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साइबर ठगों पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी, रियल-टाइम ट्रैकिंग से कसेगा शिकंजा…

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देश में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामलों के बीच अब ठगों के खिलाफ बड़े स्तर पर डिजिटल कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. साइबर अपराध से निपटने के लिए बनाई गई केंद्रीय व्यवस्था अब पूरी तरह एक्टिव मोड में है और तकनीक, डेटा और एजेंसियों के समन्वय से साइबर ठगों पर शिकंजा कसने की रणनीति लागू की जा रही है.

साइबर ठगी पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) की स्थापना की है, जो Ministry of Home Affairs के तहत काम करने वाली नोडल एजेंसी है. इस सिस्टम को मजबूत बनाने की पहल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्तर पर की गई, जिसके तहत देशभर में एजेंसियों को एकीकृत प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है.

शिकायत से कार्रवाई तक…कैसे काम करता है सिस्टम?

जब किसी शख्स के साथ साइबर ठगी होती है तो वो हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करता है या पोर्टल cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करता है. शिकायत दर्ज होते ही मामला तुरंत बैकएंड सिस्टम में ट्रांसफर कर दिया जाता है.

यह पूरा केस Citizen Financial Cyber Fraud Reporting and Management System में दर्ज होता है, जहां से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होती है. शिकायत मिलते ही साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर सक्रिय हो जाता है.

यहां एक ही छत के नीचे कई एजेंसियां मिलकर काम करती हैं:-

  • अलग-अलग राज्यों की पुलिस
  • बैंकिंग संस्थान
  • टेलीकॉम कंपनियां
  • ऑनलाइन पेमेंट गेटवे

API इंटीग्रेशन के जरिए सभी सिस्टम आपस में जुड़े हैं, जिससे संदिग्ध ट्रांजैक्शन को तुरंत ट्रैक, फ्रीज और रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इसी के लिए एक मानकीकृत SOP भी लागू की गई है, जिसके आधार पर सभी एजेंसियां समन्वित कार्रवाई करती हैं.

देशभर में साइबर फ्रॉड के हॉटस्पॉट चिन्हित

साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय लेन-देन की निगरानी में देशभर में कई बड़े हॉटस्पॉट सामने आए हैं. 10 जनवरी 2025 से 20 जनवरी 2026 के बीच के डेटा में चेक निकासी, एटीएम निकासी और संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े बड़े पैमाने पर मामले सामने आए हैं.

चेक निकासी हॉटस्पॉट: कुल 3,827 मामले

चेक के जरिए संदिग्ध निकासी में राजस्थान सबसे ऊपर रहा, इसके बाद उत्तर प्रदेश और गुजरात का स्थान है. शीर्ष राज्य: राजस्थान (581), उत्तर प्रदेश (452), गुजरात (358), बिहार (311), केरल (269), मध्य प्रदेश (244), पश्चिम बंगाल (219), दिल्ली (211), तमिलनाडु (204), हरियाणा (179).

एटीएम निकासी हॉटस्पॉट: कुल 43,450 मामले

एटीएम से संदिग्ध निकासी के मामलों में बिहार शीर्ष पर रहा. उत्तर प्रदेश, झारखंड और दिल्ली में भी बड़ी संख्या दर्ज हुई.

शीर्ष राज्य: बिहार (5806), उत्तर प्रदेश (5404), झारखंड (4675), दिल्ली (4503), राजस्थान (4349), तमिलनाडु (2914), मध्य प्रदेश (2711), पश्चिम बंगाल (1926), हरियाणा (1725), कर्नाटक (1668).

अलग-अलग राज्यो में संदिग्ध 54,869 खाते

देशभर में हजारों बैंक खातों को संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ा पाया गया. शीर्ष राज्य: राजस्थान (8355), उत्तर प्रदेश (6528), बिहार (5721), असम (4782), मध्य प्रदेश (3801), पश्चिम बंगाल (3595), दिल्ली (2720), झारखंड (2607), हरियाणा (2477), तमिलनाडु (1828).

