प्रधानमंत्री मोदी का सेशेल्स दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के बाद सोमवार को भारत लौटे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने राष्ट्रपति, स्पीकर और उपराष्ट्रपति को विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों में भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली।
राष्ट्रपति को भेंट किया गया कछुआ
सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी को मुरादाबाद के शिल्पकारों द्वारा निर्मित एक कलात्मक कछुआ भेंट किया गया। यह कछुआ भारत की हस्तशिल्प परंपरा का प्रतीक है और इसे ज्ञान, स्थिरता और दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है। यह उपहार सेशेल्स के एल्डाब्रा जायंट टॉर्टॉइज से भी जुड़ता है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता और प्रकृति संरक्षण के मूल्यों को दर्शाता है।
स्पीकर को मिली टोडा कढ़ाई वाली शॉल
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद की स्पीकर अजारेल अर्नेस्टा को टोडा जनजाति की पारंपरिक कढ़ाई से बनी शॉल भेंट की। यह शॉल सफेद कपड़े पर लाल और काले डिजाइनों से सुसज्जित है, जो टोडा समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है।
उपराष्ट्रपति को दी गई ऑर्किड पेंटिंग
सेशेल्स के उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्लई को सिक्किम की ऑर्किड पेंटिंग भेंट की गई। इस चित्रकला में भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर को ऑर्किड के फूलों के बीच दर्शाया गया है, जो दोनों देशों की जैव विविधता और सांस्कृतिक सौहार्द का प्रतीक है।
प्रथम महिला को भेंट किए गए उपहार
राष्ट्रपति हर्मिनी की पत्नी वेरोनिक हर्मिनी को पीएम मोदी ने महेश्वरी सिल्क स्टोल और बिदरी शिल्प का बॉक्स भेंट किया। महेश्वरी स्टोल हल्के वजन और आकर्षक डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है, जबकि बिदरी बॉक्स भारतीय धातुकला की अनूठी परंपरा का उदाहरण है।
कांचीवरम सिल्क का उपहार
प्रधानमंत्री मोदी ने उपराष्ट्रपति की पत्नी लीना पिल्लई को कांचीवरम सिल्क फैब्रिक भेंट किया। यह रेशमी वस्त्र अपनी चमक और जरी के बारीक काम के लिए जाना जाता है, जो भारतीय वस्त्र कला की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।



