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केबीसी में उन्नाव की नूपुर, जन्म पर नर्स ने फेंक दिया था डस्टबिन में, जानें रुला देने वाली इस दिव्यांग की कहानी

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कौन बनेगा करोड़पति में हॉट सीट पर बैठकर उन्नाव की नूपुर ने जिले को गौरवान्वित कर दिया। महानायक अभिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देकर नूपुर ने गुरुवार को 10 हजार रुपये जीते। शुक्रवार रात नौ बजे वह एक बार फिर अमिताभ के सवालों के जवाब देते नजर आएंगी। दिव्यांग होने के बाद भी नूपुर के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। वह जज्बे के साथ अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाती रहीं और अमिताभ हर जवाब पर ताली बजा उत्साहवर्धन करते रहे।

उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र के कपूरपुर गांव के रहने वाले रामकुमार सिंह की बेटी नुपूर किसान परिवार से हैं। जन्म के छह माह बाद जब माता-पिता को विकलांगता का पता चला तो उसे ठीक कराने के लिए काफी दौड़-भाग की लेकिन हकीम-वैध और डॉक्टरों की दवा उसे ठीक न कर पाई। बड़े होने पर कानपुर के एक विकलांग स्कूल में दाखिला करा दिया। नूपुर की काबिलित देखकर शिक्षकों ने सामान्य स्कूल में पढ़ने की सलाह दी। फिर उसका कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन हुआ। कुछ समय बाद नूपुर को उसके नाना जगतपाल और नानी पद्मा सिंह कानपुर स्थित घर गांधीग्राम ले आए। बाल भवन फूलबाग में प्रारंभिक ट्रेनिंग लेकर वह सामान्य बच्चों की श्रेणी में आ गई। केबीसी में जाने के लिए वह काफी समय से प्रयासरत थी।

झांसी की रानी की तरह आगे बढ़ने का संकल्प

हॉट सीट पर अमिताभ के सामने बैठकर नूपुर ने कहा कि झांसी की रानी की तरह उसका जीवन संघर्षों से भरा है। महिलाओं को ऐसा काम करना चाहिए जो लोगों के लिए नजीर बने। अपने बल पर खड़ी होकर महिलाएं बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं।

नूपुर की कहानी पर आंखें नम

अमिताभ के सामने अपने जीवन की कहानी बताते हुए नूपुर की आंखें नम हो गईं तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। नूपुर ने कहा कि पैदा होने के बाद नर्स ने उसे डस्टबिन में फेंक दिया था। रिश्तेदार के पैसा देने के बाद नर्स ने उसे डस्टबिन से निकालकर साफ किया और ठोका तो रोने लगी। उसके बाद 12 घंटे लगातार रोती ही रही थी। डॉक्टरों की ओर से सही इलाज न मिलने की वजह से आज उसका यह हाल है। उसने नसीहत दी कि एमबीबीएस और उससे भी बड़ी डिग्री लेने के बाद जब डॉक्टर गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो किसी की जिंदगी किस तरह बर्बाद होती है उसका सजीव प्रमाण वह खुद है।

ट्यूशन के साथ जारी रखी पढ़ाई

नूपुर स्नातक की पढ़ाई करने के बाद इंटरमीडिएट तक के बच्चों को ट्यूशन देती थी। उसका कहना है कि कुछ भी हो पर कभी किसी का सहारा नहीं बनना चाहिए। अपने जज्बे और हौसले से बुलंदी छूने के अरमान हमेशा से ही उसके जेहन में रहे।

उन्नाव में खुशी की लहर

गुरुवार को जब नूपुर ने अमिताभ के सवाल के जवाब दिए तो उन्नाव के लोगों की खुशी का ठिकाना न था। रात 9 बजे जैसे ही केबीसी शुरू हुआ तो लोग कामकाज छोड़कर बेटी को करोड़पति बनाने की मन्नतें मांगने लगे। हर कोई हाथ जोड़कर ईश्वर से कामना करता रहा।

RBI को लगाई फटकार, नोटों का साइज बार-बार बदलने से कोर्ट नाराज…

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अगर आप नोटों और सिक्कों के साइज बदलने से परेशान हैं और इससे आप नोट पहचानने में गलती कर जाते हैं, तो ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं है. बड़ी संख्या में लोग ऐसी परेशानी का सामना कर रहे हैं.

नई दिल्ली : अगर आप नोटों और सिक्कों के साइज बदलने से परेशान हैं और इससे आप नोट पहचानने में गलती कर जाते हैं, तो ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं है. बड़ी संख्या में लोग ऐसी परेशानी का सामना कर रहे हैं. इसके चलते बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिजर्व बैंक को फटकार लगाई है. कोर्ट ने आरबीआई से पूछा था कि वह करंसी नोटों और सिक्कों के फीचर्स और साइज बार-बार क्यों बदलता रहता है? इस बारे में आरबीआई की तरह से जवाब देने के लिए और समय की मांग की गई, जिसके चलते कोर्ट ने ये फटकार लगाई.

आरबीआई से पूछा यह सवाल 
बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस भारती डांगरे की बेंच ने आरबीआई से पूछा था कि आखिर नोट की साइज बार-बार बदलने की उसकी क्या मजबूरी है? आरबीआई के वकील ने नोट बदले जाने की हिस्ट्री, कारणों की तलाश और आंकड़े जुटाने के लिए समय की मांग की. इस पर चीफ जस्टिस नंदराजोग ने कहा, ‘जवाब देने के लिए आपको आंकड़े की जरूरत नहीं है. हम आपसे यह नहीं पूछ रहे हैं कि आपने कितने नोट छापे.’ इस बारे में नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड ने याचिका दायर की है.

जवाब देने के लिए दो हफ्ते का समय 
चीफ जस्टिस ने कहा, ‘कम-से-कम इतना तो कह दीजिए कि भविष्य में नोटों का आकार नहीं बदला जाएगा. अगर आप यह कह देंगे तो समस्या करीब-करीब खत्म हो जाएगी.’ आरबीआई को जवाब देने के लिए अब दो हफ्ते का वक्त दिया गया है. इससे पहले हाई कोर्ट ने आरबीआई को 1 अगस्त तक जवाब देने का आदेश दिया था कि आखिर नोट की साइज बार-बार बदलने की उसकी क्या मजबूरी है.

बॉम्बे हाई कोर्ट के जजों ने कहा कि आरबीआई अपनी शक्तियों का इस तरह इस्तेमाल नहीं कर सकता है कि लोगों को तकलीफ हो. उन्होंने कहा कि कोई नागरिक पीआईएल फाइल यह भी पूछ सकता है कि एक रुपये का नोट सर्कुलेशन से बाहर क्यों हो गया है. वह तो लीगल टेंडर है.

ED ने राज ठाकरे से साढ़े आठ घंटे की पूछताछ, 80 करोड़ के ट्रांजेक्शन से जुड़े थे सवाल

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कोहिनूर इमारत मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से ईडी 80 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के बारे में जानना चाहती थी. पूछताछ के दौरान कई सवाल इसी के इर्द गिर्द घूमते रहे. आपको बता दें जिस साल आईएलएंडएफएस ने 90 करोड़ रुपये में अपने शेयर सरेंडर किए थे उसी साल राज ठाकरे भी कंसोर्टियम से बाहर आ गए थे. आपको बता दें ईडी ने गुरुवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे से करीब साढ़े आठ घंटे तक पूछताछ की थी.

421 करोड़ में खरीदी 4.8 एकड़ जमीन 
राज ठाकरे और उनके बिजनेस पार्टनर राजन शिरोडकर की मातोश्री इंफ्रास्ट्रक्चर नाम की कंपनी थी. मातोश्री इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्मेश जोशी (मनोहर जोशी के बेटे) और ILFS ने कोहिनूर CTNL बनाकर कोहिनूर मिल की 4.8 एकड़ जमीन 421 करोड़ रुपये में खरीदी. ILFS ने 225 करोड़ रुपये निवेश किया था. लेकिन साल 2008 में 90 करोड़ में अपने शेयर बेचकर ILFS कंपनी से जबरदस्त घाटे के साथ बाहर आ गई.

जरूरत पड़ने पर फिर बुला सकती है ईडी 
इसके तुरंत बाद राज ठाकरे की मातोश्री इंफ्रा भी इस कोहिनूर CTNL कंसोर्टियम से प्रॉफिट के साथ बाहर आ गई. ईडी को जांच में पता चला कि ILFS से मिले पैसे में से 80 करोड़ रुपये कोहिनूर CTNL ने मातोश्री इंफ्रा को डाइवर्ट कर दिए. ईडी को शक है कि उस 80 करोड़ में से 20 करोड़ राज ठाकरे को डाइवर्ट हुए है. ईडी ने शुक्रवार को राज ठाकरे को पूछताछ के लिए नहीं बुलाया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर फिर से बुलाया जा सकता है.

अयोध्या: विवादित ढांचा केस की सुनवाई कर रहे जज ने SC को लिखा पत्र, मांगी सुरक्षा

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अयोध्या विवादित ढांचा मामले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिख कर पुलिस सुरक्षा की मांग की है. जज ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को चिट्टी लिखी है. जज की इस मांग को लेकर जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा है कि जज की मांग जायज है.

जस्टिस रोहिंग्टन ने कहा, यूपी सरकार इस संदर्भ में अपना जवाब दायर करें. वहीं, यूपी सरकार ने जज का कार्यकाल बढ़ाने के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दी है.

आपको बता दें कि अयोध्या भूमि विवाद मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने 10वें दिन सुनवाई की. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिकाकर्ता गोपाल सिंह विशारद की ओर से वकील रंजीत कुमार ने दलीलें पेश की थीं.

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल के नाम से फर्जी चिट्ठी वायरल, कांग्रेस विधायकों को खरीदने का जिक्र

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छत्तीसगढ़(Chhattisgarh) में इन दिनों राज्यपाल(Governor) अनुसुईया उइके के नाम से वायरल(Viral) हो रही एक फर्जी चिट्ठी(Fake letter) चर्चा में है. इस चिट्ठी पर राज्यपाल के दस्तखत भी जाली हैं. फर्जी चिट्ठी में राज्यपाल की तरफ से बीजेपी के विधायकों को कहा गया है कि वे सरकार बनाने के लिए कांग्रेस विधायकों(Congress MLAs) को खरीदने में सहयोग करें.

इस फर्जी खत में भेजने वाले ने अपना नाम जितेन्द्र ठाकुर लिखा है, जबकि राज्यपाल के पीए का नाम जितेन्द्र सोलंकी है. ये चिट्ठी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के लेटरहैड पर लिखी गई है जो राज्यपाल को पुराना कार्यालय रहा है. राज्यपाल ने खुद इस फर्जी चिट्ठी के मामले में पुलिस को कार्रवाई करने को कहा है.

वायरल हुए खत का मजमून कुछ इस तरह है – 

आदिवासी समाज के लिए गौरव की बात है कि एक आदिवासी महिला को भाजपा ने छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाया है. अब हमें मिलकर छत्तीसगढ़ में आदिवासी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनानी है. हमें समाज के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना है, इसलिए आपके सहयोग की अपेक्षा रहेगी. आपको अपने प्रयास से तीन विधायकों को मिलाकर चार सदस्यों को भाजपा में लाने का प्रयास करना है. इस कार्य के लिए एक विधायक को 50 करोड़ रुपये दिया जाएगा. जाहिर है कि इस फर्जी पत्र को लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हडकंप की स्थिति बनी हुई थी. हाल ही में वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा के नाम से उनके लेटरपैड पर फर्जी हस्ताक्षर कर एक पत्र जारी हुआ था. खुद विधायक ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक चिट्ठी जारी करने वालों का पता नहीं चल सका है. विधायक के बाद अब राज्यपाल के नाम से वायरल हुई फर्जी चिट्ठी ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी है.

कंसोल इंडिया और क्यूब इंडिया के ऑफिस में एसीबी का छापा..

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बहुचर्चित पीआर एजेंसी कंसोल इंडिया (Console India) और क्यूब इंडिया के ऑफिस में एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) की टीम ने छापा मारा है. राजधानी रायपुर स्थिति अंबुजा मॉल में संचालित कंसोल इंडिया और क्यूब इंडिया के ऑफिस में शुक्रवार को एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम पहुंची और जांच कर रही है. दोनों ही एजेंसियों के खिलाफ एसीबी और ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली थी. इसके बाद जांच के लिए छापामार कार्रवाई की गई है. मिली जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में एसीबी और ईओडब्ल्यू के अफसर और कर्मचारी पहुंचे हैं. दोनों ही दफ्तरों में जांच जारी है. बताया जा रहा है कि पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार में प्रचार प्रसार का बड़ा जिम्मा इस एजेंसी के पास था.

मिली जानकारी के मुताबिक पिछली सरकार में संवाद से जारी हुए टेंडर मामले में कंसोल इंडिया ग्रुप से जुड़े लोगो से पूछताछ की जा रही है. एसीबी और ईओडब्लयू के अधिकारी वहां पूछताछ कर रहे हैं. दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है. आज दोपहर करीब 12 बजे संयुक्त टीम ने कंसोल इंडिया और क्यूब इंडिया के दफ्तर में दबिश दी. कंसोल दफ्तर के बाहर पुलिस की टीम भी मौजूद है. दफ्तर के अंदर किसी को भी जाने से रोका जा रहा है.

सीएम भूपेश बघेल जन्मदिन पर भावुक हुए , स्कूल की बच्चियों ने ऐसे दिलाई मां की याद…

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. सीएम बघेल ने इस बार अपने जन्मदिन को सादगी से सीएम निवास रायपुर (Raipur) में मनाने का फैसला लिया. सीएम भूपेश ने पहले ही कहा था कि हाल ही में उनकी माता का निधन हुआ है, इस वजह से वे अपना जन्मदिन (Birthday) इस साल नहीं मनाएंगे. हालांकि जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास (CM House) में गरीबों को पौष्टिक चना बांटने सहित कुछ आयोजन किए गए हैं. वहीं जन्मदिन के मौके पर सीएम भूपेश बघेल को एक अनोखे तरीके से स्कूल की बच्चों ने विश किया.

जन्मदिन के दिन बच्चों से मिली शुभकामनाएं: 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जन्मदिन की शुभकामनाएं ((Birthday Greetings) ) देने स्कूली की (School Girls) पहुंची. इन बच्चियों को देख सीएम बघेल भावुक (Emotional) हो गए. इन छात्राों ने सीएम की माता जी का मुखौटा पहन रखा था. बच्चियों को अपने मां के मुखौटे में देख वो भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक गए. बता दें कि पिछले महीने ही सीएम भूपेश बघेल की माता जी बिंदेश्वरी बघेल (Bindeshwari Baghel) का निधन हो गया था. इसके बाद उन्होने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला लिया था. वहीं सुबह से ही सीएम हाउस में बधाई देने आम लोगों के साथ ही जनप्रतिनिधि और अधिकारियों का तांता लगा हुआ है.

जन्मदिन के मौके पर सीएम भूपेश बघेल स्वादिष्ट चना योजना (chana scheme) का शुभारंभ करेंगे. सीएम निवास से चने से भरे ट्रकों को सीएम हरी झंडी दिखाएंगे. बता दें कि अनुसूचित क्षेत्रों के गरीब परिवारों को पौष्टिक आहार के रूप में इसे वितरित किया जाना है. प्रति परिवार 2 किलो चना 5 रुपए किलो की दर से वितरित किया जाएगा. प्रदेश के 85 आदिवासी ब्लॉक के करीब 25 लाख परिवारों को इसका लाभ मिलेगा. इस दौरान खाद्य मंत्री अमरजीत भगत (Amarjeet Bhagat) भी मौजूद रहेंगे.

पूर्व सीएम ने दी भी दी बधाई: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने भी सीएम भूपेश बघेल को जन्मदिन की बधाई दी है. उन्होने एक ट्वीट के जरिए अपनी शुभकामनाएं दी है.

मंदी में ठंडा हुआ टीवी-फ्रिज का बाजार

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ऑटो और स्टील सेक्टर का बाजार मंदी का शिकार हुआ है तो टीवी-इलेक्टॉनिक्स आइटमें की भी स्थिति ठीक नहीं है।

जागरण संवाददाता रांची : ऑटो और स्टील सेक्टर का बाजार मंदी का शिकार हुआ है तो टीवी-मोबाइल और दूसरे व्हाइट गुड्स (टीवी, फ्रिज और अन्य मैकेनिकल उत्पाद) पर भी मंदी का असर दिख रहा है। रांची समेत पूरे झारखंड में टीवी की बिक्री सुस्त पड़ने से कंपनियों को नए सेट के लिए ऑर्डर नहीं मिल रहे। बाजार में दुकानदार इंवेंट्री ( दुकान में पहले से रखे सामान) की समस्या से जूझ रहे हैं। एलजी, सोनी, पैनासोनिक जैसी कंपनियां उत्पादन में कटौती करने जा रही हैं। इससे हजारों लोगों की नौकरियों पर असर पड़ेगा सो अलग।

रांची में पिछली तिमाही के आंकड़ों को देखें तो टीवी बेचने वाली बीपीएल, सोनी, सैमसंग, पैनासोनिक जैसी कंपनियों की बिक्री 20 फीसदी तक घटी है। इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के डायरेक्टर मनीष तिवारी का कहना है कि रांची जैसे शहरों में बिक्री घटने की वजह से बड़ी कंपनियां परेशान हैं। बड़े शहरों में पहले से सेचुरेशन हो चुका है। ऐसे में कंपनियों ने अपने उत्पादन में 20 फीसदी की कटौती कर दी है। मेन रोड में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाने वाले आशीष मोदी कहते हैं कि बाजार को उम्मीद थी कि गर्मी की छुट्टियों और क्रिकेट विश्वकप के दौरान बिक्री बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। डीलर के पास पड़ा है पुराना स्टॉक : डीलरों ने अच्छी बिक्री की उम्मीद में काफी स्टॉक मई की शुरुआत में मंगा लिया था। लेकिन सेल में ज्यादा डिमांड नहीं आया। इस वजह से इन डीलरों के पास पहले का स्टॉक ही पड़ा हुआ है।

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अब तो फेस्टिव सीजन में उम्मीद : हालाकि कंपनियों को उम्मीद है कि अक्टूबर से शुरू होने वाले फेस्टिव सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स के अन्य उत्पादों जैसे फ्रिज, वाशिग मशीन की बिक्री बढ़ने के संकेत हैं। कंपनिया और डीलर वॉशिग मशीन जैसे होम अप्लायंसेज की बिक्री पर विशेष ध्यान दे रही हैं। मानसून के मौसम में वाशिग मशीन की बिक्री ज्यादा होती है हालाकि पिछले महीने इसमें भी मंदी रही है। यदि अगस्त में डिमाड नहीं बढ़ती है तो कंपनिया उत्पादन कम करने की सोचेंगी।

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लोन लेने में भी दिलचस्पी घटी

टीवी, फ्रीज समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उत्पाद खरीदने के लिए लोग बजाज फाइनांस, एसबीआई, आईडीबीआई जैसे संस्थाओं का सहयोग लेते हैं। आसान किश्तों पर लोन लेकर लोग सामान लेते हैं। लेकिन पिछले तीन महीनों में इन संस्थाओं के पास भी ग्राहकों की संख्या कम हुई है। वित्तीय सलाहकार शशांक भारद्वाज ने बताया कि लोगों के पास नकदी की कमी पहले से है। नया लोन लेकर लोग इसके भुगतान को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। इसके अलावा लग्जरी सामान खरीदने पर जीएसटी की दर भी लोगों को नई खरीदी से रोक रही है।

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दूसरे कारोबार में जाने के लिए होंगे मजबूर : इलेक्टॉनिक्स उद्योग में मंदी से व्यापारी परेशान हैं। स्थितियां नहीं सुधरीं तो व्यापारी दूसरे उद्योग में भी हाथ आजमाने की सोच रहे हैं। कोकर और बरियातू के कुछ व्यापारियों का कहना है कि वे अब इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की जगह दूसरे सेक्टर में व्यापार करने की सोच रहे हैं।

3 बीमारियों का नाशक है निम्बू का सेवन इन , पढ़ना बिल्कुल न भूलें…

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निम्बू का सेवन इन 3 बीमारियों का नाशक है :- निम्बू हर घर मे आसानी से मिलने वाला वो चीज है जिसका यूज़ हम कई तरीके से करते हैं। यह सिर्फ खाने के ही काम नही आता बल्कि इससे फेसवाश और अन्य काम भी किये जा सकते हैं। निम्बू हमारे सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इसमें विटामिन सी के साथ साथ और भी बहुत सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे सेहत के लिए बेहद जरूरी है। आइये जानते हैं निम्बू के कुछ ऐसे फायदे जो कि हमारे लिए बहुत ही आवश्यक है।

1. जिन व्यक्तियों को खट्टा डकार आता है और पेट में जलन रहती है उनके लिए निम्बू का सेवन बहुत ही फायदेमन्द है। जब भी आपको पेट से सम्बंधित कुछ समस्या हो तो तुरन्त एक गिलास पानी मे निम्बू डाल कर पी लें तुरन्त आराम मिलेगा।

2. कब्ज के मरीजों को सलाद में निम्बू मिलाकर खाने से बहुत ही आराम मिलता है और पेट भी साफ रहता है।

3. निम्बू के सेवन से रक्त शुद्ध होता है और शरीर में एनर्जी मिलती है जिससे शरीर मे काफी फुर्ती आता है।

ये 3 फायदे लेना चाहते हैं तो हर रोज निम्बू का सेवन जरूर करें।

हम नहीं सुधरेंगे… टिहरी में ऑल वेदर रोड निर्माण में पहाड़ों का बेतरतीब कटान, हरे पेड़ दबा रही मलबे में

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चार धाम ऑल वेदर रोड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसलिए इसका काम समय पर पूरा करने का दबाव सभी पर है लेकिन इस दबाव की आड़ में निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं. टिहरी में निर्माण कंपनी न सिर्फ़ यह निर्माण कार्य की शर्तों का उल्लंघन कर रही है बल्कि ज़िला प्रशासन के आदेशों की भी अवहेलना कर रही है. यहां हरे पेड़ों को काटकर मलबे में ही दबा दिया जा रहा है. बता दें के पहाड़ों की ग़लत कटिंग के कारण राज्य भर में ऑल वेदर रोड पर भूस्खलन की संख्या बढ़ गई है.

ऑल वेदर रोड निर्माण के चलते टिहरी में सड़क की हालत बेहद ख़राब है और लगातार भूस्खलन होने के चलते जगह-जगह चेतावनी के बोर्ड लगे हैं.

यहां सड़क निर्माण में लगी कंपनी बेतरतीब तरीके से पहाड़ी का कटान कर रही है. ठेकेदार हरे पेड़ों को काटकर मलबे में दबा दे रहे हैं जो तस्वीरों में नज़र भी आ रहा है.

निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के इंतज़ाम न होने के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है.

टिहरी के ज़िलाधिकारी वी षणमुगम ने कहा कि पहाड़ कटिंग के साथ लैंड स्लाइड ज़ोन का ट्रीटमेंट किया जाना है और सबके नियम स्पष्ट हैं. ज़िलाधिकारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर निर्माण कर रही कंपनी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.