वर्तमान समय में लड़कियां कदम से कदम मिलाते हुए आगे बढ़ रही हैं और लड़कों का मुकाबला कर रही हैं। ऐसे में वह समय गया जब शादी के समय लड़कियों से उनकी इच्छा नहीं पूंछी जाती थी। आजकल लड़कियों से उनकी राय भी ली जाती हैं और उनका फैसला भी जाना जाता हैं। लेकिन अक्सर देखा गया हैं कि कई लड़कियां शादी से दूर भागती हैं और वे अभी शादी ना करने का फैसला लेती हैं। लड़कियों के इस फैसले की वजह कई कारण बनते हैं जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं।
1. शादीशुदा जिंदगी आसान नहीं होती है और गृहस्थ जीवन को निभाना बहुत मुश्किल काम होता है। कुछ लोग तो इससे डरकर ही शादी के लिए मना कर देते हैं तो कुछ शादी में आने वाली परेशानियों से घबरा जाते हैं। कुछ लड़कियां इसी डर की वजह से शादी के रिश्ते से कतराती हैं।
2. शादी के बाद लड़कियों को कई तरह की बातों पर ध्यान देना पड़ता है। परिवार वालों और पति के कहने पर चलना पड़ता है। अब लड़कियों को अपनी लाइफ में दूसरों की दखलअंदाजी पसंद नहीं होती है और वो इस वजह से शादी के बंधन से दूर भागती हैं।
3. कई लड़कियों का मानना है कि शादी में हमेशा किटकिट बनी रहती है। कुछ लड़कियों को अकेले रहना पसंद होता है और इससे उनके दिल को सुकून मिलता है। इन लड़कियों का मूल मंत्र अकेले रहकर खुशी भरी लाइफ जीना है क्योंकि इन्हें ऐसे ही सुकून मिलता है।
4. आपने भी वो कहावत सुनी होगी कि जुड़ना आसान है लेकिन किसी इंसान से हमेशा के लिए जुड़े रहना बहुत मुश्किल है। कुछ लड़कियों को किसी से जुड़़ना पसंद नहीं होता है और वो अकेले रहना ही चाहती हैं। ये लड़कियां किसी के साथ दिल लगाकर अपने आप को तकलीफ नहीं देना चाहती हैं क्योंकि ऐसे रिश्तों में भावनात्मक रूप से जुड़ना पड़ता है। बस इसी बात से वो कतराती हैं।
5. कुछ लड़कियां हमेशा मजे में रहती हैं और उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं होता है। उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि कोई और उनके बारे में क्या सोच रहा है। उन्हें तो बस अपनी आजादी पसंद होती है और वो रोज़ की तू-तू मै-मै से बचना चाहती हैं।
पश्चिम बंगाल की महिला रानू मंडल, जो लता मंगेशकर के एक सदाबहार गाने एक प्यार का नगमा ‘के गाने के बाद रातों-रात सोशल मीडिया पर सनसनी बन गई अब उन्हें संगीतकार-गायक हिमेश रेशमिया को जबरदस्त ऑफर मिला है। दरअसल हिमेश रेशमिया ने रानू मोंडल को अपनी अपकमिंग फिल्म हैप्पी हार्डी और हीर में गाने का प्रस्ताव दिया है।
इस बात की पुष्टि खुद हिमेश रेशमिया ने की है। उन्होंने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा कि “आज, मैं रानू जी से मिला, और मुझे लगता है कि वह दिव्यता से धन्य हैं। उनका गायन मंत्रमुग्ध कर देने वाला था, और मैं खुद को रोक नहीं पाया और मेरे तरफ से जो संभव हो सकता था वो मैने किया। उसके पास एक गॉड गिफ्ट है, जिसे दुनिया के साथ शेयर करने की आवश्यकता है। और मुझे लगता है कि मेरी आने वाली फिल्म हैप्पी हार्डी और हीर में उसके गाने के जरिए मैं उसकी आवाज को दुनियाभर तक पहुंचाने में मदद करूंगा। “
”हिमेश ने बताया कि राइटर सलीम खान ने उन्हें सलाह दी थी कि अगर वह किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति से मिलते हैं तो तो उन्हें उसे जाने नहीं देना चाहिए। बल्कि उसकी प्रतिभा को तरासने में उसकी मदद करनी चाहिए।”
बता दें कि इस गाने का बोल ‘तेरी मेरी कहानी’ है, और रानू ने हाल ही में रेशमिया की फिल्म के लिए ट्रैक रिकॉर्ड किया है।
