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“Thailand Cambodia War: थाईलैंड ने की कंबोडिया पर एयर स्ट्राइक, 45 दिन पहले ही ट्रंप ने कराया था सीजफायर”

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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर हिंसा भड़क गई है. थाईलैंड ने एक बार फिर कंबोडिया की सीमा पर एयर स्ट्राइक की है. इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराया था.

इसके बाद थाईलैंड ने अब सीजफायर का उल्लंघन करते हुए एयर स्ट्राइक की है. हालांकि, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

एक थाई सैन्य अधिकारी ने कहा कि कंबोडियाई सैन्य ठिकानों पर किए गए हवाई हमले सोमवार सुबह हुए उस हमले का जवाब थे, जिसमें एक थाई सैनिक की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे. थाई सेना ने कहा कि पूर्वी प्रांत उबोन रत्चाथानी के दो क्षेत्रों में हिंसा भड़क गई थी. इसमें एक थाई सैनिक की मौत हो गई है और चार घायल हुए हैं. इसी के जवाब में थाईलैंड ने कंबोडिया पर एयर स्ट्राइक की.

कंबोडिया ने हमले को लेकर क्या कहा?

एक बयान में कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने हवाई हमलों की पुष्टि करते हुए कहा, 8 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 05:04 बजे, थाई सैन्य बलों ने प्रेह विहियर प्रांत के अन सेस क्षेत्र में कंबोडियाई बलों पर हमला किया.

बयान में कहा गया कि कंबोडिया ने पलटवार नहीं किया. कंबोडिया ने यह भी कहा कि वो थाई पक्ष की ओर से की गई अमानवीय और बर्बर कार्रवाइयों की कड़े से कड़ी निंदा करता है. साथ ही कंबोडिया ने कहा कि थाईलैंड की ओर से किया गया यह हमला 26 अक्टूबर को हुए सीजफायर का उल्लंघन है.

नों लगा रहे एक-दूसरे पर आरोप

थाई सेना ने कहा कि कंबोडिया ने सोमवार तड़के लगभग 3 बजे (स्थानीय समय) थाई सीमा को निशाना बनाना शुरू किया. इसी के बाद एक अलग बयान में, कंबोडियाई सेना ने आरोप लगाया कि थाई सेना ने लगभग 5:04 बजे सुबह (स्थानीय समय) कंबोडियाई बलों पर हमला किया.

ट्रंप ने कराया था सीजफायर

दोनों देशों के बीच जुलाई में सीमा विवाद भड़क गया था. इसी के बाद 5 दिन तक दोनों के बीच युद्ध हुआ. इसी के बाद मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और ट्रंप की मध्यस्थता में युद्धविराम समझौता हुआ. दोनों नेताओं ने अक्टूबर में कुआलालंपुर में दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराया.

जुलाई में भड़की थी हिंसा

दोनों देशों के बीच जुलाई में झड़पे बढ़ गई थी. दोनों पड़ोसियों ने एक दूसरे पर रॉकेट दागे थे. इन हमलों में कम से कम 48 लोगों की मौत हुई और लगभग 3 लाख लोग अस्थायी रूप से विस्थापित हो गए.

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद है. यह सीमा विवाद काफी ज्यादा पुराना है. यह विवाद उस पुराने सीमा-मतभेद पर केंद्रित है, जो क्षेत्र में फ्रांस के उपनिवेशकाल के दौरान बनाए गए नक्शों से जुड़ा है. दोनों देश सीमा के साथ स्थित कई मंदिरों पर अपना दावा करते हैं.

“6 देश आमने-सामने, इनमें 2 मुस्लिम. एशिया में कहां-कहां छिड़ने वाली है जंग?”

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एशिया में जंग का 3 फ्रंट खुल गया है. इस समय एशिया में 6 देश आमने-सामने हैं. धीरे-धीरे इन देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. एक-दूसरे पर अटैक कर रहे हैं. पहला फ्रंट दो मुस्लिम देश के बीच है.

भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान एक दूसरे से उलझ रहे हैं. पिछले महीने से दोनों एक-दूसरे पर हवाई हमले कर रहे हैं.

दूसरा फ्रंट चीन और जापान के बीच है. हाल ही में जापान के पीएम तकाइची ने ताइवान को लेकर टिप्पणी कर दी है. इसके बाद दोनों के बीच टकराहट बढ़ती चली जा रही है. वहीं, तीसरा फ्रंट थाइलैंड और कंबोडिया के बीच खुल गया है. दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

पाकिस्तान-अफगानिस्तान

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अक्टूबर के महीने में झड़पें शुरू हुई थी. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमला किया था. पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान आतंकवाद को पनाह देता है. दोनों के बीच तनाव की वजह आतंकवादी संगठन टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) है. पाकिस्तान के अक्टूबर में अटैक करने के बाद से ही दोनों देशों के बीच वार-पलटवार का सिलसिला जारी है.

हाल ही में पाकिस्तान और तालिबान बलों के बीच शुक्रवार देर रात सीमा पर भारी गोलीबारी हुई, जिसकी दोनों देशों ने पुष्टि की है. इस झड़प में कम से कम 5 लोग अफगानिस्तान में मारे गए, जिससे तनाव और बढ़ गया है. इसी के साथ हाल ही में हुए अटैक के चलते दो महीने की कमज़ोर युद्धविराम व्यवस्था टूट गई. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अक्टूबर में हुई हिंसा, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए, 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से सीमा पर हुई सबसे गंभीर झड़प थी.

चीन और जापान

चीन और जापान के बीच ताइवान को लेकर तनाव शुरू हुआ. दोनों देशों के बीच दरार जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाईची के ताइवान को लेकर दिए बयान के बाद आई. जापान की प्रधानमंत्री ताकाईची ने 7 नवंबर को संसद में कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है और इससे जापान की सुरक्षा को खतरा होता है, तो जापान भी प्रतिक्रिया दे सकता है.

उनके इसी बयान के बाद चीन भड़क गया है. जापानी पीएम के ताइवान पर दिए बयान को चीन ने उसके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया. हालांकि, ताकाइची ने अपने बयान वापस लेने से इनकार कर दिया. इसी के बाद जापान ने रविवार को आरोप लगाया कि चीन के लड़ाकू विमानों ने उसके सैन्य विमानों पर दो बार फायर कंट्रोल रडार लॉक किया. लगातार दोनों देशों के बीच दरार बढ़ती ही जा रही है.

थाईलैंड और कंबोडिया

तीसरा फ्रंट थाइलैंड और कंबोडिया के बीच खुल गया है. दोनों पड़ोसी देश एक-दूसरे से भिड़ रहे हैं. थाईलैंड ने सोमवार को कंबोडिया पर सीमा पर हवाई हमले किए. थाई सैन्य अधिकारियों का दावा है कि कंबोडिया ने स्थानीय समय अनुसार सुबह करीब 3 बजे थाई सीमा पर हमले शुरू किए, इन हमलों में एक थाई सैनिक की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हुए थे.

वहीं, दूसरी तरफ कंबोडियाई सेना ने थाईलैंड पर स्थानीय समय अनुसार सुबह लगभग 5:04 बजे हमला करने का आरोप लगाया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर के महीने में दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराया था. हालांकि, अब दोनों देश एक दूसरे पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं. इसी के बाद सोमवार को हुई झड़पों के बाद दोनों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है.

“Salman Khan Bigg Boss: अगला सीजन होस्ट करेंगे सलमान खान? शो के अंत में मिल गया इस सवाल का जवाब”

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बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को बिग बॉस से काफी लोकप्रियता मिली और सलमान की वजह से बिग बॉस को भी. सुपरस्टार ने अपने करियर में कई फिल्में कीं जिन्होंने काफी अच्छा कलेक्शन किया.

वहीं टीवी की दुनिया में इस शो से वे दुनियाभर में छा गए. सलमान ने बिग बॉस में लंबा सफर तय किया है. हर साल इस शो के जाते-जाते फैंस के दिमाग में यही सवाल रहता है कि क्या सलमान खान इस शो को आगे होस्ट करेंगे कि नहीं. इस बात पर हमेशा सस्पेंस बना रहता है.

लेकिन इस बार ये सस्पेंस पूरी तरह से मिट गया है. क्योंकि

बिग बॉस 19 के ग्रांड फिनाले में ही ये पता चल गया है कि सलमान खान बिग बॉस के 20वें सीजन को होस्ट करेंगे कि नहीं. आइए जानते हैं कि फैंस के हाथ निराशा लगेगी कि एक बार फिर से सल्लू भाई के फैंस उन्हें विकेंड का वार में देख पाएंगे.

गौरव खन्ना बने विनर?

बिग बॉस 19 का ग्रैंड फिनाले बहुत धूम-धाम से मनाया गया. शो के अंत तक सभी की सांसे टिकी रहीं और फैंस बस इसी इंतजार में रहे कि सलमान खान कब विनर के नाम की अनाउंसमेंट करेंगे. विनर्स के नाम की अनाउंसमेंट होते ही पूरा वेन्यू तालियों की गड़गड़ाहट से और हूटिंग से भर गया. वहीं स्टेज पर सभी गौरव खन्ना की तारीफ करते नजर आए और उन्हें गले लगाकर बधाइयां दी. सोशल मीडिया पर भी गौरव को जीत की खुशी में खूब विश किया जा रहा है.

क्या अगला सीजन होस्ट करेंगे सलमान खान?

गौरव के नाम की अनाउंसमेंट करने के बाद ही सलमान खान ने दर्शकों से विदा ली. जाते-जाते उन्होंने ऐसा कुछ कहा जिसने फैंस की खुशी को दोगुना कर दिया. सलमान ने जाते-जाते कहा- तो इस सीजन के लिए बस इतना ही. शांत रहें और जो भी अपने जीवन करना चाहते हैं उसे करते रहें. लेकिन अपने माता-पिता को कष्ट ना पहुंचाएं. भारत माता की जय. आप सभी से अगले सीजन में मिलते हैं. सीजन 20 में.

किस फिल्म में नजर आएंगे सलमान खान?

वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान की साल 2025 की ईद पर आई फिल्म सिकंदर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी थी. फिल्म का हाल बॉक्स ऑफिस पर ठीक नहीं रहा था. अब साल 2026 में एक बार फिर से सलमान खान की फिल्म ईद के मौके पर रिलीज की जा सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि उनकी अपकमिंग फिल्म बैटल ऑफ गलवान ईद 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में आ सकती है. फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

वंदे मातरम् पर पीएम मोदी ने नेहरू को घेरा. गौरव गोगोई  ने पूछा बीजेपी से सवाल..

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विंटर सेशन में आज वंदे मातरम् को लेकर चर्चा हुई. चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के पंडित नेहरू पर दिए गए बयान का लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा मैं वंदे मातरम् पर हो रही महत्वपूर्ण चर्चा में भाग ले रहा हूं.

मैं पूछना चाहता हूं. जब ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ हो रहा था, तब BJP के राजनीतिक पूर्वज कहां थे? इतिहास में दर्ज है कि BJP के राजनीतिक पूर्वजों ने कहा था- ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में भाग नहीं लेना चाहिए.

कांग्रेस नेता ने कहा कि वंदे मातरम्’ का नारा ब्रिटिश हुकूमत के विरोध में लगाया जाता था. हम ‘वंदे मातरम्’ का नारा अंग्रेजी हुकूमत के दिल में खौफ पैदा करने के लिए लगाते थे- ये इसका मूल भाव था. उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि आपके (BJP-RSS) राजनीतिक पूर्वजों ने ‘वंदे मातरम्’ की इस मंशा को कब पूरा किया? आपके (BJP-RSS) राजनीतिक पूर्वजों ने ब्रिटिश हुकूमत का कब विरोध किया?

कांग्रेस नेता ने चर्चा के दौरान कहा कि कहा कि साल 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी में यह निर्णय लिया गया था कि जहां पर भी नेशनल गैदरिंग होगी, वहां पर हम ‘वंदे मातरम’ की पंक्तियों को गाएंगे. मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा ने इस फैसले की खूब आलोचना की. इतना ही नहीं, मुस्लिम लीग और हिंदू महासभा ने इसे राजनीतिक रूप से देखा और कांग्रेस पार्टी की निंदा की. लेकिन अगर कांग्रेस पार्टी चलेगी तो वह किसी मुस्लिम लीग व हिंदू महासभा के द्वारा नहीं, बल्कि भारत की जनता के साथ चलेगी.

