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आलू स्वाद ही नहीं बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी है वरदान, जाने इसके अद्भुत गुण…

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आज National Potato Day के मौके पर आपको बता दें कि आलू आपके स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी है और इसे आप खाने के अलावा किन कामों में आसानी से इस्तेमाल कर बड़ा फायदा उठा सकती हैं। आलू खाने मे ही स्वादिष्ट नही बल्कि इसके उपयोग से बालों और चेहरे की सुन्दरता को बढाया जा सकता है। बालों की समस्या से राहत पाने के लिए आप घर पर ही आलू से अपने बालो को सुंदर और चमकदार बना सकती है। चलिए आपको आगे बताते है इसे इस्तेमाल करने का तरीका…

घने और मुलायम बाल: आप घने और मुलायम बाल पाना चाहती हैं, तो सबसे पहले आप 2 से 3 आलू ले लें, फिर इसे छील लें और इसका पेस्ट बना लें। इसके बाद इस पेस्ट में शहद और अंडे का पीला हिस्सा मिक्स कर दें. पेस्ट तैयार होने पर इसको अपने बालों पर लगाएं और कुछ देर के लिए बालों को सूखने के लिए छोड़ दें, जब यह सूख जाएं तो किसी अच्छे शैम्पू से बाल धो लें।

रुसी: रूसी की समस्या से निजात पाने के लिए आप 1 या 2 आलू ले लें, फिर इन्हें पीसकर इनका रस निकाल लें। इसके बाद इस रस में दही और नींबू मिला लें और इस पेस्ट को बालों में लगा लें। कुछ देर बालों को सूखने के लिए छोड़ दें। इसके बाद बालों को किसी अच्छे शैम्पू से धो लें।

लंबे बाल: आप लंबे बाल पाना चाहती हैं तो 2-3 आलू का रस निकाल लें, फिर इसमें एक या दो चम्मच एलोवेरा जैल मिक्स कर दें। अब इस पेस्ट को तीस से चालीस मिनट तक बालों में लगाकर छोड़ दें। जब बाल सूख जाए तो बालों को पानी से धो लें और शैम्पू कर लें।

सिनेमा दुनिया की इस पुरानी हस्ती की संपत्ति को देखकर हैरानी में पड़ सकते हैं आप.

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फिल्मी जगत की इस पुरानी जानी मानी एक्ट्रेस आशा पारिख का जन्म 2 अक्टूबर 1942 को हुआ. आशा पारेख अपनी पढ़ाई पूरी कर गुजराती नाटकों में रुचि ली. जहां से इनको बॉलीवुड की पहली सीढ़ी मिली. मात्र 10 साल की उम्र में इन्होंने फिल्म मां में अपना डांस टैलेंट दिखाया, जिसमें इनको असफलता मिली.

फिल्म अभिनेत्री आशा पारिख ने बॉलीवुड में काम करने की जिद करली. फिल्म प्रोडूसर सुबोध मुखर्जी और डायरेक्टर नासिर हुसैन ने अपनी फिल्म दिल दे कर देखो में आशा पारेख को मैन हीरोइन के तौर पर चुना. उसके बाद इन्होंने मशहूर हिंदी फिल्मों जैसे जब प्यार किसी से होता है, मां, घराना, हम हिन्दुस्तानी, अपना बना के देखो, भरोसा, नया रास्ता, कालिया, खेल मुक्कदर का, हथियार, घर की इज्जत, आंदोलन समेत लगभग 80 फिल्मों में अपना रोल निभाया था.

बता दें कि अभिनेत्री आशा पारिख को 4 फिल्म फेयर अवार्ड सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए और 1 फिल्मफेयर अवार्ड लाइफटाइम एचीवमेंट के तौर पर मिला. इसके अलावा इनको भारत सरकार द्वारा 1992 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था.

बहुत सी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकी सालाना आय डॉलर 20 मिलियन बताई गई थी. 90 के दशक में अभिनेत्री आशा एक फिल्म की 60 से 70 लाख तक की फीस लिया करती थी. फिलहाल जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक इनके पास 1200 करोड़ रुपए की संपत्ति मौजूद है.

ईस्ट इंडिया कंपनी ने आज के दिन एक रुपए का सिक्का टकसाल में ढाला, जानें 19 अगस्त का इतिहास…

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साल को शुरू हुए आठ महीने 18 दिन गुजर चुके हैं। और 19 अगस्त का दिन इतिहास में एक खास घटना के साथ दर्ज है। साल 1757 में 19 अगस्त के दिन ही ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में रुपए का पहला सिक्का बनाया था और कंपनी द्वारा बनाए गए पहले सिक्के को बंगाल के मुगल प्रांत में चलाया गया।

दरअसल बंगाल के नवाब के साथ एक संधि के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी ने साल 1757 में यह टकसाल बनाई थी। देश दुनिया के इतिहास में 19 अगस्त की तारीख पर दर्ज कुछ अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:

– 1600 : अहमद नगर पर अकबर का आधिपत्य।
– 1666 : शिवाजी आगरा में फलों की टोकरी में छिपकर औरंगजेब की कैद से फरार। – 1757 : कलकत्ता में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने एक रुपए का सिक्का पहली बार टकसाल में ढाला।
– 1919 : अफगानिस्तान ने ब्रिटेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
– 1949 : भुवनेश्वर ओडिशा की राजधानी बना।
– 1960 : स्पूतनिक 5 अंतरिक्ष यान से दो कुत्ते और तीन चूहे अंतरिक्ष में भेजे गए।
– 1964 : संचार उपग्रह सिनकोम 3 का प्रक्षेपण।
– 1966 : तुर्की में भूकंप से तकरीबन 2400 लोग मरे।
– 1973 : फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया।
– 1977 : सोवियत संघ ने सेरी सागान में परमाणु परीक्षण किया।
– 1978 : ईरान के सिनेमा घर में आग लगने से 422 की मौत।
– 1999 : भारत की परमाणु नीति के मसौदे से नाराज़ जी-8 ने सभी तरह की मदद पर रोक लगाने की घोषणा की।
– 2004: दुनिया की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी गूगल ने अपने शेयर बाजार में उतारे।
– 2005 : श्रीलंका सरकार और लिट्टे में शांति वार्ता फिर शुरू करने पर सहमति।
– 2007 : अंतरिक्ष स्टेशन पर गये मिशन एण्डेवर के यात्रियों ने स्पेसवॉक पूरा किया।

पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञ – भारत से युद्ध करने की स्थिति में नहीं है पाक..

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भारत और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच सैन्य मामलों की जानकार और मिलिट्री इंक… इनसाइड पाकिस्तान मिलिट्री इकोनॉमी की लेखिका आयशा सिद्दीका के बयान ने पाक की पोल खोल कर रख दी है। उन्होंने कहा कि उनका देश भारत के खिलाफ लड़ाई करने की स्थिति में नहीं है। आयशा सिद्दीका ने कहा कि पाकिस्तान इस समय अर्थव्यवस्था में आई गंभीर मंदी का सामना कर रहा है और मुद्रास्फीति की दर नियंत्रण से बाहर है। इस स्थिति में पाकिस्तान, भारत से युद्ध नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि जब मैंने पाक अधिकृत कश्मीर के अपने दोस्त से पूछा कि पाक सेना क्यों नहीं जंग लड़ रही है तो उसने जवाब दिया कि…वह हार जायेगी। इसका मतलब पाकिस्तान का आम आदमी भी यह समझ रहा है कि पाकिस्तानी सेना भारत के साथ युद्ध नहीं लड़ सकती है।

यह पहली बार है जब पाकिस्तान का आम आदमी भी समझ चुका है कि भारत के साथ युद्ध संभव नहीं है। पिछले 72 सालों से पाकिस्तानी सेना का फोकस कश्मीर और भारत था। पाकिस्तानी सेना में कुछ समूह काफी गुस्से में हैं और वे सवाल उठाएंगे।

इमरान खान ने दी थी गीडड़-भभकी इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को गीदड़ भभकी देते हुए ट्वीट कर कहा, भारत पर हिंदू वर्चस्ववादी विचारधारा और नेतृत्व ने उसी तरह कब्जा कर लिया है जैसा कि जर्मनी पर नाजियों ने किया था। दो सप्ताह से भारत के कब्जे वाले कश्मीर (पाकिस्तान भारत के हिस्से वाले कश्मीर को इसी नाम से बुलाता है) में 90 लाख कश्मीरी घेरेबंदी में डरे हुए हैं। इस खतरे की घंटी के बारे में दुनिया को पता चलना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र को अपने पर्यवेक्षक यहां भेजने चाहिए।

उन्होंने आगे कहा, यह खतरा पाकिस्तान और भारत के अल्पसंख्यकों पर भी है। कोई भी गूगल करके नाजी विचारधारा और जातीय हिंसा और आरएसएस-भाजपा के संस्थापकों के बीच की नरसंहार वाली विचारधारा के बीच की कड़ी को समझ सकता है। पहले से ही 40 लाख भारतीय मुस्लिमों को निरोध शिविरों और नागरिकता रद्द होने का सामना करना पड़ता है। दुनिया को यह बात समझनी चाहिए कि जिन बोतल से बाहर आ चुका है और वह नफरत और नरसंहार को फैला रहा है। अतंरराष्ट्रीय समुदाय को आकर इसे रोकना चाहिए।

ग्रीन टी बनाते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती, जानें इसे पीने का बेस्ट टाइम

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इस बात से तो हम सभी अच्छे से वाकिफ हैं कि ग्रीन टी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होती है। ये हमें की बीमारियों से कवच प्रदान करती है। वेटलॉस करने के लिए तो ये किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स और पॉलिफिनॉल्स हमें कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं।

पोषक तत्वों का खजाना ग्रीन टी हमारे शरीर के मेटाबॉलिजम को पहले से ज्यादा प्रभावी बनाता है। मेटाबॉलिजम एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमारे द्वारा खाई और पी गई चीजों को एनर्जी में बदलता है। इसलिए इसे वजन कम करने में फायदेमंद माना जाता है।

ग्रीन टी कई तरह से हमारे लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दिनभर हम ग्रीन टी पीते रहे। बहुत सारे लोग ऐसी गलती करते हैं। इसे ज्यादा पीने से उल्टी, चक्कर और गैस की परेशानी हो सकती है। इसमें मौजूद कैफीन और टेनिन्स, गैस्ट्रिक को डाइल्यूट करके पेट को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ग्रीन टी को बनाने के लिए पानी गर्म करें। इसके बाद पानी को थोड़ा ठंडा होने देना चाहिए। गर्म पानी में ग्रीन टी बनाने से इसके कैटेचिन नष्ट हो जाते हैं। पानी के नॉर्मल होने पर उसमें टी बैग रखें। अब इसके तीन मिनट तक ढ़क कर रख दें। अब चम्मच से मिलाकर इसको पी लें।

इन बातों का रखें ध्यान 
ग्रीन टी को कभी भी खाली पेट न पिएं।
खाना खाने के बाद ग्रीन टी पीना नुकसानदायक हो सकता है।
खाना खाने से दो घंटे पहले इसे पी लें।
ग्रीन टी में कभी भी चीनी और दूध मिलाकर न पिएं।
इसमें शहद मिलाकर फायदेमंद होता है।

लंबी बीमारी के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का निधन…

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का 82 साल की उम्र में दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वह काफी समय से बीमार थे। उनका दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके थे।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने राज्य में तीन दिनों के शोक की घोषणा की है। मिश्रा को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने ट्विटर के जरिए मिश्रा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जगन्नाथ मिश्रा जी का निधन हो गया है। प्रभु उनकी आत्मा को शांति दे।’

मिश्रा कैंसर और अन्य बीमारियों से ग्रस्त थे। जनवरी 2018 में चारा घोटाले से जुड़े चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। एकसमय कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे मिश्रा ने अपने बड़े भाई ललित नारायण मिश्रा से राजनीति का पाठ सीखा था।

मिश्रा ने प्रोफेसर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने। बचपन से ही उनकी रुचि राजनीति में थी। उनके बड़े भाई ललित नारायण मिश्रा राजनीति में थे और रेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्हीं से जगन्नाथ ने राजनीति का ककहरा सीखा। 

छात्रों को पढ़ाने के दौरान मिश्रा कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने तीन बार राज्य की कमान संभाली। सबसे पहले 1975 से 1977 तक, दूसरी बार 1980 से 1983 तक और 1989 से 1990 तक। 1990 के दशक के मध्य में वह केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें बिहार के बड़े नेताओं के तौर पर जाना जाता है।

बिहार में जगन्नाथ मिश्रा कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री थे। उनके बाद पार्टी राज्य की सत्ता की कमान अपने पास रखने में असफल रही है। मिश्रा के बाद 1989 में लालू प्रसाद यादव राज्य के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद पिछले 30 सालों से कांग्रेस अपने बलबूते राज्य में सरकार बनाने में असफल रही है। वहीं करीब 15 सालों से नीतीश कुमार राज्य की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

पति की मौत के 10 साल बाद उसके दो बच्चों की मां बनी महिला, बताया चमत्कार

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ब्रिटेन (Britain) की एक महिला पति की मौत के 10 साल बाद पति से हुए दो बच्चों की मां है. महिला का नाम एंजिलीन लेकी जेम्स है जो कि ब्रिटेन के कॉर्नवाल से ताल्लुक रखती है. महिला के पति क्रिस की कैंसर (Cancer) की वजह से मौत हो गई थी.

एंजिलीन और क्रिस की शादी 2007 में हुई हुई थी. 2008 में जब क्रिस 29 साल के थे तो एग्रेसिव ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) से उनकी मौत हो गई. मौत से पहले एंजिलीन ने पति का स्पर्म जमा कर लिया था. जिसके बाद आईवीएफ (IVF) के जरिए वह दो बार मां बनी.

मीडिया ने बताया चमत्कार
ब्रिटिश मीडिया ने 10 साल बाद सफलतापूर्वक बच्चे के जन्म की घटना को चमत्कार जैसा बताया है. एंजिलीन का कहना है कि उन्होंने और उनके पति ने हमेशा से अपना परिवार पूरा करने का सपना देखा था. उन्होंने कहा कि निधन के बाद भी वे पिता बनना डिजर्व करते थे. 
एंजिलीन ने कहा कि उनके पति काफी केयरिंग, फनी और प्रोटेक्टिव थे. दोनों ने पांच बच्चों का सपना देखा था. एंजिलीन ने 2013 में एक बेटे को जन्म दिया था, जबकि 2018 में उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया.

एंजिलीन इस वक्त 41 साल की हैं. संडे मिरर के अनुसार उन्होंने कहा कि क्रिस को खोना उनके लिए काफी दुखदायी था. यह ऐसा था जैसे उनके शरीर से आत्मा निकाल दी गई हो. एंजिलीन कहती हैं कि दोनों ने अपने बच्चों के नाम भी तय कर लिए थे और ये भी कि उनकी देखभाल कैसे करनी है. अब वह कहती हैं कि बच्चों में उन्हें अपने पति की मौजूदगी का अहसास होता है.

7वां वेतन आयोग: इन कर्मचारियों की सैलरी में होगा हजारों रुपए का इजाफा, रेलवे मिनिस्ट्री ने दिया आदेश

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1 जनवरी 2016 के पहले प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों के वेतन में हजारों रुपए का इजाफा होने वाला है। दरअसल, 1 जनवरी 2016 के बाद भर्ती हुए जूनियर अफसरों को सैलरी कम मिल रही थी। इस खामी जल्द दूर करने के लिए रेलवे मिनिस्‍ट्री ने आदेश दिया है।

जी बिजनेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2016 से पहले जितने लोको पायलट की तैनाती हुई थी। उनके प्रमोशन के बाद चीफ लोको इंस्‍पेक्‍टर बनाया गया था। लेकिन इसके बावजूद उनकी सैलरी 1 जनवरी 2016 के बाद भर्ती लोको पायलट से कम थी।

बताया जा रहा है कि इसका कारण यह है कि 1 जनवरी 2016 के बाद से भर्ती हुए कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत लाभ मिल रहा है लेकिन इससे पहले भर्ती होने वाले कर्मचारी इस सुविधा से वंचित हैं। इसके चलते अब सीनियर कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाई जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे सीनियर स्‍टाफ की सैलरी में हजारों रुपए की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

बता दें कि सातवें वेतन के तहत लोको इंस्‍पेक्‍टर का पे मैट्रिक्‍स लगभग 74000 रुपए माह मिलता है, जबकि चीफ लोको इंस्‍पेक्‍टर का मैट्रिक्‍स 78000 रुपए तय हुआ था। उधर, लोको पायलट एक्‍सप्रेस का मैट्रिक्‍स 74000 रुपए माह था और लोको पायलट पैंसजरकी बेसिक 65000 रुपए थी।

16 Kg Gold पहन कांवड़ यात्रा पर निकले गोल्डन बाबा, पहले पहनते थे 26 किलो

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जिन्हें अब ‘गोल्डन बाबा’ के नाम से जाना जाता है, वह यहां चल रही कांवड़ यात्रा में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। वह पिछले 26 सालों से कांवड़ यात्रा कर रहे हैं और अपने शरीर पर कई किलो सोने के आभूषण पहने रहते हैं। इस बार उन्होंने जो आभूषण पहने हैं उनका वजन 16 किलोग्राम से भी अधिक है।

उन्होंने कहा, ‘मैं पिछले 26 सालों से कांवड़ यात्रा में भाग ले रहा हूं और पिछले साल तक मैं 26 किलो सोना पहनता था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के चलते मैंने इसे अब कम कर दिया है।’

गोल्डन बाबा ने आगे कहा, ‘शुरूआती दिनों में मैं 2-3 ग्राम के सोने के गहने पहनता था, लेकिन आज मैं कई किलो सोने के आभूषण पहनता हूं। इन गहनों के लिए मैंने कभी भी किसी से कोई योगदान या ऋण नहीं मांगा और इन्हें खरीदने के लिए मैंने अपने पैसे खर्च किए हैं।’ इन गहनों में कई चेन, देवी-देवताओं के लॉकेट, अंगूठी और ब्रेसलेट शामिल हैं।

समूह में करीब तीन सौ लोग-

गोल्डन बाबा का अपना समूह है जिसमें 250-300 लोग शामिल हैं। उनकी कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन, पानी और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं हमेशा उपलब्ध रहती हैं।

दवाइयों के पत्ते पर बनी लाल पट्टी का मतलब, क्यों लिखा जाता है Rx, NRx or XRx

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आजकल व्यक्ति जब भी थोडा सा बीमार होता है तो कोई दवाई खाना पसंद करता हैं जो कि बेहद ही नुकसानदायक होती है। दवाई से आपको फायदा तो हो जाता है लेकिन आपके लिए ये हानिकारक भी हो सकता है। कभी-कभार तो व्यक्ति जल्दबाजी में कोई सी भी दवाई खा लेता हैं जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए आज हम आपके लिए दवाई के पत्तों पर पाए जाने वाले सभी संकेतों से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं।

दवाई के पत्ते पर बने संकेत का मतलब:

# दवाइयों के पत्तों पर बनी लाल रंग की पट्टी का मतलब होता है कि डॉक्टर के पर्चे के बिना उस दवाई को ना तो बेचा जा सकता है और ना ही डॉक्टर की सलाह के बिना उसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

# दवाइयों के जिन पत्तों पर NRx लिखा होता है, उसका मतलब होता है कि उस दवाई को लेने की सलाह सिर्फ वहीं डॉक्टर दे सकते हैं, जिन्हें नशीली दवाओं का लाइसेंस प्राप्त है।

# कुछ दवाइयों के पत्तों पर Rx लिखा होता है, जिसका मतलब होता है कि उस दवाई को सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए।

# कुछ दवाइयों के पत्तों पर XRx भी लिखा होता है और इसका मतलब होता है कि उस दवाई को सिर्फ डॉक्टर के पास से ही लिया जा सकता है। मरीज इसे किसी मेडिकल स्टोर से नही खरीद सकता है।