कौन हैं रानू मंडल
रानू मंडल का जन्म कृष्णानगर में हुआ था, लेकिन बचपन में अपनी माँ की मौत के बाद उन्होंने अपना अधिकांश बचपन रानाघाट में अपनी मौसी के यहाँ बिताया। 19 साल की उम्र में, रानू की शादी उसके पड़ोसी बबलू मंडल से हो गई थी और यह कपल रोजी रोटी की तलाश में मुंबई पहुंच गया। हालाँकि, वह डिप्रेशन के कारण लगभग एक दशक पहले राणाघाट लौट आई थी और तब से वह गरीबी में अकेली रह रही है।
इश्क, प्यार, मोहब्बत जब परवान चढ़ती है तो न किसी को उम्र की सीमा नजर आती है न जन्म का बंधन। शायद ही आपमें कोई ऐसा हो जो इस बात को समझ न सके। रिश्ते दिलों से बनते हैं और उनमें प्यार होना बेहद जरूरी है।
लेकिन क्या आप यह सोच सकते हैं कि कोई प्यार में जन्म, उम्र ही नहीं बल्कि रिश्तों को भी दरकिनार कर देते हैं? हम जानते हैं कि यह सुनकर आप सोच रहे होंगे भला रिश्ता कैसे दरकिनार कर सकता है या कुछ के मन में यह ख्याल आ रहा होगा कि शायद यहां फैमिली मैंबर्स की बात हो रही है, जो उन्हें प्यार के पास जाने से रोकते हैं।
नहीं, हम बात 2 लवर्स की ही कर रहे हैं। जी हां, ऐसे तमाम लोग है जो अपनी ही बहन या किसी खास रिश्तेदार से ही प्यार कर बैठते हैं और ताउम्र उनके साथ जीने मरने की कसमें खाते हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे ऐसे 5 खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने अपनी ही बहन या रिश्तेदार के साथ शादी कर ली…
1-वीरेंद्र सहवाग – आरती अहलावत
भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की महान बल्लेबाजों की लिस्ट में शुमार हैं। सहवाग ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर कई रिकॉर्ड स्थापित किए और भारतीय क्रिकेट की इतिहास में अपने नाम का लोहा मनवाया।
वीरेंद्र सहवाग की पर्सनल लाइफ भी काफी मजेदार रही है। उन्होंने अपने बचपन की दोस्त आरती अहलावत से शादी की। वीरेंद्र सहवाग और आरती की लव स्टोरी तब ही शुरू हो गई थी, जब वह मात्र 7 साल के थे। लेकिन इनके रिश्ते में ट्विस्ट तब आया जब सहवाग के कजिन की शादी आरती की बुआ से हो गई।
इसके बाद इन दोनों ने परिवार को मनाने के लिए हर संभव कोशिश की तब जाकर महज तीन साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद 22 अप्रैल 2004 को वीरेंद्र सहवाग और आरती अहलावत शादी के बंधन में बंधे।
रिश्तेदार से शादी करने का पूरे परिवार ने कड़ा विरोध किया, लेकिन प्यार है जनाब परवान चढ़ता है, तो उतरने का नाम ही नहीं लेता है।
2- मुस्तफिजुर रहमान – सामिया परवीन
मुस्तफ़िजुर रहमान बांग्लादेश क्रिकेट टीम के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों की लिस्ट में शुमार हैं। उनके सामने धाकड़ से धाकड़ बल्लेबाज भी बल्ला चलाने से पहले सोच-विचार कर लेते हैं।
वैसे किसी की भी पर्सनल लाइफ में इंटरफेयर करने का किसी को भी हक नहीं होता। लेकिन आज जबकि इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं उन खिलाड़ियों की लिस्ट जिन्होंने अपने रिश्तेदारों से ही शादी की है।
मुस्तफ़िजुर रहमान ने न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में हुए आतंकी हमलों में कुछ बांग्लादेश क्रिकेट खिलाड़ियों की जान बाल बाल बची थी।
इस घटना के तुरंत बाद मुस्तफ़िजुर रहमान ने शादी करने का फैसला किया। मुस्तफ़िजुर रहमान ने अपनी चचेरी बहन सामिया परवीन के साथ शादी की है।
सामिया परवीन ढाका यूनिवर्सिटी में साइकोलॉजी की छात्रा हैं। मुस्तफ़िजुर रहमान ने 2019 विश्व कप के बाद शादी का रिसेप्शन काफी धूमधाम से दिया था।
3 मोसद्देक हुसैन – शरमीन समीरा उषा
प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर मोसद्देक हुसैन बांग्लादेश क्रिकेट टीम के उभरते सितारे हैं। उन्होंने अपने शानदार परर्फॉर्मेंस से सभी का दिल जीत लिया। घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
इंग्लैंड एंड वेल्स में खेले गए आईसीसी विश्व कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि उनकी टीम का सफर सेमीफाइनल से पहले ही खत्म हो गया लेकिन इस खिलाड़ी ने अपनी छाप छोड़ी।
वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले बांग्लादेश के एकमात्र बल्लेबाज हैं। मोसद्देक हुसैन अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। साल 2012 में महज 16 साल की उम्र में मोसद्देक हुसैन ने अपनी चचेरे बहन शरमीन समीरा से शादी कर ली।
हालांकि शादी के बाद वह विवादों के घेरे में भी रही। आपको बता दें, इसके बाद इस स्टार खिलाड़ी पर अपनी पत्नी को दहेज के लिए परेशान करने का भी आरोप लगाया गया था। इस घटना के बाद मोसद्देक हुसैन ने टीम से अपना स्थान भी गवां दिया।
4 -शाहिद अफरीदी-नादिया अफरीदी
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज जिन्हें बूम-बूम अफरीदी के नाम से जाना जाता है वह भी उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार है जिन्होंने अपने परिवार की ही लड़की के साथ शादी की है।
शाहिद का खेल तो आप सभी को पता होगा कि जब यह तेज गेंदबाज मैदान पर उतरता था, तो बड़े-बड़े बल्लेबाज बल्ला चलाने से पहले संकोच करते नजर आते थे।
इस खिलाड़ी की कई भारतीय खिलाड़ियों से मैदान पर ही झड़प भी हुई है। लेकिन आज हम आपको इनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बताते हैं। शाहिद अफऱीदी ने महज 20 साल की कम उम्र में शादी करने का फैसला किया। शाहिद अफरीदी अपनी शादी को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं।
दरअसल शाहिद अफरीदी ने अपनी ममेरी बहन नादिया से शादी की है, जो पेशे से डॉक्टर भी हैं। शाहिद अफरीदी और उनकी ममेरी बहन नादिया की शादी 22 अक्टूबर 2000 को हुई थी। इस समय अफरीदी और नादिया की 4 बेटियां हैं।
सईद अनवर- लुब्ना अनवर
इस्लाम धर्म में अपने किसी रिश्तेदार से शादी करने पर कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए इस लिस्ट में आपको अधिकतर खिलाड़ी इस्लामीय ही मिले। पाकिस्तान के एक और खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने रिश्तेदार से शादी की थी।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर की गिनती पाकिस्तान के सबसे बड़े बल्लेबाजों में होती है। विशेष रूप से सईद अनवर को कट्टर प्रतिद्वंद्वि भारत के खिलाफ रन बनाने की आदत थी।
भारत के खिलाफ चेन्नई में सईद अनवर ने वनडे में 194 रनों की यादगार पारी खेली थी। सईद अनवर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं।
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर ने सन 1996 में अपनी चचेरी बहन लुबना के साथ निकाह कर जिंदगी साथ बिताने का वादा किया। लुबना पेशे से एक डॉक्टर हैं।
अनवर के पर्सनल लाइफ काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। 2001 में एक बड़ी घटना घटी, जब बीमारी की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई। बता दें कि सईद अनवर ने 2003 विश्व कप के बाद क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं।
बॉलीवुड में यूं तो कई सिंगर है लेकिन कुछ सिंगर्स ऐसे होते है जिनकी बात ही कुछ अलग होती है इंडस्ट्री मे सक्रिय ना रहते हुए भी इन सिंगर्स को याद किया जाता है और फिर वही इनका एक गाना आने पर हर कोई उसके लिए अपनी दीवानगी बताने लगता है आज हम ऐसे ही एक सिंगर की बात कर रहे है जो कि कोई और नहीं बल्कि के के है।
जी हां ‘यारों दोस्ती बड़ी हसीन है’ गाने से दोस्ती का खूबसूरत पाठ पढ़ाने वाले बॉलीवुड सिंगर कृष्णकुमार कुन्नथ उर्फ केके का आज जन्मदिन है। 23 अगस्त 1968 को दिल्ली में जन्में केके ने म्यूजिक एलबम ‘पल’ से बतौर गायक अपने करियर की शुरुआत की थी।इस दौरान वो 11 भाषाओं में वह अब तक 3500 से ज्यादा गानें गा चुके हैं। उन्हें बेहतरीन गानों के लिए कई पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।
अब बात यदि उनके कुछ सुपरहिट गानों की करें तो इस लिस्ट में ऐसे कई गाने है जिन्हें काफी पसंद किया गया है और इन्ही की वजह से केके को इंडस्ट्री में काफी नाम भी मिला।
यारों दोस्ती बड़ी हसीन है, एलबम- पल (1999)
तड़प- तड़प के इस दिल से, फिल्म- हम दिल दे चुके सनम (1994)
आवारापन- बंजारापन, फिल्म- जिस्म (2003)
गाना- मैंने दिल से कहा, फिल्म- रोग (2005)
गाना- बस एक पल, फिल्म- बस एक पल (2006)
गाना- तू ही मेरी शब है सुबह है, फिल्म- गैंगस्टर (2006)
गाना- मेरा पहला-पहला प्यार, फिल्म- MP3: मेरा पहला पहला प्यार
हाल ही में सना सईद ने इंस्टाग्राम पर हॉट तस्वीर शेयर की है जिसमें वो शॉर्ट्स पहने नज़र आ रही हैं। उन्होंने फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में सुपरस्टार शाहरुख खान की बेटी अंजली का किरदार निभाया था।
इन दिनों सना सईद की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। उनके फिल्म में निभाए चाइल्ड आर्टिस्ट के किरदार की वजह से खूब पॉपुलर हुई है।
इसके साथ सना ने ‘बादल’ और ‘हर दिल जो प्यार करेगा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया है। वो अपने हॉट फोटोशूट के लिए जानी जाती हैं।
सना ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ और ‘फगली’ जैसी फिल्मों में सह कलाकार के रुप में एक्टिंग करती दिखी हैं।
इस तस्वीर में सना शॉर्ट ड्रेस में फोटोशूट करती दिख रही हैं. बता दें कि सना ‘नच बलिए’, ‘फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी’ और ‘झलक दिखला जा’ रियलिटी शो में भी दिख चुकी हैं।
सना ने टीवी शो ‘बाबुल का आंगन छूटे ना’ और ‘लो हो गई पूजा इस घर की’ में भी काम कर चुकी हैं।
ग्लोबल रेस्टोरेंट चेन मैकडॉनल्ड्स (McDonald) भारत में एक खुलासे के बाद विवादों में घिर गया है. ट्विटर यूजर मैकडॉनल्ड्स का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं. दरअसल मैकडी का कहना है कि भारत में उसके सभी रेस्टोरेंट हलाल सर्टिफाइड (Halal Certified) हैं. एक ट्विटर हैंडल से आए सवाल के जवाब में मैकडॉनल्ड्स ने कहा कि भारत (India) में किसी भी मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट के मैनेजर से हलाल सर्टिफिकेट दिखाने को कह सकते हैं. इस ट्वीट के आते ही कई लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज करानी शुरू कर दी और देखते ही देखते #boycottmcdonalds ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा. ट्विटर यूजर ने आरोप लगाया कि मैकडॉनल्ड्स गैर-मुस्लिमों को हलाल मीट खाने के लिए मजबूर कर रहा है.
venkysplace नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “क्या @mcdonaldsindia हिंदू, सिख समेत तमाम गैर-मुस्लिम ग्राहकों को हलाल मीट खाने को मजबूर कर रहा है? क्या यह अल्पसंख्यकवाद का अत्याचार थोपना नहीं है. हिन्दू धार्मिक भावनाओं का क्या? हमारा क्या, जो आपके 80% ग्राहक हैं, कोई मायने नहीं हैं? क्या हमें #BoycottMcDonalds की जरूरत है.”
कुछ और लोगों ने भी इसी तरह का ट्वीट किया है.
जमैटो को लेकर खड़ा हो चुका है विवाद गौरतलब है कि हाल ही में एक ऐसा ही विवाद खाना डिलीवर करने वाली कंपनी जमैटो को लेकर भी खड़ा हो गया था. एक यूजर ने कहा था कि वह सावन के महीने में मुस्लिम डिलीवरी बॉय से खाना नहीं मंगवाना चाहता. इस पर जमैटो ने कहा था कि खाने का कोई धर्म नहीं होता. लेकिन ट्विटर यूजर ने जमैटो का एक पुराना ट्वीट ढूंढ निकाला जिसमें हलाल मीट की गारंटी दी गई थी और उसे जमकर खरी खोटी सुनाने लगे.
देशभर में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करने के लिए भारत सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है। ‘से नो टू प्लास्टिक’ अभियान को आगे बढ़ाने के लिए पशुपालन और मत्स्य मंत्रालय बड़ी योजना बना रहा है।
योजना के मुताबिक, दूध और दूध से बने उत्पादों को पैक करने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को रिसाइकिल करने के लिए योजना बनाई जा रही है। इसमें पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को ग्राहकों से वापस लेकर उसकी रिसाइक्लिंग की जाएगी और प्लास्टिक लौटाने पर ग्राहकों को दूध, दही, पनीर, छाछ, लस्सी या आइसक्रीम जैसी चीजों पर थोड़ी छूट भी दी जाएगी। यानी एक तरफ ये जनता को दूध और दूध के सामनों की बढ़ती कीमतों से थोड़ी राहत देने वाली है वहीं इससे प्लास्टिक से पैदा होने वाले प्रदूषण को भी कम किया जा सकेगा।
पशुपालन और मत्स्य मंत्रालय के तरफ से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए रिड्यूस, रिबेट और रि-यूज मॉडल को ध्यान में रखकर रोड मैप तैयार किया जा रहा है। इस योजना को आने वाले 2 अक्टूबर को लागू भी किया जा सकता है। 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने 2 अक्टूबर से प्लास्टिक को बैन करने की अपील भी की थी। ‘से नो टू प्लास्टिक कैंपेन’ को लेकर पशु पालन मंत्रालय ने देश के तमाम मिल्क कॉपरेटिव फेडरेशन और प्राइवेट डेयरी प्रोड्यूसर के साथ मीटिंग की है। इसमें दूध और उससे जुड़े उत्पादों की पैकेजिंग में प्लास्टिक के उपयोग को कम करना, पैकेजिंग में इस्तेमाल प्लास्टिक को रिकलेक्ट कर उसकी रिसाइक्लिंग करने पर भी विचार किया गया है। इसमें रैपर की रिसाइक्लिंग में मदद करने वाले उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए पैकेजिंग मैटेरियल वापस करने के बदले उनको खरीदारी पर छूट देने की बात कही गई है। सरकार की योजना में कोशिश ये है कि उपभोक्ता रैपर को कूड़े का हिस्सा न बनाकर उसे संभाल कर पुनः मिल्क बूथ में वापस करे दें।
देशभर की मिल्क कॉपरेटिव संगठनों के अलावा निजी क्ष्रेत्र की डेयरी कंपनियों में रोजाना मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट में बड़े पैमाने पर पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक का प्रयोग होता है। इनमें ज़्यादातर रैपर इस्तेमाल के बाद कूड़े की तरह फेंक दिये जाते हैं। प्लास्टिक का यह कूड़ा प्रदूषण और इससे जुड़े दूसरे तरह से हैजर्ड पैदा करते है। प्रधानमंत्री के अपील के बाद कई स्तर पर प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने, रिसाइक्लिल करने और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले रेलवे ने भी ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले पानी के बोतलों को रिकलेक्ट करने, सिंगल यूज प्लास्टिक को बैन करने का आदेश जारी किया है।
भगवान श्रीकृष्ण के इस धराधाम में प्रकटोत्सव को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। देशभर में जन्माष्टमी के त्यौहार को लेकर खूब उत्साह है। इस साल कृष्ण भक्तों में जन्माष्टमी का उत्सव मनाने की तारीख को लेकर संशय हुआ। कुछ भक्त 23 अगस्त को जन्माष्टमी मना रहे हैं तो वहीं कुछ भक्त 24 अगस्त को मना रहे हैं। कृष्ण का जन्म भाद्रपद के रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। तिथि के अनुसार अष्टमी 23 अगस्त को मनाई जाएगी, लेकिन अगर आप रोहिणी नक्षत्र के अनुसार देखें तो कृष्ण जन्माष्टमी 24 अगस्त को है।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है। यहां भगवान के दर्शन करने के लिए पहुंचे भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठी है।
श्रीकृष्ण का अवतार भाद्र माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में आधी रात को हुआ था। उन्होंने देवकी और वसुदेव के पुत्र के रूप में अवतार लिया, जिन्हें उनके अत्याचारी भाई कंस ने मथुरा के कारागार में बंद कर दिया था। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे इसलिए इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं।
कान्हा, श्याम, गोपाल, कन्हैया, मोहन, मुरलीधर, गोविंद, माधव, श्यामसुंदर, हरि, विष्णु, नारायण, अच्युत, द्वारिकाधीश, जगन्नाथ, कंजलोचन, साक्षी, ऋषिकेश, बैकुंठनाथ, मथुरानाथ… भगवान श्रीकृष्ण के रूप अनंत हैं। उनकी लीलाएं अनंत हैं और इसी आधार पर उनके नाम भी अनंत हैं।
भगवान की इस मनमोहक और सर्वआकर्षक विग्रह या मूरत का चाहे हम जिस नाम से स्मरण करें, जब हम उन्हें पुकारते हैं तो वे साक्षात प्रकट हो जाते हैं। भगवान हमें इन भौतिक आंखों से दिखाई नहीं दे रहे, तो दोष इन आंखों का है जो उनके दर्शन कर पाने में सक्षम नहीं। लेकिन हम उनके दर्शन कर सकते हैं – कानों से।
भगवान की कृपा और मन मांगी मुरादें पाने के लिए जहां सतयुग में कठोर तपस्या करनी पड़ती थी, त्रेता युग में यज्ञ, हवन और अनुष्ठान करने पड़ते थे, और द्वापर युग में आर्चविग्रह की पूजा करनी पड़ती थी। आज के इस कलियुग में मनुष्य के लिए इन अनुष्ठानों को संपन्न करना बहुत परिश्रम और समय की मांग करता है। इसलिए कलियुग में बस भगवान का नाम लेने से ही वे प्राप्त हो जाएंगे।
करीब 500 साल पहले बंगाल के नवद्वीप में प्रकट हुए हरे कृष्ण आंदोलन की शुरुआत करने वाले श्री चैतन्य महाप्रभु ने कहा था कि कलयुग में सिर्फ हरिनाम के उच्चारण से ही भगवान को प्राप्त किया जा सकता है।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।
कृष्णभावना का पूरी दुनिया में प्रसार के लिए श्रीकृष्णकृपा श्रीमूर्ति एसी भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद ने अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ या इस्कॉन (ISKCON- International Society for Krishna Consciousness) की स्थापना की थी। इस्कॉन नोएडा में भी जन्माष्टमी पूरे जोर-शोर से मनाई जा रही है। प्रभुपाद कहते हैं कि जैसे कि एक परिवार में यदि सबको पता है कि पिता भोजना आपूर्ति कर रहे हैं। हम सब भाई हैं, तो हम झगड़ा क्यों करें? उसी तरह यदि हम भगवद भावनाभावित हो जाते हैं, कृष्ण भावनाभावित हो जाते हैं, तो यह झगड़े खत्म हो जाएंगे।
श्रीमद् भागवतम् के 12.3.51 श्लोक में लिखा है – कलेर्दोषनिधे राजन्नस्ति ह्येको महान् गुणः। कीर्तनादेव कृष्णस्य मुक्तसंगः परं व्रजेत।। अर्थ: हे राजा! भले ही कलियुग दोषों के भंडार है, फिर भी इस युग में एक महान गुण है- केवल हरे कृष्ण महामंत्र का कीर्तन करने से मनुष्य की सारी आसक्तियाँ छूट जाती हैं और वह भवबंधन से मुक्त हो जाता है और दिव्य धाम को प्राप्त होता है।
छत्तीसगढ़ ने आज पोषण अभियान में उल्लेखनीय कार्य के लिए पांच राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ ने दो श्रेणियों के तहत उत्कृष्टता पुरस्कारों में दूसरा स्थान हासिल किया है। राज्य को आईसीडीएस-सीएएस कार्यान्वयन और क्षमता निर्माण, अभिसरण,व्यवहार परिवर्तन और सामुदायिक जुटाव श्रेणियों में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। छत्तीसगढ़ को जिला, ब्लॉक और पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम स्तर पर तीन पुरस्कार और नेतृत्व एवं अभिसरण के लिए एलएस स्तर भी मिला। पोषण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने बधाई दी है।
छत्तीसगढ़ महिला एवं बाल विकास के संचालक श्री जन्मेजय महोबे, विशेष सचिव वी. के. छबलानी और जेपीसी पोषण अभियान श्री साजिद मेमन ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी के हाथों संयुक्त रूप से प्रत्येक श्रेणी के लिए प्रशस्ति पत्र और 50 लाख रुपये का चेक प्राप्त किया।
इसके अलावा, केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय ने दुर्ग जिले को सर्वश्रेष्ठ जिला, करतला (कोरबा) को सर्वश्रेष्ठ विकास खंड, सरगुजा (बतौली) और दुर्ग जिले (पाटन) को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, सर्वेक्षणकर्ताओं, एएनएम की सर्वश्रेष्ठ टीम के लिए चुना। चयनित टीम को प्रशस्ति पत्र और 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया। दुर्ग जिला को जिला स्तरीय नेतृत्व और अभिसरण पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला‘ के रूप में सम्मानित किया गया। दुर्ग जिला कार्यक्रम अधिकारी किरण सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी जी एस ठाकुर ने संयुक्त रूप से केंद्रीय मंत्री के हाथों पुरस्कार प्राप्त किया। कोरबा जिले के करतला ब्लॉक को ब्लॉक स्तरीय नेतृत्व और अभिसरण पुरस्कार के लिए चुना गया है। सीडीपीओ डॉ विद्यानंद बोरकर, ब्लॉक सीईओ जे के मिश्रा और बीएमएचओ डॉ कुमार पुष्पेश ने संयुक्त रूप से पुरस्कार प्राप्त किया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य को कुपोषण से मुक्त कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसका सुखद परिणाम है कि पोषण अभियान के तहत किये गए उल्लेखनीय कार्य के लिए छत्तीसगढ़ कोे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आगामी 3 सालों में छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुपोषण समाप्त करने के लिए दंतेवाड़ा और बस्तर जिले से सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई हैै। इस सुपोषण महाअभियान को 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन से पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत कुपोषण और एनीमिया पीड़ितों को प्रतिदिन निःशुल्क भोजन दिया जाएगा।
राज्य स्तर पर बेहतर प्रर्दशन करने के लिये छत्तीसगढ़ का चयन 02 श्रेणियों में किया गया है। पहली श्रेणी आईसीडीएस-कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से राज्य के सात जिलों रायपुर, दुर्ग, महासमुन्द, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में आईसीटी-आरटीएम सिस्टम लागू किया गया है,जिसके द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीधे मोबाईल से आंकड़े भारत सरकार के सर्वर पर भेजती हैं और सीधे ऑनलाइन डिजिटल मॉनिटरिंग की जाती है। इन सभी सात जिलों में लगभग 10 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से डाटा प्रेषित किया जाता है जिससे इन आंगनवाड़ी केन्द्रो में 10 प्रकार की पंजियों का उपयोग बंद हो गया है। इस प्रकार डिजिटाईजेशन की ओर यह अभिनव पहल है। दूसरी श्रेणी अंतर्गत सतत् सीख प्रक्रिया, क्षमता विकास, अभिसरण, समुदाय आधारित गतिविधि के तहत सभी 27 जिलों में समय आधारित लक्षित कार्य किया जा रहा है।
जन्माष्टमी का त्यौहार आने वाला हैं, ऐसे में इस जन्माष्टमी नारियल कलाकन्द बनाकर जरूर खाएं, यह खाने में बहुत टेस्टी होता हैं, साथ में इसे बनाना बहुत आसान होता हैं| दरअसल बाजार से मिठाई लाने से अच्छा हैं कि आप अपने घर पर ही मिठाई बना ले क्योंकि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती हैं, साथ में ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पड़ते हैं| जब कम मेहनत और कम पैसों में ये टेस्टी मिठाई घर पर ही बन जा रही हैं तो बाजार से मिठाई लाने की क्या जरूरत|
सामग्री
मावा- 1 कप, ग्रेट किया हुआ पनीर- 1 कप, नारियल बुरादा- 1 कप, शुगर- 1 कप, इलायची पावडर- 1 टिस्पून, घी- 3 टेबलस्पून, बादाम- कटे हुये
विधि
नारियल कलाकन्द बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर एक पैन गरम होने के लिए चढ़ा दे, अब इसके अंदर घी डाल दे जब घी पिघल जाये तो इसके अंदर एक कप मावा डालकर हल्का फ्राई कर ले, आंच धीमा ही रखे| मावे को दो मिनट भुनने के बाद इसमें ग्रेट किया हुआ पनीर डालकर हल्का भुने, अब इसके अंदर शुगर डालकर अच्छे से मिला ले, शुगर अच्छे से घुल जाए तो इसके अंदर नारियल का बुरादा डालकर मिला ले, इसमें इलायची पावडर डालकर मिला ले| इसे पकाते समय हमेशा चलाते रहे वरना यह जल जाएगा, जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए यानि की मिश्रण जमने की कगार पर आ जाए तो एक ट्रे में घी लगा ले|
अब इस मिश्रण को उस ट्रे में निकालकर फैला ले, आप अपने हिसाब से इसे पतली या फिर मोटी परत जमा सकते हैं| अब इसके ऊपर कटे बादाम डालकर हल्का दबा दे ताकि या बाहर निकल ना जाए, चाहे तो आप इसके ऊपर काजू और पिस्ता भी डालकर सजा सकते हैं| इसे अब दो घंटे सेट होने के लिए रख दे, जब यह पूरी तरह से सेट हो जाए तो इसे आप अपने हिसाब से छोटा या बड़ा काट ले| अब इसे ट्रे से छुड़ाने के लिए हल्का सा गैस पर गरम कर ले, ज्यादा कलाकंद को ना गरम करे वरना यह पिघल जाए, इतना ही गरम करे, जीतने में यह ट्रे छोड़ दे| अब आपका नारियल कलाकन्द सर्व करने के लिए तैयार हैं|