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मोदी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 22 वरिष्ठ अधिकारियों को किया गया जबरन रिटायर…

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 केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी है। इसी कड़ी में सरकार ने एक बार फिर से भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इस बार 22 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने भ्रष्टाचार के आरोपों में 22 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को “सार्वजनिक हित” में अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने 22 वरिष्ठ अधिकारियों को भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के चलते जबरन रिटायर कर दिया है। जबरन रिटायर किए गए ये सारे अधिकारी सुपरिन्टेंडेंट या एओ लेवल के हैं। इन अधिकारियों पर जनहित में मौलिक नियम 56 (जे) के तहत रिटायर किया गया है।

22 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त किया

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की ओर से इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया गया है। इसमें बताया गया, “CBIC ने भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के चलते जनहित में मौलिक नियम 56 (J) के तहत अधीक्षक/ एओ रैंक के 22 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है।”

इससे पहले जून में सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में सीबीडीटी (CBDT) के 12 अधिकारियों समेत 27 उच्च रैंकिंग वाले आईआरएस अधिकारियों को सेवानिवृत्त किया था। उन्हें भी जनहित में मौलिक नियम 56 (J) के तहत ही अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इस कार्रवाई में अभी तक करीब 49 अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है।

‘पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन के बाद उठाया गया कदम’

इस मामले में सीबीआईसी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, ‘यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के संबोधन के दौरान कही बात के अनुरूप है। प्रधानमंत्री ने लाल किले से अपने संबोधन में कहा था कि टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके करदाताओं को प्रताड़ित किया होगा। उन्होंने या तो ईमानदार करदाताओं को निशाना बनाया होगा या फिर छोटी-छोटी गलतियों और प्रक्रियागत खामियों पर बड़ी कार्रवाई की होगी।’ अधिकारी ने आगे कहा, ‘हमने हाल ही में बड़ी संख्या में टैक्स अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त देकर बड़ा साहसिक कदम उठाया है, और हम इस प्रकार के व्यवहार को आगे भी बर्दाश्त नहीं करेंगे।’

ऐसे थे टॉप 10 बाबाओं के कारनामे, अब हुआ ये हाल : महिलाओं के भोगी…

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धर्म का पाठ पढ़ाने वाले, लोगों की समस्याओं को दूर करने दावा करने वाले भारत में ऐसे बाबा हैं जिनके पास लोग अपने दुखों और समस्याओं को लेकर जाते हैं। लोगों की मजबूरी को अपनी ताकत समझने वाले कई बाबा ऐसे भी हैं जो लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। उनकी जिंदगियों से खिलवाड़ करते हैं और दुष्कर्म जैसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देते हैं। बताते हैं आज आपको भारत के ऐसे ही बाबाओं के बारे में जिनके लिए इंसानी जिंदगियों से खेलना आम बात थी।

ये हैं भारत के ढोंगी बाबा

1. राधे मां : राधे मां को कौन नहीं जानता। आपको बता दें कि राधे मां का जीवन विवादों से घिरा रहा है। टीवी के शो बिग बॉस सीजन-4 की प्रतिभागी रही डॉली ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर आरोप लगाया था कि राधे मां और उनके समर्थकों ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।

2. राम रहीम : साल 2002 में राम रहीम पर साध्वियों के यौन शोषण के आरोप लगे। यौन शोषण की खबर छापने वाले स्थानीय पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के भी आरोप इन पर लगे। 25 अगस्त 2017 को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप केस में दोषी करार दिया और 20 साल की सजा सुनाई।

3. आसाराम बापू : आसाराम बापू को जोधपुर कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले के लिए सजा सुनाई है। नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम को जोधपुर की अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अदालत ने दो अन्य आरोपियों के साथ दोषी करार दिया।

4. संत रामपाल : संत रामपाल सतलोक आश्रम का संस्‍थापक है। रामपाल पर जमीन हथियाने, लोगों को बंदी बनाने, हत्‍या, अंहिसा फैलाने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित कई आरोप लगे थे। मई 2013 में रामपाल के अनुयायियों और आर्यसमाजियों के बीच झड़प होने की बात सामने आई थी।

5. नारायण साईं : आसाराम के बेटे नारायण साईं पर बलात्कार का आरोप सिद्ध हुआ, जिसके बाद उन्हें जेल मे डाल दिया गया।

6. निर्मल बाबा : निर्मलजीत सिंह नरूला को निर्मल बाबा के नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश में धांधली और धोखेबाज़ के सिलसिले में अप्रैल 2012 में केस दर्ज हुआ।

7. स्वामी असीमानंद : स्वामी असीमानंद का नाता साल 2007 में हैदराबाद में मक्का मस्जिद में विस्फोट, 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में विस्फोट, अजमेर दरगाह में धमाके जैसी वारदातों से रहा।

8. नित्यानंद : सेक्स टेप स्कैंडल से विवादों में आए स्वामी नित्यानंद बेंगलौर-मैसूर हाइवे पर नित्यानंद ध्यानदीपम आश्रम चलाते हैं।

9. स्वामी सच्चिदानंद : बस्ती के संतकुटीर आश्रम की साध्वियों ने स्वामी सच्चिदानंद समेत 4 महंतों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा था। इन पर छत्तीसगढ़ और बस्ती की दो-दो लड़कियों ने मारपीट, शोषण व दुष्कर्म का आरोप लगाया।

10. स्वयंभू बाबा : स्वयंभू बाबा स्वामी ओम का भी विवादों से नाता रहा है। उन पर साइकिल चोरी का आरोप लगा।

मनमोहन सिंह से पहले किन-किन नेताओं की हटायी जा चुकी है सुरक्षा कई पूर्व प्रधानमंत्रियों की भी हटाई गई SPG सुरक्षा, जानें…

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केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) की स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (Special Protection Group) सुरक्षा को हटा दिया गया है। इससे पहले कई और बड़े नेताओं की एसपीजी सुरक्षा (SPG Security) को हटा दिया गया था।

इन नेताओं की भी हटाई गई SPG सुरक्षा

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पहले पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, वीपी सिंह, चन्द्रशेखर और इंद्र कुमार गुजराल की भी एसपीजी सुरक्षा को वापस ले लिया गया था। यह सुरक्षा एसपीजी एक्ट के नियमों के के मुताबिक खतरे की स्थिति को देखते हुए प्रति वर्ष विभिन्न खुफिया एजेंसियों रॉ और आईबी की तरफ से समीक्षा की जाती है।

जिसके बाद गृह मंत्रालय के बीच समीक्षा बैठक होती है। जिसके बाद किसी भी नेता की एसपीजी सुरक्षा हटाने का फैसला लिया जाता है। इसकी नियम के तहत मनमोहन सिंह की भी एसपीडी सुरक्षा हटाने का फैसला लिया गया है।

अब इनके पास है एसपीजी सुरक्षा

आपको बता दें कि मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटने के बाद अब देश में केवल चार लोगों के पास एसपीजी सुरक्षा बची है। अब एसपीजी सुरक्षा का कवच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, कांग्रेस आंतरिक अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पास है।

2014 में पीएम के पद से हटने के बाद मनमोहन सिंह एसपीजी सुरक्षा के हकदार थे। प्रति वर्ष सुरक्षा समीक्षा के बाद एसपीजी सुरक्षा हटाने या तैनात करने का फैसला लिया जाता है।

खुद को तैरना नहीं आता, फिर भी 12 साल की बच्ची ने ऐसे बचाई तालाब में डूबती दो मासूमों की जान…

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अगर हौसले बुंलद हो तो कोई भी मुश्किलात मायने नही रखती. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी की एक बेटी ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया कि लोग उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे. 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय बच्ची, जिसे खुद तैरना (Swimming) नहीं आता लेकिन बहादूरी दिखाते हुए उसने तालाब (Pond) में कूदकर दो डूबती हुई बच्चियों की जान बचा ली. बहादुर बच्ची के इस हौसले पर परिवार सहित पूरे गांव वालो को अब फक्र है. धमतरी (Dhamtari) की बेटी भामेश्वरी निर्मलकर ने अपनी अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, जो तालाब में डूब रही दो मासूम बच्चियों की जान बचा ली. दरअसल ये पूरा वाक्या धमतरी (Dhamtari) जिले के कानीडबरी गांव का है, जहां सोनम नेताम और चांदनी साहू नाम के दो मासूम बच्ची स्कूल में छुट्टी होने के बाद गांव के तालाब में नहाने गई थी. जो खेलते खेलते तालाब के गहरे पानी उतर गई. बच्ची को डूबता देखकर बहादूर बच्ची भामेश्वरी निर्मलकर बिना देर किये फौरन पानी में कूदकर कड़ी मशक्कत के बाद सोनम और चांदनी को बचा लिया. भामेश्वरी ने किसी तरह बाहर खींचकर निकाल लिया. जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त तालाब में और कोई नहीं था. फिर भी बच्ची ने जज्बा दिखाते हुए मासूमों की जान बचाई.

सभी ने की ये तारीफ भामेश्वरी निर्मलकर ने बताया कि जब उसने बच्चियों को डूबते देखा तो कुछ और नहीं सूझा. उसने​ बिना कुछ सोचे तालाब में कूदकर उनकी जान बचाने की कोशिश की, जिसमें सफलता मिली. धमतरी के कलेक्टर रजत बंसल ने कहा कि बच्ची के जज्बे की वजह से मासूमों की जान बच गई, लेकिन बच्चों के पालकों को सतर्क रहना चाहिए. छोटे बच्चों पर नजर बनाए रखना चाहिए ताकि कोई दुर्घटना न सके. ग्रामीणों का कहना है कि भामेश्वरी किसी फरिश्ता से कम नहीं है. ग्रामीण प्रशासन से बहादुर बच्ची को सम्मानित करने की मांग भी कर रहे हैं.

पैकेट वाला दूध खरीदने वालों के लिए आई ये बुरी खबर…

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पैकेट वाला दूध खरीदने वालों के लिए आई ये बुरी खबर। दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते है, कि जब से भारतीय बाजार में पैकेट वाला दूध आया है। तब से ज्यादतर लोग पैकेट वाला दूध खरीदने लगे है। क्योंकि पैकेट वाला दूध में फुल क्रीम होती है, तो यदि आप भी पैकेट वाला दूध खरीदते है, तो पैकेट वाला दूध खरीदने वालों के लिए एक बुरी खबर आई है, तो वो क्या बुरी खबर आई है। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देंगे, तो आइये जानते है।

दोस्तों पैकेट वाला दूध खरीदने वालों के लिए ये बुरी खबर दूध महंगा होने को लेकर आई है। दरअसल जल्द ही आपको आधा लीटर दूध का पैकेट खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। क्योंकि मोदी सरकार ने दूध का विपणन करने वाली सभी डेयरी कंपनियों से ऐसा करने के लिए कहा है। हालांकि एक लीटर दूध का पैकेट लेने के लिए पुरानी कीमत ही देनी होगी।

इसलिए उठाया सरकार ने यह कदम

दोस्तों सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग कम करने के लिए यह कदम उठाया है, और साथ ही सरकार के आदेशानुसार पशुपालन और डेयरी सचिव अतुल चतुर्वेदी ने अमूल और दूसरी प्रमुख डेयरी कंपनियों से आधा लीटर वाले पैकेट का उत्पादन कम करने के लिए कहा है। इसके साथ ही एक लीटर के पैकेट का दोबारा इस्तेमाल करने के लिए भी कहा है। एक लीटर का पैकेट वापस करने वाले ग्राहकों को छूट देने के लिए कहा गया है।

फ्रेंच कपल ने बीच से चुराई 40 किलो रेत, इतने साल की जेल की सजा के साथ भयंकर जुर्माना…

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इटली के सार्डिनिया में समुद्र तट से रेत चोरी करने के दोषी फ्रांस के दंपती को छह साल जेल की सजा सुनाई गई है। दंपती यहां छुट्‌टी मनाने आए थे। उनका कहना है कि हमें पता ही नहीं था कि हमने जो किया, वह अपराध की श्रेणी में आता है। इटली के आईलैंड पर सफेद रेत संरक्षित है। समुद्र तटों से रेत को हटाने के लिए पर्यटकों को जुर्माना और यहां तक की जेल का भी प्रावधान है।

दंपती ने कहा कि उन्हें एहसास नहीं हुआ कि वे अपराध कर रहे थे। उत्तर फ्रांस के शहर पोर्टो टोरेस में पुलिस ने दक्षिण फ्रांस के टॉलोन के लिए एक नाव में सवार होने का इंतजार कर रहे दंपती से नियमित जांच के दौरान रेत पाया। पुलिस ने कहा कि रेत से भरे 14 बोतलों को बरामद किया गया। दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया। बोतलों में करीब 40 किलोग्राम रेत था। दंपती को ससारी शहर की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने 3,300 डॉलर (2,39,415 रु.) जुर्माना लगाया। साथ ही 1 और 6 साल के बीच जेल की सजा सुनाई।

पुलिस के मुताबिक, पर्यटकों ने कहा कि वे रेत हटाने के बारे में नियमों से अनजान थे। लेकिन समुद्र तटों पर पर्यटकों को सूचित करने के लिए कई भाषाओं में निर्देश दिए गए हैं। सार्डिनिया के बीच से सफेद रेत और पत्थरों की चोरी आम हो गई है। इंटरनेट पर इसकी कालाबाजारी की जाती है। पुलिस ने कहा कि सार्डिनिया के लोग पत्थरों और रेत चोरी करने वाले पर्यटकों से बहुत नाराज हैं। इससे पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचता है। रेत की चोरी करने वाले ज्यादातर पर्यटक एयरपोर्ट पर स्कैनिंग मशीन में पकड़े जाते हैं।

CM भूपेश बघेल ने नक्सल समस्या हल करने अमित शाह को बताया ये प्लान…

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) सोमवार को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शामिल हुए. देश में नक्सल समस्या (Naxal Problem) को समाप्त करने की रणनीति बनाने को लेकर बुलाई गई इस बैठक में छत्तीसगढ़ सहित 11 राज्यों के सीएम और डीजीपी (DGP) शामिल हुए. इस बैठक में नक्सल की समस्या को समाप्त करने के लिए सीएम भूपेश बघेल ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को अपना प्लान बताया. सीएम ने कहा की इसी प्लान पर छत्तीसगढ़ में काम किया जा रहा है.

दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बैठक में सीएम भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने कहा है कि नक्सलवाद और आदिवासी इलाकों में हमारी नीति विश्वास, सुरक्षा और विकास की रही है. इस नीति के ही दम पर हम प्रदेश से नक्सलवाद का जड़ से समाप्त करेंगे. इसके बिना नक्सल समस्या (Naxal Problem) को खत्म नहीं कर सकते. सीएम बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विश्वास और विकास के लिए जो कदम उठाए हैं, उसके बारे में केन्द्र सरकार को बताना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि हमने वनवासियों को वन अधिकार पत्रों का वितरण कर उन्हें अधिकार संपन्न बनाया.

शुरू किए स्कूल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर के जो स्कूल बंद हो चुके थे या नक्सलियों द्वारा तोड़ दिए गए थे, उन्हें पुनः चालू करवाया गया. उन्होंने सड़क निर्माण में आरआरपी-2 योजना में केंद्र से 60 प्रतिशत राशि की जगह शत-प्रतिशत राशि प्रदान करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि अकेला हमारा बस्तर अंचल केरल राज्य से बड़ा है. सड़क निर्माण के लिए केंद्र से साठ प्रतिशत अनुदान मिलता है. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां काम करना कठिन है. उन्होंने आरआरपी-1 योजना की तरह 100 प्रतिशत राशि देने की मांग की.

सीएम बघेल ने कहा कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल प्रदेश में नक्सली घटनाओं में कमी आयी है. हमें स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने होंगे. राज्य सरकार इस दिशा में ठोस पहल कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के पहुंच विहीन गांवों को सड़क सम्पर्क से जोड़ने के लिए जवाहर सेतु योजना शुरू की गई है. महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर 2019 के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रतिदिन पौष्टिक भोजन निःशुल्क देने की शुरूआत की जाएगी. यह कदम कुपोषण एवं एनीमिया से मुक्ति दिलाने की दिशा में निर्णायक कदम होगा.

आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी की अध्यक्षता में आयोजित वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में शामिल हुआ।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में सुरक्षा, राज्यों के बीच समन्वय और इन क्षेत्र में विकास सम्बंधी विभिन्न विषयों पर केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. बैठक में बताया गया कि राज्य में सुरक्षा और विकास के लिए उच्च स्तर पर यूनीफाईड कमांड की परिकल्पना की गई थी ताकि रणनीति दृष्टि से निगरानी की व्यवस्था के साथ समन्वय सम्बंधी सभी मुद्दों का त्वरित समाधान किया जा सके. बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ सहित 6 राज्यों ने यूनीफॉईड कमांड का गठन कर लिया है.

महंगे प्राइवेट जेट में चलते हैं ये 5 सुपरस्टार्स

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पैसे होने के बाद लोगों के शौक भी बदलते हैं। आम लोगों को जहां एक एक मोटरसाइकिल खरीदने के लिए सोचना पड़ता है, वहीं कुछ बॉलीवुड अभिनेता खुद के प्राइवेट जेट में सफर करते हैं। वे अपनी अमीरी के लिए आए दिन चर्चा में रहते हैं, तो चलिए जानते हैं उनके बारे में।

5. सलमान खान

पूरे बीटाउन में सलमान खान अपनी स्टाइल के लिए मशहूर हैं। उन्हें लोग दबंग भी कहते हैं। वैसे तो वह सिंपल लाइफ़स्टाइल मेंटेन करते हैं, लेकिन उनके अमेरी के चर्चे हैं। आखिरी बार फिल्म भारत में नजर आए थे, जिसके लिए करीब उन्होंने 50 करोड़ रुपए फीस ली थी। बता दें वह मुंबई के बांद्रा स्थित इलाके में स्थिति गैलेक्सी अपार्टमेंट के मालिक हैं। जिसमें वह अपने परिवार के साथ रहते हैं। बता दें सलमान खान खुद के पास खुद का प्राइवेट जेट है।

4. ऋतिक रोशन

ऋतिक रोशन ने आखिरी बार फिल्म सुपर 30 किया था। जिसे देखकर लोगों ने तारीफों के पुल बांध दी थी।उन्हें दुनिया का मोस्ट हैंडसम अभिनेता चुना भी गया है। खैर ऋतिक रोशन भी बेहद अमीर हैं। उन्होंने फिल्म सुपर थर्टी के लिए करीब 50 करोड़ रुपए फीस लिए थे। वे भी एक प्राइवेट जेट के मालिक हैं।

3. अक्षय कुमार

अक्षय कुमार प्रतिवर्ष चार से पांच फिल्में कर ही लेते हैं। और वह एक फिल्म के लिए करीब 40 करोड़ रुपए चार्ज करते हैं। बता दें उन्हें एक फिल्म पूरे करने में 30 से 40 दिन ही लगते हैं। इस तरह अक्षय कुमार तेजी से अमीर हो रहे अभिनेताओं की लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर हैं। वह एक प्राइवेट जेट के मालिक हैं।

2. अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन एक उदार किस्म के इंसान हैं। वे अपनी दरियादिली के लिए पहचाने जाते हैं। बता दें अमिताभ बच्चन की उम्र 73 वर्ष है। और वह इस उम्र में भी फिल्मों में एक्टिव हैं। एक फिल्म के लिए करीब 20 करोड़ों रुपए चार्ज करते हैं। वे बॉलीवुड के अमीर अभिनेताओं के लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं। उनके पास 260 करोड़ रुपए का प्राइवेट जेट है।

1.शाहरुख खान

शाहरुख खान को दुनिया किंग खान के नाम से जानती है। उनकी महंगी और लग्जरियस लाइफस्टाइल सभी को आकर्षित करती है। क्योंकि वे बॉलीवुड के सबसे महंगे घरों में रहते हैंं। जिसका नाम मन्नत है। शाहरुख खान एक फिल्म के लिए करीब 40 से 50 करोड़ रुपए फीस लेते हैं। देखा जाए तो वे बॉलीवुड के सबसे अमीर एक्टर हैं, जिसके पास 5100 करोड़ रुपए की संपत्ति है। वे मुंबई के कई होटलों के मालिक हैं। बता दें उनके पास खुद का प्राइवेट जेट है, जिसकी कीमत 350 करोड़ रुपए है।

संजय दत्त क्या फिर से राजनीति में एंट्री की तैयारी कर रहे हैं , महाराष्ट्र के मंत्री ने किया बड़ा दावा…

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त क्या एक बार फिर से राजनीति में एंट्री की तैयारी कर रहे हैं? ये सवाल उनको लेकर सामने आए एक बयान के बाद उठे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल एक मंत्री ने संजय दत्त को लेकर बड़ा दावा किया है। महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री महादेव जानकर ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि संजय दत्त 25 सितंबर को उनकी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की सहयोगी पार्टी है। यही नहीं उन्होंने आगामी चुनाव को लेकर बीजेपी से सीटों की डिमांड भी की है।महाराष्ट्र के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री ने किया दावा

महाराष्ट्र सरकार में पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री महादेव जानकर ने ये ऐलान अपनी ही पार्टी आरएसपी के 16वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान किया। जिस समय उनका ये बयान आया ग्रामीण विकास मंत्री पंकजा मुंडे भी वहीं उपस्थित थीं। उन्होंने कहा, ‘हम अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं।…हमने अपनी पार्टी के विस्तार के लिए फिल्म क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया है। जिसके तहत अभिनेता संजय दत्त भी 25 सितंबर को राष्ट्रीय समाज पक्ष में शामिल हो रहे हैं।’

इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री महादेव जानकर ने संजय दत्त का एक वीडियो क्लिप चलाया गया। इस वीडियो में संजय दत्त ने कहा था, ‘मैं मेरे दोस्त और मेरे भाई आरएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महादेव जानकर को बधाई देता हूं। अगर मैं यहां होता, तो मैं जरूर आता।’ जानकर ने शिवाजी पार्क में एक रैली में कहा, ‘अभी-अभी आपने बिग बॉस… बड़े भाई का ये बयान सुना।’ उन्होंने आगे कहा, ‘संजय दत्त ने आरएसपी में शामिल होने के लिए 25 सितंबर का दिन दिया है। वो अभी दुबई में हैं। अगर वो मुंबई में होते, तो हमसे जरूर जुड़ते।’

’25 सितंबर को राष्ट्रीय समाज पक्ष में शामिल हो रहे हैं संजय दत्त’

आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए आरएसपी प्रमुख ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी आलाकमान से बड़ी डिमांड की है। उन्होंने कहा, भाजपा राज्य विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को कम से कम 14 सीटें आवंटित करे। पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री ने आरएसपी की मांगों को लेकर भाजपा पर दबाव बनाने के लिए धनगर समुदाय की ताकत का भी जिक्र किया।

पहले भी राजनीतिक पारी खेल चुके हैं संजय दत्त

आपको बता दें कि संजय दत्त पहले भी राजनीतिक पारी खेल चुके हैं। साल 2009 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर वो लखनऊ से लोकसभा उम्मीदवार थे। हालांकि, अदालत ने शस्त्र अधिनियम के तहत उनकी सजा को निलंबित करने से इनकार करने के बाद वो उम्मीदवारी से पीछे हट गए थे। बाद में वो समाजवादी पार्टी के जनरल सेक्रेटरी बनाए गए, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया और पार्टी भी छोड़ दी थी। संजय दत्त के पिता सुनील दत्त पांच बार कांग्रेस सांसद के तौर पर मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी बहन प्रिया दत्त लोकसभा चुनावों में मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार थीं।

नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान जल्द, संगठन से लेकर उपचुनाव पर BJP करेगी मंथन…

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन चुनाव को लेकर एक बड़ी बैठक करने वाली है. कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सोमवार सुबह तकरीबन 11 बजे ये बैठक होने वाली है. कहा जा रहा है कि इस बैठक में संगठन चुनाव (Organization election) से लेकर प्रदेश स्तरीय सदस्यता अभियान (State Level Membership Campaign) पर भी चर्चा हो सकती है. बता दें कि भाजपा के संगठन चुनाव की शुरूआत 11 सितंबर से होने वाली है. 11 से 30 सितंबर तक बूथ कमेटियों के चुनाव होंगे. इसके बाद 11 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक मंडल 11 नवंबर से 30 नवंबर जिलाध्यक्षों का चुनाव होगा. बताया जा रहा है कि 15 दिसबंर तक नए प्रदेश अध्यक्ष (BJP State President) का चुनाव भी कर लिया जाएगा.

इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा: 

कहा जा रहा है कि इस बैठक में जिलेवार सदस्यता की रिपोर्ट भी पेश की जा सकती है. इसके साथ ही सदस्यता अभियान पर भी चर्चा की जा सकती है. मालूम हो कि 30 अगस्त तक सदस्यता अभियान चलाने वाली है. साथ ही सांसदों की पदयात्रा पर भी चर्चा किया जा सकता है.

तमाम चुनावों के संचालन के साथ ही उपचुनाव की तैयारियों के मंथन के लिए बीजेपी ने ये महत्वपूर्ण बैठक कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुलाई है. बैठक में राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह (Radhamohan Singh, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेण्डी (Vikram Usendi) समेत प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश चुनाव अधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे. साथ ही प्रदेश पदाधिकारी, भाजपा जिला संगठन प्रभारी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज़िला महामंत्री, ज़िला चुनाव अधिकारी सहचुनाव अधिकारी भी इस बैठक में जरूरी जानकारी देंगे.

बताया जा रहा है कि उपचुनाव (Chhattisgarh By election) को लेकर बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है. आज होने वाली बीजेपी की इस अहम बैठक में उपचुनाव को लेकर चर्चा और रणनीति बनाई जा सकती है. बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में दो सीटें दंतेवाड़ा (Dantewada) और चित्रकोट (Chitrakoot) इस वक्त खाली हैं. दंतेवाड़ा सीटे से भाजपा विधायक भीमा मंडावी (Bhima Mandavi) लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 9 अप्रैल को नक्सली हमले (Naxali attack) में मारे गए थे. वहीं चित्रकोट से कांग्रेस विधायक दीपक बैज (Deepak Baij) के बस्तर सांसद चुने जाने के बाद उन्होने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, इस वजह से चित्रकोट सीट खाली है.