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अब रेल टिकट खरीदना होगा महंगा, कल से लगेंगे ये चार्जेस

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आईआरसीटीसी से ई-टिकट खरीदना अब महंगा होगा. एक आदेश के तहत भारतीय रेलवे ने एक सितंबर से सर्विस चार्ज बहाल करने का फैसला किया है. आईआरसीटीसी की ओर से 30 अगस्त को जारी आदेश के मुताबिक अब आईआरसीटीसी गैर वातानुकूलित श्रेणी (नॉन एसी) की ई-टिकट पर 15 रुपये और प्रथम श्रेणी सहित वातानुकूलित श्रेणी (एसी कोच) की सभी ई-टिकट पर 30 रुपये का सर्विस चार्ज वसूल करेगा. माल और सेवा कर (जीएसटी) इससे अलग होगा.

बता दें कि तीन साल पहले बीजेपी की नेतृत्व वाली मोदी सरकार ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सर्विस चार्ज वापस ले लिया था. पहले आईआरसीटीसी गैर वातानुकूलित श्रेणी की ई-टिकटों पर 20 रुपये और सभी वातानुकूलित श्रेणी की ई-टिकटों पर 40 रुपये का सर्विस चार्ज लेता था.

इस महीने के शुरू में रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को ऑनलाइन टिकटों पर यात्रियों से सर्विस चार्ज वसूलने की मंजूरी दी थी.

अमेरिकी महिला ने सरेआम की प्रियंका चोपड़ा की बेइज्जती, वीडियो देखकर भड़क जाएंगे फैंस…

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बॉलीवुड के बाद दुनियाभर में नाम कमाने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। कभी उनका अंदाज लोगों की जुबान पर चढ़ जाता है तो कभी उनके पति निक जोनस के साथ उनकी अठखेलियां लोगों को भा जाती हैं। बीते दिनों एक इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने अमेरिकी फैंस को भारतीय फैंस से ज्यादा सभ्य बताया था इसके बाद लोग उनसे काफी नाराज हो गए थे। हाल ही में एक अमेरिकी महिला ने प्रियंका की बेइज्जती कर दी।

सोशल मीडिया पर एक अमेरिकी महिला का वीडियो वारयल हो रहा है। इस महिला का नाम धालीवाल बताया जा रहा है। उसने अपने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वो महिला एक मैगजीन को कचरे के डिब्बे में फेंकती नजर आ रही है।

आपको बता दें कि इस मैग्जीन के कवर पेज पर प्रियंका चोपड़ा की फोटो छपी हुई है। इस वीडियो को शेयर करते हुए महिला ने लिखा, ‘यह पत्रिका आज मेरे घर पर आई, मैंने सोचा कि इसे रीसाइक्लिंग के बजाय अगर मैं इसे फेंक देती हूं तो यह सबसे अच्छा होगा।

आपकी खूबसूरती का राज कढ़ी पत्ता मसाला ही नही है बल्कि यह बन सकता है…

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कढ़ी पत्ता हम सभी खाने में तड़का लगाने के लिए काम में लेते हैं । यह खाने को और भी ज्यादा स्वादिष्ट बना देता है । यह बहुत ही गुणकारी हर्ब है । यह हमको कई तरह की बीमारियों से बचाने का काम करता है । आप लोग शायद बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जो यह बात जानते है की जिस भी भोजन में करी पत्ता डालता है सभी सेलिब्रिटी उसी का सेवन करना पसंद करते हैं ।

दक्षिण के भोजन में इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है । यह पाचन में बहुत ही कारगर काम करता है । इसका सेवन कभी भी पेट से जुड़ी बीमारियाँ नही होने देता है । पर आजा हम आपको करी पते का सेवन करने से होने वाले फायदे के बारे में नही बल्कि करी पत्ते से खूबसूरती को बढ़ाने के बारे में बताने जा रहे हैं ।

करी पत्ते में विटामिन सी, फॉस्फोरस, आयरन, कैल्शियम और निकोटिनिक एसिड होता है। करी पत्‍ते को आप स्किन व हेयर ट्रीटमेंट के लिए इस्‍तेमाल कर सकते हैं । करी पत्‍ता आपके चेहरे में निखार और बालों में चमक लाने में भी मददगार है। यह आपके बालों लंबा घना मजबूत व बालों के विकास में सहायक है।

इसके अलावा, करी पत्ता प्रोटीन और बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा स्रोत हैं, जो बालों को घना और मजबूत बनाता है। झड़ते बालों की समस्‍या को दूर करने के लिए आप घर पर अपने बालों के लिए एक टॉनिक तैयार कर सकते हैं। जो की झड़ते बालों को रोक सकते हैं। करी पत्‍ते में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट आपके सिर को मॉश्‍चराइज करेंगे और आपकी डेड स्किन सेल्‍स को निकालने में मददगार है।

चिंतामण गणेश के लिए 11 लाख मोतियों से सजा स्वर्ग महल…

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 शहर के पश्चिम क्षेत्र स्थित गणेशधाम सिलावटपुरा में चिंतामण गणेश इस बार स्वर्ग महल में 10 दिन तक दर्शन देंगे। तीन लाख के खर्च से बनाए जा रहे 11 लाख मोतियों के 30 बाय 12 फीट के महल को शहर के 12 युवा एक माह से सजा रहे हैं। वे नौकरी और व्यवसाय से समय निकाल और सोशल मीडिया से किनारा कर हर दिन 8 से 12 घंटे सेवाएं दे रहे हैं। इन युवाओं का कहना है कि वे इससे पहले भी कई मंदिरों में भगवान का श्रृंगार और महल का निर्माण कर चुके हैं। इसके लिए वे किसी भी तरह का पारिश्रमिक नहीं लेते हैं।

महल निर्माण में मोतियों के साथ जरी, गोंद, मोती, तिलक, चीड़ का मोती दाना, सिल्वर पाइप, गोल्ड पाइपदाना, चमकीले तारे, रुद्राक्ष, फेविकोल आदि का इस्तेमाल किया गया है। महल का कार्य गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले 1 सितंबर की शाम तक पूरा हो जाएगा। दल के प्रमुख कालू सारडा बताते हैं कि इस तरह के बंगले के निर्माण की रूपरेखा मित्रों से चर्चा कर तय की जाती है। पहले इस महल का निर्माण हमें मुश्किल लगा रहा था, लेकिन काम शुरू होने के बाद महल ने आकार ले लिया।

इस कार्य के दौरान हम लोग मोबाइल से दूर रहते हैं और सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं। प्रदीप पाठक ने बताया कि हम इससे पहले भी कई मंदिरों में सेवाएं दे चुके हैं। इसमें पद्मावती वेंकटेश देवस्थान एरोड्रम रोड, लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग, कांटाफोड़ मंदिर, मरीमाता स्थित सिद्ध विजय गणेश मंदिर, रणजीत हनुमान मंदिर में बंगले सजा चुके हैं। इसमें फूल बंगला, अनाज बंगला, सावन भादव दर्शन, अमरनाथ की झांकी, इलायची का झूला आदि बना चुके हैं।

इन युवाओं ने सजाया मंगलमूर्ति का दरबार

खजराना गणेश मंदिर के पुजारी जयदेव भट्ट, वेंकटेश मंदिर के स्वामी विष्णुप्रपन्नााचार्य, रणजीत हनुमान मंदिर के पुजारी दीपेश व्यास सहित मंदिर प्रमुख के दिशा-निर्देश में इन युवाओं की टीम सेवाएं देती है। इस टीम में प्रदीप पाठक, कालू सारडा, मुकेश सोलंकी, अर्पित पुरोहित, अंकित पाठक, केशव गोयल, मिथुन सारडा, प्रवीण पोरवाल, प्रभात राठौड़, गोलू दगदी, युवराज सोनी आदि शामिल हैं।

इतने फीसद घटी घरेलू बिक्री, मंदी की मार झेल रही मारुति सुजुकी कंपनी..

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ऑटोमोबाइल जगत इन दिनों मंदी की मार झेल रहा है। हालत ये है कि ऑटो कंपनियों में नौकरी करने वाले करीब 3 लाख कर्मचारियों को अब तक बेरोजगार कर दिया गया है। मंदी की वजह से ही भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की बिक्री में 36 फीसदी घटकर 93,173 इकाई रही। बीते साल अगस्त में रही 1,45,895 इकाई की तुलना में ये काफी कम है। बिजनेस लाइन की खबर के मुताबिक साल-दर-साल के आधार पर बिक्री 24 फीसदी गिरकर 54,274 इकाई रही. जबकि बीते साल अगस्त में ये आंकड़ा 71,364 इकाई का था।

अगस्त में मध्यम आकार की सेडान कार श्रेणी में मारुति सियाज की बिक्री साल-दर-साल 77 फीसदी घटकर 1,596 इकाई रही। बीते साल अगस्त में कार की बिक्री 7,002 रही थी। हालांकि उपयोगित वाहनों की श्रेणी में तीन फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, बीते महीने इस श्रेणी में 18,522 वाहनों की बिक्री हुई, जबकि जुलाई में 17,971 इकाई थी। हल्के वाणिज्यिक वाहन सुपर कैरी की बिक्री भी बीते महीने 14 फीसदी घटकर 1,555 रही. जुलाई महीने में यह 1,805 इकाई थी।

जानिए भोजपुरी के टॉप एक्टर की कमाई, निरहुआ-खेसारी-पवन सिंह की इतनी है फीस…

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भारत में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री बहुत तेजी से आगे बढ़ी है. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री हर साल करीब 140 फिल्में रिलीज करती है. अबतक भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म मनोज तिवारी की ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ है. इसकी कमाई 20 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई थी. बॉलीवुड की तरह ही भोजपुरी में भी अभिनेत्रियों की फीस अभिनेताओं से कम है. इनमें बड़े नाम मनोज तिवारी, पवन सिंह, खेसारी लाल, और निरहुआ जैसे स्टार्स के हैं. क्या आप जानते हैं इन फिल्मों के अभिनेता एक फिल्म का कितना पैसा लेते हैं? देखें यहां…

रवि किशन
भोजपुरी फिल्मों के टॉप एक्टर्स में दूसरा नाम रवि किशन का आता है. रवि किशन भोजपुरी के अमिताभ बच्चन कहे जाते हैं. उन्होंने भोजपुरी के अलावा कई बॉलीवुड की फिल्मों में काम किया है. रवि किशन ने सलमान से लेकर कई बड़े बॉलीवुड स्टार्स के साथ काम किया है. उन्होंने भोजपुरी और बॉलीवुड के अलावा साउथ की भी कई हिट फिल्मों में काम किया है. फिलहाल, वे कई फिल्मों में एक्टिंग कर रहे हैं. रवि किशन अपनी एक फिल्‍म के लिए 20 से 50 लाख रुपए तक फीस लेते हैं.

भोजपुरी सिनेमा में सुपरस्‍टार निरहुआ मनोज तिवारी और रवि किशन के बाद तीसरे सबसे बड़े एक्टर हैं. दिनेश लाल अपनी एक फिल्‍म के लिए 30 से 35 लाख रुपए लेते हैं. दिनेश के बारे में बताया जाता है कि वे काफी गरीब फैमिली से आते हैं.

भोजपुरी एक्टर और सिंगर पवन सिंह भी इंडस्ट्रीज के टॉप एक्टर्स में शामिल हैं. भोजपुरी एलबम से अपने करियर की शुरुआत करने वाले पवन सिंह एक फिल्म के लिए 30-40 लाख रुपए तक चार्ज करते हैं. पवन सिंह को उनकी फिजीक के लिए भोजपुरी फिल्मों का सलमान खान कहा जाता है. पवन अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहते हैं.

 खेसारी लाल यादव
खेसारी लाल यादव को शत्रुघ्न यादव के नाम से भी जाना जाता है. खेसारी को पहली सक्सेस भोजपुरी एलबम ‘माल भेटाई मेला’ से मिली. उन्होंने साल 2012 में भोजपुरी फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ से एंट्री की थी. बताया जाता है कि खेसारी गरीब फैमिली से आते हैं. अपनी पहले एलबम के लिए उन्हें लिट्टी चोखा की दुकान खोलनी पड़ी थी. खेसारी लाल यादव अपनी एक फिल्म का अब लगभग 35-40 लाख रुपए फीस लेते हैं.

इमली खाने के इन लाभों को नहीं जानते होंगे आप…

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इमली में स्वाद के अलावा बहुत से ऐसे गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते है। विटामिन सी, कैल्शियम,आयरन,फाइबर तथा पोटाशियम जैसे और भी त्तव इसमें भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

आइये आज जानते हैं इसके फायदो के बारे में.

भूख बढ़ाएं : अगर आपको भूख नहीं लगती है तो आप इमली का सेवन कीजिए। इससे आपको भूख लगने लग जाएगी। आपको बता दें कि इमली के पानी मे थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर पीने से भूख लगनी शुरू हो जाती है।

पाचन क्रिया में होगा सुधार : इमली में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। पाचन क्रिया में सुधार के लिए एक लिटर पानी में एक चम्मच इमली के गुद्दे को डालकर उबाल लीजिए और ठंड़ा होने पर छानकर पी लीजिए।
जुखाम : सर्दी लगने पर पक्की इमली के रस में मिश्री मिलाकर पीने से जल्द आराम मिलता है।

वजन होगा कम : अगर आप मोटापे की समस्या से परेशान हैं तो अपने खाने में इमली शामिल कीजिए। इसमें हाइड्रोऑक्साइटिक एसिड होता है जो वजन कम करने में मददगार है।

सूजन से मिलेगी राहत : जोड़ो का दर्द होने पर इमली को लेप बनाकर सूजन पर लगा लीजिए और ऊपर से सूती कपड़े से लपेट लीजिए। इससे सूजन कम होगी।

बवासीर में इमली रामबाण : बवासीर में इमली रामबाण के रूप में काम आती है। इसमें के गुद्दे को पानी में मिलाकर रोगी को दिन में 2 बार पीलाना चाहिए। इससे राहत मिलती है।

मनमोहन सिंह : बदले की राजनीति छोड़कर अर्थशास्त्रियों की सुने मोदी सरकार, तभी उबरेगा देश मंदी से…

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देश की अर्थव्यवस्था इस समय बेहद चिंताजनक दौर में है। पिछली तिमाही में विकास दर का 5 फीसदी रहना इस बात का संकेत है कि देश एक भयावह मंदी की तरफ जा रहा है। भारत कहीं अधिक तेज़ी से विकास करने की क्षमता रखता है, लेकिन मोदी सरकार के चौतरफा कुप्रबंध ने देश को मंदी में झोंक दिया है।

खास तौर से सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई सुस्ती है जिसकी विकास दर सिर्फ 0.6 फीसदी पर पहुंच गई है। इससे साफ हो जाता है कि नोटबंदी और बेहद खराब तरीके से लागू जीएसटी जैसी मानव निर्मित गलतियों से अभी तक नहीं उबर पाई है।

घरेलू मांग बेहद कम हो गई है और उपभोग यानी कंजम्पशन 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। नॉमिनल ग्रोथ रेट तो 15 साल के निचले स्तर पर है। करों से मिलने वाले राजस्व में जबरदस्त गिरावट है। कर पालन बेहद निराशाजनक है क्योंकि छोटे-बड़े सभी कारोबारी कर आतंकवाद का शिकार हो रहे हैं। निवेशकों का भरोसा डिग चुका है। किसी भी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यह बेहद कमजोर बुनियाद के संकेत हैं।

मोदी सरकार की नीतियों से बड़े पैमाने पर नौकरियां जा रही हैं और हम बिना रोजगार वाली अर्थव्यवस्था बनते जा रहे हैं। अकेले ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब साढ़े तीन लाख नौकरियां जा चुकी हैं। अनौपचारिक क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति है, जिसका असर सीधे तौर पर कामगारों और मजदूरों पर पड़ रह है।

ग्रामीण भारत बेहद खराब स्थिति में है। किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है और ग्रामीण आमदनी में लगातार कमी आ रही है। महंगाई की कम दर जिसे मोदी सरकार गाजे बाजे के साथ पेश करती है, उसका खामियाजा किसानों और उनकी घटती आमदनी को भुगतना पड़ा है, इससे देश की करीब आधी आबादी का जीवन मुसीबतों भरा हो गया है।

सभी संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं और उनकी स्वायत्तता खत्म की जा रही है। आरबीआई की स्थिति भी बेहद चिंताजनक हो गई है खासतौर से अपने खजाने से 1.76 लाख करोड़ मोदी सरकार को देने के बाद। इतना ही नहीं सरकार इस पैसे का क्या करेगी, उसका रोडमैप तक अभी उसके पास नहीं है।

इसके अलावा, मौजूदा सरकार के दौर में भारत के आंकड़ों की साथ पर सवालिया निशान लगे हुए है। बजट में किए गए ऐलान और फिर उन्हें वापस लेने की घोषणाओं ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा हिला दिया है। विश्व स्तर पर भौगोलिक-राजनीतिक बदलावों के बाद भारत को अपने निर्यात क्षेत्र में जो फायदा उठाना चाहिए था, भारत उससे चूक गया है। मोदी सरकार के दौर में यह स्थिति हो गई है देश की अर्थव्यवस्था की।

हमारे युवा, खेतिहर मजदूर, उद्यमी और हाशिए वाला तबका इस सबसे कहीं बेहतक का हकदार है। गिरते विकास के मौजूदा दौर से देश का नुकसान हो रहा है। ऐसे में मैं मेरी सरका से अपील है कि बदले की राजनीति छोड़कर, वह समझदार और बुद्धिमान लोगों की आवाज़ें सुने ताकि मानव निर्मित देश की अर्थव्यवस्था को इस संकट से उबारा जा सके।

असल जिंदगी में गोरी मेम और हप्पू सिंह के बीच है यह रिश्ता, सुनकर चौंक जाएंगे आप…

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जो लोग सास- बहू के बोरिंग नाटकों को देखने के बाद बोर हो चुके थे उनके लिए टीवी शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ लाया गया जो आज के समय में सभी को भाता है. यह शो किसी ठंडी हवा के झोंके की तरह लगता है जो सास बहू के शो के बीच सभी को रहत देता है. वहीं आजकल इस शो की टीआरपी भी सबसे ज्यादा बढ़ चुकी है और छोटे पर्दे पर ‘भाभी जी घर पर है’ सबसे अधिक पसंद किए जाने वाला कॉमेडी शो भी बन चुका है. ऐसे में इस शो के इतना हिट होने के पीछे दरोगा का किरदार निभाने वाले हप्पू सिंह का हाथ बताया जाता है क्योंकि उन्हें शो में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है और इसी कारण उनके एक किरदार को उठाकर एक नया शो भी आया है जिसके नाम है ‘हप्पू की उल्टन पल्टन’.

आज हप्पू की वजह से ही भाभी जी घर पर हैं शो इतना लोकप्रिय बन पाया है| वहीं हप्पू सिंह की एक्टिंग में यूपी वालों को अपने शहर का कोई दरोगा नज़र आने लगा है, जो उन्हीं के जैसी भाषा बोलता है और देसी स्टाइल में रिश्वत मांगता है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यूपी के लोग कमेंट्स में कह चुके हैं. बीते दिनों शो के हप्पू सिंह ने एक इंटरव्यू दिया है जिसमे उन्होंने अपनी लाइफ से जुडी कई सच्चाई से पर्दा उठाया. जी हाँ, दरोगा उर्फ़ योगेश तिवारी ने कहा कि, ”मेरा पूरा परिवार टीचर से भरा पड़ा है सिर्फ मैं ही एक ऐसा सदस्य हूँ जिसने अभिनय को अपना जीवन समझा और मैं घर का सबसे छोटा बेटा हूँ.”

