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मायावती : विरोध के लिए कानून को हाथ में न लें…

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हाल ही में दिल्ली के तुग़लकाबाद में दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी डीडीए द्वारा संत रविदास मंदिर ढहा दिया गया। इसी को लेकर बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए। बाद में भीड़ हिंसक हो गई। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने संत रविदास के अनुयाइयों से शांति की अपील की है।

मायावती ने कहा कि ‘महान संत रविदास जी के अपार अनुयाइयों से अपील है कि वे दिल्ली के तुगलकाबाद में गिराए गए इनके प्राचीन मन्दिर के पुनः निर्माण हेतु आक्रोशित होकर कानून को अपने हांथ में न लें। संत रविदास जी के अनुयाइयों को कानूनी व तथागत गौतम बुद्ध के मार्ग से ही चलकर अपने हितों को साधना है’।

चिदंबरम केस: तिहाड़ में हाई प्रोफाइल कैदियों के लिए क्या इंतजाम?

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सीबीआई रिमांड खतम होने के बाद अगर अदालत कांग्रेस के मौजूदा राज्यसभा सांसद, देश के पूर्व केंद्रीय गृह और वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजती है तो, वहां उनकी रातें लकड़ी के सख्त तख्त पर गुजरेंगी।

वहां न आरामदायक तकिया-गद्दा होगा और न ही एसी की ठंडी हवा. अभी तक चिदंबरम सीबीआई मुख्यालय की एअरकंडीशंड इमारत में पुलिस रिमांड की रातें गुजार रहे हैं, जहां सुविधाएं तिहाड़ से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। चिदंबरम से हाईप्रोफाइल कैदी के आज नहीं तो कल (सीबीआई रिमांड पूरी होते ही) तिहाड़ जेल पहुंचने की खबर से सजग जेल प्रशासन ने तमाम इंतजामात शुरू कर दिये हैं।

तिहाड़ जेल के उच्च पदस्थ सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि यूं तो आर्थिक मामलों के विचाराधीन कैदियों को अमूमन जेल नंबर-7 में ही रखा जाता है। यह अलग बात है कि मौजूदा वक्त में 7 नंबर जेल में कोई हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधों से जुड़े मामले का कैदी बंद नहीं है। एक कैदी जो बंद था भी करीब एक साल पहले उसे तिहाड़ की ही दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

इस जेल में मौजूदा वक्त में करीब 650 कैदी बंद हैं। चूंकि आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े कैदियों की संख्या इस जेल में फिलहाल नगण्य ही है, लिहाजा ऐसे में तिहाड़ की 7 नंबर जेल को कुछ समय पहले तक बच्चा जेल भी बनाकर रखा गया था। साथ ही यह जेल बहुत ही संकरी है. इसके कमरे (सेल-कोठरी) बहुत छोटी हैं।

साथ ही इन दिनों इस जेल में महिलाओं से छेड़छाड़ या महिलाओं के साथ अन्य अपराध करने वाले अपराधियों को रखा जाने लगा है। इन हालातों में फिलहाल चिदंबरम जैसे हाई-प्रोफाइल कैदी को सात नंबर जेल के भीतर कैद रख पाना सुरक्षा के ²ष्टिकोण से भी जेल प्रशासन को शायद मुनासिब न लगे।

तिहाड़ जेल मुख्यालय से जुड़े एक विश्वसनीय सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि जेल की जिम्मेदारी अभी तब तक कुछ नहीं है, जब तक कोई कैदी न्यायिक हिरासत में जेल के अंदर नहीं आ जाता है। जहां तक चिदंबरम के आने का सवाल और जेल में उन्हें रखने की बात है, तो जेल को कोई खास इंतजाम नहीं करने हैं।

उन्होंने कहा कि,’ सब कुछ जेल मैनुअल के हिसाब से पहले से तय है। चूंकि चिदंबरम की उम्र 70 साल के आसपास है। लिहाजा कानूनन उन्हें जेल नंबर-एक की सेल में बंद किये जाने की भी प्रबल संभावना है। साथ ही सोने के लिए उन्हें लकड़ी का तख्त दिया जायेगा। यह भी तय है। साथ ही उन्हें कंबल भी जेल की तरफ से मुहैया कराया जायेगा। एअरकंडीशनर और गद्दे के इंतजाम का जेल मैनुअल में कहीं कोई जिक्र नहीं हैं।’

एक अन्य जेल सूत्र ने आगे बताया कि, ‘जेल नंबर एक में किसी जमाने में हरिकिशन लाल भगत (एचकेएल भगत 1984 सिख दंगो का आरोपी), चंद्रा स्वामी, मामाजी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम, सन 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में फंसे सुरेश कलमाड़ी, सहारा प्रमुख सुब्रत राय भी यहां रह चुके हैं। 7 नंबर जेल के बजाये एक नंबर तिहाड़ जेल में रखने के पीछे चिदंबरम की सुरक्षा भी प्रमुख वजह होगी। ‘

नाम न खोलने की शर्त पर तिहाड़ जेल के एक आला अफसर ने आईएएनएस को बताया कि, ‘यूं तो पूरी तिहाड़ में तमिलनाडू स्पेशल पुलिस लगी है। चिदंबरम के मगर जेल नंबर एक में पहुंचते ही वहां टीएसपी जवानों की संख्या और बढ़ा दी जायेगी।’

जेल मैनुअल के हिसाब से एक नंबर जेल में कैद होने वाले कैदियों को एक दाल एक सब्जी चार पांच रोटी मुहैया कराई जाती है। चिदंबरम को भी यही खाना खाने को दिया जायेगा। अलग होगा तो सिर्फ यह कि चिदंबरम को जेल नंबर एक में ही मौजूद अलग रसोईघर में बना भोजन मुहैया कराया जाये। न कि जेल-लंगर में बना खाना दिया जाये। यह सब एहतियातन और सुरक्षा के मद्देनजर जेल मैनुअल के मुताबिक ही बताया जाता है।

तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक अगर चिदंबरम जेल की रसोई का खाना खाने से मना करेंगे तो उन्हें नियमानुसार तिहाड़ जेल कैंटीन से ही कुछ खाने-मंगाने की अनुमति होगी। घर का बना खाना जेल की कोठरी में लाने की सख्त मनाही है। जेल में वे सिर्फ घर से लाये या किसी परिजन द्वारा मुहैया कराये गये कपड़े ही पहन पायेंगे।

उल्लेखनीय है कि अदालत ने वृहस्पतिवार को ही चिदंबरम को पांच दिन (26 अगस्त तक) के लिए सीबीआई रिमांड पर भेजा है। चिदंबरम तिहाड़ जेल कब भेजे जायेंगे यह 26 अगस्त को अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।

इस बीच आईएएनएस को सीबीआई के उच्च पदस्थ सूत्रों से पता चला है कि, वृहस्पतिवार की रात से 26 अगस्त को अदालत में दुबारा पेशी तक आर्थिक घोटाले के आरोप में गिरफ्तार पूर्व गृह और वित्तमंत्री को सीबीआई मुख्यालय में मौजूद पांच सुसज्जित सुइट्स में से एक (पांच नंबर) में रखा जायेगा।

अमूमन इन सुइट्स में सीबीआई के अधीक्षक और उससे ऊपर स्तर के आला-अफसर ही रुकते हैं। यह अलग बात है कि अगुस्टा वेस्टलैंड के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल और दूसरे मामले के चर्चित नाम सतीश सना को भी सीबीआई ने इन्हीं में से एक सुइट में रखा था।

सीबीआई मुख्यालय सूत्रों के मुताबिक, ‘भू-तल पर मौजूद इन खास सुइट्स में एसी,डबल-बेड, फ्रिज, गीजर, टेलीवीजन जैसी तमाम सुविधायें हैं। ‘ हांलांकि यह खास सुइट्स सिर्फ और सिर्फ सफेदपोश अपराधियों को ही रिमांड अवधि में रखने के लिए सीबीआई इस्तेमाल करती है जबकि खूंखार अपराधियों के लिए यहां बाकायदा हवालात (लॉकअप) का भी इंतजाम है।

यहां उल्लेखनीय है कि अदालत ने रिमांड अवधि के दौरान चिदंबरम के परिवार को रोजाना आधा घंटा उनसे मिलने की अनुमति दी है। साथ ही 48 घंटे के अंदर आरोपी की मेडिकल जांच कराने के निर्देश भी अदालत ने जांच एजेंसी को दिये हैं।

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम को सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया (प्रा.) लिमिटेड संबंधी आर्थिक घोटाले में लिप्त पाये जाने के कारण गिरफ्तार किया है।

जन्माष्टमी पर दही हांडी आयोजन को और भी शानदार बना देंगे बॉलीवुड के ये गीत

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इस साल 24 अगस्त को पड़ रहे जन्माष्टमी के पर्व के लिए देशभर के मंदिरों में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हिंदू कलैंडर के अनुसार भद्रपाडा माह के कृष्णपक्ष के आठवें दिन जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। वहीं स्वादिष्ट पकवान और मस्ती के बिना जन्माष्टमी का पर्व पर्व कहां। जन्माष्टमी पर दही की प्रतिस्पर्धा भी आम है। अगर आप अपने इलाके में दही हांडी का आयोजन करने जा रहे हैं तो हम आपके लिए इस कार्यक्रम के लिए बॉलीवुड के गानों की परफेक्ट प्लेलिस्ट लेकर आए हैं।

गो गो गो गोविंदा’

इस लिस्ट में सबसे नए गानों में से एक सोनाक्षी सिन्हा का गो गो गो गोविंदा है। फिल्म ओह माई गॉड के इस गाने में सोनाक्षी के साथ कोरियोग्राफर प्रभु देवा ने जबरदस्त डांस किया है। वीडियो में लड़कों को पिरामिड बनाकर मटकी तोड़ते देखा जा सकता है।

गोविंदा आला रे

1963 में आई फिल्म ब्ल्फ मास्टर का गाना गोविंदा आला रे भी दही हांडी से आयोजन पर बिल्कुल सटीक है। ये एक ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म का गाना है लेकिन आजतक उतना ही प्रसिद्ध है जितना उस समय था।

मच गया शोर सारी नगरी

वहीं अमिताभ बच्चन की फिल्म खुद्दार का दही हांडी सॉन्ग मच गया शोर भी काफी प्रसिद्ध है। इसमें अमिताभ लड़कों के पिरामिड पर चढ़कर दहीं की हांडी तोड़ते दिखाई पड़ रहे हैं।

चांदी की डाल पर सोने का मोर

वहीं सलमान खान के फैंस के लिए भी एक गाना है जो दही हांडी के कार्यक्रम में चलाया जा सकता है। फिल्म हैलो ब्रदर का दही हांडी सॉन्ग ‘चांदी की डाल पर सोने का मोर’ काफी प्रसिद्ध है।

Amazon और Microsoft दुनिया के लिए बन सकते हैं खतरा, बना रहे हैं किलर रोबोट्स!

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एक रिपोर्ट के अनुसार Amazon, Microsoft और Intel जैसी कंपनियां किलर रोबोट का विकास करके दुनिया को खतरे में डाल सकती हैं. लीथल ऑटोनॉमस हथियारों को लेकर किए गए एक सर्वे में ये बात सामने आई. डच एनजीओ पैक्स ने 50 कंपनियों की इस मामले में रैंकिंग की. इनसे पूछा गया कि ये कंपनियां ऐसी किसी तरह की तकनीक का विकास कर रही हैं जो कि डेडली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में सहायक हो सकती है, क्या वे इस तरह के मिलिट्री प्रोजेक्ट में सहायता कर रही हैं और क्या वे इस तरह के काम से अपने आपको भविष्य में दूर रखेंगी. इस हफ्ते छपी रिपोर्ट को लिखने वाले फ्रैंक स्लिजपर ने कहा कि ये कंपियां क्यों इन बातों से इनकार नहीं कर रही हैं कि वे ऐसे किसी तकनीक के विकास में शामिल नहीं हैं.

ये हथियार ऐसे होंगे जो कि खुद इस बात का फैसला करेंगे कि किसे मारना है या किस पर हमला करना है. इस प्रोसेस में किसी आदमी का इन्वॉल्वमेंट नहीं होगा. इससे पूरी दुनिया की शांति को खतरा हो सकता है. यूनीवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर स्टुअर्ट रसेल ने कहा कि ऑटोनॉमस वीपन्स काफी खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि ऐसी स्थिति में एक अकेला आदमी ही करोड़ों हथियारों को लॉन्च कर सकता है.

यह हथियार कितना खतरनाक हो सकता है इसका पता इसी बात से लगा सकते हैं कि फेशियल रिकग्निशन टेक्नीक का उपयोग करके किसी खास एथनिक ग्रुप का सफाया किया जा सकता है या कि सोशल मीडिया पेज को स्टडी करके किसी खास राजनीतिक विचारधारा वाले लोगों को भी खत्म किया जा सकता है. मिलिट्री पर्पज़ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के प्रयोग पर भी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं. पिछले साल गूगल ने पेंटागन के एक प्रोजेक्ट Maven को रिन्यू करने से मना कर दिया जो कि ड्रोन वीडियोज़ में आदमियों को ऑब्जेक्ट से अलग पहचानने के लिए था. रसेल ने कहा कि अभी के समय में जो भी हथियार हैं उनको ऑटोनॉमस बनाने के लिए लगातार कोशिश हो रही है.
इस तकनीक से नई कैटेगरी के ड्रोन बन सकते हैं जो कि इस वक्त मौजूद नहीं हैं. उदाहरण के लिए ये साल 2017 की फिल्म स्लॉटरबॉट्स में दिखाए गए हथियारबंद मिनी ड्रोन की तरह हो सकते हैं. इस तरह के हथियारों से आप उन्हें एक कार्गो या कंटेनर में लाखों की संख्या में कहीं भी भेज सकते हैं जो कि काफी खतरनाक हो सकता है. अप्रैल में यूरोपियन यूनियन ने गाइडलाइन जारी की थी कि कंपनियों और सरकारों को किस तरह से आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस डेवेलप की जानी चाहिए.

नीति आयोग की चेतावनी! 70 साल में सबसे खराब दौर में देश की अर्थव्यवस्था, सरकार जल्द उठाए जरूरी कदम

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आर्थिक मंदी (Economic Slowdown) की चिंता के बीच नीति आयोग के उपाध्यक्ष (Niti Ayog Chairman) राजीव कुमार (Rajeev Kumar) ने कहा कि सरकार को ऐसे कदम उठाने की जरूरत है जिससे निजी क्षेत्र की कंपनियां निवेश के लिये आगे आए. उन्होंने वित्तीय क्षेत्र में बने अप्रत्याशित दबाव से निपटने के लिए लीक से हटकर कदम उठाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि निजी निवेश तेजी से बढ़ने से भारत को मध्यम आय के दायरे से बाहर निकलने में मदद मिलेगी.

कुमार ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र में जारी संकट का असर अब आर्थिक विकास पर भी दिखने लगा है. ऐसे में निजी क्षेत्र को निवेश के लिए प्रोत्साहित किए जाने की जरूरत है, ताकि मध्य वर्ग की आमदनी में इजाफा हो सके. इसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखेगा. उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों में वित्तीय क्षेत्र की ऐसी हालत (Unmatched Situation for Govt in 70 Years) कभी नहीं रही है. निजी क्षेत्र में अभी कोई किसी पर भरोसा नहीं कर रहा और न ही कोई कर्ज देने को तैयार है. हर क्षेत्र में नकदी और पैसों को जमा किया जाने लगा है. इन पैसों को बाजार में लाने के लिए सरकार को अतिरिक्त कदम उठाने होंगे.

अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बारे में नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि पूरी स्थिति 2009-14 के दौरान बिना सोचे-समझे दिए गए कर्ज का नतीजा है. इससे 2014 के बाद गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) बढ़ी हैं. उन्होंने कहा कि फंसे कर्ज में वृद्धि से बैंकों की नया कर्ज देने की क्षमता कम हुई है. इस कमी की भरपाई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने की. इनके कर्ज में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई. एनबीएफसी कर्ज में इतनी वृद्धि का प्रबंधन नहीं कर सकती और इससे कुछ बड़ी इकाइयों में भुगतान डिफॉल्ट की स्थिति उत्पन्न हुई. अंतत: इससे अर्थव्यवस्था में सुस्ती आई.

कुमार ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी तथा दिवालिया कानून के कारण खेल की पूरी प्रकृति बदल गयी. पहले 35 प्रतिशत नकदी घूम रही थी, यह अब बहुत कम हो गयी है. इन सब कारणों से एक जटिल स्थिति बन गयी है. इसका कोई आसान समाधान नहीं है. सरकार और उसके विभागों द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिए भुगतान में देरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुस्ती की एक वजह हो सकती है. प्रशासन प्रक्रिया को तेज करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.

ये हैं टॉप स्मार्ट स्पीकर जो आपके कहे अनुसार करते हैं काम

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आज तकनीक के दौर में सब कुछ एडवांस और स्मार्ट होने लग गया है। अब से पहले हम स्पीकर्स की मदद से आवाज सुन सकते थे। लेकिन आजकल स्मार्ट स्पीकर का दौर चालू हो गया है। जो आपके के कहने के अनुसार आपके पसंद की गाने चलायेंगे, आप उनसे मौसम का हाल पूछ सकतें हैं। और से सभी काम एक आभासी सहायक जैसे अमेजन का एलेक्सा, गूगल असिस्टेंट, ऐप्पल का सिरी आदि की मदद से संभव है। आज हम इस पोस्ट में टॉप स्मार्ट स्पीकर के बारे में बात करेंगे।

1. सोनोस वन: सोनोस की पहली एलेक्सा स्पीकर एक साफ-सुथरी डिजाइन वाली, फीचर से भरपूर और शानदार साउंडिंग डिवाइस है, सोनोस वन एलेक्सा और गूगल असिस्टेंट वॉयस कंट्रोल दोनों को एकीकृत करता है, इसकी कीमत में किसी भी स्मार्ट स्पीकर की तुलना में बेहतर ध्वनि की गुणवत्ता है। यह दोनों प्रणालियों से स्मार्ट होम कंट्रोल प्रदान करता है और इसके दूर-क्षेत्र के माइक्रोफोन अच्छा प्रदर्शन करते हैं। सोनोस वन सोनोस मल्टीरूम सिस्टम के साथ मूल रूप से काम करता है और स्टीरियो साउंड के लिए दूसरे वन के साथ जोड़ी बना सकता है। यह Apple AirPlay 2 और Spotify कनेक्ट को भी सपोर्ट करता है। यह बाजार में सबसे अच्छा लगने वाला स्मार्ट स्पीकर है जिसकी कीमत 27300 रूपये है।

2. एप्पल होमपॉड: बहुप्रतीक्षित ऐप्पल होमपॉड ने 2018 की शुरुआत में अपने बुकशेल्फ़ के लिए स्मार्ट स्पीकर लड़ाई में प्रवेश किया। यह स्पीकर ग्रेट साउंडनेस के साथ आता है। तो अगर आप एक डाई-हार्ड ऐप्पल फैन हैं तो होमपॉड एक नॉन-ब्रेनर हो सकता है। होमपॉड ऐप्पल म्यूज़िक सेवा के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और आवाज बातचीत के लिए सिरी का समर्थन करता है, लेकिन इसमें वॉल्यूम, ट्रैक नियंत्रण और सिरी सक्रियण के लिए टच-सेंसिटिव कंट्रोल के साथ शीर्ष पर 272×340 डिस्प्ले है। आंतरिक रूप से, यह 1.4 गीगाहर्ट्ज़ ऐप्पल ए 8 प्रोसेसर द्वारा संचालित है, इसमें 1 जीबी रैम, 16 जीबी स्टोरेज है, और 802.11ac (MIMO) वाई-फाई और ब्लूटूथ 5.0 का समर्थन करता है।

3. अमेज़न इको: अमेज़न के स्पीकर और भी स्मार्ट हो गए है। स्पीकर अमेजन के वर्च्यूल एस्सिटेंट ऐलक्सा से लैस हैं। ये बेहतरीन साउंड क्वालिटी के साथ आते हैं। आप एलेक्सा से कहकर म्यूजिक प्ले कर सकतें हैं। यदि आप एक स्मार्ट स्पीकर चाहते हैं जो सस्ती है और आपके पसंदीदा ट्रैक को चलाने के लिए पर्याप्त अच्छा लगता है, तो अमेज़ॅन इको का नवीनतम संस्करण आपको सबसे अच्छा विकल्प है। 2015 में पहला संस्करण जारी होने के बाद से अमेज़ॅन ने इको की शैली में भी सुधार किया है। केवल नकारात्मक पक्ष यह है कि इको में अमेज़ॅन के इको प्लस का साफ वॉल्यूम डायल नहीं है।

गूगल होम: इस स्पीकर की कीमत 19641 रूपये है। Google होम डीजे के रूप में उत्कृष्ट है, यह आश्चर्यजनक रूप से स्मार्ट होम हब भी है। अब इसके पास नेस्ट, फिलिप्स और सैमसंग के स्मार्टथिंग्स सहित सबसे बड़े प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं, और कुछ महीनों में यह संख्या और भी बढ़ जाएगी। यह भविष्य में अमेज़ॅन के इको के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए विकसित करने की क्षमता रखता है, लेकिन अभी के लिए Google होम YouTube संगीत तक पहुंच के साथ एक स्मार्ट नवीनता है। पिछले एक साल में, Google होम को कई उल्लेखनीय अपडेट प्राप्त हुए हैं, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि अब आप यूके में लैंडलाइन पर कॉल करने के लिए डिवाइस का उपयोग कर सकते हैं। Google सहायक को द्विभाषी क्षमताओं, निरंतर वार्तालाप और एकाधिक क्रियाओं को शामिल करने के लिए भी अपडेट किया गया है। एक और हालिया अपडेट ने Google सहायक को नेस्ट सिक्योरिटी अलार्म सिस्टम में भी लाया है।

5. अमेज़न इको प्लस दूसरी जेनरेशन: इसकी कीमत 14999 रूपये है। इसे बेहतर ऑडियो ड्राइवर्सअट्रेक्टिव फैब्रिक डिज़ाइनटेंस सेंसर फायरस्टार कमांड के साथ जोड़ा गया। यदि आप अच्छी ध्वनि की गुणवत्ता चाहते हैं तो आपको एक खरीदने पर विचार करना चाहिए । अन्य स्मार्ट होम सिस्टम की तरह, अमेज़ॅन एलेक्सा एक कार्य प्रगति पर है। हालाँकि, अमेज़ॅन इको प्लस की सिफारिश करना आसान है। यह एलेक्सा के सबसे सुविधाजनक फीचर असिस्टेंट के रूप में ऑडियो, स्मार्ट असिस्टेंट फंक्शन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स, दोनों के लिए एक सुविधाजनक वन-स्टॉप सॉल्यूशन है।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजस्थान से राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ

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 पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने उन्हें शपथ दिलाई।मनमोहन सिंह छठी बार राज्यसभा पहुंचे हैं। इससे पहले वो पांच बार असम से चुनकर राज्यसभा पहुंचे थे।

शपथ ग्रहण के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और आनंद शर्मा सभापति के चैंबर में मौजूद थे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कुछ भाजपा नेता भी वहां मौजूद थे।

86 वर्षीय मनमोहन सिंह ने राजस्थान से राज्यसभा सदस्य के रूप में वापसी की है। उन्हें निर्विरोध चुना गया क्योंकि भाजपा ने उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा था। सिंह इस वर्ष 14 जून को संसद के उच्च सदन से सेवानिवृत्त होने के थोड़े अंतराल बाद राज्यसभा में लौटे हैं। इससे पहले उन्होंने लंबी अवधि के लिए राज्यसभा में असम राज्य का प्रतिनिधित्व किया था।

हमें और देश को राहुल की जरूरत: कांग्रेस नेता

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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की याद में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के युवा नेता अमरिंदर सिंह राजा वरिंग भावुक हो गए और कहा कि पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं तथा देश को राहुल गांधी की जरूरत है।भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पंजाब विधानसभा सदस्य वरिंग ने राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की।

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राजीव गांधी की याद में अपनी बात रखते हुए वरिंग ने कहा, हो सकता है कि राहुल जी को मेरी बात पसंद नहीं आए, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि हमें राहुल जी की जरूरत है, देश को राहुल जी की जरूरत है।यह टिप्पणी करते समय वरिंग भावुक नजर आए। उनके इस कथन पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा स्टेडियम में मौजूद कार्यकर्ता तालियां बजाने लगे।

‘कांग्रेस पार्टी का भविष्य अभी भी उज्ज्वल है’, जानिए किसने कहा

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दिग्गज कांग्रेसी नेता चार्ल्स पाइनग्रोपे ने कहा कि कांग्रेस अभी भी मजबूत है, केंद्र और राज्य में सत्ता में नहीं होने के बावजूद राजनीति में उसकी मौजूदगी को खारिज नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह लोगों के जनादेश पर निर्भर करता है और पार्टी गायब नहीं होगी। केंद्र में कांग्रेस 2014 में सत्ता में विस्थापित हो गई थी और एनपीपी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2018 में सत्ता की बागडोर संभाली।

संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस कैसे कमजोर हो सकती है? केवल इसलिए कि यह राज्य में या देश में नहीं है, इसका मतलब यह है कि कांग्रेस पार्टी का सफाया हो जाएगा, एेसी बात नहीं है। पाइनग्रेपे ने कहा कि किसी भी कांग्रेस विधायक ने अपने सहयोगियों के साथ पार्टी छोड़ने की इच्छा नहीं जताई है। 2019 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए पाइनग्रेपे ने कहा कि कांग्रेस का भविष्य अभी भी उज्ज्वल है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास एक मजबूत नींव है। जब अंपरीन लिंग्दोह के पार्टी छोड़ने के कदम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लेटुम्खरा के कांग्रेस विधायक ने पार्टी हाई कमान के सामने कुछ भी व्यक्त नहीं किया है। उन्होंने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंन कहा कि पार्टी शेला उपचुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। 

कांग्रेस में मोदी के फैन? जयराम रमेश के बाद सिंघवी ने की तारीफ

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लगातार मोदी सरकार पर हमला बोलने वाले कांग्रेस के दो बड़े नेताओं ने अब कुछ ऐसा कहा है, जिससे खुद उनकी पार्टी खुश नहीं होगी. कांग्रेस नेता जयराम रमेश के बाद अब अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी को गलत ठहराना ठीक नहीं है. सिर्फ इतना ही नहीं सिंघवी ने मोदी सरकार की एक योजना की भी तारीफ की है. सिंघवी ने उज्ज्वला योजना को काफी अच्छा बताया है.

सिंघवी ने ट्विटर पर जयराम रमेश के बयान का जिक्र करते हुए लिखा,अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस नेता’मैंने हमेशा कहा है कि मोदी को एक खलनायक की तरह पेश करना गलत है. ये सिर्फ इसलिए नहीं क्योंकि वो देश के पीएम हैं, बल्कि ऐसा करके विपक्ष एक तरह से उनकी मदद करता है. काम हमेशा अच्छे, बुरे या सामान्य होते हैं. काम को व्यक्तिगत तौर पर नहीं बल्कि मुद्दों के आधार पर आंकना चाहिए. इसी तरह उज्ज्वला योजना उनके कुछ अच्छे कामों में से एक है.’

जयराम रमेश बोले- हर वक्त मोदी की आलोचना ठीक नहीं

इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर एक बड़ा बयान दिया था. बयान बड़ा इसलिए था, क्योंकि उन्होंने इसमें पीएम मोदी का समर्थन किया. ‘पूरी तरह नकारात्मक गाथा’ नहीं है और उनके काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कुछ हासिल नहीं होने वाला है.

जयराम रमेश यहीं नहीं रुके उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव में मोदी की जीत का राज भी बता दिया. उन्होंने कहा,’यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझें, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे. इसी के कारण 30 प्रतिशत मतदाताओं ने उनकी सत्ता में वापसी करवाई. वो ऐसी भाषा में बात करते हैं जो उन्हें लोगों से जोड़ती है.’

जयराम रमेश एक बुक लॉन्च पर पहुंचे थे, इस मौके पर उन्होंने पीएम मोदी की आलोचना करने को गलत ठहराया. उन्होंने इस मौके पर कहा कि अगर हम हर वक्त पीएम मोदी को एक खलनायक की तरह पेश कर रहे हैं तो आप उनका मुकाबला नहीं कर सकते हैं. जयराम रमेश ने अपनी बात को साबित करने के लिए मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना का जिक्र किया. उन्होंने कहा, साल 2019 के दौरान हमने मोदी सरकार की कुछ योजनाओं का मजाक बनाया था. लेकिन इलेक्शन स्टडी में यही सामने आया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने करोड़ों महिलाओं को साथ जोड़ा. इस योजना से वो फायदा हुआ जो 2014 में नहीं हुआ था.

आर्टिकल 370 पर भी कांग्रेस नेताओं ने किया था समर्थन

यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के नेताओं ने मोदी सरकार की योजना या फैसले की तारीफ की हो. इससे पहले जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के फैसले पर भी कई कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के खिलाफ जाकर बयान दिया था. कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस फैसले के बाद ट्वीट कर कहा था,जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर उठाए गए कदम और भारत देश मे उनके पूर्ण रूप से एकीकरण का मैं समर्थन करता हूं. संवैधानिक प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन किया जाता तो बेहतर होता, साथ ही कोई प्रश्न भी खड़े नही होते. लेकिन ये फैसला राष्ट्र हित मे लिया गया है और मैं इसका समर्थन करता हूं.

वहीं कांग्रेस नेता रंजीत रंजन ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा था कि,

 ‘हमें खुशी है कि सरकार आर्टिकल 370 को खत्म कर रही है. कश्मीरी पंडितों को काफी दर्द झेलना पड़ा है. पहले कश्मीर के लोगों के साथ अन्याय हो रहा था. अब कश्मीर में दूसरे राज्यों के लोग जमीन भी खरीद सकते हैं’

इसके अलावा कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने भी आर्टिकल 370 को हटाए जाने का समर्थन किया. उन्होंने कहा था कि इस आर्टिकल का कोई भी मतलब नहीं है, इसे हटा दिया जाना चाहिए. वहीं कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा, जनार्दन द्विवेदी और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी पार्टी लाइन से अलग जाकर मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था.