजापुर एवं दंतेवाड़ा जिले के सड़कों का परीक्षण करेंगे। इनका मोबाइल नम्बर 8700602280 और 9868213385 हैं। इसी तरह राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री यशवंत राव दत्तात्रेय पाटिल जांजगीर-चांपा एवं बिलासपुर जिले के सड़कों के गुणवत्ता परीक्षण करेंगे। श्री पाटिल का मोबाइल नम्बर 8888000300 हैं।

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक निर्माणाधीन सड़कों का करेंगे परीक्षण

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता हैं, जिन्हंे संसार का प्रथम वास्तुकार माना गया है। समाज का सुव्यवस्थित, सुरक्षित स्वरूप विश्वकर्मा जी की ही देन है। श्रम से सृृजन की उत्पत्ति और सृजन की सार्थकता को विश्वकर्मा जी ने ही समाज में स्थापित किया। विश्वकर्मा जयंती का दिन हमें यह संदेश देता है कि हम अपने श्रम से अपने समाज, राष्ट्र के निर्माण के लिए कृत संकल्पित हों। उन्होंने इस अवसर पर राज्य की समस्त औद्योगिक इकाईयों में नियोजित श्रमवीरों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि प्रदेश के विकास में श्रमवीरों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि नवा छत्तीसगढ़ के निर्माण में श्रमवीरों की सक्रिय भूमिका होगी।

आपका स्मार्टफोन छीन सकता हैं आपकी आँखों की रौशनी

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टेक्नोलॉजी के युग में हम अपनी दिनचर्या का एक बड़ा हिस्सा सफ़ेद स्क्रीन पर गुज़ारते है, जिसकी वजह से आँखों में ‘ आई स्ट्रेन ‘ की समस्या आम बात है | आज औसतन दस में नौ एडल्ट्स अपने दिन के कम से कम 3 घंटे स्क्रीन पर गुज़रते है | कुछ लोगो का जॉब टाइप ऐसा होता है की उन्हें दिन के दस – ग्यारह घंटे कंप्यूटर या टेबलेट के सामने बैठना होता है | ऐसे में आँखों की समस्या होना लाज़िमी है | जब आई स्ट्रेन की समस्याएं बढ़ जाती है तो धीरे धीरे आपकी आँखों की रौशनी पूरी तरह जा सकती है | इस समस्या के शुरूआती लक्षण है आँखों में सूखापन , आँखें लाल रहना।, आँख -कान- सर में लगातार दर्द रहना , आँखों से पानी आना , धुंधला दिखाई देना आदि | इसके साथ ही यह फोकस न कर पाना ,दिमाग में सुन्नता छा जाना, गर्दन दर्द , पीठ दर्द , सर दर्द , नींद न आना जैसी समस्याओं को भी जन्म देता है |

आज हम आपको बता रहे है कुछ ऐसे टिप्स जिनकी मदद से आप इस समस्या को काम कर सकते है |

1 ) लगातार कंप्यूटर की स्क्रीन पर ना देखे, आँखें झपकाते रहे और बीच बीच में कुछ सेकण्ड्स के लिए आँखें बंद कर के आँखों को आराम दे |

2 ) ब्रेक्स लेते रहे , उठकर थोड़ा टहले , इस दौरान आप आँखों पर गीला कपडा भी रख सकते है जिसे आँखों को ठंडक मिलेगी |

3 ) अपनी स्क्रीन पर ब्लू लाइट स्क्रीन फिल्टर्स को यूज़ करें |

4 ) काम करने के दौरान इन हानिकारक लाइट्स से बचने वाले चश्मे पहने |

5 ) ध्यान रखें के काम करने की जगह पर्याप्त रौशनी हो |

इन सब के अलावा लुक ब्रेक के दौरान 5 – 10 मिनट के लिए आँखें बंद करके , आँखों के चारो तरफ हलके हाथों से दबाएं , ध्यान रहे ज़्यादा ज़ोर से न करें बेहद हलके हाथों का प्रयोग करें | इस तक्नीक को करने से से आँखों की मसल्स में होना वाला खिचाव काम होता है और आँखों को आराम मिलता है |

ब्रिटिश सांसद का बड़ा बयान, बोले POK खाली करे पाकिस्तान

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ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पीओके पर बड़ा बयान दिया है। दरअसल बॉब ब्लैकमैन ने कहा है कि ‘पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। इसके अलावा पाकिस्तान से पीओके को छोड़ने का आग्रह किया है। ब्लैकमैन ने ब्रिटेन में कश्मीरी पंडित समूह सभा को संबोधित करने के दौरान ऐसा बयान दिया है। उन्होंने धारा 370 पर भारत के फैसले का समर्थन किया है।

कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को स्थानांतरित करने की इस्लामाबाद की योजना की भी आलोचना की। ब्लैकमैन ने कहा कि ‘जम्मू- कश्मीर भारत के प्रभुत्व वाला हिस्सा है, और जो लोग संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव को लागू करने के लिए कहते हैं, वे पहले के प्रस्ताव को अनदेखा करते हैं।’ ब्लैकमैन ने कहा पाकिस्तानी सैन्य बलों को राज्य को फिर से एकजुट करने के लिए कश्मीर छोड़ देना चाहिए।’

गौरतलब हो कि ब्लैकमैन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे समय से समर्थक रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने के फैसले का समर्थन करता हूं।

डिम्पल्स बढ़ाते हैं आपकी खूबसूरती, जानिए कैसे ?

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डिंपल आपकी खूबसूरती पर चार चांद लगा देता हैं, ये वैसे भी कुदरती खूबसूरती का एक हिस्सा है। स्किन पर चमक तो कई तरह के ब्यूटी प्रॉडक्ट का यूज करने से बढ़ सकती है लेकिन डिंपल हर किसी के गालों पर नहीं पड़ते। कुछ लोग तो ऑप्रेशन करवा कर भी चेहरे पर डिंपल बनवाते हैं। जिन लोगों के डिंपल पड़ते हैं,उन्हें लक्की माना जाता है। यह सिर्फ गालों पर ही नहीं शरीर के बाकी हिस्सों पर भी पड़ते हैं। तो चलिए जानते है डिंपल के बारे में.

यहां भी होते हैं डिंपल-

आपको बता दें कि बहुत कम इंसान यह बात जानते हैं कि गालों के अलावा कमर पर भी डिंपल पड़ते हैं। ये रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर कमर पर पड़ते हैं। जैसे हर किसी के गालों पर डिंपल नहीं पड़ते वैसे हर लडक़ी कमर पर भी डिंपल नहीं पड़ते। लचकदारर कमर पर पडऩे वाले डिंपल के कुछ अनुवांशिक वजह भी भी हो सकती हैं। जिन औरतों की कमर ऐसी होती है उनको डिंपल ऑफ अपोलो कहा जाता है। ये पतली तथा कमसीन कमर की निशानी है।

फिट रहेगा फिगर-

अगर आपकी कमर पर डिंपल पडऩे का मतलब फिट कमर है। इन लड़कियों की स्किन बहुत कोमल तथा मुलायम होती है। इनका फिगर भी फिट होता है। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि इनकी सैक्स लाइफ बाकी औरतों की तुलना में बेहतर होती है। लोग चाह कर भी ऑप्रेशन से कमर पर डिंपल नहीं बनवा सकते। चलो जो भी हो लेकिन गालों और अन्य जगहों पर पडने वाले डिंपल बहुत खूबसूरत होते हैं,अगर किसी लडकी के गालों पर दिख जाएं तो लोग उसके दिवाने हो जाते हैं।

नए मोटर वाहन कानून के तहत पुलिस वाले ने जब काटा बैलगाड़ी का चालान, जानिए फिर क्या हुआ ?

