भारत में इकनॉमी के मोर्चे पर मांग की कमी और स्लोडाउन के चलते कई सेक्टर से नौकरियां जाने की खबरें आ रही है. अब इन्हीं खबरों का जिक्र करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है. प्रियंका ने ऑटो इंडस्ट्री में जा रही नौकरियां, नोटबंदी के चलते गई नौकरियों के साथ-साथ खराब होते इकनॉमिक माहौल पर भी बीजेपी सरकार को घेरा है.
प्रियंका गांधी ने नौकरी जाने से जुड़ी खबरों की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा-प्रियंका गांधी, कांग्रेस महासचिवसरकार की घोर चुप्पी खतरनाक है. कम्पनियों का काम चौपट है. लोगों को काम से निकाला जा रहा है, भाजपा सरकार मौन है. आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?
सरकार की घोर चुप्पी खतरनाक है।कम्पनियों का काम चौपट है। लोगों को काम से निकाला जा रहा है, भाजपा सरकार मौन है।
आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?
पिछले कई दिनों से ऑटो सेक्टर में मांग में कमी की वजह से नौकरियां जाने की खबरें आई हैं.
सरकार ने NSSO का डाटा पहले झुठलाया, फिर माना
चुनाव के पहले बिजनेस स्टैंडर्स ने बेरोजगारी 45 साल में सबसे ज्यादा होने को लेकर NSSO के हवाले से रिपोर्ट छापी थी. लेकिन तब सरकार ने उसका खंडन कर दिया. लेकिन चुनाव हो जाने के कुछ दिनों बाद ही फिर से सरकार ने मान लिया कि देश में बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी है. यह रेट 45 सालों में सबसे ज्यादा है.
ऑटो सेक्टर में 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटो मोबाइल मैन्यूफेचर्स (SIAM) की 13 अगस्त को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल कार बिक्री जुलाई में 18.71 फीसदी गिरकर 18,25,148 रही जो जुलाई 2018 में 22,45,223 थी. ये दिसंबर 2000 के बाद कार बिक्री में आयी सबसे बड़ी गिरावट है. उस दौरान कार बाजार में 21.81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी.
इसी तरह जुलाई में पैसेंजर कारों की बिक्री में भी करीब 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गयी है.
ये गिरावट लगातार नौवें महीने में दर्ज की गई है. इस दौरान पैसेंजर कारों की बिक्री 30.98 फीसदी घटकर 2,00,790 कार रही है जो जुलाई 2018 में 2,90,931 कार थी
271 शहरों में 286 शोरूम बंद
पिछले तीन माह के दौरान डीलरशिप से दो लाख कर्माचारियों को कम किया गया है. इससे पहले इस साल अप्रैल तक 18 महीने में देश में 271 शहरों में 286 शोरूम बंद हुए हैं, जिसमें 32,000 लोगों की नौकरी गई थी. दो लाख नौकरियों की यह कटौती इसके अलावा है.
हमारी सेहत के लिए पपीता बेहद फायदेमंद होता हैं, अगर हम इसका हर रोज यूज करेंगे तो सेहत को कई लाभ मिलेंगे।
पपीते में विटामिन ए, पोटैशियम और कैल्शियम भी प्रचूर मात्रा में पाया जाता हैं। इसलिए पपीते का यूज सेहत के लिए गुणकारी होता हैं। चलिए आइये जानते हैं पपीते के सेहत राज के बारे में.
-अगर पाचन शक्ति कमजोर होती हैं उनको पपीते का सेवन हर रोज करना चाहिए। क्योंकि पपीता आसानी से पचने वाला फल होता हैं।
-अगर कोई इंसान दाद, खाज और खुजली की समस्या से ग्रसित हैं तो उनको पपीते का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से उनको राहत महसूस होगी।
-जिन लोगों को हाई बीपी की परेशानी होती हैं पपीते के यूज से बीपी कंट्रोल में रहता हैं।
-अगर शरीर पर कहीं सूजन, कट या कहीं जल गए हो तो उस स्थान पर पपीता लगाना चाहिए। आपको राहत मिलेगी।
-कब्ज से पीडि़त व्यक्ति को हर रोज पपीते का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से कब्ज में राहत महसूस होगी।
-पपीते का यूज शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैं। जिसके कारण से मौसमी रोग नहीं होते हैं।
-पपीते का हर रोज यूज करने से चेहरे पर झुर्रियाँ पडऩा, बालों का झडऩा, बवासीर, चर्मरोग, अनियमित मासिक धर्म से सम्बन्धित कई प्रकार की परेशानियों से राहत मिलती है।
मध्य प्रदेश में एक कथावाचक ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास के सामने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है. कथावाचक का नाम आचार्य देव मुरारी बापू है. रविवार को आजतक से बातचीत में देव मुरारी बापू ने कहा कि वो मुख्यमंत्री कमलनाथ से बेहद नाराज हैं.
देव मुरारी बापू का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के वक्त उन्होंने कांग्रेस के पक्ष में प्रचार किया था. उस समय उनको इस बात का आश्वासन दिया गया था कि अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी, तो उनको सम्मान दिया जाएगा. हालांकि चुनाव जीतने के बाद कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने उनका ध्यान नहीं रखा.
देव मुरारी बापू ने आरोप लगाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मध्य प्रदेश गौ-संवर्द्धन बोर्ड के अध्यक्ष का पद मांगा था, लेकिन उन्हें अब तक इसका कोई जवाब नहीं मिला. देव मुरारी बापू का यह भी कहना है कि कांग्रेस का प्रचार करने के कारण उनको जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी है और इस कारण जब उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से खुद के लिए सुरक्षाकर्मी मांगे, तो उसे भी खारिज कर दिया गया.
देव मुरारी बापू के मुताबिक वो मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के व्यवहार से खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं और इसलिए सोमवार को सीएम आवास के सामने आत्मदाह करेंगे. आचार्य देव मुरारी बापू ने कहा कि कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करने के कारण अब उनकी कथा सुनने आने वालों की संख्या में भी कमी आई है. उनके कई अनुयायी और समर्थक अब उन पर राजनीति का आरोप लगाकर उनसे दूरी बना चुके हैं. ऐसे में जिस कांग्रेस के लिए उन्होंने ये सब खोया, वही उनकी मांगों को नहीं सुन रही है.
देव मुरारी बापू का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने स्वामी सुबुद्धनंद को मध्य प्रदेश मठ-मन्दिर समिति का अध्यक्ष बना दिया और कंप्यूटर बाबा को नदी न्यास का अध्यक्ष बनाया दिया, लेकिन गौ-संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष बनने की उनकी मांग को अबतक अनसुना किया जा रहा है.
वॉट्सऐप (WhatsApp) यूजर्स के लिए एक बड़ी खबर है. वाट्सऐप ने अपना नाम बदल दिया है. इसने अपने लेटेस्ट बीटा (Latest Beta) में नया अपडेट पेश किया है. इस अपडेट में वाट्सऐप का नाम बदल गया है. वॉट्सऐप को अब ‘WhatsApp from Facebook’ टैग ऐड कर दिया गया है. यानि अब वाट्सऐप का नाम बदलकर WhatsApp from Facebook हो गया है.
इसके अलावा Instagram का भी नाम बदलकर Instagram from Facebook कर दिया गया है. Facebook की स्वामित्व वाले तीनों प्लेटफॉर्म्स Messanger, Instagram और WhatsApp में Facebook अपने नाम को जोड़ने लगा है. Instagram में भी हाल ही में ‘Instagram From Facebook’ नाम टैग स्पॉट किया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के सेटिंग्स ऑप्शन में ‘WhatsApp From Facebook’ टैग स्पॉट किया गया है. जब फेसबुक ने वॉट्सऐप को खरीदा था तो इस प्लेटफॉर्म पर फेसबुक का कोई जिक्र नहीं था. लेकिन अब कंपनी का नाम जुड़ने से लोगों को पता चलेगा कि वॉट्सऐप फेसबुक का हिस्सा है.
इस साल की शुरुआत में ही फेसबुक ने अपने ऐप्स Instagram और Whatsapp में अपने नाम को जोड़ना शुरू कर दिया था. Facebook ने भी इसे कंफर्म किया था. सबसे पहले The Information न्यूज वेबसाइट पर इसकी खबर आई थी. बाद में फेसबुक ने भी इसकी पुष्टि कर दी थी. फेसबुक ने कंफर्म किया था कि वह WhatsApp और Instagram का नाम बदलने जा रही है.
Facebook ने साल 2012 में Instagram और साल 2014 में WhatsApp को खरीदा था. इन सभी ऐप्स के अभी एक बिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं. Facebook की सबसे ज्यादा कमाई Instagram के जरिए होती है. ज्यादा से ज्यादा कंज्यूमर्स और एडवर्टाइजर्स को Instagram के जरिए आकर्षित किया जा रहा है.
कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भयंकर मंदी पर सरकार की चुप्पी खतरनाक है। उन्होंने सवाल किया कि इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है? प्रियंका ने ट्वीट में लिखा- ‘सरकार की घोर चुप्पी खतरनाक है। कंपनियों का काम चौपट है। लोगों को काम से निकाला जा रहा है, भाजपा सरकार मौन है। ‘आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?’
इससे पहले उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा था, ‘देश का आम नागरिक भाजपा सरकार के शीर्ष नेताओं से, वित्त मंत्री से इस भयंकर मंदी पर भी कुछ सुनना चाहता है।’ प्रियंका ने अखबारों में छपी कुछ खबरें भी शेयर कीं। जिनके अनुसार .वाहनों की बिक्री में काफी गिरावट दर्ज की गई है और ऑटो क्षेत्र में 10 लाख से अधिक लोगों की नौकरी जाने का खतरा है तथा कई कंपनियों ने छंटनी शुरू कर दी है।
आपको बता दें, कि हर व्यक्ति के जीवन में ज्योतिषशास्त्र और ग्रह नक्षत्र का विशेष महत्व होता हैं वही ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति की कुछ आदतों का सीधा प्रभाव उसकी किस्मत पर होता हैं वही कुंडली में जिन ग्रहों का प्रभाव होता हैं
उसी के मुताबिक व्यक्ति की अच्छी या बुरी आदतें हो जाती हैं या व्यक्ति की आदतों के मुताबिक ग्रह कमजोर या मजबूत होते जाते हैं।वही व्यक्ति की बुरी आदतों की वजह से कभी कभी मनुष्य मजबूत ग्रह भी खराब हो जाते हैं वही जो ग्रह कुंडली में कमजोर हैं, वही उनको बेहतर करने की आदतें अपनानी चाहिए, ताकि वो ग्रह मजबूत हो जाएं।
व्यक्ति का बैठे हुए पैरा हिलाना— जो लोग बैठे हुए पैर हिलाते हैं, उनका चन्द्रमा कमजोर हो जाता हैं वही इस आदत वाले लोग मानसिक रूप से कमजोर होते हैं वही इन्हें अनावश्यक तनाव पाने की आदत होती हैं। वही इस आदत को छोड़ देने से मानसिक स्थिति मजबूत हो जाती हैं वही माता का स्वास्थ्य भी उत्तम हो जाता हैं।
नाक में उंगली डालना— जो व्यक्ति अपनी नाक में उंगली डालते हैं, उनकी कुंडली में अक्सर शनि खराब होता हैं, इस आदत वाले स्वभाव से आलसी होते हैं, इन्हें अनावश्यक जीवन में संघर्ष करना पड़ता हैं वही छोटी छोटी चीजें पाने में भी काफी वक्त लग जाता हैं, इस आदत को छोड़ देने से स्वास्थ्य और ऊर्जा का लाभ होता हैं वही जीवन में संघर्ष कम होता हैं धन की बचत भी होती हैं।
नाखून को चबाना— वही जो लोग नाखून को चबतो हैं उनका सूर्य कमजोर हो जाता हैं ऐसे लोगो को आंखो की समस्या हो जाती हैं। बिना कारण के अपयश मिलता हैं इस आदत को छोड़ देने से मान सम्मान बढ़ता हैं। वही आंखों की रौशनी में सुधार होता हैं।
भारतीय संस्कृति में नीम का पूजा और घरेलू उपयोग दोनों से गहरा नाता है। आज भी दांत साफ करने के लिए दातून के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। त्वचा से जुड़ी बीमारी जैसे चेचक आदि के पारंपरिक इलाज के लिए पानी में नीम की पत्तियां डालकर इस्तेमाल किया जाता है।
आध्यात्मिक मोर्चे पर नीम के फूल और माला पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। नीम को देवी-देवताओं को रूप भी माना जाता है। भारत के कुछ हिस्सों में पेड़ को देवी, नीमरी देवी माना जाता है। नीम के फूल और पत्तियों का इस्तेमाल बुरी आत्माओं को भगाने के लिए भी किया जाता है। वाकई में नीम की उत्पत्ति भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी है।
नीमःहमारी जीवंत परंपरा
भारतीयों को जीवंत परंपरा का आशीर्वाद प्राप्त है जो हमारे आसपास से प्रकृति की सबसे अच्छी चीज़ों का निचोड़ देती है।यहां तक कि प्राचीन आयुर्वेदिक विज्ञान, जो कि चारों वेदों से प्रेरित है,उसमें भी नीम को अनेक रूपों में 75% आर्युवेदिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है। बृहत संहिता, जिसे भारतीय संस्कृति का विश्वकोष (इनसाइक्लोपीडिया) कहा जाता है, उसमें भी दवाओं के रूप में नीम के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।
कुछ रिकॉर्ड्स के मुताबिक, नीम का तेल शायद सबसे पुराना ज्ञात औषधीय तेल है।
नीम का पेड़ बाकियों से अलग क्यों है?
यहां थोड़ा-सा सामान्य ज्ञान: क्या आपको पता है कि नीम के पेड़ को इंडियन लाइलक भी कहा जाता है? नीम, सबसे पहले ज्ञात पेड़ों में से एक है जिसे ‘सर्व रोग निवारिणी‘ यानि ‘सभी बीमारियों का इलाज करने वाला’ कहा जाता है। स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना नीम की छाल, तेल, पत्ते और फूल सभी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पारंपरिक रूप से नीम को अक्सर कुदरती दवा की दुकान भी कहा गया है।
चलिए नीम के तेल के बारे में बात करते हैं। हालांकि नीम के तेल की महक बाकी तेलों के मुकाबले थोड़ी तेज़ होती है, लेकिन इसके गुण किसी से कम नहीं। अनेक गुणों के कारण ही नीम के तेल का इस्तेमाल स्किनकेयर उत्पाद से लेकर मच्छर भगाने वाले उत्पादों तक में किया जाता है।
नीम के तेल में फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, साथ ही त्वचा के लिए फायदेमंद तत्व भी होते है जैसे:
विटामिन ई
ट्राइग्लिसराइड्स
कैल्शियम
एंटीऑक्सीडेंट
उपयुक्त तत्वों के कारण ही नीम न सिर्फ त्वचा के कॉस्मेटिक उपचार, बल्कि गंभीर त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे एग्ज़ेमा और सोरायसिस के इलाज में भी मददगार है। नीम एंटी फंगल, एंटी डायबिटिक, एंटी बैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंथेलमिन्टिक, गर्भनिरोधक और शामक गुणों के साथ संक्रमण ठीक करने के लिए जाना जाता है।
शोध के मुताबिक, नीम का तेल सर्जरी के बाद खोपड़ी के घाव जल्दी भरने में मदद करता है। लंबे समय तक इस्तेमाल से मुंहासों की समस्या से भी निजात मिलती है।
नीम से आप और क्या कर सकते हैं?
नीम का तेल कीटों को दूर हटाने का काम करता है। इसीलिए अब भी घरों के आसपास नीम का पेड़ लगाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये ताज़ी और ठंडी हवा देने के साथ कीटों को भी भगाता है।पहले और आज भी महिलाओं के रोज़ाना इस्तेमाल के सौंदर्य प्रसाधनों को बनाने में नीम इस्तेमाल किया जाता रहा है, जैसे हमाम।
नीम की शक्ति का दोहन
कई पौराणिक संदर्भों में इस बात का ज़िक्र है कि नीम की रोगनिवारक शक्ति के कारण ही हमारे पूर्वज #GoSafeOutside जा पाते थे। आज भी यह परंपरा जारी है। नीम के गुणों वाले हमाम के साथ।
देश के अधिकांश राज्य बाढ़ (Flood) की चपेट में हैं. बाढ़ की वजह से जहां सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हो चुकी है. बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सरकार ने आम लोगों को आगे आने को कहा है. अगर आप भी बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद करना चाहते हैं तो आसानी से उनतक मदद पहुंचा सकते हैं. लेकिन आर्थिक मदद (Donation) पहुंचाना कहीं आपको महंगा न पड़ जाए. इसलिए देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी किया है. SBI ने ट्वीट कर कहा है कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए डोनेशन दे रहे हैं तो कुछ सावधानी को बरतें, नहीं तो आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं और आपका बैंक अकाउंट (Bank Account) खाली हो सकता है. SBI ने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचने के बताए ये टिप्स…
धोखाधड़ी से ऐसे बचें >> SBI ने अपने ट्वीट में कहा है कि अगर आप बाढ़ पीड़ितों की मदद करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आप ऑफिशियल रिलीफ फंड वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPAs) के जरिए ही डोनेशन दें. डोनेशन के लिए आए रिक्वेस्ट को वेरीफाई करें. वेरीफाई करने के बाद ही ऑफिशियल वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPAs) पर पैसे ट्रांसफर करें. >> एसबीआई के मुताबिक, जिस अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं, उसकी भी जांच करें. सिर्फ अकाउंट में ही पैसे ट्रांसफर करें.
> इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80G के तहत आप अगर बाढ़ पीड़ितों के लिए डोनेशन देते हैं तो आपको टैक्स में 100 फीसदी टैक्स छूट मिलती है. >> किसी भी ऐसे लिंक पर क्लिक न करें जोकि किसी अज्ञात स्रोत से ई-मेल के माध्यम से आया है. इसमें दुर्भावनापूर्ण कोड हो सकता है या यह एक ‘फिशिंग हमला’ हो सकता है. >> एक पॉप-अप विंडो के रूप में आने वाले किसी भी पेज पर कोई भी जानकारी न दें. >> कभी भी फोन पर या ई-मेल पर अवांछित अनुरोध के जवाब में अपना पासवर्ड न दें. >> हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि पासवर्ड, पिन, टिन, आदि की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय है और यहां तक कि बैंक के कर्मचारियों / सेवा कर्मियों को भी ज्ञात नहीं होती. इसलिए, आप पूछे जाने पर भी इस तरह की जानकारी का खुलासा न करें.
क्या करें? >> हमेशा एड्रेस बार में ठीक यूआरएल टाइप करके साइट पर लॉगऑन करें. >> केवल प्रमाणीकृत लॉगइन पेज पर ही अपना यूज़र आईडी और पासवर्ड एंटर करें. >> अपना यूज़र आईडी और पासवर्ड देने से पहले कृपया यह सुनिश्चित करें कि लॉगइन पेज का URL ‘https://’text के साथ शुरू होता है और यह ‘http://’ नहीं है. ‘S’ से तात्पर्य है ‘ सुरक्षित ‘ जो इस बात का संकेत देता है कि वेब पेज में एन्क्रिप्शन का इस्तेमाल किया गया है. >> हमेशा, ब्राउज़र और वेरीसाइन प्रमाण पत्र के दाहिनी ओर सबसे नीचे स्थित लॉक चिह्न को खोजें. >> फोन / इंटरनेट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी केवल तभी दें जब आपने कॉल या सत्र शुरू किया है और सामने वाले व्यक्ति की आपके द्वारा विधिवत पुष्टि कर ली गई है. >> कृपया यह ध्यान रखें कि बैंक कभी भी आपसे ई-मेल के माध्यम से आपके खाते की जानकारी की पुष्टि करने के लिए पूछताछ नहीं करेगा.
हम सभी-कभी न कभी त्वचा की अच्छी देखभाल में लापरवाही कर जाते हैं। हम में से ज़्यादातर,त्वचा की देखभाल में आलस कर सकते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकते।
आप किससे पूछेंगे? उनसे, जो ऐसे प्रोफेशन में है जिसमें नियमित धूप और प्रदूषण के संपर्क में आने से त्वचा को ज़्यादा नुकसान होता है। इससे बचने का एकमात्र तरीका है पर्याप्त सावधानी बरतना।
जवां त्वचा का राज़
त्वचा की देखभाल ज़्यादातर लोगों के लिए चिंता का विषय है। चाहे आपका पेशा कोई भी हो, सच्चाई ये है कि हम ज़्यादा देर तक धूप से नहीं बच सकते। समय पर ध्यान न देना त्वचा को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इस बारे में हमने कई ऐसे प्रोफेशनल्स से बात की जो हमेशा व्यस्त रहते हैं।ये हमें बता रहे हैं कुछ बेहद काम की बातें ।चलिए देखते हैं क्या कहना है उनका।
चलो काम खत्म हुआ!
नाम: जसवीन कौर
उम्र: 25 साल
पेशा: असिस्टेंट डायरेक्टर
परफेक्ट स्किन केयर रूटीन के बारे में हमने बात की जसवीन कौर से। उनका काम बहुत डिमांडिंग है। इससे होनेवाला तनाव उनकी त्वचा का सबसे बड़ा दुश्मन है। ऐसे में वो त्वचा की समस्याओं से बचने के लिए एलोवेरा जेल और पानी को मिलाकर फेस क्लींज़र की तरह इस्तेमाल करती हैं। साथ ही धूप में निकलने से 15-20 मिनट पहले सनस्क्रीन ज़रूर लगाती हैं।
जब बात होती है स्किन केयर प्रोडक्ट चुनने की, तो जसवीन कहती हैं कि “मैं पारंपरिक सामग्री पसंद करती हूं, क्योंकि त्वचा की रक्षा का यह अपेक्षाकृत सुरक्षित और कुदरती तरीका है। मेडिकेटेड उत्पादों के ज़्यादा इस्तेमाल से एलर्जी हो सकती है और ये फायदे से ज़्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। प्राकृतिक चीजों के इस्तेमाल में ये खतरा बिल्कुल नहीं होता।”
आप इस सलाह पर भरोसा कर सकते हैं
आपको लगता होगा कि बैंक की नौकरी में बंद कमरे में रहने से आपकी त्वचा बाहरी प्रभावों से सुरक्षित रहती है। लेकिन हर बार ये सही हो, ऐसा ज़रूरी नहीं!
मिलिए एक बैंकर से जिसके पास आपके लिए वाकई में कुछ अच्छी सलाह है।
नाम: वैशाली सेठ
उम्र: 37 साल
पेशा: प्राइवेट बैंकिंग प्रोफेशनल
सेठ मानती हैं कि बैंकिंग और फाइनेंस में शीर्ष पर रहने के साथ ,उनकी नौकरी की ये भी ज़रूरत है कि वो स्किन केयर रूटीन में भी शीर्ष पर रहें।
ऐसी नौकरी जिसमें क्लाइंट से मिलने के लिए पूरे शहर में घूमना होता है, ऐसे में त्वचा की देखभाल उनके लिए ज़रूरी है। वो स्वीकार करती हैं, “मेरी त्वचा धूप और धूल के संपर्क में बहुत ज़्यादा आती है। लेकिन व्यस्तता के कारण किसी स्किन केयर रूटीन का पालन करना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। इसीलिए मैं रोज़ाना कम से कम 10 ग्लास पानी पीकर अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखती हूं। मीटिंग्स के बीच के अंतराल में त्वचा और गर्दन को पानी से धोती हूं और हर्बल क्लींज़र का इस्तेमाल करती हूं।”
एक अनोखी महत्वपूर्ण सलाह
विविध पृष्ठभूमि से अच्छी सलाह मिलती है। यहां जानिए एक ऐसे व्यक्ति से वो सब जो जानना ज़रूरी है उन लोगों के लिए जो अपना ज़्यादा समय बाहर बिताते है।
नाम: अंकिता उपाध्याय
उम्र: 32 साल
पेशा: सेल्स एक्ज़िक्यूटिव
पेशे से उपाध्याय फुल टाइम एग्ज़ीक्यूटिव हैं और ट्रैवल ब्लॉगिंग उनका शौक है। हफ्ते में उनका ज़्यादातर समय दौड़ते भागते गुज़रता है और वीकेंड में वो कैंपिंग और ट्रैकिंग करती हैं। अंकिता बताती हं कि दूर-दराज के इलाके में जाने पर वो नहाने-धोने के पानी में नीम की पत्तियां डालती हैं। ये आसानी से मिलती हैं और गारंटी के साथ कीटाणु खत्म करती हैं।स्किन केयर रूटीन के बारे में पूछने पर उपाध्याय बताती हैं, “मैं बहुत कुछ नहीं करती, लेकिन मैं सनस्क्रीन कभी नहीं भूलती। मैं मेकअप के साथ कभी नहीं सोती और सोने से पहले हमेशा ठंडे पानी से चेहरा धोती हूं। बाहर जाते समय नीम और नींबू जैसे कुदरती तत्वों और एसेंशियल ऑइल से बने प्रोडक्ट्स ले जाती हूं।” उपाध्याय के मुताबिक, “ये सुरक्षित है। आप जानते हैं कि ये भले ही जादुई रूप से आपको परफेक्ट लुक न दे, मगर कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा, जो मेरे हिसाब से ज़्यादा ज़रूरी है!” ज़ाहिर है उपाध्याय के लिए विश्वसनीयता अहम है।
सही स्किन केयर रूटीन
तीनों ही महिलाएं एक आधारभूत नियम का पालन करती हैं वह है सामग्री का सावधानी से चयन। कौर जहां निखरी और हाइड्रेटेड त्वचा के लिए एलोवेरा पर भरोसा करती हैं, वहीं उपाध्याय नीम पर निर्भर रहती हैं ताकि कभी भी बेहिचक जा सकें।
ख्याल रखें, हमेशा ऐसे कुदरती तत्वों का चुनाव करें जो आपकी त्वचा के लिए सही हों।
इन महिलाओं से सीखें, जो त्वचा की देखभाल के तनाव को अपने रोज़मर्रा की व्यस्तता पर हावी नहीं होने देतीं। ऐसा एक उत्पाद तलाशें जो आपकी सभी ज़रूरतें पूरी करे- यानि कुदरती हो, बजट में फिट हो, रोज़ाना इस्तेमाल में आसान हो और जिसे आप खुद बना सकें!
उदाहरण के लिए नीम,यकीनन सभी प्रकार की त्वचा के लिए सबसे सुरक्षित है। ये उन सामग्रियों में से एक है जो सबके बजट में फिट हो जाता है। अगर आपको लगता है कि 100% शुद्ध नीम तेल, दाम के लिहाज़ से रोज़ाना इस्तेमाल में किफायती नहीं तो इसकी जगह हमाम इस्तेमाल करें। इसमें 100% शुद्ध नीम के तेल के साथ तुलसी और एलोवेरा है जो प्रमुख रूप से 10 तरह की त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे- रैशेज़, पिंपल, शरीर की दुर्गंध आदि से असरदार सुरक्षा देता है। अब, कोई बहाना नहीं!
आप बड़े बैग की फैन हों या फिर छोटे बैग में दुनिया भर का सामान लेकर चलने वाली। आइए जानते हैं मेकअप की वो 7 चीज़ें, जो घर से निकलते समय आपको साथ में रखनी चाहिए।
1. अच्छा काजल: स्मोकी, बोल्ड या फिर सिंपल- जो भी लुक आप कैरी करें, लेकिन काजल कभी मत भूलिए। एक स्ट्रोक से अपने आईलुक में थोड़ा नाटकीय बदलाव और उभार लाएं और आप पाएंगी कि मीटिंग में कोई भी आपको नजरंदाज नहीं कर पाएगा!
2. लिप बाम या लिपस्टिक: अपने रेगुलर लुक को चमकीले लाल या नटखट गुलाबी लिप्स्टिक से रंगीन बनाएं…लिप बाम आपके होठों को न सिर्फ मुलायम बनाता है, बल्कि आपका दिन भी खुशनुमा रखता है। इसके साथ ही स्ट्रॉबेरी या दूसरे फ्लेवर्ड लिपबाम आपके पसंदीदा फ्रूट की याद दिलाते रहेंगे।
3. मनमोहक खुशबू: ताज़ा हवा सी खुशबू वाले परफ्यूम या बॉडी मिस्ट से बढ़िया शायद ही कुछ हो सकता है! सुहानी और मनमोहक खुशबू से अपने और अपने आस-पास के लोगों का दिन बनाएं- अपनी मौजूदगी का खुशनुमा एहसास फैलाएं!
4. कंसीलर: कंसीलर मेकअप का सुपरहीरो है! मुहासों के दाग- धब्बे हों या आंखों के डार्क सर्कल्स। बस अपने स्किन टोन से मैच करता कंसीलर लगाकर आप इन सबको छिपा सकती हैं। बस एक टच-अप से आप पांडा की तरह दिखने वाली आंखों या बिगड़े मेकअप को तुरंत सुधार सकती हैं!
5. फाउंडेशन: अगर आपकी स्किन टोन एक समान नहीं है, तो एक अच्छे फाउंडेशन के इस्तेमाल से आप इसे भी सही कर सकती हैं। इसके लिए ज़रूरी है कि अपनी त्वचा के रंग से मेल खाता फाउंडेशन चुनें, ताकि ये प्राकृतिक लगे।
6. कॉम्पैक्ट या प्रेस्ड पाउडर: कंसीलर और फाउंडेशन लगाने के बाद कॉम्पैक्ट पाउडर लगाना न भूलें। इससे आपको एक तरोताज़ा और ऑइल फ्री लुक मिलेगा।
7. डे-क्रीम: क्या आप सूखी और बेजान त्वचा से परेशान हैं? तो ऐलोवेरा जेल वाली डे क्रीम इस्तेमाल करें। प्राकृतिक ऐलोवेरा के अंश युक्त लैक्मे 9 टू 5 नैचुराल डे क्रीम को आप अपने हैंडबैग से बाहर नहीं रखना चाहेंगी। ये आपकी त्वचा में नमी बनाए रखकर इसे सूखने से बचाती है। धूप में भी कोई समस्या नहीं। क्योंकि SPF 20 PA++ युक्त होने के कारण ये क्रीम खतरनाक यूवी किरणों से भी आपकी त्वचा का बचाव करती है। ये क्रीम रोज़ाना इस्तेमाल करें और अपनी त्वचा का प्राकृतिक निखार और चमक बनाए रखें।
अंत में
तो इनमें से कितने आइटम ने आपकी लिस्ट में जगह बनाई? अपने मेक-अप पाउच में तुरंत इन बेहद ज़रूरी चीजों का शामिल करें। इन चीजों के साथ करें अपने दिन की शुरुआत और हर चीज़ का सामना करें पूरे स्टाइल के साथ।