Home Blog Page 2864

360 दिनों वाले ऑफर ने मचाई #धूम, जियो में बार-बार के रिचार्ज कराने के झंझट से मिला छुटकारा…

0

टेलीकॉम क्षेत्र बीते 3 वर्षों में पूरी तरह से बदल गया है, जहां पहले नेटवर्क और इंटरनेट स्पीड को लेकर खासी परेशानी झेलनी पड़ती थी. अब लोगों को बेहतर नेटवर्क के साथ सबसे तेज इंटरनेट का अनुभव प्राप्त हो रहा है. भारत मौजूदा समय में दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है. और इसका पूरा श्रेय टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो को जाता है, जिसने भारत को दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट उपलब्ध कराने वाला देश बना दिया है. 

साल 2016 में रिलायंस जियो का आगमन हुआ और कंपनी ने बिना किसी रिचार्ज के अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और अनलिमिटेड इंटरनेट की सुविधा 6 महीने तक उपलब्ध कराई. इसके बाद बाकि टेलीकॉम कंपनियों के विरोध पर जियो को अपनी फ्री सर्विस को वापस लेना पड़ा. हालांकि, जियो के सस्ते ऑफर्स ने लोगों को हमेशा के लिए जियो से जोड़ दिया. क्योंकि, जियो के ऑफर्स सस्ते और अधिक बेनिफिट वाले माने जाते हैं. 

जियो का 360 दिनों वाला ऑफर

वैसे तो जियो के सभी ऑफर्स एक से बढ़कर एक माने जाते हैं, लेकिन आज जिस ऑफर के बारे में आपको बताने जा रहे हैं. इसमें आपको लम्बे समय के लिए बार-बार के रिचार्ज से छुटकारा मिल जाएगा. बताना चाहेंगे कि, जियो का यह ऑफर ग्राहकों को बार-बार के रिचार्ज कराने के झंझट से छुटकारा दिलाएगा. जिसमें ग्राहकों को अनलिमिटेड वॉयस कॉल और इंटरनेट डेटा का लाभ दिया जा रहा है. 360 दिनों वाले इस ऑफर ने इस समय धूम मचाई हुई है.

जियो के इस ऑफर की वैधता 360 दिनों की होगी, जिसमें 360 जीबी डेटा इस्तेमाल के लिए दिया जा रहा है. इस डेटा का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से कभी भी कर सकते हैं. यानि, आपको इस ऑफर में कोई डेली लिमिट नहीं दी जा रही है. इसके अलावा आपको इसमें अनलिमिटेड लोकल और नेशनल वॉयस कॉलिंग का लाभ दिया जा रहा है. लॉन्ग टर्म वाले इस ऑफर के अलावा भी जियो ने 6 महीने और साल भर वाले 2 अन्य ऑफर उपलब्ध कराए हुए हैं. जिनकी कीमत 594 रुपए और 1,699 रुपए रखी गई है.

खोया हुआ मोबाइल गूगल की मदद से ऐसे खोजें , आसान है तरीका जानिए..

0

अगर आपका स्मार्ट फोन खो गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसे आप आसानी से गूगल की मदद से खोज सकते हैं। ऐसा आप अपने डेस्ट टॉप कंप्यूट र और दूसरे मोबाइल फोन से आसानी से कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आपके मोबाइल फोन में आपका गूगल अकाउंट साइन-इन होना चाहिए। इसके अलावा आपके खोये फोन जीपीएस एक्टिव डेटा कनेक्शन होना चाहिए। अगर आपके खोने वाले मोबाइल फोन की ये सेटिंग्स ऑन हैं, तो आपका मोबाइल फोन आसानी से मिल जाएगा।

डेस्टटॉप या दूसरे मोबाइल फोन से होगा ट्रेक

आपका खोया हुआ स्मार्ट फोन डेस्कटॉप और दुसरे मोबाइल फोन से आसानी से खोजा जा सकता है। इसका आसाान तरीका, जिस अपनाया जा सकता है।

