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दक्षिण-पश्चिम मानसून: छत्तीसगढ़ के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण हल्की मध्यम बारिश की संभावना….

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मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रहेंगी। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।

छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री से पहले ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भीषण गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रहेंगी। साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग जिले में सबसे अधिक 3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा जशपुरनगर में 2 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं एमसीबी जिले के केल्हारी, जशपुर के मनोरा और बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में 1-1 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इन बारिशों ने कई इलाकों में तापमान को नीचे लाने में मदद की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले कई सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। पंजाब से लेकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार तक समुद्र तल पर एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ और तेलंगाना होते हुए दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक निचले स्तर पर एक और द्रोणिका सक्रिय है। वहीं पूर्वी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है।

मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। अगले दो दिनों तक भी इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। शहर में गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है। रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही छत्तीसगढ़ के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से और राहत मिलने की उम्मीद है।