अंग्रेजों के जुल्म सहने की ताकत दी

गौरव गोगोई ने चर्चा में कहा कि उस समय के कवि, लेखकों ने ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, ऐसी कविताएं रची, ऐसे गीत रचे, जिनके शब्दों से लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों का जुल्म सहने की ताकत मिली. वंदे मातरम्, रवींद्रनाथ टैगोर जी के Where the mind is without fear, झंडा ऊंचा रहे हमारा, सरफ़रोशी की तमन्ना, इंकलाब जिंदाबाद, करो या मरो, जय हिंद, सत्यमेव जयते और भारत छोड़ो जैसे नारों, गीतों ने देश और समाज को ताकत दी.

कांग्रेस नेता गौरव ने कहा कि मंगल पांडे जी के विद्रोह की असफलता के बाद भारत में एक बेचैनी थी. देश में अंग्रेजों का जुल्म बढ़ गया था. ऐसे में, बंकिम चंद्र चटर्जी जी ने 1872 में पहली दो पंक्तियां लिखीं, जो आज हमारे राष्ट्रगीत का भाग हैं. उन्होंने कहा कि फिर बंकिम चंद्र चटर्जी जी ने करीब 9-10 साल बाद आनंदमठ लिखा, जहां पर उन दो पंक्तियों में उन्होंने कई और पंक्तियां जोड़ीं. आनंदमठ जब लिखा गया, तब ईस्ट इंडिया कंपनी हमारे किसानों पर ऐसे टैक्स लगा रही थी, जिसके कारण जीना बहुत मुश्किल हो गया था.

‘उन्होंने गाने को दो हिस्सों में बांट दिया’

पीएम मोदी ने चर्चा के दौरान कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लिखा था कि ‘आनंद मठ में वंदे मातरम् का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है’. उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया था. मुहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया था. मुस्लिम लीग की बेबुनियाद बातों का कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने के बावजूद, नेहरू ने वंदे मातरम की जांच शुरू कर दी.

पीएम मोदी ने कहा कि इसके पांच दिन बाद, नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की भावना से सहमति जताई. नेहरू ने लिखा कि आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है’. इसके बाद, कांग्रेस ने कहा कि 26 अक्टूबर से बंगाल में वंदे मातरम के इस्तेमाल की जांच की जाएगी. दुर्भाग्य से 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम पर समझौता कर लिया. उन्होंने गाने को दो हिस्सों में बांट दिया.

इस फैसले के पीछे सामाजिक सद्भाव का कारण था, लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे. यह माइनॉरिटीज़ को खुश करने का उनका तरीका था. बाद में, कांग्रेस को घुटने टेकने पड़े और भारत के बंटवारे के लिए राज़ी होना पड़ा. कांग्रेस की पॉलिसीज़ आज भी वही हैं और इस तरह, इंडियन नेशनल कांग्रेस मुस्लिम लीग कांग्रेस (MLC) बन गई है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज भी, कांग्रेस और उसकी साथी पार्टियां वंदे मातरम का विरोध करती हैं और इसके आस-पास कॉन्ट्रोवर्सी पैदा करने की कोशिश करती हैं.

“लॉन्च से पहले लीक हुई Realme Narzo 90 Series 5G की डिटेल्स, जानें”

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Realme Narzo 90 Series 5G को इस साल अप्रैल में भारत में लॉन्च किया गया था. इसका सक्सेसर जल्द ही आ सकता है. एक टीजर के अनुसार, Realme Narzo 90 Series 5G जल्द ही भारत में लॉन्च होने जा रहा है.

टीजर इमेज के अनुसार, दो मॉडल लॉन्च होने वाले हैं और दोनों में ही अलग-अलग डिजाइन दिए जा सकते हैं. फिलहाल डिटेल्स अभी सामने नहीं आई हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मॉडल Realme Narzo 90 Pro 5G और Realme Narzo 90x 5G हो सकते हैं.

अमेजन ने भारत में आने वाली Realme Narzo 90 Series 5G के लॉन्च के लिए एक माइक्रोसाइट तैयार की है. इससे यह कंफर्म होता है कि यह फोन अमेजन से ही खरीदा जा सकेगा. इसका एक कॉमिक-स्टाइल टीजर दिखाया गया है, जिसमें दो हैंडसेट दिखाए गए हैं. इनके कैमरा लेआउट अलग हैं. इससे यह कंफर्म होता है कि ये दो अलग-अलग मॉडल होंगे.

कैसा होगा फोन का कैमरा:

इनमें से एक फोन का डिजाइन iPhone 16 Pro Max के कैमरा लेआउट जैसा दिखाई दे रहा है. यह एकदम उसी तरह है, जो Realme Narzo 80 Pro 5G में दिया गया था. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुछ ऐसा ही Realme Narzo 90 Pro 5G होगा.

वहीं, दूसरे फोन की बात करें तो इसमें रेक्टेंगुलर साइज का कैमरा डिजाइन दिया गया है. इसमें लेंस वर्टिकली अलाइन हैं. Realme Narzo 80x 5G में भी इसी तरह का रियर डिजाइन दिया गया है. इससे यह पता चलता है कि दूसरा मॉडल इसका सक्सेसर हो सकता है. दूसरे फोन का नाम Realme Narzo 90x 5G हो सकता है. ये दोनों ही फोन रियलमी के हालिया स्टाइलिंग ट्रेंड को फॉलो करते हैं.

कैसे होंगे स्पेसिफिकेशन्स:

इनमें से किसी भी फोन के स्पेसिफिकेशन्स सामने नहीं आए हैं. माइक्रोसाइट से पता चला है कि Realme Narzo 90 Series 5G से यूजर्स को कुछ अपग्रेड मिल सकता है. यह सुपरचार्ज्ड और पावर मैक्सड जैसे थीम को हाईलाइट करता है. इससे पता चलता है कि आने वाले मॉडल में बड़ी बैटरी और फास्ट चार्जिंग मिल सकती है. सिर्प यही नहीं, स्नैप शार्प ब्रांडिंग इसके कैमरा कैपेबिलिटी की तरफ भी इशारा करती है. वहीं, ग्लो मैक्सड हाई पीक ब्राइटनेस लेवल को भी दिखाता है.

कंपनी द्वारा साझा किए गए एक नोट के अनुसार, यह फोन 9 दिसंबर को लॉन्च किया जा सकता है. इसी दिन फोन की बाकी डिटेल्स भी जारी की जाएंगी.

“भारत में इतने रुपये में मिलेगा Starlink सब्सक्रिप्शन, बिना रुकावट मिलेगा हाई स्पीड इंटरनेट”

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एलन मस्क की SpaceX ने अपने स्टारलिंक के भारतीय सब्सक्रिप्शन की कीमत का खुलासा किया है. यह सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है, जिसका उद्देश्य देश के दूरदराज के हिस्सों में अपनी सर्विसेज देना है.

बता दें कि कंपनी ने हाल ही में भारत में अपने बेंगलुरु ऑफिस के लिए लिंक्डइन पर चार नौकरी के विज्ञापन पोस्ट किए हैं. इसके तुरंत बाद एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बताया गया यह देश भर के कई शहरों में ग्राउंड स्टेशन स्थापित करेगा.

सैटकॉम कंपनी ने स्टारलिंक इंडिया वेबसाइट को अपडेट किया है, जिसमें अब रेजिडेंशियल यूजर्स के लिए सब्सक्रिप्शन की कीमतें लिस्ट कर दी गई हैं. SpaceX अपनी स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसज के लिए हर महीने 8,600 रुपये चार्ज करेगा. इसमें 34,000 रुपये के हार्डवेयर की लागत शामिल होगी. सर्विसेज की बात करें तो यह कंपनी अनलिमिटेड डाटा के साथ-साथ 30 दिन का ट्रायल भी देगी.