डेस्कटॉप से ऐसे खोजें

-अपने डेस्कटॉप पर सबसे पहले अपना वह जीमेल अकाउंट खोलें, जो आपके खोये हुए स्मार्ट फोन में डाला गया हो। अब लॉग इन करने के बाद होमपेज पर आएं।

-जैसे ही आप होमपेज पर आएंगे ऊपर दाहिनी तरफ अपने प्रोफाइल का आइकन मिलेगा। अब इसे क्लिक करें।

-अब गूगल अकाउंट सेलेक्ट करें।

-इसके बाद बाएं तरफ दिए सिक्योरिटी ऑप्शन को चुनें।

-यहांं पर आपको एक सेक्शन में मिलेगा योर डिवाइस का ऑप्शन। इसमें आपको मिलेगा फाइंड ए लॉस्ट ओर स्टोलन फोन का। अब इसे सिलेक्ट करें।

-अब जो डिवाइस खोज रहे हैं, उसे चुनें।

-इसके बाद अपने जीमेल का पासवर्ड डालकर वेरिफाई करें।

-अब गूगल आपकी मदद करेगा। अगर इसमें फोन की करंट लोकेशन होगी तो यहां दिया गया आइकन ग्रीन हो जाएगा। वहीं अगर स्मार्ट फोन की आखिरी दर्ज लोकेशन होगी, तो आइकन ग्रे होगा। ग्रीन आइकन है तो इसे सेलेक्ट करें। इससे गूगल मैप खुल जाएगा और आपको फोन तक पहुंचा देगा।

-जब आप अपने फोन की लोकेशन के पास होंगे तो प्ले साउंड पर क्लिक करें। इससे आपका स्मार्ट फोन साइलेंट होने के बाद भी गूगल की कॉल जाने पर घंटी बजाएगा। घंटी बजते ही आप फोन तक पहुंच जाएंगे।

दूसरे मोबाइल फोन से ऐसे खोजें खोया हुआ फोन

-अपने मोबाइल फोन पर जीमेल ऐप खोलकर खो गए मोबाइल फोन में लागइन करें।

-फिर टॉप पर जाकर सिक्योरिटी वाले आइकॉन को क्लिक करें।

-अब योर डिवाइस के विकल्प में जाकर फाइंड ए लॉस्ट ओर स्टोलिन फोन के ऑप्शन को सिलेक्ट करें।

-यहां पर अब अपने फोन को सिलेक्ट करें।

– अपने जीमेल का पासवर्ड डालकर खुद को वेरिफाई कराएं।

अगर मोबाइल नंबर Aadhaar से रजिस्टर्ड नहीं है , तो नहीं मिलेगा इन सर्विस का फायदा जानिए…

0

आधार अब सबसे महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट बन चुका है. बिना आधार कार्ड के अब ऐसे कई काम है जो आप नहीं कर सकते हैं.पैन कार्ड बनवाना, आईटीआर फाइल करना आदि के लिए आधार कार्ड होना जरूरी है. कुछ ही समय पहले सु​प्रीम कोर्ट ने बैंक अकाउंट खुलवाने, मोबाइल सिम खरीदने, बच्चों के स्कूल एडमिशन आदि के लिए आधार की अनिवार्यता को खत्म कर दी है. लेकिन आपको बता दें कि अगर आधार कार्ड मोबाइल नंबर लिंक है तो यह फायदेमंद है. हालांकि मोबाइल नंबर की आधार से लिंकिंग जरूरी नहीं रही है. अगर यह आधार में रजिस्टर्ड नहीं है तो आप कुछ सर्विसेज का फायदा नहीं उठा सकते हैं.

नहीं मिलेंगी ये सर्विसेज

 मोबाइल नंबर के आधार से लिंक नहीं होने पर आप आधार से जुड़ी ऑनलाइन सर्विसेज का लाभ नहीं ले पाएंगे. जैसे— आधार में पता बदलवाना या अपडेट कराना.

आप ऐसी किसी भी सर्विस का लाभ नहीं ले पाएंगे जिनमें आधार ऑथेंटिकेशन की जरूरत होती है. जैसे- ITR का ऑनलाइन वेरिफिकेशन, ऑनलाइन OPD अपॉइंटमेंट आदि.

