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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शामिल हुए तीजा मिलन समारोह में : तखतपुर में प्रारंभ होगा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज बिलासपुर जिले के तखतपुर में आयोजित तीजा मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने समारोह में स्थानीय नागरिकों की मांग पर अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने तखतपुर में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का कार्यालय प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि तखतपुर में शासकीय कन्या महाविद्यालय और सकरी में शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ करने की मांग को पूरा करने के लिए अगले बजट में प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने तखतपुर महाविद्यालय में दुग्ध डेयरी उत्पाद संबंधी पाठ्यक्रम प्रारंभ कराने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने तीज मिलन समारोह में कहा कि तखतपुर नगर पालिका को परीक्षण कर अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।

समारोह में गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, तखतपुर विधायक श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, कमिश्नर बिलासपुर श्री बी.एल.बंजारे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को तीजा की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का यह एक प्रमुख त्यौहार है। तीजा मनाने महिलाएं अपने मायके आती हैं। राज्य सरकार द्वारा अपनी संस्कृति और परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की पहल की गई है। छत्तीसगढ़ के गौरव के प्रतीकों को स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहारों को प्रोत्साहित करने की पहल की है। जिसके तहत हरेली, तीजा, विश्व आदिवासी दिवस और छठ पर्व पर सामान्य अवकाश घोषित किए हैं। छत्तीसगढ़ के प्रमुख त्यौहारों पर अवकाश की घोषणा से उत्साह का वातावरण बना है।

उन्होंने कहा कि पोरा तिहार पर प्रदेश में पोषण माह की शुरूआत सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य के साथ ही गई है। माह सितम्बर पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा जिसमें बच्चों में कुपोषण और महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया की मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में सुपोषण अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से छत्तीसगढ़ में आर्थिक समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखण्डों में कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। कार्यक्रम को लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष सिंह ठाकुर ने किया। जिला पंचायत सदस्य श्री जितेन्द्र पाण्डेय ने स्वागत भाषण दिया।   

जम्मू-कश्मीर : आतंकवादियों ने लोगों पर बरसाईं गोलियां, बच्ची समेत 4 लोग घायल, भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब…

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जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले में शनिवार को हुए आतंकवादी हमले में चार लोगों के घायल होने की सूचना मिली है। घायलों में एक मासूम बच्ची भी शामिल है। पुलिस ने इस हमले की जानकारी दी। पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, “आतंकवाद की एक क्रूर घटना में, आतंकवादियों ने सोपोर के डंगरपोरा में एक बच्ची (उस्मा जान) सहित चार लोगों पर गोलियां बरसा दीं, जिससे वे सभी घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। उनकी हालत स्थिर है।” एनएसए अजीत डोभाल ने अधिकारियों से उसे इलाज के लिए एम्स नई दिल्ली लाने के लिए कहा है।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने इसे आतंकवाद का एक बेरहम कृत्य बताते हुए कहा कि आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें एक बच्ची उस्मा जान सहित चार लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बनी है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस मौके पर मौजूद है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने घटना में घायल हुए अन्य लोगों की पहचान मोहम्मद अशरफ डार, मोहम्मद रमजान डार और अर्शीद हुसैन के तौर पर की।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद से ही आतंकी सूबे को अशांत करने में जुटे हुए हैं। आतंकियों की तरफ से अलग-अलग इलाकों में लगातार फायरिंग जारी है। पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकते लगातार जारी है। पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास अग्रिम चौकियों और गांवों को निशाना बनाकर एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।

मदर डेयरी के बाद अब अमूल दूध अगले हफ्ते से हो जाएगा महंगा…

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मदर डेयरी ने हाल ही में दूध के दाम बढ़ाए हैं. इसके बाद प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल ने कीमत बढ़ाने के लिए मना कर दिया है. जबकि पराग मिल्क फूड्स इस मामले पर अगले सप्ताह गौर करेगा. हालांकि, अमूल के गाय दूध का दाम पहले ही 44 रुपये और पराग मिल्क के गाय दूध का दाम 48 रुपये लीटर है. गुरुवार को प्रमुख दुग्ध आपूर्तिकर्ता कंपनी, मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में गाय के दूध की कीमत 2 रुपये बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर की है.
कंपनी कच्चे दूध की खरीद के लिए किसानों को अधिक भुगतान कर रही है. हालांकि, मदर डेयरी ने अन्य दूध के दाम में कोई वृद्धि नहीं की. अमूल ब्रैंड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों का मार्केटिंग करने वाली कंपनी गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक, आर एस सोढ़ी ने कहा कि गाय के दूध की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है. अमूल का गाय का दूध पहले से ही 44 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. पराग मिल्क फूड्स के अध्यक्ष देवेंद्र शाह ने कहा कि कंपनी इस मुद्दे पर अगले सप्ताह सोच विचार करेगी. उन्होंने कहा कि हमारी गाय दूध कीमत पहले ही 4 रुपये प्रति लीटर अधिक यानी 48 रुपये प्रति लीटर है. शाह ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में अच्छी बारिश हुई है, इसलिए दूध की आपूर्ति स्थिति में सुधार होगा.

सफेद दाग से छुटकारा पाने के कारगर उपाय…

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वर्तमान समय में सफ़ेद दाग एक बहुत गंभीर बीमारी हो गई हैं। युवा हो या बुजुर्ग कोई भी इस बीमारी का शिकार हो रहा हैं। सफ़ेद दाग ना केवल हाथ पर होते हैं बल्कि यह धीरे धीरे आपके पूरे शरीर में होने लगते हैं। अगर समय पर इसका इलाज नहीं किया जाए तो यह पूरे शरीर में होने लग जाते हैं।

सफ़ेद दाग अक्सर अत्यधिक तनाव, विटामिन बी 12 की कमी, त्वचा पर किसी प्रकार का संक्रमण होना आदि इसके कारण से ही होते हैं। आईए जानते हैं इस गंभीर समस्या से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय।

1 तांबे के बर्तन में रातभर पानी भरकर रखें और सुबह उसे खाली पेट पिएं। यह त्वचा में मेलेनिन के निर्माण के लिए बहुत सहायक होता है।

2 हमारे देश में नीम को सदाबहार वृक्ष का दर्जा मिला हुआ है। इसे गांव का दवाखाना भी कहते हैं। ठंडी हवा देने के साथ ही ये एक ऐसा पेड़ है जिसका हर हिस्सा किसी न किसी बीमारी के इलाज में बहुत ही कारगर होता है। सफेद दाग के लिए नीम की पत्ती, फूल, निंबोली आदि को सुखाकर पीस लें और प्रतिदिन फंकी लें आपको अवश्य फायदा करेगा।

3 बहुत कम ही लोगों को यह मालूम है कि नारियल में जीवाणुरोधी और संक्रमण विरोधी गुण भी पाए जाते हैं, इसलिए सफेद दाग वाली जगह पर आप दिन में 2 से 3 बार नारियल तेल से मसाज करना बहुत अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।

4 उड़द की दाल एक अत्यंत बलवर्द्धक और लाभकारी खाद्य पदार्थ है। इसकी छिलके वाली दाल बहुत अधिक पौष्टिक होती है। सफेद दाग होने पर पानी में भीगी हुई उड़द की दाल पीसकर 4 माह तक लगाने से दाद पूर्ण्तः ठीक हो जायेगा।

मोमोज को लेकर हुई थी खूनी झड़प, चली गई थी एक की जान, अब कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा…

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दिल्‍ली के साकेत कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र निदो तानिया की मौत मामले में चार लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। बता दें कि जनवरी 2014 में दिल्‍ली के लाजपत नगर में कुछ लोगों ने पूर्वोत्‍तर के छात्र निदो तानिया पर नस्‍लभेदी टिप्‍पणी करने के बाद उसकी बेरहमी से पिटाई की थी, जिसके दूसरे ही दिन उसकी मौत हो गई थी।

इस मामले में साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने आरोपी फरमान, पवन, सुंदर और सनी उप्पल को गैर-इरादतन हत्या की धारा में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। कोर्ट ने फरमान को मुख्‍य दोषी मानते हुए 10 साल कैद की सजा दी है, जबकि अन्‍य दोषी पवन और सुंदर को 7-7 साल कैद और सनी उप्पल को 3 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा इन सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

बता दें कि लाजपत नगर में मोमोज को लेकर निदो तानिया की दुकानदार से मामूली कहासुनी झगड़े में बदल गई थी। इस दौरान दुकान पर मौजूद लोगों ने तानिया पर नस्‍लभेदी टिप्‍पणियां कीं, जिसके बाद तानिया ने दुकान के ग्‍लास को तोड़ दिया था और फिर दुकानदार सहित अन्‍य लोगों ने निदो की लोहे की छड़ और लाठी से पिटाई कर दी गई थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। 2014 में हुई इस घटना ने सभी को झकझोर दिया था। मृत छात्र तानिया अरुणाचल प्रदेश के तत्‍कालीन कांग्रेस विधायक का बेटा था। उस दौरान तानिया की मौत के बाद पूर्वोत्तर के छात्रों की ओर से निकाले गए कैंडल मार्च में राहुल गांधी भी शामिल हुए थे और तानिया के गुनहगारों को जल्‍द सजा की मांग की थी।

‘विक्रम’ भेजेगा संदेश ? 95 फीसदी सफल रहा चंद्रयान-2 मिशन, उम्मीदें अब भी कायम…

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चंद्रयान-2 चांद से महज चंद किलोमीटर दूर कही गुम जरूर हो गया है। लेकिन, अब भी इस मिशन को लेकर उम्मीदें कायम है। यह मिशन करीब-करीब कामयाब रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रयान-2 से संपर्क टूटने के बाद भी यह मिशन 95 फीसदी तक सफल रहा है।

लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने को लेकर इसरो के एक अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया, “मिशन ने अपना 5 फीसदी हिस्सा ही खोया है, बाकी 95 फीसदी, जो चंद्रयान 2 ऑर्बिटर है, सफलता पूर्वक चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा है।”

अधिकारी के मुताबिक एक साल के मिशन लाइफ में ये ऑर्बिटर चंद्रमा की कई तस्वीरें ले सकता है और इसे इसरो को भेज सकता है। इसरो के अधिकारी ने कहा कि ऑर्बिटर लैंडर विक्रम की तस्वीरें लेकर उसकी स्थिति के बारे में पता लगा सकता है। चंद्रयान -2 अंतरिक्ष यान में तीन खंड शामिल थे – ऑर्बिटर (2,379 किग्रा, आठ पेलोड), लैंडर ‘विक्रम’ (1,471 किग्रा, चार पेलोड) और रोवर ‘प्रज्ञान’ (27 किग्रा, दो पेलोड)। 2 सितंबर को, विक्रम ऑर्बिटर से अलग हो गया था। चंद्रयान-2 को इसके पहले 22 जुलाई को भारत के हेवी रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल-मार्क 3 (जीएसएलवी एमके 3) के जरिए अंतरिक्ष में लांच किया गया था।

पाकिस्तान ने उड़ाया मखौल, चंद्रयान-2 की खिलौने से की तुलना…

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भारत के सबसे बड़े मिशन चंद्रयान-2 पर इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए कार्यों की जहां दुनियाभर के वैज्ञानिक सराहना कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान नुख्ताचीनी करने में लगा है।

दरअसल पाकिस्तान के विज्ञान मंत्री फवाद चौधरी ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात चंद्रयान-2 के चांद पर उतरने से ठीक पहले लैंडर से संपर्क टूटने पर भारत का मजाक उड़ाया। इसके बाद वह सोशल नेटवर्किंग ट्विटर पर वह खुद अपने ही देश में बहुत ट्रोल हो रहे है। दरअसल उन्होंने भारत के चंद्रयान 2 की तुलना खिलौना से करते हुए कहा कि अंतरिक्ष यान मुंबई में लैंड हुआ होगा।

ट्विटर पर फवाद खान ने भारतीय यूजर्स से कहा कि वह इसरो की ओर से की गई घोषणा का इंतजार करने के बजाय सो जाए। ट्रोल होने के बावजूद विज्ञान मंत्री ने ट्वीट किया कि ‘जो काम आता नहीं, पंगा नहीं लेते इंडिया’। उनके इस कमेंट के बाद न सिर्फ भारतीयों ने उनका विरोध किया, बल्कि कुछ पाकिस्तानियों ने भी उनकी जमकर खिचाईं की और भारत के प्रयासों की सराहना की। पाकिस्तान के एक यूजर ने लिखा, हमारे लिए और शर्मनाक मत बनो, कम से कम भारत ने प्रयास तो किया जबकि हम अपने अंदरूनी समस्याओं से ही लड़ रहे हैं। हमें किसी भी देश की वैज्ञानिक क्षमताओं की प्रशंसा करनी चाहिए और उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि चंद्रयान-2 के चांद पर उतरने से ठीक पहले विक्रम लैंडर का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था। इसरो प्रमुख के. सिवन ने घोषणा कि चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले 2.1 किलो मीटर की दूरी पर संपर्क टूट गया है।

मॉरिशस के पीएम ने इसरो और सरकार को दी शुभकामना, कहा- दुनिया ने माना लोहा…

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चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने के भारत के सपने को झटका जरूर लगा है लेकिन पूरा देश इसरो के वैज्ञानिकों के जज्बे को सलाम कर रहा है। बेशक हमारा लैंडर व्रिक्रम चांद से सतह पर उतरने से पहले संपर्क टूट गया मगर मिशन को पूरी तरह से खत्म नहीं कहा जा सकता क्योंकि ऑर्बिटर सफलतापूर्वक चांद के चक्कर लगा रहा है। इस मिशन पर भारत के साथ ही दुनिया की नजरें गड़ी हुई थी। सभी इसरो के वैज्ञानिकों की प्रशंसा कर रहे हैं। इसी बीच मॉरिशियस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने इसरो की टीम और भारत सरकार को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं भारत सरकार और इसरो की टीम को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को उतारने की उनकी कोशिश के लिए बधाई देना चाहता हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हालांकि इस बार सफल लैंडिंग नहीं हो पाई लेकिन दुनिया भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की ताकत को पहचान गई है। हम भविष्य में मॉरीशस और इसरो टीम के बीच सहयोगी प्रयासों के लिए तत्पर हैं।’


प्रधानमंत्री ने बढ़ाया इसरो का हौसला

वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विज्ञान में असफलता नहीं होती बल्कि प्रयास और प्रयोग होते हैं। उन्होंने कहा, ‘इस पूरे मिशन के दौरान देश कई बार आनंदित हुआ है। अभी भी ऑर्बिटर पूरी शान से चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है। अमृत की संतान के लिए कोई निराशा असफलता नहीं है। मैं आप सभी को आनेवाले हर मिशन के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। आज भले ही कुछ रुकावटें आई हों, रुकावटें हाथ लगी हो लेकिन इससे हमारा हौसला कमजोर नहीं पड़ेगा। इससे हमारा हौसला और मजबूत हुआ है।’

नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री ने की चंद्रयान-2 की तारीफ

इसी बीच नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री जेरी लिनेंगर ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 मिशन के तहत विक्रम लैंडर की चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की भारत की साहसिक कोशिश से मिला अनुभव भविष्य में होने वाले मिशन में सहायक होगा। वर्ष 1986 से 2001 तक पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित रूसी अंतरिक्ष केंद्र मीर में लिनेंगर पांच महीने तक रहे थे। लिनेंगर ने कहा कि हमें इससे हताश नहीं होना चाहिए। भारत कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहा है जो बहुत ही कठिन है।

चंद्रयान-2 मिशन फेल नहीं हुआ, ISRO और भारत को हासिल होंगी ये चीजें…

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चंद्रयान-2 मिशन को ‘असफल’ कहना पूरी तरह से सही नहीं. ISRO प्रमुख के. सिवन भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भावुक होकर रो पड़े हों, पर वैज्ञानिकों के लिए उम्‍मीदें बरकरार हैं. लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को ही नुकसान हुआ है. चंद्रयान-2 का 95 फीसदी हिस्‍सा यानी ऑर्बिटर चंद्रमा का चक्‍कर लगाता रहेगा.

मिशन का अधिकतर साइंटिफिक डेटा ऑर्बिटर से ही आना था, लैंडर और रोवर से नहीं. पूरे मिशन के इकलौते पेलोड- एक NASA लेजर रिफ्लेक्‍टर को लैंडर के साथ जोड़ा गया था.

इस पूरे मिशन पर 14 साइंटिफिक इंस्‍ट्रूमेंट्स लगाए गए थे. इनमें से 8 ऑर्बिटर में हैं. ऑर्बिटर अभी चंद्रमा की कक्षा में साल भर तक चक्‍कर लगाता रहेगा और उसपर तैनात इंस्‍ट्रूमेंट्स अपना डेटा ISRO को भेजते रहेंगे. दूसरी तरफ, लैंडर और विक्रम केवल 15 दिन तक ही डेटा भेज पाते. यानी चांद को जानने की भारतीय कोशिशों को कोई खास झटका नहीं लगा है.

ऑर्बिटर चंद्रमा की कई तस्वीरें लेकर इसरो को भेज सकता है. ऑर्बिटर लैंडर की तस्वीरें भी लेकर भेज सकता है, जिससे उसकी लोकेशन के बारे में पता चल सकता है.

ऑर्बिटर पर हैं ये इंस्‍ट्रूमेंट्स

ऑर्बिटर पर दो कैमरा लगे हैं. ऑर्बिटर हाई रेजोल्‍यूशन कैमरा (OHRC) एक ही लोकेशन की अलग-अलग ऑर्बिट से अलग-अलग एंगल्‍स से दो बार तस्‍वीरें लेते हैं. इसके अलावा एक टेरेन मैपिंग कैमरा (TMC2) पूरे चांद की सतह का 3D मैप तैयार करेगा. इन दोनों के डेटा से भविष्‍य के मिशंस की तैयारियों में मदद मिलेगी.

एक सोलर एक्‍सरे मशीन भी ऑर्बिटर के साथ है. यह मशीन चांद की जमीन पर सिलिकॉन, कैल्शियम, एलुमिनियम, लोहा, सोडियम और मैग्‍नीशियम के लेवल्‍स का पता लगाएगी.

इमेजिंग इंफ्रारेड स्‍पेक्‍ट्रोमीटर पूरे चांद पर पानी के संकेत ढूंढेगा. इसके अलावा डुअल फ्रीक्‍वेंसी सिंथेटिक अपर्चर रडार भी लूनार मैपिंग करेगा. इसके अलावा दो इंस्‍ट्रूमेंट्स को चांद के वातावरण का पता लगाने भेजा गया है.

अगर लैंडर सच में खो गया हो तो ISRO को साउथ पोल के नजदीक जमीन का डेटा नहीं मिलेगा. हालांकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर साउथ पोल के ऊपर से गुजरेगा और डेटा कलेक्‍ट करेगा.

चंद्रयान-2 : इसरो के पूर्व प्रमुख ने कहा- चिंता की जरूरत नहीं, मिशन के 95 प्रतिशत उद्देश्य पूरे हुए

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  • इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि चंद्रयान-2 अपने मिशन के 95 प्रतिशत उद्देश्यों में सफल रहा है
  • पूर्व अध्यक्ष नायर ने कहा कि ऑर्बिटर सही है चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है
  • उन्होंने कहा कि आर्बिटर अंतरिक्ष में पहुंच गया है और उसे मानचित्रण का काम अच्छे से करना चाहिए

इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 अपने मिशन के 95 प्रतिशत उद्देश्यों में सफल रहा है। अंतरिक्ष विभाग के पूर्व सचिव एवं अंतरिक्ष आयोग के पूर्व अध्यक्ष नायर ने कहा कि ऑर्बिटर सही है चंद्रमा की कक्षा में सामान्य रूप से काम कर रहा है। वहीं चंद्रयान-2 के चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने सहित कई अन्य उद्देश्य थे।

चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने पर नायर ने शनिवार को कहा कि मुझे लगता है कि हमें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं कहूंगा कि मिशन के 95 प्रतिशत से अधिक उद्देश्य पूरे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आर्बिटर अंतरिक्ष में पहुंच गया है और उसे मानचित्रण का काम अच्छे से करना चाहिए। करीब एक दशक पहले चंद्रयान-1 मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद चंद्रयान-2 मिशन शुरू किया गया, जिसमें एक ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल था।

नायर ने हालांकि कहा कि लैंडर से संपर्क टूट जाना बेहद निराशाजनक है और उन्होंने इसकी कल्पना कभी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए निराशाजनक है। पूरे देश को इससे उम्मीद थे।

पूर्व इसरो प्रमुख ने कहा कि जब 2.1 किलोमीटर तक दूरी बची थी, उस समय अभियान बेहद जटिल था। हममें से आधे लोग हाथ थामकर बैठे थे क्योंकि कई यंत्रों और थ्रस्टर को सही तरह से काम करना था। तभी अंतिम उद्देश्य को पाया जा सकता था।

नायर ने कहा कि कम से कम 10 ऐसे बिंदु हैं, जहां गलती गलती हो सकती थी, हालांकि वास्तव में गलती कहां हुई इसके बारे में अभी अनुमान लगाना कठिन होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर उन्हें भरोसा है कि इसरो गलती कहां हुई इसकी पहचान कर लेगा।

गौरतलब है कि चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था। संपर्क तब टूटा, जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था।

लैंडर को शुक्रवार देर रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया।