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आर्थिक मंदी झेल रहे पोल्ट्री उद्योग ने लगाई गुहार- संकट से निकालो सरकार

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राजनांदगांव (छत्तीसगढ़). गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे ऑटो, स्टील, टेक्सटाइल और कई अन्य सेक्टर की फेहरिस्त में अब पोल्ट्री उद्योग (Poultry Farm Industry) भी आ गया है. पोल्ट्री उद्योग से जुड़े कारोबारियों ने हर महीने गंभीर आर्थिक संकट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से राहत की मांग की है. उद्योग से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि इस समय देश में आर्थिक मंदी के कारण उपभोक्ता भी स्वयं के खर्चों में लगातार कमी कर रहा है, जिसका सीधा असर पोल्ट्री उत्पादकों की खपत पर पड़ रहा है. इससे एक तरफ जहां पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर इस उद्योग का लागत खर्च बढ़ गया है.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव स्थित पोल्ट्री कारोबार से जुड़ी प्रमुख कंपनी इंडियान ब्रॉयलर (IB Group) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सेंट्रल पोल्ट्री डेवलपमेंट एंड एडवाईजरी काउंसिल के पूर्व सदस्य बहादुर अली ने बताया कि पिछले दो माह से पशु आहार मक्का, कनकी और राइस ब्रॉन की कीमत लगभग 50 प्रतिशत बढ़ गई है. पोल्ट्री उत्पाद की बाजार कीमत औसत 35 प्रतिशत कम होने की वजह से देशभर के पोल्ट्री उद्योग से जुड़े किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि देश के पोल्ट्री फार्मरों को अपने उत्पादन मूल्य से 25 प्रतिशत कम मूल्य में व्यवसाय करना पड़ रहा है. पशु आहार की बढ़ती कीमत और पोल्ट्री उत्पाद के गिरते दाम को देखकर सप्लायर्स पोल्ट्री फार्म्स को पशु आहार की सप्लाई कम या बंद कर रहे हैं. कई छोटे कारोबारियों को तो सप्लायरों ने माल की आपूर्ति बंद कर दी है, क्योंकि उन पर पहले से ही करोड़ों का बकाया है. आईबी ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी अंजुम अल्वी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में कभी भी एक साल के भीतर न तो पशु आहार की कीमत इस तरह बढ़ी है और न ही पोल्ट्री उत्पाद की बाजार कीमतों में गिरावट देखी गई है. ऐसे में जबकि पिछले साल कम बारिश के कारण कृषि उत्पादन प्रभावित हुआ था, पोल्ट्री उद्योग से जुड़े किसान सरकार से लगातार यह मांग कर रहे हैं कि ड्यूटी-फ्री मक्का आयात की अनुमति दी जाए. लेकिन अभी तक सरकार ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया. यही वजह है कि पशु आहार की कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हो गया है.

20 लाख लोग होंगे प्रभावित उन्होंने बताया कि पोल्ट्री उद्योग में आई इस स्थिति को देखकर इससे जुड़े कारोबारी जल्द से जल्द सरकार से राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं. अल्वी ने कहा कि पोल्ट्री उद्योग में प्रत्यक्ष तौर पर 5 लाख लोग कारोबार कर रहे हैं. वहीं, अप्रत्यक्ष रूप से इस कारोबार से 20 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं. अगर सरकार ने जल्द ही इस उद्योग को बचाने का उपाय नहीं किया, तो मुर्गीपालन से जुड़े लाखों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र से लाखों लोग जुड़े हुए हैं. अगर सरकार इस उद्योग को बचाने में मदद नहीं करेगी, तो लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे.

छत्तीसगढ़ : नए राशन कार्ड में ससुर को बना दिया पति, नाम सुधरवाने के लिए नए सिरे से करना होगा आवेदन

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बीपीएल राशनकार्डों के (BPL Ration card) सत्यापन (Verification) का काम बुधवार तक 96 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. इसमें जिनका सत्यापन हो चुका है, उन्हें राशन कार्ड देने का काम बीते 1 सितंबर से शुरू कर दिया गया है. इस बीच रायपुर के सभी वार्डों से नए राशन कार्डों में काफी गड़बड़ी (inaccuracy) की शिकायत आ रही है. मिली जानकारी के मुताबिक नए राशन कार्डों के सत्यापन में रिश्ते को ही बदल दिया गया है. इन्हीं में से दो राशन कार्डों में पति को बेटा और ससुर को पति बना देने का मामला सामने आया है.

रायपुर के जोन क्रमांक-7 में मिली शिकायत के मुताबिक संगीता साहू के पति का नाम सुरेश साहू है, लेकिन राशन कार्ड में पति के नाम की जगह ससुर का नाम यानी अंकित साहू कर दिया गया है. इसी तरह दूसरा राशन कार्ड सुनीता बाघ का है. सुनीता ने शिकायत की है कि उसके पति के नाम की जागह पिता का नाम डाल दिया गया है. इतना ही नहीं मृत पति को भी कार्ड में जीवित बता दिया गया है.

इधर, विभागीय सूत्रों की मानें तो इस तरह की अब तक करीब 1500 शिकायतें उनके पास आ चुकी हैं. 

ऐसे में जिन राशनकार्डधारियों (Ration card holders) के कार्ड में गड़बड़ी मिली है उन्हें राशन कार्ड बनवाने के लिए फिर से सारी प्रक्रिया करनी पड़ेगी. पहले कार्डधारी को जोन कार्यालय (Zone office) में जाकर दोबारा नए सिरे से आवेदन करना होगा. इसके बाद फिर से टीम सत्यापन की जांच करेगी. फिर नया राशन कार्ड प्रिंट होगा और वितरण किया जाएगा. 

आवेदन नहीं मिलने की बात कह कर दिया अपात्र

इधर, हजारों लोगों को बिना किसी वजह के अपात्र घोषित कर दिया गया है. जिन लोगों के आवेदन फॉर्म जमा किए थे, उन्हें आवेदन नहीं मिलने के कारण अपात्र कर दिया गया. मालूम हो कि राशन कार्ड की आवश्यकता कई स्थानों और कार्यों में पड़ती है. ऐसे में अगर कार्ड में पति का नाम गलत होगा तो बच्चों के एडमिशन में दिक्कत आएगी.

नए राशन कार्ड से राशन मिलने की शिकायत

नए राशन कार्ड वितरण होने के बाद भी लोग जब राशन लेने दुकान पहुंच रहे हैं, तो उन्हें खाली हाथ वापस भेज दिया जा रहा है. दुकान संचालकों का कहना है कि पुराने राशन कार्ड में सितंबर माह का राशन मिलेगा और नए राशन कार्ड में अक्टूबर माह से राशन वितरित किया जाएगा.

भारतीय महिला ने रिकॉर्ड 74 साल की उम्र में जुड़वां बच्चों को दिया जन्म

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आंध्रप्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के द्रक्षारामाम की ई मंगायम्मा ने गुरुवार को IVF तकनीक से 2 जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर एस. उमाशंकर के अनुसार अधिक उम्र में बच्चों को जन्म देने के मामले में यह नया विश्व रिकॉर्ड है।

मंगायम्मा की शादी को 54 साल हो गए लेकिन वे संतानहीन थीं। मंगायम्मा और उनके पति वाई. राजा राव ने पिछले साल के अंत में आईवीएफ विशेषज्ञों से संपर्क किया था।

चार डॉक्टरों की एक टीम ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। मां और बच्चे दोनों स्वस्थ और ठीक हैं। बच्चियों का वजह 1.8 किलो है। प्रसव के बाद मंगायम्मा ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं। भगवान ने हमारी प्रार्थना सुन ली।’ प्रसूता बच्चों को स्तनपान कराने में असमर्थ है इसलिए बच्चों को मिल्क बैंक की मदद से फीडिंग कराई जाएगी।

इससे पहले राजस्थान की दलजिंदर कौर 70 वर्ष की उम्र में मां बनी थीं। उन्होंने 2016 में IVF प्रक्रिया के माध्यम से एक बच्चे को जन्म दिया था।

छत्तीसगढ़ : कृषि विवि ने तैयार की कीट की ऐसी प्रजाति, जो गाजर घास को करेगी नष्ट

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। गाजर घास की समस्या से अब प्रदेशभर के किसानों को आने वाले कुछ वर्षों में जल्द राहत मिलेगी। इंदिरा गांधी कृषि विवि के कीट विभाग की जैविक कीट नियंत्रण प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों ने चटख चांदनी, जिसे गाजर घास भी कहा जाता है, उसकी बढ़ रही पैदावार को रोकने के लिए रिसर्च किया। पार्थीनियम का जैविक नियंत्रण मैक्सीकन बीटल (जाइगोग्रामा बाईकोलोरेटा) कीट के प्रजनन कार्यकाल पर यह शोध हुआ। इससे स्थानीय क्लाइमेंट के आधार पर टिश्यू कल्चर कर मैक्सीकन बीटल कीट तैयार किया गया है।

किसानों को प्रशिक्षण देकर उन्हें खेत के आसपास क्षेत्रों में दवा का छिड़काव करने को कहा गया। ज्ञात हो कि इसके परिणाम बहुत बेहतर मिल रहे हैं। उम्मीद की जा रहा है कि जैसे – जैसे इनकी संख्या बढ़ेगी, उसके आधार पर गाजर घास की पैदावार कम हो जाएगी। देश में इसकी आवक अमेरिका से 1954 में गेहूं के आयात के साथ हुई थी, जो कि अधिकांश मैदानी क्षेत्रों में पाया जाता है।

हफ्तेभर में चट कर जाएगे पत्ते

विभाग की प्रभारी डॉ.जया गांगुली ने बताया कि रिसर्च के बाद देखा गया है कि एक वयस्क बीटल एक पार्थीनियम के पूर्ण पौधे व पत्तियों को लगभग एक हफ्ते में खा सकता है, जो कि बैंगलोर, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में 10 से 12 दिन लगते हैं। प्रदेश का क्लाइमेंट सामान्य होने के कारण वनस्थलीय क्षेत्र है। वहीं रिसर्च के दौरान कई प्रमुख समस्याएं आईं।

इसमें कीट के अंडे अधिक समय तक रह नहीं पाते थे, जबकि अंडे से बच्चे तैयार होने में महज दो से चार दिन लगता है। इसके लिए विवि के लैब में प्रजनन, अंडे से बच्चे तैयार होने के कार्यकाल को रिसर्च किया गया ।

विभाग में विभिन्न् कीटों पर रिसर्च कर रहे शोध छात्र सचिन जायसवाल की माने तो इस कीट के वयस्क एवं इल्ली दोनों ही पार्थीनियम के पत्तों को खाने लगे हैं। इस तरह से इससे अंडे से सुरक्षित बच्चे तैयार करने में सफलता पायी गई यानी कीट तैयार होने के लिए टिश्यू कल्चर के सिस्टम से स्थानीय क्लाइमेंट में सफलता मिली है।

एक हजार कीटों का हुआ वितरण 

विभाग से किसानों को लगभग एक हजार की संख्या में कीट का वितरण किया गया है, जिससे इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया गया। जिसमें किसानों को बताया कि किस प्रकार से इनकी पैदावार को कम किया जा सकता है।

ज्ञात हो कि हर प्रकार के वातावरण में उगने की अभूतपूर्व क्षमता वाली गाजर घास एक खरपतवार है, जो 90 सेमी से 100 मीटर ऊंची होती है। इसकी पत्तियां गाजर या गुलदाउदी की पत्तियों की तरह होती हैं। अक्सर सड़क के किनारे, खेत के मेड़ पर पाई जाती है। फूल सफेद रंग के छोटे-छोटे तथा शाखाओं के शीर्ष पर लगते हैं।

स्वास्थ्य पर इसके कुप्रभाव 

– गाजर घास की वजह से मनुष्य में तरह-तरह के चर्म रोग हो जाते हैं। 

– संपर्क लगातार बने रहने पर शरीर की चमड़ी के ऊपर एक्जीमा की तरह प्रभाव पड़ता है। 

-चर्म रोग के अतिरिक्त पार्थीनियम के कारण श्वांस संबंधी बीमारियां जैसे दमा (अस्थमा) आदि भी होते हैं।

महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर हुआ बड़ा सर्वे, ये पार्टी है सबसे आगे

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पीएम नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान समेत भारत के उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेसी नेता राहुल गांधी जैसे दिग्गजों ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के इस फैसले पर विरोध जताया। अनुच्छेद 370 खत्म कर भारतीय जनता पार्टी सरकार ने जो सफलता हासिल की है, उसका सीधा असर आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव-2019 में भी देखने को मिल सकता है।

महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर बड़ा सर्वे

हाल ही में महाराष्ट्र की विधानसभा सीटों पर बड़ा सर्वे हुआ। आपको बता दें कि महाराष्ट्र में विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं। सर्वे के मुताबिक अगर बीजेपी महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ती है तो उसे 160 सीटें हासिल हो सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ अगर बीजेपी और शिवसेना एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें तो इस गठबंधन को कुल 229 सीटें मिलने का अनुमान है।

ये रहा सर्वे का नतीजा

सर्वे के नतीजों से साफ पता चलता है कि बीजेपी पार्टी सबसे आगे है। ऐसे में अगर बीजेपी अकेले चुनाव लड़ती है तब भी वह बहुमत का आंकड़ा छू लेगी। यानी गठबंधन में शिवसेना रहे या ना रहे, बीजेपी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि यह सर्वे बीजेपी ने खुद कराया है।

बड़ी खबर : वो दिन दूर नहीं जब आजादी के स्तंभ ढह जाएंगे: कपिल सिब्बल

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने इशारों इशारों में मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट किया, हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा कौन करेगा? सरकार? सीबीआई? ईडी? या आयकर अधिकारी? अथवा अदालतें? अगर अदालतें मान लेंगी कि ईडी और सीबीआई सही बोल रही हैं तो एक दिन भगवती से वेंकटाचलिया युग में निर्मित स्वतंत्रता के स्तंभ ढह जाएंगे। वह दिन दूर नहीं है।

बैकफुट पर ट्रैफिक पुलिस, अब 15 दिन तक नहीं कटेंगे वाहनों के चालान!

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गुरुग्राम. दो पहिया और चार पहिया वाहनों सहित सभी वाहन चालकों के लिए खुशखबरी है. अब आज से अगले 15 दिन तक उनके नहीं कटेगा. 25 हजार और 59 हजार से भारी-भरकम रकम चालान के रूप में नहीं वसूली जाएगी. चालान काटने का रिकॉर्ड बनाने जा रही (Traffic Police) अब बैकफुट पर है. इसके पीछे पुलिस का तर्क है कि कुछ दिन चालान (Challan) काटने के बजाए पुलिस (Police) वाहन चालकों को जागरुक करने का काम करेगी. और यह सब होगा दिल्ली (Delhi) से सटे गुरुग्राम (Gurugram) में जहां से लगातार बड़ी रकम के चालान काटने की खबरें आ रहीं थी.

23 हजार से शुरू होकर 59 हजार रुपए तक वाहनों के काटे गए चालान 

1 सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद हरियाणा ऐसा राज्य है जहां से भारी-भरकम चालान काटे जाने की सबसे ज्यादा खबरें आईं थी. सबसे पहले 15 हजार रुपए वैल्यू की स्कूटी का 23 हजार का चालान भी गुरुग्राम में ही काटा गया था. फिर बुधवार को यहां एक ट्रैक्टर का चालान 59 हजार रुपये काटा गया था. इसके बाद तो मानो जैसे बड़ी-बड़ी रकम के चालान काटने की गुरुग्राम पुलिस में होड़ सी मच गई थी. तीन वाहनों के एक लाख से अधिक के चालान काटे गए. बुलेट से पटाखे जैसी आवाज़ निकालने पर 17 हजार से ज्यादा का चालान काटा गया.

जमा कराई गईं चालान काटने वाली मशीन सूत्रों की मानें तो इलेक्ट्रोनिक चालान मशीन (ईसीएम) जमा करा ली गई हैं. ईसीएम लेकर चलने वाले ज़ोनल अफसरों से यह कहकर मशीन जमा कराई गई है कि अगले 15 दिन तक कोई चालान नहीं काटा जाएगा. ट्रैफिक पुलिसकर्मी अब ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के साथ सिर्फ लोगों को जागरुक करने का काम करेंगे.

क्या इसलिए जारी किया गया है चालान न काटने का फरमान 

जानकारों की मानें तो ऐसी चर्चा है कि चालान न काटने का फरमान हरियाणा में जल्द होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए जारी किया गया है. लागू नए मोटर व्हीकल एक्ट से जनता नाराज़ न हो जाए. साथ ही विपक्ष इस मामले को तूल देकर मुद्दा न बना ले, इसलिए फिलहाल कुछ दिन चालान काटने का काम रोका गया है. बता दें कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में चुनाव आचार संहिता जल्द लागू होने जा रही है. इस बारे में क्या कहती है गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस 

एसीपी ट्रैफिक अशोक कुमार का इस बारे में कहना है, “ऐसा नहीं है कि हमने चालान काटना बंद कर दिया है. हम चालान काटने वाली मशीनों को अपटेड करने के लिए जमा करा रहे हैं. और रहा सवाल जागरुकता अभियान चलाने का तो वो हम पहले से ही चला रहे हैं. गुरुवार को भी हमने एक स्कूल में जाकर अभियान चलाया था. कुछ दिन के लिए चालान न काटने जैसे कोई बात नहीं है.”

सोनिया का MP के नेताओं को निर्देश- मतभेद सुलझाएं, बयान देने से बचें

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बीच जारी मतभेद से खुश नहीं हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश इकाई के सभी गुटों को सख्त निर्देश दिया है. सोनिया गांधी ने कहा है कि वे अपने मतभेदों को सुलझाएं और एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक बयान देने से बचें.

सोनिया गांधी ने ये निर्देश तब जारी किया है जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाने की मांग की. इसके अलावा मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर परदे के पीछे रहकर सरकार चलाने के गंभीर आरोप लगाए.

बता दें कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई विधायकों ने कमलानथ के नेृतत्व वाली सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. पार्टी आलाकमान की ओर से निर्देश जारी होने के बाद लग रहा है कि सिंधिया ने अपने समर्थकों से प्रचार को बंद करने को कहा है.

सिंधिया के समर्थक और कमलनाथ सरकार के कुछ मंत्री राज्य में बैनर और पोस्टर लगाकर उनके लिए प्रचार कर रहे थे. वे सिंधिया को मध्य प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं. सोनिया गांधी के निर्देश का असर भी दिखने लगा है. सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाने वाले पोस्टर जो राजधानी भोपाल में लगे थे उसे हटा दिया गया है.

कमलनाथ ने की बैठक

इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजनीतिक मामलों की एक कैबिनेट उप समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें वन मंत्री उमंग सिंघार भी मौजूद थे. बैठक के बाद मंत्रियों ने कांग्रेस नेताओं में चल रहे मतभेद पर बयान देने से इनकार कर दिया.

प्रदेश कांग्रेस के नेता जिस तरह से सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के खिलाफ बयान दे रहे हैं उसका कमलनाथ सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों पर भी पड़ रहा है. निर्दलीय विधायक सुरेन्द्र सिंह शेरा ने कहा कि यह सरकार जिस तरह से काम कर रही है, ऐसा प्रतीत होता है कि भूकंप आया है.

उन्होंने कहा कि सात विधायक सरकार को समर्थन दे रहे हैं. जो भी हालात हैं उसको साफ करना चाहिए. क्योंकि उनका भविष्य इस सरकार पर ही निर्भर है.

वहीं दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार के बीच चाय पर प्रस्तावित बैठक की भी संभावना नहीं है. दिग्विजय ने सिंघार को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने मिलने का समय मांगा था. जवाब में वन मंत्री ने कहा था पूर्व मुख्यमंत्री का 4 सितंबर को स्वागत है. इसके जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे 6 सितंबर को वापस भोपाल लौटेंगे. सिंघर ने दिग्विजय को लिखा कि आपका 6 सितंबर को भी स्वागत है. लेकिन लगता नहीं है कि अब दोनों नेताओं में कोई बैठक होगी.

