Home Blog Page 2700

शिक्षक दिवस आज : इ-लर्निंग के दौर में भी दुनिया में बढ़ रही शिक्षकों की मांग

0

टीचिंग का बढ़ा क्रेज, 40 प्रतिशत बढ़ी डिमांड 
हमारे समाज में माता- पिता के बाद अगर किसी को सबसे उच्च दर्जा दिया गया है, तो वे हैं शिक्षक. आजकल के युवाओं में भी टीचिंग प्रोफेशन को लेकर क्रेज बढ़ा है, क्योंकि यह एक ऐसा फील्ड है, जहां लोगों को सबसे ज्यादा सम्मान मिलता है.

एक जॉब साइट के सर्वे के मुताबिक, 2018-19 में टीचिंग से संबंधित जॉब खोजने वालों की संख्या में 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. सर्वे के मुताबिक, एक ओर पूरी दुनिया जहां ई-लर्निंग और पढ़ाई-लिखाई के लिए हायर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है, वहीं दुनिया में क्वालिटी टीचिंग के लिए शिक्षकों की मांग बढ़ रही है. कई कॉलेज पीएचडी करने वाले प्रोफेसर्स को स्टूडेंट की सहायता के लिए नियुक्त कर रहे हैं.

ऑनलाइन ट्यूटर्स और ई-एजुकेटर्स के जॉब ने इस डिमांड को और बढ़ा दिया है. सर्वे के मुताबिक, जुलाई 2016 से जुलाई 2019 तक शिक्षण कार्य के लिए नौकरी की खोजों में 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी. 2018-19 में टीचिंग जॉब्स की खोज 40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उच्चतम रही. 2017-18 में इसमें मात्र 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी थी, जबकि 2016-17 में इस जॉब के प्रति लोगों का रुझान कम हो गया था और टीचिंग जॉब सर्च करने वालों में 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी थी. दिलचस्प बात यह है कि प्रोफेशनल्स में भी अब टीचर बनने का क्रेज देखा जा रहा है. बीटेक और बीसीए की डिग्री के बाद भी लोगों की टीचिंग में बेहतर करियर दिख रहा है. सर्वे के मुताबिक, बीएड और डीएलएड में दाखिला लेने वालों में प्रोफेशनल डिग्रीधारकों की संख्या बढ़ गयी है.

शिक्षा में क्रांति है इ-लर्निंग, हायर टेक्नोलॉजी का हो रहा है इस्तेमाल

ई-लर्निंग एक ऐसी तकनीक है जिसमे मूवी गेम और भी अन्य कई तरीकों से शिक्षा को रूचिकर बनाया जाता है. इससे इंग्लिश और मैथ को मूवी गेम और कॉमिक्स के माध्यम से इतना रोचक बना दिया जाता है कि बच्चोंं को भी समझने में ज्यादा परेशानी नहीं हो रही है.

ऑनलाइन ट्यूटर्स और इ-एजुकेटर्स के जॉब ने बढ़ायी मांग

बेहतर सैलरी और वर्क एन्वायरनमेंट भी

2.20-5.88 लाख रुपये के करीब है एक भारतीय शिक्षक की वार्षिक आमदनी

4.80-9.25 लाख रुपये तक कमाते हैं ऑनलाइन ट्यूटर और एजुकेटर

आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने का शशि थरूर ने किया समर्थन, कही बड़ी बात

0

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है। तमाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सरकार पर हमला बोल रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि आर्टिकल 370 को कभी भी इस मकसद से संविधान में शामिल नहीं किया गया था कि इसे हमेशा जारी रखा जाएगा। हालांकि शशि थरूर ने आर्टिकल 370 को हटाए जाने के तरीके पर जरूर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आर्टिकल 370 को खत्म किया गया है वह निसंदेह संविधान की भावना के खिलाफ है।

एक कार्यक्रम के दौरान जब शशि थरूर से जब पूछा गया कि आर्टिकल 370 को लेकर कांग्रेस के नेताओं के बीच मतभेद क्यों है तो उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर किसी में कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन इस बात को लेकर लोगों के बीच दुविधा है कि क्या हमे आर्टिकल 370 का हमेशा समर्थन करना चाहिए। इसका जवाब है नहीं, यहां तक कि नेहरू जी ने भी कहा था कि आर्टिकल 370 को तबतक ही रहना चाहिए जबतक कि इसकी जरूरत है, इसे हमेशा रखने की जरूरत नहीं है।

शशि थरूर ने कहा कि लेकिन जिस तरह से आर्टिकल 370 को हटाया गया है वह संविधान भावना के खिलाफ है। इस फैसले से पहले कश्मीर के लोगों से सुझाव लेना चाहिए था। प्रदेश के राजनीतिक दल जैसे नेशनल कॉन्फ्रेंस से भी इस बारे में पूछना चाहिए था, उनसे यह पूछना चाहिए था कि आखिर क्यों आर्टिकल 370 को नहीं हटाना चाहिए। थरूर ने कहा कि हमने जम्मू कश्मीर में लोगों के साथ जो बर्ताव किया हम उसी बर्ताव के खिलाफ पाकिस्तान पर निशाना साधते हैं जो वह गिलगिट बल्टिस्टान और पीओके में करता है।

एक-एक कर घर का फर्नीचर बिक गया, बेड तक चला गया, जमीन पर सोया: टाइगर श्रॉफ

0

अभिनेता जैकी श्रॉफ को कौन नहीं जानता. हिंदी सिनेमा में अपनी फिल्मों में अपने बेहतरीन प्रदर्शन से उन्होंने सभी को खुश किया. वहीं अब उनका बेटा टाइगर श्रॉफ अपने पिता के नक्शे-कदम पर आगे बढ़ते हुए बॉलीवुड में धमाल मचा रहे हैं.

वहीं एक इंटरव्यू के दौरान टाइगर ने खुलासा किया कि एक वक्त ऐसा भी था जब उनके परिवार की माली हालत बहुत खराब थी और इतना ही नहीं घर चलाने के लिए उन्हें अपने घर का फर्नीचर तक बेचना पड़ गया था.

मिड डे की रिपोर्ट के अनुसार, टाइगर ने जीक्यू मैगजीन से अपनी मां के प्रोडक्शन हाउस तले बनी फिल्म ‘बूम’ के बॉक्स ऑफिस पर फेल होने और पिता के अनियमित वित्तीय फैसलों के बाद घर में हुई माली दिक्कत पर चर्चा की. साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘बूम’ में अमिताभ बच्चन थे और इस फिल्म से कैटरीना कैफ ने बॉलीवुड डेब्यू किया था.

इस फिल्म को टाइगर श्रॉफ की मां आयशा ने प्रोड्यूस किया था. थियेटर में रिलीज होने से पहले ही फिल्म लीक हो गई थी, जिसके कारण यह एक बड़ी फ्लोप फिल्म साबित हुई. उस समय टाइगर 11 साल के थे, लेकिन परिवार में क्या परेशानी चल रही है वह सब समझते थे.

मैगजीन से बातचीत करते हुए टाइगर ने कहा, “मुझे याद है कि कैसे मेरे घर का एक के बाद एक फर्नीचर बिक रहा था. जिन्हें देखते हुए मैं बड़ा हुआ था वे सब गायब हो रही थी. फिर मेरा बेड चला गया. मैंने जमीन पर सोना शुरू कर दिया था. यह मेरे जीवन का सबसे बुरा अहसास था.”

टाइगर के माता-पिता ने फिल्म ‘बूम’ को प्रोड्यूस करके एक एक्सपेरिमेंट करने की कोशिश की थी, जो कि फेल हो गया. टाइगर ने बॉलीवुड में फिल्म ‘हीरोपंती’ से डेब्यू किया था, जो कि लोगों को काफी पसंद आई. इसके बाद वे फिल्म ‘बागी’ में नजर आई, जो कि बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.

फिलहाल टाइगर श्रॉफ अपनी आगामी फिल्म ‘वॉर’ में व्यस्त हैं. इस फिल्म में वे ऋतिक रोशन के साथ नजर आएंगी.

पायलट सहित 12 मंत्रियों को संगठन में भी पद क्यों, कांग्रेस में सवाल

0

मध्य प्रदेश ही नहीं राजस्थान कांग्रेस संगठन में भी खींचतान मची है. सरकार के साथ संगठन में भी पद लेने वालों के खिलाफ आवाज उठने लगी है. करीब एक दर्जन मंत्री हैं, जो राष्ट्रीय स्तर से लेकर राज्य संगठन में भी काबिज हैं. राजस्व मंत्री बनने के बाद कांग्रेस महासचिव का पद छोड़ने वाले हरीश चौधरी ने अब पार्टी में ‘एक व्यक्ति-एक पद’ का हवाला देते हुए मंत्रियों को संगठन के पद से हटाने की मांग की है. इसके लिए उन्होंने प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय से भी मुलाकात की. तर्क दिया गया कि मंत्रियों के संगठन के पदों को छोड़ने से नए चेहरों को मौका मिलेगा. उधर संगठन के पदों पर भी काबिज कई मंत्रियों का कहना है कि आलाकमान जब तक नहीं कहेगा तब तक वे पद नहीं छोड़ेंगे.

क्या निशाने पर पायलट हैं

अशोक गहलोत सरकार में सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री हैं. उनके पास प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी है. सूत्र बताते हैं कि सूबे में गहलोत और सचिन पायलट के गुटों के बीच सरकार बनने के बाद से ही चल रही है. ऐसे में अब विरोधी धड़ा एक व्यक्ति-पद सिद्धांत की मांग उठाकर सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की कोशिश में है.

दरअसल उप मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष भी रहने से सचिन पायलट संगठन और सरकार दोनों में प्रभावी हैं. विरोधी खेमे को यह बात हजम नहीं हो रही है. दूसरी तरफ पार्टी के ऐसे भी नेता एक व्यक्ति-एक पद की मांग उठा रहे हैं जो संगठन में खाली होने वाले पदों की रेस में खुद को मान रहे हैं.

12 नेता संगठन और सरकार दोनों मे हैं

राजस्थान में कांग्रेस के 12 नेताओं के पास दोहरी जिम्मेदारियां हैं. अब तक सिर्फ राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और टीकाराम चौधरी ने ही संगठन में राष्ट्रीय महासचिव और अलवर जिलाध्यक्ष का पद छोड़ा है. जबकि चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, मंत्री प्रमोद जैन, उदय लाल आंजना, विश्वेंद्र सिंह, मास्टर भंवरलाल प्रदेश उपाध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं.

इसी तरह श्रम मंत्री राजेंद्र यादव जयपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष, मंत्री अर्जुन सिंह बामणिया प्रदेश सचिव हैं. ममता भूपेश गहलोत सरकार में मंत्री होने के साथ महिला कांग्रेस में महासचिव भी हैं.

Mumbai : मुंबई में बारिश से रेलवे ट्रेकों पर भरा पानी, 3 ट्रेनें रद्द ,मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

0

मुंबई। महाराष्ट्र के मुंबई (Mumbai) महानगर में भारी बारिश से रेलवे ट्रेकों पर पानी भरा गया है। सड़कें भी दरिया का रूप धारण कर लिया है। पश्चिम रेलवे ने आज सूरत-मुंबई सेंट्रल, मुंबई सेंट्रल-सूरतऔर बांद्रा टी-वीएपीआई नालसोपारा में भारी बारिश और जल-जमाव के कारण रद्द कर दी गई। मौसम विभाग ने आज भी अलर्ट घोषित कर रखा है।
मुंबई की ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों से पानी ऐसे बरस रहा है कि कोई झरना बह रहा हो और सड़कों पर जाम लगा हुआ है। मुंबई में बारिश की वजह से कुछ इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, लोकल ट्रेन भी रुक-रुक कर चल रही हैं।ई के एयरपोर्ट भी दिखाई दिया। 20 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 280 उड़ानों में देरी हुई हैं।

मुंबई के कुछ क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया है, कई जगह जहां पर सबवे से निकलने की व्यवस्था है। वहां लोग बीच में फंस गए हैं, ऐसे में मुंबई की सड़कों पर बचाव कार्य के लिए भारतीय नेवी भी उतर गई है। मुंबई एयरपोर्ट के पास मीठी नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यह नदी एयरपोर्ट के बिल्कुल करीब है। पानी के बढ़ते स्तर को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।

मुंबई की बारिश में महंगी गाड़ी पानी में फंस गई और कम पैसों की गाड़ी आसानी से निकलती नजर आई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक जगुआर सब-वे में फंस गई है तो वहीं दूसरी ओर एक बोलेरो आसानी से पानी से निकल गई।

बॉलीवुड में सदी के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन के घर के बाहर भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है।उल्लेखनीय है कि भारी बारिश का असर मुंबई के एयरपोर्ट भी दिखाई दिया। 20 उड़ानें रद्द कर दी गईं और 280 उड़ानों में देरी हुई हैं।

स्वाति मालीवाल का मसाज पार्लर पर छापा, सेक्स रैकेट चलाने का लगाया आरोप

0

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बुधवार को नवादा में मसाज पार्लर पर छापा मारा. मसाज पार्लर में सेक्स रैकेट चलने का आरोप है. मालीवाल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मसाज पार्लर में छापेमारी के दौरान ढेर सारे कंडोम और आपत्तिजनक सामान बरामद हुए.

स्वाति मालीवाल ने कहा कि मसाज के नाम पर दिल्ली में जिस्म का धंधा चला रखा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ‘हम नवादा के जैस्मिन स्पा और जन्नत स्पा पहुंचे तो हैरान रह गए. हर कमरे में लड़की के साथ निर्वस्त्र आदमी मिले. भारी मात्रा में कंडोम बरामद हुए. मैनेजर और लड़कियों ने कबूला की स्पा में सेक्स रैकट चल रहा है.’ मालीवाल ने स्पा मालिकों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

स्वाति मालीवाल ने ट्वीट में लिखा, हमने नवादा के जन्नत स्पा से 8 और जैस्मिन स्पा से 1 लड़की बचाई. सबको सेक्स रैकट में झोंका गया है. सभी निर्वस्त्र लड़कों के साथ बंद कमरों में पाई गईं. उन्होंने माना कि पूरे इलाके के स्पा में ऐसा रैकेट चल रहा है. दिल्ली में नए जीबी रोड रोज बनाए जा रहे हैं. मालीवाल ने कहा, पुलिस और एमसीडी शांत क्यों है?

ये चीजें खाएं और तनाव दूर भगाएं

0

 बदलती लाइफ स्टाइल की वजह से तनाव होना आम बात हैं, लेकिन यह हद से ज्यादा बढऩे पर आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इसलिए तनाव जब भी आप उसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दें। जिससे आपकी सेहत ठीक रहे। आजकल युवाओं में तनाव बहुत देखा जाता है।

लाइफ के पर्सनल गोल्स और ऑफिस में बढ़ती जिम्मेदारियां स्ट्रेस की सिचुएशन पैदा करती हैं। स्ट्रेस से बचने के लिए ऐसे कई सिंपल स्टेप हैं जिनके जरिए आप इस परेशानी पर काबू पा सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कुछ ऐसी चीजें, जिनका सेवन करने मात्र से ही आप तनाव से दूर रह सकते है।

-केले में पोटेशियम तथा कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। कार्बो आपके शरीर में पहुंचकर उसे रिलेक्स करने का कार्य करता है जबकि पोटेशियम ब्लड शुगर को नियंत्रित करने का कम करता है। तनाव से बचने के लिए विशेषज्ञ हर रोज 2 केले खाने की सलाह दी जाती है।

-रागी को अपनी डाइट में शामिल करना भी आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। रागी में कैल्शियम पाया जाता है जो नर्वसनेस तथा स्ट्रेस को कम करने में शरीर की मदद करता है। रागी के आटे की चपाती को भोजन में शामिल करने से कई सारी परेशानी दूर हो सकती हैं।

-चिकित्सक पहले से ही हर रोज एक सेब खाने की सलाह देते रहे हैं। तनाव के मामले में भी सेब खाना लाभकारी साबित हो सकता है। सेब ऑक्सडेटिव तनाव से निपटने में सबसे अधिक कारगर साबित होता है। सेब पाचन क्रिया को भी काफी लाभ पहुंचाते हैं।

-आंवला बड़े काम की चीजें है, इसका सेवन करने से आप सेहतमंद रह सकते है। आयुर्वेद में आंवले को सबसे महत्वपूर्ण फल बताया गया है। आंवले में विटामिन ष्ट होता है जो कि तनाव के वक्त ब्लड सक्र्युलेशन को सामान्य बनाए रखने के में मदद करता है। तनाव से चेहरे की स्किन को नुकसान पहुंचता है उसमें भी आंवला लाभ पहुंचाता है।

-ओट्स में फाइबर पाए जाते हैं जो कि कॉलेस्ट्रोल को कम करने का काम करते हैं। इससे दिल के रोगों का खतरा घट जाता है। ओट्स ब्लड शूगर को भी नियंत्रित करता है जिससे स्ट्रेस के वक्त काफी मदद मिलती है।

Teacher’s Day Special: बनना चाहते हैं करोड़पति! इन गुरु से सीखें करोड़ों कमाने का आसान फार्मूला

0

ज्ञान की बात हो या फिर बेहतर इंसान बनने की, इन सब चीजों में गुरु का रोल बेहद खास होता है. क्योंकि शिक्षक हमारे जीवन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. टीचर्स डे (Teachers Day) पर हम आपको बता रहे हैं एक ऐसे गुरु (Teacher Day) के बारे में जिससे कामयाबी के टिप्स पाकर आप भी जिंदगी में बहुत पैसा कमा सकते हैं. जी हां, आज हम मशहूर और दुनिया के 10 सबसे अमीरों की लिस्ट में शामिल वारेन बफे (Warren Buffet) की सुपरहिट टिप्स के बारे में बता रहे हैं. वारेन बफे ने हाल में कहा है कि मैं आपके सामने एक आंकड़ा रखता हूं, जो आपके दिमाग को हिला देगा. मैंने अपना पहला शेयर महज 11 साल की उम्र में खरीदा था. यह 1942 की पहली तिमाही थी, जिसके तुरंत बाद पर्ल हार्बर घटना हुई थी. मैंने एक शेयर में 114.75 डॉलर (आज के हिसाब से 8 हजार रुपए) लगाए थे. यदि उसी रकम को मैंने एसएंडपी 500 (S&P 500) में लगाया होता और उससे मिले डिविडेंड को उसी शेयर में निवेश करता रहता तो अनुमान लगाइए कि आज वह कितनी रकम होती. कैसे बन जाते 2.8 करोड़ रुपए.

दुनिया के मशहूर इन्वेस्टर वॉरेन बफे हमेशा कहते हैं कि लंबी अवधि और बेहतर डिविडेंड के रिकॉर्ड वाले शेयरों में निवेश करना चाहिए. साथ ही, शेयरों में एकमुश्त बड़े निवेश की जगह नियमित और छोटे निवेश करना बेहतर होता है. छोटे निवेश की वजह से जोखिम कम होता है. नियमित निवेश की वजह से गिरावट के समय कीमतों का औसत घटता है और नुकसान सीमित होता है.

आपको बता दें कि शेयर बाजार में ऐसे शेयरों की संख्या काफी ज्यादा है, जिनकी कीमत 50 रुपए से 500 रुपए के बीच हैं. इनमें से कई शेयर ऐसे हैं, जिन शेयरों के फंडामेंटल मजबूत माने जाते हैं. मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, निवेशक हर महीने छोटी रकम के साथ इन शेयरों को खरीद कर रख सकते हैं.

वारेन बफे कहते हैं, ‘सोचिए, क्या यह 10 हजार डॉलर होती या 75 हजार डॉलर होती? चलिए मैं ही आपकी कुछ मदद कर देता हूं. ये आंकड़े बेहद कम हैं. इसका जवाब है 4 लाख डॉलर (2.80 करोड़ रुपए). इस प्रकार यदि छोटी सी उम्र में मैंने 114 डॉलर एसएंडपी 500 में लगाए होते तो यह आज 4 लाख डॉलर होते.

लंबी अवधि का सोचकर निवेश की सलाह- अगर आपको पेड़ की छाया चाहिए तो सालों पहले वह पेड़ लगाना होगा. यानी लंबी अवधि का सोचकर ही निवेश करें. मौके बार-बार नहीं आते, जब सोने की बारि‍श हो तो हाथ आगे करने की बजाए बाल्‍टी लगानी चाहि‍ए. अवसरों पर हमेशा नजर रखें, जो दुनिया में कहीं भी मिल सकते हैं. अवसर किसी भी इंडस्ट्री में भी हो सकते हैं.

संयम रखने से ही बढ़ता है पैसा- एक दिन के ट्रेडर बनने की बजाए लंबी अवधि का लक्ष्य लेकर बाजार में आएं. लक्ष्य पूरा होने तक इंतजार करें, संयम रखने से ही पैसा बढ़ता है. ज्‍यादा रिटर्न की लालच न रखें, अगर 15 से 20 फीसदी रिटर्न दिख रहा है तो निवेश करें. बाजार में निवेश किया है तो सामंजस्य और सब्र जरूरी है. ज्यादातर निवेशक ऐसा न करके अपने ही दुश्मन बन जाते हैं. संयम रखने से ही निवेश बढ़ता है.

दूसरों को देखकर बाजार में पैसा न लगाएं- निवेश करने के बाद बार-बार शेयर की कीमतों को देखना गलत तरीका है. तुरंत गिरावट या बढ़त देखकर शेयर बेचने या खरीदने से निवेशकों को नुकसान हो सकता है. अगर आप कि‍सी शेयर को दस साल तक नहीं रख सकते तो उसे 10 मि‍नट तक भी रखने के बारे में ना सोचें. दूसरों को देखकर बाजार में पैसा न लगाएं, निवेश तभी करें जब आपको इस बारे में समझ हो.

पोर्टफोलियो को हमेशा डाइवर्सिफाई रखें- खुद में यकीन करें कि आप एक सफल निवेशक बन सकते हैं. अपने पोर्टफोलियो को हमेशा डाइवर्सिफाई करें. अलग अलग अच्छी कंपनियों में पैसा लगाएं, जिससे जोखिम कम होगा. अगर आप खुद को एक ऐसी नाव में पाते हैं जो लगातार लीक हो रही है तो उसके सुरागों को बंद करने में लगने वाली एनर्जी नाव को बदलने में लगने वाली एनर्जी से कम प्रोडक्‍टि‍व होगी.

ऐसी जगह इन्वेस्ट करें जो हमेशा प्रॉफिट में हो- जब दूसरे लोग बाजार में लालची हो रहे हैं तो आप डरपोक बन जाएं, जब बाकी लोग डर रहे हों तो आप लालची हो जाएं. हमेशा ऐसे काबिल मैनेजर्स को साथ रखना चाहिए, जिनके हित आपसे मिलते हों. ऐसा निवेश करें जो पूरी जिंदगी के लिए हो, जो आपको हमेशा प्रॉफिट देता रहे.

थरूर ने कांग्रेस को फिर दिखाया आईना, कहा- पता लगाएं हमारे वोटर्स कहां गए

0

कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता शशि थरूर (Sashi Tharoor) ने एक बार फिर कांग्रेस को आईना दिखाया है. हालांकि थरूर ने यह आरोप भी लगाया कि पूर्व में दिए गए उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया गया. बुधवार को थरूर ने कहा कि वह उन खबरों से परेशान हो जाते हैं, जिनमें कहा जाता है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तारीफ की है.

हाल ही में अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) की एक टिप्पणी का समर्थन करने के बाद थरूर से कांग्रेस की केरल (Kerala) इकाई ने जवाब मांगा था. दरअसल, रमेश ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमेशा खलनायक की तरह पेश करने से कुछ हासिल नहीं होगा.

थरूर ने दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) में एनएसयूआई (Nsui) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘मुझे इसका एक उदाहरण दीजिए कि मैंने कब समर्थन किया है. मीडिया में आई खबरों की समस्या यह है कि ये पूरी तरह निराधार होती हैं. निश्चित तौर पर जब मीडिया यह कहता है कि मैंने मोदी की तारीफ की है तो इससे मैं व्यथित हो जाता हूं.’

रमेश के बयान के समर्थन की गई अपनी टिप्पणी को याद करते हुए थरूर ने कहा, ‘मैंने यह कहा था कि हमारा सिद्धांत यह समझने का होना चाहिए कि लोगों ने मोदी जी के लिए वोट क्यों किया. हमें 2014 में भी 19 फीसदी वोट मिला और 2019 में भी 19 फीसदी वोट मिला. मोदी के नेतृत्व में भाजपा को 2014 में 31 फीसदी वोट मिला था, जबकि 2019 में 37 फीसदी वोट मिले.’

 थरूर अपनी बात पर कायम
अपनी बात पर कायम रहते हुए थरूर ने कहा कि कांग्रेस को उन लोगों को फिर से अपनी ओर खींचना होगा जो किन्हीं कारणों से हमारे बजाय भाजपा (BJP) को वोट करने लगे हैं. गौरतलब है कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा था पीएम मोदी की सरकार का मॉडल ‘पूरी तरह नकारात्मक गाथा’ नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना तथा हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है.

रमेश ने कहा था कि यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझे, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे. इसी के कारण 30 प्रतिशत मतदाताओं ने उनकी सत्ता वापसी करवाई. राजनीतिक विश्लेषक कपिल सतीश कोमीरेड्डी की किताब ‘मालेवॉलेंट रिपब्लिक : ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द न्यू इंडिया’ का विमोचन करते हुए ये टिप्पणियां कीं थीं.

ये महिला सूंघकर पता कर लेती है कैंसर है या नहीं.

0

क्या कोई महिला सुघंकर ये पता कर सकती है क्या कि उसे कैंसर है या नहीं । नहीं ना लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे हैं जो कुछ ऐसा ही करती है । इस महिला का नाम जो मैलोन है । जो मैलोन के पास सूंघने की जबरदस्त शक्ति, जिसके चलते वह इस बिजनेस पर अपना दबदबा बनाए हुए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि, उनकी नाक किसी डॉगी से भी ज्यादा संवेदनशील है और वह सूंघकर ही बता सकती हैं कि किसी व्यक्ति को कैंसर है या नहीं । सबसे ज्यादा हैरानी की बात तो ये है कि वो खुद साल 2003 से ब्रेस्ट कैंसर से जूझ रही हैं । इसके बावजूद वह किसी के भी शरीर में होने वाले रासायनिक परिवर्तन का पता कर सकती है और ये बता सकती है कि उसे कैंसर है या नहीं ।

वह तेल में मिले अमील एसीटेट की पहचान भी कर सकती, जबकि वह दस लाख में एक हिस्से के बराबर मात्रा में मिला हुआ था । मैलोन की सफलता इस तथ्य के लिए काफी मायने रखती है कि वह सिनास्टेसिया से ग्रस्त हैं । जब वह सफेद और बैंगनी रंग देखती हैं, तो यूकेलिप्टस और ब्लैककरंट की गंध महसूस होती है ।