डेटा से साफ है कि साइबर ठगी अब लोकल नहीं, बल्कि संगठित और इंटर-स्टेट नेटवर्क के रूप में फैल चुकी है. चेक और एटीएम दोनों माध्यमों से बड़े पैमाने पर संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आना बैंकिंग और डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है.

हालांकि एजेंसियों का मानना है कि हॉटस्पॉट मैपिंग, रियल-टाइम निगरानी और मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन से साइबर ठगों के नेटवर्क को तेजी से तोड़ा जा सकेगा. कुल मिलाकर ये बात साफ है कि अब साइबर ठगों पर डिजिटल जवाबी हमला शुरू हो चुका है, और साइबर कमांडो पूरी तैयारी में हैं.

बेंगलुरु में 38 लाख का पैकेज या दुबई में 5 लाख महीने की सैलरी? टेकी ने पूछा- कौन सा ऑफर बेहतर? लोगों ने दी ये सलाह…

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विदेश में नौकरी का ऑफर सुनते ही मन में खुशी और जिज्ञासा दोनों जाग जाते हैं. नई जगह, नया कल्चर और बेहतर लाइफस्टाइल की अपॉर्चुनिटी अट्रैक्ट करती है, लेकिन जब फैसला लेने की बारी आती है तो स्थिति उतनी आसान नहीं रहती.

खासकर तब, जब अपने देश में भी अच्छी सैलरी और मजबूत करियर ग्रोथ का अवसर मौजूद हो. हाल ही में Reddit पर एक 27 वर्षीय टेक प्रोफेशनल ने ऐसी ही दुविधा साझा की, जिसने कई लोगों का ध्यान खींचा.

यह युवा प्रोफेशनल फिलहाल बेंगलुरु में 32 लाख रुपये सालाना कमा रहा है. अब उसके सामने दो नए विकल्प हैं. पहला ऑफर बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित बैंक से है, जहां 38 लाख रुपये सालाना का पैकेज दिया जा रहा है. कंपनी की ब्रांड वैल्यू मजबूत है और लंबे समय में करियर ग्रोथ की संभावनाएं भी बेहतर बताई गई हैं. दूसरा प्रस्ताव दुबई से आया है, जहां उसे 21,000 AED प्रति माह यानी लगभग 5.19 लाख रुपये मासिक वेतन की पेशकश की गई है.

क्या मिला बंदे को ऑफर?

उसने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत में मिलने वाली सैलरी का Analysis करना comparatively इजी है, क्योंकि यहां के खर्च, लाइफस्टाइल और करियर ग्रोथ के बारे में उसे क्लियर समझ है. लेकिन दुबई के ऑफर को लेकर उसके मन में कई सवाल हैं. क्या 21,000 AED एकUnmarried व्यक्ति के लिए sufficient सैलरी है? वहां रहन-सहन का वास्तविक खर्च कितना होगा? कितनी बचत संभव है? क्या फ्लैट शेयर करना आम बात है? और सबसे बड़ा सवाल.क्या केवल दुबई का टैग पाने के लिए यह कदम उठाना सही रहेगा?

इस पोस्ट पर कई यूजर्स ने अपने अनुभव और राय साझा की. कुछ लोगों ने दुबई की टैक्स-फ्री इनकम को बड़ा फायदा बताया. वहां आयकर नहीं देना पड़ता, जिससे सैलरी का पूरा हिस्सा हाथ में आता है. हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वहां का खर्च भी कम नहीं है. एक यूजर ने बताया कि केवल किराया ही 6,000 से 9,000 AED तक पहुंच सकता है, जो इलाके और रहने की सुविधा पर निर्भर करता है. इसके अलावा खाने-पीने, ट्रांसपोर्ट, मोबाइल बिल, इंटरनेट और अन्य दैनिक खर्च मिलाकर 10,000 से 13,000 AED तक आराम से खर्च हो सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति अनुशासित तरीके से जीवनयापन करे, तो 7,000 से 10,000 AED तक की बचत संभव है.

एक अन्य यूजर ने खर्च का सरल गणित समझाया. उसके अनुसार, यदि किराया लगभग 5,000 AED और अन्य खर्च भी करीब 5,000 AED मान लिए जाएं, तो बाकी रकम ही आपकी संभावित बचत होगी. लेकिन उसने यह भी जोड़ा कि मेडिकल सुविधाएं वहां महंगी हो सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य बीमा और अप्रत्याशित खर्चों को ध्यान में रखना जरूरी है.

कुछ लोगों ने आर्थिक पहलू से अधिक करियर ग्रोथ पर ध्यान देने की सलाह दी. एक टेक प्रोफेशनल ने टिप्पणी की कि यदि लंबी अवधि में तकनीकी क्षेत्र में मजबूत पहचान बनानी है, तो बेंगलुरु बेहतर विकल्प हो सकता है. उनका तर्क था कि दुबई में टेक सेक्टर उतना विकसित नहीं है, और कई कंपनियां अपना तकनीकी काम भारत को आउटसोर्स कर रही हैं. ऐसे में वहां अवसर सीमित हो सकते हैं.

भारत की जीरो टॉलरेंस नीति पर पीएम मोदी का बयान, इजराइल में बढ़ी चर्चा…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल में एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी स्थिति में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।

इस बयान के बाद, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी से कुछ कहा, जिसके बाद दोनों नेताओं ने मुस्कुराते हुए एक-दूसरे का हाथ मिलाया। इस बीच, पाकिस्तान पर कार्रवाई की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही इशारा किया था कि यदि वह नहीं होते, तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की स्थिति गंभीर होती।

महबूबा मुफ्ती की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी और नेतन्याहू की मुलाकात पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह भारत की नीति के खिलाफ है, क्योंकि पूरी दुनिया नेतन्याहू के खिलाफ है। मुफ्ती ने कहा कि पीएम मोदी, जो 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं, का एक ऐसे व्यक्ति को गले लगाना जो अंतरराष्ट्रीय अपराधी है, उचित नहीं है।

भारतीय सेना की तैयारियां

भारतीय सेना के टू कोर के जीओसी और आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर टू शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछली बार पाकिस्तान को केवल एक छोटा सा संकेत दिया गया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने चार दिन में ही युद्ध रोकने की गुहार लगाई थी। लेकिन इस बार भारत की तैयारी और भी मजबूत है।

भारत की जीडीपी वृद्धि दर तीसरी तिमाही में 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान…

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भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान

मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है। यह वृद्धि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के चलते बढ़ी मांग के कारण हो रही है, हालांकि पिछले वर्ष के ऊंचे आधार का भी प्रभाव रहेगा।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि दर 8 प्रतिशत तक पहुँच सकती है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि, यह दूसरी तिमाही के 8.1 प्रतिशत से थोड़ी कम हो सकती है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 27 फरवरी को जारी होने वाले वित्त वर्ष 2026 के तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े 8.3 प्रतिशत रह सकते हैं, जो पिछले साल की समान अवधि के 6.4 प्रतिशत से काफी अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर घटकर 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो दूसरी तिमाही के 8.7 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि के 10.3 प्रतिशत से कम है। इसका कारण महंगाई में कमी के चलते जीडीपी डिफ्लेटर में गिरावट बताया गया है। बैंक ने कहा कि उसके अनुमान पुराने बेस ईयर पर आधारित हैं, क्योंकि सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा बेस ईयर में बदलाव के बाद जीडीपी आंकड़ों पर प्रभाव को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026 के लिए वृद्धि का अनुमान मजबूत बना हुआ है और वित्त वर्ष 2027 के शुरुआती संकेत भी सकारात्मक हैं, लेकिन नए बेस ईयर के संबंध में स्पष्टता आने के बाद वार्षिक अनुमानों की पुनरावलोकन करना आवश्यक होगा। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) शुक्रवार को 2022-23 के संशोधित बेस ईयर के साथ जीडीपी आंकड़े जारी करेगा।

सरकार ने पहले बताया था कि नई सीरीज के लिए वित्त वर्ष 2022-23 को बेस ईयर के रूप में चुना गया है। नए इनपुट्स के माध्यम से संस्थागत क्षेत्रों, विशेषकर निजी कंपनियों और एमएसएमई से जुड़े क्षेत्रों में जीडीपी के अनुमानों को और मजबूत बनाने का प्रयास किया गया है, जहाँ लंबे समय से डेटा की कमी रही है।

भारतीय रेलवे ने होली के लिए 10 नई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की…

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होली के त्योहार पर विशेष ट्रेनें

होली के अवसर पर घर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में कंफर्म टिकट प्राप्त करना कठिन हो जाता है, इसलिए यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है।

इस क्रम में कोलकाता, बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच 10 नई होली स्पेशल ट्रेनों की सूची जारी की गई है। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से विशेष रूप से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों को यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें टिकट की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

लालकुआं-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का विवरण

रेलवे द्वारा जारी की गई नई सूची में लालकुआं-कोलकाता-लालकुआं स्पेशल (05060/05059) शामिल है। गाड़ी संख्या 05060 लालकुआं-कोलकाता स्पेशल 5 मार्च से 26 मार्च तक हर गुरुवार को लालकुआं से दोपहर 13.35 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 23.55 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 05059 कोलकाता-लालकुआं स्पेशल 7 मार्च से 28 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को सुबह 5.00 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 15.45 बजे लालकुआं पहुंचेगी। यह ट्रेन गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बरौनी जैसे कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी।

सहरसा-पूर्णिया कोर्ट के बीच स्पेशल ट्रेनें

यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए सहरसा-पूर्णिया कोर्ट-सहरसा स्पेशल (05506/05505) का भी संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 05506 सहरसा-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 6 मार्च से 15 मार्च तक हर मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को सहरसा से दोपहर 13.20 बजे चलकर 15.30 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 05505 पूर्णिया कोर्ट-सहरसा स्पेशल 9 मार्च से 17 मार्च तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार और शनिवार को पूर्णिया कोर्ट से दोपहर 3 बजे रवाना होगी और शाम 6.30 बजे सहरसा पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन दौरम मधेपुरा, मुरलीगंज और बनमंखी स्टेशनों पर रुकेगी

सोगरिया-दानापुर और डानकुनी-पटना का शेड्यूल

रेलवे ने सोगरिया-दानापुर-सोगरिया होली स्पेशल (09803/09804) चलाने का भी निर्णय लिया है। यह गाड़ी 1 मार्च को सोगरिया से रात 11.10 बजे चलकर अगले दिन रात 11.45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में यह 3 मार्च को दानापुर से रात 1.15 बजे रवाना होकर अगले दिन 1.10 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इसके अलावा डानकुनी-पटना स्पेशल (03035/03036) 27 फरवरी और 4 मार्च को डानकुनी से रात 12.30 बजे चलेगी और दोपहर 2.45 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में यही गाड़ी 27 फरवरी और 4 मार्च को पटना से शाम 4.15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजे डानकुनी पहुंचेगी।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का भारत दौरा: व्यापार और संबंधों को मजबूत करने की कोशिश…

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मार्क कार्नी का भारत दौरा

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को मुंबई पहुंचे और वे 2 मार्च तक भारत में रहेंगे। यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को पुनर्जीवित करना और व्यापार को बढ़ावा देना है।

कनाडा अमेरिका के साथ अपने खराब संबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए भारत, चीन और मध्य पूर्व के देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है। एएफपी के अनुसार, मुंबई में पहुंचने के बाद, कार्नी का नई दिल्ली जाने से पहले व्यापारिक नेताओं से बातचीत करने का कार्यक्रम है, जहां सोमवार को उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने की संभावना है। हाल के वर्षों में, भारत और कनाडा के बीच संबंध तब और बिगड़ गए जब पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक कनाडाई नागरिक की हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया, जिसे भारत ने बार-बार खारिज किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रूडो के विपरीत, कार्नी पंजाब नहीं जाएंगे, जो सिख अलगाववादी राजनीति का केंद्र है। विश्लेषकों का मानना है कि यह भारतीय अधिकारियों के साथ टकराव से बचने का एक कदम है।

कार्नी की यात्रा का महत्व

विशेषज्ञों का कहना है कि कार्नी की विदेश नीति अधिक व्यावहारिक है, जो कुछ हद तक डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और आक्रमण की धमकियों के दौरान वाशिंगटन के साथ तनाव से प्रभावित है। व्यापारिक नेताओं ने इस यात्रा को प्रतीकात्मकता के बजाय सीधे व्यापार और निवेश पर केंद्रित बताया है। यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते के बाद हो रहा है, जिससे कनाडा के साथ भी ऐसे समझौते की उम्मीद बढ़ गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि बातचीत में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता और ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में छोटे समझौते शामिल हो सकते हैं।

आगे की योजनाएं

भारत के बाद, कार्नी ऑस्ट्रेलिया और जापान का दौरा भी करेंगे। यह अमेरिका पर निर्भरता को कम करने, कनाडा के व्यापार में विविधता लाने और ‘मिडिल-पावर’ अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंधों को मजबूत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।

Tamil Nadu Politics में बड़ा उलटफेर, पूर्व CM O Panneerselvam अब DMK में हुए शामिल…

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तमिलनाडु के तीन बारमुख्यमंत्री रहे और अन्नाद्रमुक से 2022 में निष्कासित ओ पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो गए।

पनीरसेल्वम ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की सुप्रीमो दिवंगत जे जयललिता के विश्वासपात्र माने जाते थे। अपने मातृ संगठन में फिर से शामिल होने के लिए तीन साल के असफल प्रयास के बाद वह द्रमुक में शामिल हो गए। ओ पनीरसेल्वम अपने समर्थकों के साथ द्रमुक में शामिल हुए।

कर्नाटक कांग्रेस में ‘पावर गेम’ तेज! DK Shivakumar समर्थकों की गुप्त बैठक, 40 विधायकों ने की मुख्यमंत्री बदलने की मांग…

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कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुँचता दिख रहा है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के वफादार विधायकों ने बेंगलुरु के एक निजी होटल में शक्ति प्रदर्शन करते हुए आलाकमान से राज्य के शीर्ष पद (मुख्यमंत्री) पर शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ करने की मांग की है।

होटल में ‘रणनीति’ और 40 विधायकों का साथ

मगाडी के विधायक एच.सी. बालकृष्ण द्वारा आयोजित इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, लगभग 40 समान विचारधारा वाले विधायक इस बैठक में शामिल हुए। आधिकारिक तौर पर इसे बालकृष्ण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मिलन समारोह बताया गया, लेकिन अंदरूनी चर्चा पूरी तरह नेतृत्व परिवर्तन पर केंद्रित थी।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात को लगभग ”समान विचारधारा वाले 40 विधायक” होटल में जुटे और शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद पर आसीन कराने के लिए पैरवी करने का निर्णय लिया। शिवकुमार के वफादार बालकृष्ण ने संवाददाताओं से कहा कि उनका जन्मदिन शनिवार को है। ”मैं शुक्रवार सुबह से यहां (बेंगलुरु) नहीं रहूंगा, इसलिए मैंने बृहस्पतिवार को समान विचारधारा वाले लोगों को मिलने के लिए एक साथ आमंत्रित किया। हमने सभी को बुलाया और यह बैठक की।”

चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”यदि पार्टी में ऐसी ही स्थिति रही तो भविष्य में हमारे लिए कठिनाई होगी। (शीर्ष नेतृत्व को) उन्हें इस मुद्दे (नेतृत्व विवाद) को सुलझाना चाहिए। हमने तय किया है कि हम उनसे ऐसा करने का आग्रह करेंगे।” दिल्ली जाने के सवाल पर बालकृष्ण ने कहा कि मामला राष्ट्रीय राजधानी जाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आलाकमान को कर्नाटक में हो रही घटनाओं की जानकारी है।

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाते हैं तो उन्हें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार सवालों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ”हमारे क्षेत्रों में यही चर्चा होती है और इससे हम असहज महसूस करते हैं। हमें शीर्ष नेतृत्व से इस पर विराम लगाने का अनुरोध करना चाहिए।”

बालकृष्ण ने कहा कि नेताओं को अलग-अलग बुलाने से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि जब विधायक मिलते हैं तो स्वाभाविक रूप से इस विषय पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा, ”कई विधायकों का मानना है कि जब तक यह मुद्दा सुलझेगा नहीं, तब तक हमारे लिए स्थिति कठिन रहेगी और भविष्य अनिश्चित रहेगा।”

बालकृष्ण ने संकेत दिया कि इससे 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति पर असर पड़ सकता है। कर्नाटक कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष पद में बदलाव की मांग पर बालकृष्ण ने कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व चाहे तो बदलाव कर सकता है। शिवकुमार पिछले 10 वर्षों से इस पद पर हैं। उन्होंने कहा, ”हम केवल अंतिम निर्णय चाहते हैं। अध्यक्ष बदलें या कोई और, यह मुख्य बात नहीं है। हमारी मांग है कि यहां पार्टी की स्थिति को अंतिम रूप दिया जाए।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुख्यमंत्री बदलने की वकालत कर रहे हैं, बालकृष्ण ने कहा, ”शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि निर्णय लिया जाएगा। अध्यक्ष बदलना हो या मुख्यमंत्री, यह उनका अधिकार है। लेकिन निर्णय अवश्य होना चाहिए। हम चाहते हैं कि भ्रम समाप्त हो।” यह बैठक छह मार्च से शुरू हो रहे कर्नाटक विधानसभा के बजट सत्र से लगभग एक सप्ताह पहले हुई। कुछ अन्य विधायकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि शिवकुमार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का स्थान लें।

राज्य में सत्ता संघर्ष नवंबर 2025 से तेज हुआ, जब कांग्रेस सरकार ने अपने ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। कांग्रेस के सत्ता में आने के समय ऐसी खबरें आई थीं कि सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता-साझाकरण का समझौता हुआ है, जिसके तहत सिद्धरमैया पहले ढाई वर्ष मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद शिवकुमार कार्यभार संभालेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई। शिवकुमार समय-समय पर संकेत देते रहे हैं कि ऐसा समझौता हुआ था और इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। वहीं सिद्धरमैया का कहना है कि वह पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे।

Holi से पहले रेल यात्रियों को Alert! UTS App से नहीं मिलेगा General Ticket, जानें नया तरीका…

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क्या आप होली पर्व के दौरान अपने घर जाने का प्लान कर रहे हैं? लेकिन आपको अभी तक ट्रेन की टिकट नहीं मिली है। हालांकि अब आपको 1 मार्च से UTS ऐप पर ट्रेन का जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक नहीं कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे के अनुसार, 1 मार्च 2026 से UTS ऐप बंद हो जाएगा। ऐसे में जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आप RailOne ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि आप 1 मार्च से UTS ऐप पर न तो जनरल टिकट बुक होगा और न ही किसी और तरह की सेवा मिलेगी।

UTS इस्तेमाल करने वाले क्या करें?

यदि आप UTS ऐप के माध्यम से जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट बुक कराते थे, तो अब आपको रेलवे के RailOne ऐप पर शिफ्ट हो जाना चाहिए। यह एक ऑल-इन-वन ऐप है, जिस पर टिकट बुकिंग से लेकर यात्रा से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। अगर आप UTS या IRCTC ऐप का यूज करते है, तो आपको इस ऐप पर अकाउंट नहीं बनाना पड़ेगा। इसका अर्थ यह है कि आपका पुराना यूजरनेम और पासवर्ड RailOne में भी काम करेगा।

आखिर क्यों बंद हो रहा है UTS ऐप ?

आपको बता दें कि, UTS ऐप का इस्तेमाल जनरल और अनरिजर्व्ड टिकट बुक करने के लिए होता है। ऐसे में भारतीय रेल भी नहीं चाहता है कि अब लोगों को अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग ऐप रखने पड़ें। इस वजह से UTS ऐप के फीचर्स को Railone ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि अब यात्रियों को अलग-अलग ऐप में कन्फ्यूज नहीं होना पड़ेगा और तमाम सुविधाएं एक ही जगह मिल जाएंगी।

RailOne ऐप पर कैसे बुक करें जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट

RailOne ऐप में जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आपको सबसे पहले ऐप में लॉग इन करना होगा।

फिर आपको होम स्क्रीन पर मौजूद Unreserved ऑप्शन पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको From और To पर स्टेशन चुनकर Proceed To Book पर क्लिक करना होगा।

जनरल टिकट की तरह ही आपको RailOne ऐप के होम स्क्रीन पर प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने का ऑप्शन मिल जाएगा। कैसे बुक करें प्लेटफॉर्म टिकट-

सबसे पहले Platform ऑप्शन पर क्लिक करें और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करवा सकते हैं।

इसके बाद Platform ऑप्शन पर क्लिक करें और स्टेशन चूज करके पेमेंट जरुर करें।

फिर आपको फोन पर ही अपनी प्लेटफॉर्म टिकट मिल जाएगी।

अरविंद केजरीवाल- सिसोदिया के बरी होने पर बोले अखिलेश-सत्य और न्याय की जीत…

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दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा कि आज दिल्ली के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं.

उन्होंने आगे लिखा कि आरोप कभी इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वो सच को आच्छादित कर ले. आज हर ईमानदार आशा भरी सांस लेगा और भाजपा के समर्थक शर्म के मारे घोर आत्म-लज्जित हो रहे होंगे. भाजपा ने दिल्ली के निवासियों से विश्वासघात किया है.

अखिलेश यादव ने लिखा कि जो कपटजीवी सनातनी शंकराचार्य जी, साधु, संतों, संन्यासियों तक पर झूठे आरोप लगाने का महापाप करते हैं, वो भला किसी सरकार, दल या किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी कल्पना कोई शरीफ आदमी कर ही नहीं सकता है.

‘ये देश के दुश्मनों से मिले हुए हैं’

अखिलेश ने कहा कि आजादी से पहले, वर्तमान सत्ता के जो संगी-साथी देश के दुश्मनों से मिले हुए थे और स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी के फंदों तक पहुंचाने के लिए, आजादी के दीवानों के खिलाफ मुख़बिरी जिनका काम रहा है और जो देश को गुलाम बनानेवाले साम्राज्यवादियों के माफी-वजीफे पर रहकर अपनी भूमिगत भूमिका निभाते रहे हैं, छल-छलावे के वो विचारवंशी भाजपाई, आज किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए ये समाचार किसी नैतिक मृत्युदंड से कम नहीं है.

अखिलेश यादव और सपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) के समर्थन में प्रचार किया था. उन्होंने खुद आप प्रमुख केजरीवाल के साथ एक रोड शो में भाग लिया था.