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प्रियंका पहुंची रायबरेली,अदिति सिंह को बंधाया ढांढस

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कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष एवं अपनी मां के संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश में रायबरेली के दौरे पर पहुंची पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने मंगलवार को दिवंगत नेता अखिलेश सिंह के परिजनो से मुलाकात की और उन्हे सांत्वना दी।

श्रीमती वाड्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे पहुंची जहां से उनका काफिला सड़क मार्ग द्वारा करीब साढ़े नौ बजे रायबरेली में पूर्व विधायक अखिलेश सिंह के गांव लालूपुर चौहान पहुंचा जहां उन्होने सिंह की विधायक पुत्री अदिति सिंह और परिजनो से मुलाकात की और उन्हे ढाढस बंधाया।

बाद में कांग्रेस महासचिव भुएमऊ गेस्ट हाउस के लिये रवाना हो गयी जहां वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर लोकसभा चुनाव के बाद क्षेत्र की जमीनी हकीकत और उनकी समस्यायों को जानेंगी। श्रीमती वाड्रा करीब पौने दो बजे लालगंज के अइहर में रेल कोच फैक्ट्री जायेंगी और निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मियों के साथ बातचीत करेंगी।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर एक बजे यहां पहुंचेगे और क्रांतिकारी राणा बेनी माधव सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद वह फिरोज गांधी ऑडिटोरियम में स्वाधीनता संग्राम सेनानियों और समाजसेवियों को सम्मानित करेंगे।

जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम किये हैं। दो वरिष्ठ नेताओं की एक ही दिन में मौजूदगी से जिले में यातायात व्यवस्था पर आंशिक असर पड़ने की संभावना है।

राहुल गांधी बोले- ‘आर्थिक त्रासदी’ पर प्रधानमंत्री-वित्त मंत्री बेखबर, आरबीआई से ‘चोरी करने’ से कुछ नहीं होगा

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केंद्र सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने के भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. राहुल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर ‘आर्थिक त्रासदी’ को लेकर बेखबर रहने का आरोप लगाया.

साथ ही दावा किया कि आरबीआई से ‘चोरी करने’ से अब कुछ नहीं होने वाला है. कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री इसको लेकर बेखबर हैं कि उनके खुद के द्वारा पैदा की गई आर्थिक त्रासदी को कैसे दूर किया जाए. ‘आरबीआई से चुराने से काम नहीं चलने वाला है. यह किसी दवाखाने से बैंड-एड चुराकर, गोली लगने से हुए घाव पर लगाने जैसा है.

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को केंद्र सरकार को लाभांश और अधिशेष कोष के मद से 1.76 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का फैसला किया. रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल के बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद यह कदम उठाया गया है.

ITR : ऐसे चुनें सही फार्म, नहीं आएगा नोटिस

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 हर साल लोगों को अपना इनकम टैक्स रिटर्न भरना होता है। इसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई तय है, लेकिन इस बार इसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2019 कर दिया गया है। लेकिन अगर आप समय से अपना इनकम टैक्स रिटर्न भर भी देते हैं, लेकिन गलत फार्म भरते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेज देगा। ऐसे में जरूरी है कि आप जानें किस आपको कौन सा फार्म भरना चाहिए। सामान्य लोगों के लिए सालाना टैक्सेबल आमदनी 2.5 लाख रुपये और जिन वरिष्ठ नागरिकों सालाना आमदनी 3 लाख रुपये से ज्यादा है, उनको 31 अगस्त 2019 के पहले इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है।

4 तरह के होते हैं इनकम टैक्स रिटर्न फार्म

रिटर्न फाइल करने के लिए 4 तरह के फार्म इनकम टैक्स विभाग उपलब्ध कराता है।

इनको आईटीआर 1, आईटीआर 2, आईटीआर 3 और आईटीआर 4 फार्म कहा जाता है। यह आमदनी और पेशे के हिसाब से लोगों को भरना होता है।

