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इमरान खान की पार्टी के MLA ने भारत में मांगी शरण, बताया कैसे हिंदुओं-सिखों पर हो रहा अत्याचार

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पाकिस्तान भारत से पंगा लेने के चक्कर में खुद बर्बादी का रास्ता पकड़ लिया है। वहां की अवाम पाक पीएम इमरान खान की सरकार से परेशान है। पाकिस्तान में लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है। आर्थिक हालत लगातार बत से बत्तर होती जा रही है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ से विधायक रहे बलदेव कुमार सिंह ने कुछ खुलासा किया है। दरअसल अब वह भारत वापस आ गए हैं।

पाकिस्तान में हिंदुओं-सिखों पर हो रहा अत्याचार को लेकर उन्होंने बड़ा खुलासा किया है। पंजाब वापस आकर उन्हें उस कहानी को बयां किया कि आखिर पाकिस्तान में किस तरह अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। बलदेव कुमार सिंह ने कहा कि इमरान खान अपने वादों पर खरे नहीं उतरे हैं, मैं वहां सुरक्षित नहीं था। सिर्फ मैं नहीं बल्कि हिंदू और सिखों पर भी वहां खतरा बना हुआ है। इमरान खान अपने किसी भी वादे पर खरे नहीं उतरे हैं। बलदेव ने बताया कि इमरान खान ने हिंदू-सिख क्या मुसलमानों के लिए भी कुछ नहीं किया, जो चीज़ पहले 500 रुपये में मिलती थी आज 5000 में मिल रही है। इमरान खान का नया पाकिस्तान उन्हें मुबारक हो, वहां कुछ भी नहीं है।

उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान में रह रहे हिंदू-सिखों से अपील करते हुए कहा कि वहां अपने लोगों के लिए आवाज़ उठाएं, चुनाव लड़ें और अपने लोगों के लिए काम करें। उन्होंने आगे कहा कि मोदी साहब, मुझे शरण दें। क्योंकि ना सिर्फ मैं बल्कि पाकिस्तान में कई और हिंदू-सिख परेशान हैं।

नोएडा: वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने कार पर मारा डंडा, हार्ट अटैक से गौरव की मौत

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नोएडा। यातायात नियमों के उल्लंघन पर बढ़े जुर्माने के विरोध में सोशल मीडिया पर जहां लोगों का गुस्सा फूट रहा है। वहीं, यूपी के नोएडा में वाहन चेकिंग के दौरान एक युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई। दरअसल, सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत गौरव अपने माता-पिता के साथ जा रहे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार में डंडा मारते हुए रुकवाया। इस पर पिता-पुत्र ने आपत्ति की, जिसपर पुलिस से नोकझोंक हो गए। नोकझोंक के दौरान युवक को हार्ट अटैक आया और और वह गिर पड़ा। इसके बाद वहां मौजूद लोगों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा सेक्टर-52 के शताब्दी विहार में मूलचंद शर्मा परिवार के साथ रहते हैं। उनके 34 वर्षीय पुत्र गौरव गुरुग्राम की सॉफ्टवेयर कंपनी के मार्केटिंग विभाग में काम करते थे। मूलचंद शर्मा ने बताया कि वह अपने बेटे गौरव के साथ सेक्टर-62 से लौट रहे थे। तभी नोएडा की तरफ मुड़ते ही रास्ते में कुछ पुलिसकर्मी खड़े थे, जिन्होंने चलती गाड़ी पर जोर से डंडा मारकर रोका। गौरव और उसके पिता ने इसका विरोध किया। इस बात पर नोकझोंक बढ़ गई कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी अभद्रता पर उतर आए। गहमागहमी के बीच अचानक गौरव बेसुध होकर गिर पड़े और उनकी सांसें थम गईं।

गौरव की हालत देखकर माता-पिता सकते में आ गए। परिजनों का कहना है कि पुलिसकर्मी मदद करने के बजाय वहां से चुपचाप चले गए। आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे और गौरव को पहले फोर्टिस और फिर कैलाश अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने दिल के दौरे पड़ने से गौरव की मौत की जानकारी दी तो माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। कैलाश अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि गौरव को जब अस्पताल में लाया गया, तब उनकी मौत हो चुकी थी।

शिकायत मिलेगी तो जांच कराएंगे

इस बारे में गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि हमें सोशल मीडिया से इस घटना की जानकारी मिली। सेक्टर-58 थाना पुलिस की चेकिंग के दौरान ऐसी कोई घटना होने की जानकारी नहीं मिली है। डॉक्टर ने बताया कि मृतक गौरव डायबिटिक थे। एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने उनके साथ कोई दुर्व्यहार नहीं किया। अगर परिजनों की कोई शिकायत है तो वह बताएं, कार्रवाई की जाएगी।

पनीर खाने के इन फायदों को नहीं जानते होंगे आप

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हम में से अधिकतर लोगों को पनीर खाना बहुत ही पसंद होता है। जब भी हम किसी भोजन समारोह में जाते है तो हमारी नजर सबसे पहले पनीर को ही तलाशती है। पनीर एक ऐसी चीज है जिसे नमकीन और मीठे दोनों तरीकों से खाया जाता है। अगर हम बहार खाना खाने जाते है तो हम स्पेशल तौर पर पनीर को बहुत ही ज्यादा प्राथमिकता देते है। ज्यादातर लोग पनीर को स्वाद के लिए इस्तेमाल करते हैं पर आपको जानकर हैरानी होगी कि पनीर खाने के ढेरों सारे फायदे भी हैं।

-पनीर में विटामिन, कैश्यिम, प्रोटीन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पायी जाती है।

पनीर खाने से रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल के स्तर को संतुलित करता है।

-पनीर में ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होने की वजह से यह शरीर का वजन कम करने से सहायक होता है।

-पनीर के सेवन से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायता मिलती है।

-पनीर खाने से ब्लड-प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है।

-पनीर में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है।

-पनीर कैल्शियम का एक अच्छा माध्यम है। इससे हड्डियों और दांतों को मजबूती मिलती है।

औषधीय गुण छुपे है पपीते में

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हमारी सेहत के लिए पपीता बेहद फायदेमंद होता हैं, अगर हम इसका हर रोज यूज करेंगे तो सेहत को कई लाभ मिलेंगे।

पपीते में विटामिन ए, पोटैशियम और कैल्शियम भी प्रचूर मात्रा में पाया जाता हैं। इसलिए पपीते का यूज सेहत के लिए गुणकारी होता हैं। चलिए आइये जानते हैं पपीते के सेहत राज के बारे में.

-अगर पाचन शक्ति कमजोर होती हैं उनको पपीते का सेवन हर रोज करना चाहिए। क्योंकि पपीता आसानी से पचने वाला फल होता हैं।

-अगर कोई इंसान दाद, खाज और खुजली की समस्या से ग्रसित हैं तो उनको पपीते का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से उनको राहत महसूस होगी।

-जिन लोगों को हाई बीपी की परेशानी होती हैं पपीते के यूज से बीपी कंट्रोल में रहता हैं।

-अगर शरीर पर कहीं सूजन, कट या कहीं जल गए हो तो उस स्थान पर पपीता लगाना चाहिए। आपको राहत मिलेगी।

-कब्ज से पीडि़त व्यक्ति को हर रोज पपीते का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से कब्ज में राहत महसूस होगी।

-पपीते का यूज शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैं। जिसके कारण से मौसमी रोग नहीं होते हैं।

-पपीते का हर रोज यूज करने से चेहरे पर झुर्रियाँ पडऩा, बालों का झडऩा, बवासीर, चर्मरोग, अनियमित मासिक धर्म से सम्बन्धित कई प्रकार की परेशानियों से राहत मिलती है।

प्यार में मिला धोखा तो बॉयफ्रेंड को वीडियो कॉल कर किया लाइव सुसाइड

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ग्रेटर नोएडा दादरी कोतवाली क्षेत्र के आमका रोड पर स्थित एक युवती ने प्रेम प्रसंग में धोखा खाने से आहत होकर लड़की ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

