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तेजस्वी, तेज प्रताप देर रात तक धरने पर, दूध बाजार तोड़ने के विरोध में राजद का जोरदार हंगामा…

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रेलवे स्टेशन के करीब दूध मार्केट को तोडे जाने के विरोध में बुधवार शाम राजद ने जोरदार हंगामा किया. राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मिल्क मार्केट के सामने धरने पर बैठ गये. उन्हें देखकर दूध कारोबारियों के साथ ही राजद विधायक और कार्यकर्ता भी आक्रामक हो उठे. उनकी जोरदार नारेबाजी के बीच तेजस्वी ने उन सभी को उग्र होने से रोका.

वह लगातार प्रशासन के अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन कोई वहां नहीं पहुंचा. तेजस्वी से डीएम और कमिश्नर से फोन पर बातचीत हुई. इसी बीच तेज आंधी और बारिश के बावजूद तेजस्वी कार्यकर्ताओं सहित धरने पर डटे रहे. शाम करीब सवा सात बजे से धरने पर बैठे तेजस्वी का साथ देने के लिए देर रात उनके भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेज प्रताप यादव भी मौके पर पहुंच गये.

जमींदोज दूध मार्केट के साथ राधा कृष्ण के मंदिर तोड़े जाने पर भी दूध कारोबारी नाराज थे. बाद में प्रशासन ने समूचे मार्केट को बिजली आपूर्ति करने वाली लाइट कटवा दी. अंधेरा होने की वजह से सभी कार्यकर्ता रोड पर आ गये. हंगामे की शुरुआत बुधवार दोपहर बाद हुई. अतिक्रमण हटाओ दस्ता दूध मार्केट से कब्जे हटा रहा था. शाम तक आधे से ज्यादा मिल्क मार्केट को अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने हटा दिया था.

कुछ पूंजीपतियों को होगा फायदा : तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि दूध मार्केट को तोड़ने की वजह केवल कुछ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की साजिश है. इसलिए दूध बेचने वाले छोटे कारोबारियों को उजाड़ दिया गया. उन्होंने अफसरों तक संदेश भी पहुंचाया कि वे इसको धराशायी करने की वजह बतायें. इस बीच कोई अफसर सामने नहीं आया. अफसर अपनी-अपनी गाड़ियों में जाकर बैठ गये.

पुलिस आगे कर दी. इस दौरान उनके साथ मौजूद राजद नेताओं ने निगम कमिश्नर और दूसरे अफसरों को फोन भी लगवाये, लेकिन किसी के फोन नहीं उठे. इसके बाद वे कार्यकर्ताओं के सामने पटना जंक्शन के सामने गोलंबर के निकट धरने पर बैठ गये.

रास्ता जाम हो गया. करीब आधा घंटे सड़क पर कुर्सी डालकर बैठे रहे. इसके बाद तेज आंधी पानी आ गया. वह जाम में छाता तानकर सड़क पर ही खड़े रहे. रात में उनका साथ देने उनके भाई तेजप्रताप यादव भी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गये. तेज प्रताप ने कहा कि राधा कृष्ण मंदिर तोड़ना हमारा अपमान है. ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.

उन्हाेंने अपने अंदाज में काफी कुछ कहा. दोनों भाइयों को एक साथ देखकर कार्यकर्ता और कारोबारी काफी जोश में आ गये. तेजस्वी यादव ने कहां कि वह चाहते हैं कि दूध कारोबारियों को वैकल्पिक स्थायी जगह दी जाये. इस पर प्रशासन का जवाब था कि जगह देंगे, लेकर लिखकर नहीं देंगे. तेजस्वी यादव ने ये भी कहा-प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं.

