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इस एक अंग्रेज ने ही देखा था रानी लक्ष्मीबाई का चेहरा, जानिए कौन था यह अंग्रेज

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रानी लक्ष्मीबाई (जन्म: 19 नवम्बर 1828 – मृत्यु: 18 जून 1858) मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी और 1857 की द्वितीय शहीद वीरांगना (प्रथम शहीद वीरांगना रानी अवन्ति बाई लोधी 20 मार्च 1858 हैं) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1857 के भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की वीरांगना थीं। उन्होंने सिर्फ़ 23 साल की उम्र में अंग्रेज़ साम्राज्य की सेना से जद्दोजहद की और रणभूमि में वे वीरगति को प्राप्त हुईं।
रानी लक्ष्मीबाई किसी पहचान की मोेहताज नही है। दोस्तो भारत देश में जब भी महिलाओं की वीरता और शौर्य की बात होती है, तो सबसे पहला नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई का ही आता है। बता दे ​कि झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई ने अपने राज्य को बचाने के लिए प्राण दे दिए, मगर अंग्रेज़ों के सामने नहीं झुकीं।रानी के बारे में कहा जाता है कि लक्ष्मीबाई को केवल एक ही अंग्रेज देख पाया था वो भी स्वंय रानी लक्ष्मीबाई की मर्जी से। जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले जॉन लैंग वकील ब्रिटेन में रहते थे और वो ब्रिटेन की सरकार के खिलाफ कोर्ट में मुकदमें भी लड़ा करते थे। रानी लक्ष्मीबाई ने जॉन को अपना केस लड़ने के लिए नियुक्त किया था। रानी लक्ष्मीबाई को जब मेजर एलिस ने किला छोड़ने का फरमान सुनाया तो रानी किला छोड़कर दूसरे महल में रहने लगी। ऐसे में किला वापस पाने के लिए उन्होंने केस लड़ने का मन बनाया।

अंग्रेजों से बैर रखने वाले जॉन लैंग को सोने की पट्टी में पत्र लिखकर मिलने को बुलवाया। जॉन को केस लड़ने के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई से मिलने भारत आना पड़ा। जॉन ने अपनी भारत यात्रा पर एक किताब लिखी है जिसमें सारा विवरण दिया है। इसमें उन्होंने रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई की खूबसूरती और उनसे मिलने की घटना ज़िक्र किया है। जॉन की किताब का नाम है, ‘वांडरिंग्स इन इंडिया’। किताब के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई ने महल के ऊपरी कक्ष में जॉन लैंग को मिलने के लिए बुलवाया, हालांकि रानी और लैंग के बीच में एक पर्दा था। जिसमें से रानी की शक्ल बिल्कुल भी नहीं दिख रही थी। तभी अचानक रानी लक्ष्मीबाई के दत्तक पुत्र दामोदर राव ने पर्दा हटा दिया और लैंग ने रानी का चेहरा देख लिया। अपनी किताब में लैंग ने रानी की खूब तारीफ की है। लैंग ने रानी के चेहरे की बनावट को बेहतरीन बताया।

इस आसान ट्रिक से खराब हुए किसी भी मेमोरी कार्ड को घर बैठे ठीक कर सकते हैं आप जानिए…

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मेमोरी कार्ड में कई इम्पोर्टेन्ट फाइल्स वगेरा होती है लेकिन कई बार हमारे समृत फ़ोन का मेमोरी कार्ड खराब हो जाता है उस ममोरी कार्ड के खराब हो जाने पर उसमे सेव की हुयी कई फाइल्स को आप रिकवर नहीं कर पाएंगे और उसमे जितना भी डाटा होता है।

वो डिलीट हो जाता है आज हम आपको बताते है की मेमोरी कार्ड को ठीक कैसे किया जाय और मेमोरी कार्ड ख़राब कैसे हो जाते है दरअसल आपका फ़ोन ही आपके मेमोरी कार्ड कार्ड के खराब होने का सबसे बड़ा कारन है स्मार्टफोन में ब्राउजिंग करते समय या फिर कोई थर्ड पार्टी एप डाउनलोड करते समय वायरस आ जाते हैं।

जिससे मोबाइल के साथ मेमोरी कार्ड भी खराब हो सकता है माना तो ऐसे जाता है की मेमोरी कार्ड के खराब होने की सबसे बड़ी वजह एंड्रॉयड है क्योंकि एंड्रॉयड में वायरस आसानी से आ जाता है हम आपको बताते है की म्मोरी कार्ड को ठीक कैसे किया जाय।

सबसे पहले अपने अपने मेमोरी कार्ड को अपने लेपटॉप या कंप्यूटर से कनेक्ट करे इसे कार्ड रीडर के जरिये कनेक्ट किया जा सकता है इसके बाद Ctrl+R कमांड दें और जो विंडो ओपन होगी उसमे CMD लिखकर एंटर करें अब अपने मेमोरी कार्ड का नाम उसमे डालें एक्जाम्पल के लिए अगर मेमोरी कार्ड का नाम M है तो M टाइप कर एंटर कर दे इसके बाद फॉर्मेट M टाइप कर एंटर करे अब आपके पास एक कंफर्मेशन मैसेज आएगा।

उसमें हां के लिए Y या ना के लिए N एंटर करें Y पर क्लिक करने पर आपका मेमोरी कार्ड format होना शुरू हो जाएगा और उसके बाद आपका मेमोरी कार्ड ठीक हो जाएगा।

Apache Helicopter: पाकिस्तान में रडार तोड़ कर अमेरिका ने ऑपरेशन ‘ओसमा’ को दिया था अंजाम, एक नहीं 5 हैं खूबियां

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भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को पठानकोट एयरबेस पर एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की मौजूदगी में 8 अपाचे हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया। ये लड़ाकू विमान अपाचे एएच -64 ई आतंकवाद और किसी भी मौसम में कार्रवाई करने में सक्षम हैं। ये हेलीकॉप्टर वायुसेना की ताकत को और बढ़ावा देंगे।

वायुसेना प्रमुख ने की तारीफ

पठानकोट एयरबेस में हुए समारोह के दौरान वायुसेना प्रमुख मार्शल बीएस धनोआ मुख्य अतिथि थे। वायुसेना प्रमुख और पश्चिमी वायु कमांडर एयर मार्शल आर नांबियार ने पहले पूजा पाठ की और उसके बाद इन हेलीकॉप्टरों को शामिल किया गया। इसकी ताकत को लेकर धनोआ ने भी खुलकर तारीफ की। भारत अपाचे हमले के हेलीकाप्टरों का संचालन करने वाला दुनिया का 16 वां देश बन गया है। देश में 22 विमान आने हैं जो अगले कुछ चरणों में शामिल होते रहेंगे।

आतंकी ओसामा को पकड़ने के लिए हुआ था इस्तेमाल

इस लड़ाकू विमान को आसमान का सिकंदर भभी कहा जाता है जो बड़ी सटीकता के साथ घातक गोलाबारी करता है। वैसे बता दें कि इस विमान का इस्तेमाल अमेरिका ने दुनिया के मॉस्ट वांटेड आतंकी और 9/11 के हमलावर ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के लिए किया था। इसी विमान के जरिए अमेरिकी सेना पाकिस्तान में घुसी थी और पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था। अपाचे पाकिस्तानी सेना की रडार में नहीं आ सका था।

एएच-64 अपाचे सबसे खतरनाक हेलीकॉप्टरों में से एक है। जो कभी भी और कहीं भी उतार सकता है। 1975 में अपनी पहली उड़ान के बाद से इस हेलीकॉप्टर ने कई बड़ी ऑपरेशनों के अंजाम दिया और कई देशों में निरंतर काम कर रहा है। अपाचे दो जनरल इलेक्ट्रिक टी700 टर्बोशाफ्ट इंजन को पैक करता है।

हेलीकॉप्टर की खासियतें

सबसे पहली बात इस हेलीकॉप्टर को दो पायलटों की मदद से उड़ाया जा सकता है। पायलट हवा से किसी भी टारगेट को उड़ा सकता है। यदि पायलट में से एक की मौत हो जाती है तो दूसरा पूरी तरह से उड़ाने में सक्षम होगा। चॉपर के 30 मिमी एम 230 चेन गन को ट्रैक करता है। एंटी टैंक मिसाइलों, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और अधिक के रूप में कुछ गंभीर हथियार को भी मार गिराने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि ये लेजर से अपने टारगेट को निशाना बनाकर उड़ा सकता है।

ये हैं पांच खूबियां

1. ये अपाचे हेलीकॉप्टर एक टर्बोशफ्ट इंजन का 4 ब्लेड वाला लड़ाकू विमान है।

2. इस विमान की दूसरी खूबी है कि ये 265 किलो मीटर की रफ्तार से आमसान में उड़ता है।

3. तीसरी खूबी है कि यह लड़ाकू विमान किसी भी मौसम और रात में भी ऑपेशन को अंजाम दे सकता है।

4. चौथी खूबी कि इस फाइटर जेट से किसी भी रॉकेट और मिसाइलों को लाया जा सकता है।

5. पांचवीं बड़ी खूबी ये है कि इस हेलीकॉप्टर के जरिए दुश्‍मन की सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है।

दुर्ग: पुलिस ने किन्नरों के ठिकानों पर दी दबिश, दो बच्चियों को छुड़ाया

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छत्तीसगढ़ के दुर्ग (Durg) जिले में दो किन्नरों के पास बिना वैधानिक प्रक्रिया के बच्चों के रखने का मामला सामने आया है. बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के बच्चों के रखने पर पुलिस ने दो किन्नरों (Transgender) के घर दबिश ( Police Raid) दी. इस दौरान पुलिस को घर से कथित तौर पर गोद ली गई दो मासूम लड़की मिली. पुलिस ने एक किन्नर के खिलाफ कोतवाली थाने में दर्ज कराया है, जबकि दूसरे किन्नर को सीडब्ल्यूसी (CWC) में पेश होने का आदेश दिया है.

पुलिस ने किन्नरों के घर दी दबिश

पुलिस के मुताबिक दबिश के दौरान उरला की रहने वाला सोनाली किन्नर के पास से 6 साल की बच्ची मिली है, तो वहीं दूसरे किन्नर छाया के घर से साल भर की एक बच्ची मिली है. बच्ची के संबंध में किन्नर छाया ने बताया कि बच्ची को नागपुर से करीब 6 महीने पहले ही लाया गया था. जब इस संबंध में पुलिस ने किन्नर से दस्तावेज (Document) मांगे तो वह बच्ची के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया, जिसके बाद पुलिस ने किन्नर को हिरासत में ले लिया और बच्ची को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया.

वहीं दूसरे किन्नर सोनाली ने पूछताछ में बताया कि उसने बच्ची को करीब साढ़े पांच साल पहले रायपुर के रेलवे स्टेशन के पास रहने वाली नशेड़ी महिला से लिया था. तब से बच्ची का लालन पालन कर रहा है. चाइल्ड लाइन की मेंबर भारती ने बताया कि किन्नर सोनाली को बच्ची को लेकर सीडब्ल्यूसी में पेश होने का आदेश दिया है. इस दौरान बच्चों से भी बातचीत की जाएगी. फिर आगे की कार्रवाई पुलिस करेगी. फिलहाल पुलिस इस मामले में सभी पक्षों का बयान ले रही है.

छत्तीसगढ़ की वनतुलसी पर बांग्लादेश की नजर, किसान हो रहे मालामाल जानिए…

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 छत्तीसगढ़ की वनतुलसी पर बांग्लादेश की नजर लग गई है। बांग्लादेश के व्यापारियों की रुचि के चलते छत्तीसगढ़िया तुलसी के आयात के दरवाजे भी खुल गए हैं। मैसूर और बेंगलुरु की अगरबत्ती निर्माता इकाइयां हमेशा से छत्तीसगढ़ की ही वनतुलसी की खरीदी को प्राथमिकता देती रही हैं, लेकिन इस बार स्थितियां कुछ बदली-बदली सी नजर आ रही है। चौतरफा मांग और कम उत्पादन के किसानों को अच्छी कमाई के आसार हैं।

बेंगलुरु और मैसूर की अगरबत्ती निर्माता कंपनियों की मांग वैसे तो हमेशा से रहती आई है लेकिन अगस्त से नवंबर माह का समय हमेशा से इन इकाइयों के लिए संकट का माना जाता है क्योंकि स्टॉक लगभग समाप्ति की ओर हो चुका होता है, लेकिन इस बार बांग्लादेश ने छत्तीसगढ़ की वनतुलसी के लिए अपना बाजार खोल दिया है इसलिए इन दोनों शहरों को आपूर्ति कम कर दी गई है।प्रदेश में स्टॉक का हाल यह है कि यह लगभग समाप्ति की ओर है इसलिए ऊंचे दर पर खरीदी हो रही है।

पूरा छत्तीसगढ़ वनतुलसी से आच्छादित

वनतुलसी के लिए पूरा छत्तीसगढ़ श्रेष्ठ माना जाता है। हर जिला, हर गांव इससे धनी है। नवंबर के माह में जब नई फसल तैयार होने लगती है, तभी से सौदे होने लगते हैं लेकिन इस बार स्थितियां पूरी तरह विपरीत है क्योंकि बांग्लादेश में इस तुलसी की अच्छी मांग है।

क्या है वनतुलसी

तुलसी परिवार का सदस्य होने से इसे भी महत्ता मिली हुई है। मेडिशनल प्रॉपर्टीज के गुण ज्यादा होने के बाद भी इसे घरों में जगह नहीं मिली। अनुसंधान में तुलसी की जिन प्रजातियों की पहचान हुई है उसमें इसे दसवां सदस्य माना गया है।

जो नौ और सदस्य उनमें राम तुलसी, बहु तुलसी, ज्ञान तुलसी, श्वेत तुलसी, रजत तुलसी और बनतुलसी जैसे मुख्य है। लेकिन सबसे ज्यादा औषधीय गुण इसी में मिले है। घरों में जगह नहीं मिलने से इसने अपने आप को खरपतवार के बीच बसा लिया है। 4 से 5 फीट तक की ऊंचाई वाला वनतुलसा का बीज दिसंबर के अंत में तैयार हो जाता है।

ये औषधीय गुण

इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबायोटिक्स, एंटी बैक्टीरिया, एंटी डिजीज, एंटी बर्न के अलावा और महत्वपूर्ण गुण मिले हैं। देश में इसके बीज के पाउडर को अगरबत्ती के पाउडर को स्टिक में चिपकाने के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन बांग्लादेश ने इसके बीज से आयुर्वेदिक दवा बनाने की उपयोग करना शुरू कर दिया है।

ऐसे हैं भाव

मैसूर, बेंगलुरु में पूरे साल मांग बने रहने से जो बीते बरस 1400 से 1600 रुपए प्रति क्विंटल पर था। वह आज बांग्लादेश को निर्यात किए जाने के बाद 1800 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच चुका है। नई फसल नवंबर-दिसंबर में आने के बाद भाव में और तेजी की संभावना है क्योंकि निर्यात के बाद घरेलू मांग के दबाव के बीच और बढ़ने की पूरी संभावना है।

वनतुलसी मुख्यतः तुलसी परिवार का ही एक प्रजाति है। इसमें मेडिशनल प्रॉपर्टीज बहुत है। आयुर्वेदिक दवाई बनाने से इसे अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने लगी है । बनी दवाइयों का सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें

ब्‍वॉयफ्रेंड का दूर बैठना बर्दाश्‍त नहीं कर सकी गर्लफ्रेंड, एयर होस्‍टेस पर फेंक दी खौलता पानी-गर्म नूडल्स

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एक फ्लाइट अटेंडेंट का काम आसान नहीं है। सिर्फ एक बेल पर विमान में यात्रियों की हर बात सुनना और फॉलो करना, उनकी जरूरतों का ख्‍याल रखना कोई आसान नहीं। लेकिन ऐसे में भी कुछ लोग कभी-कभी फ्लाइट अटेंडेंट से बदसलूकी करते हैं। क्‍योरा पर सवाल- आपने फ्लाइट में किसी फ्लाइट अटेंडेंट के साथ सबसे अपमानजनक चीज क्या देखी है के जवाब में एक यूजर ने अपने साथ हुए ऐसे ही घटना का जिक्र किया है जो हैरान करने वाला है। यूजर का नाम नूरालिया है। वो खुद एयर एशिया में फ्लाइट अटेंडेंट हैं। नूरालिया ने बताया कि किस तरह एक महिला यात्री ने एयर होस्‍टेस पर गर्म पानी फेंक दिया था। नूरालिया क‍हती हैं कि वो एयर होस्‍टेस के साथ बदसलूकी कर रही थी।ब्‍वॉयफ्रेंड से दूर बैठने को लेकर थी नाराज

डेली मेल के मुताबिक एक महिला यात्री को तब काफी गुस्सा आया जब उसे पता चला कि विमान के अंदर उसकी सीट उसके ब्वॉयफ्रेंड के पास नहीं है। गर्लफ्रेंड को इस बात पर इतना जबरदस्त गुस्सा आया कि उसने सर्व की गई गर्मागर्म नूडल्स और गर्म पानी को वहां खड़ी एक एयर-होस्टेस के मुंह पर फेंक दिया।

प्रेमी-प्रेमिका थे सिरफिरे

दोनों ही प्रेमी-प्रेमिका सिरफिरे थे। सीट ब्वॉयफ्रेंड के पास ना मिलने की लिए उसने एयर-होस्टेस पर गर्मागर्म नूडल्स और पानी डाले तो वहीं दूर सीट पर बैठे ब्वॉयफ्रेंड ने एयर होस्टेस को विमान उड़ा देने की धमकी भी दी। ये सब हो रहा था और बाकी पैसेंजर्स घटना की तस्वीरें और वीडियो लेने में बिजी थे।

इसी बीच जोर से चिल्‍लाई एयरहोस्‍टेस

इसी बीच एयर होस्टेस की चिल्लाने की आवाज सुनकर फ्लाइट में ही जरूरी क्रू मेंबर्स वहां पहुंचे। देखते ही देखते मामला इतना गंभीर हो गया कि क्रू मेंबर्स एयर-होस्टेस के हाल देखने पहुंचे। उसे संभालने लगे और उसके बचाव में आ गए। जब चलते विमान में इतना कुछ घटा तो पायलटों और विमान के अन्य अधिकारियों को विमान रोक कर सिरफिरे आशिक और उसकी माशूका को सामान सहित बाहर करना पड़ा। आगे की यात्रा में कोई रूकावट ना हो इसलिए विमान को वापस मोड़ लिया गया और 90 मिनट की यात्रा को रद्द कर दिया गया। इस पूरी घटना से बाकी सभी यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। उनकी यात्रा रह गई।

प्रियंका का केंद्र पर निशाना, पूछा- कब तक हेडलाइन मैनेजमेंट से काम चलाएगी सरकार

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उत्तर प्रदेश कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंदी को लेकर एक बार फिर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार से मंदी को स्वीकार करने के लिए कहा है। प्रियंका ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘किसी झूठ को सौ बार कहने से झूठ सच नहीं हो जाता। भाजपा सरकार को ये स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक मंदी है और उन्हें इसे हल करने के उपायों की तरफ बढ़ना चाहिए। मंदी का हाल सबके सामने है। सरकार कब तक हेडलाइन मैनेजमेंट से काम चलाएगी?’ इससे पहले प्रियंका गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें आर्थिक मंदी पर राजनीति न करने की सलाह दी थी। प्रियंका ने ट्वीट करके लिखा, ‘क्या सरकार स्वीकार करती है कि यहां मंदी है या नहीं? वित्त मंत्री को राजनीति से ऊपर उठकर हमारी वर्तमान अर्थव्यवस्था के बारे में देश की जनता से सच बोलना चाहिए। यदि वह इस बात (मंदी) को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं तो सबसे बड़ी समस्या को कैसे सुलझा पाएंगी जो उन्होंने खुद पैदा की है।’

अर्थव्यवस्था को लेकर 31 अगस्त को प्रियंका ने कहा था कि जीडीपी विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है। न जीडीपी ग्रोथ है न रुपए की मजबूती। रोजगार गायब हैं। अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?

30 अगस्त को कांग्रेस महासचिव ने बैक फॉड को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने ट्वीत करते हुए लिखा, ‘देश की सबसे बड़ी बैंकिंग संस्था आरबीआई कह रही है कि सरकार की नाक के नीचे बैंक फ्रॉड बढ़ते जा रहे हैं। 2018-19 में ये चोरी और बढ़ गई। बैकों को 72,000 करोड़ रुपए का चूना लग चुका है। लेकिन वो गारंटर कौन है जो इतने बड़े फ्रॉड होने दे रहा है?’

पहले था 30, 24, 34 साइज, अब है महज 16 इंच है कमर, ऐसे हुआ ये कमाल

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आज के जमाने में हर कोई खूबसूरत दिखना चाहता है। खूबसूरत दिखने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते हैं। उसके लिए अपना प्रोपर डाइट चार्ट बनाते हैं, एक्सरसाइज करते हैं,पार्लर जाते हैं।

अलग-अलग प्रकार के बॉडी ट्रीटमेंट लेते हैं,सर्जरी कराते हैं लेकिन आज ऐसी शख्सियत से मिलाने जा रहे हैं जिन्होंने कॉर्टून जैसा दिखने के लिए कुछ ऐसा किया जिसे सोचकर आपका शरीर काप उठेगा।

आपको फोटो में जो डॉल जैसी खूबसूरत लड़की नज़र आ रही हैं। ऐसा दिखने के लिए वह 200 बार सर्जरी करा चुकी हैं। उसके लिए लड़की अभी तक करोड़ों रूपए खर्च कर चुकी हैै। कई बार ऐसा होता है लड़कियां खूबसूरत दिखने के लिए सर्जरी कराती है और बिगड़ जाती है।

लेकिन यह पहले से भी ज्यादा खूबसूरत दिखने लग गई है। इस लड़की का नाम पिक्सी फॉक्स है। 200 बार सर्जरी करा चुकी इस लड़की ने अपनी 6 पसलियां ही हटवा दी। सर्जरी के बाद लड़की की कमर का साइज सिर्फ 16 इंच रह गया है।

सर्जरी से पहले 30,24,34 साइज था। शरीर की पसलियां निकालने के लिए तकरीबन 1,20,000 रूपए का खर्च आया। इतना सब पढ़ने के बाद आप जान गए होंगे यह लड़की कॉर्टून कैरेक्टर जैसा दिखने के लिए किस हद तक जा सकती है।

लड़की की खूबसूरती बनी थी मुसीबत, एक रात में चौरासी गांव बने थे श्मशान

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जैसे की हम जानते है की इस दुनिया के सबसे बड़ी ताकतवर चीज एक औरत की खूबसूरती और एक पुरुष की बुद्धि है। यदि स्त्री चाहे तो अपनी खूबसूरती से किसी को भी अपने वश में कर सकती है और पुरुष अपनी बुद्धि से।

आज हम जिस बात के बारे में बताने वाले है यह वास्तव में आपको हैरान कर देने वाली है क्यूंकि इस लड़की की खूबसूरती के पीछे पूरा गाँव श्मशान घाट में बदल गया। इस लड़की की खूबसूरती ने सिर्फ उनके परिवार वालों को ही नहीं बल्कि पुरे 84 गांव को रातों रात उजाड़ दिया था।

यह गांव आज भी पूरी तरह से वीरान पड़ा हुआ है, इस गांव में भी भानगढ़ की तरह ही एक खूबसूरत लड़की की दास्तान छुपी हुआ है। वैसे आपको बतादे की पालीवाल ब्राह्मणों के पूर्वजों का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी रुक्मिणी से जुड़ा हुआ है और इसके बारे में ऐसा भी माना जाता है की पालीवाल ब्राह्मण इनके पुरोहित हुआ करते थे।

सन 1825 के आसपास यहां पर ये घटना घटित हुई थी जब यहाँ पर पालीवाल किसान हुआ करते थे। इस लड़की की खूबसूरती के पीछे ही इस गाँव का पूरा राज छुपा हुआ था जिसको आज तक कोई भी नहीं जान सका।

यहां पक्षियों को खिलाई जा रही है गर्भनिरोधक गोलियां, सच्चाई जानकर रह जाएंगे दंग

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भारत में बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए सरकार ने कई नियम और कानून बनाये लेकिन कोई असर दिखाई नहीं दिया। इंसानों से हार मानकर अब पक्षियों की और ध्यान देना शुरू कर दिया है। इंसानो के बाद अब पक्षीयों में भी फैमिली प्लानिंग की जरूरत पड रही है।

इसी के चलते स्पेन में कबूतरों के लिए फैमिली प्लानिंग की जा रही है। यहां कबूतरों को दाने में गर्भनिरोधक गोलियां खिलाई जा रही है। ऐसा इसलिए कर रहे है ताकि कबूतरों की बढती जनसंख्या को काबू पाया जा सके।

स्पेन के बाडिया डेल वैलेस में कबूतरों की बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने के लिए कबूतरों के दाने में गर्भनिरोधक गोलियों मिला कर खिलाई जा रही हैं। इस स्पेशल दाने को तैयार करने के लिए स्वचालित डिस्पेंसर्स लगाए गये है।