बताया जा रहा है कि लड़की ने पहले अपने प्रेमी को वीडियो कॉल किया और अपने मौत की लाइव वीडियो अपने प्रेमी को भेजी लेकिन आरोपी के द्वारा लड़की को सुसाइड करने से नहीं रोका गया। जिसके चलते पीड़ित लड़की ने अपने मौत की पूरी वारदात अपने मोबाइल से वीडियो के माध्यम से अपने प्रेमी को दिखाई।

लड़की की मौत के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेकिन 2 दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया है। मृतक लड़की के पिता का कहना है कि उन्हें जब अपनी बेटी के प्रेम प्रसंग के बारे में पता चला तो उन्होंने लड़के के परिवार से बात कर दोनों का रिश्ता भी तय कर दिया था। लेकिन लड़के वालों की तरफ से अचानक से शादी में दहेज की डिमांड होने लगी।

जब मृतक लड़की के परिजनों ने इसका विरोध किया तो लड़के के द्वारा लड़की से बात करना बंद कर दिया और अपने एक दोस्त के माध्यम से लड़की पर वशीकरण कराने का काम शुरू कर दिया मृतक के परिजनों का कहना है कि उन्होंने 7 लोगों के खिलाफ दादरी कोतवाली में शिकायत की है लेकिन पुलिस ने किसी भी आरोपी के खिलाफ अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की है।

ग्रेटर नोएडा दादरी कोतवाली क्षेत्र के आम का रोड पर रहने वाली स्नेहा 12वीं क्लास की छात्रा थी बताया जा रहा है कि स्नेहा पढ़ने में काफी अच्छी थी और अपने व अपने परिवार का नाम रोशन पढ़ लिख कर करना चाहती थी इसी बीच स्नेहा की मुलाकात उसी के पड़ोस में रहने वाले विशाल से हो गई दोनों के बीच की नजदीकियां प्यार में तब्दील हो गई और दोनों एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसम खाने लगे।

जब स्नेहा के पिता को पता चला कि उनकी बेटी किसी के साथ लिविंग रिलेशन में है तो स्नेहा के पिता ने दोनों का रिश्ता तय कर दिया और शादी की जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे ही विशाल व उनके परिवार के द्वारा शादी में दहेज की डिमांड की जाने लगी जब लड़की के परिजनों ने इसका विरोध किया तो विशाल के द्वारा लड़की से बात करना बंद कर दिया

पीड़ित परिवार का कहना है कि विशाल के द्वारा लगातार पीड़ित लड़की को हम काहे जाने लगा कि उसके कुछ आपत्तिजनक वीडियो में फोटो उसके पास है जो कि वह सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा जब पीड़ित लड़की ने इसका विरोध किया तो विशाल ने अपने दोस्त से लड़की को बात करने के लिए कहा।

लड़की ने प्यार में धोखा खाने से आहत होकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने ही बेहतर समझी। जिसके चलते लड़की ने अपने ही कमरे के पंखे से लटक कर सुसाइड कर लिया।

बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले मृतक लड़की ने अपने बॉयफ्रेंड विशाल को वीडियो कॉल करी और रिश्ते को आगे बढ़ाने की कोशिश की लेकिन विशाल के द्वारा जब लड़की को निकले किया गया तो पीड़ित लड़की ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली और अपने मरते हुए का अपने ही मोबाइल से लाइव प्रसारण अपने प्रेमी को दिखाया।

जिसके बाद लड़के ने पूरी घटना अपनी मां को बताई सूचना मिलने पर लड़के की मां लड़की के घर पहुंची जहां पर वह लड़की को मृतक अवस्था में देखकर फरार हो गए।

लड़की की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया और इसकी सूचना दादरी कोतवाली पुलिस को दी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया लेकिन 2 दिन बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

UNHRC में आज आमने-सामने होंगे भारत-पाक, कश्मीर का राग अलापा तो भारत करेगा बेनकाब

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जम्मू-कश्मीर को लेकर जारी तनाव के बीच भारत और पाकिस्तान मंगलवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में कश्मीर के मुद्दे पर आमने-सामने हो सकते हैं।कल से शुरू हुए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के अहम सत्र में एक बार फिर से पाकिस्तान कश्मीर का राग अलाप सकता है। मगर इस मंच पर भारत भी अपनी बात रखेगा और पाकिस्तान की बोलती बंद करेगा। बता दें किमानवाधिकार परिषद का42वां सत्र 27 सितंबर तक चलेगा और 27 सितंबर को पीएम मोदी और पाक के पीएम इमरान खान का संबोधन भी होगा। कश्मीर मसले परअंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की शरण में पहुंचा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री के ट्वीट से पता चलता है कि पाकिस्तान इस सत्र में कश्मीर का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगा, मगर इस सत्र में भारत ने भी पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए कमर कस ली है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 42 वें सत्र में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए सोमवार को स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हुए। रवाना होने से पहले उन्होंने ट्वीट किया कि कथित “कश्मीर में अत्याचार” सत्र पर पाकिस्तान “निश्चित रूप से” बोलेगा। बता दें कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट ने सोमवार को मानवाधिकार परिषद के 42वें सत्र के अपने शुरुआती संबोधन में कश्मीर मुद्दे और असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) का जिक्र किया। उन्होंने 35 से ज्यादा देशों को संदर्भित करने के दौरान भारत का भी नाम लिया और पाकिस्तान का संदर्भ केवल कश्मीर को लेकर दिया, लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, बलूचिस्तान या गिलगित-बाल्टिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर कोई जिक्र नहीं किया।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी आज दोपहर में पाकिस्तान का बयान रखेंगे। इसमें उम्मीद की जा रही है कि पाकिस्तान 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य के दर्जे को रद्द करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने के भारत सरकार के फैसले पर और जम्मू-कश्मीर के हालातों पर ध्यान दिलाएगा। साथ ही वह कश्मीर में जारी प्रतिबंधों को गलत तरीके से पेश करेगा।बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को पहले हीदो टूक शब्दों में कह रखा है कि यह उसका आंतरिक मामला है और पाकिस्तान को इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। भारत सरकार के इस फैसले का अमेरिका, फ्रांस, रूस, इजरायल आदि देशों ने भी समर्थन किया है।

पाकिस्तान के बयान के तुरंत बाद ही भारत भी अपना बयान रखेगा। अगर पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर रोना रोता है तो भारत उसका पूरजोर तरीके से जवाब देगा। इस मामले से परिचित अधिकारी ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाक के कुछ घंटे बाद अपना बयान देगा और भारत के पास ‘जवाब का अधिकार’ होगा। भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के एक सचिव द्वारा किया जाएगा और इसमें अजय बिसारिया शामिल होंगे। बता दें कि अजय बिसारिया हाल ही में इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त थे, जिन्हें तनातनी के बीच पाकिस्तान ने वापस भेज दिया।

एक अधिकारी ने कहा कि भारत ने जिनेवा में किसी भी मंत्री को नहीं भेजने का विकल्प चुना, क्योंकि भारत कश्मीर मुद्दे के अंतर्राष्ट्रीयकरण के पाकिस्तान के प्रयासों को बहुत अधिक महत्व नहीं देना चाहता है। हालांकि, पाकिस्तान के कश्मीर एजेंडा पर अजय बिसारिया करारा जवाब देंगे। अगर पाकिस्तान कश्मीर में हिंसा और अशांति की झूठी बातें करेगा तो भारत इस बैठक के दौरान इस बात को अच्छी तरह से समझाएगा कि क्यों वहां प्रतिबंध लगाए गए हैं, ताकि लोगों की जिदंगी बचाई जा सकते।साथ ही यह भी बताएगा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और भारत सरकार के फैसले के बाद से अभी तक वहां कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।

5 अगस्त को भारत सरकार ने जब से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म किया है और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश में बांटा है, तब से पाकिस्तान की नींद उड़ी हुई है और लगातार इस मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने का प्रयास कर रहा है। जम्मू-कश्मीर पर इतना बड़ा फैसले लेने के आलोक में भारत सरकार ने शांति व्यवस्था कायम रखने और किसी तरह की हिंसा को रोकने के लिए राज्य में न सिर्फ प्रतिबंध लागू किए बल्कि संचार माध्यमों को भी सस्पेंड किया था। हालांकि, अब धीरे-धीरे सभी प्रतिबंधों को हटाया जा रहा है।

UNHRC में कुल 47 सदस्य देश
मार्च 2006 में स्थापित हुए यूएनएचआरसी में कुल 47 निर्वाचित सदस्य देश हैं। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सदस्यों को पांच क्षेत्रीय समूहों में बांटा गया है। अफ्रीकन स्टेट्स में 13 सदस्य, एशिया-पैसिफिक में 13 सदस्य, ईस्टर्न यूरोपियन स्टेट्स में 6 सदस्य, लैटिन अमेरिकन और कैरिबियन स्टेट्स में 8-8 सदस्य, जबकि वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य स्टेट्स के लिए 7 सीटें निर्धारित हैं।जो नए सदस्य चुने गए हैं, उन देशों के नाम हैं- बुर्किना फासो, कैमरून, इरिट्रिया, सोमालिया, और टोगो। यह सभी अफ्रीकन स्टेट्स कैटिगरी में हैं। वहीं ईस्टर्न यूरोपियन स्टेट्स ग्रुप में बुल्गारिया और चेक रिपब्लिक, जबकि लैटिन अमेरिकन-कैरिबियन स्टेट्स कैटिगरी में अर्जेंटीना, बहामास और उरुग्वे शामिल हैं। इसके अलावा वेस्टर्न यूरोपियन और अन्य राज्यों की कैटिगरी में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और इटली नए सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

हरे पुदीने का सेवन है सेहत के लिए बहुत फायदेमंद

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पुदीना को एक औषधीय पौधा माना जाता है। गर्मियों में तो पुदीना पूरी तरह से दवा के तौर पर काम में लिया जा सकता है। पुदीना में विटामिन ए, सी, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, मैग्रीनिशयम, कॉपर और पौटेशियम जैसे कई सारे तत्व पाए जाते है इसलिए यह हमारी सेहत के लिए बहुत ही अधिक फायदेमंद होता है।आइये जानते है पुदीने के फायदों के बारे में-

हिचकी की समस्या में पुदीना बहुत अधिक फायदेमंद होता है। हिचकी बंद न हो तो पुदीने के पत्ते में नींबू का रस मिलाकर लें। साथ ही पुदीने के पत्तों पर शक्कर डालकर चबाएं हिचकी में बहुत लाभ होगा।

इसके अलावा चेहरे पर पिंपल हटाने के लिये पुदीने की कुछ पत्तियों का पेस्ट बहुत उपयोगी है। इस पेस्ट में में 2-3 बूंदे नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर कुछ देर के लिए लगाएं। साफ पानी से चेहरा धो लें। कुछ ही दिनों में पिंपल से भी राहत मिल जाएगी।

हाई बीपी के मरीज को पुदीने का सेवन और लॉ बीपी के पीडित को पुदीने की चटनी खिलानी चाहिए।

अनियमित मासिक की शिकार महिला के शारीरिक चक्र में प्रभावकारी ढंग से संतुलन कायम करता है।

2000 निकालने पहुंचे लोगों को ATM से मिले 20 हजार रुपये!

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मथुरा में तकनीकी गड़बड़ी के चलते घंटाघर पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम धारकों के लिए पिछले पांच दिन किसी दीवाली से कम नहीं रहे।

दरअसल, इस एटीएम से दो हजार की जगह बीस हजार निकले. जबकि लोगों के खाते से सिर्फ अंकित की गई धनराशि ही कटी पाई गई. इस तरह लगभग 10 लाख सात हजार रुपये एटीएम से निकलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसारबताया जा रहा है कि एटीएम में कैश डालने वाली सीएमएस कंपनी के कर्मचारी तीन सितंबर को 18 लाख रुपये कैश डालकर गए थे. उसके बाद तकनीकी गड़बड़ी के चलते एटीएम से दो हजार की जगह 20 हजार रुपये निकलने लगे।

एटीएम पर कोई गार्ड न होने से इसका पता नहीं लग सका. इसकी जानकारी उस समय हुई, जब एक एटीएम धारक ने बताया कि 20 हजार रुपये निकालने गए थे, लेकिन एटीएम से 50 हजार रुपये निकले थे. जबकि उनके खाते से महज 20 हजार रुपये ही कटे।

एटीएम धारक रुपये वापस करने बैंक गया, तब इसकी जानकारी हुई. बैंक अधिकारियों ने आनन-फानन में एटीएम को बंद कर इसकी जानकारी कैश डालने वाली कंपनी के अधिकारियों को दी।

मोहर्रम के महीने में ग़म और मातम का इतिहास

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तुर्की में एक शिया लड़की अशुरा का मातम मनाती हुई.

