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BJP के संकट मोचन थे अरुण जेटली, इस दिग्गज नेता ने शेयर की उनसे जुड़ी खास यादें

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कुछ ऐसा थी उनकी शख्सियत:

पूर्व वित्त मंत्री (Former Finance Minister) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता अरुण जेटली (Arun Jaitley) का शनिवार को निधन हो गया है. दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में लंबी बीमारी के बाद उन्होने अंतिम सांस लीं. अरुण जेटली को कुछ दिन पहले ही सांस लेने में तकलीफ होने के बाद AIIMS में एडमिट कराया गया था. पिछले कुछ दिनों से उनकी हालत स्थिर बताई जा रही थी. बता दें कि जेटली काफी समय से एक के बाद एक बीमारी से लड़ रहे थे. इस के कारण उन्‍होंने लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha Election 2019) में बीजेपी को मिली जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को एक पत्र लिखकर मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने की बात कही थी. जेटली के निधन के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भी शोक की लहर (Wave of grief) है. सूबे के कई दिग्गज नेताओं ने उन्हे श्रद्धांजलि (tribute)दी और उनके साथ कुछ पुराने किस्सों को भी याद किया.

कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने याद करते हुए बताया कि अपनी पार्टी के अलावा विपक्ष में भी अरुण जेटली काफी लोकप्रीय (Popular) थे. संसद (Parliament) में नेताओं का उनसे मतभेद हो सकता है लेकिन कभी मनभेद नहीं रहा. बीती बात याद करते हुए उन्होने बताया कि एक बार मेरी माता जी बहुत बीमार हो गई थीं. हमने उनसे मदद मांगी. उन्होने एक अस्पताल में फोन किया और मेरी मां को जल्द अस्पताल में भर्ती करवाया दिया गया. वे खुद भी उनसे मिलने आए थे. अरुण जेटली मददगार शख्स थे. उन्होने कई लोगों की ऐसे मदद की है.

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agrawal) ने अरुण जेटली के साथ कुछ पुराने किस्सों को याद करते हुए बताया कि अरुण जेटली देश के एक बड़े नेता थे. सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे. विद्यार्थी परिषद (Student Council) के जमाने से उन्होने राजनीति शुरू की थी. दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होने पॉलिटिक्स की शुरूआत की थी. पहले विद्यार्थी परिषद, युवा मोर्चा (Youth front) फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में उनके साथ काम करने का मौका मिला.

छत्तीसगढ़ बनाने में था खास योगदान: अरुण जेटली को याद करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है. जब लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने संसद में छत्तीसगढ़ बनाने का विधेयक रखा था तब अरुण जेटली केंद्रीय कानून मंत्री हुआ करते थे. राज्य को बनाने में और उस दौरान जो भी परेशानियां आई उसे दूर करने में उनका काफी योगदान रहा. राष्ट्रपति चुनाव के दौरान रामनाथ कोविंद को लेकर वे ही छत्तीसगढ़ आए थे और विधानसभा ( Assembly) का भ्रमण भी किया था. विधानसभा में जब विधायकों (MLA)के प्रशिक्षण का कार्यक्रम था जब भी वे छत्तीसगढ़ आए थे.

10 दिनों में हुआ इतने रुपये का इजाफा, प्याज के बढ़ते दाम ने निकाले लोगो के आंसू…

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प्याज के प्रमुख उत्पादक प्रदेशों में हुई भारी बारिश के कारण फसल बेकार होने की संभावना से प्याज के दाम में तेजी देखी जा रही है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में पिछले 10 दिनों में प्याज के दाम में 10 रुपये प्रति किलो का इजाफा हो गया है। आजादपुर मंडी के कारोबारी व अनियन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट राजेंद्र शर्मा ने बताया कि हालिया बारिश से प्याज की नयी फसल बेकार होने की संभावना है व बारिश के कारण पिछले दिनों प्याज की आवक भी कम होने लगी थी जिसके कारण दाम में इजाफा हुआ है।

उन्होंने बताया कि बहरहाल राजस्थान व मध्यप्रदेश से प्याज की आवक ज्यादा हो रही है जहां पिछले दिनों बारिश होने से आवक प्रभावित रही मगर अब आवक सुधर गई है, लेकिन आने वाले दिनों में प्याज के दाम में व बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि महाराष्ट्र व दक्षिण भारतीय राज्यों में फसल बेकार होने की संभावना है।

आजादपुर मंडी में प्याज का थोक भाव 10 रुपये से 25 रुपये प्रति किलो है, मगर देश की राजधानी व एनसीआर के विभिन्न इलाकों में खुदरा सब्जी विक्रेता 30 रुपये से 50 रुपये प्रति किलो प्याज बेचते हैं। थोक व खुदरा भाव में इतना बड़ा अंतर के बारे में पूछे जाने पर एक सब्जी विक्रेता ने बोला कि मंडी से सब्जी लाने का खर्च व फिर उसमें बेकार प्याज निकलने से होने वाले नुकसान को भी देखना पड़ता है। शर्मा ने बताया कि आजादपुर मंडी में पिछले दो दिनों से 100 ट्रक प्याज की आवक हो रही है जोकि तकरीबन 2200 टन के आसपास होता है।

हालांकि आजादपुर मंडी एग्री प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटी (एपीएमसी) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को मंडी में 1,619.8 टन प्याज की आवक थी, जिसमें राजस्थान से 672.2 टन, मध्यप्रदेश से 649.3 टन व महाराष्ट्र से 298.3 टन की आवक रही। एपीएमसी के अनुसार, शुक्रवार को मंडी में प्याज का थोक भाव 10-22.50 रुपये प्रति किलो था। एपीएमसी के एक ऑफिसर ने बताया कि पिछले दिनों मंडी में प्याज की आवक कम रहने के कारण दाम में इजाफा हुआ है लेकिन अब फिर आवक सुधर रही है व कीमतों में गिरावट आ सकती है।

दिल्ली टीटीडी में करोड़ों का घोटाला, जांच में जुटे अधिकारी…

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देश की राजधानी दिल्ली स्थित तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में निधियों का दुरुपयोग होने का मामला तहलका मचा दिया है। टीटीडी में बड़े पैमाने पर निधियों के गोलमाल की घटना की विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट विभाग के अधिकारी जांच कर रहे हैं। देवस्थानम में लगभग चार करोड़ रुपये का घोटाला होने की अधिकारियों को शिकायत मिली है।

पता चला है कि यह घोटाला विशेष पूजा, त्योहारों के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम और हर दिन लोगों के लिए उपयोग में की जाने वाली पूजा और अन्य सामग्री की आपूर्ति ठेकेदार करते है। इन ठेकेदारों से टीटीडी के अधिकारियों को बड़े पैमान रिश्वत दिये जाने का आरोप है।

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब भगवान बालाजी के एक भक्त ने सबूत के साथ टीटीडी के अधिकारियों से शिकायत की। मिली शिकायत के आधार पर पहले विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट अधिकारियों ने जांच की। मगर एपी भवन के रेसिडंट कमीशन प्रवीण प्रकाश के हस्तक्षेप किये जाने के कारण जांच को बीच में रोक दी गई।

इसके चलते उस भक्त ने सीधे एपी भवन के विशेष प्रतिनिधि और सांसद विजयसाई रेड्डी से इस घटना की शिकायत की। मिली शिकायत के आधार पर प्रदेश सरकार ने टीटीडी में हुए चार करोड़ रुपये घोटाले की जांच कराने के प्रदेश के विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट से आग्रह किया। इसके चलते विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पता चला है कि गत दो दिनों से दिल्ली स्थित एईओ कार्यालय में टीटीडी के रिकॉर्डों की जांच की जा रही

कारोबार को चबा रहा ‘पान मसाला ‘पान की लाली हो रही तेजी से गुम…

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सरकार की बेरुखी और लोगों के पान मसाला खाने के शौक ने जिले के पान कारोबार को चबा लिया है। हजारों बीघे में लहलहाने वाली पान की फसलें डेढ़ दशक में सिमटकर चंद बीघे में आ पहुंची है। पान की खेती के जरिये जो दूसरों को रोजगार देते थे, वे अब खुद मजदूरी करने के लिए दिल्ली-मुंबई जा चुके हैं। मतलब होठों पर दिखने वाली पान की लाली अब तेजी से गुम होती जा रही है।

पान मसाला के कारोबार से जुड़े राम अवध बताते हैं कि हर साल 178 प्रतिशत की दर से पान मसाला का कारोबार बढ़ रहा है। बीते पांच साल में इसका सालाना कारोबार 15-20 करोड़ प्रतिमाह से बढ़कर 45 से 50 करोड़ प्रतिमाह तक पहुंच चुका है। पान मसाला के कारोबार से जुड़े संजय मंडल बताते हैं कि आदमपुर चौक, भीखनपुर, अलीगंज, कोतवाली व खलीफाबाग में 10 से अधिक पान की दुकान के शटर या तो गिर गये या फिर पान बेचने वालों ने अपना धंधा बदल लिया।

मनोहरपुर गांव में झोंटी मोदी की नामी पान की दुकान थी। उसकी मौत के बाद पत्नी ने पान की दुकान बंद करके उसमें पान-मसाला, सुर्ती आदि बेचती है। नकुल मोदी ने कई साल पहले पान की दुकान बंद कर ली। कामदेव चौरसिया भी पान का कारोबार छोड़कर आम के धंधे में उतर चुके हैं। अकेले मनोहरपुर गांव के 100 से 150 घरों के बच्चे पान की खेती छोड़कर आज दिल्ली-मुंबई और सूरत में मजदूरी कर रहे हैं।

पनहट्टा आज दिखता है सूना-सूना 
रोज 12 से 13 घंटे गुलजार रहने वाला सिकंदरपुर क्षेत्र का पनहट्टा अब सूना पड़ा है। यह देख पुराने कारोबारियों की आंखों से आंसू निकल पड़ते हैं। वार्ड पार्षद सदानंद मोदी बताते हैं कि करीब 200 साल पुराने पनहट्टा बाजार हर सुबह पांच बजे सज जाता था। खरीदारी के लिए बनारस तक से लोग आते थे। डेढ़ से दो दशक पहले यहां रोज 1300 से 1500 डलिया पान बिक जाता था। लेकिन अब यह वीरान हो चुका है।

सरकार का सहयोग नहीं 
पान के किसान बताते हैं कि सरकार ने कभी प्रोत्साहित नहीं किया। 10 साल पहले एक बार पान फसल को पाला मार गया था। 90 फीसदी फसल नष्ट होने से किसानों की कमर टूट गई। सरकार ने अनुदान देने की घोषणा की। आवेदन भी लिये गये, लेकिन अनुदान नहीं मिला।

आधा दर्जन क्षेत्रों में होती थी पान की खेती 
मनोहरपुर गांव निवासी कामदेव चौरसिया बताते हैं कि वर्ष 2001 तक जिले के गोपालपुर, पीरपैंती, कुतुबगंज, मुहम्मदाबाद, मनोहरपुर, डाउदवाट क्षेत्र में 600 से 700 बीघे में पान की खेती होती थी। लेकिन आज 70 से 80 बीघे में हो रही है। सिर्फ मनोहरपुर गांव में करीब 400 परिवार पान की खेती से जुड़े थे। लेकिन आज आठ से 10 लोग ही पान की खेती कर रहे हैं।

लागत भी नहीं निकल पा रहा
कामदेव चौरसिया ने बताया कि पांच वर्षीय पान की खेती में करीब डेढ़ लाख रुपये प्रति बीघा की लागत आती है। जबकि आज कमाई प्रतिबीघा मुश्किल से 60 से 65 हजार रुपये हो रही है। लगातार पान की खेती में कम होता मुनाफा और सिमटता पान का कारोबार इसकी खेती करने वालों को इस धंधे से दूर कर दिया।

पतंजलि निदेशक आचार्य बालकृष्ण को जहरीला पेड़ा खिलाकर ह्त्या करने की कोशिश…

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 योगगुरु स्वामी रामदेव के सहयोगी और पतंजलि निदेशक आचार्य बालकृष्ण को कुछ लोगों ने जहरीला पेड़ा खिलाकर ह्त्या करने की नापाक साजिश रची लेकिन विफल रहे.

बता दें कि – पतंजलि निदेशक आचार्य बालकृष्ण को कल ( 23 अगस्त ) फूड प्वाइजनिंग की समस्या के कारण आनन्-फानन में ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन अब वो स्वस्थ हैं.

जिन लोगोंने पूज्य जी के स्वास्थ्य केलिए चिंता जताई,उसके लिए आभार,
जन्माष्टमी पर एक व्यक्ति पेड़ा लेकर आ गया था
उसको खाकर कुछ घंटे बेहोशी आ गई थी,
अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होरही है,
आप सबकी प्रार्थनाओं व भगवान की कृपासे आचार्य जी शीघ्र स्वस्थ होंगे

योग गुरु स्वामी रामदेव ने वीडियो जारी कर कहा कि आचार्य बालकृष्ण पूरी तरह स्वस्थ हैं। रामदेव ने बताया कि शुक्रवार को कोई व्यक्ति आचार्य बालकृष्ण से उनके दफ्तर में मिलने आया था और वह व्यक्ति श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर पेड़े लेकर आया। उनके आग्रह पर आचार्य बालकृष्ण ने एक पेड़ा खा लिया। उसके बाद से बालकृष्ण की तबियत बिगड़ गयी लेकिन अब वो स्वस्थ हैं.

जाहिर है कि पतंजलि के खिलाफ बहुत दिनों से षणयंत्र रचा जा रहा है, अब तो षणयंत्रकारी इस कदर बालकृष्ण के पीछे पड़ गए हैं कि उनकी ह्त्या करने की साजिश रच रहे हैं. मालूम हो कि पतंजलि एक स्वदेशी कंपनी है.

शुभ रविवार दैनिक राशिफल: 25 अगस्त 2019 – कैसा रहेगा आपका दिन…

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स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं की देखभाल की ज़रूरत है। बुखार या जिगर संक्रमण का इलाज किया जाना चाहिए। परिवार का समर्थन और खुशी सुनिश्चित की गई। पेशे स्थिर है।

Taurus (वृष)

अपने पति / पत्नी में विश्वास रखें और अपनी शादी की रक्षा करें। राय के भावनात्मक मतभेदों से बचें। अपने अध्ययन की ताकत आपको पुरस्कार दें।

Gemini (मिथुन)

असहज अवधि है। अपने आप को अनावश्यक और छुपे हुए विपक्षी रूपों की रक्षा करें। भावनात्मक झुकाव असली और दीर्घकालिक बंधन के लिए हैं।

Cancer (कर्क)

पेशे स्थिर, बॉस के साथ मतभेदों से बचें। उन्हें आपके पीछे की प्रतिकूल चीजें आपके पीठ पर हैं। शांत रहें और कड़ी मेहनत करनी जारी रखें, स्थिर रहें लेकिन आपकी गलतियों से नुकसान और बहिर्वाह हो सकता है।

Libra (तुला)

क्षमताओं और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करें। निहित हित आपकी पीठ पर आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्रों के प्रयास उपलब्धियों का कारण बन सकते हैं।

Leo (सिंह)

व्यावसायिक स्थिरता उत्कृष्ट, वित्तीय तनाव आपको चिंता कर सकता है। उच्च अध्ययनों की इच्छा से जुड़ी कई भ्रम हो सकती हैं।

Virgo (कन्या)

औसत अवधि, व्यय, वित्तीय दबाव है। भावनाओं के बारे में चिंताओं को स्थिर और पुरस्कृत किया जा सकता है। विवादों से बचने, पेशे को स्थिर कर सकते हैं।

Scorpion (वृश्चिक)

शांति और शांति खुशी के लिए महत्वपूर्ण शब्द है। भगवान आपको स्थिर वित्तीय प्रवाह देने के लिए दयालु है। नियंत्रण में पेशेवर मतभेदों को नियंत्रण में रखें।

Sagittarius (धनु)

वित्तीय तनाव है। परिवार को अधिक धन की आवश्यकता होती है क्योंकि वे आवश्यक खर्च हैं। पेशे पर कोई चिंता नहीं है।

Capricorn (मकर)

आपके दिमाग में यात्रा से जुड़ी चिंताएं है। भावनात्मक झुकाव में बाधाएं है। अपने दृष्टिकोण में बहुत कठोर न हों। पेशे को बेहतर ध्यान देने की जरूरत है। मालिक के साथ संघर्ष से बचें।

Aquarius (कुम्भ)

आप स्थिर हैं जहां आप हैं, लेकिन आपके सपने आपको दूर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। वित्तीय और पेशेवर स्थिरता, पारिवारिक तनाव है। अध्ययन में ध्यान केंद्रित रहें। आपको उत्कृष्ट पुरस्कार मिलेगा।

Pisces (मीन)

अध्ययनों के बारे में असंतुष्ट है। प्रयास अच्छे हैं लेकिन अभी भी पर्याप्त ध्यान केंद्रित नहीं हैं। संपत्ति में निवेश करने की आपकी इच्छा अच्छे परिणाम दे 

क्या आप ब्रेड खाने से होने वाले नुक्सान से जागरूक हैं? सुनकर उड़ जाएगी होश…

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ब्रेड या डबलरोटी को पूरी दुनिया भर में खाया जा रहा है आपने देखा ही होगा की कुछ लोग इसे अपने घर में नाश्ते के रूप में भी अवश्य लेते हैं और कुछ पिज्जा के बेस या फिर बर्गर के तौर पर भी ब्रेड लगातार खाई जा रही है। इतना ही नहीं लोग इसे बहुत ही ज्यादा चाव के साथ खाते हैं लेकिन वो ब्रेड खाने के नुकसान के बारे में नहीं जानते ब्रेड चाहे किसी भी रूप रंग, आकार में क्यों न हो वो आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक होती है।

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट यानी CSE की ताजा रिसर्च के अनुसार बाजार में बिकने वाले नामी ब्रांड के ब्रैड में जानलेवा केमिकल पोटैशियम ब्रोमेट और आयोडेट बहुतायत मात्रा में पाए गए हैं, जिससे कैंसर या फिर थायरॉइड जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है।

यूपी उद्यान विभाग भेजेगा 10 लाख पौध, लखनउआ दशहरी-सफेदा आम से लहलहाएंगे नेपाल के बाग…

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विश्व प्रसिद्ध दशहरी एवं लखनउआ सफेदा पड़ोसी देश नेपाल के बागों की भी शोभा बढ़ाएंगे। नेपाल ने यूपी के उद्यान विभाग और यहां की निजी नर्सरियों से दस लाख दशहरी एवं सफेदा आम के पौधे की मांग की है।

बेहतर गुणवत्ता होने की वजह से नेपाल से प्रदेश की सरकारी एवं गैर सरकारी नर्सरियों को 10 लाख 35 हजार कलमी पौधों के आर्डर मिले हैं। लखनऊ, हरदोई और सीतापुर की नर्सरियों में तैयार इन आम के कलमी पौधों को शीघ्र नेपाल भेजा जाएगा। इसके लिए माल-मलिहाबाद के अलावा आयोध्या एवं सीतापुर की नर्सरियों में भी कलमी पौधे तैयार करने की प्रक्रिया अन्तिम चरण में है। लखनऊ की नर्सरियों से पहली खेप 26 अगस्त को जाएगी।

केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के निदेशक डा. शैलेन्द्र राजन की मानें तो नेपाल व भूटान में पहले भी आम के पौधे भेजे जाते थे। इस बार यहां आम के पौधों की कमी हैं।
बकौल डा. राजन, इस समय मैंगो बेल्ट में कोलकाता से अलग-अलग वेरायटी के आम के पौधे आ रहे हैं। इनमें आम्रपाली व लंगड़ा के साथ-साथ दशहरी एवं चौसा की भी वेरायटी होती हैं। चूंकि स्थानीय स्तर पर दशहरी के कलमी पौधों की कमी है, ऐसे में दूसरी वेरायटी के पौधे भी दशहरी के नाम पर न बेच दिए जाएं, यह देखना होगा।

यहां भी जाते हैं पौधे 
आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा तथा गुजरात।

पांच लाख पौधे तैयार
इस समय विभाग के पास पांच लाख से अधिक आम के कलमी पौधे हैं। हम और पौधे तैयार कर देंगे लेकिन उसके लिए समय चाहिए। – एस बी शर्मा, उद्यान निदेशक, उत्तर प्रदेश

