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इन देशों में हैं बेहद सख्त ट्रैफिक नियम, यहां तेज गाड़ी भगाई तो मिलती है कोड़े की सजा

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भारत में नए मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों (traffic rules) की खूब चर्चा हो रही है. लोग कह रहे हैं कि सरकार ने बहुत ही कड़े प्रावधान कर दिए हैं. इसकी जरूरत नहीं थी. कुछ लोग सवाल पूछते हुए कहते हैं कि क्या चोरी की सजा फांसी हो सकती है? इनका मानना है कि मामूली नियम तोड़ने पर इतना जुर्माना लगाना ठीक नहीं है. सवाल है कि क्या इतना सख्त कानून सिर्फ हमारे देश में लागू है? दूसरे देशों में ट्रैफिक नियमों को लेकर क्या हाल है? हमने इसी सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की है.

एशियाई देशों में ट्रैफिक के कानून
एशियाई देशों में नशे में गाड़ी चलाने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है. ये ज्यादातर एशियाई देशों में लागू है. ताइवान जैसे देश में नशे में गाड़ी चलाने पर 2 साल की सजा और 6700 डॉलर यानी करीब 4 लाख 82 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है. अगर नशे की हालत में गाड़ी से एक्सीडेंट हो जाता है तो 7 साल की सजा और एक्सीडेंट में किसी की मौत की हालत में 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है.

यूरोपिय देशों में भी गलत तरीके से गाड़ी चलाने पर सख्त सजा और जुर्माना लगाया जाता है. हॉलैंड में तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने पर गाड़ी हमेशा के लिए जब्त कर ली जाती है.

फिनलैंड में भी तेज रफ्तार गाड़ी चलाने पर सख्त सजा का प्रावधान है. वहां जुर्माने की रकम गाड़ी की रफ्तार और दोषी व्यक्ति की सालाना इनकम देखकर लगाई जाती है. एक अरबपति को तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने का जुर्माना भरना पड़ा. उसे 5 लाख पाउंड यानी करीब 4 करोड़ 37 लाख रुपए जुर्माना देना पड़ा.

स्विटजरलैंड में भी इसी तरह का कानून है. यहां एक स्वीडिश नागरिक 180 मील प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी मर्सीडीज भगा रहा था. ट्रैफिक पुलिस ने उस पर 5 लाख पाउंड का जुर्माना ठोक दिया.

मध्य पूर्व के देशों में भी ड्राइविंग को लेकर सख्त नियम हैं. इन देशों में खासकर नशे में गाड़ी चलाना संगीन जुर्म माना जाता है. अबू धाबी में नशे में गाड़ी चलाने के लिए एक शख्स को 80 कोड़े मारने की सजा दी गई. ईरान में भी इसी तरह का कानून है. वहां तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने पर एक साल की सजा का प्रावधान है.

सऊदी अरब में तो महिलाओं के गाड़ी चलाने पर ही प्रतिबंध था. बहुत मशक्कत के बाद सीमित तौर पर कुछ महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस दिए गए हैं. उनके लिए भी सख्त नियम कायदे बनाए गए हैं.

यूके में ड्राइविंग को लेकर सख्त नियम
यूके में किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए गाड़ी चलाने पर भारी-भरकम जुर्माना देना पड़ता है. अगर आप मोबाइल पर बात करते हुए, कोई वीडियो देखते हुए या कोई टेक्स्ट करते हुए गाड़ी चला रहे हैं तो ट्रैफिक पुलिस आप पर 200 पाउंड यानी करीब 17 हजार रुपए का जुर्माना ठोक सकती है.

ये जुर्माना भी पहली बार पकड़े जाने पर है. दूसरी और तीसरी गलती पर और सख्त जुर्माना है. पहली बार पकड़े जाने पर ड्राइवर को 6 पॉइंट मिलते हैं. हर गलती पर यूके में ड्राइवर को जुर्माने की रकम के साथ कुछ पॉइंट मिलते हैं. अगर किसी ड्राइवर के पास ड्राइविंग का 2 साल से कम का अनुभव है और उसे 6 पॉइंट मिल गए तो समझिए कि उसका ड्राइविंग लाइसेंस कैंसल हो गया.

उसी तरह से अगर किसी अनुभवी ड्राइवर को 12 पॉइंट मिल गए तो उसका लाइसेंस रद्द माना जाएगा. यूके के कई राज्यों में 750 डॉलर यानी करीब 54 हजार रुपए तक का जुर्माना और 3 महीने की सजा का प्रावधान है.

ओमान में गाड़ी चलाते वक्त मोबाइल फोन यूज किया तो भरना होगा 56 हजार का जुर्माना

इसी तरह से ओमान में अगर आप ड्राइव करते वक्त मोबाइल फोन पर बात करते, वीडियो देखते या टेक्स्ट करते पकड़े जाते हैं तो आपको 10 दिन की जेल हो सकती है. साथ ही आपको करीब 780 डॉलर यानी 56 हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा.

करीब 30 देशों ने ड्राइविंग करते वक्त मोबाइल के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी और जुर्माने का प्रावधान रखा है. बरमूडा में करीब 500 डॉलर यानी करीब 36 हजार रुपए, त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देश में 225 डॉलर यानी करीब 16 हजार, कतर में 137 डॉलर यानी करीब 10 हजार और फिलिपिंस में 100 डॉलर यानी करीब 72 सौ रुपए जुर्माना लगाया जाता है. त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों में तीन महीने की सजा का भी प्रावधान है.

मुस्लिम पक्ष की दलील- मूर्तियां रख देने से मस्जिद के अस्तित्व पर सवाल नहीं उठाए जा सकते

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अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद पर बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय में 19वें दिन सुनवाई हुई। मुस्लिम पक्षकारों ने दलील दी कि लगातार नमाज ना पढ़ने और मूर्तियां रख देने से मस्जिद के अस्तित्व पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह सही है कि विवादित ढांचे का बाहरी अहाता शुरू से निर्मोही अखाड़े के कब्जे में रहा है। झगड़ा आंतरिक हिस्से को लेकर है जिस पर कब्जा किया गया, लेकिन अदालत में किए गए उनके दावों में यह नहीं है। हम प्रतिकूल कब्जा मांग रहे हैं।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ के समक्ष मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि निर्मोही अखाड़े ने पूजा का अधिकार मांगा था। हमने उन्हें राम चबूतरा दे दिया। लेकिन पूरी इमारत और अहाते के प्रबंधन का अधिकार हमारे पास ही था। कई दशकों तक राम चबूतरे पर बनाए गए छोटे से मंदिर में रामलला की पूजा होती रही। लेकिन गवाह बताते हैं कि मूर्ति वहां बाद में रखी गई थी। निर्मोही अखाड़े के महंत रघुबर दास ने 1885 में स्वीकार किया था कि उनका बाहरी अहाते में पूजा का अधिकार था। धवन ने जब कहा कि निर्मोही अखाड़े के प्रबंधन अधिकार के दावे पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। जस्टिस अशोक भूषण ने धवन से सवाल किया कि इसका मतलब है कि आप मान रहे हैं कि मंदिर का अस्तित्व है। जिस पर उन्होंने जवाब दिया, हो सकता है लेकिन सवाल कहां है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने धवन से पूछा जब आप कहते हैं कि अखाड़े के पास प्रबंधन अधिकार हैं, तो आप स्वीकार कर रहे हैं कि बाहरी आंगन के एक हिस्से में मूर्तियां थीं और इस तरह यह वह हिस्सा नहीं है जिस पर आप मस्जिद का दावा करते हैं। आपका मामला यह है कि मंदिर और मस्जिद दोनों अस्तित्व में हैं। मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि हां, मंदिर और मस्जिद सह-अस्तित्व में हैं लेकिन हम पूरी मस्जिद के लिए टाइटल का दावा कर रहे हैं। अखाड़े की लिखित दलील का हवाला देते हुए धवन ने यात्री ट्रैफनथैलर की किताब का हवाला दिया कि तब ऐसी मान्यता थी कि श्रीराम बाहर चबूतरे वाली जगह पर पैदा हुए थे।

पी चिदंबरम मिलेगी बेल या जाएंगे जेल ! सुप्रीम कोर्ट आज आएगा अहम फैसला

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आईएनएक्स मीडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम की सुनवाई आज करेगी. गुरुवार को आइएनएक्स मीडिया केस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी चिदंबरम का पक्ष रखेंगे जबकि कोर्ट में सीबीआई की ओर से SG तुषार मेहता बहस करेंगे. इसके पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 5 सितंबर तक सीबीआई की रिमांड में दिया था.

पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि पी चिदंबरम जेल नहीं जाना चाहते, लेकिन कानून अपना काम करेगा. ‘आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम की अंतरिम जमानत पर मेहता ने आगे कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. इस पर चिदंबरम की तरफ से कोर्ट में बहस कर रहे कपिल सिब्बल ने कहा, ‘अगर ऐसा होता तो कोर्ट इसे खारिज कर देता.’

इसके पहले बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान पी चिदंबरम (P Chidambaram) को फिलहाल राहत नहीं मिली थी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम (P Chidambaram) की जमानत अर्जी खारिज करते हुए उनकी सीबीआई रिमांड गुरुवार तक के लिए बढ़ा दी थी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पी चिदंबरम की सीबीआई कस्टडी 3 दिन के लिए बढ़ा दी थी. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि चिदंबरम ने ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए जाएं. इससे पहले वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई कि पूर्व वित्त मंत्री 76 साल के हैं उनको तिहाड़ जेल न भेजा जाए. उनके लिए घर में नजरबंदी ही अच्छी होगी. उनको गिरफ्तारी से छूट दी जाए और बेल के लिए आवेदन करने दिया जाए.

मध्‍य प्रदेश में सरकार को लेकर कांग्रेस में घमासान के बीच सिंधिया ने दिया बड़ा बयान

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी में मचे घमासान के बीच पार्टी महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, वह गंभीर है. दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले मध्यप्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार का समर्थन करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को सिंघार की बात सुननी चाहिए और दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर करना चाहिए.

इसके साथ ही सिंधिया ने कहा कि सरकार चलाने में किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए. अभी छह माह भी नहीं हुए और मतभेद उठ रहे हैं तो मुख्यमंत्री का दायित्व होता है कि दोनों पक्षों के साथ बैठकर सलाह-मशविरा करें और समाधान निकालें. बहुत मुश्किल और मेहनत से हम लोगों ने 15 साल कड़ी मेहनत कर कांग्रेस का शासन स्थापित किया है.

सिंधिया ने मीडियाकर्मियों से कहा कि मुख्यमंत्री को सिंघार की बात सुननी चाहिए. सिंधिया ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्वियज सिंह का नाम लिए बिना कहा कि सरकार अपनी दम पर चलाना चाहिए, किसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.

सिंधिया से जब संवाददाताओं ने सिंघार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री सिंह पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘आरोप गंभीर हैं और इस पर जरूर दोनों पक्षों को बैठाकर बात होनी चाहिए. सरकार को अपने दम और आधार पर चलना चाहिए, किसी का हस्तक्षेप सरकार में नहीं होना चाहिए. इसमें कोई दो राय नहीं है.

सिंधिया ने आगे कहा, ‘सरकार को स्वतंत्र होकर कार्य करना चाहिए. जो मुद्दे आए हैं, उस पर मुख्यमंत्री को मंत्री उमंग सिंघार की भी बात सुननी चाहिए और जो सत्य है उसपर भी कार्रवाई होनी चाहिए.’

बता दे प्रदेश के वन मंत्री सिंघार ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह प्रदेश में कांग्रेस सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं. इससे पहले रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिंघार ने दावा किया था कि दिग्विजय प्रदेश में कमलनाथ सरकार को ‘अस्थिर’ करने की कोशिश कर रहे हैं.

सिंधिया ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ को दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 15 साल के बाद कांग्रेस की सरकार बनी है. इस सरकार को बनाने में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इसलिए मेहनत की थी कि एक नया मध्यप्रदेश बनाएंगे और उसी के अनुरूप काम होना चाहिए.

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंत्रियों को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, जो वायरल हो गया था. इससे वन मंत्री सिंघार नाराज थे. इसके बाद उन्होंने दिग्विजय पर शराब कारोबारियों, अवैध खनन करने वालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था. इस पर राज्य सरकार के जनसंपर्क मंत्री पी. सी. शर्मा ने सिंघार को आड़े हाथों लिया था. मामले के तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हस्तक्षेप किया. मुख्यमंत्री से सिंघार की मंगलवार रात मुलाकात हुई थी.

सिंघार बुधवार दोपहर मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री कमलनाथ व प्रदेश प्रभारी बावरिया से बात हो गई है. उनके सामने अपनी बात रख दी है, अब उन्हें कुछ नहीं कहना है.

आम आदमी के लिए राहत! 4 दिन बाद सस्ती हुई पेट्रोल-डीजल की कीमत

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चार दिन बाद आज बदली पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की कीमतें. आज राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 6 पैसे और डीजल 5 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ है. पेट्रोल-डीजल के दाम में ये गिरावट चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Price) के दाम लगातार गिर रहे है. पिछले दो महीने में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 13 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गई है.

इंडियन ऑयल (Indian Oil) की वेबसाइट के अनुसार गुरुवार को मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमतों में 5 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई है, जबकि राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव 6 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है. वहीं दूसरी ओर दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में डीजल का भाव 5 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है. कोलकाता में डीजल की कीमतों में 4 पैसे की कटौती की गई है.

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत क्रमश: 71.95 रुपये, 77.62 रुपये, 74.66 रुपये और 74.75 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है. वहीं दूसरी ओर ग्राहकों को चारों महानगरों में डीजल के लिए क्रमश: 65.20 रुपये, 68.36 रुपये, 67.59 रुपये और 68.89 रुपये प्रति लीटर का भुगतान करना पड़ रहा है.

पेट्रोल-डीजल के दाम हर दिन घटते-बढ़ते रहते हैं. पेट्रोल-डीजल का नया दाम सुबह 6 बजे से लागू हो जाता है. इनकी कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन सब कुछ जोड़ने के बादल इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है. पेट्रोल डीजल की कीमत को अमेरिकी डॉलर का एक्सचेंज रेट, क्रूड ऑयल की कीमत, ईंधन की मांग और अन्य चीजें प्रभावित करती रहती हैं. गुरुवार को डब्ल्यूटीआई (WTI) और ब्रेंट क्रूड में कमजोरी के साथ कारोबार दर्ज किया गया. WTI क्रूड और ब्रेंट क्रूड में करीब आधा फीसदी की कमी आई है इसके साथ क्रमश: 55.50 डॉलर प्रति बैरल और 60 डॉलर प्रति बैरल के करीब करोबार होते हुए देखा गया.

SMS कर जानें नया भाव
अपने शहर के दाम आप रोजाना ऐसे चेक कर सकते हैं. SMS के जरिए उपभोक्ता किसी विशेष रजिस्टडर्ड नंबर पर एसएमएस भेजकर कीमतों के अपडेट की जांच कर सकते हैं और उन्हें वर्तमान मूल्य के बारे में मैसेज के माध्‍यम से सूचित किया जाएगा. इंडियन ऑयल ग्राहक RSP<डीलर कोड> 92249 9 2249 को भेज सकते हैं. बीपीसीएल ग्राहकों को RSP<डीलर कोड> 9223112222 पर भेजना होगा. एचपीसीएल ग्राहकों को HPPRICE<डीलर कोड> 9222201122 पर भेजना होगा.

VIDEO : जब मुंबई की इमारत से अचानक बहने लगा ‘बड़ा झरना’, वीडियो हुआ वायरल

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मुंबई. देश की आर्थिक राजधानी में लगतार चला भारी बारिश (Heavy Rain Fall) का दौर हालांकि अब थम गया लेकिन अभी भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं. हालांकि लोगों को कुछ राहत जरूर महसूस हुई है. तेज बारिश के दौरान जलभराव के चलते कई इलाकों में यातायात बिल्कुल ठप हो गया था, वहीं प्रशासन ने भी चेतावनी जारी कर लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी थी. इसी बीच एक वीडियो वायरल (Video Viral) हो गया. यह वीडियो दक्षिण मुंबई (South Mumbai) की एक बहु म‌ंजिला इमारत (Skyscraper) का है. लगातार बारिश के बाद 40 मंजिला यह इमारत एक झरने (Water fall) में तब्दील हो गई. इसके बाद इमारत को देखने के लिए भीड़ लग गई और कई लोग वीडियो बनाते भी दिखे.

ट्वीटर पर इमारत का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने मजाक किया तो कुछ ने इसे गंभीर भी माना. एक यूजर ने कहा कि इसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन बना देना चाहिए और इसके लिए टिकट भी लगना चाहिए. वहीं एक महिला ने इसे गंभीरता से लिया और पूछा कि क्या यह सही में कफ परेड इलाका है, ऐसा कैसे हो सकता है. वहीं इसी इमारत में रहने वाले रोहन ने बताया कि मैं इसी इमारत के 32वें माले पर रहता हूं. हमें ऐसा लगा जैसे हमारी इमारत से कोई झरना गिर रहा हो. 
इससे पहले लगातार चली बारिश के बाद मुंबई में हालात खराब हो गए थे. मौसम विभाग ने भी 24 घंटे के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी. वहीं सभी स्‍कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. बृहन्‍मुंबई म्‍युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने एक बयान जारी कर कहा था कि जिन स्‍कूलों में छात्र पहुंच चुके हैं, उनके प्रधानाचार्यों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और बच्‍चों को सावधानीपूर्वक घर भेजने की व्‍यवस्‍था करें. लगातार बारिश के चलते हवाई, सड़क और रेल व्‍यवस्‍था भी चरमरा गई थी.

उपनगरीय इलाकों में भी परेशानी
लगातार हो रही तेज बारिश से मुंबई के अलावा उपनगरीय इलाके भी बुरी तरह प्रभावित हुए. नवी मुंबई और ठाणे में भी जगह-जगह जल भराव हो जाने के चलते लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हो गए थे ‌और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया था. हालांकि अब धीरे धीरे पानी कम होने के बाद लोगों को कुछ राहत महसूस हो रही है.

Exclusive: कश्मीर के लिए रोडमैप तैयार, 10 मंत्रालय मिलकर करेंगे विकास का काम

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आर्टिकल 370 ( Article 370) को हटाए एक महीना बीत चुका है और अब कश्मीर में विकास को गति देने की पूरी तैयारी हो चुकी है. मोदी सरकार ने कश्मीर (Kashmir) के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया है जिसके आधार पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को विकसित किया जाएगा. न्यूज़18 नेटवर्क के पास इस रोडमैप की पूरी जानकारी है. पिछले एक महीने में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सरकार कामयाब रही है, किसी बड़ी घटना की कोई ख़बर घाटी से नहीं मिली है. ऐसे में अब मोदी सरकार विकास के ज़रिए दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की तस्वीर बदलने की तैयारी में है.

10 केंद्रीय मंत्रालय, विभाग मिलकर करेंगे विकास
विकास के इस ब्लूप्रिंट में 10 अलग-अलग मंत्रालय और विभाग अपना किरदार निभाएंगे. सभी मंत्रालयों को कश्मीर के विकास के लिए अलग-अलग ज़िम्मेदारी दी गयी है.

सूत्रों ने न्यूज़18 नेटवर्क को बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से BSF और CRPF की एक-एक बटालियन तैयार की जाएगी. इन बटालियनों में दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को भर्ती किया जाएगा. साथ ही अन्य राज्यों में पुलिसकर्मियों को मिल रहे लाभ को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी लागू किया जाएगा. वहीं अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी कर्मचारियों को मिल रही सुविधाएं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी सरकारी कर्मचारियों को मिलेंगी. वहीं 7वें वेतन आयोग को भी वहां लागू किया जाएगा.

3 से 5 पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग यानी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की पहचान की जाएगी और इनके यूनिट जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खोले जाएंगे. 

ऊर्जा मंत्रालय
दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली की कीमतों को भी कम करने पर विचार होगा. इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से चर्चा करेगा और दोनों प्रदेशों में बिजली की कीमतों को कम करने पर विचार-विमर्श करेगा.

स्वास्थ्य मंत्रालय
दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मज़बूत करने के लिए देशभर के प्रसिद्ध स्वास्थ्य संस्थानों की पहचान की जाएगी. इन संस्थानों से जम्मू-कश्मीर में भी शाखा खोलने के लिए कहा जाएगा.

मानव संसाधन मंत्रालय
शिक्षा क्षेत्र पर भी मोदी सरकार का ज़ोर रहेगा. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय देशभर के प्रसिद्ध संस्थानों की पहचान करेगा. इन शिक्षा संस्थानों से जम्मू-कश्मीर में भी शाखा खोलने के लिए कहा जाएगा. साथ ही राज्य में शिक्षा के अधिकार को लागू भी किया जाएगा.

नीति आयोग
दोनों प्रदेशों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग यानी DPIIT के साथ मिलकर एक इन्वेस्टर सम्मेलन का आयोजन करेगा. सूत्रों के अनुसार इस सम्मेलन का आयोजन अगले महीने किया जाएगा.

वित्त मंत्रालय
दोनों केन्द्र शासित प्रदेशों में बड़ी इंडस्ट्रीज़ को लाया जाएगा ताकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख का विकास हो सके. इन इंडस्ट्रीज को भी जम्मू-कश्मीर में काम शुरू करने के लिए रियायत दी जाएगी. सूत्रों ने न्यूज़18 से कहा कि इन इंडस्ट्रीज़ को 7 साल तक टैक्स से छूट दी जाएगी. सिर्फ इतना ही नहीं, इन इंडस्ट्रीज़ को GST से भी तीन साल के लिए छूट दी जाएगी. साथ ही लद्दाख के लिए वित्त मंत्रालय विशेष डेवलपमेन्ट पैकेज की घोषणा भी करेगा.

पर्यटन मंत्रालय
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पर्यटन ही सबसे बड़ी इंडस्ट्री है जो सबसे अधिक रोज़गार देता है. पर्यटन क्षेत्र को और मज़बूत करने के लिए पर्यटन मंत्रालय दोनों प्रदेशों को और आकर्षक बनाने पर काम करेगा, वहीं लद्दाख में एडवेंचर, स्पिरिचुअल और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम करेगा.

नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय
लद्दाख में सोलर ऊर्जा में निजी निवेश को लेकर नवीन और नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय योजना तैयार करेगा

फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय
जम्मू कश्मीर में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय नीतियां बनायेगा. इस उद्योग में निर्यात केंद्रित स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जायेगा.

कश्मीर के विकास के लिए बैठकों का दौर
27 अगस्त को गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की अध्यक्षता में कश्मीर पर चर्चा हुई जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हुए थे. गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय योजनाओं को लागू करने पर चर्चा हुई और हालात सामान्य करने पर भी विचार हुआ.

घर के अंदर के प्रदूषण को ऐसे करें खत्म, अपनाएं ये आसान टिप्स

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घर के अंदर का वायु प्रदूषण आपकी जान के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकता है. ये आपको किसी गंभीर बीमारी का शिकार भी बना सकता है. आपको बता दें कि घर के अंदर खाना पकाने से लेकर हानिकारक रसायनों और अन्य सामग्रियों के प्रयोग के कारण मकान के अंदर की हवा की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है. यह बाहरी वायु प्रदूषण की तुलना में 10 गुना अधिक नुकसान कर सकती है. वहीं खराब वेंटिलेशन के कारण सांस की बीमारी हो सकती है. घर के अंदर के प्रदूषण के चलते आपको आंख, नाक और गले में जलन, सिरदर्द, चक्कर आना और थकान भी हो सकती है. इसके अलावा यह लंबी अवधि में हृदय संबंधी कोई बीमारी और कैंसर का कारण भी बन सकता है. आइए आपको बताते हैं घर को प्रदूषण और बीमारी मुक्त बनाने के लिए कुछ आसान टिप्स-

घरेलू सजावट में पौधों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें. अरेका पाम, मदर-इन-लॉज टंग और मनी प्लांट जैसे पौधे ताजा हवा का अच्छा स्रोत हैं. घर और बालकनी में पौधे लगाने से अंदर के प्रदूषण को खत्म किया जा सकता है.

घर के अंदर धूम्रपान करने से बचें और सुनिश्चित करें कि जहरीली गैसों और पदार्थों (मॉर्टीन कॉयल) को घर के अंदर न छोड़ा जाए. ऐसा करने से आपको और आपके परिवार के किसी भी सदस्य को सांस की बीमारी हो सकती है. रिसाव को ठीक करके, गर्मी व ठंड के दौरान अंदरूनी कमियों को दुरुस्त करने तथा उचित रखरखाव व मरम्मत से हवा की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है.

आपके रेफ्रिजरेटर और ओवन जैसे उपकरण नियमित रखरखाव के बिना हानिकारक गैसों को उत्सर्जित कर सकते हैं. इसके लिए सुनिश्चित करें कि आप नियमित अंतराल पर उनकी सर्विस करवाते हों.

घर में नियमित रूप से डस्टिंग करें. आपको बता दें कि हर घर धूल और गंदगी को अंदर खींचता है. आप नियमित रूप से अपने फर्श और सामान को साफ करते होंगे लेकिन घर के कई सारे कोने और फर्नीचर सेट के नीचे अक्सर सफाई नहीं हो पाती है. इन्हें जरूर साफ करें.

घर पर कीटनाशकों का उपयोग कम से कम करें. इसके बजाय बायोटिक उत्पादों का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें. घर में अच्छी खुशबू के लिए रूम स्प्रे की जगह फ्रेश फूलों का
इस्तेमाल किया जा सकता है.

बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद होते हैं पोटैटो फ्राइज

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पोटैटो फ्राइज बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद होते हैं। मगर क्या कभी आपने रोजमैरी और चीज का टच दिए हुए फ्राइज खाएं है ? तो चलिए आज आपको घर पर ही पार्मीज़ैन रोजमैरी फ्रेंच फ्राइज बनाने का तरीका सीखाते हैं। मेयनेज डिप या फिर टोमॉटो सॉस जिसके साथ अच्छा लगे आप इन फ्राइज को एंजॉय करें। तो चलिए सीखते हैं पार्मीज़ैन रोजमैरी फ्राइज रेसिपी बनाने का तरीका…

सामग्री:

आलू – 2 
तेल – तलने के लिए 
काली मिर्च – जरुरत अनुसार 
पिपरकॉर्न्स – 1 टेबलस्पून 
ट्रफल आयल – 3 ड्रॉप्स 
सॉर क्रीम – 1 टेबलस्पून 
हरी प्याज – 1 टेबलस्पून 
स्वीट पटैटो – 1 उबला हुआ 
नमक – स्वाादानुसार 
रोजमैरी – 1 टेबलस्पून 
पारमेसान चीज – 1 टेबलस्पून 
एगलेस मेयनेज – 2 टेबलस्पून 
ब्लू चीज – 20 ग्राम 
धनिया – 1 टेबलस्पून

बनाने की विधि:

1. आलू को धोने के बाद छीलें और उन्हें फिंगर चिप्स के शेप में काट लें। 2. अब एक पैन तेल गर्म होने के लिए गैस पर रख दें।
3. फिंगर चिप्स को 8 से 10 मिनट तक क्रिस्पी होने तक तेल में तलें।
4. लाइट ब्राउन होने के बाद इन्हें एक प्लेट में टिशू पेपर पर निकाल लें ताकि इनका ऑयल अच्छी तरह सूख जाए।
5. एक बाउल में फिंगर चिप्स डालकर उन पर काली मिर्च, कटी हुई रोजमेरी, पिसे हुए पेपरकॉर्न्स और कद्दूकस किया हुआ चीज डाल दें।
6. सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करने के बाद कुछ बूंदे ट्रफल आयल की डाल दें।
7. अच्छे से मिलाने के बाद हरा धनिया और प्याज डालकर बाउल को हल्के से शेक करें।
8. एक अलग बाउल में सॉर क्रीम, एगलेस मेयोनेज और ब्लू चीज मिलाएं।
9. तैयार फ्राइज को इस डिप सॉस के साथ सर्व करें।

जानिए चीज़ रोल्स बनाने का ये आसान तरीका

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हरी सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स यानी रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाने वाले तत्त्वों की संख्या ज्यादा होती है. इससे मौसमी रोगों की संभावना कम हो जाती है.

सामग्री- उबला आलू, पत्तागोभी, फूलगोभी, हरी मिर्च, चीज़, गाजर, हरा धनिया, ब्रेड का चूरा.

एक कटोरी पत्तागोभी और फूलगोभी, 1-2 हरी मिर्च व चार उबले आलू को मिक्सी में ग्राइंड कर लें. इस मिलावट को एक अलग बाउल में निकाल लें. इसका एक चम्मच भाग हथेली पर लेकर दबा दें.

इसमें थोड़ी चीज़ भरकर इसे बे्रड के चूरे में लपेट लें. एक पैन में ऑयल डालकर गर्म कर लें. इसके बाद इन तैयार चीज़ रोल्स को डीप फ्राई करें. इन्हें 3-4 मिनट या हल्का भूरा होने तक मध्यम आंच पर पकाएं.

आप चाहें तो इसमें कई अन्य सब्जियां भी मिला सकते हैं. इसे खजूर, इमली की मीठी चटनी या हरे धनिए और पुदीने की चटनी के साथ सर्व करें.वेज चीज़ रोल्स रेसिपी बहुत ज्यादा सरल है साथ ही इसे बनाने में कम समय लगता है.