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CBI ने की पी चिदम्बरम से पूछताछ, हर सवाल पर जवाब मिलता है ‘यस या नो’

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 आईएनएक्स मीडिया प्रकरण में सीबीआई रिमांड के दौरान बीती देर और सुबह से अब तक पूर्व वित मंत्री पी. चिदम्बरम से 8 घंटे से ज्यादा पूछताछ की जा चुकी है। लेकिन सभी सवालों के जवाब यस या नो में ही मिले हैं, नतीजतन सीबीआई की मुशिकलें भी बढ़ गई हैं। हालांकि इसी प्रकरण में अपनी जांच में तेजी लाते हुए सीबीआई ने पांच देशों को ‘लेटर रोगेटरी’ (एलआर) यानी न्यायिक अनुरोध पत्र भेजकर आईएनएक्स मीडिया मामले में भुगतान के लेन-देन की विस्तृत जानकारी मांगी है। ये पत्र ब्रिटेन, मॉरीशस, स्विट्जरलैंड, बरमूडा और सिंगापुर को भेजे गये है। इस संबंध में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व वित्त मंत्री चिदम्बरम सीबीआई रिमांड पर हैं, इसलिए न्यायिक अनुरोध पत्रों के जरिये विदेशी देशों से सूचना मांगी गई है। उन्होंने बताया कि ये वो देश है जहां से कंपनियों के जरिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश मिला था।

इसके अलावा रिमांड संबंधी पूछताछ की जानकारी पर अधिकारी ने कोर्ट की गाइडलाइन के चलते कुछ भी बताने से इंकार किया। बताया जाता है कि सीबीआई ने पहले देर रात और सुबह करीब 11 बजे अपनी पूछताछ शुरु की,लेकिन पूर्व वित मंत्री चूकिं पेशे से अधिवक्ता हंै,नतीजतन उन्होंने अधिकांश सवालों के जवाब की बीते गुरुवार कोर्ट रूम में दिए अपने बयानों के तरह ही यस या नो में दिए। यही नहीं उन्होंने किसी भी लिखित पत्र पर अपनी सहमति तक नहीं जताई। पूछे गए सवालों में जब आईएनएक्स मीडिया की निदेशक इंद्राणी मुखर्जी का जिक्र आया तो उन्होंने हर बार यहीं कहा कि जो बयान वो एक बार दे चुके है वहीं बयान उनका बार-बार है। इसी के चलते संभावना जताई गई है कि इंद्राणी से उनका आमना-सामना कराया जा सकता है।

ये मामले भी बढ़ा सकते हैं चिदम्बरम की मुश्किलें

एयरसेल-मैक्सिस प्रकरण 
इस केस में भी चिदम्बरम आरोपी हैं। केस में उन पर भी मनी लांंड्रिंग का आरोप है,हालंाकि इस मामले में उन्हें शुक्रवार को उच्चतम न्यायलय से राहत मिली है,लेकिन इस मामले में ईडी नए तथ्यों के साथ दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख जल्द करेगी। बता दें कि इस मामले में ईडी के अलावा सीबीआई भी जांच कर रही है जिसमें सीबीआई अपना आरोप पत्र दाखिल भी कर चुकी है। एयरसेल-मैक्सिस मामला एयरसेल कंपनी में निवेश के लिए ग्लोबल क युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेज फर्म को एफआईपीबी मंजूरी दिलाने से जुड़ा है, जिसमें पूर्व वित्त मंत्री चिदम्बरम पर आरोप है कि 2006 में वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने एयरसेल में 3,650 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश को अवैध मंजूरी दिलाई जिसके बदले में उन्हें और अन्य 7 आरोपितों को कुल 1.16 करोड़ रुपए का अनुचित लाभ मिला।

एयरसेल-मैक्सिस प्रकरण में मानक से ज्यादा की मंजूरी की जांच भी शुरू 
ईडी ने शुक्रवार को एक नए मामले में जांच तेज करते हुए 6 लोगों को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस गत वर्ष दर्ज की गई एयरसेल-मैक्सिस प्रकरण से जुड़ा है। इस मामले में ईडी चिदम्बरम से एक बार पूछताछ कर चुकी है। इस जांच में पी.चिदम्बरम पर आरोप है कि बतौर वित्त मंत्री रहते हुए किसी भी निवेश की मंजूरी पर अकेले सहमति वे केवल 600 करोड़ की ही दे सकते थे, लेकिन एयरसेल-मैक्सिस प्रकरण में उन्होंने बगैर अर्थिक मामलों से जुड़ी कैबिनेट के अप्रुवल दे दिए।

70 हजार करोड़ की एयरइंडिया विमान की खरीद प्रकरण से जुड़ी जांच 
ईडी ने गत सप्ताह पी.चिदम्बरम को एक और नोटिस भेजा था,जिसमें उन्होंने एयर इंडिया के लिए विमानों की खरीद से जुड़े एक मामले की जांच में सहयोग करने के लिए कहा था,जिस पर भी चिदम्बरम ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया। आरोप है कि यूपीए के शासनकाल के दौरान एयर इंडिया के लिए किए गए 111 विमानों के सौदे का मकसद विदेशी विमान विनिर्माण कंपनियों को फायदा पहुंचाना था। इसका खुलासा सीएजी की रिपोर्ट में हुआ था। प्रकरण में ईडी ने अक्तूूबर 2018 में मनी लांड्रिंग सहित कई मामले दर्ज किए थे। बता दें कि इस प्रकरण में उनके पूर्व सहयोगी व पूर्व मंत्री प्रफुल पटेल से एजेंसी दो बार पूछताछ कर चुकी है।

इशरत जहां से जुड़े हलफनामे में कथित छेड़छाड़ प्रकरण 
सूत्रों के मुताबिक चिदम्बरम से जुड़ी एक शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने भी अपनी पुरानी फाइल खोल दी है। बता दें कि चाणक्यपुरी में एक शिकायत चिदम्बरम के खिलाफ दी गई थी जिसमें बताया गया था कि इशरत जहां मामले से जुड़े एक हलफनामे में कथित छेड़छाड़ की गई थी,और इसके आदेश गृह मंत्रालय से जारी किए गए थे। ये आदेश किसके थे और क्या हुआ था इस प्रकरण अब दिल्ली पुलिस इसकी जांच करेगी। सीबीआई ने इन आरोपों की भी प्राथमिक जांच शुरू की है कि पी चिदम्बरम के एक रिश्तेदार ने तमिलनाडु में एक होटल इंडियन ओवरसीज बैंक (आईओबी) के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से हड़प लिया है। साथ ही चिदम्बरम के खिलाफ इशरत जहां मामले से जुड़े एक हलफनामे में कथित छेड़छाड़ करने से संबंधित शिकायत भी दिल्ली पुलिस में लंबित है।

ये रहा कानून, अगर पैसे नहीं हैं तो भी डॉक्टर को करना होगा इलाज

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  • रेप पीड़िता और एसिड हमले के पीड़ित का डॉक्टर को करना होगा फ्री इलाज
  • गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के इलाज में आनाकानी नहीं कर सकते डॉक्टर

अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और इलाज के लिए किसी अस्पताल या क्लीनिक जाते हैं, तो डॉक्टर की लीगल ड्यूटी है कि वो आपका पूरी सतर्कता के साथ इलाज करे. अगर डॉक्टर आपका इलाज करने से इनकार करता है, तो आप कानून का सहारा लेकर उसको सबक सिखा सकते हैं.

संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले मौलिक अधिकार में इलाज पाने का अधिकार भी शामिल है. परमानंद कटारा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोई भी डॉक्टर या अस्पताल गंभीर रूप से घायल मरीज का इलाज करने से मना नहीं कर सकता है. डॉक्टर और अस्पताल की लीगल ड्यूटी है कि वो गंभीर रूप से घायल या गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज को इमरजेंसी मेडिकल केयर उपलब्ध कराएं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर मरीज के पास पैसे भी नहीं हैं तो भी डॉक्टर या अस्पताल उसका इलाज करने में न तो किसी तरह की देरी करेंगे और न ही इलाज करने से इनकार करेंगे. डॉक्टर की पहली प्राथमिकता मरीज का तुरंत इलाज करने की होनी चाहिए, ताकि मरीज को बचाया जा सके.

इसके अलावा इंडियन मेडिकल काउंसिल के प्रोफेशनल कंडक्ट रेगुलेशन के तहत भी डॉक्टर को मरीज का इलाज करना ही होगा. अगर वो किसी मरीज का इलाज करने से इनकार करता है, तो यह प्रोफेशनल मिसकंडक्ट माना जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

रेप पीड़िता और एसिड हमले के शिकार का फ्री होगा इलाज

दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की धारा 357C के तहत डॉक्टर और अस्पताल को एसिड हमले की शिकार महिला या पुरुष का इमरजेंसी में फ्री इलाज करना होगा. इसके अलावा रेप पीड़िता का इलाज करने के लिए भी डॉक्टर और अस्पताल कानूनी तौर पर बाउंड हैं. कोई भी सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर या अस्पताल एसिड हमले की पीड़ित और रेप पीड़िता का आपातकालीन इलाज करने से इनकार नहीं कर सकते हैं.

अगर कोई डॉक्टर या अस्पताल एसिड और रेप पीड़िता का आपातकालीन स्थिति में फ्री में इलाज करने से मना करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 166B के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसके तहत डॉक्टर को एक साल तक की जेल की सजा हो सकती है. साथ ही जुर्माना भरना पड़ सकता है.

गोवा के समुद्र तटों पर शराब पीने को लेकर लोगों को चेतावनी

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उत्तरी गोवा के एक लोकप्रिय समुद्र तट कलंगूट की ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून को सख्ती से लागू करने का संकल्प लिया है और अपराधियों को जेल में डालने की चेतावनी दी है।

राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और खाना पकाने पर प्रतिबंध लगाने वाले गोवा पर्यटन स्थल (संरक्षण और रखरखाव) अधिनियम को सख्ती से लागू करने के लिए ग्राम पंचायत ने 21 अगस्त को एक संकल्प पारित किया।

कलंगूट के सरपंच शॉन मार्टिन्स ने कहा कि लोगों को सूचित किया गया है कि ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आने वाले समुद्र तटों, सड़कों या किसी अन्य सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि उल्लंघन करने पर व्यक्तियों को दो हजार रुपये और समूहों को दस हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।

दही-हाण्डी कार्यक्रम: मुख्यमंत्री ने सौंपी 58 शहरी गरीब परिवारों को आवास की चाबी

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी और विशाल दही हाण्डी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने संजय गांधी नगर गुढ़ियारी के अंतर्गत आने वाले 58 शहरी गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के भागीदारी में किफायती आवास घटक के अंतर्गत कोटा में निर्मित आवासों की चाबी सौंपी।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए सभी लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में हर्षो उल्लास का वातावरण है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कर्म का उपदेश दिया, वे सबके दुखों को हरने वाले हैं। विपत्ति और परेशानी में गीता के उपदेश काम आते हैं। श्रीकृष्ण ने इन्द्र के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए अपनी छोटी उंगली से गोवर्धन पर्वत को उठाकर सबकी सुरक्षा की। श्री बघेल ने जिन आवासहीनों को आज घर की चाबी सौंपी उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण आप सबकी मनोकामना पूरी करें।
    इस अवसर पर अनेक युवाओं की टोली दही-हाण्डी प्रतियोगिता में शामिल हुए। कार्यक्रम में लोक गायक श्री दिलीप षडंगी, बैल नृत्य पर छत्तीसगढ़ी गीतों की आकर्षक प्रस्तुति दी। इस मौके पर आतिशबाजी कर मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिन की बधाई दी गई। इस अवसर पर विधायक श्री विकास उपाध्याय, विधायक श्री देवेन्द्र यादव, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, आयोजन समिति के सदस्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल पार्किंग, जानिए क्या है इसमें खास…

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साइकिल, बाइक या कार आज इन सबके होेने के बाद सबसे बड़ी समस्या होती है इनकी पार्किंग। जगह की कमी होने के कारण लोगों को अपने वाहन पार्क करने में काफी दिक्कत होती है। वहीं अगर आप नीदरलैंड की सैर पर जा रहे है तो आपको यह दिक्कत नही आएगी क्योंकि नीदरलैंड में दुनिया की सबसे बड़ी साइकिल पार्किंग बनाई गई हैं। जिसमें एक समय में 12500 साइकिल पार्क किए जा सकते है। जो न केवल साइकिल पार्क करने वालों के लिए देखने योग्य जगह है बल्कि टूरिस्ट के लिए आकर्षक का केंद्र हैं। नीदरलैंड के उट्रेच शहर में पिछले दो साल के बाद इसी हफ्ते इस तीन मंजिल पार्किंग को लोगों के लिए खोला गया हैं।

सबसे खास बात यह है कि नीदरलैंड की कुल आबाद 1.71 करोड़ा है, वहीं वहां पर 1.60 करोड़ लोगों के पास साइकिल हैं।


पार्किंग में डिजिटल साइकिल स्पेस इंडिकेशन सिस्टम से खाली स्पेस ढूंढ पाएंगें। यह 24 घंटे खुली रहेगी जिसमें लोग मुफ्त पार्किंग कर सकते हैं।

साइकिल रखने और चलाने के मामले में फिनलैंड 6वें, जापान 7वें, स्विट्जरलैंड 8वें, बेल्जियम 9वें और चीन दुनिया में 10वें स्थान पर है।

कांग्रेस नेता ने कहा, हमारे सभी मठाधीश अधिवक्ता भी चिदंबरम की जमानत नहीं करा पाये..

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 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने पार्टी के बड़े नेताओं, जो देश के नामी वकील भी हैं, का नाम लिये बिना कटाक्ष करते हुए कि वह पूर्व केन्द्रीय मंत्री चिदंबरम की जमानत भी नहीं करा पाये. चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में फिलहाल सीबीआई की हिरासत में है . विधायक लक्ष्मण सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ”चिदंबरम जी निर्दोष सिद्ध हों,पार्टी की स्वच्छ छवि बने, यही कामना करते हैं, परंतु दुख इस बात का है कि हमारे सभी “मठाधीश” अधिवक्ता जिन्हें बार-बार राज्य सभा का सदस्य बनाया, उनकी जमानत नहीं करा पाये.” वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी चिदंबरम के लिये जमानत की कोशिश करने वाले वकीलों में शामिल थे.

यह पहली बार नहीं है कि पांच बार के सांसद रहे सिंह ने अपनी पार्टी पर ही निशाना साधा है. सिंह दो बार भाजपा से भी सांसद रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में जब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कमलनाथ का नाम तय कर रहा था तब सिंह ने ट्वीट किया था, “ब्लूटूथ तकनीक के युग में कमलनाथ के नेतृत्व में चुनाव में जाना एचएमवी रिकॉर्ड चलाने की तरह है.” वर्ष 2003 में मध्यप्रदेश से कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद लक्ष्मण सिंह भाजपा में शामिल हुए और दो लोकसभा चुनाव भगवा पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर जीते. वर्ष 2010 में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की आलोचना करने पर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था. वह वर्ष 2013 में कांग्रेस में वापस लौटै.

हज के समय कटने वाले 20 से 25 लाख जानवरों का मांस आखिर कहां जाता हैं

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अभी पिछले दिनों सऊदी अरब के शहर मक्का हज यात्रा संपन्न हुई. इस्लाम में हज एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य हैं. जिस मुसलमान के पास इतना पैसा हो कि, वह मक्का जाकर हज कर सकता हैं उसके लिए हज करना अनिवार्य हैं. हज सऊदी अरब के शहर मक्का में अदा किया जाता हैं.

हज 5 दिनों में पूरा होता हैं. इन 5 दिनों कई रस्मों को पूरा किया जाता हैं. इन रस्मों में से एक महत्वपूर्ण रस्म कुरबानी होती हैं. हर हाजी को अपने ओर से एक जानवर जिबह करना होता हैं. जानवर की क़ुरबानी के साथ हज पूरा हो जाता हैं. उस दिन को ईद-उल-अज़हा कहा जाता हैं.

हर साल पूरी दुनिया से 20 से 25 लाख लोग हज के लिए आते हैं यानी हर साल सिर्फ ईद के 3 दिन में 20 से 25 लाख जानवरों (ऊंट, भेड, बकरा ) की कुरबानी दी जाती हैं. इतनी बड़ी मात्रा में जानवर कटने के बाद जो मांस निकलता है, उसे सऊदी सरकार प्रोसेस कर एयरकंडीशन कंटेनर में भर कर गरीब मुस्लिम देशों, जैसे सूडान, सोमालिया, इंडोनेशिया और युद्धग्रस्त मुस्लिम देश सिरिया, अफगानिस्तान और इराक भेज देते हैं. वहां पर यह प्रोसेस किया हुआ मांस छोटे-छोटे पैकेटों में मुफ्त में बांटा जाता हैं.

सऊदी सरकार ने इसके लिए बहुत अच्छा नियोजन किया हुआ हैं जिससे इतनी बड़ी मात्रा में जानवर कटने के बाद भी कोई गंदगी नहीं होती हैं और जानवरों का मांस भी गरीबों तक पहुंच जाता हैं.

इस सुपरस्टार ने बदल दी है इनकी जिंदगी, कभी रेलवे स्टेशन पर गाती थी गाने

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कहा जाता है कि एक वास्तविक प्रतिभा अपना रास्ता खुद चुन लेती है । इस बात को साबित किया है पश्चिम बंगाल की रहने वाली रानू मंडल ने । शायद आप सभी को पता ही होगा कि कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिनमें कोलकाता के रेलवे स्टेशन पर एक लड़की लता मंगेशकर का गाना गाते हुए नजर आई थी और यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई थी । इस लड़की की आवाज में वह बात थी जो एक बड़े सिंगर के गाने में होती है ।

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर इस वीडियो को लोगों ने काफी शेयर किया था और इनके द्वारा गाया गया गाना लोगों के बीच काफी पसंद किया गया था जिसके बाद बॉलीवुड सेलेब्स ने भी इन पर रिएक्शन देना शुरू कर दिए । रानू मंडल का मेकओवर भी किया गया । अब इनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल चुकी है वह बॉलीवुड की बड़ी सेलिब्रिटी से कम नहीं रही ।

लोगों ने दिए ऑफर्स

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि रानू मंडल के गाने सुनने के लिए लोग बेताब है और कई ऐसे लोग हैं जो मुंबई इनको गाना गाने के लिए बुला रहे हैं । इनको ऑफर भी देने लगे हैं । आपको बता दें कि रानू मंडल को ‘सारेगामा कारवां’ में इनवाइट किया गया था उससे पहले इनका मेकओवर किया गया पहले से वह काफी बदल चुकी है जो कि आप इन तस्वीरों में देख सकते हो ।

इस सुपरस्टार ने बदली जिंदगी

आपको बता दें कि बॉलीवुड के मशहूर सिंगर हिमेश रेशमिया ने रानू मंडल की जिंदगी पूरी तरह से बदल दी थी उन्होंने एक टीवी शो पर यह ऐलान किया था कि वह रानू को सिंगर बनाकर रहेंगे और उन्होंने यह वादा पूरा करने वाले हैं । जी हां सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिनमें हिमेश रेशमिया रानू मंडल गाना गवाते हुए नजर आ रहे हैं और यह एक बॉलीवुड फिल्म का गाना है जिनमें वह काफी खूबसूरत सुर लगाती हुई नजर आ रही है ।

बचपन बीता है काफी गरीबी में

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रानू मंडल का जन्म काफी गरीब परिवार में हुआ था और वह पश्चिम बंगाल की रहने वाली है इनकी शादी हो गई, लेकिन पति के देहांत के बाद वह कोलकाता का रेलवे स्टेशन पर ही इर्द-गिर्द घूमते घूमते टाइम निकालती थी, लेकिन आज इनके टैलेंट ने लोगों को हैरान कर दिया है । अब हो सकता है कि आने वाली बॉलीवुड फिल्मों के गानों में रानू की आवाज आपको सुनने को मिले ।

बॉलीवुड में आने से पहले होटल में काम करती थी ये अभिनेत्री, सिर्फ 3 फिल्मों से मचा चुकी है तहलका

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वाणी कपूर ने फिल्म शुद्ध देसी रोमांस से अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि वह बॉलीवुड में ज्यादा फिल्में नहीं कर पाई हैं। लेकिन उन्होंने बॉलीवुड में अपनी जगह पक्की कर ली है। वे दर्शकों के दिलों पर राज करती हैं। बॉलीवुड के अलावा वाणी कपूर ने साउथ की फिल्मों में भी काम किया। आज वाणी कपूर अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही है। वाणी कपूर का जन्म 23 अगस्त 1988 को हुआ था। इस पोस्ट में हम आपको उनसे जुड़ी कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं

वाणी कपूर के पिता शिव कपूर का दिल्ली में फर्नीचर एक्सपोर्ट का काम है। इसके अलावा वे एक एनजीओ भी चलाते हैं। शिव कपूर यह नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी एक्ट्रेस बने। वाणी कपूर की मम्मी डिम्पी कपूर स्कूल टीचर थी। लेकिन अब वे मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम करती है। वाणी कपूर की एक बड़ी बहन भी है जिसका नाम नूपुर है और उसकी शादी हो चुकी है। वो होलैंड में रहती है।

वाणी कपूर ने कहा था कि मेरे पिता यह मानते थे कि लड़कियों की जल्दी ही शादी कर देनी चाहिए जिससे उनका घर बस जाए। मेरी बड़ी बहन की शादी 18 साल की उम्र में ही कर दी गई। लेकिन मैं ऐसा नहीं चाहती थी। मेरे पिता नहीं चाहते थे कि मैं मॉडल बनूं। लेकिन मेरी मां ने सपोर्ट किया और पापा को राजी करने में सहायता की।

वाणी कपूर ने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से टूरिज्म में बैचलर डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने जयपुर के ओबेरॉय होटल्स एंड रिजॉर्ट में में इंटर्नशिप की। वे बाद में आईटीसी के होटल में काम करने लगी। उन्होंने वहां पर कई दिनों तक काम किया। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग करना शुरू दिया। बॉलीवुड में वाणी कपूर की तीन फिल्में रिलीज हो चुकी है।

MRP से कम दाम पर बिक रही शराब, अब Mobile App पर मिलेगी कीमत की जानकारी!

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राजस्थान सरकार के आबकारी विभाग (Excise Department) को शराब की अधिक कीमत (Approved Liquor Rate) वसूलने वाले दुकानदारों की मिली शिकायतों की जांच पड़ताल में शुक्रवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया. जयपुर (Jaipur) और अलवर (Alwar) की दो दुकानों पर शिकायतों के उलट तय कीमत (MRP) से कम कीमत पर शराब बेची जा रही है. दरअसल, राजस्थान में शराब की दुकानों पर मनमर्जी की कीमत पर बिक्री की शिकायतों को लेकर सरकार की ओर से हाल ही स्पेशल टीमों का गठन कर प्रदेशभर में कार्रवाई की गईं. इस दौरान शराब की ज्यादा कीमत वसूली करने वाली दुकानों पर गाज गिरी और सरकार की ओर से केस दर्ज किए गए.

सरकार बनाएगी शराब की कीमत बताने वाला मोबाइल एप

ओवर प्राइस को रोकने के लिए जल्द ही एक एप भी बनाया जाएगा. ओवर प्राइस को रोकने के लिए भविष्य में बनाए जाने वाले एप में सभी प्रकार के 900 से ज्यादा ब्रान्ड के आईएमएफएल, बीयर और वाइन की रेट लिस्ट उपलब्ध रहेगी. इस एप के माध्यम से उपभोक्ता सीधे ही उस अनुज्ञाधारी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर पाएंगे.

एमआरपी से अधिक दर पर शराब के विक्रय पर प्रभावी कार्यवाही की आवश्यकता के मध्यनजर सरकारी विभागों की कई टीमें बना कर प्रदेशभर में भेजी गई थी. इसके तहत 173 दुकानों में से दो दुकानों पर अलवर और जयपुर में एमआरपी से कम कीमत लेने के प्रकरण भी दर्ज किए, जो कि एक गंभीर विषय है. वहीं उदयपुर की एक दुकान पर शराब विक्रय मूल्य पर ही मिल रही थी जो कि एक अच्छी बात मानी गई.

एसडीआरआई, वाणिज्यिक कर विभाग, जीएसएमए आरएसबीसीएल और अन्य राजस्व से जुडे़ विभागों के विभिन्न दल बनाकर शराब की दुकानों पर जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, अलवर व अन्य स्थानों पर भेजकर 173 दुकानों पर कार्रवाई की गई है. — डॉ. पृथ्वी , शासन सचिव, वित्त (राजस्व), राजस्थान सरकार

राजस्व विभाग के अनुसार वर्तमान में यदि किसी उपभोक्ता को ओवर प्राइस की शिकायत हो तो वह विभाग के टोल फ्री नम्बर 1800-180-6436 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शासन सचिव, वित्त (राजस्व) ने बताया कि ओवररेट के प्रकरणों को राज्य सरकार के स्तर पर गंभीरता से लिया जाता है. उन्होंने बताया कि ओवरेट प्रकरणों की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री द्वारा भी समय-समय पर कार्यवाही करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. उन्होंने बताया कि शराब दुकानों द्वारा निर्धारित एमआरपी से अधिक राशि शराब उपभोक्ताओं/ क्रेताओं से वसूले जाने की शिकायतें प्राप्त होने के क्रम में आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर शराब अनुज्ञाधारियों पर कार्यवाही की जाती है.

2 IAS, 3 आरएएस अधिकारी भी टीम में शामिल

शासन सचिव, वित्त (राजस्व) डॉ. पृथ्वी के अनुसार राज्य सरकार के स्तर से आवश्यक आदेश जारी कर गुरुवार को 2 आईएएस अधिकारी, 3 आरएएस अधिकारी और लेखा सेवा एवं वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों को शामिल कर दल गठित कर उपरोक्त कार्यवाही की गई. गठित दलों में आबकारी विभाग के अलावा अन्य राजस्व विभागों के अधिकारियों को ही दलों में शामिल किया गया. उन्होंने बताया कि उक्त दलों के अधिकारियों को आवश्यक चैक लिस्ट, पॉपुलर ब्राण्ड की लिस्ट एवं सम्बन्धित ब्राण्ड्स की एमआरपी की लिस्ट और क्षेत्र की शराब दुकानों की सूची प्रदान कर शराब की दुकानों पर बोगस ग्राहकों के माध्यम से एमआरपी से अधिक दर की स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए गए.

जयपुर शहर में सर्वाधिक 93 मामले, अलवर में 21 शिकायतें

विभिन्न टीमों का गठन कर शराब की दुकानों पर जाकर एमआरपी से अधिक राशि वसूलने की वस्तुस्थिति का पता लगाया गया. एमआरपी से अधिक दर वसूले जाने के अलवर में 21, अजमेर में 15, उदयपुर में 20, जोधपुर में 24 तथा जयपुर शहर में 93 प्रकरणों की शिकायत संबंधित जिला आबकारी अधिकारी को दर्ज कराई गई.