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जल्द पत्नी से तलाक लेने जा रहा है यह मशहूर एक्टर, कहा- ‘वो अब भी स्पेशल है…

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टीवी के बहुत ही शानदार एक्टर और फिल्म एक्टर राकेश बापट ने अभी कुछ समय के लिए हिंदी टीवी इंडस्ट्री को बाय बाय कर दिया है और वह मराठी सिनेमा पर ध्यान दे रहे है.ऐसे में हाल ही में उनके उनकी पत्नी से तलाक की खबरें भी आ रहीं हैं. वहीं हाल ही में उन्होंने अपने करियर और अपनी लाइफ के बारे में बातें की. उन्होंने कहा, ‘ मैंने पुणे में बेस शिफ्ट कर लिया है. अभी 2 प्रोजेक्ट है, एक ऐतिहासिक (सर्सेनापती हांबर्राओ) और दूसरा मेरा होम प्रोडक्शन है.”

वहीं आगे उन्होंने कहा, ”मराठी फिल्म इंडस्ट्री सबसे ज्यादा सोर्टेड इंडस्ट्री है, बहुत ज्यादा अच्छे कॉन्सेप्ट के साथ जो दिल से बनाए गए है. हमारे टॉपिक आपको बहुत पसंद आएंगे. खुद एक निष्ठावान रचनात्मक व्यक्ति होने के नाते, मुझे ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद है जो कला से प्यार करते हैं न कि तामझाम से. बॉलीवुड फिल्म और मराठी फिल्मों के बीच इतना ही अंतर है कि बॉलीवुड फिल्में कहानी को बताने का अलग तरीका इस्तमाल करते है, और दूसरी जगह हम कहानीपर अधिक ध्यान देते है. सबसे बड़ी चुनौती रेवेन्यू और पहुंच है, कई रीजनल इंडस्ट्री से विपरीत जैसे कि पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री कनाडा, यूएस और ऑस्ट्रेलिया में कहानी ढूंढ़ते है. हम अपने होम स्टेट तक ही सीमित है.”

वहीं आगे उन्होंने कहा, ”प्रोड्यूसर होने के नाते मैं मराठी वेब सीरीज भी बनाना चाहता हूं.” अपने पर्सनल लाइफ के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ”जैसा कि आप सब जानते है हमने तलाक की प्रोसीडिंग्स शुरू कर दी है. हम अभी भी अच्छे दोस्त है. मुझे लगता है हमारे रिश्ते अब अच्छे है, क्योंकि हम अब खुश है. प्यार है, सब कुछ सालो में इसकी परिभषा बदल गई है. वो मेरे लिए अभी भी स्पेशल है.

जानिए KBC में 5 करोड़ जीतने वाले सुशील कुमार इन दिनों क्या कर रहे हैं…

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बात कुछ साल 2011 की है। कौन बनेगा करोड़पति में पांच करोड़ का खिताब जीतने वाले सुशील कुमार जिन्हें पूरी दुनिया केबीसी विजेता के रूप में ही जानती है। लेकिन आज कल वह कुछ ऐसा काम कर रहे हैं जिससे वो आपका दिल भी जरूर जीत लेंगे और आपकी नजरों में उनकी पहचान भी बदल जाएगी।

इन दिनों सुशील कुमार पर्यावरण के मसलों पर काम करने में जुटे हुए हैं। बीते साल उन्होंने एक अभियान चलाया था। The Better India की एक खबर के अनुसार सुशील कुमार इन दिनों अपने इलाके में पौधे लगा रहे हैं। यह अभियान में सुशील कुमार ने बिहार के चंपारण में चलाया था। यहां पर उन्होंने करीब 70 हजार के करीब पौधे लगवाए हैं।

लगवाए चंपा के पौधे

दरअसल ऐसा बताया जाता है कि चंपारण का असली नाम चंपकारण्य है। यह नाम इसलिए हुआ क्योंकि यहां पर पहले वन में चंपा के पेड़ बहुत ज्यादा हुआ करते थे। अपने एक इंटरव्यू में सुशील ने कहा कि चंपारण का वासी होने के बाद भी मैंने दो-तीन साल तक यहां चंपा का कोई पेड़ नहीं देखा था।

यह बात मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं लगती थी। इसलिए मेरे मन में यह ख्याल आया क्यों न चंपारण क्षेत्र को फिर से चंपा के पेड़ों से भरपूर बनाया जाए। इन्होंने ये अभियान पिछले साल विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर यानि 22अप्रैल 2018 के दिन शुरू किया था।

पीपल और बरगद का भी रखा जाए ध्यान

सुशील ने पहले चंपा से चंपारण अभियान चलाया। इसमें सफलता मिलने के बाद वो कहते कि आज चंपारण में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां चंपा का पौधा ना हो। इसके बाद अब उन्होंने पीपल और बरगद के पेड़ को बचाने के लिए अभियान शुरू किया है। जिसे लोगों का पूरा सहयोग मिला।

काम कैसे करते हैं?