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार साल का पहला महीना मोहर्रम होता है. इसे ‘ग़म का महीना’ भी माना जाता है.

12वीं शताब्दी में ग़ुलाम वंश के पहले शासक क़ुतुबुद्दीन ऐबक के समय से ही दिल्ली में इस मौक़े पर ताज़िये (मोहर्रम का जुलूस) निकाले जाते रहे हैं.

उनके बाद जिस भी सुल्तान ने भारत में राज किया, उन्होंने ‘ताज़िये की परंपरा’ को चलने दिया. हालांकि वो मुख्य रूप से सुन्नी थे, शिया नहीं थे.

पैग़ंबर-ए-इस्‍लाम हज़रत मोहम्‍मद के नाती हज़रत इमाम हुसैन को इसी मोहर्रम के महीने में कर्बला की जंग (680 ईसवी) में परिवार और दोस्तों के साथ शहीद कर दिया गया था.

कर्बला की जंग हज़रत इमाम हुसैन और बादशाह यज़ीद की सेना के बीच हुई थी.

मोहर्रम में मुसलमान हज़रत इमाम हुसैन की इसी शहादत को याद करते हैं.

हज़रत इमाम हुसैन का मक़बरा इराक़ के शहर कर्बला में उसी जगह है जहां ये जंग हुई थी. ये जगह इराक़ की राजधानी बग़दाद से क़रीब 120 किलोमीटर दूर है और बेहद सम्मानित स्थान है.

कर्बला की जंगकर्बला में इमाम हुसैन की मज़ार पर लाखों की तादाद में शोक मनाते शिया मुसलमान

इस बार मोहर्रम का महीना 11 सितंबर से नौ अक्तूबर तक है. लेकिन मोहर्रम का दसवाँ दिन सबसे ख़ास माना जाता है. मुहर्रम के महीने में दसवें दिन ही इस्‍लाम की रक्षा के लिए हज़रत इमाम हुसैन ने अपने प्राणों का त्‍याग दिया था. इस बार दसवां मोहर्रम 21 सितंबर को है. इसे आशूरा भी कहा जाता है.

इस दिन शिया मुसलमान इमामबाड़ों में जाकर मातम मनाते हैं और ताज़िया निकालते हैं. भारत के कई शहरों में मोहर्रम में शिया मुसलमान मातम मनाते हैं लेकिन लखनऊ इसका मुख्य केंद्र रहता है. यहाँ के नवाबों ने ही शहर के प्रसिद्ध इमामबाड़ों का निर्माण करवाया था.

लखनऊ में मोहर्रम

उस वक़्त लखनऊ को अवध के नाम से जाना जाता था. नवाबों की रियासत में ही शायरों ने मोहर्रम के लिए मरसिया (किसी की शहादत को याद करते हुए लिखी गई कविता) लिखा और उसे पढ़ा भी.

उनमें से सबसे प्रसिद्ध थे मीर अनीस, जिन्होंने कर्बला की जंग का अद्भुत वर्णन किया है.

मोहर्रम में जो मरसिया गाया जाता है उसमें इमाम हुसैन की मौत का बहुत विस्तार से वर्णन किया जाता है. लोगों की आँखें नम होती हैं. काले बुर्के पहने खड़ीं महिलाएं छाती पीट-पीटकर रो रही होती हैं और मर्द ख़ुद को पीट-पीटकर ख़ून में लतपत हो जाते हैं.पेशावर में मोहर्रम के नौवें दिन मातम करते शिया मुसलमान

‘या हुसैन, हम न हुए’

और ताज़िये से एक ही आवाज़ सुनाई दे रही होती है- “या, हुसैन, हम ना हुए”. इसका मतलब होता है, “हमें दुख है इमाम हुसैन साहब कि कर्बला की जंग में हम आपके लिए जान देने को मौजूद न थे.”

मुग़ल शासक सुन्नी थे. हालांकि बादशाह जहाँगीर की पत्नी नूर जहाँ शिया थीं जिन्होंने ईरान-इराक़ की सीमा पर शुस्तर नामक जगह पर बसे क़ाज़ी नुरुल्लाह शुस्तरी को मुग़ल दरबार में शामिल होने का न्योता भेजा. काज़ी शुस्तरी ने मुग़ल सल्तनत में शियाओं का प्रचार किया.

लेकिन बाद में जहाँगीर के आदेश पर क़ाज़ी शुस्तरी को मौत के घाट उतार दिया गया. क़ाज़ी पर ये आरोप लगा कि उन्होंने शेख़ सलीम चिश्ती का कथित तौर पर अपमान किया था.

मुग़ल दरबार में शेख़ सलीम चिश्ती का विशेष सम्मान था क्योंकि ऐसा विश्वास था कि उन्हीं की दुआओं के बाद बादशाह अकबर के घर जहाँगीर का जन्म हुआ था.बग़दाद में मोहर्रम का जुलूस

जहाँगीर की अदालत में एक और मशहूर शिया नाम महाबत ख़ान का था, जिनका घर उस वक़्त दिल्ली में (आज के समय सेंट्रल दिल्ली में आईटीओ के पास) स्थित था.

ये जगह दिल्ली में मोहर्रम का मातम मनाने के लिए प्रमुख केंद्र रही है. यहाँ उनके नाम की एक सड़क भी है.

मोहर्रम में खाया जाने वाला मुख्य पकवान खीचड़ा या हलीम है, जो कई क़िस्म के अनाज और मांस के मिश्रण से बनाया जाता है.

इसके पीछे ये मान्यता है कि जब सारा भोजन समाप्त हो गया तो कर्बला के शहीदों ने आख़िरी भोजन के तौर पर हलीम ही खाया था.

दिल्ली का मिनी कर्बला

मोहर्रम के महीने में आपको हरे कुर्ते पहने लड़के मिल जायेंगे. उनकी कमर पर घंटियाँ बंधी होंगी. ये बच्चे नौ रातों तक स्थानीय क़ब्रिस्तान में जाते हैं और दसवीं रात को युद्ध का दिन कहा जाता है.

शिया मुसलमानों ने दिल्ली में एक ‘मिनी कर्बला’ भी बना रखा है जो ज़ोरबाग में स्थित है. इसे एक बार सफ़दरजंग के मक़बरे तक फैलाने की कोशिश की जा चुकी है.

हालांकि, इस जगह पर स्थानीय रिहायशी एसोसियेशनों ने ये आरोप लगाया है कि इसे 18वीं शताब्दी में क़ुदसिया बेगम द्वारा बनवाये गए ऐतिहासिक शाह-ए-मर्दां क़ब्रिस्तान पर अतिक्रमण के बाद बनाया गया.

भारत में मोहर्रम

हर साल दिल्ली में मोहर्रम पर निकलने वाला जुलूस कोटला फ़िरोज़शाह से शुरू होकर महाबत ख़ान की हवेली तक जाता है. वही महाबत ख़ान जिन्होंने अक़बर, जहाँगीर और शाहजहाँ के काल में मुग़ल दरबार को अपनी सेवाएं दीं और जीवन के अंत में वो शिया बन गये.

महाबत ख़ान का असली नाम ज़माना बेग था. जब भी मोहर्रम आता है, तब ज़्यादातर शिया मुसलमान उनकी याद में ज़ोरबाग स्थित उनकी क़ब्र तक ज़रूर जाना चाहते हैं.

मुख्यमंत्री निवास में 11 सितंबर को ‘जनचौपाल: भेंट-मुलाकात‘ कार्यक्रम स्थगित

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास में आगामी 11 सितंबर बुधवार को आयोजित होने वाला ‘जनचौपाल भेंट-मुलाकात‘ का कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।