बिना रुकावट इंटरनेट कनेक्शन का वादा:

स्टारलिंक की वेबसाइट पर कहा गया है कि कंपनी यूजर्स को बिना रुकावट इंटनेरट कनेक्शन की सुविधा देगी. साथ ही यह भी कहा गया है कि 99.9 प्रतिशत से ज्यादा अपटाइम दिया जाएगा. इसके साथ ही यूजर्स को बस प्लग इन करके इस सर्विस का इस्तेमाल शुरू करना होगा. भारत में स्टारलिंक रेजिडेंशियल सब्सक्रिप्शन की कीमतें सामने आ गई हैं. इसकी बिजनेस कीमत क्या होगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है. उम्मीद की जा रही है कि यह भी जल्द ही बताया जाएगा.

SpaceX ने अक्टूबर महीने में लिंक्डइन पर भारत में स्टारलिंक के बेंगलुरु ऑफिस के लिए चार जॉब एड पोस्ट किए हैं. उस समय टेक फर्म देश में एक पेमेंट्स मैनेजर, एक अकाउंटिंग मैनेजर, एक सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट और एक टैक्स मैनेजर को हायर कर रही थी. सिर्फ यही नहीं, जॉब के एड में यह भी बताया गया था कि हायरिंग ड्राइव स्टारलिंक के इंटरनेशनल फुटप्रिंट का विस्तार करने के प्रयासों का हिस्सा है. कंपनी दुनियाभर में अपनी सर्विसेज को लॉन्च करने की योजना बना रही है.

इसके साथ ही कुछ रिपोर्ट्स ऐसी भी सामने आई हैं, जिनमें SpaceX की सहायक कंपनी भारत भर में कई जगहों पर अपने गेटवे अर्थ स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसमें चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और नोएडा शामिल हैं.

“कर्नाटक CM सिद्दरमैया की मुश्किलें बढ़ीं, SC ने नोटिस जारी कर याचिका पर मांगा जवाब”

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की चुनावी विजय एक बार फिर कानूनी घेरे में आ गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस अपील पर नोटिस जारी किया है जिसमें कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव के दौरान की गई पांच गारंटी को करप्ट प्रैक्टिस बताते हुए सिद्धारमैया के चुनाव को चुनौती दी गई है.

यह याचिका कर्नाटक के वरुणा विधानसभा क्षेत्र के एक वोटर शंकरा द्वारा दायर की गई थी. कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस याचिका को अप्रैल में खारिज कर दिया था, जिसके बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है.

शंकरा का आरोप है कि कांग्रेस ने अपने मैनिफेस्टो में जो पांच गारंटी देने का वादा किया था, वह RP एक्ट 1950 के सेक्शन 123 के तहत करप्ट प्रैक्टिस है. उनका तर्क है कि इस तरह मुफ्त सुविधाओं का वादा कर वोटरों को प्रभावित किया गया और यह चुनावी नैतिकता के खिलाफ है. उनका कहना है कि मैनिफेस्टो पर जिन नेताओं की तस्वीरें थीं, जिसमें सिद्धारमैया भी शामिल हैं, वे इस कथित करप्शन के लिए जिम्मेदार होने चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट की बेंच को बताया गया कि फ्रीबीज पर रोक लगाने और 2013 के सुब्रमण्यम बालाजी केस की समीक्षा करने की मांग वाली याचिकाएं पहले से ही तीन जजों की बेंच के पास लंबित हैं. 2013 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकारें टीवी लैपटॉप और अन्य चीजें बांट सकती हैं क्योंकि यह नीति निर्देशों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाएं हैं. उसी आधार पर कहा गया था कि चुनावी मैनिफेस्टो में किए गए वादों को करप्ट प्रैक्टिस नहीं माना जा सकता. इस संदर्भ में अब यह मामला और महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट इस विषय पर बड़े फैसले की तैयारी में है.

हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की थी याचिका

कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा था कि कांग्रेस की पांच गारंटी RP एक्ट के सेक्शन 123 के तहत करप्ट प्रैक्टिस नहीं मानी जा सकती क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनावी घोषणाओं में किए गए वादे भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में नहीं आते. हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि शंकरा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सके कि कांग्रेस की इन गारंटी का उद्देश्य वोट खरीदना था.

सिद्धारमैया की ओर से पेश वकील ने कहा कि कांग्रेस की नीतियां किसी भ्रष्ट प्रैक्टिस का हिस्सा नहीं बल्कि पूरी तरह वेलफेयर स्कीम पर आधारित थीं. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यह मुद्दा पहले ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत साफ किया जा चुका है. इसलिए सिद्धारमैया के चुनाव को रद्द करने की कोई ठोस वजह नहीं बनती.

“भजनलाल सरकार के 2 साल पूरे होने पर BJP का बड़ा प्लान, 15 दिसंबर से शुरु होने जा रहा यह विशेष अभियान”

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राजस्थान में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर पार्टी ने एक बड़ा जनसंपर्क अभियान तैयार किया है. 15 दिसंबर से प्रदेश भर में डोर टू डोर कैंपेन चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकार अपने विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी हर घर तक पहुंचाएगी.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों से जनता से अधिक जुड़ाव बनाने और अपने क्षेत्रों में लगातार प्रवास करने के निर्देश दिए हैं.

बैठक में उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से दोनों बजट में सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों का प्रावधान किया गया है. मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में जनता से फीडबैक लें और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत संवाद बनाए रखें.

जनप्रतिनिधियों को क्या दिया निर्देश?

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के दो साल पूरे होने पर 15 दिनों का विशेष कार्यक्रम तय किया गया है, जिसमें जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में पहुंचकर विकास योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे. इसके अलावा संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने पर भी जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने सिर्फ दो वर्षों में कांग्रेस सरकार के पांच साल के मुकाबले अधिक काम किया है.

कौन-कौन से हुए महत्वपूर्ण बदलाव?

उन्होंने कहा कि यमुना जल समझौता और रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसे बड़े फैसलों ने प्रदेश में जल उपलब्धता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. इसके साथ ही राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए, जिनमें से 7 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है.

क्या है भाजपा की योजना?

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अब तक 92 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी जा चुकी है और दिसंबर में 15 हजार से अधिक नियुक्तियां और दिए जाने वाली हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों को देखते हुए सभी जनप्रतिनिधि संगठन विस्तार पर ध्यान दें और नए लोगों को जोड़ें. भाजपा की योजना है कि सरकार की उपलब्धियों की जानकारी हर घर तक पहुंचे और जनता के बीच सरकार के कार्यों का मजबूत संदेश जाए.

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सरकार और संगठन मिलकर आगामी पंद्रह दिनों तक व्यापक राजनीतिक और जनसंपर्क गतिविधियों को प्रदेश में तेज करने जा रहे हैं. इस अभियान को आगामी चुनावों की तैयारी का आधार भी माना जा रहा है.

“हैदराबाद हवाई अड्डे पर आने वाली 3 फ्लाइट को मिली बम की धमकी, सभी की हुई सेफ लैंडिंग”

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राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हैदराबाद को हाल ही में तीन उड़ानों को बम धमकी मिलने की खबर मिली है. अधिकारियों के अनुसार, रविवार देर रात एयरपोर्ट को तीन अलग-अलग फ्लाइट्स के लिए खतरे की ईमेल मिली थी.

इन फ्लाइट्स में शामिल थीं: ब्रिटिश एयरवेज (BA 277) हीथ्रो से हैदराबाद, लुफ्थांसा (LH 752) फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद और इंडिगो (6E 7178) कानूर से हैदराबाद.

सभी फ्लाइट्स सेफ लैंड हुई

सभी फ्लाइट्स सुरक्षित रूप से हैदराबाद एयरपोर्ट पर उतरीं. इंडिगो की फ्लाइट 6E 7178, जो कानूर से आ रही थी, रविवार रात 10:50 बजे सुरक्षित लैंड हुई. लुफ्थांसा की फ्लाइट LH 752, जो फ्रैंकफर्ट से थी, सोमवार सुबह 2:00 बजे उतरी. वहीं, ब्रिटिश एयरवेज़ की फ्लाइट BA 277, हीथ्रो से हैदराबाद आ रही थी, थोड़ी देर से सुबह 5:30 बजे सुरक्षित उतरी. हैदराबाद एयरपोर्ट ने पुष्टि की कि सभी फ्लाइट्स के लिए मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए गए.

सुरक्षा उपायों में क्या-क्या शामिल

सुरक्षा उपायों में विमान को अलग करना, यात्रियों और सामान की स्क्रीनिंग, फायर इंजनों को तैयार रखना और स्नीफर डॉग्स का उपयोग शामिल था. इस कार्रवाई से सुनिश्चित किया गया कि कोई भी खतरा विमान और यात्रियों के लिए नुकसानदायक न हो. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब हैदराबाद एयरपोर्ट को बम धमकी मिली हो.

पिछले हफ्ते भी मिली थी धमकी

पिछले सप्ताह भी एयरपोर्ट को दुबई-हैदराबाद (EK526), मदीना-हैदराबाद (इंडिगो) और शारजाह-हैदराबाद (इंडिगो 6E 1422) फ्लाइट्स के लिए धमकी ईमेल मिली थी. मदीना-हैदराबाद की फ्लाइट को सुरक्षा कारणों से अहमदाबाद एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया. दुबई-हैदराबाद EK526 फ्लाइट 5 दिसंबर को सुबह 8:30 बजे सुरक्षित लैंड हुई. शारजाह-हैदराबाद फ्लाइट 6E 1422 भी सुरक्षित लैंड हुई और सुरक्षा के सभी मानक उपाय अपनाए गए.

अधिकारियों ने की अपील

इस तरह की घटनाओं से एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. अधिकारियों ने यात्रियों से भी सतर्क रहने और किसी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत सुरक्षा कर्मचारियों को देने का आग्रह किया है. ये घटनाएं साबित करती हैं कि हवाई अड्डों पर सुरक्षा उपाय कितने जरूरी और प्रभावी हैं, और समय रहते कदम उठाने से किसी भी खतरे को टाला जा सकता है.

“IND vs SA: टी20 सीरीज में भारत-साउथ अफ्रीका को होगी जोरदार टक्कर! कब और कहां देखें मुकाबला”

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भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज की शुरुआत 9 दिसंबर से होने वाली है. टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका ने जीत हासिल की, जबकि वनडे सीरीज को टीम इंडिया ने अपने नाम किया.

अब दोनों टीमें टी20 सीरीज के लिए समर कस चुकी हैं. भारत और साउथ अफ्रीका पहले टी20 मैच में कटक में एक-दूसरे का सामना करने को तैयार हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर इस मुकाबले को कब और कहां लाइव देख सकते हैं.

टेस्ट और वनडे सीरीज का हाल

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहले 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई. इस सीरीज के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 30 रनों से जीत हासिल की. तो वहीं दूसरा टेस्ट मैच 408 रनों के बड़े अंतर से जीता.

टेस्ट सीरीज के बाद दोनों टीमों का सामना वनडे सीरीज में हुआ और पहले मैच में टीम इंडिया ने 17 रनों से जीत दर्ज की. इसके बाद दूसरा मुकाबला साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से अपने नाम किया और अंतिम मैच में भारत ने 9 विकेट से जीत हासिल की. अब दोनों टीमें टी20 सीरीज में भिड़ने को तैयार है.

कब और कहां खेला जाएगा पहला मैच

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहला टी20 मैच कटक के बाराबाती स्टेडियम में मंगलवार, 9 दिसंबर को खेला जाएगा. इस मुकाबले की शुरुआत भारतीय समयानुसार रात 7 बजे से होगी, जबकि इसके लिए टॉस 6:30 बजे होगा.

कहां पर होगा मुकाबले का लाइव टेलीकास्ट

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच पहले टी20 मैच का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा. ऐसे में अगर आप इस मुकाबले का मजा टीवी पर लेना चाहते हैं, तो आप स्टार स्पोर्ट्स हिंदी, स्टार स्पोर्ट्स 1 और अन्य स्थानी भाषा में देख सकते हैं.

भारत-साउथ अफ्रीका मैच की लाइव स्ट्रीमिंग

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कटक में होने वाले पहले टी20 मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर होगी. अगर आप इस मुकाबले को मोबाईल या फिर लैपटॉप पर देखना चाहते हैं, तो इसके ऐप और वेबसाइट पर देख सकते हैं.

भारत की संभावित प्लेइंग 11

अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह.