छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को कल 23 अगस्त को उनके जन्म दिवस पर राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति श्री एम. वैंकेया नायडू सहित पंजाब के राज्यपाल और केन्द्र शासित प्रदेश चण्डीगढ़ के प्रशासक श्री व्ही.पी. सिंह बदनोर ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा जताई है कि वे लगातार अनेक वर्षों तक समर्पण के साथ देश की सेवा में संलग्न रहेंगे। उप राष्ट्रपति श्री वैंकेया नायडू और पंजाब के राज्यपाल श्री बदनोर सहित अनेक राजनेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री के लिए मंगल कामनाएं की हैं।
आईएएस की नौकरी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओम प्रकाश चौधरी छत्तीसगढ़ की खरसिया विधानसभा सीट से हार चुके हैं। चौधरी को कांग्रेस उम्मीदवार उमेश पटेल ने मात दी। चौधरी को जहां 77234 मत मिले वहीं उमेश पटेल ने 94201 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। बता दें कि रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओमप्रकाश चौधरी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह की मौजूदगी में भाजपा का हाथ थामा था। 2005 बैच के इस आईएएस अधिकारी ने 25 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दिया था।
साहब से नेता बने ये महानुभव सत्ता और सियासत वाली स्वप्निल दुनिया में नाम और शोहरत कमाने के खातिर अच्छी खासी आईएस की नौकरी छोड़ चुनावी मैदान में हाथ आजमाने चले थे, लेकिन जनता ने ऐसा फैसला सुनाया की उनके जीवन में न माया मिली न राम वाली कहावत सच हो गयी| साहब की नौकरी तो गयी ही साथ ही नेतागिरी और सत्तासीन होने का सपना धरा का धरा रह गया| जी हां, ऐसा हुआ है रायपुर के सीनियर आईएस अधिकारी ओपी चौधरी के साथ| दरअसल इस अधिकारी को लगा था की मोदी की लहर और कमल की कश्ती पर सवार होकर चुनावी मैदान में बाजी मार लेंगे लेकिन जनाब के किस्मत ने खेल कर दिया, साहब को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ गया| रायपुर के साहब को सत्ता और सियासत का लालच दिल में ऐसा समाया की उनको आईएस की शानो-शौकत वाली नौकरी बेकार लगने लगी| हर तरफ मोदी लहर और कमल की खुशबू में खोये आईएस ओपी चौधरी ने सोचा की क्यों ने नेतागिरी के फूलते-फलते धंधे में हाथ अजमाया जाये, और फिर क्या था नौकरी छोड़ चौधरी साहब ने चुनाव से कुछ दिन पहले बीजेपी का दामन थाम लिया, लेकिन चुनावी समर ने साहब के साथ ऐसा खेल कर दिया की वो न घर के रहे न घाट के| दरअसल, किस्मत को उनकी नेतागिरी रास न आई, जिसका नतीजा ये हुआ की छत्तीसगढ़ चुनाव में साहब को भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा| गौरतलब है की आईएस अफसर ओपी चौधरी ने नौकरी छोड़ कर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमायी थी, लेकिन विधायिकी की परीक्षा में जनता ने उन्हें ठेंगा दिखा दिया|
‘कौन बनेगा करोड़पति’ की हॉट सीट पर बैठकर उन्नाव की रहनेवाली नुपुर ने
इस जिले का नाम रोशन कर दिया. गुरुवार को महानायक अमिताभ बच्चन के सवालों
के जवाब देकर नुपुर ने गुरुवार को 10 हजार रुपये जीते. शुक्रवार रात नौ
बजे एक बार फिर नुपुर अमिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देती नजर आयेंगी.
नुपुर खेल में जज्बे के साथ आगे बढ़ती रही और बिग बी उनका उत्साहवर्धन
करते रहे. नुपुर उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र के कपूरपूर गांव की रहनेवाली
हैं. उनके पिता किसान हैं.
जन्म
के 6 महीने के बाद जब उनके माता-पिता को उसकी विकलांगता का पता चला तो उसे
ठीक कराने के लिए उन्होंने खूब दौड़-भाग की. डॉक्टरों की दवा भी उसे ठीक
नहीं कर पाई. वे थोड़ी बड़ी हुईं तो कानुपर के एक विकलांग स्कूल में उनका
दाखिला करा दिया गया.
लेकिन नुपुर की काबिलियत को देखते हुए शिक्षकों ने
उसे सामान्य स्कूल में दाखिला लेने की सलाह दी. इसके बाद उनका एडमिशन
कॉन्वेंट स्कूल में हुआ. केबीसी में आने के लिए वे पिछले कई सालों से
प्रयासरत थीं.
अमिताभ बच्चन को अपनी कहानी सुनाते समय नुपुर की
आंखें नम हो गई. वहां मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू आ गये. नुपुर ने
बताया कि, पैदा होने के बाद नर्स ने उन्हें डस्टबिन में फेंक दिया था.
रिश्तेदार के पैसे देने के बाद नर्स ने उसे डस्टबिन से निकालकर साफ किया
और ठोका तो वह रोन लगी. उसके बाद 12 घंटे लगातार वे रोती ही रहीं थीं.
नुपुर
ने आगे बताया कि, डॉक्टरों की ओर से सही इलाज ने मिल पाने की वजह से आज
उसका यह हाल है. उन्होंने कहा, एमबीबीएस और उससे भी बड़ी डिग्री लेने के
बाद जब डॉक्टर गंभीरता नहीं दिखाते हैं तो किसी की जिंदगी किस तरह बर्बाद
होती है उसका सजीव प्रमाण वो खुद हैं.
अमिताभ के सामने हॉट सीट
पर बैठीं नुपुर ने कहा कि झांसी की रानी की तरह उसका जीवन भी संघर्षों से
भरा है. महिलाओं को ऐसा काम करना चाहिये कि वो उदाहरण बनें. महिलाएं अपने
दम पर एक बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं.
आपने अब तक कई तरह के सेब खाये होंगे लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे
हैं मौत के सेब के बारे में जिसका एक टुकड़ा भी आपके लिए जानलेवा साबित हो
सकता है. वैसे दुनिया में कई ऐसे फल हैं जो काफी खतरनाक हैं. लेकिन मौत का
सेब कहा जाने वाला फल दुनिया का सबसे खतरनाक फल माना जाता है. इस पेड़ का
हर हिस्सा जहरीला है. इतना ही नहीं, पेड़ के नीचे खड़े रहने से भी आपकी जान
पर बन सकती है. जानिए इसके बारे में.
दरअसल, फ्लोरिडा इंस्टिट्यूट ऑफ फूड ऐंड ऐग्रिकल्चरल साइंसेज के मुताबिक,
मंचीनील का हर हिस्सा काफी खतरनाक होता है. पेड़ के किसी भी हिस्से के
संपर्क में आना और उनका सेवन घातक हो सकता है. पेड़ से एक तरह का दूध जैसा
रस निकलता है जो काफी गाढ़ा होता है.
यह रस पेड़ के हर हिस्से जैसे छाल, पत्तियों और फलों से
भी रिसता रहता है और हर हिस्सा जहरीला होता है जो आपकी जान ले सकता है. अगर
त्वचा पर उसकी एक बूंद भी गिर जाए तो बहुत तेज जलन महसूस होती है. इस रस
के अंदर कई जहरीले तत्व पाए जाते हैं लेकिन सबसे खतरनाक फॉरबोल पाया जाता
है. इसकी वजह से बारिश के दिनों में पेड़ के नीचे खड़ा रहना भी खतरनाक हो
जाता है.
बता दें, फॉरबोल बहुत तेजी से पानी में घुल जाता है. जब
बारिश होती है तो पानी की बूंदों के साथ मिलकर वह नीचे गिरता है और आपकी
स्किन पर काफी तेज जलन महसूस होगी. कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें
मंचीनील की लकड़ी को जलाने पर उसके धुएं की वजह से लोगों की आंखों में सूजन
आ गई और कई तो अस्थायी रूप से अंधेपन का शिकार हो गए. धुआं अगर शरीर के
अंदर चला जाए तो वह और खतरनाक हो जाता है. वहीं अगर इसे खा लिया तो ये सबसे
ज्यादा घातक हो सकता है.इस फल को खाने के बाद इंसान को काफी उल्टियां और
पेचिश होने लगती है जिससे इंसान की जान तक चली जाती है.
इस पेड़ का
वैसे तो मंचीनील ट्री नाम है लेकिन इसे बीच ऐपल, जहरीला अमरूद, मौत का सेब
नाम से भी जाना जाता है. स्पैनिश भाषा में इसको arbol de la muerte बोला
जाता है जिसका मतलब होता है मौत का पेड़. गिनेस वर्ल्ड रेकॉर्ड्स के
मुताबिक, वाकई में मंचीनील का पेड़ दुनिया में सबसे खतरनाक पेड़ है.
जानकारी के अनुसार, गलती से इसका फल खा लेने पर निकोला स्ट्रिकलैंड नाम की
एक वैज्ञानिक मरते-मरते बची थीं. यह बात 1999 की है. स्ट्रिकलैंड अपनी एक
दोस्त के साथ कैरिबियाई द्वीप टबैगो घूमने गई थीं. वहां जब बीच पर वह टहल
रही थीं तो उनको एक हरा फल दिखा जो सेब जैसा दिख रहा था. इसके बाद उन्होंने
इसे खाया तो उनको जलन सी महसूस होने लगी और गला जाम सा होने लगा. समय रहते
उनको उपचार मिल गया. उनकी हालत को सही होने में करीब 8 घंटे लगे.
देश के पूर्व वित्त मंत्री और पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बीच गुरुवार
को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बड़ा फैसला लिया। गौरतलब है
कि सोनिया ने कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष का पद संभालने के बाद ये बड़ा
फैसला लिया है। उन्होंने महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए
उम्मीदवारों के चयन को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। इसमें
ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
सोनिया ने ज्योतिरादित्य को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस की छह सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है।
इसकी अध्यक्षता ज्योतिरादित्य सिंधियां करेंगे। इस कमेटी में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे, राजस्थान सरकार के मंत्री हरीश चौधरी, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट, विधायक दल के नेता केसी पडवी और सांसद मणिकम टैगोर भी शामिल हैं।
सोनिया ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
दिल्ली
में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सोनिया गांधी ने गुरुवार को पीएम मोदी
और उनकी सरकार पर इशारों में तगड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साल 1984
में राजीव गांधी सत्ता में आए लेकिन उन्होंने कभी भी सत्ता का इस्तेमाल भय
का माहौल पैदा करने या फिर लोगों की स्वतंत्रता को नष्ट करने के लिए नहीं
किया। उन्होंने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कभी भी लोकतंत्र के सिद्धांतों
को खतरे में डालने के लिए नहीं किया। वो राजीव गांधी की 75 वीं जयंती पर
आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी। राहुल गांधी की भी तारीफ की
सोनिया
गांधी ने कहा साल 1989 में कांग्रेस दोबारा पूरे बहुमत से जीतकर नहीं आ
सकी थी। राजीव जी ने हार को स्वीकार किया। उन्होंने सबसे बड़े दल का नेता
होने के बावजूद सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया था। यह उन्हें उनके
नैतिक बल, उनकी उदारता और इमानदारी ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया। सोनिया
ने आग कहा कि ये आज कोई नहीं कर सकता जैसे राजीव ने किया और राहुल ने किया।
चिंदबरम सीबीआई की गिरफ्त में
गौरतलब
है कि बुधवार रात को आईएनएक्स मीडिया मामले में पी चिदंबरम को उनके दिल्ली
स्थित जोरबाग आवास से गिरफ्तार कर लिया था। उन पर गलत तरीके से इंद्राणी
मुखर्जी और पीटर मुखर्जी के स्वामित्व वाले आईएनएक्स मीडिया को वित्त
मंत्री रहते 2007 में फायदा पहुंचाने के आरोप है। उनकी पेशी आज राउज
ऐवेन्यू कोर्ट में हुई। सीबीआई ने चिंदबरम की पांच दिन की रिमांड की मांग
की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूरी दे दी। 26 अगस्त तक चिदंबरम अब सीबीआई की
हिरासत में रहेंगे।
पलवल में कांग्रेस विधायक करण सिंह दलाल को बड़ा झटका लगा है। पलवल से उनके
समर्थक और मुस्लिम नेता आमिर खान ने कांग्रेस पार्टी को छोड़कर बीजेपी का
दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव दीपक मंगला ने शेखपुरा
मोहल्ले में आमिर खान को भाजपा पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया।
मंगला ने कहा कि आमिर खान के भाजपा पार्टी में शामिल होने से पार्टी निश्चिततौर पर मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश में भाजपा सरकार की नीतियों को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल की लोकप्रियता बढ़ रही है। प्रदेश में जन आर्शीवाद यात्रा में अपार जनसमूह उमड़ रहा है।
पलवल जिले में विकास कार्यो को गति प्रदान की गई। जिले में एक भी भाजपा का विधायक नहीं होने के बावजूद भी क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।
वहीं भाजपा पार्टी में शामिल हुए आमिर
खान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से काफी प्रभावित हुए
है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार व देश के लिए जीता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा किया
है। सरकार ने राष्ट्रहित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इसलिए उन्होंने भी
राष्ट्र के साथ कदम से कदम बढ़ाने के लिए भाजपा पार्टी में आस्था व्यक्त
की है। उन्होंने कहा हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी की नीतियों को जन
जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
कार्ति चिदंबरम ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दावे को खारिज करते हुए
कहा कि वह पीटर या इंद्राणी मुखर्जी से कभी नहीं मिले। कार्ति भी अपने पिता
पी.चिदंबरम के साथ आईएनएक्स मीडिया मामले में आरोपी हैं। जंतर मंतर पर
मीडिया से बातचीत करते हुए कार्ति ने कहा, “मैंने कभी इंद्राणी मुखर्जी से
मुलाकात नहीं की। मैं कभी पीटर मुखर्जी से नहीं मिला।”
उन्होंने हालांकि कहा कि वह सीबीआई पूछताछ के दौरान सिर्फ बायकुला जेल में उससे (इंद्राणी) मिले।
कार्ति ने कहा, “मैं अपने पिता (पी.चिदंबरम) के कार्यालय नहीं जाता।”
इससे
पहले उन्होंने कहा था, “मैं एफआईपीबी (विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड) में
किसी से नहीं मिला, मैं एफआईपीबी की प्रक्रिया नहीं जानता।”
यह इंद्राणी द्वारा ईडी को दिए गए बयान से स्पष्ट तौर पर विरोधाभासी है।
17 फरवरी 2018 को दर्ज कराए गए बयान में इंद्राणी ने कथित
तौर पर दावा किया था कि कार्ति ने उनसे (मुखर्जी) से दिल्ली के हयात होटल
में मुलाकात के दौरान 10 लाख डॉलर की रिश्वत की मांग की थी। यह बयान अब
अदालत के दस्तावेज का एक हिस्सा है।
पूर्व वित्तमंत्री पी.चिदंबरम
की गिरफ्तारी के अगले दिन उनके बेटे व सांसद कार्ति चिदंबरम अपने पिता की
गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन करने व कानूनी लड़ाई की रणनीति को आगे बढ़ाने
के लिए दिल्ली में आए हैं।
दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने अपने पिता की गिरफ्तारी के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया था।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel)
का जन्मदिन 23 अगस्त को है. सीएम का जन्मदिन सादगी से मुख्यमंत्री निवास
रायपुर (Raipur) में मनाने का निर्णय लिया गया है. सीएम भूपेश ने पहले ही
कद दिया था कि हाल ही में उनकी माता का निधन हुआ है. इसलिए वे अपना जन्मदिन
(Birthday) इस साल नहीं मनाएंगे. हालांकि जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री
निवास (CM House) में गरीबों को पौष्टिक चना बांटने सहित कुछ आयोजन किए गए
हैं.
इस बीच जन्मदिन से ऐन पहले सीएम भूपेश बघेल ने प्रदेश की जनता को एक बड़ा तोहफा दिया है.
छत्तीसगढ़
(Chhattisgarh) की भूपेश सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को
महंगाई भत्ते (DA) की किस्त मंजूर कर दी है. बीते 22 अगस्त की देर शाम
सरकार की ओर से ये निर्णय सार्वजनिक किया गया. अब नई व्यवस्था में सरकारी
कर्मचारियों व पेंशनरों को 7वें वेतनमान में 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता
मिलेगा. जबकि 6वें वेतनमान के तहत वेतन लेने वाले कर्मचारियों और पेंशनरों
को 6 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता की व्यवस्था की गई है. कर्मचारियों और
पेंशनरों के लिए ये सुविधा 1 जनवरी 2019 से ही प्रभावी हो जाएगी.
पहले थी ये व्यवस्था
नए आदेश के प्रभावी होने के पहले तक प्रदेश के कर्मचारियों को सातवें
वेतनमान में 9 प्रतिशत 6वें वेतनमान में 148 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया
जाता रहा है. अब की गई नई वृद्धि के बाद कर्मचारियों और पेंशनरों को सातवें
वेतनमान में 12 फीसदी एवं छठवें वेतनमान में 154 प्रतिशत महंगाई भत्ता
मिलेगा. सरकार के इस तोहफे के बाद राज्य के लगभग 3 लाख 72 हजार कर्मचारियों
और लगभग एक लाख 13 हजार पेंशनरों को लाभ मिलेगा. मिली जानकारी के
मुताबिक भूपेश सरकार ने महंगाई भत्ता दो तरह से देने का फैसला किया है.
पहला पुराने कर्मचारी जिनका जीपीएफ कटता है, एक जनवरी से 30 जनवरी तक का
एरियर्स उनके बैंक खातों में जमा करा दिया जाएगा. इसके साथ ही 2004 के बाद
के कर्मचारी जिनको पेंशन की सुविधा नहीं है उन्हें जनवरी से जून तक का डीए
का पैसा नगद दे दिया जाएगा.
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी
जगह बनाए हुए हैं. उनके साथ 3 से 4 नाम का पैनल है. लेकिन फिलहाल नए
अध्यक्ष के नाम के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा. पहले चर्चा थी कि आज
दिल्ली में सीएम कमलनाथ की पार्टी नेता सोनिया गांधी से मुलाक़ात के बाद
नये अध्यक्ष के नाम का एलान हो सकता है. लेकिन भोपाल में पार्टी सदस्यों से
की गयी रायशुमारी की रिपोर्ट ही अभी दिल्ली नहीं पहुंची है.
अध्यक्ष पद की रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे आगे चल रहा है.
अभी नहीं बनी बात
बुधवार को पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने दिनभर पार्टी सदस्यों
से नये प्रदेश अध्यक्ष के बारे में उनकी पसंद और राय जानी. सीएम कमलनाथ
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जयंती समारोह में शामिल होने के लिए
दिल्ली गए हुए हैं. पहले चर्चा थी कि कार्यक्रम के बाद सोनिया गांधी से भी
मुलाक़ात के बाद नये पीसीसी चीफ के नाम का एलान हो सकता है. पहले ये माना
जा रहा था कि बावरिया अपनी रिपोर्ट देंगे और फिर कमलनाथ-सोनिया की मुलाकात
में नाम तय हो जाएगा. लेकिन अभी बावरिया ने अपनी रिपोर्ट ही नहीं सौंपी है.
राज्य के पार्टी प्रभारी दीपक बाबरिया कार्यकर्ताओं और पदधिकारियो की राय
की एक रिपोर्ट अब एक दो दिन में सोनिया गांधी को सौपेंगे. इसलिए फिलहाल नये
प्रदेश अध्यक्ष के नाम का एलान भी टल गया है.
दिल्ली में दीपक
बाबरिया ने बताया कि एक दो दिन में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात
होगी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की राय पर वो उन्हें रिपोर्ट देंगे.
उन्होंने बताया कि अब अध्यक्ष की दौड़ में 3 से 4 लोगों ही रह गए हैं. इससे
पहले 10 से 12 नेता अध्यक्ष पद की रेस में थे.
दीपक बाबरिया ने
स्वीकार किया कि अध्यक्ष पद की दौड़ में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हैं
और पैनल में उनका नाम भी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महीने के अंत तक
नये पीसीसी चीफ के नाम का एलान हो सकता है. रिपोर्ट देने के बाद अंतिम
फैसला सोनिया गांधी को ही करना है.
ईवीएम का जिन्न एक बार फिर से सामने आया है, लेकिन इस बार
ईवीएम पर निशाना साधने वाला विपक्ष नहीं है, बल्कि 8 बार के सांसद व
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार है। केंद्रीय मंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से
ईवीएम पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में एक बूथ पर खुद को
मात्र पांच वोट मिलने की जांच कराने की मांग की है। वहीं केंद्रीय मंत्री
ने डीएम से भी मामले की शिकायत की है।
संतोष गंगवार को मिले सिर्फ 5 वोट
बरेली लोकसभा से 8 बार के सांसद व केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष
गंगवार ने डीएम से शिकायत की है कि जो बूथ भाजपा का गढ़ कहलाता है।
जहां योगी सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल रहते है।
उस कालीबाड़ी मुहल्ला स्थित विष्णु बाल सदन के बूथ संख्या 290 पर केंद्रीय
मंत्री को महज 5 और सपा को 583 वोट मिले हैं।
मतगणना के वक्त हुई एजेंटों से गलती-गंगवार
उनका कहना है कि जबकि होना इसका उल्टा चाहिए था। हालांकि केंद्रीय मंत्री
जे जब ये पूछा गया कि क्या वो मानते है कि ईवीएम की वजह से ऐसा हुआ है तो
उन्होंने इन बात से साफ इंकार कर दिया। उनका कहना है कि मतगणना के वक्त
एजेंटों से ये गलती हुई होगी। केंद्रीय मंत्री ने बरेली के जिला निर्वाचन
अधिकारी व डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से इसकी शिकायत की है।
सपा ने साधा निशाना
वहीं केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बैठे बैठाए समाजवादी पार्टी को
मुद्दा दे दिया है। समाजवादी पार्टी में मंत्री रह चुके और बरेली लोकसभा से
चुनाव लड़ चुके भगवत सरन गंगवार ने संतोष की डीएम से शिकायत पर कहा कि जब
हम लोग कहते थे कि ईवीएम में गड़बड़ी हो रही है। तो चुनाव आयोग और सरकार
दोनों ने इस बात को नहीं माना, लेकिन अब तो अप्रत्यक्ष रूप से खुद केंद्रीय
मंत्री संतोष गंगवार ने ईवीएम पर निशाना साधा है। भगवत सरन ने कहा कि
दुनियाभर में कई ऐसे देश है जहां पर ईवीएम से चुनाव होना बंद हो गए है।
ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष को मिला फिर से मुद्दा
गौरतलब है कि कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल ईवीएम पर पहले ही सवाल उठा चुके
हैं। और अब जब खुद केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया है तो विपक्ष को एक बार
फिर से मुद्दा मिल गया है।