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जानिए Online गैस सिलैंडर बुकिंग करवाने से पहले पढ़ें ये खबर, कहीं आपके साथ ना हो जाए ऐसा..

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अगर आप घरेलू गैस सिलैंडर की बुकिंग करवाने या सप्लाई प्राप्त करने के लिए संबंधित गैस एजैंसी द्वारा मुहैया करवाए गए फोन नंबर पर संपर्क कर रहे हैं तो जरा सावधान रहें। क्योंकि सिलैंडर की बुकिंग के नाम पर खपतकारों को ठगने के लिए सक्रिय गिरोह आपसे अधिक बैंक खाते की जानकारी लेने के साथ ही मोबाइल फोन पर भेजे गए लिंक पर मात्र 5 रुपये की ऑनलाइन पैमेंट करने के साथ ही बैंक में पड़ी आपकी जमा राशि को उड़ा लेगा।

ऐसा ही एक ताजा मामला जालंधर बाईपास स्थित अनाज मंडी में पड़ती एस.ए. इंडेन गैस एजैंसी में भी सामने आया है जिसमें शातिर ठगों के गिरोह ने एजैंसी के मोबाइल फोन को हैक कर कुछ खपतकारों के बैंक अकाउंट से हजारों रुपये की राशि उड़ा ली है काबिले गौर है कि उससे पहले भी चंडीगढ़ सहित कुछ अन्य शहरों में भी साइबर क्राइम को अंजाम देने में शातिर अपराधियों द्वारा लोगों की खून पसीने की कमाई को लूटने के लिए से काले कारनामों को अंजाम दिया गया है।

उक्त मामले संबंधी जानकारी देते हुए एस.ए.गैस एजैंसी प्रमुख विशेष जिंदल ने बताया कि साइबर क्राइम के माध्यम से ठगी मारने वाले एक जालसाज ने एजैंसी कार्यालय के मोबाइल न. 78885-69354 पर फोन पर एजैंसी की महिला कर्मचारी को एजैंसी का पता गूगल मैप पर रजिस्टर्ड करवाने का झांसा देते हुए कुछ चीजें पूरी करवा ली जिसके तुरंत बाद एजैंसी के फोन पर आने वाली प्रत्येक फोन कॉल जालसाज के फोन पर डायवर्ट होने लगी। विशेष ने इस संबंध में थाना सलेम टाबरी की पुलिस को सौंपी गई शिकायत में जिक्र किया है कि जालसाज द्वारा गैस सिलैंडर की बुकिंग करवाने वाले ग्राहक राज कुमार सहित कुछ अन्य खपतकारों के बैंक खाते से करीब 3-3 हजार रुपये की राशि उड़ा ली गई।

जालसाज ऐसे फंसाते हैं खपतकारों को अपने जाल में 
गैस सिलैंडर बुक करवाने वाले खपतकारों को जालसाज खुद को एजैंसी अथवा कंपनी का कर्मचारी बताते हुए तर्क देते हैं कि मौजूदा समय में नियमों में बदलाव होने के कारण खपतकारों को सबसे पहले जालसाज द्वारा भेजे गए एक ङ्क्षलक पर 5 रुपये ट्रांसफर करने होंगे अन्यथा उनके गैस सिलैंडर की बुकिंग नहीं की जाएगी ऐसे में अधिकतर खपतकार किसी प्रकार की होने वाली परेशानी से बचने के लिए 5 रुपये लिंक पर भेज देते हैं और उसके तुरंत बाद ही संबंधित खपतकारों के बैंक खाते से राशि गायब होने लगती है।

बताया जा रहा है कि अभी तक की सभी घटनाओं में जालसाजों द्वारा इंडेन गैस एजैंसियों से संबंधित खपतकारों को ही अपना शिकार बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि लुधियाना जिले में इंडेन गैस कंपनी की करीब 60 गैस एजेंसिंयां हैं जिन पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक खपतकार जुड़े हैं।शनिवार को जालसाज द्वारा एजैंसी का फोन नंबर हैक कर लिया गया और बुकिंग संबंधी खपतकारों की आने वाली प्रत्येक कॉल हमारे फोन पर आने की बजाए उक्त जालसाज को ट्रांसफर होने लगी। ऐसे में कुछ खपतकारों को झांसे में लेते हुए उसने बुकिंग पॉलिसी में बदलाव आने की कहानी बनाते हुए 5 रुपये भेजे गए लिंक पर डालने की बातकर करीब 3-4 खपतकारों के खाते से करीब 3-3 हजार रुपये की राशि उड़ा ली है। इस संबंध में जानकारी मिलते ही हमने तुरंत एजैंसी के हैक किए गए फोन नंबर को बंद करवाने सहित पुलिस को भी शिकायत सौंपी हैं ताकि पीड़ितों को इंसाफ मिल सके।

दिल्ली में बाढ़ के आसार,CM केजरीवाल ने बुलाई आपात बैठक, यमुना खतरे के निशान से ऊपर…

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नदी के जलभराव क्षेत्र को खाली करने का सरकार ने दिया आदेश, बचाव दल को किया गया सक्रिय, शाम तक जलस्तर 207 मीटर तक पहुंचने की संभावना, पुरानी दिल्ली रेलवे ब्रिज को भी खतरा.

हथनी कुंड बैराज से 8.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार सुबह यमुना (YAMUNA) खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई. इसको देखते हुए दिल्ली सरकार ने यमुना के जलभराव क्षेत्र को खाली करने के आदेश दे दिए हैं. बताया जा रहा है कि यह पहला मामला है जब हथनीकुंड बैराज से इतनी मात्रा में एक साथ पानी छोड़ा गया हो. मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (ARVIND KEJRIWAL) ने भी दोपहर 1 बजे आपात बैठक (EMERGENCY MEETING) बुला ली है. बैठक में आने वाली स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे. वहीं पुराने लोहा पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है. जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को हाईअलर्ट (HIGH ALERT) पर रखा गया है. वहीं दिल्ली पुलिस और नागरिक रक्षा स्वयंसेवकों की मदद से सोमवार सुबह नौ बजे तक निचले इलाके में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का निर्देश दिया गया है. वहीं दिल्ली सरकार ने शहर में बाढ़ की चेतावनी भी जारी की है.

हथनी कुंड से अब तक छोड़ा गया पानी

  • 6 सितंबर 1978 को 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था. इस दौरान यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पंहुच गया था.
  • 22 सितंबर 2010 में 7 लाख 44 हज़ार। तब जलस्तर 207.11 मीटर पंहुचा था.
  • जून 2013 में 8 लाख 6 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद जलस्तर 207.32 मीटर पंहुचा था.

यमुना नदी का जलस्तर दिल्ली में सोमवार सुबह 205.33 मीटर दर्ज किया गया. जबकि खतरे का निशान 204.50 मीटर पर है. हथनी कुंड बैराज से 8 लाख क्यूसैक पानी छोड़े जाने के बाद यह जलस्तर तेजी से बढ़ा है और बताया जा रहा है कि अभी यह और बढ़ सकता है, जिसके चलते निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है.

जानकारी के अनुसार हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से रविवार शाम को करीब 8.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अब तक के इतिहास पर नजर डाली जाए तो यह पानी की सबसे ज्‍यादा मात्रा है जा एक साथ छोड़ी गई है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यमुना का जलस्तर सोमवार शाम तक ही 207 मीटर तक पहुंच सकता है.

तो डूब जाएगा पुरानी दिल्ली का रेलवे ब्रिज

पुरानी दिल्ली का रेलवे ब्रिज अब खतरे में आ गया है. इस ब्रिज के लिए खतरे का निशान 205.33 मीटर है, यदि यमुना का जलस्तर 207 मीटर पहुंचता है तो इस रेलवे ब्रिज से ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होगा. साथ ही यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है.

प्रशासन अलर्ट पर
यमुना नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रखा है. वहीं रेस्‍क्यू टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है और निचले इलाकों को खाली करवाया जा रहा है. इसको लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रशासनिक अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है. बताया जा रहा है कि हथनी कुंड में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए अभी और पानी वहां से छोड़ा जा सकता है, जिसके चलते नदी का जलस्तर और बढ़ेगा जिससे मुश्किलें बढ़ने की आशंका है.

चंद्रमा के बेहद करीब पहुंचा चंद्रयान-2, मंगलवार को कक्षा में करेगा प्रवेश…

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इसरो द्वारा 22 जुलाई को लॉन्च महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 मंगलवार को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश करेगा। 14 अगस्त को चंद्रयान को चंद्र स्थानांतरण प्रक्षेपवक्र में प्रवेश कराया गया था। अब यान के तरल ईंधन वाले इंजन को शुरू किया जाएगा ताकि इसे चंद्रमा की कक्षा के अंदर प्रवेश दिलाया जा सके। चंद्रयान-2 मिशन की निगरानी इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क में स्थित मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स द्वारा किया जा रहा है। इसमें बेंगलुरु में स्थित भारतीय डीप स्पेस नेटवर्क का भी सहयोग लिया जा रहा है।

इसरो ने 14 अगस्त को कहा था कि चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान पर सभी प्रणालियां सामान्य प्रदर्शन कर रही हैं। चंद्रयान-2 भारत का दूसरा चंद्र अभियान है जो चंद्रमा के दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में खोजबीन करेगा।

यान के चांद की कक्षा में प्रवेश कर जाने के बाद 2 सितंबर को यह अपने साथ ले जाए गए लैंडर विक्रम को छोड़ देगा। इसके बाद विक्रम लैंडर चांद के दो चक्कर काटने के बाद 7 सितंबर को चंद्रमा की सतह पर लैंड करेगा।

जानिए भुट्टा खाने के बाद भूलकर भी न करें ये काम, नही तो पेट में हो सकती हैं ये बीमारियाँ…

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बरसात के मौसम में गरमागरम भुट्टा खाने का मजा ही कुछ और होता है, भुट्टा स्वाद के साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होता है, प्रोटीन और फाइबर की मात्रा भुट्टे में भरपूर पाई जाती है, हड्डियों के भी भुट्टा फायदेमंद होता है, यह हड्डियों को मजबूत बनता है, साथ ही शरीर में ताकत भी आती है।

लेकिन भुट्टा खाने के बाद कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है, जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं, हम आपको बता दें कि भुट्टा खाने के बाद भूलकर भी कुछ चीजें सेवन करने की गलती नही करनी चाहिए, भुट्टा खाने के तुरंत बाद इन चीजों के सेवन से कई बीमारियों के होने का खतरा हो सकता है।

कई लोग भुट्टा खाने के बाद पानी पी लेते हैं, लेकिन हम आपको बता दें कि भुट्टा गरिष्ठ होता है इसे खाने के तुरंत बाद पानी पीने से गैस्ट्रिक की प्रॉब्लम हो सकती है, दरअसल भुट्टा खाने के तुरंत बाद पानी पीने से मेटाबॉलिजम धीमा हो जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि पानी पहुँचने के कारण भुट्टे के दाने गल नही पाते हैं।

भुट्टा खाने के बाद कभी भी दूध भी नही पीना चाहिए, ऐसा करने से चर्बी जमने लगती है, क्यंकि दोनों ही गरिष्ठ चीजें हैं, इनका एक साथ सेवन करने से मोटापा बढने लगता है, भुट्टा खाने के बाद जूस भी नही पीना चाहिए क्योंकि ये पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता कम कर देते हैं।

जानिए दवाई के पत्ते के बीच क्यों रखी जाती है खाली जगह, वजह है बेहद खास…

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कई बार जब हम मेडिकल शॉप पर दवाइयां खरीदने जाते हैं तो कुछ दवाई के पत्तों के बीच खाली जगह होती है। जब इन जगहों में दवाइयां नहीं होती है तो सवाल आखिर ये है कि भला ये जगह होती क्यों है? इन स्पेसेस में दवाई ना होने के बावजूद इन्हे दवाई के पत्ते पर बनाने का क्या मतलब है? ये सवाल हम में से कई लोगों के दिमाग में आता है। आज हम आपको इसी सवाल का जवाब बताने जा रहे हैं।

दरअसल दवाईयों के बीच होने वाली खाली स्पेस दवाइयों के केमिकल को आपस मे मिलने से रोकती है। इस से दवाइयां खराब नहीं होती है और केमिकल के बीच कोई रिएक्शन भी नहीं होता है। इस से दवाइयां सुरक्षित रहती है। इसी स्पेस की वजह से हम पत्तों को आसानी से काट भी लेते हैं।

दवाइयों को एक जगह से दूसरी जगन पहुंचाने के लिए भी यह स्पेस काम आता है। ये एक तरह से कुशनिंग इफेक्ट की तरह काम करती है। इन खाली स्पेस से दवाइयां पैकेजिंग मशीन में भी नहीं फंसती है।

इसका एक कारण यह भी है कि इनकी मदद से दवाई के पत्ते के पीछे लिखी पूरी इन्फॉर्मेशन पढ़ने में मदद मिलती है क्योकिं कई बार पूरे पत्ते में केवल एक ही गोली बचती है ऐसे में हम आसानी से उसी एक गोली के पीछे ही दवाई से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं , जैसे दवाई की एक्सपायरी डेट, डोज़ आदि। इसके लिए खाली स्पेस बनाये जाते हैं ताकि हर एक दवाई के पीछे इस्तेमाल करने वाले को पूरी जानकारी मिल सके।

सभी दवाई के पत्तों में यह स्पेस नहीं होता है। इसके अलावा सही डोज के लिए भी ये स्पेस होता है ताकि आप कम ज्यादा ना लें।

मच्छरदानी में रहती हैं इस गांव की गाय और भैंसें, कुछ ऐसे होती है सेवा…

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आम तौर पर हम और आप इंसानों को मच्छरदानी के अंदर सोते देखते हैं, लेकिन हम आपको आज बता रहे हैं बिहार के एक ऐसे गांव की कहानी जहां इंसान के साथ-साथ मवेशी यानि उनकी भैंसे और गाय भी मच्छरदानी के अंदर रहती हैं. आपको सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगा होगा, लेकिन यह कहानी है बिहार के कैमूर जिले की जहां के लोग मवेशियों को इंसानों की तरह रखते हैं.

कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के अमेठ पंचायत का सरेया गांव मोहनिया प्रखंड से सात किलोमीटर दूर बसा हुआ है. यहां की कुल आबादी लगभग 700 के आसपास है. खास बात यह है कि इस गांव में सिर्फ यादव बिरादरी के ही लोग रहते हैं.

सभी लोग गाय-भैंस रखे हुए हैं और खेती के साथ ही मूल रूप से दूध का भी व्यापार करते हैं.गांव के सभी लोग अपने जानवरों को मच्छर काटने को लेकर खासे परेशान थे.

मच्छर और मक्खी से मवेशियों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने मच्छरदानी का उपयोग करना शुरू कर दिया. ग्रामीण बताते हैं कि गांव में मच्छरों का प्रकोप बहुत ज्यादा है. हमारे पशु मच्छरों के काटने से परेशान रहते थे और इससे उनके दूध देने की क्षमता भी कम हो गई थी.

मच्छरों के कारण गांव की गाय और भैसें न दूध दिया करती थीं और न ही अच्छे से खाती और बैठ पाती थीं. मवेशियों को होने वाली समस्या से तंग आकर हम लोगों ने मच्छरदानी का प्रयोग करना शुरू किया. गांव में जितने भी पशु हैं उनके लंबाई-चौड़ाई के हिसाब से मच्छरदानी सिलवाई गई.

शाम होते ही गाय और भैंसों को मच्‍छरदानी से पैक कर दिया जाता है. लोगों का कहना है कि इससे गाय प्रतिदिन एक से डेढ़ लीटर ज्‍यादा दूध देती है.

लोगों ने लूटा : राजस्थान के जोधपुर मठ में मिला करोड़ों का खजाना

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राजस्थान के जोधपुर जिले के सालवा कला गाँव में एक मठ के निर्माण के दौरान खुदाई के दौरान, प्राचीन खजानों को मिटा दिया गया था और लोगों को लूट लिया गया था। राजस्थान के जोधपुर जिले के सालवा कला गाँव में, एक मठ में निर्मित मठ में चाँदी के सिक्कों से भरे कुछ स्मारक मिले।

लोगों की भीड़ ने बताया कि चांदी का सिक्का मिला था। कहा जाता है कि जोधपुर से 3 कि.मी. दूर के मठ में निर्माण कार्य किया गया था। खुदाई के दौरान मिट्टी में से कुछ निकाला गया था। मतला के पास एक सिलिका था।

सूत्रों के अनुसार, सिक्का मुगल काल का है और मोहम्मद शाह ने उस पर लिखा था।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के वीएस जोधपुर सर्कल के अधीक्षक बुदिगर ने कहा कि सिक्का 1 से 5. तक चलता था। इस सिक्‍का का फारसी में एक पाठ है। सिक्‍का के एक तरफ राजा मोहम्‍मद शाह का नाम है और प्रत्‍येक सिक्‍का 8.5 ग्राम का है। ग्रामीणों का कहना है कि मठ में खुदाई के दौरान कुछ दिन पहले कुछ प्राचीन सिक्का भरी हुई बोतलें भरी हुई थीं।

कुछ ग्रामीणों को लूट लिया गया था और कुछ सिक्का उनके द्वारा रखे गए थे। पुलिस को सूचना मिली कि सिक्का मिलने की सूचना मिलने के बाद घटना स्थल पर पहुंची, लेकिन लोगों को सिक्का लूटने से नहीं रोक सकी। गाँव के छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लोग ख़ज़ाना लूटने के लिए पहुँचे और सिक्का और गहने लूटने के लिए भाग गए।

लोगों ने कहा कि पांच से अधिक सिक्का लोगों को अपने साथ ले गए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

इसे देखने मात्र से ही खड़े हो जाते हैं, ये है दुनिया की दूसरी सबसे गहरी गुफा, अच्छों-अच्छों के रोंगटे

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वैसे तो इस दुनिया में कई सारी ऐसी जगह है। जिसे देखकर हम सभी चौंक जाते है और हैरत में पड़ जाते है।कि ऐसा कैसे हो सकता है। आज हम आपको इस आर्टिकल में एक ऐसी ही जगह के बारे में बताएंगे। जिसको देखने के बाद आप भी चोंक जाएंगे। आपको बता दें कि यह जगह जॉर्जिया के अबखाजरिया में बनी हुई हैं। जी हां इस गुफा को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी गुफा कहा जाता है। यह गुफा इतनी ज्यादा गहरी है कि जिसको ऊपर से देखने भर से ही चक्कर आने लगते हैं।

आपको बता दें कि इस गुफा का नाम क्रुबेरा गुफा है। इसकी गहराई 2197 मीटर यानी 7208 फीट है। वैसे तो यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन यह जगह इतनी ज्यादा खतरनाक है कि यहां पर साल भर में से सिर्फ चार महीने ही जाने की अनुमति मिलती हैं।

आपको बता दें कि इस गुफा की खोज 1960 में की गई थी। इसे गुफा को वोरोन्या गुफा के नाम से भी जाना जाता है। वोरोन्या का मतलब होता है कौओं की गुफा। जब इस गुफा को पहली बार देखा गया था ।तब इस गुफा में कई सारे कौवों के घोंसले बने हुए थे।

वैसे तो इस गुफा के अंदर कई सारे दल जा चुके हैं। लेकिन साल 2012 में विभिन्न देशों के 59 खोजियों का एक दल जब इसमें गया ।तब उन्होंने इस गुफा की लंबाई 7208 फीट नापी। इतना ही नहीं यह दल इस गुफा के अंदर 27 दिन रहा था।

हालाकिं इस गुफा को देखने के लिए आसानी से परमिशन नही मिलती हैं। अबखाजिया ने साल 1999 में अपने आप को जॉर्जिया से अलग स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया था, लेकिन अभी भी जॉर्जिया इसको अपना पार्ट मानता है।

घर की दीवार पर महिला ने बनवा ली इमोजी, पड़ोसन बोली- मुझे चिढ़ाने के लिए उसने इसे बनवाया है

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आप सभी ने पड़ोसियों के बीच तकरार के कई मामलों के बारे में सुना होगा। आपको बता दें कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में से एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक महिला ने अपने पड़ोसियों को खुश करने के लिए घर की दीवारों पर अलग-अलग तरह के इमोजी की पेंटिंग करवाई है। जी हां लेकिन अब इसी के कारण उसकी पड़ोसन के साथ झगड़ा हो गया है।

यह कारनामा कैथरीन की नामक महिला ने करवाया था। इस महिला का कहना है कि उसने अपने घर को रंग बिरंगा बनवाया है। ताकि आजकल के तनाव भरे माहौल से उसके पड़ोसी खुश रहें। इतना ही नहीं इस महिला का यह भी कहना है कि उसके पड़ोसी हमेशा थके हुए और दुखी से दिखाई देते है और दूसरों के घरों में ताजा करते रहते है। इसलिए उसने अपने घर में ऐसी इमोजी बनवाई है। ताकि उसके पड़ोसी उसको देख कर खुश होते रहे।

लेकिन वही उसके पड़ोसी का कहना है कि कुछ समय पहले उसका कैथरीन के साथ किसी बात पर झगड़ा हो गया था और उसकी पड़ोसन ने उसको चिढ़ाने के लिए जानबूझकर अपनी दीवारों पर इस तरह की इमोजी बनवाई है। इतना ही नहीं उस पड़ोसन का यह भी कहना है कि एक इमोजी मुंह पर लगाम लगाने जैसा इशारा कर रहे है तो वहीं दूसरा उसका मजाक बनाने जैसा इशारा कर रहा है।

हालांकि उस पड़ोसन का कहना है कि उसने जब से कैथरीन के घर की दीवारों पर बनी इमोजी को देखा है। तब से उसने अपने घर के पर्दे नहीं हटाए हैं क्योंकि यह सब देखना उसको अच्छा नही लग रहा हैं।

मजदूर के जज्बे को सलाम, एक पैर नहीं होने के बावजूद भी कमाकर खाते हैं मेहनत की रोटी

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इस दुनिया में कई सारे ऐसे लोग है। जो कठिनाइयों का सामना करने के बाद भी अपने चेहरे पर मुस्कान रखते हुए अपना जीवन यापन करते है। इन्हीं में से एक है राजस्थान के खोपर सिंह। आपको बता दें कि यह मजदूरी करते हैं और इनका एक पैर नहीं है। लेकिन इसके बावजूद भी वह नकली पैर लगाकर कमाने जाते हैं और अपना घर चलाते है। इतना ही नहीं जब खोपर सिंह चलते है तो वह लंगड़ाते हैं।

हालांकि सोशल मीडिया पर लोग इन की खूब तारीफ कर रहे है। इनके जज्बे को भी सलाम दे रहे है। क्योंकि आज इस दुनिया में कई सारे ऐसे लोग मौजूद है। जो कि अपाहिज होने का झूठा बहाना बनाकर लोगों से पैसा ठगी का काम करते है। लेकिन दूसरी तरफ खोपर सिंह है। जो इतना सब होने के बावजूद भी अपने घर के लिए रोटी का बंदोबस्त करते है। अपनी मेहनत की और इमानदारी की रोटी खाना चाहते हैं।

इनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। आपको बता दें कि इस वीडियो को विनोद शौरी नाम के एक शख्स ने फेसबुक पर अपलोड किया था। इस खबर को लिखे जाने तक यह पोस्ट 70 हजार से ज्यादा शेयर हुआ है और करीब 10000 लोगों ने इस पर कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया दी है।

आपको बता दें कि इस वीडियो को शेयर करते हुए विनोद ने लिखा है, कि इनका नाम खोपर सिंह हैं। जो राजस्थान से हैं। वह दिल्ली में मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। इनका एक पैर नहीं है। इसके बावजूद भी यह किसी के आगे भी अपना हाथ नहीं फैलाते है। यह खुद से मेहनत करके ईमानदारी के साथ अपने जीवन को यापन करना चाहते हैं।