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नए मोटर व्हीकल कानून के तहत उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने एक बैलगाड़ी मालिक के खिलाफ नए मोटर वाहन कानून के तहत बिना इंश्योरेंस पेपर के गाड़ी चलाने का चालान काट दिया। जबकि, बैलगाड़ी नए मोटर व्हीकल कानून के दायरे से बाहर है। शनिवार को जब बिजनौर के साहसपुर गांव में पुलिस वाले एक खेत के पास खड़ी बैलगाड़ी का चालान काट रह थे तब संयोगवश उसका मालिक कहीं गया हुआ था। पुलिस वालों ने आसपास के लोगों से पता लगाया कि बैलगाड़ी किसकी है और फिर खुद ही बैलगाड़ी लेकर उसके मालिक रिजाज हासन के घर पहुंच गए। वहां पुलिस ने हासन को बिना इंश्योरेंस के बैलगाड़ी चलाने के नाम पर उसके हाथ में 1,000 रुपये का चालान थमा दिया। थोड़ी देर तक तो बैलगाड़ी के मालिक के समझ में कुछ भी नहीं आया। बाद में उसने पुलिस के बड़े अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई।

मोटर व्हीकल ऐक्ट की धारा-81 के तहत काटा चालान

बिजनौर के साहसपुर गांव के निवासी रियाज हासन ने शनिवार को अपने खेत के पास ही अपनी बैलगाड़ीखड़ी कर रखी थी। तभी सब-इंस्पेक्टर पंकज कुमार की अगुवाई में एक पुलिस टीम गश्त लगाते हुए वहां पहुंच गई। जब उन्होंने देखा की बैलगाड़ी के आसपास कोई नहीं है, तब उन्होंने स्थानीय लोगों से उसके मालिक के बारे में तहकीकात किया। वहीं से उन्हें पता चला कि बैलगाड़ी रिजाज हासन नाम के व्यक्ति की है। तब पुलिस वाले उस बैलगाड़ी को खुद ही लेकर हासन के घर पहुंच गए और मोटर व्हीकल ऐक्ट की धारा-81 के तहत चालान काटकर उसके हाथों में थमा दिया।

बैलगाड़ी का ट्रैफिक चालान काटना गलत- मालिक

मोटर व्हीकल ऐक्ट की धारा-81 में उन गाड़ियों के लिए प्रावधान है, जो बिना बीमा कराए ही सड़कों पर चलाते हुए पकड़े जाते हैं।। जब हासन को पूरी बात समझ में आई तब उसे लग गया कि पुलिस वालों ने कोई बड़ी गलती की है। उसने कहा है कि, ‘अपने ही खेल के बाहर अपनी गाड़ी लगाने के लिए कोई मेरे खिलाफ चालान कैसे काट सकता है। यही नहीं, वे मोटर वाहन कानून के तहत मुझपर जुर्माना कैसे लगा सकते हैं, जबकि यह तो एक बैलगाड़ी है।’ तब पुलिस वालों को भी भूल का अंदाजा लग गया।

आईपीसी की बजाय एमवी ऐक्ट की धारा लगा दी

साहसपुर थाने के इंचार्ज पीडी भट्ट के मुताबिक गश्त पर निकली पुलिस टीम को इलाके में अवैध खनन की सूचना मिली थी। उनके मुताबिक, ‘ज्यादातर गांव वाले खनन के बाद बैलगाड़ी में ही रेत ले जाते हैं। गश्ती टीम को लगा कि हासन की बैलगाड़ी भी उसी काम में इस्तेमाल हो रही है। वहां काफी अंधेरा भी था। टीम हेड मोटर व्हीकल ऐक्ट के चालान और दूसरे अपराधों (से जुड़े कागजात) में फर्क नहीं कर पाए। दोनों एक ही जैसा दिखता है। वे उसके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करना चाहते थे, लेकिन मोटर व्हीकल ऐक्ट के तहत चालान काट दिया।’ जब पुलिस को अपनी गलती के पता चल गया तो रविवार को उसका चालान रद्द कर दिया गया।

उल्टा-पुल्टा चालान

जब से संशोधित मोटर वीइकल ऐक्ट लागू हुआ है उल्टे-सीधे चालान काटने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ई-चालान में तो बाइक वालों का सीट बेल्ट के लिए और कार वाले को हेलमेट नहीं पहनने के लिए चालान काटने का मामला खूब सुर्खियां बटोर चुका है। हाल ही में बिहार के मुजफ्फरपुर में एक ऑटो ड्राइवर को सीट बेल्ट नहीं पहनने के लिए चालान काटे जाने का मामला सामने आया है। (सभी तस्वीरें प्रतीकात्मक)

पढ़ाई में सबसे बेस्ट दुनिया की ये टॉप 10 यूनिवर्सिटी

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वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 में टॉप 300 संस्थानों की लिस्ट में भारत का कोई भी संस्थान शामिल नहीं हैं. माना जा रहा है कि 2012 के बाद ये भारत का सबसे खराब प्रदर्शन है. जानिए उच्च शिक्षा के मामले में दुनिया की सबसे बेहतरीन 10 यूनिवर्सिटी कौन सी है?

दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटियों में दसवें स्थान पर लंदन में स्थित इम्पीरियल कॉलेज का नाम आता है. इसका स्कोर 89.8 है.

नौवें स्थान की बात करें तो अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी का नाम आता है. इसका स्कोर 90.2 है.

आठवें स्थान पर भी फिर अमेरिकी यूनिवर्सिटी मौजूद है. येल यूनिवर्सिटी दुनिया में काफी मशहूर है. इसे रैंकिंग चार्ट में 91.7 का स्कोर हासिल हुआ है.

सातवें स्थान की बात करें तो यहां अमेरिका की हार्वड यूनिवर्सिटी मौजूद है. इसे रैंकिंग में कुल 93 स्कोर हासिल हुआ है.

छठवें स्थान पर अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी का काबिज है. इसका स्कोर 93.2 है.

पांचवें स्थान की बात करें तो अमेरिका की मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का नाम आता है. इसको 93.6 स्कोर हासिल हुआ है.

चौथे स्थान पर अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी का कब्जा है. उसे रिपोर्ट में 94.3 स्कोर हासिल हुआ है.

तीसरे स्थान की बात करें तो कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी मौजूद है. इसको 94.4 स्कोर हासिल हुआ है.

टॉप यूनिवर्सिटी में दूसरे स्थान पर अमेरिका की कैलिफॉर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मौजूद है. इसका स्कोर 94.5 है.

दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटियों में पहले नंबर पर ऑक्सफोर्ड का नाम आता है. 95.9 स्कोर की साथ इंग्लैंड में स्थित ये यूनिवर्सिटी आज भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सबसे प्रतिष्ठित है.

चीनी से भी होता है घाव का इलाज, जानिए कैसे ?

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चीनी से जल्द घाव का इलाज हो सकता है। अगर घर का कार्य करते वक्त या फिर बच्चों को खेलते वक्त अक्सर छोटी-मोटी चोट लग जाती हैं। ऐसे में चीनी घाव को भरने के लिए बहुत ही अच्छा तथा आसान उपाय है।

कोई भी घाव जैसे- जलना, छिलना या फिर डायबिटीक अल्सर की वजह से होने वाले घावों को जल्दी भरने में चीनी बेहद ही मददगार साबित होती है। घाव पर चीनी का उपयोग करने से एक फायदा और भी है, ये चोट के निशान को जल्दी मिटाती है। चलिए जानते है घाव को जल्दी भरने के लिए चीनी का कैसे करें उपयोग
—साफ कीजिए घाव : घाव को पहले अच्छी तरह साबून तथा गर्म पानी की मदद से अच्छी साफ कर लीजिए। फिर घाव को सूखने के लिए छोड़ दीजिए ताकि घाव में बिल्कुल भी नमी न रहे। —शहद लगाएं : अब आप घाव पर चीनी छिड़के अगर घाव बड़ा है तो उस पर पहले शहद लगाना चाहिए फिर चीनी छिड़के ताकि घाव पर चीनी पूरी तरह से टिकी रहे।