मोदी सरकार घरों में लगवाएगी स्‍मार्ट प्रीपेड मीटर, बिजली के बिल में होगी बचत

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स्‍मार्ट घर और अब स्‍मार्ट बिजली का मीटर आने वाला है। इस पर मोदी सरकार काम कर रही है। सरकार ने वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार और बज़ली बिल की बचत के उद्देश्‍य से देश भर में सभी ग्राहकों के यहां बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं।

3 साल में लग जाएंगे स्‍मार्ट प्रीपेड मीटर

इलेक्‍ट्रीसिटी मिनिस्‍टर आर के सिंह ने कहा कि राज्यों से इस बात पर बल दिया गया है कि अगले 3 साल में उपभोक्ताओं के यहां परंपरागत मीटरों की जगह स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने इसके लिए राज्यों से यथाशीघ्र योजना तैयार करके उसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजने का आग्रह किया है। साथ ही इस दिशा में कदम उठाने के लिए बिजली मंत्रालय ने 830 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

2 अगस्‍त को पत्र लिखकर अधिकारियों से ली थी जानकारी

बता दें कि मंत्री ने इस महीने की शुरुआत दो अगस्त को सभी राज्यों के प्रधान सचिव/ सचिव (ऊर्जा) और बिजली वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर उन्हें स्मार्ट प्रीपेड मीटर के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में भी जानकारी मांगी है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ग्राहक ठीक मोबाइल फोन की तरह मीटर रिचार्ज कराकर अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकते हैं। इस लिहाज से यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए उपयुक्त है, जिन्हें एक बार में बिजली बिल का भुगतान करने में समस्या होती है।

कंपनियों को वित्‍तीय रूप से मिलेगा लाभ

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा कि इससे बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय सेहत मजबूत होगी। साथ ही बड़े पैमाने पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर बनने से रोजगार भी प्रभावित होंगे। इतना ही नहीं इसमें ग्राहक ऊर्जा बचत के लिए प्रोत्‍साहित होंगे। चूंकि बिल आपके मोबाइल पर आ जाएगा और कागजी बिल की जरूरत नहीं होगी, अत: यह पर्यावरण के अनुकूल भी है।

इस पर उन्होंने राज्यों को लिखित पत्र में जोर देते हुए कहा है कि राज्यों / बिजली वितरण कंपनियों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर हर हाल में लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया तीन साल में पूरी करनी है। सिंह ने कहा कि अगले तीन साल के भीतर सभी ग्राहकों के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने और इस दिशा में हुई प्रगति के बारे में यथाशीघ्र रूपरेखाएं देने का अनुरोध है।

41 लाख स्मार्ट मीटर के लिए 830 करोड़ रुपये की राशि

इलेक्‍ट्रीसिटी मिनिस्‍टरी ने राज्यों के अनुरोध पर एकीकृत बिजली विकास योजना (आईपीडीएस) के तहत 41 लाख स्मार्ट मीटर के लिए 830 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। साथ ही स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं के तहत राष्ट्रीय स्मार्ट ग्रिड मिशन के तहत वित्तीय पोषण उपलब्ध कराया गया है। इन योजनाओं के तहत खरीदे गए मीटर प्रीपेड होंगे।

सिर दर्द को चुटकी में दूर करेगा अदरक, जानें अन्य फायदे

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ठंडे मौसम में अदरक का सेवन काफी लाभकारी होता है. चाय में अक्सर अदरक डाल कर पी जाती है जिससे स्वाद भी अच्छा बनता है और आपकी सेहत को भी लाभ होता है. अदरक आपको हेल्दी रखने में भी असरदार होता है और आपको कई बीमारियों से बचाकर रखता है. आज हम आपको इसी के कुछ लाभ बताने जा रहे हैं..

ऐसे करें इस्तेमाल 
आप इसे रोजाना चाय के साथ ले सकते हैं. इसके अलावा, आप चाहे तो इसका जूस भी इस्तेमाल कर सकते हैं या इसे छीलकर साफ करके चबाकर खा सकते हैं. इसका पाउडर भी शहद के साथ मिलाकर खा सकते हैं.

* इसमें एंटीइंफ्लेमेंटरी प्रोपर्टी होती है. इससे आपको सूजन और किसी तरह के दर्द से आराम मिलता है. अर्थराइटिस के मरीज के लिए ये काफी फायदेमंद होता है.

* अगर आपको जी मचलने या उल्टी की परेशानी हो, तो करीब एक ग्राम अदरक का सेवन करें. गर्भवती महिलाओं को अक्सर ये समस्या रहती है. इसके लिए वो इतनी क्वांटिटी में रोजाना अदरक का सेवन करें.

* अदरक के रोजाना सेवन करने से आपके शरीर का पाचन क्रिया बेहतर होता है. साथ ही, इससे पेट दर्द, पेट फूलने और डायरिया जैसी समस्या भी दूर होती है.

* अदरक शरीर के एक्सट्रा फैट को बर्न करने में मदद करता है. ये आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर वजन कम करने में असरदार होता है.

* इसमें 6-जिंजरॉल पदार्थ होता है जिसमें इसमें एंटीकैंसर प्रोपर्टी होती है. इससे ब्रेस्ट और ओवरी कैंसर का खतरा कम होता है.

* इसके सेवन से सिरदर्द समेत सर्दी-खांसी और अस्थमा जैसी परेशानी भी दूर होती है.

मोदी सरकार सतर्क, आसमान छू रहे प्याज के दाम

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आने वाले त्योहारों और राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्याज के बढ़ती कीमतों ने केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी है। एक तो टमाटर और साग सब्जियों के दाम वैसे ही भारी बारिश के चलते आसमान छू रहे हैं उसपर से अब प्याज की कीमतों ने भी लोगों के आंखों से आंसू निकालना शुरु कर दिया है। खुदरा बाजार में प्याज 35 से 40 रुपये प्रति किलो में मिल रहा है।

प्याज के जमाखोरों को सरकार की चेतावनी

प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। उपभोक्ता मामलों के सचिव अविनाश के श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें नेफेड के एमडी और एनसीसीएफ के प्रतिनिधि भी शामिल हुये। इस बैठक में प्याज की कीमतों पर नकेल कसने के लिये कई फैसले लिये गये। वहीं प्याज के जमाखोरों और मुनाफाखोरों को अपनी हरकत से बाज आने की चेतावनी दी गई है। सरकार ने बयान जारी कर कहा कि प्याज की मुनाफाखोरी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कारवाई की जायेगी।

23.90 रुपये प्रति किलो प्याज बेचेगा सफल

इस बैठक में फैसला लिया गया है कि 21 अगस्त को सफल के स्टोर पर जो प्याज की कीमत उससे ज्यादा कीमत पर प्याज नहीं बेचा जाएगा। सफल अपने स्टोर के जरिये 23.90 रुपये प्रति किलो की कीमतों पर ए ग्रेड का प्याज बेचेगा। सफल ने अपने प्याज बेचने की क्षमता को दोगुमा करने को कहा गया। वहीं नेफेड और एनसीसीएफ से अपने आउट्लेट और मोबाइल वैन के जरिये उसी कीमत पर प्याज बेचने को कहा गया जिस दर पर सफल खुदरा बाजार में प्याज बेचेगा।

प्याज की कीमतों पर सरकार की पैनी नजर

सरकार ने फैसला लिया है कि अपने बफर स्टॉक से लागत मुल्य के आधार बड़े खुदरा व्यापारियों को प्याज बेचेगी। सरकार ने कहा है कि प्याज की कीमतों पर वो लगातार अपनी नजर बनाये रखेगी। सरकार ने धमकी देते हुये कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो प्याज की कीमतों को काबू में लाने के लिये वो मिनिमम एक्सपोर्ट (MEP)प्राइस को भी लागू कर सकती है।

प्याज ने निकाले थे बीजेपी के आंसू

दरअसल केंद्र में सताधारी पार्टी बीजेपी के दो दशक पहले प्याज की कीमतों ने आंसू निकाल दिए थे जब विधानसभा चुनावों में उसे प्याज की कीमतों के कारण करारी हार का सामना करना पड़ा था। मोदी सरकार किसी भी हालत में प्याज की कीमतों को बेकाबू नहीं होने देना चाहती क्योंकि 2 से 3 महीनों में तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जहां अभी बीजेपी की सरकारें है।

छत्तीसगढ़ : थाने के सामने पुलिस अफसर की कार मोबाइल और वायरलेस चोरी, ऐसे पकड़े गए आरोपी

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग जिले की पुलिस (Police) ने चोरी व लूट (Robbery) की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) करने का दावा किया है. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों द्वारा भिलाई, दुर्ग (Bhilai & Durg) सहित राजनांदगांव (Rajnandgaon) में कुल 8 लूट की वारदातों (Crime) को अंजाम देने की बात स्वीकार की गई है. दुर्ग (Durg) में तीन दिन पूर्व एक के बाद एक लगातार हुई लूट की घटना के बाद हरकत में आई पुलिस (Police) की तफ्तीश में आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े. बीते 20 अगस्त को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया.

पुलिस थाने के सामने से वारदात
बता दें कि आरोपी बीते दिनों भिलाई के छावनी पुलिस थाने (Police Station) के सामने खड़ी पुलिस अफसर की कार से मोबाइल फोन (Mobile Phone) और वायरलेस सेट चोरी कर लिए थे. इसके अलावा बीते 17 अगस्त की रात आर्य नगर के व्यापारी विनोद आडतिया से चाकू की नोक पर 15 हजार रुपए और होटल संचालक जतिन्दर सिंग से घर लौटने के दौरान आरोपियों ने 8 हजार 500 रुपए की लूट (robbery) कर ली थी. इस मामले को सुलझाने जुटी पुलिस की जांच में आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए और जिले के अन्य स्थानों पर भी हुई लूट का खुलासा हो सका.

दुर्ग एसपी प्रखर पांडेय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी लंबे समय से लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. पकड़ा गया आरोपी रोशन स्टार्ली और डोमेश की जोडी जय और वीरू की तरह रही है, जिन्होंने 8 लूट के मामलों के पहले एक साथ अन्य 11 लूट के माममों को भी अंजाम दिया था. आरोपियों ने पुलिस को भी नहीं छोड़ा था. आरोपियों को गिरफतार कर लिया गया है और उन्हें जिला बदर करने की तैयारी की जा रही है.

लाचारी को ताकत बनाकर केबीसी तक पहुंचीं नूपुर, अमिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देते नजर आएंगी

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‘अंधेरा चाहे कितना भी घना हो, मैं झांसी की रानी की तरह उठूंगी और अपने लिए सब कुछ बदल दूंगी।’ धारावाहिक ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के सामने हिम्मत और हौसले से भरी ये लाइनें बोलने वाली नूपुर चौहान गांधी ग्राम, रामादेवी कानपुर की रहने वाली हैं। नूपुर चौहान जन्म से ही दिव्यांग हैं। उनके शरीर का दायां हिस्सा पूरी तरह निष्क्रिय है। वह चलने, उठने, बैठने में असमर्थ हैं, लेकिन गुरुवार को सोनी चैनल पर ‘केबीसी’ में अमिताभ बच्चन के सवालों के जवाब देते नजर आएंगी। शरीर जब चलने फिरने में लाचार हो तो सहानुभूति भी लोग भीख की तरह देते हैं। यह बात नूपुर को बचपन से अखरती आ रही है। सहानुभूति नहीं सम्मान की चाह में नूपुर ने कुछ ऐसा करने की ठानी कि यह बात वह पूरी दुनिया को बता सकें। इसी धुन में उन्होंने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के सवालों के जवाब देने के लिए खुद को तैयार किया। उनकी मेहनत रंग लाई और उनका चयन हुआ।

नूपुर 25 लाख रुपये जीतने के पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं। नूपुर किसान परिवार से हैं। पिता राम कुमार सिंह और माता कल्पना सिंह पैतृक निवास कपूरपुर, उन्नाव में रहते हैं। जन्म के बाद दिव्यांगता चुनौती बनी तो बेहतर इलाज के लिए नाना-नानी जगतपाल सिंह और पदमा सिंह उन्हें अपने घर गांधी ग्राम ले आए। बाल भवन, फूलबाग में उन्हें कई वर्षों तक प्रारंभिक ट्रेनिंग मिली, तब से सामान्य बच्चों की तरह व्यवहार कर सकीं।

शारीरिक बनावट की वजह से नहीं मिलता था प्रवेश 
दिव्यांगता की वजह से उन्हें सामान्य बच्चों के बीच पढ़ाई करने के लिए स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलता था। अभिभावकों की शिकायत पर कई स्कूलों ने उन्हें निकाला। आखिरकार टीएलपी मांटेसरी लाल बंगला में पांचवीं तक, माडर्न हायर सेकेंडरी स्कूल लाल बंगला में 10वीं तक, गुरुकुल इंटर कालेज सनिगवां में 12वीं तक, रामऔतार सिंह महिला महाविद्यालय फतेहपुर से बीए तक पढ़ाई की। आत्मनिर्भर बनने के लिए 10वीं कक्षा से ही ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था। अब घर में कोचिंग सेंटर खोल रखा है। पढ़ने और पढ़ाने में जुटी रहती हैं।

