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गणपति विसर्जन 2019 : क्या आप जानते हैं गणपति विसर्जन के सभी नियम, ध्यान रखें ये बातें

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आपको बता दें, कि हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी के पर्व को बहुत ही खास और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता हैं वही हर वर्ष यह अनंत चतुर्दशी का दिन गणपति के भक्तों के लिए बहुत ही खास होता हैं वही गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक पूरे दस दिन तक भक्त गणपति को अपने घरों में बैठाते हैं वही इस दौरान घरों में लगातार विधिवत पूजा पाठ किया जाता हैं

वही कई बार लोग वक्त की कमी की वजह से गणेश जी को डेढ़ दिन, चार दिन, पांच दिन या फिर सात दिन में ही विसर्जित कर देते हैं मगर गणपति विसर्जन का उपयुक्त समय स्थापना के 11वें दिन होता हैं वही ऐसे में कुछ लोग गणपति विसर्जन कर चुके हैं और कुछ करने वाले हैं वही अगर आप भी इस अनंत चतुर्दशी को भगवान श्री गणेश का विसर्जन करने जा रहे है तो पहले जान लें गणपति विसर्जन से जुड़ी कुछ खास बातें और नियम विधि।

जानिए गणपति विसर्जन का शुभ मुहूर्त—
बता दें कि अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान श्री गणेश जी का​ विसर्जन कर दिया जाता हैं वही इस बार अनंत चतुर्दशी 12 सितंबर दिन गुरुवार को हैं वही हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता हैं यूं तो इस दिन कभी भी किसी भी समय गणे श जी की प्रतिमा का विसर्जन किया जा सकता हैं

मगर विद्वानों के मुताबिक इस बार सुबह 6 से 7 और दोपहर 1:30 से 3 बजे तक का समय प्रतिमा विसर्जन के लिए ठीक नहीं हैं इसके अलावा आप किसी भी समय विसर्जन कर सकते हैं।

चने की रोटी खाने से सेहत को मिलते है बहुत लाभ

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अगर आपको लगता है कि जो खाना आप खाते हैं वह आपकी बीमारी की जड़ हो सकता है, तो आप उस खाद्य पदार्थ की जगह दूसरी खाद्य पदार्थ का प्रयोग कर सकते हैं। गेहूं की बजाय बेसन या चने का आटा प्रयोग किया जा सकता है। यह उन मरीजों के लिए खास तौर पर लाभप्रद है, जो गेहूं से छोटी आंत का संक्रमण से पीड़ित हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव ने बताया कि लासा या गलूटन गेहूं में पाई जाने वाली प्रोटीन की एक वेराइटी होती है। सेलियक बीमारी से पीड़ित अगर लासा-युक्त खाना खाते हैं तो उनकी प्रतिरोधक प्रणाली को नुकसान पहुंचती है।

उन्होंने बताया कि छोटी आंत में मौजूद छोटे तंतु भोजन में से पोषक तत्वों को सोखने में हेल्प करते हैं। अगर ये तंतु नष्ट हो जाते हैं तो पोषक तत्व सोखने की क्षमता खत्म हो जाती है और पीड़ित कुपोषण का शिकार हो जाता है, जिससे उसका वजन गिरने लगता है, थकावट रहने लगती है और खून की कमी यानी एनीमिया हो जाता है।

डॉ. ने कहा कि लासा-मुक्त भोजन उन मरीजों को भी लेने की सलाह दी जाती है, जिन्हें गेहूं से एलर्जी, प्रतिरोधक क्षमता में गड़बड़ी, त्वचाशोथ या सूजन, छाल, मल्टीपल सलेरॉसिस, ऑस्टिन स्पैक्टरम डिसऑर्डर, अटैंशन-डैफिसिट हाईपरएक्टिविटी डिसऑडर और चिड़चिड़ापन आदि की समस्याएं होती हैं। उन्होंने कहा कि इन मरीजों को लासा-मुक्त भोजन को अपना लेना चाहिए। गेहूं के आटे की बजाय बेसन का प्रयोग सबसे बेहतर विकल्प है।

लासा गेहूं, जौ और राई जैसे अनाजों तथा गेहूं के अन्य उत्पाद दलिया, सूजी, सिवइयां, नूडल, पास्ता और मैकरॉनी में भी पाया जाता है। इसके साथ ही लासा का प्रयोग स्वादवर्धक और गाढ़ा करने वाले पदार्थ के तौर पर भी होता है।

समुद्र में मिला अनोखा जीव, वीडियो देखकर आप भी रह जाएंगे हैरान

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समुद्र की गहराईयों ना जाने कितने तरह के जीव जंतु रहते हैं जिनके बारे में कोई नहीं जान पाया, लेकिन ऐसे जीव जन्तु अक्सर लोगों की नजरों में आ जाते हैं और ये हमारे लिए कोतूहल का विषय बन जाते हैं. अलास्का के समुद्री इलाके में एक ऐसा ही जीव मिला जो अब हर किसी के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है. दरअसल, ये जीव दिखने में किसी पीपल के पेड़ जैसा है.

बता दें कि साराह वेसेर अल्फोर्ड नामक महिला ने उस अजीब से दिखने वाले जीव का एक वीडियो भी बनाया और उसे अपने फेसबुक वॉल पर शेयर कर दिया. जो अब वायरल हो रहा है. इस वीडियो को अब तक करीब 15 लाख बार देखा जा चुका है. साथ ही इस वीडियो पर हजारों की संख्या में कमेंट्र भी आए हैं.

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक जीव जो नारंगी रंग है. किसी पीपल के पेड़ की जड़ों की तरह दिखाई दे रहा है. उसके बीच का हिस्सा गोल है, जिसके चारों ओर पीपल के जड़ की तरह शिराएं फैली हुई हैं. कुछ लोगों ने इस जीव को एलियन बता रहे हैं.

साराह ने इस जीव का वीडियो अलास्का के प्रिंस ऑफ वेल्स द्वीप के समुद्री तट पर बनाया. उनका कहना है कि इस अजीब से दिखने वाले जीव का नाम बास्केट स्टार है. साराह ने उस जीव का वीडियो बनाने के बाद बिना कोई चोट पहुंचाए फिर उसे समुद्र में छोड़ दिया.

लंबे वक्त तक नींद को टालने की न करे कोशिश

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अनिद्रा बेहद नुकसानदायी है। अनिद्रा यानी इनसोमेनिया के आप यदि लंबे वक्त तक शिकार रहते हैं तो ये रोग आपकी उम्र कम कर सकती है। बहुत से ऐसे इंसान हैं जो अपनी निद्रा पूरी नहीं करते तथा नींद आने के बावजूद काम पर लगे रहते हैं। सेहतमंद रहने के लिए लोगों को कम से कम 6 घंटे की नींद पूरी करनी चाहिए।

लंबे वक्त तक नींद को टालने पर आप अनिद्रा के शिकार हो सकते हैं। शोधों के मुताबिक लगातार कई वक्त तक अनिद्रा आपके खून के सूजन का स्तर बढ़ा देती है। जिससे दिल संबंधी बीमारियां, डायबिटीज, केंसर, डिमेंशिया, मोटापा और अवसाद जैसी बीमारियां हो सकती हैं।


-सोते समय अपने आस-पास के वातावरण को शांत रखना चाहिए। -आपका सोने का बिस्तर सॉफ्ट तथा कंफर्टेबल होना चाहिए। जिससे आप आराम से सो पाएं। क्योंकि अगर बिस्तर हार्ड होता है तो उस पर आप चैन से नहीं सो पाते हैं।

-सोते समय कमरे की लाइट बंद कर दीजिए।
-क्योंकि लाइट जली होने पर आंखे बार-बार खुलने लगती है तथा आप सो नहीं पाते हैं। इसलिए अंधेरे कमरे में सोएं।
-अपने आस-पास होने वाले तेज शोर को बंद कर आराम से सोने का प्रयास कीजिए।

मरीजों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली दवा कंपनियों पर UP सरकार की नकेल, हुई यह बड़ी कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने सरकारी अस्पतालों में सप्लाई कर रहीं दो कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश के तमाम सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए सप्लाई हो रहीं दवाओं और इंजेक्शन्स के नमूने जांच के लिए भेजे थे, जो कि मानक के अनुरूप नहीं पाए गए. जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने इन दवा कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन ने इन कंपनियों के बकाया भुगतान देने पर भी रोक लगा दी है. दोनों कंपनियों के नमूने फेल पाए जाने के बाद अन्य दवाओं के नमूनों को भी जांच के लिए भेजा गया है.

बता दें स्वास्थ्य मंत्री ने जिन दो दवा कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं, उनमें मैसर्स हिलर्स लैब और हिमालया मेडीटेक शामिल हैं. इन दोनों कंपनियों में से मेसर्स हिलर्स लैब की fluconazole tablet और हिमालया मेडीटेक की rantidine hydrocloride injection के नमूने मानक जांच में फेल पाए गए हैं, जिसके बाद इन दवाओं और इंजेक्शन्स की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है. साथ ही स्टोर की गई दवाओं को भी वापस भेजने के आदेश दिए गए हैं.

उत्तर प्रदेश में दवा सप्लाई के लिए प्रदेश सरकार ने UP मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन का गठन किया था, ताकि सही समय पर सरकारी अस्पतालों तक पर्याप्त मात्रा में दवाएं पहुंच सकें. प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में दवाओं का बजट 600 करोड़ है. बता दें कि अप्रैल से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश में 10 दवाओं के नमूने फेल हो चुके हैं.

इन दवाओं के नमूने अलग-अलग जगह से कलेक्ट किए गए थे, इनमें से दो से तीन कंपनियां ऐसी थीं, जिनके नमूने बार-बार फेल पाए गए. जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रही कंपनियों पर सख्त फैसला लेते हुए इन्हें ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश जारी किए हैं.

एक बार फिर से सुर्खियों में कंगना रनौत, अक्षय कुमार के लिए कही इतनी बड़ी बात

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बॉलीवुड की अभिनेत्री कंगना रनौत अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। बीते दिनों कंगना रनौत ने ऐसे कई बयान दिए जिसकी वजह से वो लगातार सुर्खियों में बनी रहती थी। इतना ही नहीं कंगना रनौत के कुछ बयान ने तो विवाद का रूप तक ले लिया था। अब कंगना ने अक्षय कुमार को लेकर बयान दिया है। हालांकि उन्होंने अक्षय कुमार का सपोट किया है। हाल ही में रिलीज हुई अक्षय कुमार की फिल्म मिशन मंगल ने बॉक्स आफिस पर अच्छी खासी कमाई की है। ये जल्द ही बॉक्स आफिस पर 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी।

मिशन मंगल का जब पोस्टर आया था तो अक्षय कुमार की आलोचना की गयी थी। कहा गया था कि मिशन मंगल वुमन ओरिएंटेड फिल्म है, फिर भी अक्षय को पोस्टर पर सबसे बड़ा दिखाया गया है। अब कंगना रनौत ने इस मामले में अक्षय कुमार को सपोर्ट किया है।

कंगना स्पॉटबॉय वेबसाइट से वुमन ओरिएंटेड फिल्मों के बारे में बात कर रही थीं कि कैसे नायिका प्रधान फिल्मों को नीची नजर से देखा जाता है क्योंकि सिनेमाघरों में फिल्म देखने जाने वाले 80 फीसदी दर्शक पुरुष होते हैं। मिशन मंगल के पोस्टर को लेकर हुई आलोचना पर कंगना ने कहा कि, अक्षय को इस बात का श्रेय दिया जाना चाहिए कि वो ऐसी कहानियों को सबके सामने लेकर आ रहे हैं वरना इन कहानियों को कभी स्वीकार्यता नहीं मिलती।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कंगना ने कहा कि, कुछ पुरुषों ने मणिकर्णिका को सपोर्ट किया, इसलिए फिल्म बनी। कंगना ने इस बात को गलत बताया कि, कुछ कलाकार नायिका प्रधान फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाने से इंकार कर देते हैं। अगर इंडस्ट्री के बड़े चेहरे ऐसी फिल्मों को सपोर्ट करते हैं तो यह सही है। कंगना इन दिनों फिल्मों के अलावा कावेरी कॉलिंग के जरिए सामाजिक सरोकार से भी जुड़ी हैं।

कंगना जल्द जयललिता की बायोपिक फिल्म में नजर आएंगी, इसके अलावा उनकी फिल्म पंगा है जो अगले साल रिलीज होगी।

छत्तीसगढ़ : महिला डॉक्टर के आने से जिला अस्पताल में बढ़ने लगे प्रसव के प्रकरण : अस्पताल के बड़े डॉक्टर ने खुद अपनी पत्नी का कराया प्रसव

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जिला अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विषेषज्ञ डॉक्टर डॉ.करूणा रूपरेला की पदस्थापना होने से बड़ी संख्या में प्रसव के प्रकरण अब अस्पताल आने लगे हैं। लोगों का विष्वास जिला अस्पताल की सेवाओं के प्रति बढ़ने लगा है। डॉक्टर रूपरेला ने अपनी टीम के साथ लगभग दो माह में 231 प्रसव कराएं है। इनमें 226 सामान्य प्रसव एवं 5 सिजेरियन के प्रकरण शामिल हैं। इसके अलावा बच्चेदानी के 4 प्रकरणों में कामयाब ऑपरेशन भी किया गया। प्रसव के लिए आम लोग के साथ खास लोग भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में पदस्थ वरिष्ठ डॉक्टर कल्याण सिंह ने भी अपनी पत्नी का प्रसव इसी सरकारी जिला अस्पताल में करवाये हैं। इससे अस्पताल की सुविधाओं के प्रति लोगों में आस्था बढ़ी है। सिविल सर्जन डॉ. अभय सिंह परिहार ने बताया कि जिला अस्पताल में प्रसव से जुड़े सभी काम निःषुल्क होते हैं। उन्हें आने- जाने के लिए महतारी एक्सप्रेस 102 की मुफ्त सुविधा भी उपलब्ध है। प्रसव के बाद घर वापसी के दौरान मरीज के खाते पर ग्रामीण क्षेत्र की महिला को एक हजार 400 और शहरी महिला को एक हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के मार्गदर्शन में जिला अस्पताल में सुविधाओं में निरंतर वृद्धि होती जा रही है, जिसका फायदा जिले के खासकर गरीब मरीजों को मिल रहा है। फिलहाल जिला अस्पताल में ब्लड बैंक, पैथालाजी की संपूर्ण जांच, सोनोग्राफी, मनोरोग, फिजियोथिरेपी, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्सरे, नेत्र जांच, प्राईवेट कक्ष की सुविधा होने से जिला अस्पताल की नई पहचान बन रही है। प्रतिदिन लगभग 500 से 600 मरीज अस्पताल की ओपीडी में दर्ज होकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। अस्पताल में मरीजों एवं उनके सहायकों के लिए बैठने, पेयजल एवं शौचालय की अच्छी व्यवस्था उपलब्ध है।

छत्तीसगढ़ : पंचायत चुनाव के लिए वार्ड परिसीमन एवं क्षेत्र निर्धारण की समय-सारणी जारी

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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन वर्ष 2019-20 के लिए परिसीमन वार्ड एवं क्षेत्र का निर्धारण एवं आरक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए समय सारणी घोषित की गई है। पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने के पहले पंचायतों का आम निर्वाचन की कार्यवाही दिसम्बर 2019 व जनवरी 2020 में होना है।

        पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी समय सारणी के अनुसार ग्राम पंचायतों के परिसीमन के लिए प्रारंभिक तैयारी 11 से 15 सितम्बर तक, वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकर प्रस्तावित ग्राम पंचायतों का प्रथम प्रकाशन 18 सितम्बर, ग्राम पंचायत परिसीमन के लिए दावा आपत्ति प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 27 सितम्बर, प्रथम प्रकाशन के दावा आपत्तियों का निराकरण 28 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक, दावा आपत्ति के बाद नवीन परिसीमन का अंतिम प्रकाशन तथा ग्राम पंचायतों को नक्शा तैयार करने का कार्य 9 अक्टूबर तक किया जाएगा।

    नवीन ग्राम पंचायतों की सूची राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजने की तारिख 14 अक्टूबर, नवीन ग्राम पंचायतों का सांख्यिकीय प्रतिवेदन तैयार करने का काम 18 अक्टूबर तक, राजस्व जिले के अनुसार जिला, जनपद पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों के वार्डों का निर्धारण का प्रारंभिक प्रकाशन 10 अक्टूबर को किया जाना है। जिला, जनपद पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों के वार्डों का निर्धारण प्रारंभिक प्रकाशन पर दावा आपत्ति प्राप्त कर निराकरण करने का कार्य 18 अक्टूबर तक, जिला, जनपद पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों के वार्डों का निर्धारण का अंतिम प्रकाशन एवं नजरी-नक्शा तैयार करने का काम 20 अक्टूबर तक किया जाना है। जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों का आरक्षण कार्यवाही की सूचना का प्रकाशन 13 नवम्बर को, आरक्षण कार्यवाही एवं अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन 18 नवम्बर को किया जाना है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत के सरपंच, वार्ड, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, निर्वाचन क्षेत्र एवं जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रवर्गवार आरक्षण की कार्यवाही 19 से 23 नवम्बर तक और प्रवर्गवार आरक्षण अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन 23 नवम्बर को किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : नए राशन कार्ड में त्रुटियों का अंबार, नवीनीकरण के नाम पर खानापूर्ति

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राजनांदगांव : शनिवार से जिलेभर में नए बीपीएल राशन कार्ड का वितरण शुरू किया जा चुका है लेकिन राशन कार्ड में त्रुटियां होने से वितरण स्थल पर विवाद की स्थिति बन रही है। कई राशन कार्ड तो ऐसे भी बनकर पहुंचे हैं जिनमें नाम की जगह केवल मात्रा ही लगी हुई है। यह ही नही कई हितग्राहियों के राशन कार्ड से पति का नाम गायब हो चुका है। कई कार्ड में सदस्यों के नाम प्रिंट करना ही भूल गए हैं। हितग्राही के नाम में गलती होने से जिस व्यक्ति का राशन कार्ड है। उसे नही मिल पा रहा है।

गलतियों की भरमार के साथ राशन कार्डों में मुखिया एवं पारिवार के सदस्यों के नामों में अंतर आने के कारण हालात और मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे में कार्डधारक विभाग के चक्कर काट रहे हैं। इसके अलावा जिले में राशन कार्डों के वितरण के दौरान सैकड़ों ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें राशन कार्डों के पारिवारिक विवरण में मुखिया के परिवार में दूसरे परिवार के लोगों के नाम शामिल हो गया है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों से यह समस्या सामने आ रही है।

0 टेम्प्रेरी तरीके से नाम चिपकाए

राशन कार्ड इस बार तीन रंगों में पहुंचा है। हालाकि सभी कार्डों के सामने का कवर पेज एक जैसा ही है लेकिन बैकग्राउंड में निःशक्त जनों के लिए काला रंग, अन्त्योदय के लिए पीला रंग व प्राथमिकता परिवार हेतु लाल रंग का बैकग्राउंड बनाया गया है। राशन कार्ड में सबसे बड़ी खामी यह है की सदस्यों व हितग्राही के नाम वाले पेज को अव्यवसथित तरीके से केवल स्टेपलर से चस्पा कर दिया गया है। जिसकी पकड़ बहुत कम है। लोगों का कहना है कि आसानी से यह पेज बाहर निकल जाएगा। कार्ड नवीनीकरण के समय हितग्राहियों ये दो फोटो भी मांगे गए थे लेकिन कार्ड में फोटो नही लगाई गई है। फोटो नही लगने से कोई ीभी व्यक्ति इस कार्ड का दुरुपयोग कर सकता है।

0 मात्रा के नाम पर बना कार्ड

राशनकार्ड में गलती के कई मामले सामने आए हैं। मोतीपुर में रिमा शर्मा के राशन कार्ड में हितग्राही का नाम केवल ई की मात्रा ही है। यह ही नही पूरे परिवार के सदस्यों के नाम के आगे भी केवल ई का मात्रा ही बना हुआ है। ऐसे ही लक्ष्मी देवांगन के राशनकार्ड में उसके पति का नाम ही गायब कर दिया गया है। हितग्राहियों का कहना है कि नाम गलत होने से शासन द्वारा जारी योजनाओं का लाभ उन तक नही पहुंच पाएगा।

0 जल्द दूर होगी त्रुटि

पूर्ति विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि किसी राशन कार्ड के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। प्रभावित व्यक्ति राशन कार्डों में संशोधन के लिए आधार कार्ड एवं आवेदन पत्र के साथ सम्बन्धित पूर्ति निरीक्षक से सम्पर्क कर सकता है। ऐसी त्रुटियां जल्द ही दूर हो जाएंगी।

बहुत गलतियां है

कार्ड में बहुत गलतियां है। इसलिए मेरे नाम का कार्ड नही मिल रहा है। वितरक कह रहा है अंतिम में आना। पता नहीं कार्ड मिलेगा या नहीं।

-इन्द्रा साहु, हितग्राही

लाभ नहीं मिलेगा

नुरी बेगम की जगह मेरा नाम नूरू बेगम लिखाया है। अस्पताल में नाम गलत होने पर बीपीएल राशनकार्ड का लाभ नही मिल पाएगा। इस कारण ह कार्ड मेरे काम का नहीं रहेगा।

-नूरी बेगम, हितग्राही

राजनांदगांव : बैराज पहुंचे जलसंसाधन सचिव, बोले किसानों के लिए स्टोर करें पानी

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जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हुए प्रधानपाठ बैराज के गेट का निरीक्षण करने सोमवार को जलसंसाधन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत बैराज पहुंचे। उनके साथ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे। सचिव चंपावत ने बैराज के क्षतिग्रस्त गेट के साथ आसपास क्षेत्र का भी जायजा लिया। वहीं किसानों से भी जानकारी ली। अफसरों को गेट के मरम्मत कराने के निर्देश देने के बाद सचिव चंपावत ने बैराज में किसानों की सिंचाई के लिए पानी स्टोर करने की बात भी कही। ताकि अंचल के किसानों को सिंचाई के लिए बैराज से पानी दिया जा सके। ज्ञात हो कि शनिवार को अंचल में तेज बारिश के बाद प्रधानपाठ बैराज लबालब हो गया था। जलस्तर बढ़ने के कारण ही विभागीय कर्मचारियों ने गेट खोलने की कोशिश की, लेकिन पानी का प्रेशर अधिक होने के कारण खुलने से पहले ही गेट टूट गया। सचिव चंपावत ने गेट पर स्टाप लॉक लगाकर जल संग्रहण करने के निर्देश दिए।

0 जलाशयों को बैराज से भरने की मांग

प्रधानपाठ बैराज पहुंचे सचिव से ग्रामीणों ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग की। जिस पर सचिव ने क्षतिग्रस्त गेट पर स्टाप लॉक लगाकर मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि सिंचाई के लिए पानी संग्रहण हो सके। इसके अलावा ग्रामीणों ने सिंचाई सुविधा को लेकर उरइडबरी व रूसे जलाशय को बैराज से भरने की मांग रखी। ग्रामीणों की इस मांग पर सचिव चंपावत ने लमती फीडर डेम निर्माण व बैराज के नहर उन्नयन, विस्तार व लाइनिंग के लिए शासन को डीपीआर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस दौरान विभाग के प्रमुख अभियंता जयंत पवार, मुख्य अभियंता डीसी जैन, अधीक्षण अभियंता समीर जार्ज, खैरागढ़ एसडीएम सीपी बघेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।