सुशील के साथ इस अभियान में फिलहाल काफी सारे लोग जुड़ चुके हैं। उनकी एक टीम इसको लेकर अगल-अलग इलाकों में काम करती हैं। वो पौधे लगाते हैं। फिर उसका विवरण रजिस्टर में लिख लेते हैं।

पौधारोपण के बाद वह हर महीने पौधे की हाजिरी भी लेते हैं ताकि यह पता चल जाए कि उन्होंने जो भी पौधा लगाया है वो कहीं सूख तो नहीं गया। अगर सूख भी गया या किसी पशु ने खा लिया तो उसके बदले नया पौधा लगाया जाता है। सुशील ने केबीसी में पांच करोड़ जीतने के साथ-साथ लोगों के दिल में भी अपनी एक खास पहचान बना ली हैं।

आयुर्वेद में बादाम भिगोने के बाद छीलकर खाने को क्यों कहा जाता है ?

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आयुर्वेद में बादाम भिगोने के बाद खाने की सलाह दी जाती है। बादाम खाने से अच्छी सेहत तो मिलती ही साथ में बीमारियां भी दूर रहती हैं। आयुर्वेद में मीठे बदाम खाने की बात कही गयी है। आयुर्वेद यह भी कहता है कि बादाम का छिलका निकालकर खाना चाहिए। बादाम को रात में पानी में भिगाकर फिर सुबह उसका छिलका निकालकर खाना ज्यादा हेल्दी होता है। ये सारी बातें आयुर्वेद कहता है लेकिन क्या आपको पता है ऐसा क्यों है ?

बादाम में कई विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। बादाम विटामिन ई, जिंक, कैल्शि‍यम, मैग्नीशि‍यम और ओमेगा 3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्त्रोत है। इन सभी पोषक तत्वों का पूरा फायदा मिल सके, इसके लिए बादाम को रातभर भिगोकर रखना अच्छा माना जाता है।

आयुर्वेद में बादाम भिगोने के बाद खाने को क्यों कहा जाता है ?

क्यों भिगोने के बाद खाएं बादाम अगर आप बादाम बिना भिगोए हुए और बिना छीले हुए खाएंगे तो खून में पित्त की मात्रा बढ़ जाती है। सबसे अच्छा तरीका है कि बादाम को गुनगुने पानी में भिगोकर रात भर के लिए रख दें और सुबह छीलकर खाएं। शायद इसलिए आयुर्वेद में बादाम भिगोने के बाद खाने की सलाह दी जाती है।

बादाम के छिलके में टैनिन होता है जो पोषक तत्वों को अवशोषित होने से रोकता है। जब आप बादाम भिगोते हैं तो छिलका आसानी से निकल जाता है और फिर बादाम के सारे फायदे शरीर को मिलने में कोई रुकावट नहीं होती है।

बादाम भिगोने के बाद खाने के कई फायदे हैं

पाचन में मदद, हार्ट की सेहत अच्छी होती है। वजन कम करने में मदद करता है। इसके अलावा ये एंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं।

कितना खाएं बादाम

आप दिन भर में 10 बादाम खा सकते हैं लेकिन खाली पेट सिर्फ बादाम खाने से बचना चाहिए। अगर खाली पेट हैं तो सब्जियों और फल के साथ बादाम खा सकते हैं।

Chandrayaan 2: प्रसून जोशी ने इसरो के वैज्ञानिकों के नाम लिखी खूबसूरत कविता

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Chandrayaan 2 का भले ही चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग से पहले इसरो से संपर्क टूट गया हो, लेकिन पूरा देश आज अपने वैज्ञानिकों पर गर्व कर रहा है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों की तारीख की और कहा कि आपने जो काम किया वह छोटा नहीं था.

लैंडर विक्रम के चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग से पहले सेंसर बोर्ड के चीफ और मशहूर गीतकार प्रसून जोशी ने इसरो के नाम एक कविता लिखी. जिसमें उन्होंने चंद्रयान 2 मिशन में लगे वैज्ञानिकों की तारीफ की. जोशी ने अपनी इस कविता को अपने फेसबुक वॉल पर शेयर किया है.

प्रसून जोशी ने लिखा-

चन्द्रयान की टीम ने देखो
कैसा अद्भुत काम किया
युगों युगों से सूत कातती
अम्मा को आराम दिया

यही चाँद माँगा करता था
मोटा एक झिंगोला
इसी चाँद का मुँह टेढ़ा था
यही था वो अलबेला

अब मय्या से ज़िद ना करेंगे
बाल कृष्ण मुसकाएँगे
चन्द खिलौना हाथ में ले कर
लीला नयी रचाएँगे

और हम भी अब पास से जा कर
देखेंगे बस घूर के
और ना कहेंगे चन्दा को हम
चन्दा मामा दूर के

चंद्रयान 2 इसरो का महत्वाकांक्षी मिशन था, इसकी शुरुआत करीब 11 साल पहले शुरु की गई थी. 22 जुलाई 2019 को इसरो ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसे लॉन्च किया था. उसके बाद से ही चंद्रयान 2 अपना सफर सफलतापूर्वक पूरा करता जा रहा था.

चंद्रयान 2 ने पहले पृथ्वी के चार चक्कर लगाए उसके बाद वह चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश हुआ था. उसके बाद इसने चांद के पांच चंक्कर लगाए और उसके बाद लैंडर विक्रम, ऑर्बिटर से अलग हो गया था. 07 सितंबर की रात एक बजकर 30 मिनट से रात 2 बजकर 30 बजे के बीच इसे चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी, लेकिन रात 1.38 बजे इसका इसरो से संपर्क टूट गया और पूरे इसरो मुख्यालय में खामोशी पसर गई.

इसरो के वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि लैंडिर विक्रम सकुशल चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कर लेगा. पहले लगा कि कुछ समय में लैंडिंग विक्रमा का डेटा ऑर्बिटर के जरिए मिलना शुरु हो जाएगा, लेकिन इसरो की ये उम्मीद पूरी ना हो सकी. उसके बाद पीएम मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को ढांढस बढ़ाया और कहा कि आपने जो काम किया वह कोई छोटा नहीं था.

‘विक्रम’ से संपर्क टूटा, लेकिन ISRO की टीम की साथ पूरा देश खड़ा है

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मिशन चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’ चांद की सतह पर उतरने से पहले इसरो से संपर्क टूट गया. इसरो के मुताबिक, रात 1:37 बजे लैंडर की चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. लेकिन करीब 2.1 किमी ऊपर संपर्क टूट गया. हालांकि मिशन के असफल होने पर अभी इसरो की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है.

7 सितंबर तड़के चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरना था. इस प्रक्रिया को देखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी खुद बेंगलुरु स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुख्यालय में मौजूद थे. वह उपग्रह नियंत्रण केंद्र (एससीसी), इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) से इस अद्भुत पल को देखने पहुंचे थे.

राहुल गांधी ने भी कहा- हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा है

राहुल गांधी ने कहा, “इसरो की टीम को चंद्रयान-2 मून मिशन पर शानदार काम के लिए बधाई. आपका जुनून और हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा है.” विक्रम को चंद्रमा की सतह के करीब तक पहुंचाने में इसरो की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए राहुल ने कहा, “आपका का काम बेकार नहीं जाएगा. इसने कई बेजोड़ और महत्वाकांक्षी भारतीय अंतरिक्ष मिशनों की बुनियाद रखी है.”

PM से पूछा कैसे बने राष्ट्रपति?मोदी बोले- प्रधानमंत्री क्यों नहीं

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चंद्रयान-2 के लैंडर ‘विक्रम’ की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग देखने के लिए बीती रात इसरो सेंटर में मौजूद एक स्टूडेंट और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच मजेदार बातचीत देखने को मिली. दरअसल इस स्टूडेंट ने पीएम मोदी से पूछा था- ”मैं भारत का राष्ट्रपति बनना चाहता हूं, तो मुझे कौन से कदम उठाने चाहिए?” इसके बाद पीएम मोदी ने कहा- ”राष्ट्रपति क्यों? प्रधानमंत्री क्यों नहीं?”