ग्रेटर नोएडा : लड़की के बुलेट चलाने पर भड़के दबंग, पिता पर चलाई गोलियां

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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में लड़की का बुलेट चलाना दबंगों को रास नहीं आ रहा है। दरअसल, एक पिता ने अपनी बेटी को बुलेट चलाने के दे दी। जिसके बाद दबंगों ने युवती को बुलेट चलाने से मना किया और उसके पिता को समझाने की कोशिश भी की। जब वह नहीं मानी तो उसके पिता के साथ मारपीट कर उसके ऊपर फायरिंग कर दी। जिसके बाद युवती के पिता ने इसकी शिकायत जारचा थाना पुलिस से की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र के मिलक खटना गांव का है। गांव निवासी सुनील कुमार पेशे से किसान है। उनकी चार बेटियां और दो बेटे है। छोटी बेटी दादरी के एक कॉलेज में सरकारी स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ती है। पढ़ाई के लिए वह बस से दादरी जाती थी। पिता की लाडली बेटी ने बस से कॉलेज जाने में परेशानी होने की बात कही। फिर पिता ने उसे नई बुलेट (रॉयल एनफील्ड) दिला दी। सुनील कुमार की मानें तो 31 अगस्त को वह रॉयल एनफील्ड बाइक पर दूध खरीदने के लिए स्थानीय बाजार गई थी।

सुनील कुमार ने बताया कि दुकान जाते गांव के कुछ ने उसे रोका और बाइक नहीं चलाने के लिए कहा। जब उसने कारण पूछा, तो आरोपियों ने कहा कि उन्हें लड़कियों का बाइक चलाना पसंद नहीं है। साथ ही गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। साथ ही दबंगों ने लड़की के पिता के ऊपर फायरिंग भी की। जिसके बाद लड़की के पिता सुनील कुमार ने जारचा थाने में पुलिस से शिकायत की।

जारचा के थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया यह मामला लड़की के बाइक चलाने का विरोध करने और परिवार को धमकी देने समेत अन्य कारणों को लेकर दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 504 (जानबूझकर अपमानित करना), 323 (जानबूझ कर चोट पहुंचाना), 352 (हमला या आपराधिक बल प्रयोग) और 425 (जबरन घर में घुसना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कहा कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।’

VIDEO: चलान कटने के बाद शख्स ने अपनी बाइक को आग के हवाले किया!

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ट्रैफिक के नए नियम लागू होने के बाद से ही देश भर में भारी भरकम चालान काटे जाने की खबरे सुर्खियां बन रही हैं। कल दिल्ली में भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक बाइक सवार का चालान कर दिया गया।

इंडिया टीवी न्यूज डॉट कॉम के अनुसार, चालान का फाइन सुनकर बाइक सवार को इतना गुस्सा आया कि उसने अपनी बाइक को पुलिसवालों के सामने ही आग लगा दी जिसके बाद पुलिसवालों ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। मामला दिल्ली के मालवीय नगर की है।

ट्रैफिक के नए नियम आने के बाद ट्रैफिक पुलिस की टीम गुरुवार को चेकिंग कर रही थी। खासकर ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों की पहचान की जा रही थी।

तभी पुलिस ने बाइक सवार राकेश नाम के युवक को रोका और पूछताछ में पुलिस ने पाया कि राकेश शराब के नशे में है। बस इसी आधार पर पुलिस ने राकेश का चालान कर दिया।

चालान करने के बाद पुलिस ने उसकी बाइक को भी जब्त कर लिया। तभी राकेश को इतना गुस्सा आया कि उसने अपनी बाइक को आग के हवाले कर दिया। बाइक सवार की इस हरकत से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया।

फौरन फायर ब्रिगेड को बुलाया गया लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची तब तक बाइक जलकर खाक हो चुकी थी। पुलिस ने राकेश के खिलाफ आईपीसी 453 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।