किसे भरना है आईटीआर 1 फार्म

इनकम टैक्स रिटर्न के लिए आईटीआर 1 फार्म आता है। यह फार्म सैलरी से इनकम, पेंशन इनकम, एक हाउस प्रॉपर्टी या किसी अन्य सोर्स से होने वाली आमदनी है, तो इस फार्म पर लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न भरना होता है।

किसे भरना होता है आईटीआर 2 फार्म

इनकम टैक्स रिटर्न के लिए आईटीआर फार्म जिनको भरना होता है उनमें व्यक्तिगत या हिंदू अनडिवाइडेड फामिली (एचयएफ या संयुक्त परिवार) तौर पर 50 लाख रुपये से ज्यादा आमदनी होने के अलावा एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से इनकम होने, कैपिटल गेन, कंपनी के डायरेक्टर, अनलिस्टेड शेयरों में निवेश, विदेश में संपत्ति होने या विदेश से आमदनी होने पर आईटीआर 2 फार्म भरना होता है।

किसे भरना होता है आईटीआर 3 फार्म

इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आईटीआर 3 फार्म उन लोगों को भरना पड़ता है, जिनकी बिजनेस, प्रोफेशन या किसी कंपनी के पार्टनर के तौर पर कमाई हो। ऐसे लोगों को आईटीआर 3 फार्म में इनकम टैक्स रिटर्न भरना होता है।

कौन भरता है आईटीआर 4 फार्म

इनकम टैक्स रिटर्न भरने में आईटीआर 4 फार्म वह लोग भरते हैं जो एचयूए, पार्टनरशिप फर्म्स और इंडिविजुअल्स हैं और वो भारतीय नागरिक हैं। इसके अलावा उनकी टैक्सेबल इनकम 50 लाख रुपये से ज्यादा है, वो लोग आईटीआर 4 फॉर्म में इनकम टैक्स रिटर्न भर सकते हैं। अगर किसी प्रोफेशन या कारोबार से आमदनी है तो भी लोगों को यही फार्म भरना होता है।

सेक्स रैकेट का भंडाफोड, बिना आईडी ऑनलाइन होती थी बुकिंग, छह कमरों में ठहरे थे बैडमिंटन खिलाड़ी

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मेरठ के होटल ऑसम में एएचटीयू और लालकुर्ती पुलिस की छापामारी के बाद कई खुलासे हुए। पुलिस के अनुसार इस होटल में कमरों की बुकिंग ऑनलाइन ही होती थी। लेकिन यहां बुकिंग के पैसे देने के बाद भी होटल द्वारा एक से दो हजार रुपये प्रति घंटे की वसूली की जाती थी। लालकुर्ती पुलिस डीवीआर के सहारे इस पूरे धंधे की जड़ तक पहुंचने की बात कह रही है-

पुलिस के अनुसार होटल ऑसम में करीब 32 कमरे बताए गए। इनमें 28 कमरे ऑनलाइन बुक मिले। लेकिन होटल के रजिस्टर की जांच की गई तो किसी की भी आईडी नहीं मिली। बताया गया कि होटल का एक कमरा 1200 रुपये का है तो वह ऑनलाइन 800 रुपये में बुक होता था।

लेकिन यदि कमरे को गलत प्रयोजन के लिए बुक किया गया है तो होटल द्वारा प्रेमी युगल से एक हजार से दो हजार रुपये प्रति घंटा अलग से वसूला जाता था। जिन युगलों के नाम से कमरे बुक किए जाते थे, उनकी आईडी का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था, जो सुरक्षा के लिहाज से काफी खतरनाक है।

छापामारी के दौरान एएचटीयू और पुलिस ने रजिस्टर की जांच की तो उसमें काफी लोगों के नाम तो दर्ज मिले। लेकिन इनमें से किसी भी व्यक्ति की कोई आईडी पुलिस को नहीं मिली। जबकि होटल आने वाले हर व्यक्ति का आईडी प्रूफ जमा करना जरूरी है।

ऑनलाइन बुकिंग में भी होटल पहुंचने पर आईडी जमा की जानी थी। लेकिन जितने भी लोग पकड़े गए उनमें इक्का-दुक्का को छोड़कर किसी अन्य की आईडी होटल के काउंटर पर नहीं थी। चौंकाने वाली बात यह भी थी कि जितने युगल छापामारी में पकड़े गए, उनमें आधे से ज्यादा सहारनपुर और हापुड़ सहित दूसरे जनपदों से थे।

कई खिलाड़ी भी थे मौजूद 
होटल ऑसम में करीब छह कमरों में खिलाड़ी व रेफरी रुके हुए थे। छापामारी के दौरान पुलिस जैसे ही उन्हें पकड़ने लगी तो उन्होंने बताया कि वह खिलाड़ी हैं और कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही बैडमिंटन चैंपियनशिप में प्रतिभाग करने पहुंचे हैं।

सीओ संजीव देशवाल के निर्देश पर सभी खिलाड़ियों के परिचय पत्रों की जांचकी गई। रेफरियों ने भी अपनी आईडी दिखाई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। होटल की कार्रवाई से वह इतने डरे थे कि उन्होंने तुरंत खाली कर दिया और पास के होटल में चले गए।

सिपाही और शिक्षक भी मिले 
ऑसम होटल में पीएसी का एक सिपाही, एक शिक्षक और मेरठ में जॉब करने वाले कई युवक भी कमरों में मिले हैं। हालांकि पुलिस सभी से पूछताछ करने के बाद ही उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहती रही।

याद आई गंगानगर की कार्रवाई 
साल 2018 में गंगानगर में भी सेक्स रैकेट पकड़ा गया था। पूरे प्रकरण में लखनऊ तक शिकायत की गई। जिसमें पता चला कि कुछ लोगों ने साजिशन एक भाजपा नेता के भतीजे को फंसाने के लिए छापा लगवाया था। जिसमें एसपी क्राइम मेरठ शिवराम यादव का ट्रांसफर हो गया था। रविवार देर रात तक एसएसपी अजय साहनी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह और सीओ कैंट संजीव देशवाल इस छापामारी की समीक्षा करते रहे।

जद-यू को तीर चुनाव चिह्न आवंटित नहीं: आयोग

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 चुनाव आयोग ने जनता दल (यू) :जद-यू: को तीर चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया है क्योंकि इससे मिलता-जुलता चुनाव चिह्न झारखंड़ मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पास हैं।

आयोग ने पिछले दिनों जारी अपने आदेश में कहा है कि जद-यू बिहार और अरुणाचल प्रदेश में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल है और उसका चुनाव चिह्न तीर हैं जो कि ‘रिजर्व’ हैं जबकि झामुमो झारखंड में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल है और उसका चुनाव चिह्न तीर और धनुष है तथा वह भी रिजर्व है।

इसी तरह शिवसेना महाराष्ट्र में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल है और उसका भी चुनाव चिह्न तीर और धनुष है।

झामुमो ने 24 जून को आयोग के सामने एक याचिका में यह अनुरोध किया था कि जद-यू को चुनाव चिह्न आदेश (आवंटन एवं आरक्षण) 1968 के पैरा 10 के अनुसार जद-यू को चुनाव चिह्न तीर आवंटित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे मतदाताओं में भ्रम पैदा होगा क्योंकि झामुओं का चुनाव चिन्ह ‘तीर’ और ‘धनुष’ है।

झामुमो का कहना है कि 81 सदस्यीय विधानसभा में उसके 19 विधायक हैं और वे मुख्य विपक्षी दल हैं तथा उसका गठन 1977 में हुआ था एवं 1985 में तीर और धनुष चुनाव चिह्न उससे आवंटित हुआ था। झारखंड़ विधानसभा में जद-यू का न ही विधायक है और न ही वहां से कोई सांसद है इतना ही नहीं 2019 के आम चुनावों में उसने अपना उम्मीदवार भी खड़ा नहीं किया था।

इससे पहले जद-यू ने भी आयोग से कहा था कि वह झामुमो को तीर और धनुष का चुनाव चिह्न आवंटित न किया जाये क्योंकि उसका चुनाव चिह्न ‘तीर’ है जो कि मिलता-जुलता है।

आयोग ने इन दोनों के आवेदनों का अध्ययन किया और यह तय किया कि जद-यू को बिहार और महाराष्ट्र में ‘तीर’ का चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं किया जायेगा तथा झामुमो और शिवसेना को बिहार में तीर और धनुष का चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया जायेगा।

सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की किस्मत का ताला खुला, आखिकार इस टीम का हिस्सा बन ही गए !

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सचिन रमेश तेंदुलकर क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में गिने जाते हैं।[6] भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वह सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सन् 2008 में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है।
अपनी तेज गेंदबाजी से अर्जुन तेंदुलकर ने काफी उम्मीद जगाई है। आपको बता दें कि अर्जुन तेंदुलकर जो विदेशी धरती पर जाकर अपनी गेंदबाजी का अभ्यास कर वर्ल्ड क्लास तेज गेंदबाज बननें की ओर अग्रसर हैं।
यहां तक कि वर्ल्ड कप 2019 के मैचों के दौरान अर्जुन तेंदुलकर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए अभ्यास सत्र में नेट तेज गेंदबाज की भूमिका में नजर आते थे। गौरतलब है अर्जुन तेंदुलकर पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ हुई सीरीज में भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा थे तो अब अर्जुन तेंदुलकर की किस्मत में इजाफा हुआ है।
अर्जुन तेंदुलकर का सिलेक्शन बापुना कप टूर्नामेंट के लिए मुंबई की टीम में हुआ है। आपको बता दें कि आगामी बापुना कप जो नागपुर में 5 सितंबर से शुरू होने वाला है इस टूर्नामेंट में अर्जुन मुंबई की टीम का हिस्सा होंने और अपनी तेज गेंदबाजी से कमाल करने की कोशिश करेंगे। इस टूर्नामेंट में मुंबई की टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव करने वाले हैं।
मुंबई टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), आदित्य तारे, जय बिस्ता, सरफराज खान, शुभम रंजन, रौनक शर्मा, एकनाथ केरकर, सूफियान शेख, आकाश पारकर, शम्स मुलानी, आदित्य धूमल, शशांक अर्टडे, आकिब कुरैशी, क्रुतिक हनगावदी, अर्जुन तेंदुलकर।

कौन मांसाहारी, कौन शाकाहारी, जानिये इन भारतीय नेताओं के बारे में

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योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मन्दिर के महन्त[1] तथा राजनेता हैं एवं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री हैं। इन्होंने 19 मार्च 2017 को प्रदेश के विधान सभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद यहाँ के 21वें मुख्यमन्त्री पद की शपथ ली। वे 1998 से 2017 तक भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 2014 लोकसभा चुनाव में भी यहीं से सांसद चुने गए थे।
1. योगी आदित्यनाथ:
योगी आदित्यनाथ शुद्ध शाकाहारी भोजन खाते हैं। जो अपने राज्य में चिकन मटन की बिक्री को भी रोकते हैं।
2. नरेंद्र मोदी:
हमारे देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज तक मांसाहारी भोजन नहीं किया है। वह शुद्ध शाकाहारी भक्षक है। उन्हें गुजराती खाना ज्यादा पसंद है। खिचड़ी उनका पसंदीदा भोजन है।
3. लालू प्रसाद यादव:
लालू यादव को चिकन खाना सबसे ज्यादा पसंद है। रिपोर्ट के मुताबिक, लालू जी के ज्योतिषी ने उन्हें नॉनवेज खाने से मना किया है। जिसके बाद आज उन्होंने शाकाहारी भोजन किया।
4. ए पी जे अब्दुल कलाम:
कलाम साहब मुस्लिम होने के बावजूद शुद्ध शाकाहारी थे, उन्होंने कभी भी मांसाहारी खाना नहीं खाया। वह शाकाहारी खाना पसंद करते थे और जीवन भर शाकाहारी भोजन खाते थे।
5. राहुल गांधी:
राहुल गांधी को चिकन और मटन खाना सबसे ज्यादा पसंद है। जिसका पसंदीदा भोजन तंदूरी चिकन है। जो कभी शाकाहारी भोजन करते हैं। अब आप इस लेख के बारे में क्या कहते हैं दोस्तों? मुझे अपने जवाब और राय नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं।

DGCA ने लगाया बैन, विमान में नहीं ले जा सकेंगे Apple के ये लैपटॉप

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 विमानन नियामक डीजीसीए ने विमान में एप्पल के कुछ लैपटॉप को लेकर जाने पर पाबंदी लगा दी है। DGCA ने यात्रियों से अपील की है कि वो 15-इंच वाले मैकबुक प्रो मॉडल के लैपटॉप को लेकर विमान में सफर न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि एप्पल ने इसकी बैटरी के अत्यधिक गर्म होने के चलते सुरक्षा जोखिम की बात कही है। एप्पल ने 20 जून को मैकबुक प्रो लैपटॉप के मॉडलों से सुरक्षा जोखिम के संबंध में अपनी वेबसाइट पर नोटिस जारी किया था। इसके बाद डीजीसीए ने विमान में इन एप्पल लैपटॉप को लेकर जाने पर पाबंदी लगा दी है।

एप्पल की वेबसाइट के मुताबिक 15 इंच के मैकबुक प्रो के कुछ पुराने मॉडल के लैपटॉप में बैटरी आवश्यकता से अधिक गर्म हो सकती है। ऐसे में इससे सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है। ये वो लैपटॉप है जिनकी बिक्री सितंबर 2015 और फरवरी 2017 के बीच हुई थी।

एप्पल ने कहा है कि कंपनी ने उन लैपटॉप में प्रभावित बैटरियों को बदलने का फैसला किया है। वहीं डीजीसीए ने साफ किया है कि इन लैपटॉप की बैटरी के अत्यधिक गर्म होने से उससे सुरक्षा पर खतरा है। इस आशंका को देखते हुए एप्पल इंक के 15 इंच वाले मैकबुक प्रो लैपटॉप के कुछ पुराने मॉडल को हवाई सफर के दौरान प्रतिबंधित किया गया है। डीजीसीए ने इन लैपटॉप को हैंडबैग या चेक्डइन सामान में रखकर यात्रा न करने की सलाह दी है।

INX Media case: पी चिदंबरम का हो सकता है नार्को टेस्ट, इस नेता ने की मांग

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आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को राहत नहीं मिल रही है और अब भाजपा नेताओं ने चिदंबरम के नार्को टेस्ट की मांग की है। तो वहीं इस मामले पर कांग्रेस ने अपनी सफाई भी दी है।

भाजपा सांसद ने की मांग

बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ट्वीट कर लिखा कि मुझे लगता है कि अगर सीबीआई द्वारा पूछताछ के दौरान चिदंबरम कुछ नहीं बताते हैं तो उसके बाद सीबीआई को पीसी के नार्को टेस्ट के लिए कहना चाहिए।

नार्को टेस्ट पर कांग्रेस का बयान

वहीं कांग्रेस ने कहा कि चिदंबरम ने देश की सेवा की हम चाहते हैं उसका नार्को टेस्ट करा कर सच्चाई का पता लगाना चाहिए। वहीं उससे पहले कार्ति चिदंबरम के नार्को टेस्ट के लिए भी सीबीआई ने मांग की थी।

बीते सोमवार को आईएनएक्स मीडिया केस में कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को 30 अगस्त तक के लिए 4 दिन की रिमांड बढ़ा दी है। कोर्ट में सीबीआई ने मांग की थी कि वो चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है।

हिरासत बढ़ाने पर तर्क

सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि जांच अधिकारी जांच कर रहे हैं जिसे उसे कानून के दायरे में रखना है। मेरा मानना है कि आरोपी चिदंबरम की आगे की पुलिस हिरासत को उचित ठहराया है। इसलिए उन्हें 30 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

कोर्ट ने परिवार और वकीलों को दी ये इजाजत

वहीं दूसरी तरफ हिरासत में लिए गए चिदंबरम को कोर्ट ने छूट देते हुए कहा कि परिवार के सदस्यों और वकीलों को रोजाना आधे घंटे के लिए उनसे मिलने दिया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि सीबीआई कोर्ट ने 26 अगस्त तक चिदंबरम को सीबीआई हिरासत में भेज दिया था। जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। लेकिन वहां से भी निराशा ही हाथ लगी।

टमाटरों के साथ खेलनी है होली तो चलें आएं यहां

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अगर आप घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए इस बार का बेस्ट डेस्टिनेशन स्पेन है। आप स्पेन में खूबसूरती के साथ-साथ यहां के फेवरेट फेस्ट का भी आनंद ले सकते हैं। अगस्त महीने के आखिरी बुधवार को स्पेन में टा टोमाटीना त्योहार मनाया जाता है। इस त्योहार में शामिल होने के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग शामिल होते हैं।

यहां लाखों की संख्या में लोग इस त्योहार को मनाने आते हैं। साल 2002 में इसे फेस्टिविटी ऑफ इंटरनेशनल टूरिस्ट इंटरेस्ट घोषित किया गया था। टा टोमाटीना फेस्ट पूरे विश्व में लोकप्रिय है। टोमैटो फाइट यहां का बेहद लोकप्रिय त्योहार है। इस त्योहार में करीब दो लाख पचास हजार पाउंड टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है। फेस्ट के दौरान लोग एक-दूसरे पर जमकर टमाटर फेंकते हैं। हालांकि लोगों को चोट ना लगे इसके लिए टमाटर को हाथ से पिचकाकर मारा जाता है। इसके अलावा इस फेस्ट में किसी को भी एक-दूसरे के कपड़े फाडऩे की इजाजत नहीं होती है।

इस दौरान अगर कोई रुकने को कहता है तो उसपर कोई भी टमाटर नहीं फेंकता है। टमाटर से लड़ाई, नहाते हुए, सेल्फी लेते हुए और पूरी मस्ती में सभी इस त्योहार का भरपूर मजा उठाते हैं। जब साइरन बजता है तो सभी लोग इस जूसी त्योहार में शामिल हो जाते हैं। इस फेस्ट की लोकप्रियता के कारण कई फिल्मों में भी इसको दर्शाया गया है। इसकी शुरुआत साल 1945 में हुई थी। जब कुछ युवा स्पेन के शहर में धरना देने बैठ गए थे।

इस दौरान जब पुलिस उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़ी तब युवाओं ने पास में लगी सब्जी की दुकानों से सब्जियों व फलों को उठा-उठाकर उन पर हमला कर दिया। इसके बाद से यहां फूड फाइट के तौर पर ला टोमाटीना मनाया जाने लगा। जब कोई किसी पर टमाटर फेंक के मारता है तो उसके पहले उसे टमाटर को फोडऩा होता है उसके बाद मारना होता है। इस दौरान एक-दूसरे की टी-शर्ट या कपड़े फाडऩे पर मनाही है और जब कोई कहे कि रुक जाओ तो टमाटर फेंकने वाले को रुकना होता है।