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सोनम कपूर को हुई ये गंभीर बीमारी, सोशल मीडिया पर खुद किया खुलासा

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बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर अक्सर किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में रहती हैं, फिर चाहे सोशल मीडिया पर उनकी खूबसूरत अदाएं बिखेरती तस्वीरें हों या फिर भारत-पाकिस्तान को लेकर दिया गया उनका बयान। अब एक बार फिर सोनम कपूर चर्चाओं में हैं। दरअसल सोनम कपूर ने खुलासा किया है कि वो आयोडीन की कमी से पीड़ित हैं। सोनम कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर अपने फैंस को खुद ये जानकारी दी है। आपको बता दें कि सोनम कपूर वीगन (ऐसे लोग जो जानवरों के मीट और उनके दूध पदार्थों का सेवन नहीं करते) हैं और उनका कहना है कि शरीर की आयोडीन की जरूरत को पूरा करने का सबसे आसान तरीका टेबल सॉल्ट है। आइए जानते हैं कि सोनम कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा है।सोनम ने लिखी इंस्टाग्राम पोस्ट

सोनम कपूर ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है, ‘सभी शाकाहारी और वीगन लोगों के लिए जानकारी। प्लीज आप इस चीज का ख्याल रखें कि आप उसी नमक का इस्तेमाल करें जिसमें आयोडीन की मात्रा हो। मुझे अभी मालूम चला कि मुझमें आयोडीन की कमी है। शरीर में आयोडीन की जरूरत को पूरा करने का सबसे आसान तरीका है टेबल सॉल्ट। आप सभी को प्यार।’

तेजी से बढ़ रहा है वीगन होने का ट्रेंड

आपको बता दें कि बॉलीवुड में इन दिनों वीगन होने का ट्रेंड तेजी से चल रहा है। वीगन होने के जहां कई फायदे हैं तो वहीं कई नुकसान भी हैं। आयोडीन की कमी इन्हीं नुकसानों में से एक है। दरअसल वीगन लोग आमतौर पर नमकीन खाना खाने से बचते हैं और ज्यादातर फल या शाकाहारी चीजें ही खाते हैं। गौरतलब है कि सोनम कपूर इन दिनों ‘द जोया फैक्टर’ फिल्म को लेकर चर्चाओं में हैं। इस फिल्म में उनके साथ दुलकर सलमान भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म, लेखिका अनुजा चौहान की किताब ‘द जोया फैक्टर’ पर आधारित है।

‘द जोया फैक्टर’ को लेकर चर्चाओं में सोनम

सोनम के चाचा संजय कपूर भी इस फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सोनम ने फिल्म में जोया सिंह सोलंकी की भूमिका निभाई है, जो एक विज्ञापन एजेंसी में एक अधिकारी हैं। जोया किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में भारतीय क्रिकेट टीम से मिलती हैं और उसके बाद देखते ही देखते 2011 विश्व कप में टीम के लिए एक लकी चार्म बन जाती हैं। फिल्म ‘द जोया फैक्टर’ का प्रमोशन हाल ही में शुरू हुआ है। सोनम ने फिल्म के पहले टीजर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर भी किया था। फिल्म के टीजर के साथ सोनम कपूर ने लिखा था, ‘नींबू मिर्ची की जरूरत किसे है, जब आपके पास जोया सोलंकी हो। इंडिया का लकी चार्म।’

इंटरव्यू को लेकर ट्रोल हुईं सोनम

आपको बता दें कि सोनम कपूर हाल ही में उस वक्त विवादों में घिर गईं थी, जब उन्होंने पाकिस्तान को लेकर एक इंटरव्यू दिया था। दरअसल सोनम कपूर ने 15 अगस्त को बीबीसी को दिए इस इंटरव्यू में जम्मू कश्मीर के हालात और अपने बुजुर्गों के पाकिस्तान से होने को लेकर बात की थी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। इससे परेशान होकर सोनम कपूर ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘अब प्लीज आप सब शांत हो जाएं और अपनी जिंदगी जीएं। किसी की बात पर ट्वीट करने से उसे ट्रोल करने, उसे गलत तरह से पेश करने पर उस आदमी पर कोई फर्क नहीं पड़ता जिसने बयान दिया है। इससे आपको ही फर्क पड़ेगा आप खुद देखिए आप कौन हैं और अपना काम कीजिए।’

समस्तीपुर में लूट की बड़ी वारदात, बालू व्यवसायी से लूटे 10 लाख…

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बिहार के समस्तीपुर से एक बड़ी खबर आ रही है. समस्तीपुर में अपराधियों ने एक बालू व्यापारी से 10 लाख रुपये लूट लिए है. समस्तीपुर के विद्यापतिनगर में दो बाइक पर सवार 6 अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया. बालू व्यापारी जब दूकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे, अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया.

आपको बता दें कि बिहार के विद्यापतिनगर के मिर्जापुर लीची बगीचा के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने एक बालू व्यापारी से 10 लाख रूपए लूट लिए. व्यापारी जब दुकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे, तभी अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. विद्यापतिनगर के मिर्जापुर लीची बगीचा के पास अपराधियों ने हथियार के बल पर इस घटना को अंजाम दिया, और बालू व्यापारी से 10 लाख रूपये लूट लिए.

गौरतलब है कि बिहार में इनदिनों अपराध एकदम चरम पर है. इनदिनों लूट की घटना में बेतहासा बढ़ोतरी हुई है. पिछले कुछ दिनों में लूट के कई मामले सामने आये हैं. बुधवार को भी हाजीपुर के नगर थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधी बुधवार को एक रसोई गैस एजेंसी के कर्मचारी से 4.50 लाख रुपये लूटकर फरार हो गये. तीन अपराधियों ने मवेशी अस्पताल के निकट इस वारदात को उससमय अंजाम दिया, जब गैस एजेंसी का कर्मचारी उक्त राशि को लेकर एक बैंक की स्थानीय शाखा में जमा कराने जा रहा था. उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर अपराधियों की तलाश की जा रही है.

वहीँ बिहार के मुजफ्फरपुर में भी अपराधियों ने दो दिन पहले फाइनेंस कंपनी के कर्मी से लूट की घटना को अंजाम दिया था. अपराधियों ने कर्मी से 7.35 लाख की लूट को अंजाम दिया है. घटना देवरिया थाना के देवरिया कोठी के पास घटित हुई थी. फिलहाल अपराधी फरार हैं. पुलिस को घटना के बारे में सूचना दे दी गयी है. पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन में जुटे हुए हैं.

मशहूर उद्योगपति बोले- फैसले लेने में सुस्‍त है मोदी सरकार, एक साल में 25% तक गिरी जीडीपी विकास दर

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मोदी सरकार कह रही है कि आर्थिक मंदी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा है। लेकिन जो आंकड़े बता रहे हैं उससे तो यही लगता है कि मंदी का असर थोड़ा नहीं बहुत ही ज्यादा पड़ा है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले एक साल में जीडीपी ग्रोथ रेट में 25 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं इंटरनेशनल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमानों को घटा दिया है। एजेंसी ने शुक्रवार (23 अगस्त) को साल 2019 के जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमानों को घटाते हुए 6.2% रहने का अनुमान जताया है। साथ ही कहा है कि साल 2020 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.7 फीसदी रह सकता है। पहले के अनुमानों में यह 0.6 फीसदी की गिरावट है।

वहीं बात करें साल 2018-19 के पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 फीसदी थी जो इस साल (2019-20) की पहली तिमाही में गिरकर 5.8 फीसदी रह गई है। इस तरह एक साल में करीब 25 फीसदी की गिरावट जीडीपी ग्रोथ रेट में रही है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस साल जनवरी से मार्च तक भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट पिछले पांच साल में सबसे कम 5.8 फीसदी रही।

अर्थव्यवस्था की स्थिति पर कई जानकार चिंता जता चुके हैं। वहीं मशहूर उद्योगपति आदि गोदरेज ने गिरती जीडीपी रेट और देश की खराब होती वित्तीय स्थिति पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसा है। गोदरेज ने रॉयटर्स से कहा है कि कश्मीर जैसे संवेदनशील और राजनीतिक मुद्दों पर मोदी सरकार फटाफट फैसले ले रही है, जबकि देश की बिगड़ती आर्थिक सेहत पर कोई फैसला नहीं ले पा रही है। गोदरेज ने आरोप लगाया कि वित्तीय मामलों में फैसले लेने में मोदी सरकार सुस्त है।

मंदी की आहट के बीच कंपनियां नौकरियों में कटौती कर रही हैं। देश में ऑटो सेक्टर ने अकेले करीब साढ़े तीन लाख नौकरियों में कटौती की है। आम आदमी के इस्तेमाल वाली सस्ती बिस्किट बनाने वाली कंपनी पारले जी में भी 10,000 नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। कंपनी ने कम मांग का हवाला दे नौकरियां खत्म करने की बात कही है। रॉयटर्स के मुताबिक देश में कंज्यूमर डिमांड में गिरावट की वजह से कंज्यूमर इंडेक्स भी लड़खड़ा रहा है। मार्च 2018 में कंज्यूमर कन्फिडेंस इंडेक्स 104.6 फीसदी था जो सवा साल बाद घटकर जुलाई 2019 में 95.7 फीसदी रह गया है।

बांदा में दारोगा ने पेश की इंसानियत की मिसाल

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 बांदा के मटौंध थाने के दारोगा रोशन गुप्ता ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने दो घण्टे से सड़क पर 108 एम्बुलेंस के इंतेजार में तड़प रही गर्भवती महिला को अपनी कार से अस्पताल पहुंचाया, जहां बीती रात महिला ने बच्चे को जन्म दिया।

बताया जाता है कि दारोगा रोशन गुप्ता शुक्रवार देर शाम मऊ से लौट रहे थे। गुरेह के पास एक परिवार सड़क किनारे खड़ा था। परिवार के मुखिया श्याम सुंदर वर्मा ने दरोगा की गाड़ी को हाथ देकर रुकवाया और उनको बताया कि हम लोग भज्जू का पुरवा गुरेह के निवासी हैं। हमारी बेटी चमेली को प्रसव पीड़ा हो रही है। हम लोग 108 एम्बुलेंस को फोन करने के बाद उसके इंतजार में दो घण्टे से खड़े हैं।एम्बुलेंस वालों ने कहा था कि मरीज को गांव के अंदर से मेन रोड तक ले आओ तो हम लोग मरीज को लेकर आ गए लेकिन एम्बुलेंस वाले पिछले दो घण्टे से आने का आश्वासन ही दे रहे हैं, आ नहीं रहे हैं। बेटी की पीड़ा बढ़ती जा रही है।

इस पर दारोगा रोशन गुप्ता ने उक्त परिवार को अपनी कार से बांदा महिला अस्पताल लेकर जा रहे थे कि रास्ते में ही चमेली ने बच्चे को जन्म दे दिया। फिर जच्चा-बच्चा को सुरक्षित जिला महिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

चमेली के परिजनों ने बताया कि गांव की आशा सुशीला दो वर्षों से किसी भी गर्भवती महिला का काम नहीं कर रही है। ताजुब है कि जो आशा दो वर्षों से काम ही नहीं कर रही है तो विभाग ने अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?

यदि आप भी है बीड़ी,गुटका और सिगरेट की लत से परेशान,तो एक बार जरूर आजमाए यह घरेलू नुस्खा !

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यदि आप भी छोड़ना चाहते हैं बीड़ी और गुटखा सिगरेट तो इस घरेलू उपाय से चंद दिनों में छूट जाएगी आपकी यह गंदी आदत।

आज इस आर्टिकल में मैं आपको एक घरेलू उपाय बताने वाले हैं जिसकी मदद से आप अपने बीड़ी सिगरेट वाले सेवन की आदत से छुटकारा पा सकते हैं।

अक्सर आपने देखा होगा कि आजकल की जनरेशन बीड़ी और सिगरेट तो खूब दबाकर पीते हैं साथ ही वह शराब जैसी चीजों का भी सेवन करते हैं लेकिन हम आपको शराब के लिए नहीं बल्कि बीड़ी गुटखा और तंबाकू को छोड़ने वाली एक आसान ट्रिक बताने वाले हैं।

आप भी बीड़ी गुटखा सिगरेट और तंबाकू छोड़ना चाहते हैं तो आप घर में इस्तेमाल होने वाली अदरक लीजिए उसके छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिए और आप उसे सुखाकर 1 पाउच में डाल दीजिए और यदि आपकी इच्छा हो तो उसमें आप थोड़ा सा मीठा भी मिला ले या फिर मीठा ना मिला है तो भी चलेगा।

इस प्रकार आप इस अदरक को सुखाकर तैयार कर लिया और गुटखा खाने पानी पाउच में आप उसे रखें जब भी आपको गुटखा और तंबाकू बीड़ी सिगरेट पीने की इच्छा हो तो आप उस अदरक को खा ले।

अदरक में सल्फर नामक के कैल्शियम पाया जाता है क्योंकि आपको बीड़ी सिगरेट छुड़ाने में आपकी काफी मदद करता है और आपको अगर खाएंगे तो दूसरी चीज खाने की इच्छा भी नहीं होगा इस आसान तरीके और बीड़ी गुटखा सिगरेट को छोड़ सकते हैं।

कभी नहीं देखा होगा ऐसे जुडवा, एक को चोट लगती है तो कहारता है दूसरा

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मने कई फिल्मों में जुड़वा बच्चों को देखा है और फिल्मों में यही दिखाया गया है कि अगर एक को चोट लगे तो दूसरे को भी लगती है। अगर एक को पीट दिया तो दूसरे को भी दर्द का एहसास होता है। ये विचित्र मामला कहीं और का नहीं बल्कि हमारे देश का ही है।

बिहार के दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र के नवादा रामपुर गांव में रुनम झा के दो जुड़वा बच्चे लव और कुश के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है। ऐसा होने से न केवल लव और कुश के परिवार वाले हैरान और परेशान हैं बल्कि दरभंगा के डॉक्टर भी इस घटना पर अचंभित हैं।

7 साल की उम्र के लव और कुश की शक्ल भी लगभग एक जैसी है। फिल्मी कहानी अगर असल जिंदगी में हकीकत में बदलने लगे तो हैरानी की बात तो होगी ही। अगर लव बीमार हो जाता है तो कुश को भी बुखार आ जाता है। किसी एक को खांसी हो जाए तो दूसरे को भी छींक आने लगती है।

अगर भाई की हड्डी टूट जाती है तो दूसरे भाई की भी हड्डी टूटती है। ऐसा संयोग एक बार हो सकता है लेकिन बार-बार ऐसा ही होने को क्या कह सकते हैं। लव-कुश की मां रुनम झा की मानें तो यह संयोग नहीं बल्कि इस तरह की घटनाएं लव और कुश के साथ बराबर होती हैं। रुनम झा का कहना है कि हड्डी टूटने की ही घटना कई बार इन दोनों के साथ हो चुकी है।

बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टर सीएन सर्राफ भी इस घटना को देखकर हैरान हैं। उनका कहना है कि यह तो शोध का विषय है। डॉक्टर सर्राफ का कहना है कि जुड़वां होने पर कई चीजों में समानता हो सकती है लेकिन ऑर्थो में ऐसी घटना होना कहीं से संभव नहीं हैं। ऐसा होना निश्चित रुप से शोध करने का विषय है।

लव और कुश की मां तो इस तरह की घटना को लेकर हमेशा चिंतित रहती है। उनका कहना है कि लव-कुश को लेकर वो डॉक्टर से लेकर भगवान तक दरबार में मत्था टेक चुकी हैं। लेकिन परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही।

एक एक्सीडेंट ने बदल दी थी अमजद खान की जिंदगी

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अनेक बरसों से हिन्दी सिनेमा में डाकू का एक परम्परागत चेहरा चला आ रहा था। धोती-कुरता। सिप पर लाल गमछा। आँखें हमेशा गुस्से से लाल। मस्तक पर लम्बा-सा तिलक। कमर में कारतूस की पेटी। कंधे पर लटकी बंदूक। हाथों में घोड़े की लगाम। और मुँह से आग उगलती गालियाँ। फिल्म शोले के गब्बरसिंह उर्फ अमजद खान ने डाकू की इस इमेज को एकदम काऊ बॉय शैली में बदल दिया। उसने ड्रेस पहनना पसंद किया। कारतूस की पेटी को कंधे पर लटकाया। गंदे दाँतों के बीच दबाकर तम्बाखू खाने का निराला अंदाज। अपने आदमियों से सवाल-जवाब करने के पहले खतरनाक ढंग से हँसना। फिर गंदी गाली थूक की तरह बाहर फेंकते पूछना – कितने आदमी थे? अमजद ने अपने हावभाव, वेषभूषा और कुटिल चरित्र के जरिए हिन्दी सिनेमा के डाकू को कुछ इस तरह पेश किया कि वर्षों तक डाकू गब्बर के अंदाज में पेश होते रहे। शोले फिल्म के गब्बरसिंह को दर्शक चाहते हुए भी कभी नहीं भूल सकते।

कलाकार के तौर पर अमजद खान के पास सब कुछ था। रुपया-पैसा, रुतबा, प्यार और बच्चे। कॅरियर में भी वे लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे थे। लेकिन 1976 की एक घटना ने उनका सबकुछ बदल दिया। वह फिल्म ‘द ग्रेट गैम्बलर’ की शूटिंग के लिए जा रहे थे। अमजद खान जैसे ही मुंबई-गोवा हाईवे पर पहुंचे तो उनका दर्दनाक ऐक्सिडेंट हो गया।
इस एक्सीडेंट में उनके एक फेफड़े में छेद हो गया और पसलियां टूट गईं। गंभीर चोटों की वजह से अमजद खान लगभग कोमा में ही पहुंच गए थे लेकिन धीरे वह ठीक हो गए। हालांकि इलाज के दौरान अमजद खान को जो दवाईयां दी गईं उनकी वजह से उनका वजन बढ़ता चला गया। इसकी वजह से उन्हें और भी कई परेशानियों ने घेर लिया। इस कारण अमजद काफी परेशान रहने लगे और 1992 में 27 जुलाई को हार्ट फेल होने के कारण 51 साल उम्र में उनका निधन हो गया।
पेशावर में हुआ जन्म
अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। कला उन्हें विरासत में मिली थी। अमजद के पिता जयंत बॉलीवुड इंडस्ट्री के काफी चर्चित खलनायक रहे। अपने अभिनय कॅरियर की शुरूआत करने के लिए बतौर बाल कलाकार 1957 में फिल्म ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ से की। वहीं ‘पत्थर के सनम’ के जरिए अमजद ने पहली फिल्म बतौर अभिनेता की।
गब्बर सिंह ने बदल दी अमजद की जिंदगी
अमजद खान का जन्म 12 नवंबर 1940 को पेशावर (अब पाकिस्तान) में हुआ था। कला उन्हें विरासत में मिली थी। अमजद के पिता जयंत बॉलीवुड इंडस्ट्री के काफी चर्चित खलनायक रहे। अपने अभिनय कॅरियर की शुरूआत करने के लिए बतौर बाल कलाकार 1957 में फिल्म ‘अब दिल्ली दूर नहीं’ से की। वहीं ‘पत्थर के सनम’ के जरिए अमजद ने पहली फिल्म बतौर अभिनेता की।
गब्बर सिंह ने बदल दी अमजद की जिंदगी
अमिताभ बच्चन और अमजद खान में काफी गहरी दोस्ती थी। अमजद खान, अमिताभ को SHORTY कहकर बुलाते तो वहीं अमिताभ उन्हें BROAD कहकर पुकारते थे। वहीं खान के बारे में यह भी कहा जाता है कि वो चाय के काफी शौकीन थे। शूटिंग के दौरान वो सेट पर कितने ही चाय के कप खाली कर देते थे।

सरकारी बैंकों पर लग रहे हैं ताले, 1 साल बंद हुए 5500 ATM और 600 बैंक ब्रांच, ये है वजह?

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नोटबंदी के बाद से सरकारी बैंकों पर ताले लग रहे हैं। कई बैंकों का विलय किया गया है। पहले देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 6 बैंकों का विलय किया। उसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का विलय किया गया। अब इलाहाबाद बैंक समेत कई और बैंकों के विलय की बात की जा रही है। वहीं बैंक लगातार अपने ब्रांच और एटीएम को बंद कर रही है। पिछले 1 साल में पब्लिक सेक्टर बैंक (Public Sector Bank) ने 5500 से ज्यादा एटीएम बंद किए हैं तो 600 से ज्यादा ब्रांचों पर ताला लगा दिया है।

सरकारी बैंकों पर लग रहे हैं ताला

देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैकं ऑफ इंडिया ने 1 साल के भीतर में 420 शाखाओं को बंद कर दिया तो वहीं 768 एटीएम बंद कर किए। लगातार घाटे में चल रहे बैंकों ने खर्च में कटौती करने के लिए बैंक के ब्रांचों को कम कर रहे हैं। खासकर बड़े शहरों में बैंक अपने खर्च को कम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शहरी खाताधारकों की बैंक के ब्रांचों पर निर्भरता कम होती जा रही है। शहरी खाताधारक डिजिटल बैंकिंग की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में बैंक खर्च में कटौती करने के लिए ब्रांचों को कम कर रहा है। सरकारी बैंकों का ऐसा मानना है कि ब्रांच और ATM जैसे फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को कम किया जा सकता है।

क्यों बंद हो रहे हैं सरकारी बैंक

अगर आंकड़ों पर नजर डाले तो ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक देश की 10 शीर्ष सरकारी बैंकों ने पिछले 1 साल में देशभर में 5500 एटीएम बंद किए हैं। वहीं 600 शाखाओं को बंद कर दिया गया है। जहां एसबीआई ने 420 ब्राचं और 768 ATM बंद किए तो वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने करीब 40 ब्रांच और 274 एटीएम बंद किए हैं। वहीं पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक समेत कई सरकारी बैंकों ने अपनी शाखाएं और एटीएम कम किए हैं।

खर्च घटाने के लिए बैंक ब्रांचों पर लग रहे हैं ताले

दरअसल लगातार घाटे में चल रहे हैं सरकारी बैंक बैलेंस शीट में एक्सपेंडिचर को कम करने के लिए NPA को कम करने की योजना बना रहे हैं। खासकर शहरों में स्थिति ब्रांचों को बंद किया जा रहा है, क्योंकि शहरी खाताधारक बैंकिंग संबंधी कामों के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवा को अपना रहे हैं। बैंकों की ब्रांच और एटीएम की कटौती का असर ग्रामीण बैंकों पर नहीं पड़ा है। बैंकों ने ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में इनमें कटौती नहीं की है। वहीं एक तरफ जहां सरकारी बैंक खर्च घटाने के लिए नेटवर्क में कटौती कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट सेक्टर के बैंक अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने अपने बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार किया है।

एयर होस्टेस बनने के लिए योग्यता, ट्रेनिंग और सैलरी तक जानिए सब कुछ

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कुछ लोगों को एयर होस्टेस की लाइफस्टाइल काफी लक्जूरियस लगती है और बहुत सी लड़कियां इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए हर साल प्रयास करती है। इस प्रोफेशन में आपको एक मोटी सैलरी मिल सकती है।

लेकिन बहुत लड़कियों को इस बारे में पता नहीं होता है कि एयर होस्टेस कैसे बना जाए? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।

योग्यता

अधिकांश एयरलाइन कंपनियों के बिन क्रू सदस्यों को भर्ती के लिए समान पात्रता मानदंड हैं। होटल मैनेजमेंट और केटरिंग टेक्नोलॉजी में आपको डिप्लोमा के साथ एचएससी पास या स्नातक होना चाहिए। ऊंचाई और वजन जैसी आपकी फिजिकल कॉन्सट्रेन्ट्स उस एयरलाइन कंपनी के आधार पर अलग हो सकती हैं जिसके लिए आप काम कर रहे हैं। आपको अंग्रेजी और अन्य भाषाओँ का ज्ञान होना जरूरी है। ये एयर हॉस्टेस बनने के लिए आवश्यक बुनियादी योग्यताएं हैं।

सेलेक्शन की बात करें तो इसमें व्यक्तिगत प्रस्तुति, परीक्षण और व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल होगा। इस पेशे में शामिल होने के लिए आपको फ्रेंडली होना जरुरी है। इसके अलावा आपको विपरीत परिस्थितियों के दौरान काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

ट्रेनिंग

किसी विशेष कंपनी में प्लेसमेंट मिलने के बाद, आपको यह ट्रेनिंग दी जाती है कि आपको क्या करना है और क्या करने से बचना है। एयरोस्टेस ट्रेनिंग, सामान्य रूप से, इस पेशे में शामिल होने के लिए जरूरी नहीं है। फिर भी यह जानना बेहतर है कि इस उद्योग में आपको कैसे शुरुआत करनी है और कैसे काम करना है?

