गुजरात में गांधीनगर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सुघड़ गांव के निकट एक फर्जी कॉल सेंटर से तीन लोगों को गिरफ्तार कर एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया है जो वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिये कॉल गर्ल्स मुहैया कराने के नाम पर लोगों से पैसे ठगने का काम करता था।
पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की गयी। इस मामले में दिल्ली के दो युवकों की भी तलाश की जा रही है।
यह रैकेट लोगों विशेष रूप से युवकों को अपने दो फर्जी वेबसाइट पर मोबाइल नंबर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद उन्हें व्हाट्सएैप पर लड़कियों की तस्वीरे भेजता था। वह इन्हें कॉल गर्ल्स बताते हुए इनकी सेवा से पहले एडवांस के तौर पर खाते में ऑनलाइन पैसे ले कर लोगों को ठगा करता था।
इंदौर के रहने वाले एक एनआरआई ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से ट्विटर के जरिए अपनी समस्या की फरियाद की. शख्स की शिकायत पर सीएम ने तुरंत एक्शन लिया और इंदौर के स्थानीय प्रशासन को मामले की जांच के आदेश दिए हैं. दरअसल, मनोज वर्गीज नाम के एक शख्स ने शुक्रवार को सीएम कमलनाथ को ट्वीट कर लिखा था कि वह साल 1994 से NRI है, उसका घर इंदौर के साकेत नगर में है.
युवक ने कहा कि जब वो देश से बाहर था तो उसके पुराने किरायेदार ने स्थानीय प्रशासन की मदद से उसके घर पर कब्जा कर लिया. इस शख्स की शिकायत है कि कब्जा करने वाला व्यक्ति का नाम शिवराज है. युवक ने सीएम को ट्वीट कर कहा कि शिवराज बार-बार उनके मंत्री प्रियव्रत सिंह के नाम की धौंस देता है. ट्वीट पर मदद मांगने वाला NRI ओमान के मस्कत में रहता है.
इस ट्वीट के सामने आने के बाद सीएम कमलनाथ ने पीड़ित एनआरआई की मदद के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए जिसके बाद इंदौर आईजी ने एसपी यूसुफ कुरैशी के नेतृत्व में पुलिस टीम विवादित मकान में भेजी जहां दोनों पक्षों के बयान लिए गए. शाम को सीएम के मीडिया कॉर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने बताया कि सीएम के हस्तक्षेप के बाद पुलिस टीम के सामने कब्जा करने वाले व्यक्ति ने 15 दिन के अंदर उक्त मकान को खाली करने का लिखित आश्वासन दिया गया है. समस्या का समाधान होने के बाद NRI मनोज वर्गीज ने ट्वीट कर सीएम कमलनाथ को धन्यवाद दिया. इस शख्स ने कहा, “मैं मध्यप्रदेश के डीजीपी वीके सिंह, एडीजी इंदौर वरुण कपूर, एसएसपी इंदौर और एसपी ईस्ट इंदौर समेत पूरी पुलिस टीम को इस मामले को इतनी जल्दी निवारण के लिए धन्यवाद देता हूं.”
मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भी किया ट्वीट
NRI ने अपने ट्वीट में कमलनाथ सरकार के मंत्री का भी नाम लेते हुए लिखा था कि कब्जा करने वाला आपके मंत्री प्रियव्रत सिंह का नाम लेता है.
जब मंत्री प्रियव्रत सिंह को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने ट्विटर पर ही पीड़ित NRI को जवाब देते हुए कहा कि आपके और शिवराज लिमिडी के बीच में चल रहे विवाद से उनका कोई लेना-देना नहीं है. इसका समाधान आप दोनों को करना है. प्रियव्रत सिंह ने कहा कि वे इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं कृपया उन्हें इस मामले से दूर रखा जाए.