बैंडेज की लें मदद : बैंडेज की मदद से घाव को ढक लीजिए तथा टेप की मदद से बैंडेज को सुरक्षित रखें, क्योंकि बैंडेज घाव में गंदगी तथा बैक्टीरिया को आने से रोकता है।
—चीनी को घाव पर लगाएं : जब तक घाव ठीक न हो जाए तब तक बैंडेज को हर रोज बदलना चाहिए और चीनी को घाव पर लगाना चाहिए। इस बात को ध्यान में रखें कि बैंडेज को धीरे-धीरे निकालने की वजह एकदम खींच कर निकाले।
—जब नहीं करें उपयोग : इस बात का भी खास ध्यान रखें कि रक्तस्त्राव (खून का बहना) घाव पर चीनी का बिल्कुल भी यूज नहीं कीजिए, क्योंकि ऐसा करने पर खून के बहाव को बढ़ावा मिलता है।

खुश हो जाइए ! अगर आपके पास नहीं है ड्राइविंग लाइसेंस, तब भी ट्रैफिक पुलिस नहीं काटेगी चालान

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देश में 1 सितंबर से लागू हुए नए मोटर व्हीकल एक्ट ने ट्रैफिक रूल्स फॉलो न करने वालों के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं. पूरे देश में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने पर भारी-भरकम चालान कट रहे हैं. हालांकि अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं हैं. अगर आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तब भी ट्रैफिक पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी.

जी हां, सच पढ़ा आपने. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस अब तगड़ा चालान नहीं लगा रही है, बल्कि उनकी मदद करनी शुरू कर दी है. हैदराबाद में पुलिस बगैर हेल्मेट और डॉक्यूमेंट के वाहन चलाने वाले चालकों पर जुर्माना नहीं लगा रही है.

हैदराबाद की ट्रैफिक पुलिस ने फैसला किया है कि जो भी बिना ड्राइविंग लाइसेंस पकड़ा जाएगा, उनका तत्काल लाइसेंस बनवाने के बजाए लर्निंग लाइसेंस का पंजीकरण करा दिया जाएगा. रचकोंडा के कमिश्नर ने पहल की है कि हेल्मेट नही पहनने वालों, बीमा और PUC के बिना वाहन चलाने वालों और लाइसेंस नहीं रखने वालों का कोई चालान नहीं काटा जाएगा.

ट्रैफिक पुलिस वाहन चालकों को हेल्मेट खरीदने और बीमा तथा PUC सर्टिफिकेट हासिल करने में मदद करेगी. जिन लोगों के पास लाइसेंस नहीं है, पुलिस घटनास्थल पर ही उनका ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बुक करेगी.

इस बाबत ट्रैफिक पुलिस डिप्टी कमिश्नर एन. दिव्यचरण राव ने बताया कि जिन लोगों को भी ट्रैफिक चालान को लेकर गलतफहमी है, उनके लिए यह अनोखी पहल है. राव ने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर यहां चालान नहीं काटा जाएगा बल्कि उन्हें ट्रैफिक नियमों का पालन करने की सलाह दी जाएगी और उनकी मदद की जाएगी.

गौरतलब है कि इन दिनों ट्रैफिक पुलिस द्वारा भारी-भरकम चालान काटने की कई खबरें लोगों के होश उड़ा रही हैं. ओडिशा के संबलपुर में तो ट्रैफिक नियम तोड़ने पर नगालैंड के एक ट्रक मालिक पर 6,53,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया. इसके अलावा दिल्ली में एक स्कूटी चालक पर 23,000 का जुर्माना लगाया गया जबकि उसकी स्कूटी की कीमत 15,000 ही थी.

कांग्रेस के लिए दान में पांच गुना वृद्धि होकर 146 करोड़ रुपया हुआ

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कांग्रेस को नवीनतम डेटा शो 2018-19 में दान में पांच गुना वृद्धि हुई है। हालांकि अभी भी कॉंग्रेस बीजेपी से बहुत पीछे है। पार्टी को पिछले वित्त वर्ष के दौरान केवल 26 करोड़ रुपये मिले थे। 30 अगस्त को भारत के चुनाव आयोग को सौंपी गई कांग्रेस की योगदान रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी को चुनावी बांड के माध्यम से कोई धन नहीं मिला, जबकि पैसे का बड़ा हिस्सा 98 करोड़ रुपया चुनावी ट्रस्टों से आए थे।

प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट (मूल रूप से टाटा समूह द्वारा समर्थित) 55 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा दानदाता है, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट (मुख्य रूप से भारती एयरटेलएनएसई -0.04% समूह और डीएलएफ द्वारा समर्थित) ने 39 करोड़ रुपये का दान दिया है। आदित्य बिड़ला जनरल ट्रस्ट और समाज ने प्रत्येक को 2 करोड़ रुपये का दान दिया। पिछले वित्त वर्ष में भाजपा को 144 करोड़ रुपये देने वाले प्रूडेंट ने पिछले साल कांग्रेस को 10 करोड़ रुपये दान दिए थे।

जबकि बड़े कॉरपोरेट घराने कांग्रेस की दानदाताओं की सूची से गायब हैं, जो कुछ बाहर खड़े हैं: मध्य प्रदेश के ग्वालियर अल्कोब्रू (7 करोड़ रुपये), एचईजी और एनआईआरएमए समूह (2.5 करोड़ रुपये) और अपर्णा इंफ्रास्ट्रक्चर हाउसिंग लिमिटेड (1 करोड़ रुपये) )। गायत्री कंस्ट्रक्शंस और सोभा डेवलपर्स हमेशा की तरह पार्टी को दान करना जारी रखते हैं।

पार्टी के सबसे बड़े व्यक्तिगत योगदानकर्ताओं में से कुछ में बैंगलोर से फौजिया खान 4.4 करोड़ रु। कांग्रेस के आदमी एच ए इकबाल हुसैन, जिनका खान के समान ही पता है, ने 3 करोड़ रुपये खर्च किए। जोसेफ मार्टिन पिंटो को एक करोड़ में भेजा। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने 54,000 रुपये का योगदान दिया। कपिल सिब्बल ने 2 लाख रुपये दिए जबकि पवन बंसल और मनीष तिवारी ने 35,000 रुपये दिए। नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी ने भी 35,000 रुपये का दान दिया।

मणिपाल ग्रुप के टीवी मोहनदास पाई ने भी 35 लाख रुपये का दान दिया है। मायावती की बहुजन समाज पार्टी एकमात्र अन्य राष्ट्रीय पार्टी है जिसने अपनी योगदान रिपोर्ट प्रस्तुत की है और 20,000 रुपये से अधिक की कोई धनराशि नहीं दी है।

बीजेपी को 2018-19 के लिए अपनी योगदान रिपोर्ट सौंपनी बाकी है, लेकिन 2017-18 के आंकड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़े पैमाने पर धन का अंतर दिखाते हैं। बीजेपी ने 2017-18 में 1,027 करोड़ रुपये जुटाए और अपनी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 758 करोड़ रुपये खर्च किए। प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने इसे दान दिया। चुनावी बांड के माध्यम से 140 करोड़ और 945 से अधिक दान भी अब तक भाजपा में जा चुके हैं।