60 हाई स्कूल स्टूडेंट्स ने पिछले महीने एक ऑनलाइन स्पेस क्विज क्लियर किया था. इसके बाद इन स्टूडेंट्स को बेंगलुरु के इसरो सेंटर में पीएम मोदी के साथ चंद्रयान-2 मिशन के अहम पलों को देखने के लिए चुना गया था.पीएम मोदी ने इन स्टूडेंट्स को जिंदगी में बड़ा सोचने और लक्ष्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की सलाह दी. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ”आप जो गंवा चुके हो, उसके बारे में भूल जाओ. कभी भी निराशा को अपने रास्ते में मत आने दो.”

बता दें कि लैंडर ‘विक्रम’ 6 और 7 सितंबर की दरम्यानी रात चांद के दक्षिणी धुव्रीय क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग करने जा रहा था. मगर जब ‘विक्रम’ चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की दूरी पर था, इसका संपर्क इसरो से टूट गया. इसके बाद इसरो चीफ के सिवन ने कहा कि हम डेटा एनालाइज कर रहे हैं.

Nokia ने ट्रिपल कैमरे में क्या ये दमदार स्मार्टफोन लांच, जानिए क्या है कीमत

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भारत में इन दोनो फोन्स को इस महीने के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि कम्पनी ने इस संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। आज हम आपको इन दोनों फोन्स के कीमत एवं स्पेसिफिकेशन्स के बारे में विस्तार से बतायेंगे।

Nokia 7.1
Nokia 7.2 फोन सेयान ग्रीन, चारकोल और आइस कलर्स में मिलेगा। नोकिया 7.2 की शुरुआती कीमत 249 यूरो (करीब 19,800 रुपये) होगी। स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो इस फोन में वाटर ड्रोप नोच के साथ 6.3 इंच का फूल एचडी+ डिस्पले दिया गया है जो Nokia के पेटेन्ट प्योरव्यू टेक्नोलोजी के साथ आता है. परफोर्मेंस के मामले में भी यह फोन आपको निराश नहीं करेगा. इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 660 प्रोसेसर का इस्तमाल किया गया है। जिसके साथ 6 जीबी की रैम और 128 जीबी की स्टोरेज दी गई है। इस स्मार्टफोन में 3500 mAh की बैटरी दी गई है।

Nokia ने इस बार फोन केइमेजिंग डिपार्टमेंट में खास ध्यान दिया है। नोकिया 7.2 के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। जिसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर दिया गया है। इसके अलावा इसमें 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और 8 मेगापिक्सल का वाइड-एंगल शूटर है। हैंडसेट में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 20 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।

Nokia 6.2
नोकिया सेरामिक ब्लैक और आइस कलर में उपलब्ध होगा। यूरोपीय मार्केट में इसकी कीमत 199 यूरो (करीब 15,800 रुपये) से शुरू होगी। इसमें 6.3 इंच का फुल-एचडी+ प्योरव्यू डिस्प्ले दिया गया है। फोन में ऑक्टाकोर स्नैपड्रैगन 636 प्रोसेसर के साथ 4 जीबी रैम और 128 जीबी की स्टोरेज दी गई है। इस स्मार्टफोन में 3500 mAh की बैटरी दी गई है।

फोटोग्राफी के लिए नोकिया 6.2 में भी तीन रियर कैमरे हैं। प्राइमरी सेंसर 16 मेगापिक्सल का है। इसका अपर्चर एफ/ 1.8 है। इसके साथ 5 मेगापिक्सल का डेप्थ सेंसर और साथ में एफ/ 2.2 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का वाइड एंगल सेंसर है। फोन में एफ/ 2.0 अपर्चर वाला 8 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है।

RSS पुरे देश में NRC लागू करने की कर सकती है मांग!

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राजस्थान के शहर पुष्कर में शनिवार से शुरू होने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के तीन दिवसीय सम्मेलन में कश्मीर चर्चा के केंद्र में होगा। साथ ही सूत्रों का कहना है कि इसमें राष्ट्रव्यापी नागरिक रजिस्टर (NRC) का मुद्दा भी उठ जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले संविधान के विवादास्पद अनुच्छेद-370 को हटाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने संबंधित एक प्रस्ताव भी पारित कर सकता है। RSS उक्त अनुच्छेद को हटाने के लिए लंबे समय से मांग करता रहा है।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) की अंतिम सूची हाल ही में जारी हुई है, जिसमें काफी बांग्लाभाषी हिंदू आबादी सूची से बाहर हो गई है।

इसके बाद असम के राज्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि हिंदुओं की देखभाल करना भारत की जिम्मेदारी है। उनका इशारा नागरिकता विधेयक की तरफ माना गया था।

RSS असम में NRC सूची से बाहर हुई हिंदू आबादी की सुरक्षा की मांग कर सकता है। दिल्ली में RSS के एक सूत्र ने बताया कि भविष्य में संघ की ओर से राष्ट्रव्यापी NRC की मांग करने की काफी संभावना है।

वृद्ध फरियादियों को देख बीच रास्ते मे गाड़ी से उतरकर SP ने सुनी फ़रियाद!

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शामली। ऐसे ही नहीं एसपी शामली ने शामली जनपद की 25 लाख की आबादी का भरोसा और प्यार जीता है। इसके लिए उन्होंने दिन-रात कठिन परिश्रम किया है। अपने कार्यालय और कैम्प ऑफ़िस के दरवाज़े जनता के लिए हमेशा खुले रखे हैं। सभी से मिलना, सबकी बातें ध्यान से सुनना और गुण-दोष के आधार पर तुरंत ही निर्णय ले लेना कोई एसपी अजय कुमार से सीखे।

यह वाक़या तारीख़ 6 सितम्बर 2019, दिन शुक्रवार का है। एसपी अजय कुमार अपने कार्यालय पर जनसुनवाई करने के बाद, और बाकी कामों को भी निपटा कर करीब 1 बजे अपनी सरकारी कार में बैठ कर निकल चुके थे।

कार्यालय से करीब 1 किलोमीटर जाने के बाद ही एक ई-रिक्शा आता हुआ दिखा, जिसमें एक वृद्ध दम्पति बैठे हुए थे। उनके हाथ में एक काग़ज़ था जिसको थामे वे एसपी की तरफ़ इशारा कर ही रहे थे कि कार में बैठे हुए एसपी शामली अजय कुमार की नज़र उन पर पड़ गई।

एसपी को यह समझते देर न लगी कि ये वृद्ध दम्पति कोई और नहीं बल्कि कोई फ़रियादी हैं। उन्होंने तुरंत अपनी सरकारी कार रूकवाई, जल्दी-जल्दी उतरे और वृद्ध दम्पति की तरफ़ बढ़ चले। उनको देखकर वृद्ध दम्पति की बूढ़ी आँखें आशा व विश्वास की किरणों से चमक उठीं।

वहीं मौक़े पर ही एसपी ने अजय कुमार ने उनकी सुनवाई की। उनके प्रार्थना पत्र पर कार्यवाही के लिए लिखा और उनकी पूरी मदद का भरोसा देकर फ़ील्ड-विज़िट और निरीक्षण के लिए निकल गए। इस दृश्य को जिसने भी देखा, उसी ने सराहा।

बताते चलें कि 2011 बैच की सीधी भर्ती के आईपीएस अजय कुमार ने पिछले साल 15-नवम्बर-2018 को शामली जिले की पुलिस-व्यवस्था की कमान सँभाली थी। तब से 11 माह के अब तक के बेदाग़ कार्यकाल में अपनी मेहनत, रणनीति, टीम भावना, संवेदनशीलता और ‘ह्यूमन टच’ के साथ काम करने की अपनी ज़बर्दस्त शैली के कारण लगातार सुर्ख़ियों में रहे हैं, और अपने काम के बलबूते समूची जनता का दिल जीतने में अब तक के सबसे कामयाब एसपी साबित हुए हैं।

72 घंटे तक खाना पकाने वाली दुनिया की पहली शेफ बनीं लता टंडन…

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नई दिल्ली। लांगेस्ट कुकिंग मैराथन के तीसरे दिन मध्य प्रदेश केरीवा की लता टंडन ने सबसे ज्यादा समय तक भोजन पकाने का विश्व रिकॉर्ड बना लिया है।

उन्होंने अमेरिका के रिकी लुम्पकिन के 68 घंटे 30 मिनट और 01 सेकंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए लगातार 72 घंटे तक खाना पकाने का नया रिकॉर्ड कायम करते हुए दुनिया की पहली मास्टर शेफ बन गई हैं।

लता टंडन के परफार्मेंस को देखने के लिए शुक्रवार को सुबह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की दो सदस्यीय टीम रीवा पहुंच गई थी। इससे पहले ऑनलाइन मॉनिटरिंग इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम कर रही थी।

लता ने 72 घंटे तक भोजन पकाने का लक्ष्य रखा था। जिसे उन्होंने शुक्रवार दोपहर 2 बजे पूरा कर लिया है। उन्होंने 03 सितंबर को सुबह 9 बजे से भोजन पकाने की शुरुआत की थी। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है। उन्होंने रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट भी मौके पर दे दिया है।