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ये हैं जम्मू कश्मीर में जन्मीं 5 सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियां, नंबर 2 है सबकी फेवरेट

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1. अंजलि अबरोल
टीवी सीरियल राजा की आएगी बारात और बॉलीवुड फिल्म सिंह साब द ग्रेट में काम करने वाली अभिनेत्री अंजलि अबरोल का जन्म जम्मू में हुआ था।उनकी सुंदरता के लाखों प्रशंसक हैं।

2. हिना खान

टीवी धारावाहिक ये रिश्ता क्या कहलाता है और अभिनेत्री हिना खान, जो कसौटी ज़िंदगी के जीवन के लिए प्रसिद्ध थी, का जन्म जम्मू और कश्मीर राज्य के श्रीनगर में हुआ था।वह टीवी की सबसे लोकप्रिय और खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक हैं।

3. Sandipa Dhar

श्रीनगर में जन्मी अभिनेत्री संदीपा धर ने 2010 में बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की। उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों जैसे दबंग 2 और हीरोपंती में काम किया है।खूबसूरती के मामले में वह कई अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ देती हैं।

4. Ekta Kaul

कई भारतीय टीवी धारावाहिकों में काम कर चुकीं अभिनेत्री एकता कौल का जन्म जम्मू में हुआ था।अब वह मुंबई में रहती है।

5. अंकिता शोरे

अंकिता शोरे एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं।वह जम्मू और कश्मीर में पैदा हुई थी।26 वर्षीय अभिनेत्री की खूबसूरती के लाखों प्रशंसक हैं।

DWARKADHISH RATLAM : मप्र का चमत्कारी कृष्ण मंदिर: हर रात द्वारकाधीश की प्रतिमा गायब हो जाती थी |

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वैसे तो देश में भगवान श्रीकृष्ण के कई चमत्कारी मंदिर हैं। उनसे जुड़े किस्से कहानियां किसी को भी हैरान कर देते हैं लेकिन रतलाम का द्वारकाधीश मंदिर भी कुछ कम नहीं है। इस मंदिर से जुड़ी कहानी हर किसी को हैरान कर देती है। शहर के बीचों-बीच सुनारों की गली में मौजूद ये द्वारकाधीश मंदिर करीब 300 साल पुराना है। इस मंदिर में जो भगवान द्वारकाधीश की मूर्ति स्थापित है वो बड़ी चमत्कारी मानी जाती है।

पालीवाल मारवाड़ी ब्राह्मण समाज ने स्थापना करवाई थी

द्वारकाधीश के मुख्य मंदिर की शैली जैसे बने इस मंदिर में साधुओं की जमात से ली गई प्रतिमा शहर के पालीवाल मारवाड़ी ब्राह्मण समाज द्वारा स्थापित की गई थी। ऐसी मान्यता है कि स्थापना के बाद से हर रात द्वारकाधीश की ये मूर्ति मंदिर से गायब हो जाती और अगले दिन उन्हीं साधुओं के पास मिलती, जिनसे लेकर इस मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया गया था। कई सालों तक ये सिलसिला चलता रहा। इसके बाद इस मूर्ति को अभिमंत्रित करवाया गया। तभी से ही भगवान द्वारकाधीश यहां विराजित हैं और लोग दूर-दूर से इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। खासतौर पर कृष्ण जन्माष्टमी पर तो भक्तों का तांता लग जाता है।

पालीवाल परिवार की 6वीं पीढ़ी सेवा कर रही है

मंदिर की स्थापना करने वाले काशीराम की छठी पीढ़ी की कांता (लल्लीबाई) और इनके दो बेटे योगेश व मुकेश पालीवाल का परिवार मंदिर की व्यवस्था संभालता है। पालीवाल परिवार के जिन पांच पीढ़ियों के लोगों ने मंदिर को संभाला उनकी तस्वीरें भी मंदिर परिसर में लगी हैं। परिवार के सदस्य ही पूजा-पाठ और आरती करते हैं।

मुख्य द्वारकाधीश मंदिर की शैली में बना है

मुख्य द्वारकाधीश मंदिर की शैली के अनुरूप यहां सात गोलाईनुमा दरवाजे हैं। वहीं भगवान की मूर्ति काले पत्थर से बनी है। हर रोज भगवान द्वारकाधीश की मूर्ति का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। रात में भगवान के शयन के लिए गर्भ गृह में एक छोटा पलंग व शयन के वस्त्र भी रखे जाते हैं।

भगवान ने पालीवाल को श्राप दिया था

भगवान द्वारकाधीश का श्राप काशीराम पालीवाल को मिला था कि 5 पीढ़ियों तक उनका परिवार निसंतान रहेगा। काशीराम पालीवाल के बाद 5 पीढ़ियां लगातार निसंतान रही और संतान गोद लेकर वंश को आगे बढाया। अब छठी पीढ़ी में श्राप मुक्त होकर परिवार में जन्म लिया है, लेकिन काशीनाथ पालीवाल के बाद किसी भी पीढ़ी ने मंदिर कि सेवा करना बंद नहीं किया और आज तक पीढ़ी दर पीढ़ी यही परिवार इस प्राचीन मंदिर में सेवा करता आ रहा है। मंदिर में काशीराम पालीवाल के बाद कि सभी पीढ़ियों के परिवार के मुखिया की तस्वीरे इस मंदिर में आज भी मौजूद हैं।

बिश्नोई समाज का ऐतिहासिक फैसला : मृत्युभोज पर लगाई रोक

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बिश्नोई समाज ने सालों से चली आ रही मृत्युभोज की प्रथा पर पाबंदी लगाकर ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वक्त के साथ कदमताल की है। इस कुप्रथा के खात्मे की शुरूआत जिले के गांव बुर्जभंगु से की गई। गांव में गत दिवस भगवानदास बैनीवाल पुत्र बीरबल राम बैनीवाल की मृत्यु हो गई। गांव में उनके परिवार के लगभग 50 घर व ढाणियां हैं।

इस संबंध में पूर्व सरपंच अजमेर सिंह बैनीवाल की अध्यक्षता में इन सभी परिवारों ने बैठक की। इस दौरान पूरे परिवार ने एकमत से निर्णय लिया कि आज के बाद भविष्य में मृत्युभोज जैसी कु प्रथा आयोजित नहीं करेंगे और शोक भी अलग-अलग स्थानों की बजाए एक स्थान पर 7 दिन के लिए रखा जाएगा। बिश्नोई सभा सिरसा ने बैनीवाल परिवार के मृत्यु-भोज बंद करने के साहसिक एवं ऐतिहासिक निर्णय की प्रशंसा की है और समाज के अन्य बंधुओं से भी इस निर्णय का अनुकरण करने पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।

अंबानी के इस स्कूल में अरबपति ही पढ़ा सकते हैं अपने बच्चे, फीस जानकर न होगा यकीन

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आज के जमाने में एक बच्चे को पढ़ा-लिखाकर काबिल बना देना माता-पिता के लिए बहुत ज्यादा बड़ी और कठिन जिम्मेदारी होती है. आम लोग तो अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाते हैं लेकिन अगर किसी की अच्छी कमाई है तो वे उन्हें किसी बड़े और प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना चाहेंगे. इसके अलावा जो सेलिब्रिटीज होते हैं उनके बच्चों का स्कूल ही अलग होता है. जैसे मुंबई में कई ऐसे कॉलेज हैं जहां पर कई अरबपति अपने बच्चों को वहां पढ़वा रहे हैं. स्कूल का नाम है धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल, जहां पर फिल्मी, खेल, राजनीति और बिजनेसमैन के बच्चे ही पड़ते हैं क्योकि यहां पर लाखों रुपये डोनेशन लगती है. सिर्फ अरबपति ही पढ़ा सकते हैं अंबानी के इस स्कूल में, चलिए बताते हैं क्या है इस स्कूल की फीस ?

सिर्फ अरबपति ही पढ़ा सकते हैं अंबानी के इस स्कूल में

21वी सदी का सच ये है कि दुनिया के हर माता-पिता दो चीजों में समझौता नहीं करते हैं. एक शिक्षा और दूसरी चिकित्सा, क्योंकि ये दोनों ही उनके बच्चों के लिए बहुत जरूरी होता है. गरीब से गरीब माता पिता अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं और जरूरत पड़ती है तो अच्छे से अच्छे डॉक्टर का इलाज करवाते हैं. देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी ने पिता की याद में एक स्कूल बनाया है जिसका नाम धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल है और यहां पर फीस इतनी है जो आपके होश उड़ा सकती है. ये देश के सबसे ऊंचे रैंक वाला स्कूल है और यहां की फीस इतनी है कि आम आदमी तो बस सपने में ही अपने बच्चों को यहां पढ़ा सकता है. ये स्कूल बॉलीवुड सेलिब्रिटीज का फेवरेट स्कूल है और यहां पर शाहरुख खान के बेटे अबराम, ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या के अलावा भी कई सितारों के बच्चे पढ़ते हैं.

धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में क्रिकेट सम्राट सचिन तेंदुलकर और बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार के बच्चे भी पढ़ चुके हैं. इस स्कूल का संचालन मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी करती हैं और वे यहां की चेयरपर्सन भी हैं. नीता अंबानी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि जब एडमिशन का समय आता है तब वे अपना फोन स्विच ऑफ कर देती हैं जिससे कोई यहां पर सिफारिश की बात नहीं कर पाए. नीता अंबानी की बहन ममता भी इसी स्कूल में पढ़ाती हैं. मुंबई के बांद्रा में स्थित अंबानी स्कूल को शुरु करते समय ममता ने ही नीता की काफी मदद की थी और सबसे मजे की बात तो ये है कि नीता ये कह चुकी हैं कि स्कूल खोलते समय उन्हें इस बात का काफी डर था कि ये स्कूल चलेगा या नहीं. अंबानी स्कूल को कई शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ी रैंकिंग्स में देश के 10 सबसे बेहतरीन स्कूल में जोड़ा गया है. स्कूल को नंबर वन इंटरनेशनल स्कूल का खिताब भी मिल चुका है. इस स्कूल के वार्षिक महोत्सव में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय, ऋतिर रोशन जैसे कई सितारे शिरकत करते हैं.

जानिए इस शानदार स्कूल की फीस

साल 2003 में इस स्कूल की शुरुआत हुई थी और इस स्कूल में करीब 7 मंजिले हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एलकेजी से 7वीं तक की फीस 1 लाख 70 हजार रुपये, 8वीं से 10वीं कक्षा (आईसीएसई बोर्ड) की फीस 1 लाख 85 हजार रुपये, 8वीं से 10वीं (आईसीएसई बोर्ड) के लिए 4 लाख 48 हजार रुपये है. यह स्कूल खासतौर पर इंटरनेशनल बैकालुरेट आईबी कोर्स पर चलता है. ये स्कूल मल्टीमीडिया प्रोजेकटर्स से लेट आईटी इलेविल्ड क्लासरूम है. इस स्कूल में एडमिशन के लिए आप वेबसाइट पर दिए फोन नंबर पर बात कर सकते हैं.

शौचालय में रहने को मजबूर 65 साल की महिला, बेटी भी कभी नहीं आई मिलने

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तमिलनाडु के मदुरै की एक 65 साल की महिला की दिल की दहला देने वाली कहानी सामने आई है। यह महिला पिछले 19 सालों से सार्वजनिक शौचालय में जीवन बसर करने के लिए मजबूर है। महिला का नाम करुप्पयी है, जिसकी तस्वीर भई सामने आई है। महिला की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी तस्वीर के साथ कहा गया है कि यह महिला पिछले 19 साल से इसी सार्वजिनक शौचालय में रहने के लिए मजबूर है। शौचालय की साफ सफाई करती है वहीं पर एक मामूली राशि लेती है जिसके जरिए अपनी अजीविका चला रही है। करुप्पयी ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा है कि उसने वरिष्ठ नागरिक पेंशन के लिए कई बार आवेदन किया है लेकिन उसे नहीं मिला।

मैंने कलेक्टर कार्यालय में कई अधिकारियों से संपर्क किया है लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। महिला ने बताया कि उसके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। इसलिए मैं यहां एक सार्वजनिक शौचालय में रहती हूं। दिन में 70-80 रुपए कमाती हूं, मेरी एक बेटी भी है जो मुझसे कभी मिलने नहीं आई। फिलहाल यह महिला शौचालय की साफ-सफाई और लोगों से मिले पैसों के जरिए अपनी आजीविका चला रही है। यहां तक कि करुप्पयी के पास जीवन जिने के लिए बुनियादी सुविधाए भी नहीं हैं।

बता दें कि सोशल मीडिया पर जैसे ही महिला की शौचालय में रहने वाली तस्वीर वायरल हुई लोगों ने प्रतिक्रिया भी देनी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने सरकार से मदद की अपील की है तो कुछ लोग एक दूसरे से मदद की अपील करने की बात कह रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसके लिए राज्य और केंद्र दोनों ही सरकारों को जिम्मेदारा ठहरा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में येलो अलर्ट जारी, अगले 24 घंटों में इन इलाकों में हो सकती है भारी बारिश

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों के भीतर जमकर बारिश(Rainfall) हो सकती है. बारिश को देखते हुए मौसम विभाग (Weather department) ) ने येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी कर दिया है. वेदर डिपार्टमेंट के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ दक्षिण बस्तर (Bastar) के कई जिलों में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं गुरुवार को सुबह से दोपहर तक हल्की धूप की वजह से तापमान (Temperature) में थोड़ा इजाफा हुआ. हवा में थोड़ी नमी रही लेकिन शाम को बादल घिरे और कुछ इलाकों में बारिश हुई. मिली जानकारी के मुताबिक बारिश की वजह से तापमान में 4 डिग्री की गिरावट आई. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बौछारें (Shower of Rain) पड़ने की संभावना है.

मौसम विभाग ने जारी किया ये पूर्वानुमान:

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में संभाग में मध्यम से भारी और कुछ स्थानों पर अतिभारी बारिश (Heavy Rain) हो सकती है. बीते 48 घंटे से सूबे में मानसून की गतिविधि सक्रिय है. चक्रवात, द्रोणिका का प्रभाव लगातार बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक सरगुजा,कोरिया,रायगढ़,जांजगीर,सुकमा,बीजापुर,जगदपुर सहित कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है. बता दें कि बस्तर संभाग में अब तक दोगुने से अधिक बारिश हो चुकी है वहीं मैदानी इलाके जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बिलासपुर, नांदगांव, रायगढ़, कोरिया, कोरबा और सरगुजा संभाग आता वहां कम बारिश हुई है.

मिली जानकारी के मुताबिक पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) और उससे सटे दक्षिण उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)पर कम दाब का चक्रवाती घेरा (Low pressure cyclone) समुद्र तल (Sea Level) से 3.1 किमी ऊपर तक और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है. समुद्र तल पर मानसून के द्रोणिका (Trough) का पश्चिमी हिमालय की तराई और पूर्वी छोर अब निम्न दाब का क्षेत्र और दक्षिण पूर्व से पूर्वी बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) तक फैला हुआ है. ओडिशा तट तथा उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम मध्य और उससे सटे चक्रवाती घेरा बना हुआ है. इस वजह से छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है.

बिलासपुर में चलती बस में लगी आग, यात्रियों ने ऐसे भाग कर बचाई जान

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) में शुक्रवार की शाम एक चलती यात्री बस (Bus) में अचानक आग लग गई. आग (Fire) लगने के बाद यात्रियों में अफरा तफरी मच गई. इसके बाद यात्री जल्दबाजी में बस से उतरे और भागने लगे. बस चालक (Bus Driver) ने सजगता दिखाते हुए बस को ऐसी जगह खड़ा कर दिया जहां, लोगों की आवाजाही कम रहती है. इसके बाद फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) को सूचना दी गई. बिलासपुर के नेहरू चौक के पास घटना हुई है. सूचना के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कुछ देर बाद आग पर काबू पा लिया. इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

इस भयानक हादसे में राहत की बात ये है कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है. मौके पर पुलिस की टीम भी पहुंच गई. बस में आग की सूचना के बाद से ही वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी. पुलिस ने जलती बस से लोगों को दूर रहने की हिदायत दी. बताया जा रहा है कि जहां पर बस में आग लगी, वहीं हाई कोर्ट के जस्टिस का बंगला भी है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बस नेहरू चौक से कोनी की ओर जा रही थी. जिस वक्त घटना हुई, उस दौरान बस में 30 से अधिक यात्री मौजूद थे. यात्रियों की सूझबूझ से कोई भी हताहत नहीं हुआ.

39 हजार के करीब सोना, आर्थिक सुस्‍ती के दौर में क्‍यों बढ़ रही कीमत?

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भारत समेत दुनियाभर में आर्थिक सुस्‍ती का दौर चल रहा है. इस माहौल में दुनियाभर में सोने की कीमत में भी तेजी देखने को मिल रही है. अगर भारत के संदर्भ में बात करें तो सोने का भाव 39 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के करीब है. बीते गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 150 रुपये की तेजी के साथ 38,970 रुपये की नई ऊंचाई को छू गया. यह अब तक का सबसे महंगा भाव है. इसी तरह चांदी की कीमत ने भी 45 हजार प्रति किलोग्राम के भाव को पार कर लिया है. ऐसे में सवाल है कि आर्थिक सुस्‍ती की हालत में सोने की डिमांड क्‍यों बढ़ रही है. आइए जानते हैं पूरे मामले को..

क्‍यों बढ़ती है कीमत

दरअसल, सोने को सुरक्षित निवेश का सबसे बेहतर साधन माना जाता है. ऐसे में जब भी निवेशकों को आर्थिक हालात ठीक नहीं लगते तब वह सोने के निवेश को प्राथमिकता देते हैं. इसका नतीजा ये होता है कि सोने की डिमांड बढ़ जाती है. सोने की डिमांड बढ़ने की वजह से कीमत में इजाफा होता है. इसके अलावा घरेलू बाजार में खरीदारी ज्‍यादा होती है, तब भी सोने के भाव में तेजी आती है. खासतौर पर त्‍योहारी सीजन में सोने की खरीदारी बढ़ जाती है. वहीं सरकार की नीतियों और फैसलों का भी सोने के भाव पर असर पड़ता है.

भारत में क्‍यों महंगा हो रहा सोना

1. भारत में सोने के भाव बढ़ने के कई कारण हैं. पहला सबसे बड़ा कारण आम बजट में सोने पर सरकार का फैसला है. दरअसल, बीते जुलाई महीने में आम बजट पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गोल्‍ड पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है. आयात शुल्‍क बढ़ने की वजह से गोल्‍ड का कारोबार तेजी से घटा है. बता दें कि भारत गोल्‍ड का बहुत बड़ा आयातक है. यह अपनी जरूरत का ज्यादा हिस्सा आयात करता है.

2. सोने के भाव में तेजी की दूसरी सबसे बड़ी वजह आरबीआई द्वारा लगातार रेपो रेट में की जा रही कटौती है. वैसे रेपो रेट में कटौती का आम लोगों को सीधा फायदा तो मिलता है लेकिन अप्रत्‍यक्ष रूप से सोने के भाव में बढ़ोतरी भी इसी वजह से होती है. दरअसल, रेपो रेट में कटौती का मतलब है कि बैंक अब आरबीआई से ज्यादा आसानी से लोन ले पाएंगे. इसके बाद बैंकों में पैसों का प्रवाह बढ़ेगा. फिर बैंक बाजार में लोन देगा. इस पूरी प्रक्रिया में पैसों का प्रवाह बढ़ेगा. इसका नतीजा ये होगा कि संस्थाएं और आम लोग अपने पैसों का निवेश सोना खरीदने की ओर करेंगे. इससे सोने की डिमांड और कीमत दोनों बढ़ेगी.

3. अगर दो-चार दिनों को छोड़ दें तो आम बजट के बाद से भारतीय शेयर बाजार की सेहत बिगड़ती जा रही है. बीते मई महीने में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद 40 हजार के आंकड़े को पार करने वाला सेंसेक्‍स मौजूदा वक्‍त में 37 हजार के नीचे कारोबार कर रहा है. इसी तरह निफ्टी भी 12 हजार से लुढ़क कर 10 हजार 700 के स्‍तर तक आ गया है.

यही नहीं, जुलाई महीने में भारतीय बाजार ने 17 साल का सबसे खराब प्रदर्शन किया है. बाजार के जानकारों के मुताबिक आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेश पर सरचार्ज लगाने का ऐलान किया था. इसके बाद से शेयर बाजार की हालत बदतर हो गई है. इस सुस्‍ती की वजह से निवेशक अपने शेयर बेचक सोने में निवेश पर जोर दे रहे हैं. जाहिर है, डिमांड बढ़ने की वजह से कीमत में भी इजाफा हुआ है.

4. देश में सोने की कीमत में तेजी की एक बड़ी वजह ग्लोबल राजनीतिक संकट है. दरअसल, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बरकरार है. हाल ही में अमेरिका की ओर से चीन की वस्‍तुओं पर आयात शुल्‍क लगा दिया गया है. वहीं चीन पर अपनी करेंसी युआन के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं. इन हालातों में चीन की ओर से कठोर जवाब के संकेत मिल रहे हैं. इन सभी हालातों ने भी निवेशकों में भय का माहौल बनाया है. इसके अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं ने भी निवेशकों को डराया है. बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने ग्लोबल इकनॉमिक ग्रोथ रेट का अनुमान 3.5 से घटाकर 3.3% कर दिया है.

और बढ़ेगी कीमत?

जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमत बढ़ सकती है. दरअसल, देश में त्‍योहारी सीजन आ रहा है. इस सीजन में सोने की डिमांड बढ़ने की उम्‍मीद है. अगर ऐसा होता है तो सोने की कीमतों में इजाफा होगा और यह 40 हजार के आंकड़े को पार कर सकता है.

इस देश के मुर्दों को भी देना पड़ता है किराया, जानें क्या है रहस्य

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दुनिया में कई रोचक नियम कानून है जिनको सुन कर आप हैरान जरूर हो जाएंगे। जी हां, मध्य अमेरिका में स्थित एक देश है ग्वाटेमाला, ये देश हरियाली और खूबसूरती से भरा हुआ है, जो कभी गृहयुद्ध की आग में जल रहा था, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोग हमेशा मुस्कुराते रहते हैं।

क्राइम के मामले ये देश अव्वल नंबर पर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में सबसे ज्यादा हत्याएं ग्वाटेमाला में ही होती हैं, लेकिन इसके बावजूद यह हमेशा मुस्कुराते रहने वाले लोगों का देश है। हैप्पीनेस इंडेक्स के मामले में 1.66 करोड़ की आबादी वाला यह देश पहले पायदान पर है।

इतना ही नहीं, इस देश में महिलाएं अपने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए उन्हें बर्फीले पानी में डुबकियां लगवाती हैं। ऐसा करने से बच्चों तो बहुत रोते हैं, लेकिन ये हर मां की विवशता है। साथ ही ग्वाटेमाला में शादियों के नियम भी काफी अजीब हैं। यहां शादियों में दूल्हे की मां, दूल्हा और दुल्हन की सुख-समृद्धि के लिए एक सफेद घंटी तोड़ती है।

बता दें, यहां की सार्वजनिक बसों को लोग ‘चिकन बस’ कहकर पुकारते हैं, क्योंकि इन बसों में यात्रियों के साथ-साथ भारी संख्या में बकरियां और मुर्गियां भी सफर करती हैं।

सबसे चौकानें वाली बात ये है कि यहां मुर्दों को कब्र में रखने के लिए भी हर महीने किराया भरना पड़ता है। जिस शख्स के परिजन की कब्र होती है, अगर वो किसी महीने किराया नहीं दे पाता है तो मुर्दे को कब्र से बाहर निकालकर रख दिया जाता है और उस कब्र में किसी और मुर्दे को रख दिया जाता है। सरकार द्वारा हर शहर के बाहर एक कब्रगाह बनाया गया है और वहां उन मुर्दों को दफनाया जाता है, जिसके परिजन हर महीने किराया नहीं भर पाते हैं।

नच बलिए9- लाख कोशिशों के बावजूद नहीं खत्म हुई इस कपल की नफरत, अब जड़ा थप्पड़

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टीवी के पॉपुलर रियलिटी शो नच बलिए 9 इन दिनों काफी जोरों शोरो से टीआरपी की लिस्ट में छाया हुआ है।शो को इस साल सलमान खान प्रोड्यूस कर रहे है यही कारण है की सलमान खान ने शो में काफी बदलाव किये है जिसमें सबसे बड़ी बात जो कि इस फिल्म में देखने को मिली वो है एक्स कप्ल्स की शो में एंट्री।

दरअसल शो में यूं तो सबकुछ अच्छा जा रहा है लेकिन एक कपल ने शो में हर किसी की नाक में दम कर रखा है।जो कि कोई और नहीं बल्कि विशाल और मधुरिमा है।दरअसल जब से शो शुरू हुआ है तभी से दोनों के बीच विवाद की खबरें सामने आ रही हैं। अब लीजिए एक बार फिर से ऐसी खबर आई है कि जिसे जानने के बाद आपके भी होश उड़ जाएंगे।

इतना ही नहीं हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में इस शो के सेट पर मधुरिमा ने विशाल को थप्पड़ मारा है। बिल्कुल सही सुन रहे हैं आप। रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में मधुरिमा ने विशाल को रिहर्सल के दौरान थप्पड़ मारा है।अब जब मधुरिमा ने विशाल को थप्पड मारा तो वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

इतना ही नहीं इस दौरान सामने आई एक खबर में बताया गया कि दोनों ही रिहर्सल कर रहे थे कि इसी बीच दोनों के बीच कुछ बात हुई है। इसी दौरान मधुरिमा ने विशाल को थप्पड़ रसीद कर दिया। इतना ही नहीं मधुरिमा विशाल को चांटा मारने के बाद जोर से धक्का भी देती दिख रही हैं।ऐसे में विशाल-मधुरिमा पूरी टीम के सामने ही रिहर्सल कर रहे थे। उनके साथ उनके कॉरियोग्राफर्स भी मौजूद थे। वैसे ये पहली बार नहीं है जब इन दोनों के बीच शो के सेट पर हंगामा हुआ हो।इससे पहले भी दोनों शो के पहले दिन से ही इस तरह की हरकतें कर रहे है।