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इस खतरनाक बीमारी में दवाई लेने के बजाय करे बियर का सेवन ,मिलेगा जबरदस्त फायदा ,शोध का खुला…

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एक नए अध्ययन के अनुसार दर्द होने पर परसिटोमाल खाने के बजाय दो पॉइंट बियर से 25 परसेंट अधिक राहत मिलती है ग्रीनविच विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 400 से अधिक लोगों पर कुल 18 अध्यन किए हैं जिनमे पता चला है की दो पॉइंट बियर पीने से दर्द में 25 परसेंट तक राहत मिलती है।

एक रिसर्चर के अनुसार निष्कर्ष बताते हैं कि शराब एक प्रभावी एनाल्जेसिक है जो दर्द को तेजी से कम करने में मदद करता है बियर दर्द को नैदानिक रूप से प्रासंगिक कम कर देता है बियर लम्बे समय तक स्वास्थ्य के संभावित परिणामो के बावजूद लगातार दर्द वाले लोगो में शराब के दुरूपयोग की व्यख्या कर सकते है वहीं डॉ थॉम्पसन, जिन्होंने लंदन के ग्रीनविच विश्वविद्यालय में अध्ययन का नेतृत्व किया ने कहा ‘हमें इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि शराब एक प्रभावी दर्द निवारक दवा है।

इसकी तुलना ओपियोइड दवाओं जैसे कीडन से की जा सकती है और यह प्रभाव आमतौर पर दर्द में राहत दिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा पैरासेटामॉल की तुलना में अधिक शक्तिशाली है ये निष्कर्ष सही ही की बियर पीना ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक लेने से अधिक प्रभावी है।

लेकिन बियर के और कई नुकशान भी है इसके लिए आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए इस रिसर्च का मतलब शराब पीने को बढ़ावा देना नहीं है बियर भी एक हद तक ही दवाई का काम करती है।

दिल्ली और मुंबई तक पहाड़ की सब्जियों की महक…

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बेतालघाट ब्लॉक सब्जी उत्पादक के रूप में पहचान बना रहा है। इस ब्लॉक में बुजुर्ग और महिलाओं ही नहीं, बल्कि कई युवाओं ने भी सब्जी उत्पादन को स्वरोजगार का माध्यम बना लिया है। यहां होने वाली सब्जियों की दिल्ली, मुंबई और राजस्थान समेत देश के कई प्रांतों में खूब मांग है। हाथों हाथ बिकती हैं सब्जियां
नैनीताल और अल्मोड़ा जिले की सीमावर्ती गांवों में किसान मुख्य रूप से शिमला मिर्च, फूल गोभी, टमाटर, बीन, बंदगोभी, मिर्च, बैगन, मूली, तोरई, भिंडी और लौकी का उत्पादन करते हैं। जून से यहां सब्जियों का उत्पादन होने लगता है। कुछ किसान हल्द्वानी मंडी के माध्यम से सब्जी को उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र तक भेजते हैं। इन प्रदेशों में पहाड़ की सब्जियों की काफी मांग है। इस कारण स्थानीय सब्जी उत्पादकों को उचित दाम मिल जाता है।
यह हैं सब्जी उत्पादक गांव
बेतालघाट क्षेत्र की 3797 हेक्टेयर भूमि पर सब्जियों का उत्पादन होता है। इनमें नैनीताल जिले के बारगल, गरजोली, कफुल्टा, सीम, गजार, जजुला, जाख, घूना, सिमराड़, खराड़, पांगकटारा, सिल्टोना, बजेड़ी, व्यासी, लोहाली, छियोड़ी, मनरसा, गंगरकोट, सुयालबाड़ी, जौरासी, गौणा, क्वारब, मौना, क्वारब जैसे गांव सब्जी उत्पादन में जिले में अव्वल हैं, जबकि अल्मोड़ा जिले के पोखरी, टूनाकोट, तिपोला, चापड़, बंमस्यू, बजीना, पातली, मलौना, डौरब, उपराड़ी, कमान, बगवान में भी सब्जी का खूब उत्पादन होता है।

पपीते के पत्ते में होते हैं कई गुण…

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पपीते का सेवन कई बीमारियों से हमको निजात देता है यह बात हम सभी जानते हैं खास कर पेट से जुड़ी बीमारियों की परेशानी से । पर आज हम पपीते की नहीं पपीते के पत्ते की बात करने जा रहे हैं । आज हम बात कर रहे हैं की कैसे यह पते हमारे लिए रामबाण औषधि का काम करते हैं ।

पपीते के पत्तों में कई गुणकारी तत्व होते हैं जो की हमारे शरीर को बीमारियों से बचाते हैं । पपीते में अल्कलॉइड, पेपैन जैसे कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। इससे शरीर में फैले संक्रमित वायरस व बैक्टीरिया को काबू करने में मदद मिलती है।

डेंगू होने पर प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होने लगती है। सिरदर्द, बुखार व जोड़ों में दर्द परेशानी को और बढ़ा देता है। प्लेटलेट्स में कमी और बुखार के कारण शरीर में टूटन महसूस होने लगती है। ऐसे में पपीते के पत्ते में मौजूद आयुर्वेदिक गुण बुखार को कम करने के साथ ही प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में भी मदद करते हैं।

कई एक्सपेरिमेंट्स में यह बात भी सामने आयी है कि पपीते की पत्तियों के जूस या अर्क की मदद से मलेरिया का सफल इलाज हो सकता है। पपीते की पत्तियों में प्लाज्मोडीस्टैटिक प्रॉपर्टीज होती है जो अप्रत्यक्ष रूप से मलेरिया के फीवर को कंट्रोल करने में मदद करता है।हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के साथ ही पेट फूलना, सीन में जलन होना, खट्टे डकार आना, अपच महसूस होना और कब्ज जैसी कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।

बगावत की राह पर ज्योतिरादित्य सिंधिया?

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मध्य प्रदेश में सत्ता में काबिज कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी का अनुशासन और एकता तार-तार हो गई है। जिस गुटबाजी के चलते सूबे में कांग्रेस सत्ता से 15 साल दूर रही, वह इस वक्त पार्टी में एकदम सतह पर आ गई है। अध्यक्ष पद को लेकर सिंधिया और दिग्विजय गुट आमने-सामने आ गए हैं। दोनों ही गुटों के बड़े नेता यहां तक मंत्री और विधायक भी सीधे एक दूसरे पर हमलावर होकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष के लिए सिंधिया ने अपनी दावेदारी ठोंकते हुए पार्टी आलाकमान को अपना अल्टीमेटम पहले ही दे दिया है। इस बीच सिंधिया के बेटे महाआर्यमन ने सोशल मीडिया पर अपने पिता का एक वीडियो शेयर कर दिया, जिसके बाद प्रदेश की सियासत में मानो भूचाल आ गया। बेटे ने पिता का जो वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है उसमें सिंधिया उसूलों की बात करते हुए नजर आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद यह माना जा रहा है अब सिंधिया बगावत की राह पर आगे बढ़ गए हैं। सिंधिया को पीसीसी चीफ नहीं बनाया गया तो वह अपनी नई राह चुनने में देर नहीं करेंगे।

पार्टी में हाशिए पर सिंधिया : मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के समय ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी के सबसे बड़े और लोकप्रिय चेहरा माने जाते थे,उनके समर्थक उनको प्रदेश का भावी मुख्यमंत्री बताते थे। चुनाव में जब कांग्रेस ने सूबे में जीत हासिल कर अपना 15 साल का वनवास खत्म किया तो उसमें सिंधिया की मेहनत को काफी सराहा गया था।
समर्थक अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग करने लगे, लेकिन जब मुख्यमंत्री चुनने के बात आई तो कमलनाथ सिंधिया पर भारी पड़ गए और पार्टी आलाकमान ने कमलनाथ के नाम पर अपनी मोहर लगा दी।

उस वक्त भी सिंधिया की नाराजगी की खबरें खूब सुर्खियों में रहींं लेकिन राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद सिंधिया कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाने पर मान गए। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद जैसे जैसे समय बीतता गया सिंधिया सूबे की राजनीति से दूर होते गए और सियासी तौर पर प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर पहुंचते गए।

लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस के लोकप्रिय चेहरे सिंधिया को अपनी पारंपरिक सीट गुना-शिवपुरी में अपने ही चेले केपी यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा तो मानो सिंधिया के पैरों तले सियासी जमीन ही खिसक गई। हार के बाद सिंधिया सन्नाटे में आ गए। इस हार का अंदाजा न तो सिंधिया को था न हीं उनके समर्थकों को। सिंधिया के राजनीतिक करियर में ये पहली हार थी और इस हार ने सिंधिया को एक तरह सियासी तौर पर पार्टी में हाशिए पर पहुंचा दिया।

सियासी भंवर में सिंधिया : ज्योतिरादित्य सिंधिया जिनको राहुल गांधी का काफी करीबी माना जाता है अब एक सियासी भंवर में फंस चुके हैं। दिल्ली में पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन और सोनिया गांधी के फिर से कमान संभालने के बाद पार्टी में ऐसे नेता जो राहुल गांधी के खेमे के माने जाते थे अब हाशिए पर पहुंच गए हैंं, उनमें से एक नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी है।

वक्त को देखते हुए सिंधिया भी अपनी विचारधारा को बदलते हुए दिखाई दिए। जम्मू कश्मीर में 370 हटाने को लेकर जब पूरी कांग्रेस संसद में मोदी सरकार का विरोध कर रही थी, तब सिंधिया ने पलटी मारते हुए मोदी सरकार के फैसले का समर्थन कर दिया।

इस बीच सिंधिया को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की अटकलें भी लगती रहीं जिसमें एक खबर उनके भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलने की भी थी। इन सबके बीच सिंधिया की खमोशी ने सियासी अटकलों को और गरम कर दिया है।

घुमंतु लोगों से जड़ी-बूटी खरीदकर खाने से एक की मौत, 2 गंभीर…

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के चिल्हाटी थानांतर्गत ग्राम कहाड़कसा में एक परिवार को घुमंतु जड़ी-बूटी व्यापारी से जड़ी-बूटी खरीदकर खाना भारी पड़ा। जड़ी-बूटी का असर परिवार के एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटी की हालत गंभीर है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कहाड़कसा में एक शिक्षक राजेश्वर कोरे और उसका परिवार आज सुबह गांव में घुमंतु जड़ी-बूटी दवा के व्यापारी से जड़ी-बूटी खरीदी और उसका सेवन कर लिया। जड़ी-बूटी का सेवन राजेश्वर के अलावा उसकी पत्नी कौशल्या और बेटी पूमा ने भी किया। जड़ी-बूटी सेवन करने के कुछ देर बाद तीनों की स्थिति बिगडऩे लगी। यह देख कर अन्य परिजनों ने परिवार के तीनों सदस्यों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर कर दिया। हयंा इलाज के दौरान राजेश्वर की मौत हो गई। जबकि कौशल्या और उसकी बेटी उमा का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जड़ी-बूटी व्यापारी की तलाश कर रही है।

युवक ने 3 मिनट में 5 किग्रा एंकल वेट के साथ लगाईं 87 नी-स्ट्राइक, वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया…

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बी साई दीपक पटेल का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। दीपक ने तीन मिनट में 5 किलोग्राम एंकल वेट के साथ 87 नी-स्ट्राइक (घुटने से किक लगाना) लगाई थीं। दीपक ने यह रिकॉर्ड 7 अप्रैल को तोड़ा था, जिसका प्रमाण पत्र गिनीज की ओर से अब जारी हुआ है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से मिला ईमेल शेयर करते हुए दीपक इस उपलब्धि का क्रेडिट अपने गुरु को देते हैं। वे कहते हैं कि आज मैं जो भी हूं वह गुरुजयंत रेड्डी की वजह से हूं। उनके मार्गदर्शन की वजह से ही मैंने यह मुकाम हासिल किया है। 23 साल के दीपक इससे पहले भी दो बार स्ट्राइक के रिकॉर्ड बना चुके हैं। इनमें एक रिकॉर्ड तीन मिनट में 175 वन लेग फुल कॉन्टैक्ट नी-स्ट्राइक और एक मिनट में 142 फुल कॉन्टैक्ट एल्बो स्ट्राइक्स शामिल हैं। 

फिट इंडिया मूवमेंट को प्रमोट करना है
हैदराबाद के रहने वाले दीपक पटेल इस उपलब्धि को भारतीय फौज को समर्पित करते हैं। वे कहते हैं कि जवान अपनी जान को जोखिम में डालकर देश की रक्षा करते हैं। दीपक फिट इंडिया मूवमेंट को भी प्रमोट करना चाहते हैं।

दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी स्क्रीन पर रिलीज होने वाली पहली फिल्म बनी साहो…

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बाहुबली फेम प्रभास स्टारर फिल्म साहो शुक्रवार को देश की 100 से अधिक स्क्रीन पर रिलीज हो गई। दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी स्क्रीन पर रिलीज होने वाली यह पहली फिल्म बन गई है।

चेन्नई से 80 किलोमीटर दूर आंध्र प्रदेश के सुल्लुरपेट कस्बे में तैयार वी इपिक थिएटर में एक साथ 656 लोग फिल्म देख सकते हैं। थिएटर की स्क्रीन 100 फीट चौड़ी है, जबकि ऊंचाई 54 फीट है।

यूनिक है इस थिएटर की स्क्रीन

  1. वी इपिक थिएटर को चेन्नई की क्यूब सिनेमा के लिए वी सैल्युसाइड चैन ने तैयार किया है। इसमें 4केआरजीबी लेजर प्रोटेक्शन से युक्त ईपीआईक्यू स्क्रीन है। इसके अलावा डॉल्बी एटम्स इमर्सिव ऑडियो सिस्टम लगा है। 1.89 स्क्रीन आस्प्केट रेशियो वाली स्क्रीन इमेज को शार्प बनाती है। इसके अलावा ज्यादा ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट पिक्चर क्वालिटी को बेहतर बनाता है।
  2. खास बात है सुल्लुरपेटा में खोले गए इस नए मल्टीप्लेक्स के अलावा यहां दो छोटे थिएटर और भी हैं। देखा जाए तो 3 लाख की आबादी वाला सुल्लुरपेटा एक छोटा कस्बा है, लेकिन इसके आसपास कई छोटे-छोटे कस्बे हैं। सबसे नजदीक तो सार, श्रीहरिकोटा है, जहां से इसरो की रॉकेट लॉन्चिंग होती है। इसे स्पेशल इकॉनोमिक जोन कहा जाता है। यहां कई इंजीनियरिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थाएं भी हैं। इसकी वजह से दर्शकों की खासी तादाद होती है।
  3. वी सेल्युलाइड चैन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नवीन कुमार एडा ने बताया, हमारा मकसद 2 और 3 टियर शहरों के लोगों को बड़ी स्क्रीन पर फिल्म देखने अनुभव उपलब्ध कराना है। डिजिटल के युग में बड़ी स्क्रीन की बात थोड़ा अजीब जरूर है लेकिन 2 और 3 टियर शहरों के लोगों में अभी बड़ी स्क्रीन पर फिल्म देखने का क्रेज है।

मोदी की बुराई करते वक्त इमरान के मंत्री को माइक से लगा करंट, वीडियो वायरल…

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पाकिस्तान के रेलमंत्री शेख राशिद अहमद को शुक्रवार को एक सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलते वक्त माइक से करंट लग गया। दरअसल कश्मीर के लोगों के समर्थन में प्रधानमंत्री इमरान खान ने देशभर के लोगों से शुक्रवार दोपहर को सड़क पर उतरने के लिए कहा था। राशिद भी एक सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनके साथ यह वाकया हुआ। करंट लगने के बाद वह थोड़े चौके और फिर उन्होंने इस झटके के लिए मोदी को ही जिम्मेदार बताया।

दरअसल, राशिद माइक पर जनता से कह रहे थे, “मोदी हम तुम्हारी नीयतों से वाकिफ हैं।” इतना कहते ही उन्हें करंट का जोरदार झटका लग जाता है। इसके बाद वे कहते हैं, “करंट लग गया, खैर कोई बात नहीं, मेरा ख्याल है करंट आ गया। मोदी इस जलसे को नाकाम नहीं कर सकता।” करंट लगने के बाद राशिद हैरान रह गए और जैसे ही वह करंट लगने की बात कहते हैं वहां मौजूद लोग जोर से हंसने लगते हैं। 

28 अगस्त को रावलपिंडी दौरे पर गए राशिद ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच जंग होने की आशंका जताई थी। उन्होंने कहा था, “कश्मीर मुद्दे पर भारत से आखिरी जंग का वक्त आ चुका है। मुझे लगता है कि अक्टूबर नहीं तो नवंबर में तो दोनों मुल्कों में इस मुद्दे पर जंग शुरू हो ही जाएगी। संयुक्त राष्ट्र को कश्मीर में जनमत संग्रह कराना चाहिए। मैं एक बार फिर कश्मीर का दौरा करूंगा।”

राशिद पर फेंके गए थे अंडे

राशिद अगस्त के मध्य में लंदन गए थे। वहां पाकिस्तान के ही कुछ लोगों ने उस पर अंडे बरसाए थे। बाद में लंदन पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में भी लिया था। इन लोगों ने रिहाई के बाद वीडियो जारी कर कहा था कि राशिद और उनकी सरकार लोगों पर जुल्म ढा रही है। 

भारत में लोग लेने लगे मजे

ये वीडियो वायरल होते ही भारतीय यूजर्स शेख राशिद अहमद के मजे लेने लगे। उनका कहना था कि इनको को मोदी के नाम से ही करंट लग रहा है, अगर वे सामने चले गए तो इनका क्या होगा।

लालबाग के राजा का फर्स्ट लुक सामने आया, इस साल की थीम चंद्रयान-2 पर…

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शहर की सबसे प्रसिद्ध गणपति की मूर्ति लालबाग के राजा का शुक्रवार कोअनावरण किया गया। इस मूर्ति को इसरो के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान-2 की थीम पर पंडाल में स्थापित किया गया है। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को लॉन्च किया गया था।


लालबाग के राजा की प्रतिमा के दोनों ओर दो आर्टिफिशियल अंतरिक्ष यात्री बनाए गए हैं। बैकग्राउंड में सैटेलाइट लॉन्चिंग की वीडियो क्लिप भी है। ग्रहों, सौर प्रणाली और अंतरिक्ष को भी दिखाया गया। प्रतिमा के आगे एक लूनर रोवर भी झूल रहा था। इसे देखने के लिए पहले दिन हजारों की तादाद में भक्त पहुंचे। 

काफी तादाद में आते हैं भक्त

हर साल लालबाग के राजा की प्रतिमा करीब 20 फीट ऊंची होती है। इसे पहली बार1934 में स्थापित किया गया था। 

बापू को खत लिख कहें अपने मन की बात, अच्छा लिखा तो 50 हजार रु. का ईनाम…

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 ईमेल, वॉट्सएप के जमाने में लोगों के पास चिट्ठी लिखने का वक्त नहीं है। सोच कर देखिए आखिरी चिट्ठी आपने कब लिखी थी? कब लेटर बॉक्स में कोई पत्र डाला था? नहीं याद आ रहा ना! तो अब आप कागज-पेन उठाएं और चिट्ठी लिखने बैठ जाएं। प्रिय बापू, आप अमर हैं…विषय पर आप जितने अच्छे तरीके से मन की बात राष्ट्रपिता को संबोधित करके पहुंचाएंगे, आपको 50 हजार रुपए तक पुरस्कार जीतने के चांस उतना ज्यादा बढ़ जाएगा। इसकी कैंपेन की पहल भारत सरकार के डाक विभाग ने की है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर ‘बापू’ को मन की बात अपनी हैंडराइटिंग में 500-1000 शब्दों में लिख कर भेजनी है। बेहतरीन चिट्ठी को राज्य स्तर पर 25 हजार रुपए और राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपए का ईनाम दिया जाएगा। स्कूली बच्चों को पत्र लिखने की कला से जोड़ने और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को समझने-जानने के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी व निजी स्कूल प्रमुखों को पत्र लिखकर इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं। 


हिंदी-अंग्रेजी या स्थानीय भाषा में लिख सकते हैं पत्र  : पत्र हिंदी या इंग्लिश के अलावा स्थानीय भाषा में चीफ पोस्टमास्टर जनरल को भेज सकते हैं। अंतिम तारीख 30 नवंबर रखी गई है। उम्र की गिनती 1 जनवरी, 2019 को की जाएगी। 
 

कैसे चुना जाएगा विनर : चिटि्ठयों का चयन दो आयु वर्ग में होगा। पहला 18 वर्ष आयु तक और दूसरा 18 वर्ष से ऊपर। प्रतिभागियों को पोस्टल डिपार्टमेंट के सर्कल लेवल पर तीन-तीन पत्र निकाले जाएंगे। एक श्रेणी अंतर्देशीय और दूसरी लिफाफा श्रेणी होगी। 
 

प्रथम पुरस्कार 25 हजार और 50 हजार रुपए : राज्य स्तर पर प्रथम स्थान वाले को 25 हजार रुपए व राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपए का मिलेगा। राज्य स्तर पर दूसरा पुरस्कार 10 हजार रुपए व तीसरा 5 हजार है। राष्ट्रीय स्तर पर 25 हजार रुपए व 10 हजार रुपए है।