माता-पिता को अच्छा घर देना है 
नूृपुर दिव्यांग होते हुए भी पिता का सहारा बनना चाहती हैं। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि केबीसी में जीती हुई रकम से अपने पैतृक गांव कपूरपुर, उन्नाव में माता पिता को अच्छा घर बनवाकर देंगी। दिव्यांग बच्चों के अंदर हिम्मत भरने के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर भी खोलना चाहती हैं।

ऐसे हुआ चयन 
नूपुर ने बताया कि सोनी चैनल पर केबीसी का विज्ञापन आ रहा था। कार्यक्रम का हिस्सा बनने के लिए एक से 15 मई तक सवाल पूछे गए। जवाब सही हुए तो लखनऊ में ऑडिशन हुआ। इसमें भी उन्होंने सही जवाब दिए। इसके बाद उनका केबीसी के लिए चयन हुआ। गुरुवार को रात नौ बजे कार्यक्रम का प्रसारण होगा।

दुनिया की फेमस पोर्न स्टार सुरंग में रहने को मजबूर, इस हालत में मिली

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कभी दुनिया की सफल पोर्न स्टार के रूप मशहूर एक महिला बेघर होकर सुरंग में रहती हुई मिली है. एक टीवी चैनल की टीम ने पूर्व पोर्न स्टार जेनी ली को अमेरिका के लास वेगास की एक सुरंग में ढूंढ निकाला. 37 साल की हो चुकी जेनी ली उर्फ स्टीफनी सैडोरा की गिनती कुछ ही साल पहले तक दुनिया की सबसे सफल एडल्ट एक्ट्रेस के तौर पर होती थी.

लास वेगास की सुरंगों पर डॉक्यूमेंट्री बना रही एक डच टीवी टीम की अचानक पूर्व पोर्न स्टार से मुलाकात हो गई. असल में शहर को बाढ़ वगैरह से बचाने के लिए सुरंगें बनाई गई हैं जिसमें बेघर लोग रहने लगे. 320 किमी लंबी सुरंग में करीब 300 लोग रह रहे हैं जिनमें काफी ड्रग एडिक्ट हैं. 

एक आंकड़े के मुताबिक, इस वक्त भी एडल्ट स्टार के बीच जेनी ली की रैंकिंग 119वें नंबर पर है. एक वेबसाइट पर आज भी उन्हें 45 हजार लोग सब्सक्राइब करते हैं.

लेकिन अब जेनी को चमक दमक भरे लास वेगास शहर में एक अंधेरी सुरंग में रहना पड़ रहा है. जेनी ने यह भी कहा है कि वह अब सुरंग से बाहर नहीं आएंगी. 

जेनी कहती हैं कि उसे जो चाहिए, सबकुछ इस सुरंग में है. उन्होंने कहा- सुरंग में रहने वाले लोगों में अधिक अपनापन है, मैंने यहां सच्चे दोस्त बनाए हैं. लेकिन यह साफ नहीं हो पाया है कि किस स्थिति में जेनी को सुरंग में रहने के लिए आना पड़ा. 

बता दें कि वेगास की सुरंगों में जिंदगी आसान नहीं है. कई बार पुलिस सर्च अभियान चलाती है तो दूसरी ओर बाढ़ से भी खतरा बना रहता है. एक शख्स ने बताया कि 2016 में सुरंग में पानी भरने की वजह से एक लड़की डूबकर मर गई थी.

अपने फैसले से चिदंबरम और रतुल पुरी को बेचैन कर देने वाले कौन हैं जस्टिस गौड़?

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 कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया के केस में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। दिल्ली हाईकोर्ट के जज ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में तथ्यों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि याचिकाकर्ता ही इस केस में मुख्य साजिशकर्ता है। चिदबंरम की याचिका खारिज करने वाले जस्टिस सुनील गौड़ ने इस मामले को ‘मनी लॉन्ड्रिंग का क्लासिक केस’ बताते हुए कहा कि अगर आरोपी को जमानत दी गई तो समाज में एक गलत संदेश जाएगा। जस्टिस सुनील गौड़ इस फैसले के 48 घंटे बाद यानी शुक्रवार को ही रिटायर हो रहे हैं।1984 में शुरू किया था करियर

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, जस्टिस सुनील गौड़ ने 1984 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से अपना करियर शुरू किया था और 1995 में दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा में शामिल हुए। जस्टिस गौड़ 2008 से उच्च न्यायालय में हैं। जस्टिस सुनील गौड़ ने मंगलवार को ही एक और हाई प्रोफाइल मामले, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भतीजे रतुल पुरी के बैंक धोखाधड़ी मामले में सुनवाई की। रतुल पुरी की अग्रिम जमानत याचिका को भी जस्टिस सुनील गौड़ ने खारिज कर दिया। रतुल पुरी की गिरफ्तारी के बाद जस्टिस सुनील गौड़ ने कहा कि एक सही और प्रभावी जांच के लिए उनसे कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। (फोटो: साभार एनडीटीवी)

इससे पहले चिदंबरम को मिली हुई थी राहत

गौरतलब है कि यूपीए की सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम को इस मामले में इससे पहले हाईकोर्ट से गिरफ्तारी से राहत मिली हुई थी। चिदंबरम के ऊपर वित्त मंत्री रहते हुए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी देने में अनियमित तरीके से मदद करने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय और CBI इस बात की जांच कर रहे हैं कि 2007 में पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने बोर्ड की मंजूरी कैसे मैनेज की थी। कार्ति को पिछले साल 28 फरवरी को आईएनएक्स मीडिया को FIPB निकासी की सुविधा देने के लिए कथित रूप से रकम स्वीकार करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। मीडिया कंपनी आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी।

चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी

आपको बता दें कि अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पी चिदंबरम पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। बुधवार को सीबीआई की टीम एक बार फिर चिदंबरम के घर पहुंची, लेकिन वो वहां नहीं मिले। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने चिदंबरम के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है। सीबीआई की एक टीम उनके आवास पर भी डेरा डाले हुए है। इससे पहले मंगलवार को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की टीम दिल्ली के जोरबाग स्थित उनके आवास पर पहुंची थी लेकिन चिदंबरम नहीं मिले। चिदंबरम और उनके ड्राइवर का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा है। इसके बाद सीबीआई की टीम ने उनके घर पर नोटिस चिपकाकर दो घंटे में सीबीआई दफ्तर में हाजिर होने को कहा था, लेकिन चिदंबरम सीबीआई दफ्तर नहीं पहुंचे।

टूट गई राखी सावंत की शादी? शेयर की रोने वाली तस्वीरें

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अपने अजीबो-गरीब कारनामों को लिए अकसर सुर्खियों बनी रहने वाली एक्ट्रेस राखी सावंत (Rakhi Sawant) अब अपनी शादी को लेकर जबरदस्त चर्चा में आ गई हैं. राखी ने 28 जुलाई को शादी तो कर ली, दुल्हन के आउटफिट में तस्वीरें भी शेयर कर दीं लेकिन अपने पति की एक भी तस्वीर इंस्टाग्राम पर नहीं दिखाई. उनकी शादी को लगभग 1 महीना होने जा रहा है. राखी ने दूसरा हनीमून भी प्लान कर लिया है लेकिन अभी तक उनके पति का नामोनिशान नहीं है. वहीं अब हाल ही ने राखी ने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसा कारनामा किया है कि लोग पूछ रहे हैं कि क्या उनकी शादी टूट गई है? दरअसल, हाल ही में राखी ने कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. ये तस्वीरें राखी की नहीं हैं बल्कि एक एनिमेटेड लड़की की फोटोज हैं. तस्वीरों में ये लड़की रोती हुई नजर आ रही हैं. एक तस्वीर में उसका दिल टूटता हुआ दिखाई दे रहा है. वहीं एक तस्वीर में तो उन्होंने सैड कोटेशन भी शेयर किया है. राखी की इन्हीं तस्वीरों पर लोग उनसे कई सवाल पूछ रहे हैं.

एक यूजर ने लिखा ‘क्या तुम्हारी शादी टूट गई?’ एक दूसरे यूजर ने कमेंट में लिखा ‘तलाक?’ वहीं एक अन्य ने राखी को लंबा चौड़ा ज्ञान दे डाला. कमेंट बॉक्स में इस यूजर ने लिखा- ‘राखी कभी तो गंभीर हो जाया करो, कभी शादी, कभी दीपक कलाल तो कभी कोई दूसरा नाटक. ऐसे तुम अपनी इमेज खराब कर रही हो’.

वहीं राखी की शादी टूटने का कयास तो लगाए जा रहे हैं लेकिन हम ऐसा कोई दावा नहीं कर रहे हैं क्योंकि एक तस्वीर के कैप्शन में राखी ने लिखा है कि वो इसलिए रो रही हैं क्योंकि उन्हें यूके जाना है और वहां के टिकिट्स काफी मंहगे हैं. ऐसे में आखिर माजरा क्या है कुछ समझ नहीं आ रहा है. अपने इस कारनामे के बारे में तो खुद राखी ही बता सकती हैं. हम तो यही कहेंगे कि आप भी कमेंट्स को छोड़ राखी की शादी या फिर तलाक की बातों पर तभी भरोसा करें जब राखी खुद इसके बारे में बात करें.

KBC Season 11: टूट गया है अमिताभ का बायां कंधा, एक गिलास पानी भी नहीं उठा पाते

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कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati) के 11वें सीजन में बातों ही बातों में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपने बायें हाथ के कंधे से जुड़ा बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि उनका बायां हाथ अब काम नहीं कर पाता है. यहां तक कि केबीसी (KBC) में कंटेस्टेंट को चेक देने के लिए भी अब वो अपना दायां हाथ इस्तेमाल करने लगे हैं.

अमिताभ ने बताया कि चूंकि वे बायें हा‌थ से अपना सारा काम करते हैं. इसलिए उनके दिमाग में सारे कामों को करने के लिए उसी हाथ को उठाता है. ऐसा होने पर अक्सर वो अपना बायां हाथ उठाने की कोशिश करते हैं लेकिन इससे बहुत तकलीफ होती है. अब वे दाएं हाथ से काम करने की आदत डाल रहे हैं हालांकि ये काफी मुश्किल साबित हो रहा है.

क्या हुआ अमिताभ को
अमिताभ ने बताया कि उनके बांए हाथ की डेल्टॉएड मसल टूट गई थी. इससे उनका हा‌थ कुछ भी उठाने और घुमाने में लगभग असमर्थ हो गया है. असल में केबीसी के पहले कंटेस्टेंट गुजरात के अनिल के साथ केबीसी गेम शो खेलते वक्त उन्होंने एक सवाल पूछा कि शरीर में डेल्टॉएड मसल कहां पाई जाती है.

अनिल पहले जिम ट्रेनर रह चुके थे. इसलिए उम्मीद की जा रही थी वे बता देंगे. लेकिन वे इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए. उन्होंने जवाब जानने के लिए एक्‍सपर्ट की राय वाली लाइफ लाइन का इस्तेमाल किया. उनकी एक्सपर्ट मशहूर रेडियो एंकर व प्रजेंटर रिचा अनिरुद्ध ने उन्हें बताया कि ये मांस पेशियां कंधे में पाई जाती हैं. 
इसके बाद इन मांस-पेशियों के बारे में बात करते हुए अमिताभ अपनी दास्तान बताने लगे. उन्होंने बताया कि उनके बायें हाथ की डेल्टॉएड मसल टूट जाने के चलते अब उनके बायें हाथ की एक्टिविटी एकदम कम हो गई है. केबीसी के सवाल के चक्कर में यह बड़ी जानकारी अमिताभ अपने फैन्स को भी दे गए.

बता दें कि फिल्मों के शूटिंग के दौरान भी अमिताभ को चोट लगती रही है. हिंदी फिल्म कुली के एक सीन में अभिनेता पुनीत इस्सर के घूसे से लगी चोट के चलते उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था. इसके बाद से उनके पेट में कई तरह की परेशानियां रहने लगी थीं. अब उनकी ये हालत है कि लीवर का करीब 75 फीसदी हिस्सा खराब हो गया है.