वहीं जब उनसे शो की भाभी जी के विषय में पूछा गया तो उन्होंने अपने रिश्ते को मीडिया के सामने उजागर करते हुए कहा कि ”सौम्या जी बड़ी ख़ूबसूरत अदाकारा है और मै उन्हें अपनी बहन मानता हूँ. इसी के साथ शो पूरा होने के बाद जब हम फ्री होते है तो सेट पर कई बार मस्ती मज़ाक कर लेते है हालाँकि मैं उन्हें काफी पसंद करता हूँ .

पश्चिम ओडिशा का नुआखाई महापर्व लौहनगरी में हर्षोल्लास मनाया जाता , ये है खासियत…

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पश्चिम ओडिशा का महापर्व नुआखाई लौहनगरी में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ओड़िया समाज पारंपरिक रीति-रिवाज से नुआखाई पर्व भादो शुक्ल पंचमी तिथि को मनाता हैं।

पश्चिम ओडिशा का महापर्व नुआखाई लौहनगरी में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। नुआखाई का शाब्दिक अर्थ नया खाना है। ओड़िया समाज पारंपरिक रीति-रिवाज से नुआखाई पर्व भादो शुक्ल पंचमी तिथि को मनाता हैं। इस वर्ष नुआंखाई पर्व तीन सितंबर को मनाया जाएगा।

पश्चिम ओडिशा निवासी लहलहाती फसल को इष्ट देवी मा संबलेश्वरी का आशीर्वाद मानकर सबसे पहले धान का भोग मां और अपने पूर्वजों को अर्पित करते हैं। सोनारी स्थित मां संबलेश्वरी शिव मंदिर में इस दिन समाज के लोगों की भीड़ उमड़ती है।

नुआंखाई पर कुरे पत्ता और नए धान का विशेष महत्व रहता है। पर्व के दिन कुरे पत्ते का दीया बनाकर पूजा-अर्चना की जाती है और नए अन्न का प्रसाद कुरे पत्ते पर ही ग्रहण किया जाता है। पर्व के दिन परिवार के सभी सदस्य नए उपजे अन्न का भोग लगाकर एक साथ ग्रहण करते हैं। इसके बाद घर के सभी छोटे सदस्य बड़ों को नुआखाई जुहार अर्थात प्रणाम करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

मा का भोग मिट्टी की नई हाडी में बनाया जाता है। प्रसाद में चूड़ा, गुड़ व नए धान का प्रयोग किया जाता है। पूजा के दौरान मंदिर में ओड़िशा का पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल, लीसान, मुहरी व झाझर बजाया जाता है। नुआंखाई के मौके पर घरों में आड़सा, मोड़ा और चकिल पीठा विशेष तौर पर बनाया जाता है। नुआखाई के मौके पर समाज के लोग एक माह पहले से ही घरों की साफ-सफाई शुरू कर देते हैं। पर्व के दिन जुहार भेंट कर बड़े बुजुर्गो को आशीर्वाद लिया जाता है। इस दिन लोग आपसी मन मुटाव को भूलकर एक-दूसरे के गले मिलते हैं।

खेत-खलिहान की करते पूजा

नुआंखाई के मौके पर गंडा समाज के लोग खेत-खलिहान की पूजा करते हैं। पूर्वजों को नया अन्न अर्पित करने के बाद सभी एक साथ बैठकर नया अन्न ग्रहण करते हैं। पर्व के मौके पर सभी घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं। लोग एक-दूसरे के घर जाकर शुभकामनाएं देते हैं।

युवा भी परंपरा के प्रति जागरूक

पश्चिम ओडिशा में मनाए जाने वाले नुआंखाई पर्व जमशेदपुर में भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। समाज के युवा अपनी परंपरा के प्रति काफी जागृत हैं। नुआंखाई के अवसर मुर्गा, नया धान, टोकरी, सारु, नारियल, बिरीदाल, गुड़, हेडुआ, मिट्टी की हंडी आदि की आवश्यकता होता है।