मालगाड़ी के डिब्बे से चावल की बोरियां चुराने में चार गिरफ्तार

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सोनाखान स्थित रेलवे स्टेशन में चावल की बोरियों से भरी खड़ी मालगाड़ी से गत 21 अगस्त की रात चावल की बोरियां चुराने के मामले में आरपीएफ की टीम ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य दो आरोपित फरार होने में सफल रहे। जिनकी तलाश जारी गयी है। इनके पास चोरी के चावल की बोरियां भी जब्त की गयी है।

जागरण संवाददाता, राउरकेला : आरपीएफ की टीम ने सोनाखान रेलवे स्टेशन के पास खड़ी मालगाड़ी से गत बुधवार की रात चावल से भरी बोरियां चुराने के मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जबकि अन्य दो आरोपित फरार होने में सफल रहे। जिनकी तलाश जारी है। इनके पास से चोरी की बोरियां भी जब्त की गयी है।

जानकारी के अनुसार सोनाखान के पास बुधवार की रात चावल की बोरियां लेकर जा रही मालगाड़ी खड़ी थी। जिसमें रात के करीब तीन बजे कुछ लोगों ने मालगाड़ी के एक डिब्बा खोलकर वहां से चावल की 20 बोरियां चुराने के बाद एक झाड़ी में छुपाकर रखी थी। रात के समय गश्त लगाते समय राजगांगपुर आरपीएफ प्रभारी गोपीनाथ राउत ने देखा कि मालगाड़ी के एक डिब्बे का दरवाजा खुला है। चोरी का संदेह होने पर आरपीएफ की टीम वहीं घात लगाकर बैठ गई। आधे घंटे के बाद वहां पुन: चोर चावल की बोरियां चुराने पहुंचे तो आरपीएफ की टीम ने प्रवीण मिज, अविनाश लकड़ा, पद्मलोचजन माझी, संदीप तांती को गिरफ्तार कर लिया।

जबकि दो आरोपित भागने में सफल रहे। उनके पास से चोरी की गयी चावल की 20 बोरियां भी बरामद कर ली गयी है। जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये होगी। गिरफ्तार आरोपितों को गिरफ्तारी के बाद शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मरने के बाद अपनी प्रोपर्टी का ऐसे करेंगें बटवारा, Amitabh Bachchan ने किया खुलासा…

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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में केबीसी के सेट पर बताया है कि वे किस तरह अपने मरने पर अपनी संपत्ति का बंटवारा करने वाले हैं। बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति के सेट में अपनी संपत्ति को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।

सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले गेम रियलिटी शो’कौन बनेगा करोड़पति 11′ में शुक्रवार के कर्मवीर स्पेशल एपिसोड में समाज सेविका सिंधुताई सपकाल हॉटसीट पर आई थीं। सिंधुताई एक अनाथ आश्रम चलाती हैं जिसमें अबतक 1200 बच्चों को शरण मिल चुकी है। अमिताभ सिंधुताई से पूछते हैं कि आपके आश्रम में लड़कियां ज्यादा हैं कि लड़के, इसका जवाब देते हुए ताई ने बताया कि लड़कियां ज्यादा हैं, मैं पहले बेटी लेती हूं, उसकी सुरक्षा ज्यादा जरुरी है।

अमिताभ एक छोटी बच्ची के बारे में ताई से पूछते हैं जिसे कुछ लोग छोड़ कर चले गए थे। इसके जवाब में सिंधताई की बेटी ममता बताती हैं कि रात को कॉल आया था कि ताई एक बेटी हुई है आप रख सकते हो क्या, वरना हम कुछ और सोचेंगे, तो ताई ने उसे रख लिया। ममता ने बताया कि जब उन्हे वो बच्ची मिली तो उसकी हालत इतनी खराब थी कि उसे 10 दिनों तक आई सी यू में रखना पड़ा था। इस बात को सुनकर महानायक अमिताभ काफी भावुक हो गए थे।

अमिताभ कहते हैं हमने पहले भी कहा है और आज भी कह रहे हैं कि जब भी हम मर जाएंगे तो जा कुछ भी हमारा है, जो कुछ भी थोड़ा बहुत हमारे पास है वो हमारी संतान हैं एक बेटा और एक बेटी आधा- आधा देंगें दोनों को, दोनों को बराबर मिलेगा,चाहे जो भी हो।

अमिताभ बच्चन के पास लगभग 460 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इस बात का खुलासा जया बच्चन के चुनाव नामांकन पत्र से हुआ है।