रोजगार की संभावनाएं

निजीकरण में वृद्धि और हवाई यात्रा की मांग के साथ, एयरहोस्टेस की मांग भी बढ़ रही है। प्राइवेट और पुब्लिक सेक्टर में टेलेंटेड केबिन क्रू मेंबर्स की मांग है। आप 10 साल तक इस क्षेत्र में काम कर सकते हैं।

सैलरी

करियर के शुरुआत में आपको उतने पैसे नहीं मिलेंगे जितना कि आप चाहते हैं। लेकिन सीनियर एयर होस्टेस बनने के बाद आप 50 से 70 हजार महीना कमा सकते हैं। इसके अलावा आपको कई लोकेशंस देखने को मिलेगी और आप 5 स्टार होटल्स में ठहर पाएंगे।

फसल खराब होने से बेकाबू हुआ प्याज, आया अचानक दामों में उछाल

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केंद्र सरकार ने दखल न दिया तो परचून मार्कीट में प्याज थोक में 50 रुपए प्रति किलो व परचून में 80 रुपए प्रति किलो से भी ऊपर पहुंच सकता है। राज्य भर की सब्जी मंडियों में प्याज 32 से 35 रुपए किलो तक बिक रहा है व परचून में भाव 45-55 तक प्रति किलो पहुंच चुके हैं। देश भर में नासिक व एम.पी. के प्याज की आमद हो रही है। बरसात से प्याज की फसल खराब होने से भाव तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं जमाखोरों को भी इसका जिम्मेदार माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार प्याज की जमाखोरी जमकर नासिक, एम.पी. व राजस्थान में की जा रही है।

केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक की बाढ़ की वजह से प्याज की आपूर्ति में अड़चन के बीच इसकी जमाखोरी के खिलाफ बुधवार को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उपरोक्त दोनों प्रदेश प्याज के प्रमुख उत्पादक हैं। सरकार की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यहां उपभोक्ता मामलों के विभाग के सचिव अविनाश के. श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विभाग ने प्याज की कीमतों की समीक्षा की। बैठक में नाफेड, एन.सी.सी.एफ. और सफल सहित विभिन्न पक्षों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों के कुछ हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका है।बैठक के बाद जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया-मौजूदा समय में सफल बिक्री केन्द्र द्वारा खुदरा बिक्री के लिए प्याज मूल्य स्थिरीकरण कोष (पी.एस.एफ.) के तहत बनाए गए सरकारी स्टॉक से उपलब्ध कराया जा रहा है। सफल (मदर डेयरी का एक बिक्री केन्द्र) में प्याज के लिए खुदरा कीमत की सीमा 23.90 रुपए प्रति किलोग्राम (ग्रेड ए किस्म) तय की गई है।

सफल को सरकारी बफर स्टॉक से उसी दर पर प्याज मिलता रहेगा, जिस दर पर बुधवार को दिया गया था। विज्ञप्ति के अनुसार विभाग की ओर से समय-समय पर मूल्य स्थिति की नियमित रूप से निगरानी की जाएगी। दिल्ली में ताजे फल और सब्जियों की सबसे बड़ी खुदरा शृंखला सफल को भी प्याज के लिए अपने खुदरा परिचालन की मात्रा को दोगुना करने के लिए कहा गया है। नाफेड और एन.सी.सी.एफ. को भी उनके बिक्री केन्द्र और मोबाइल वैन के माध्यम से सफल के समान कीमतों पर खुदरा प्याज बिक्री करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा सरकारी बफर स्टॉक से प्याज बड़े खुदरा विक्रेताओं को लागत मूल्य पर दिया जाएगा ताकि जनता को उचित दर पर इसकी आपूर्ति की जा सके।