भाजपा के तीन कोर एजेंडे में से एक समान नागरिक संहिता अब आम चर्चा में है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और रामजन्मभूमि पर कोर्ट की सक्रीयता को देखते हुए इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि बीजेपी देर सबेर अपने इस तीसरे एजेंडे पर भी काम करेगी। इसी से संबंधित एक याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की गई है।
न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, उच्च न्यायालय ने केंद्र और विधि आयोग को यूनिफॉर्म सिविल कोड के कार्यान्वयन के संबंध में जनहित याचिका पर हलफनामा दायर करने के लिए कहा था। हाईकोर्ट ने इस मामले को 27 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
इस याचिका का विरोध करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गई हैं। उसने एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए समान नागरिक संहिता बनाने की याचिका का विरोध किया।
मामले में पक्षकार बनाए जाने का अनुरोध करते हुए, बोर्ड ने अपने आवेदन में दलील दी कि कानून के तहत यह जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इस पर विचार नहीं किया जाना चाहिए।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दावा किया कि याची बीजेपी के नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय को निरर्थक याचिकाएं दायर करने की आदत है। पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनी अर्जी में कहा कि मौजूदा याचिका निरर्थक है और अब यह कानूनी मुद्दा नहीं है।
बोर्ड ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 2003 में इस मुद्दे पर गौर कर चुका है। उसने उपाध्याय पर ऐसा जुर्माना लगाने की मांग की जो एक मिसाल कायम करे।
आवेदन में आगे कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, समान नागरिक संहिता का भारतीय मुस्लिमों के निजी कानूनों के व्यावहारिक पहलुओं पर पड़ने वाले संभावित असर से फिक्रमंद है।
बोर्ड ने आवेदन में कहा कि मौजूदा ‘शरारतपूर्ण’ याचिका के जरिए मौजूदा यथास्थिति जिसमें भारतीय मुसलमानों के निजी मामले इस्लामी धार्मिक कानून के जरिए निर्धारित होते हैं पर हमला करने का प्रयास है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज 9 विपक्षी नेताओं के साथ जम्मू कश्मीर दौरे पर जाने वाले थे, लेकिन उससे पहले बीजेपी ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है.
जम्मू कश्मीर के बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि – कांग्रेसियों के खून में गद्दारी है, इसलिए राहुल गांधी के जम्मू कश्मीर आने से शांतिभंग हो सकती है, इसके अलावा रैना ने कहा की, अगर राहुल गांधी सहित 9 विपक्षी नेता आयेंगें तो उसमें कुछ अलगाववादियों का समर्थन करेंगें और जम्मू कश्मीर का माहौल बिगड़ जाएगा, इसलिए ये न आएं तभी सही रहेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि – कल खबर आयी थी कि, राहुल गांधी 9 विपक्षी नेताओं के साथ कश्मीर दौरे पर जायेंगें और वहां के लोगों से बातचीत करेंगें, हालाँकि राहुल गांधी को अभी इस दौरे की इजाजत नहीं मिली।
आज जन्माष्टमी का पावन त्योहार हैं। साथ ही यह त्योहार शनिवार के दिन पड़ रहा हैं। इस लिए आज महायोग बन रहा हैं। अगर आप आज संकट से मुक्ति के लिए संकटमोचन हनुमानाष्टक का पाठ करते हैं तो आपको जरुर लाभ मिलेगा। तथा कान्हा की भक्ति के साथ साथ हनुमान जी की भक्ति करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी। इस लिए आज हम आपके लिए इस आर्टिकल में हनुमान अष्टक लेकर आए हैं।
बाल समय रबि भक्षि लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारो । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो ॥ देवन आन करि बिनती तब, छांड़ि दियो रबि कष्ट निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ 1 ॥ बालि की त्रास कपीस बसै गिरि,जात महाप्रभु पंथ निहारो । चौंकि महा मुनि शाप दिया तब,चाहिय कौन बिचार बिचारो ॥ के द्विज रूप लिवाय महाप्रभु,सो तुम दास के शोक निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥2॥