UIDAI के ऐप mAadhaar को इस्तेमाल मोबाइल नंबर की आधार से लिंकिंग के बिना नहीं कर सकते. mAadhaar ऐप की मदद से यूजर अपने स्मार्टफोन में आधार कार्ड लेकर चल सकते हैं, एड्रेस अपडेट करा सकते हैं. इसके चलते फिजिकल आधार कार्ड साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं है.

आधार-मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने पर आधार सर्विसेज जैसे आधार जनरेशन, अपडेट, रिप्रिंट, वैलिडेशन लेटर आदि से जुड़े SMS अलर्ट और ओटीपी हासिल नहीं किए जा सकते हैं.

कैसे कर सकते हैं आधार से मोबाइल नंबर को लिंक

मोबाइल नंबर की ​आधार से लिंकिंग के लिए आपको आधार सेंटर जाना होगा. यह लिंकिंग ऑनलाइन नहीं हो सकती. यूआईडीएआई के मुताबिक, आधार सेंटर पर मोबाइल नंबर-आधार लिंक कराने के लिए आधार कार्ड धारक को बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रूप से कराना होगा. बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन का मतलब है कि किसी व्‍यक्ति की पहचान करने के लिए उसके हाथों के अंगूठे, अंगुलियों के निशान और आँखों के रेटिना का इम्प्रेशन लेना. मोबाइल नंबर लिंक कराने के लिए किसी डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं है. हालांकि इसके लिए चार्ज 50 रुपये है.

जानिए इस 32 साल की हीरोइन ने की मुख्यमंत्री के बेटे से शादी, अब शर्माते हुए पहुँची खरीदारी करने…

0

बॉलीवुड में बहुत ही क्यूट और खूबसूरत अभिनेत्री के रूप में अपनी पहचान बनाने वाली जेनेलिया डिसूजा अब 32 साल की हो गई है। और पिछले कुछ सालों से वो लाइमलाइट से कही गायब सी हो गयी। उन्होंने आज से 7 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे और अभिनेता रितेश देशमुख के साथ कर ली। जिसके बाद से वो फिल्मों से भी धीरे-धीरे दूर होती चली गयी। हाल ही जेनेलिया खरीदारी करने के लिए पहुँची जहां कैमरे को सामने देख शर्माने लगी।
खरीदारी करने पहुँची तो शर्माने लगी

जेनेलिया अब 32 साल की हो गयी है और आज भी वो बहुत हॉट दिखती है। जेनेलिया ने जब से फिल्मों से दूरी बनाई है तब से लोग उन्हें भूल से गये है। और तो अब वो लाइमलाइट में भी नजर नही आती है। हाल ही में वो जब बांद्रा स्थित एक शॉपिंग मॉल में खरीदारी करने पहुँची तो कैमरे को देख पहले शर्माने लगी और फिर मुस्कुराते हुए अंदर चली गयी।

जेनेलिया अब बहुत कम ही कैमरे के सामने स्पॉट होती है। और जब वो अपनी कार से बाहर निकली तो बाहर मिडिया खड़े कैमरामैन उनसे पोज देने के लिए कहां लेकिन जेनेलिया शर्माते हुए वहां से अंदर चली गयी। उनकी यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रही है।

जेनेलिया ने की मुख्यमंत्री के बेटे से शादी

जेनेलिया जब सिर्फ 25 साल की थी तब उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव के बेटे अभिनेता रितेश से शादी कर ली थी। वो रितेश से बहुत प्यार करती थी इसलिए उन्होंने अपने फिल्मी कैरियर की बिना चिंता किये काफी कम उम्र में रितेश को अपना जीवनसाथी बना लिया। आज उनके दो बच्चे भी और उनके साथ अपने पारिवारिक जीवन में बहुत खुश है।

छत्तीसगढ़ के बड़े पदाधिकारियों में सरकार से दूर रखेगी कांग्रेस..

0

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में पंद्रह सालों बाद सत्ता के वनवास को समाप्त करने और लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में मिली करारी के बाद सत्ताधारी दल कांग्रेस ने अपने संगठन विस्तार की रणनीति तय कर ली है. नई रणनीति के तहत कांग्रेस (Congress) सत्ता में शामिल लोगों को संगठन में पद नहीं देगी, और जिन्हें संगठन में बड़ा पद दिया जाएगा उन्हें सत्ता से दूर रखा जाएगा. इस रणनीति पर अमल करने की बात भी कांग्रेस के नेता कह रहे हैं.

बता दें कि कांग्रेस (Congress) ने निगम-मंडलों में नियुक्ति के बाद कार्यकारिणी विस्तार की योजना बनाई है. कोंडागांव विधायक मोहन मरकाम (Mohan Markam) के पीसीसी चीफ बनने के बाद कांग्रेस में सत्ता और संगठन के बीच बढ़ी दूरियों को कम करने का प्रयास लगातार जारी है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार प्रमुख शैलेष नितिन त्रिवेदी का कहना है कि जो भी निर्णय लिया जा रहा है, वो आला नेताओं से लेकर संगठन स्तर के नेताओं की सहमति लेकर ही लिया जा रहा है. संगठन विस्तार की रणनीति पर अमल करने की कवायद भी की जा रही है.

सीएम लगा चुके हैं फटकार
बता दें कि सरकार के निगम, मंडल और आयोगों में पद के लिए सीएम के चक्कर लगा रहे नेताओं को खुद सीएम भूपेश बघेल फटकार लगा चुके हैं. दिल्ली दौरा के दौरान रायपुर एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में पहुंचे सीएम ने अपने समर्थकों को देखकर उन्हें फटकार लगाई थी. सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि जो योग्य होगा, उसे ही पद मिलेगा, ऐसे चक्कर लगाने से किसी को भी सरकार में पद नहीं मिलेगा. इसके बाद अब पीसीसी ने नई रणनीति बना दी है. अब देखना ये होगा कि इसका पालन कितना किया जाता है. 

नया रायपुर में शिफ्ट होगा सीएम हाउस, मंत्रियों का बंगला भी बनेगा..

0

नया रायपुर (Naya Raipur) में बहुत जल्द सीएम आवास (CM House) शिफ्ट होने वाला है. इसके साथ ही मंत्रियों के बंगले भी यहां शिफ्ट किया जाएगा. कहा जा रहा है कि मंत्रियों के बंगले के निर्माण के लिए जगह भी खोज ली गई है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर पहले सीएम भूपेश बघेल से चर्चा होगी, उसके बाद ही मंत्रियों के बंगले बनाने की जगह निश्चित (Decide) की जाएगी. कांग्रेस का मानन है कि करोड़ों खर्च कर नया रायपुर तो बना दिया गया लेकिन यहां लोगों की बसाहट नहीं है. इस वजब से ये प्लान तैयार किया जा रहा है. जल्द ही इस पर निर्देश भी जारी हो सकती है. बता दें कि पहली इकोफ्रैंडली डेवलप सिटी (Eco friendly Develop City ) के रूप में नया रायपुर पूरे एशिया (Asia) में अपनी अलग पहचान भी रखता है.

नया रायपुर को बसाने के लिए कांग्रेस की सरकार एक नया प्रोजेक्ट लेकर आने वाली है. कहा जा रहा है कि राजधानी रायपुर में स्थिथ सीएम आवास सहित मंत्रियों का आवास नया रायपुर में बनने जा रहा है. बता दें कि नया रायपुर के सेक्टर-27 में मंत्री के बंगलों के निर्माण स्थान का चयन किया है. इस पर सीएम बघेल की सहमती के बाद निर्माण शुरू होगा.

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नया रायपुर में हजारों करोड़ों रूपए खर्च तो कर दिए गए मगर बसाहट के नाम पर यहां सन्नाटा पसरा हुआ है. इसे दूर करने के लिए नया रायपुर में सीएम आवास और मंत्रियों के आवासों का निर्माण कराना बेहद जरूरी है.

पुलिस के सायरन ने बालोद में रोकी ये बड़ी वारदात, आरोपी की तलाश जारी..

0

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बालोद नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में सेंधमारी कर चोरी की कोशिश की गई है. मंगलवार की देर रात एक अज्ञात चोर ने बैंक के शटर का ताला तोड़ चोरी करने की कोशिश की. अज्ञात चोर ने शटर का ताला तोड़ बैंक के अंदर प्रवेश कर जैसे ही लॉकर रूम के ताला तोड़ने का प्रयास​ किया, लेकिन इस दौरान पुलिस (Police) की पेट्रोलिंग टीम का सायरन बजा और चोर वहां से भाग गया. बालोद (Balod) पुलिस की सक्रियता से बीती रात एक बड़ी घटना होने से बच गई.

बालोद (Balod) के पुलिस अफसरों की मानें तो घटना रात करीब 1 से 2 बजे के बीच की है. इस दौरान पेट्रोलिंग में निकली पुलिस गाड़ी का सायरन बजने से चोर भागने लगा और कुछ दूर बालोद पुलिस द्वारा चोर का पीछा भी किया गया, लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर चोर भागने में कामयाब हो गया. फिर भी पुलिस की इस सतर्कता से एक बड़ी वारदात (Crime) टल गई.

सीसीटीवी फूटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस अभी सीसीटीवी फूटेज खंगाल कर चोर के पतासाजी में भी जुट गई है. एएसपी डीआर पोर्ते ने बताया कि अज्ञात आरोपी की तलाश की जा रही है. जल्द ही उसे पकड़ने में पुलिस कामयाब होगी. गौरतलब है कि बालोद पुलिस की सतर्कता से भले ही यह चोरी के वारदात की घटना टल गई, लेकिन जिले में संचालित राष्ट्रीयकृत बैंकों में सुविधा के अभाव और बैंको में रात को सुरक्षा गार्ड नहीं रखने से इससे पहले भी कई एटीएम में सेंधमारी हो चुकी है. बावजूद इसके बैंक प्रबंधनों द्वारा सुरक्षा को लेकर आज तक गंभीर कदम नहीं उठाए गए. इस घटना के बाद फिर एक बार जिले के बैंको की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं. 

इस गांव में होती है अखबार की पूजा, ये है वजह…

0

छत्तीसगढ़ के धमतरी (Dhamtari) के गंगरेल बांध (Gangrel Dam) के दूसरे तरफ बसे एक गांव सटियारा (Satiyara) में एक अखबार यानी न्यूज पेपर (Newspaper) की पूजा होती है. शायद आपको इस बात पर यकीन न हो लेकिन ये सच है. कहा जाता है कि इस गांव के लोगों को देश के आजादी की खबर पहली बार अखबार से ही मिली थी और तब से ही यहां के लोग उस पेपर की पूजा करते है.

लोगों ने एक मंदिर भी यहां बना दिया है. साल भर में स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) और गणतंत्र दिवस (Republic Day) को यहां मेला भी लगता है. पेपर यहां के लोगों के लिए किसी देवी या देवता से भी बढ़ कर है. ये भी देश भक्ति की एक अनोखी मिसाल है.

यहां है अखबार का मंदिर:
धमतरी जिला मुख्यालय से लगभग 60-65 किलोमीटर दूर बसा है गांव सटियारा. गंगरेल बांध के दूसरे तरफ बसा ये गांव पूरी तरह से जंगल और पानी से घिरा है. यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती और मछली पकड़ना है. इस गांव तक पहुंचने के लिए लंबे पहाड़ी रास्ते पर सफर करना होता है. सटियारा में ही एक टापू पर बना है ये अनोखा मंदिर जहां नवभारत अखबार की पूजा होती है. सटियारा से नाव की सवारी कर लगभग डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. 

इस मंदिर में सन 1947 की पूजा का नजारा दिखाई देता है. इस पेपर की पूजा के पीछे की वजह जब आप जानेंगे तो ग्रामीण आदिवासियों के देशभक्ति को सलाम किए बिना नहीं रह सकेंगे. दरअसल, 1947 में जब देश आजाद हुआ तब यहां गंगरेल बांध नहीं था और ये पूरी तरह से घने जंगलों से घिरा हुआ इलाका था. सड़कें नहीं थी, बिजली नहीं थी और आने-जाने का साधन नहीं था. अखबार भी तब यहां नागपुर से छप कर आते थे. उस दौर के गिनती के हिंदी अखबारों में से एक था नवभारत. 15 अगस्त को आजादी मिलने की खबर इस गांव तक नवभारत पेपर के माध्यम से लगभग एक महीने देर से मिली थी.

स्थानीय लोगों का कहना है कि उस अखबार में महात्मा गांधी की बड़ी बड़ी तस्वीरों के साथ देश को गुलामी से छुटकारे की खबर छपी थी. बस उसी दिन से ही लोग इस अखबार के मुरीद हो गए और इसकी पूजा शुरू कर दी. इसके साथ ही गांधी जी की भी पूजा ये लोग करते है. 
दरअसल धमतरी में अंग्रेज काफी पहले से आ गए थे और लंबे समय तक यहां रहे. यहां के लोगों ने
अंग्रेजों की गुलामी को करीब से महसूस किया था. उसी पैमाने पर यहां आजादी की खुशी भी हुई जिसने भक्ति का रूप ले लिया. फिलहाल पेपर पूजा करने वालों की तीसरी पीढ़ी आज यहां रहती है. इन लोगों ने एक संस्था भी बना रखी है, जिसका नाम गांधी संस्था है जिसमे नवभारत में आस्था रखने वाले लोग जुड़े है. लोगों का यहां तक मानना है कि नवभारत में दैवीय शक्ति है और इससे कई दुख और दर्द भी ठीक हो जाते है.

पीएम मोदी ने कैश को लेकर किया नया ऐलान इन 7 सख्त नियमों को तोड़ने पर घर आएगा टैक्स नोटिस..

0

देश में कैश में खरीद-फरोख्‍त (Cash Transaction) एक सीमा तय है. सरकार ने इसके लिए भी नियम बनाए हैं और अगर उनको नजरअंदाज किया गया, तो आपकी जेब पर भी गाज गिर सकती है.आपको भारी पेनाल्टी देनी पड़ सकती है.

देश के 73वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लाल किले से तिरंगा फहराने के बाद देशवासियों से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने पर जोर दिया. साथ ही उन्होंने एक नारा दिया ‘लकी कल के लिए लोकल’. पीएम ने डिजिटल पेमेंट को हां और नकद को ना करने की अपील की. लालकिले से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना होगा. पीएम ने कहा, ‘मैं व्यापारियों को कहूंगा कि आप बोर्ड लगाते हैं- आज नकद, कल उधार. मैं चाहता हूं कि आप अब बोर्ड लगाएं ‘डिजिटल पेमेंट को हां, नकद को ना’, लेकिन देश में कैश में खरीद-फरोख्‍त की एक सीमा तय है. सरकार ने इसके लिए भी नियम बनाएं हैं और अगर उनको नजरअंदाज किया गया, तो आपको भारी पेनाल्टी देनी पड़ सकती है.

आज हम आपको बताएंगे-कैश में लेन-देन से जुड़े 7 नियम के बारे में…

टैक्स एक्सपर्ट बताते हैं कि मोदी सरकार ने कैश लेने के लिए खास नियम बनाए हैं. इन नियमों में प्रॉपर्टी बेचने पर कैश में ज्‍यादा लेन-देन नहीं कर सकते.

टैक्स एक्सपर्ट्स बताते हैं कि घर में कैश रखने की कोई सीमा तय नहीं है. लेकिन घर में रखे कैश का सोर्स बताना जरूरी होता है. अगर कोई सोर्स नहीं बता पता है, तो उस मामले में 137% तक पेनाल्टी लगाई जा सकती है. 

(2) बैंक से कैश निकालने और जमा करने का नियम क्या है- इस टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक खातों से कैश निकालने पर फिलहाल कोई टैक्स नहीं लगता है. 5 जुलाई 2019 को पेश हुए बजट में कैश निकासी पर टैक्स को लेकर घोषणा हुई है. वह यह है कि 1 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश निकालने पर 2 फीसदी TDS कटेगा.

बैंक में कैश जमा करवाने की कोई लिमिट नहीं है. नियम डिपॉजिट रकम की जानकारी देने को लेकर है. सेविंग अकाउंट को लेकर कुछ नियम तय किए गए हैं. एक बार में 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा जमा किया.

लेकिन सेविंग अकाउंट में 50,000 रुपए से ज्यादा कैश जमा कर रहे हैं तो ऐसे में आपको पैन कार्ड नंबर देना जरूरी है. कैश में पे-ऑर्डर या डिमांड ड्राफ्ट भी बनवा रहे हैं तो पे ऑर्डर-DD के मामले में भी पैन नंबर देना होगा.

एक साल में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा जमा किया तो ऐसे में नाम एनुअल इंफोर्मेशन रिपोर्ट में जाएगा. वहीं, सेविंग खाते के अलावा चालू खाते के लिए यह लिमिट 50 लाख रुपये तय है.

(3)अगर प्रॉपर्टी बेचने पर कैश मिले तो- टैक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रॉपर्टी बेचने पर कैश लेने की सीमा तय है. अब आप सिर्फ 20,000 रुपये कैश का लेन-देन कर सकते हैं. अब 20,000 रुपये से ज्यादा कैश लेने पर 100 फीसदी पेनाल्टी लगेगी.

(4) अगर कैश में पेमेंट करना हो तो क्या नियम है- कैश में भुगतान की सीमा भी पहले से तय है. आपके अपने निजी खर्च-कारोबारी खर्च के लिए नियम भी तय है. निजी खर्च के लिए 2 लाख रुपये तक कैश भुगतान होता है. वहीं, बिजनेस के लिए 10,000 रुपये तक कैश लिमिट तय है.

कौन तोड़ेगा सचिन के 76 मैन ऑफ द मैच अवार्ड का रिकॉर्ड, ये धुरंधर है बेहद करीब जानिए…

0

दिल्ली में पैदा हुए और वही के रहवासी होते हुए, कोहली ने 2006 में अपनी पहली श्रेणी क्रिकेट कैरियर की शुरुआत करने से पहले विभिन्न आयु वर्ग के स्तर पर शहर की क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2008, मलेशिया में अंडर -19 विश्व कप में जीत हासिल की, और कुछ महीने बाद, 19 साल की उम्र में श्रीलंका के खिलाफ भारत के लिए अपना ओ॰डी॰आई॰ पदार्पण किया। शुरुआत में भारतीय टीम में रिजर्व बल्लेबाज के रूप में खेलने के बाद, उन्होंने जल्द ही ओ॰डी॰आई॰ के मध्य क्रम में नियमित रूप से अपने आप को स्थापित किया और टीम का हिस्सा रहे और 2011 क्रिकेट विश्व कप जीता।

सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और उन्हीं में से एक यह रिकॉर्ड भी है 

हम आपको बता दे सचिन तेंदुलकर को सबसे ज्यादा मैन ऑफ द मैच अवार्ड से सम्मानित किया गया है | जानकारी के लिए आपको बता दें सचिन तेंदुलकर को 76 बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड से सम्मानित किया गया है और उनका यह रिकॉर्ड अभी तक किसी बल्लेबाज ने नहीं तोड़ा | हालांकि इस रिकॉर्ड के बेहद करीब सनथ जयसूर्या जरूर पहुंचे थे, पर यह रिकॉर्ड तोड़ नहीं पाए | 

यह धुरंधर तोड़ सकता है सचिन का रिकॉर्ड 

भारत के कप्तान विराट कोहली ने अपने करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं | उन्हें 42 बार मैन ऑफ द मैच अवार्ड से सम्मानित किया गया है | वह इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जो इस रिकॉर्ड को तोड़ने की काबिलियत रखते हैं | क्योंकि ज्यादातर इस लिस्ट में शामिल खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं |