अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत शुक्रवार को बिगड़ गई। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और भाजपा सांसद मेनका गांधी ने सोमवार को अस्पताल जाकर जेटली का हालचाल जाना था।
जेटली (66) को सांस लेने में दिक्कत और बेचैनी की शिकायत के बाद नौ अगस्त को एम्स लाया गया था। एम्स ने 10 अगस्त के बाद से जेटली के स्वास्थ्य पर कोई बुलेटिन जारी नहीं किया है। जेटली ने खराब स्वास्थ्य के चलते 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शनिवार को कश्मीर का दौरा करेंगे और अनुच्छेद 370 के प्रमुख प्रावधानों को हटाए जाने के बाद वहां की स्थिति का जायजा लेंगे। सूत्रों के मुताबिक गांधी के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा भी जा रहे हैं । इन नेताओं का दोपहर के समय श्रीनगर पहुंचने का कार्यक्रम है।
एक सूत्र ने बताया कि अगर श्रीनगर में दाखिल होने की इजाजत मिली तो राहुल समेत सभी नेता वहां पर हालात का जायजा लेंगे तथा स्थानीय नेताओं एवं निवासियों से मुलाकात करेंगे। विपक्षी नेताओं के इस प्रतिनिधिमंडल में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, राजद के मनोज झा, द्रमुक के तिरुचि शिवा, तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी और कुछ अन्य दलों के नेता शामिल होंगे। दरअसल, जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी को कश्मीर आने का न्योता दिया था जिसके बाद राहुल गांधी कल श्रीनगर जाने वाले हैं।
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को यहां प्रदर्शन भी किया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा महासचिव डी राजा, सपा नेता रामगोपाल यादव, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा और तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए आज से कर्नाटक दौरे पर
कर्नाटक में बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम शनिवार से चार दिन तक इस दक्षिणी राज्य का दौरा करेगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था जिसके बाद यह फैसला किया गया। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ” एक अंतर-मंत्रालयी टीम 24 से 27 अगस्त तक कर्नाटक का दौरा करेगी और बाढ़ से हुए नुकसान तथा राहत अभियानों का आकलन करेगी।” टीम में कृषि, वित्त, सड़क परिवहन, ग्रामीण विकास और जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के तीन दिवसीय कार्यक्रम का कल उद्घाटन करेंगे योगी
मथुरा और वृंदावन में शुक्रवार से कृष्ण जन्माष्टमी के तीन दिवसीय उत्सव के लिए भव्य मंच तैयार किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली बार तीन दिनों के लिए जन्माष्टमी को भव्य पैमाने पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम में लगभग 1000 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देकर लोगों का मन लुभाएंगे। इस साल के जन्माष्टमी समारोह का मुख्य आकर्षण ‘दही हांडी’ कार्यक्रम होगा। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 अगस्त को मथुरा के रामलीला मैदान में करेंगे। मुंबई की एक मंडली को दही हांडी कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया, ”1000 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय कलाकार, बॉलीवुड हस्तियां, लोक कलाकार और छात्र रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। देश और विदेश के कलाकार शुरुआती दिन (शुक्रवार) को ‘शोभा यात्रा’ निकालेंगे।” प्रवक्ता ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 24 अगस्त को ‘कृष्णावतार’ कार्यक्रम के तहत झांकी निकाली जाएंगी। बॉलीवुड के लोकप्रिय संगीतकार शंकर महादेवन भी 24 अगस्त को मथुरा के रामलीला ग्राउंड में परफॉर्म कर सकते है।
देशभर में जन्माष्टमी की धूम
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का त्योहार जन्माष्टमी देशभर में धूमधाम से आज मनाया जा रहा है। इस मौके पर मंदिरों को खूबसूरती से सजाया गया है और घरों में भी विशेष तैयारी की गई है। घरों और मंदिरों में आकर्षक झांकी लगाई गई है। दरअसल, पंचांग भेद के कारण इस बार 23 अगस्त के साथ-साथ 24 अगस्त को भी जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। हालांकि, गृहस्थ 23 तारीख को ही जन्माष्टमी का उत्सव मना रहे हैं।
मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म करीब 5000 साल पहले द्वापरयुग में भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। ऐसे में इस बार की तिथि की बात करें तो अष्टमी तिथि 23 अगस्त को ही सुबह 8.09 बजे से शुरू हो चुकी है और यह 24 अगस्त को सुबह 8.32 बजे खत्म होगी। वहीं, रोहिणी नक्षत्र 24 अगस्त को तड़के 3.48 बजे से शुरू होगा और ये 25 अगस्त को सुबह 4.17 बजे उतरेगा। कुछ पंडितों के अनुसार रोहिणी नक्षत्र 23 अगस्त को रात 11.56 बजे से ही शुरू है।
देश की नामी संस्थानों में काम कर रहे इंजीनियर, मैनेजर और बैंकरों को अब नौकरी रास नहीं आ रही है। मल्टीनेशनल कंपनियों के आलीशान दफ्तरों से गांव और खेतों की तरफ रुख कर रहे प्रोफेशनल अब खेती के आधुनिक तरीकों के साथ मुर्गी, बत्तख, सूकर और मधुमक्खी पालन भी सीख रहे हैं। सीएआरआई में लेयर प्रोडक्शन की ट्रेनिंग लेने आए युवाओं का कहना है कि वह नौकरी के पीछे दौड़ना छोड़कर लोगों को रोजगार देने के लायक बनना चाहते हैं।
केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में लेयर उत्पादन पर 12 दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ। इसमें चार महिला प्रतिभागियों सहित कुल 63 लोग ट्रेनिंग लेने पहुंचे। इसमें एमबीए, बीटेक, लॉ के अलावा वेटनेरियन, पीएचडी डिग्रीधारी, गांवों के युवा प्रधान शामिल हुए। वे आठ राज्यों यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा, हरियाणा सहित दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों से है और यहां पर वे लेयर हाऊस डिजाइन, निर्माण, प्रबंधन, रोग प्रबंधन सहित कई तरह की तकनीक सीख रहे हैं। ओमान की आयल कंपनी में काम कर रहे मुरादाबाद के मोहम्मद फहत और माज अली इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है। वे कहते हैं कि नौकरी करने से बेहतर है कि वे इंटरप्रिन्योर बनें और लोगों को रोजगार दें।
केंद्र सरकार ने उद्यम लगाने के लिए तमाम योजनाएं शुरू कर रखी हैं और वे चाहते हैं कि खुद कारोबार करें। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के एक बैंक में सीनियर मैनेजर बीके सिंह कहते हैं कि अंडा उत्पादन के लिए लेयरफार्म लगाना चाहते हैं, रिटायरमेंट के बाद यह प्रोजेक्ट शुरू करेंगे और इसलिए वे ट्रेनिंग लेने आए। रुहेलखंड विवि से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने वाले मोहम्मद आशिक कहते हैं कि अपना खुद का कारोबार शुरू करने में उनकी प्रबंधन डिग्री काफी काम आई। अब ट्रेनिंग लेकर इसको और आगे बढ़ाएंगे। सीएआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसके भांजा और कार्यक्रम को-आर्डिनेटर ने बताया कि युवाओं में एक बात खास दिखी कि उनकी सोच नौकरी करने के बजाय रोजगार देने की है।
नौकरी छोड़ अब करेंगे खुद का कारोबार
हरियाणा के जींद निवासी अमन रेधू बीटेक है। उन्होंने नौकरी की पर बाद में खुद का कारोबार शुरू करने की सोची। तकनीकी शिक्षा थी ही ऐसे में उन्होंने लेयर प्रोडक्शन यानी की अंडा उत्पादन के लिए लेयर फार्म लगाने का फैसला किया और सीएआरआई की ट्रेनिंग का हिस्सा बनें। कानपुर के प्रवीण राव हो या फिर बलिया के एमबीए डिग्रीधारी अनुराग दोनों ने नौकरी छोड़ इंटरप्रिन्योर बनने का फैसला लिया है। पुणे से एमबीए करने वाले कुमार अभिषेक या फिर उत्तराखंड के खीमानंद शर्मा दोनों अपना प्राजेक्ट लगाने के साथ लोगों को खुद ट्रेनिंग देना चाहते हैं।
यह बदलाव की ओर इशारा है
सीएआरआई के कार्यकारी निदेशक डॉ. संजीव गुप्ता ने कहा कि यह देखने में काफी अच्छा अनुभव है कि बीटेक, एमबीए सहित प्रोफेशनल डिग्री धारी युवा अब खुद का बिजनेस शुरू कर रहे हैं। यह बदलाव की ओर से इशारा कर रहा है। कई ऐसे युवा हैं जिन्होंने नौकरी छोड़कर खुद का बिजनेस प्लान किया और ट्रेनिंग लेकर इसमें विस्तार की योजना बना रहे हैं।
लोग अकसर अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा पाने के लिए परेशान रहते हैं। वैसे तो प्रोविडेंट फंड लंबे समय के लिए किया गया निवेश होता है, लेकिन कई बार लोग इसे समय से पहले निकालना चाहते हैं, पर जानकारी के आभाव के कारण उन्हें इसके लिए बहुत भटकना पड़ता है। अब पीएफ का पैसा निकालने के लिए आपको दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि घर बैठे ही आप पैसा निकाल पाएंगे। आइए जानते हैं कि आप कैसे ऑनलाइन पीएफ का पूरा पैसा निकाल सकते हैं। अगर आप ऑनलाइन पीएफ का पैसा निकालते हैं तो पांच से 10 दिन में ही आपका पैसा आपके खाते में आ जाएगा।
इसके लिए सबसे पहले आपको ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर अपना यूएएन (UAN) नंबर, पासवर्ड और कैप्चा डालना होगा। ये जानकारी डालकर लॉग-इन करने के बाद आपके समक्ष मैनेज (Manage) का एक विकल्प आएगा। यहां क्लिक करने के बाद आप अपनी केवाईसी (KYC) की जानकारी की जांच कर लें।
अपनी जानकारी की जांच करने के बाद आपको ऑनलाइन सर्विस (Online Services) पर क्लिक करना होगा। अब आपके समक्ष एक ड्रॉप मेन्यू खुलेगा, जहां से आपको क्लेम पर क्लिक करना होगा। इस क्लेम फॉर्म को सबमिट करने के लिए आपको प्रोसीड फॉर ऑनलाइन क्लेम (Proceed For Online Claim) के विकल्प का चयन करना होगा।
पीएफ की जानकारी आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए भी मिल जाएगी। हालांकि ऑनलाइन पैसा निकालने के लिए आपका ईपीएफ खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। अगर आपका आधार ईपीएफ खाते से लिंक नहीं होगा, तो आप ऑनलाइन अपना पीएफ क्लेम नहीं कर पाएंगे।
पीएफ खाता हर कर्मचारी के भविष्य के लिए की गई बचत है। इसलिए यदि कोई मुश्किल समय न आए तो पीएफ का पैसा नहीं निकालना ही समझदारी है। आइए जानते हैं आप किन परिस्थितियों में पीएफ का कितना पैसा निकाल सकते हैं।
शादी और पढ़ाई के लिएआप अपनी या अपने भाई-बहन की या अपने बच्चों की शादी के लिए भी पीएफ की राशि को निकाल सकते हैं। वहीं अगर आपको पढ़ाई के लिए पैसों की जरूरत है, तो भी आप पीएफ की राशि को निकाल सकेंगे। हालांकि इसके लिए आपको कम से कम सात साल की नौकरी करनी होगी। आप जिस भी कारण के लिए पैसा निकालेंगे, उसका सबूत आपको देना होगा।
इलाज के लिएनियम के अनुसार आप अपने और अपने परिवार के इलाज के लिए पीएफ का पूरा पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको सबूत देना होगा कि जिसके लिए आप पैसे निकालना चाहते हैं, वो एक महीना या उससे अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती है। इसके अतिरिक्त आपको इंप्लॉयर या ईएसआई के द्वारा अप्रूव किया गया एक सर्टिफिकेट भी देना होगा।
होम लोन की रि-पेमेंट के लिएइसके अतिरिक्त अगर आपको अपने होम लोन के रि-पेमेंट के लिए पीएफ का पैसा निकालना है, तो आपकी नौकरी के 10 साल पूरे होने चाहिए। इसके लिए आप अपनी सैलरी का अधिकतम 36 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।
प्लॉट खरीदने के लिएअगर आप अपना खुद का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आप पीएफ का पैसा इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपका कार्यकाल पांच साल पूरा होना चाहिए। ये प्लॉट आप अपने, या अपनी पत्नी के या फिर दोनों के नाम पर रजिस्टर करा सकेंगे। ध्यान रहे कि पीएफ का पैसा निकालने के लिए ये अनिवार्य है कि आपकी प्रॉपर्टी किसी प्रकार के विवाद में न फंसी हो। प्लॉट खरीदने के लिए आप अपनी सैलरी का अधिकतम 24 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।
घर के रेनोवेशन के लिएअगर आप अपने घर के रेनोवेशन के लिए पीएफ का पैसा निकालना चाहते हैं तो आपके नौकरी के कम से कम पांच साल पूरे होने चाहिए। घर के रेनोवेशन के लिए आप अपनी सैलरी का अधिकतम 12 गुना तक पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं।
अक्सर लोग नौकरी बदलते हैं तो उनका पीएफ खाता नंबर बदल जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रत्येक कंपनी अपने कर्मचारी का नया पीएफ खाता खोलती है। ऐसे में कर्मचारियों को पुराने पीएफ खाते से लाभ नहीं मिल पाता था। हालांकि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर की शुरुआत होने से कर्मचारी अपने सभी पीएफ खाते को एक जगह से ही ऑपरेट कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे।
आसानी से करा सकते हैं मर्जकोई भी कर्मचारी अपने पुराने पीएफ खाते को एक ही यूएएन से लिंक करा सकता है। कर्मचारियों की सहुलियत के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने जनवरी 2014 से यूएएन की सुविधा को शुरू किया था।
इसके तहत ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी मर्ज करा सकते हैं। 2014 से पहले इससे पहले से निजी कंपनियों, कारखानों, केंद्र व राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों आदि में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों- अधिकारियों के अलग-अलग पीएफ नंबर हैं। हालात यह हैं कि किसी- किसी के तो पांच-छह तक अकाउंट हैं। इन्हें अपने सभी अकाउंट मौजूदा अकाउंट नंबर से लिंक कराना होगा।
ऑफलाइन भरना होगा यह फॉर्मअब आप ऑफलाइन भी अपने पुराने पीएफ खातों के साथ लिंक करा सकते हैं। इसके लिए ईपीएफओ ने फॉर्म 13 जारी किया है। इसमें जानकारी के अलावा इसे आपके पहले और मौजूदा कंपनी से वेरिफाई करके अप्रूव कराना होगा। यदि पहले के नियोक्ता अप्रूव नहीं करें तो मौजूदा कंपनी के अप्रूवल से ही काम हो जाएगा। इसे भरकर आपको ईपीएफओ दफ्तर में जमा करना होगा।
ऑनलाइन मर्ज करने का यह है तरीकाईपीएफओ को [emailprotected] पर मेल के जरिए सूचना देनी होगी। यहां पुराने व नए दोनों ही यूएएन नंबर भरने होंगे। इसके बाद ईपीएफओ आपके दोनों यूएएन नंबर को क्रॉस वेरीफाई करेगा। वेरिफाई करने के बाद पुरान वाला यूएएन नंबर ब्लॉक हो जाएगा। इसके बाद आप अपने पुराने वाले खाते में जमा राशि को नए वाले खाते में जमा कराने के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आपका पीएफ खाता और यूएन आपस में लिंक हो।
यह है दूसरा तरीका
सबसे पहले ईपीएफओ पोर्टल से आपको पुराने पीएफ खाते को नए पीएफ खाते में ट्रांसफर क्लेम करना होगा।
ट्रांसफर के लिए रिक्वेस्ट करने के बाद ईपीएफओ आपके ट्रांसफर क्लेम को वैरिफाई करेगा। आपको दोनों यूएएन को लिंक करने के लिए प्रक्रिया शुरू करेगा।
ट्रांसफर प्रोसेस होने के बाद ईपीएफओ आपके पिछले यूएएन को ब्लॉक कर देगा। डिएक्टिवेट किए गए यूएएन का इस्तेमाल इसके बाद नहीं हो सकेगा।
यूएएन खाते का मर्ज करने की प्रक्रिया ऑटोमैटिकली पूरी हो जाएगी। जरूरी नहीं इसके लिए एम्प्लॉई ने रिक्वेस्ट की हो।
एक बार जब ईपीएफओ आपके नए यूएएन को वेरिफाई कर लेगा तो उसे आपके पीएफ खाते से लिंक कर दिया जाएगा।
इस संबंध में कर्मचारी को एसएमएस के जरिए अलर्ट करेगा कि पुराने को डिएक्टिवेट कर दिया गया है। इसके बाद नए यूएएन को एक्टिवेट किया जा सकता है।
वैसे तो दुनिया में सात अजूबे हैं पर कई बार हमारे सामने ऐसी घटनाएं आ जाती हैं कि लगने लगता है कि इसे भी अजूबों की फेहरिस्त में शामिल कर दिया जाए। राजस्थान (Rajasthan) के भिवाड़ी (Bhiwadi) की एक घटना किसी भी तरह किसी भी अजूबे से कम नहीं है।
भिवाड़ी थाने में उस वक्त हंगामा मच गया जब एक ही इंसान पर तीन महिलाओं ने अपना हक जताना शुरू कर दिया। ये देखकर भिवाड़ी थाने में मौजूद पुलिस भी परेशान हो गई। बंटी देवी नाम की महिला ने कहा कि हरिओम उसका पति है। तीन साल पहले उसने हरिओम से शादी की है।
बंटी देवी ने ये भी कहा कि पहली शादी से उसे 12 व 14 साल की दो बेटियां भी हैं जिसे हरिओम ने अपना लिया है। वहीं सुमन नाम की दूसरी महिला का ने कहा कि हरिओम और उसके बीच किसी तरह का कोई तलाक नहीं हुआ है। अगर तलाक हुआ है तो हरिओम तलाक के कागज दिखाए।
इसी बीच मंजू नाम की तीसरी महिला प्रकट होती है उसने कहा कि वह हरिओम और उसकी पत्नी को वह पिछले 10-15 साल से जानती है। हरिओम बुरे वक्त में उसकी काफी मदद किया है। हरिओम का बेटा मंजू के ही पास रहता है इसलिए हरिओम हमेशा घर आता जाता है।
तीनों की बातों से हरिओम घनचक्कर बना वहीं बैठा रहा। उससे जब इस मामले पर सफाई देने को कहा गया तो उसने कहा कि कि 21 साल पहले नैनीताल में सुमन से शादी हुई थी, जिससे तीन बच्चे भी हैं पर सात साल पहले सुमन को तलाक दे दिया था।
तलाक देने के बाद हरिओम गुरुग्राम में अपने बेटे के साथ मंजू के घर रहता था। मंजू ने ही हरिओम के बेटे का ध्यान रखा। तीन साल पहले हरिओम ने बिना किसी को बताए भिवाड़ी की बंटी देवी से शादी कर ली। ये बात जब पहली बीवी सुमन और मंजू को पता चली तो वह एक हो गई।
सुमन ने थाने में ही जिद कर लिया कि हरिओम या तो हमारे साथ चले या फिर उसे गुजारा भत्ता दे। सुमन ने धमकी देते हुए कहा कि अगर वह अभी भी भिवाड़ी में उस महिला के साथ रहेगा तो ठीक नहीं होगा। इस मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि किसी ने अभी किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दर्ज करवाई है अगर शिकायत दर्ज होती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
उल्टापानी के नाम से जाना जाने वाला यह इलाका अंबिकापुर से 56 किलोमीटर दूर मैनपाट की गोद में बसे बिसरपानी गांव में है। स्थानीय सरगुजा भाषा में बिसरपानी का अर्थ ‘पानी का रिसना’ होता है। यहां पर मुख्यमंत्री सड़क योजना के किनारे एक छोटे से पत्थर के नीचे से निकलकर पानी की धारा ऊपर पहाड़ी की ओर 2 किलोमीटर का सफर तय करती है।
इंसान व विज्ञान की मान्यताओं को झूठलाकर यहां चार साल पहले ग्रामीणों द्वारा बनाई गई मेढ़ में पानी एक ही धार में नीचे से ऊपर पहाड़ के टीले जैसे स्थान से घूमकर दूसरे पारे में एक ही फ्लो में बह रहा है। ये देखकर बोलना ही पड़ा, ‘अद्भुत, अविश्वसनीय और अकल्पनीय’। वाकई में ये अजब-गजब मैनपाट है।
मैनपाट में प्रकृति का जल स्रोत से जुड़ा एक और हैरान कर देने वाला बेजोड़ नमूना है, जो अभी मशहूर नहीं हुआ है। इसका नाम है ‘उल्टापानी’, जिसकी खोज किसी वैज्ञानिक या रिसर्चर के जरिए नहीं, बल्कि बिसरपानी पंचायत के ग्रामीणों ने की है।
ग्राम पंचायत बिसरपानी में ऐसी कोई भी जमीन नहीं है, जो पानी न उगलती हो। यहां का वाटर लेबल काफी ऊपर है, इसकी वजह से ग्रामीणों को खेतों की सिंचाई में कभी दिक्कत नहीं आती। आज से करीब चार साल पहले यहां जमीन से एक जगह बड़ी मात्रा में निकल रहे पानी को ऊपर तक खेतों व गांव के ही दूसरे पारे में ले जाने की सोची और मेढ़ तैयार की।
इसके बाद जो हुआ, वो हैरान कर देने वाला था। इस मेढ़ से पानी गुजरते ही एक ही धार में नीचे से ऊपर घूमते हुए दूसरे पारे में जा पहुंचा और तब से इस जगह को उल्टापानी के नाम से जाना जाने लगा। ग्रामीण इस स्थान को पर्यटन के दृष्टिकोण से संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। ताकि मैनपाट में ये जगह भी प्रदेश व देश में मशहूर हो सके।
चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू ने एसआरओ 492 के तहत ऑल मोटर व्हीकल वन टाइम टैक्स नौ फीसदी को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की मांग की है। चैंबर पदाधिकारियों के अनुसार इससे ऑटो मोबाइल से जुड़े व्यापार के साथ उपभोक्ताओं को प्रभावित होना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की जेब पर टैक्स के नाम पर बोझ बढ़ा दिया गया है। ट्रांसपोर्ट विभाग जेएंडके ने राज्य के हितधारकों को विश्वास में लिए बिना ऐसा आदेश जारी कर दिया है। राज्यपाल को शीघ्र हस्तक्षेप कर उक्त एसआरओ को खत्म करना चाहिए। चैंबर हाउस में बुधवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए चैंबर प्रधान राकेश गुप्ता ने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग ने अचानक सभी नए वाहनों पर वन टाइम टैक्स नौ फीसदी और 1.5 लाख रुपये से अधिक मोटरसाइकिल पर 10 फीसदी टैक्स कर दिया है, जबकि पड़ोसी राज्यों में हिमाचल, पंजाब में तीन से छह फीसदी पंजीकरण फीस ली जा रही है और इसमें जीएसटी बाहर है।
जेएंडके में बेसिक कीमत के साथ जीएसटी को शामिल किया जा रहा है। ऑटो सेक्टर में तीस फीसदी तक गिरावट आई है। ऑटो मोबाइल उत्पादक प्लांट को बंद करने के साथ कैजुअल कर्मियों को बाहर निकाल रहे हैं। इसी तरह ऑटो मोबाइल उपकरणों की सप्लाई करने वालों की हालत है। जेएंडके में पांच लाख रुपये पर 45000 और 32.5 लाख रुपये पर 292500 रुपये वसूले जाएंगे। एनआईसी आंकड़ों में ट्रांसपोर्ट विभाग ने 2018-19 में 177 करोड़ रुपये वसूला जो अब 900 करोड़ रुपये तक हो जाएगा, इसका सीधा बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भारी टैक्स बढ़ोतरी के कारण अगस्त में अब तक 90 फीसदी आटो मोबाइल बिक्री में गिरावट आई है। इसी तरह बैंक से ऋण लेने पर वन टाइम रोड टैक्स (पंजीकरण) खर्चा वहन नहीं करता है। उन्होंने मांग की कि रोड टैक्स अधिकतम चार फीसदी तक होना चाहिए।
पूर्व सेना प्रमुख और राजमार्ग राज्यमंत्री VK सिंह ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया है। सिंह ने कहा पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह हिंदुस्तान को हल्के में ना ले। जरूरत पड़ने पर हिंदुस्तान परमाणु नीति में बदलाव कर सकता है।
दरअसल VK सिंह ने राजनाथ सिंह के परमाणु हथियार वाले बयान पर कहा कि हमें परिस्थिति के मुताबिक बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि पीओके हिंदुस्तान का हिस्सा है और कब हिंदुस्तान के पास आएगा ये वक्त बताएगा।
देश के पूर्व आर्मी अध्यक्ष VK सिंह ने कहा कि राजनाथ सिंह के परमाणु हथियार वाले बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की नीति समान है, लेकिन परिस्थिति हमें बदलने के लिए मजबूर कर सकती है। हालांकि, उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह का बयान उनका निजी विचार है इसलिए मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता। VK सिंह ने पाकिस्तान को धमकी भरे लहजे में जवाब भी दिया है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की नापाक हरकतें बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो हिंदुस्तान उससे निपटने में सक्षम है। VK सिंह ने पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने की पूर्व वित्त मंत्री ने गलत किया है, इसलिए उन्हें अरेस्ट किया गया है। पीएम मोदी ने पहले ही बताया कि चोरी करने वालों को दंडित किया जाएगा।
योग गुरु स्वामी रामदेव के सहयोगी और पतंजलि आयुर्वेद के एमडी आचार्य बालकृष्ण (47) को हार्ट अटैक की ख़बर है। बताया जा रहा है कि आचार्य बालकृष्ण को ऋषिकेश स्थित एम्स के लिए रिफर किया गया है। इससे पहले कहा जा रहा था कि उन्हें हरिद्वार स्थित हिमालयन हॉस्पिटल से जौलीग्रांट लाया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश ने भी आचार्य बालकृष्ण को इमर्जेंसी में भर्ती कराने की बात कन्फर्म की है।
रामदेव के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने कहा है, ‘हालत स्थिर है। चिंता की कोई बात नहीं है।’ हार्ट अटैक के तुरंत बाद उन्हें हरिद्वार के भूमानंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर ऋषिकेश एम्स के लिए रिफर कर दिया गया। आचार्य बालकृष्ण को शुक्रवार दोपहर पतंजलि संस्थान के बहादराबाद के फेज वन स्थित ऑफिस में रूटीन के काम निबटाते हुए सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद उनके स्टाफ में हड़कंप मच गया।
‘आचार्य बालकृष्ण की हालत में हो रहा सुधार’
आचार्य बालकृष्ण को पहले हरिद्वार स्थित भूमानंद अस्पताल में भर्ती किया गया। भूमानंद के डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताते हुए उन्हें एम्स रिफर कर दिया। एम्स अस्पताल ने बताया है कि आचार्य बालकृष्ण को इमर्जेंसी में भर्ती किया गया है और उनकी हालत मे सुधार हो रहा है।
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने पुलिस सेवा 96 अधिकारियों का तबादला किया है। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक रायपुर एएसपी क्राइम का जिम्मा पंकज चंद्रा को दिया गया है। निवेदिता पाल को बलौदाबाजार भेजा गया है। ऋचा मिश्रा को पुलिस अधीक्षक के रुप में भिलाई भेजा गया है। मनीषा ठाकुर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रुप में धमतरी भेजा गया है।