अंगद के संग लेन गये सिय,खोज कपीस यह बैन उचारो । जीवत ना बचिहौ हम सो जु,बिना सुधि लाय इहाँ पगु धारो ॥ हेरि थके तट सिंधु सबै तब,लाय सिया-सुधि प्राण उबारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥3॥ रावन त्रास दई सिय को सब,राक्षसि सों कहि शोक निवारो । ताहि समय हनुमान महाप्रभु,जाय महा रजनीचर मारो ॥ चाहत सीय अशोक सों आगि सु,दै प्रभु मुद्रिका शोक निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥4॥ बाण लग्यो उर लछिमन के तब,प्राण तजे सुत रावण मारो । लै गृह बैद्य सुषेन समेत,तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ॥ आनि सजीवन हाथ दई तब,लछिमन के तुम प्राण उबारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥5॥ रावण युद्ध अजान कियो तब,नाग कि फांस सबै सिर डारो । श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,मोह भयोयह संकट भारो ॥ आनि खगेस तबै हनुमान जु,बंधन काटि सुत्रास निवारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥6॥
बंधु समेत जबै अहिरावन,लै रघुनाथ पाताल सिधारो । देबिहिं पूजि भली बिधि सों बलि,देउ सबै मिति मंत्र बिचारो ॥ जाय सहाय भयो तब ही,अहिरावण सैन्य समेत सँहारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥7॥ काज किये बड़ देवन के तुम,वीर महाप्रभु देखि बिचारो । कौन सो संकट मोर गरीब को,जो तुमसों नहिं जात है टारो ॥ बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,जो कछु संकट होय हमारो । को नहिं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥8॥॥ दोहा : ॥लाल देह लाली लसे,अरू धरि लाल लंगूर । बज्र देह दानव दलन,जय जय जय कपि सूर ॥
महाराष्ट्र के बीड़ जिले में गन्ना कटाई करने वाली कुल 13 हजार महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए हैं. यह सनसनीखेज जानकारी इस संदर्भ में किए गए सर्वे में सामने आई है. इसकी विस्तृत रिपोर्ट बीड़ के स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति को भेजी है. सूत्रों ने बताया कि सर्वे में सभी 82 हजार 900 गन्ना कटाई करने वाली महिलाओं की जानकारी संकलित की गई है. उसमें यह खुलासा हुआ है.
जिले में गन्ना कटाई करने वाली महिलाओं के गर्भाशय निकाले जाने की खबरें सामने आई थीं. कुछ निजी अस्पतालों द्वारा विविध बीमारियों का डर दिखाकर बिना वजह सर्जरी करने के भी कुछ मामले प्रकाश में आए थे. उसके बाद राज्य सरकार ने विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी.
इस समिति ने बीड़ में रहकर महिलाओं से बातचीत की थी और विविध क्षेत्रों के प्रतिष्ठित लोगों व नागरिकों से चर्चा कर उनकी समस्याओं व उपायों की जानकारी ली थी. इस समिति ने जिले की गन्ना कटाई करने वाली महिलाओं की संपूर्ण जानकारी लेने के आदेश जिला स्वास्थ्य विभाग को दिए थे. उसके बाद लगभग एक माह तक आशा सेविकाओं ने घर-घर जाकर महिलाओं की जानकारी संकलित की.
रिपोर्ट में कब और कहां गर्भाशय निकाले गए, इसका पूरा विवरण है. सीलबंद रिपोर्ट जांच समिति को भेजी गई है. बताया जाता है कि रिपोर्ट को अध्ययन करने के बाद मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा. ज्यादातर सर्जरी निजी अस्पतालों में हुईं पता चला है कि सरकारी अस्पतालों की तुलना में ज्यादातर सर्जरी निजी अस्पतालों में की गईं. इनमें बीड़ शहर के 7, केज का 1 और अन्य स्थानों के दो अस्पताल शामिल हैं. इन 10 निजी अस्पतालों में ही लगभग 6 हजार सर्जरी की गईं. सर्वे में शामिल की गई जिले की 82 हजार 900 महिलाओं की संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन दर्ज की गई.
कहते है ना पहला सुख निरोगी काया…तो हर इंसान अपने आप को स्वस्थ रखना चाहता है। और फिट रखना चाहता है। इसके लिए लोग जिम जाते हैं, योगा करतें हैं, डॉक्टर से रेगुलर चेकअप करवाते हैं। हम आपको इस पोस्ट में ऐसे मोबाइल ऐप्स के बारे में बतायेंगे जिनकी मदद से आप अपने आप को फिट रख सकतें हैं। और वो भी बिना पैसे खर्च किये। आपको बस प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड करना है और उसके द्वारा बताये गये टिप्स फॉलो करने हैं। 1-RunKeeper : RunKeeper एक लोकप्रिय फिटनेस ऐप है। यदि आप एक अच्छे रनर हैं, तो इस ऐप से बेहतर ऑप्शन नहीं हैं। आप GPS ट्रैकिंग, कवर किए गए डिस्टेंस को मॉनिटर करना और बर्न कैलोरी के माध्यम से अपने रन को प्लॉट कर सकते हैं, निजी लक्ष्यों को सेट कर सकते हैं, अपनी इनडोर एक्टिविटीज को और बहुत कुछ को इंटिग्रेट कर सकते हैं। इस ऐप के नाम के बावजूद यह रनिंग के साथ बाइक राइड्स और जीम वर्कआउट को भी हैंडल कर सकता हैं। इसलिए यह एक व्यापक मॉनिटरिंग एप्लिकेशन है।
2. Swikrit: इस app का use 25 millions से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इस app की help से आप आसानी से यह पता कर सकते है कि किस तरह की workout आपके लिए फायदेमंद है और साथ ही इस app का use करने से आपको किसी gym में जाने की जरूरत नही होती है Health and fitness apps की help से अगर आप workout करना चाहते है बिना किसी gym के तो यह app आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है। 3. Nike Training Club: इसमें 150 से अधिक वर्कआउट हैं, जो हर किसी के अनुरूप है, जिसमें अत्यधिक सहनशक्ति के वर्कआउट से लेकर योग तक सब कुछ शामिल हैं। यहां उन लोगों के लिए एक बढ़िया अल्टरनेटिव है जिन्होंने सिर्फ फिटनेस के साथ शुरू किया हैं या उनके पास केवल जल्दी से वर्कआउट के लिए समय है। इसके साथ ही इसमें यूजर्स अपने श्येडयूल भी सेट कर सकते हैं।
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7 :BMI Calculator: अपने बॉडी के फैट को कैल्यूलेट करने के लिए ये सर्वश्रेष्ठ ऐप है। यदि आप यह जानना चाहते हैं, कि आपने बॉडी फैट को कम करने के गोल को कितना हासिल किया हैं, तो आपको BMI Calculator ऐप को जरूर ट्राइ करना चाहिए। आपके बॉडी कि फैट को कैलकुलेट करने के बाद, यह ऐप आपके आहार नियम एक्सरसाइज़ के बारे में बतायेगा।
8. Lifesum: Lifesum एक और ऐप है जो डाइट और एक्सरसाइज को जोड़ता है। यह आपको प्रत्येक भोजन के डिटेल्स रखने के लिए बाध्य नहीं करता। इसके बजाय, यह बेसिक गाइडलाइन्स का पालन करता है। यह ऐप, आपके वजन, ऊंचाई, लिंग और आपके फिटनेस लक्ष्यों जैसी चीजों के लिए पूछता है। इस जानकारी से यह ऐप प्रत्येक व्यक्ती को पर्सनल रिकमेंडेशन्स देता हैं।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में छात्रों को सामूहिक दंड के रूप में मुर्गा बनाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी सेल्वा कुमार जे ने कड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। वहीं अध्यापक को निलंबित करने के अलावा अस्थाई कर्मचारी को सेवा से हटा दिया गया है। बता दें कि यह वीडियो महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज मोरना का है।
मीडिया खबरों के अनुसार, वीडियो में सरकारी व प्राइवेट पीटीआई हाथ में छड़ी लिए छात्रों को मुर्गा बनाकर चलवा रहे हैं। कड़ी धूप में छात्रों को दी गई इस सजा के दौरान कॉलेज के प्रबंधक व प्रधानाचार्य मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पीटीआई एक छात्र को छड़ी से मारते भी दिख रहे हैं। आरोप है कि दोनों टीचर अपना गुस्सा निकालने के लिए छात्रों को सजा दे रहे हैं। इस मामले पर अभी तक प्रबंधक और प्रिंसिपल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद डीएम सेल्वा कुमारी जे ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीआईओएस गजेंद्र कुमार को इस मामले में तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। डीआईओएस गजेंद्र कुमार ने मामले की जांच कर कॉलेज में कार्यरत दो शिक्षकों को दोषी पाया। इनमें अस्थाई कर्मचारी संजू चौधरी की सेवा समाप्त कर दी गई है। स्थाई अध्यापक रवि कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। पूरा प्रकरण संज्ञान में आने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने पर प्रधानाचार्य फूल सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है। डीआईओएस ने बताया कि मामला गंभीर था इसलिए कार्रवाई तुरंत की गई है।
विधि : एक पैन में तेल गरम करें जब तेल गरम हो जाये तो उसमें जीरा और सौंफ डाल दें। ब्राउन होने तक फ्राई करें। अब इसमें सूखी लाल मिर्च, डालकर फ्राई करें। अब कद्दू, नमक और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें। धीमी आंच पर 5 मिनट तक पकाये। जब कद्दू नरम हो जाये तो थोड़ा मैश कर दें नींबू का रस डालकर मिला दें, गरमागरम पूड़ी और पराठे के साथ सर्व करें।