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हर रोज सुबह खाली पेट इसे खा लो, फिर किसी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नही पड़ेगी

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प्रकृति ने हमारे आसपास ऐसे पेड़ पौधे दिए हैं, जो औषधीय गुणों से भरे पड़े हैं और हम अगर उनका सही उपयोग करना सीख जाएँ तो शायद हमे किसी डॉक्टर से पास जाने की जरूरत भी नही पड़ेगी, ऐसा ही पेड़ है नीम का पेड़, इसे आयुर्वेद में अमृत के समान माना जाता है।

इसकी जड़, तना, पत्ता, छाल, फूल और फल सभी कुछ औषधियों का भंडार है, आज हम आपको नीम के बीजों के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, तो चलिए जान लेते हैं।

नीम के बीज के फायदे

किडनी के लिए

नीम की पत्तियों और बीजो से बनी चाय का सेवन करने से किडनी संबंधी परेशानियाँ दूर होती हैं, और किडनी की गंदगी बाहर निकल जाती है, जिससे किडनी स्वस्थ बनी रहती है, आप चाहें तो नीम के बीज भी खाली पेट खा सकते हैं, हालाँकि इसका स्वाद बहुत कड़वा होता है, जिसे खाना काफी मुश्किल होता है।

मलेरिया को दूर रखने में

मलेरिया ऐसी बीमारी है जो मच्छरों के काटने पर होती है, इसमें रोगी को बुखार आटा है और रोगी बेहद कमजोर हो जाता है, नीम के बीज मलेरिया को दूर रखने में सहायक होते हैं, इसके लिए इन बीजों को पीसकर इसका पेस्ट शरीर पर लगाने से मलेरिया के मच्छर दूर रहते हैं और इस जानलेवा बीमारी से बचाव होता है।

आँखों और कानों के लिए

इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुणों के कारण यह आंखों और कानों में संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक होता है, जिससे आँखें और कान सुरक्षित रहते हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी थाली,जिसमें खाने को मिलेगा बहूत कुछ.

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कुछ लोग बाहर का खाना पसंद करते हैं। जब भी लोग बाहर जाते हैं, तो वे किसी होटल या रेस्तरां या ढाबे में खाना पसंद करते हैं। होटल और रेस्तरां के मालिक अपने रेस्तरां का नाम बढ़ाने के लिए ग्राहकों को विशेष ऑफर देते हैं। अब इस मुंबई रेस्तरां की जाँच करें। यहां पर नॉनवेज खाने वाले के लिए एक स्पेशल डिश उपलब्ध है।

कहा जाता है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा व्यंजन है। दरअसल, मुंबई के पवई में मिनी पंजाब लेकसाइड के नाम से मशहूर एक रेस्तरां ने दुनिया का सबसे शानदार और मसालेदार नॉनवेज डिश बनाया है। इस नॉनवेज बैग का नाम प्रसिद्ध भारतीय पहलवान दारा सिंह के नाम पर रखा गया है।

थाली का नाम ‘दारा सिंह’ थाली के नाम पर रखा गया है। इस व्यंजन में कुल 3 प्रकार के व्यंजन हैं।

रेस्तरां के सह-मालिक जगजीत सिंह का मानना ​​है कि पकवान का नाम दारा सिंह थली था क्योंकि वह पंजाबी खाना पसंद करते थे और विशेष रूप से उत्तर भारतीय भोजन पसंद करते थे। इस डिश में सिख कबाब, कॉर्न ब्रेड, दाल, मटन, मक्खन, चिकन, पापड़, सलाद, मटन मसाला, चिकन बिरयानी, टग कबाब, कोली वड़ा, चूर-चूर नान शामिल हैं

। जब इसे पंजाबी की मशहूर लस्सी, शिकंजी, चावल, काली किरल पीने के लिए दिया जाता है। जब मधुर व्यवहारों की बात आती है, तो इसमें रसगुल्ला, जलेबी, रूबर्ब, मूंगफली, मूंग की दाल का हलवा, उप बर्फ, मालपुआ, केक, आइसक्रीम शामिल हैं।

इस प्लेट के पीछे नवनीत चावला मुख्य दिमाग है। नवनीत चावला का मानना ​​है कि अगर कोई भी इस प्लेट को 5 मिनट के अंदर खाता है, तो यह मुफ्त है।

जगजीत कहते हैं कि अब तक केवल 3 लोग ही प्लेट को पूरा कर पाए हैं, जबकि सबसे तेज़ इसे पूरा करने में सफल रहे हैं। जगजीत के अनुसार, विदेशी नागरिक ने 5 मिनट और 5 सेकंड में पकवान पूरा किया।

सावधान! पॉर्न देखने पर बन सकता है वीडियो

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इंटरनेट पर पॉर्न देखने की लत आपको खतरे में डाल सकती है. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने ऐसे स्पैमबॉट का पता लगाया है जो पोर्न देखते वक्त यूजर्स का वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं. बाद में इस रिकॉर्डिंग को ब्लैकमैलिंग या सेक्सटॉर्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह सब एक मालवेयर Varenyky की मददइंटरनेट पर पॉर्न देखने की लत आपको खतरे में डाल सकती है. साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने ऐसे स्पैमबॉट का पता लगाया है जो पोर्न देखते वक्त यूजर्स का वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं. बाद में इस रिकॉर्डिंग को ब्लैकमैलिंग या सेक्सटॉर्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह सब एक मालवेयर Varenyky की मदद से किया जाता है.

क्या है varenyky? यह स्पैमबॉट मुख्य रूप से इंटरनेट से ईमेल एड्रेस जुटाने और उन्हें अनचाहे ईमेल भेजने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसका पता फ्रांस में लगाया गया है जहां यह स्मार्टफोन के प्रमोशन के लिए स्पैम ईमेल भेजता है. इसका पता एंटीवायरस निर्माता कंपनी ESET ने लगाया है. हालांकि इसके एक वेरियंट ने सेक्सटॉर्शन शुरू कर दिया है. जिसमें हैकर्स वायरस की मदद से यूज़र्स के कंप्यूटर का ऐक्सेस पा लेते हैं. इसके बाद पॉर्न वेबसाइट पर जाने और पॉर्न देखने पर यूजर्स को यह बॉट रिकॉर्ड कर लेता है. सामने आई रिपोर्ट में कहा गया है कि विक्टिम यूजर्स का पॉर्नोग्राफी में एक खास टेस्ट होता है और हैकर उनके कंप्यूटर पर रिमोट कंट्रोल हासिल कर लेता है.

वीडियो बनाकर किया जाता है ब्लैकमेल

विक्टिम को मेल भेजा जाता है कि पोर्न देखते वक्त उसका वीडियो बना लिया गया है. और उससे पैसे मांगे जाते है. बताया जा रहा है कि वीडियो में आधी स्क्रीन पर ब्राउजर में देखा जा रहा पॉर्न और बाकी आधी स्क्रीन में वेबकैम से रिकॉर्ड उसका वीडियो है. इसके अलावा विक्टिम की कॉन्टैक्ट लिस्ट, पिक्चर्स, पासवर्ड्स, बैंक अकाउंड डेटा और बाकी डिटेल्स की एक कॉपी बना ली जाती है. इसके बाद एक अनजान अकाउंट में पैसे चुकाने पर उसे छोड़ दिया जाता है. ब्लैकमेल करते हुए कहा जाता है कि अगर 72 घंटे में रकम बताए गए अकाउंट में नहीं भेजी गई तो यह विडियो परिवार और दोस्तों को भेजने के अलावा फेसबुक, ट्विटर और बाकी प्लेटफॉर्म्स पर भी डाल दिया जाएगा.

रिमोर्ट सर्वर पर डाला जाता है वीडियो

ईमेल में विक्टिम को बताया जाता है कि उसका वीडियो रिमोट सर्वर पर सेव कर दिया गया है इसलिए पासवर्ड बदलने, वायरस डिलीट करने, कंप्यूटर को क्लीन करने या रिपेयर करने का कोई मतलब नहीं है. मेल में ये भी कहा जाता है कि प्रूफ के लिए विक्टिम ‘yes’लिखकर भेज सकता है. उसके बदले में वीडियो उसके 6 सबसे महत्वपूर्ण कॉन्टैक्ट्स को भेज दिया जाएगा. से किया जाता है.

अगले आठ से दस माह में होगा शुरू दुनिया की सबसे लंबी एलपीजी पाइपलाइन का निर्माण

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दुनिया की सबसे लंबी एलपीजी गैस पाइप लाइन के तौर पर गुजरात के कंडला पोर्ट को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से जोड़ने वाली 2757 किमी लंबी पाइपलाइन का निर्माण कार्य अगले आठ से दस माह में शुरू होगा। लगभग 10 हजार करोड की लागत वाली इस परियोजना के लिए तीन सरकारी तेल एवं गैस कंपनियों इंडियन ऑयल (50 प्रतिशत), भारत पेट्रोलियम तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (25-25 प्रतिशत) के बीच संयुक्त उपक्रम निर्माण का समझौता गत जून माह में हुआ था।

इंडियन ऑयल के एक शीर्ष अधिकारी ने आज यहां यूएनआई को बताया कि इसके लिए संयुक्त उपक्रम की पहली बोली संबंधी बैठक भी जुलाई के अंतिम सप्ताह में हो चुकी है। अन्य संबंधित प्रक्रियाओं पूरा कर इसका निर्माण कार्य आठ से दस माह में शुरू हो जायेगा और एक बार शुरू होने के बाद इसे 36 माह के भीतर पूरा कर लिया जायेगा।

यह गुजरात से मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर तक जायेगी। यह कंडला आयात टर्मिनल के अलावा इंडियन ऑयल की कोयली और भारत पेट्रोलियम की बीना रिफायनरी से गैस को 22 बॉटलिंग संयंत्रों (गुजरात के तीन, मप्र के छह और उत्तर प्रदेश के 13) तक सीधे पहुंचायेगी। इसके अलावा रोड ब्रिजिंग के जरिये इससे राजस्थान, गुजरात, मप्र, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के 21 और ऐसे संयंत्रों तक गैस की आपूर्ति होगी। इसके जरिये प्रति वर्ष 82 लाख 50 हजार टन एलपीजी की आपूर्ति की जा सकेगी जो देश की कुल मौजूदा एलपीजी मांग का लगभग 25 प्रतिशत है।

आवारा मवेशियों से परेशान किसानों ने उठाया ये कदम, प्रशासन में मचा हड़कंप

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बेमेतरा जिले में किसान (Farmer) आवारा मवेशियों से परेशान हैं. आवारा मवेशी (Cattle) उनकी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं. शासन प्रशासन से लगातार शिकायत के बाद भी अब तक कोई उचित पहल नहीं की गई, जिससे किसानों में आक्रोश है. इसके चलते ही बेमेतरा (Bemetara) के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन करने का निर्णय लिया. इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया.

बेमेतरा (Bemetara) में अवारा मवेशियों को लेकर मंगलवार को जमकर बवाल मचा. सोमवार की देर रात से करीब 4 सौ मवेशियों को किसान सभा भवन में एकत्र कर कलेक्टोरेट में छोड़ने की तैयारी किसान (Farmer) कर रहे थे. इधर जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियो मे हड़कंप मच गया. आनन फानन में नगर पालिका सीएमओ (CMO) द्वारा किसानों को समझाने का प्रयास किया पर किसान नहीं माने और प्रदर्शन की बात पर अड़े रहे. किसान जब तक समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रदर्शन जारी करने की बात कहते रहे.

भारी पुलिस बल की तैनाती बेमेतरा में किसानों के आंदोलन से तनाव को बढ़ता देख भारी सख्या मे पुलिस बल तैनात किया गया. इन सब के बीच मवेशी बिना चारा पानी के ही कैद रहे. किसानों के बढ़ते गुस्से को देख कुछ मवेशियों को प्रशासन ने काउकेचर और ट्रक मे भरकर दूसरी जगह रवाना करवाया. हालांकि उन्हें कहां भेजा गया, इसकी जानकारी देने से प्रशासिनक अमला बचता ही रहा. बताया जा रहा कि जून के महिने मे ही पालिका क्षेत्र में गोठान के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग की गई है, जिसका सरकार से जवाब नहीं आया है. इसके चलते आवारा मवेशियों को लेकर उचित प्रबंध नहीं हो सका है. मामले में नगर पालिका बेमेतरा के सीएमओ होरी सिंह का कहना है कि किसानों को रही परेशानी की शिकायत मिली है. इसको लेकर प्रशासन स्तर पर काम किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ सरकारी दफ्तरों में नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करना जरूरी : हाई कोर्ट

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर हाई कोर्ट (High Court) ने कहा है कि किसी भी सरकारी दफ्तर में चयन या भर्ती के लिए उचित तरीके से विज्ञापन जारी कर प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है. ऐसा नहीं करने पर भ्रष्टाचार के साथ ही भाई-भतीजावाद को बढ़ावा मिलेगा. नियुक्ति और ज्वॉइनिंग के 25 दिनों बाद इसे निरस्त करने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. प्रक्रिया का पालन नहीं होने के आधार पर हाई कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है. दरअसल बिलासपुर (Bilaspur) में रहने वाले चोवराम सिरमौर की नियुक्ति 11 मई को कोरबा (Korba) के शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में इलेक्ट्रिशयन के पद पर एडहॉक में हुई थी. वर्कशाॅप इंस्ट्रक्टर के पद पर नियुक्ति के लिए उसे कॉल लेटर जारी किया गया. नियुक्ति की जानकारी देते हुए पुलिस वेरीफिकेशन के लिए कहा गया और 4 मार्च 1995 को उसे इस पद पर नियुक्त कर दिया गया. अविभाजित मध्यप्रदेश के संचालक तकनीकी शिक्षा के आदेश से नियुक्ति के 25 दिन बाद 27 मार्च 1995 को प्रक्रिया का पालन नहीं होने के आधार पर उसकी नियुक्ति निरस्त कर दी गई.

नहीं किया नियमों का पालन
इस आदेश के खिलाफ चोवराम ने हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत कर कहा था कि नियुक्ति निरस्त करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया. यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है. वहीं राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि उस समय भर्ती के लिए निर्धारित प्रावधानों के मुताबिक रोजगार कार्यालय से योग्य अभ्यर्थियों की सूची मंगाई जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. गंभीर अनियमितता के आधार पर संचालक तकनीकी शिक्षा ने नियुक्ति निरस्त कर दी थी. मामले पर जस्टिस प्रशांत मिश्रा की बेंच में सुनवाई हुई. हाई कोर्ट ने प्रक्रिया का पालन नहीं होने की शिकायत पर संचालक तकनीकी शिक्षा से शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज बिलासपुर के प्रिंसिपल को मामले की जांच के लिए कहा था. 
जांच में सामने आया था कि नियुक्ति से पहले विज्ञापन जारी नहीं किया गया था. न ही रोजगार कार्यालय से नाम मंगवाए गए थे. इस आधार पर नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी. हाई कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी है कि सरकारी कार्यालयों में नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर सभी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए. ऐसा न कर ओपन मार्केट से अभ्यर्थियों का चयन करने से भ्रष्टाचार के साथ ही भाई-भतीजावाद की प्रवृति को बढ़ावा मिलता है.

केंद्रीय उपभोक्ता एंव खाद्य मंत्री का बड़ा बयान- सर्विस चार्ज की आड़ में कंज्यूमर से और लूट नहीं

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सर्विस चार्ज की आड़ में उपभोक्ता को लूटने के मामले में सरकार ने सख्ती दिखाई है. उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवानने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस संबंध में मीडिया को पूरी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता बिल को लेकर राष्ट्रपति की अनुशंसा भी हो गई है और ये अब एक्ट का रूप धारण कर चुका है. उपभोक्ता संरक्षण बिल (कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019) में CCPA का गठन किया गया है. इसकी मदद से सभी कंज्यूमर कोर्ट और फोरम का नाम बदल कर कंज्यूमर कमीशन हो जाएगा. पहले कोर्ट या फोरम उसी केस को देखेगा जो उसके पास जाकर शिकायत करेगा. इसके अलावा CCPA के पास सो-मोटो (Suo moto) जारी करने का भी अधिकार होगा.

बिना खरीदे भी कर सकते हैं सामान की शिकायत 
पहले CCPA का प्रावधान नहीं था. CCPA उपभोक्ता को यह ताकत देता है कि अगर आपने समान नहीं खरीदा है या खरीदने से पहले भी आप शिकायत कर सकते हैं. मसलन आपको पता है कि फलां कार में कुछ गड़बड़ी है तो आप खरीदने से पहले भी उसकी शिकायत कर सकते हैं. इन्वेस्टिगेशन विंग भी होगा जिसमें CCPA के भी अधिकारी होंगे, साथ ही सभी सेक्टर के प्रतिनिधि होंगे.

हर समस्या का हल CCPA 
ज्यादातर उपभोक्ता के पास जानकारी का अभाव रहता है. उनको यह नहीं मालूम होता है कि कोई शिकायत कहां करे. इस समस्या को भी CCPA की मदद से दूर किया जाएगा. साथ ही न्यायिक प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा. पहले सामान जहां से खरीदते थे वहीं शिकायत करनी होती थी. अब उपभोक्ता कहीं से भी शिकायत कर सकते हैं. उन्हें इसके लिए वकील करने की भी जरूरत नहीं है.

लाखों केस लंबित हैं 
कंज्यूमर कोर्ट में लाखों केस लंबित हैं. मसलन डिस्ट्रिक्ट लेवल पर 3 लाख 50 हजार केस लंबित है. इसकी एक बड़ी वजह है कि कई पद खाली पड़े हैं. जो सदस्य या चेयरमैन हैं, उनसे लगातार आग्रह है कि खाली पदों को जल्द भर जाए. जज को नए बिल के तहत नहीं रखा गया है. उपभोक्ता नियमों का मकसद ग्राहकों को न्याय दिलाना है ना कि कोर्ट कचहरी के चक्कर लगवाना.

मीडिया को लेकर भी सख्त प्रावधान 
इसके अलावा इस कानून में मीडिया (प्रिंट/ इलेक्ट्रॉनिक) को लेकर भी कई प्रावधान किए गए हैं. मीडिया से कहा गया है कि जितना लिखित दिया गया है सिर्फ उतना ही प्रचारित करना है या दिखाना है. सेलिब्रिटी जो ब्रांड का प्रचार करते हैं, उनके लिए कहा गया है कि जितना लिखा दिया गया है सिर्फ उतना ही बोले. इसके अलग कुछ नहीं करना है. बता दें, सेलिब्रिटी के लिए जेल का प्रावधान नहीं है. मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट पर आजीवन कारावास का भी प्रावधान है.

मैन्युफैक्चरिंग डेट लिखा होना जरूरी है 
हालांकि, सेलिब्रिटी जो ब्रांड का प्रचार करते हैं उनपर जुर्माना का प्रावधान है. सेलिब्रिटी के खिलाफ 10 लाख रुपये तक जुर्माना और 1 साल तक प्रचार करने पर रोक के भी प्रावधान शामिल किए गए हैं. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि ये सब कुछ अभी सिर्फ एक्ट में है, रूल जल्द बनेंगे. 3 महीने में सारे रूल बन कर तैयार हो जाएंगे. साथ ही CCPA के चेयरमैन का मामला भी जल्द निबट जाएगा. उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि हर सामान पर मैन्युफैक्चरिंग डेट होना जरूरी है. एक्सपायरी डेट भी होना चाहिए. सामान की कीमत साफ-साफ लिखी होनी चाहिए.

दिव्यांग शख्स ने युवती से किया रेप, 2 साल बाद कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा

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बालोद (Balod) जिले के डौंडीलोहारा में रहने वाले मोहनलाल देशमुख उर्फ कोंदा बोल और सुन नहीं सकता. इस शख्स पर आरोप था कि उसने 30 जनवरी 2017 को गांव की ही युवती से दुष्कर्म (Rape) किया था. घटना गांव से दूर एक खेत(Field) में हुई थी. कहा जा रहा है कि युवती(Girl) ने गांव आकर परिजनों को इस घटना की जानकारी दी. इसके बाद आरोपी युवक (Accused youth) के खिलाफ प्रकरण (Case) दर्ज किया गया. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट (Court) में चालान प्रस्तुत किया. फिर बालोद की स्पेशल कोर्ट (Special Court) ने आरोपी के मूक बधिर होने के कारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उसकी मदद के लिए अधिवक्ता (Advocate) नियुक्त किया था. फिलहाल सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस मामले में सजा सुना दी है.

ये है पूरा मामला:

चालान पेश होने के बाद आरोपी के परिजनों (Relatives) ने भी अपनी तरफ से अधिवक्ता नियुक्त किया था. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने 22 जून 2018 को दिए गए फैसले में आरोपी को दोषी ठहराया था. लेकिन, सीआरपीसी की धारा के तहत उसके मूक-बधिर होने के कारण इसकी पुष्टि और सजा के लिए मामले को हाईकोर्ट (Highcourt) रेफर किया गया था. मामले पर जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की बेंच में सुनवाई हुई.

इस मामले में हाईकोर्ट ने एडवोकेट (Advocate) सरफराज खान को न्याय मित्र नियुक्त किया. वहीं राज्य शासन की तरफ से उप महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह अहलुवालिया ने पक्ष रखा. हाईकोर्ट ने पाया कि आरोपी के पढ़ने में असमर्थ होने के बाद भी कोर्ट ने उसे संकेत भाषा या रिश्तेदारों के जरिए समझाने का प्रयास नहीं किया. वहीं, उसे मेडिकल टेस्ट के लिए भी नहीं भेजा गया, जिससे पुष्टि होती कि वो कितने फीसदी मूक बधिर है. हाईकोर्ट ने ये निष्कर्ष दिया कि आरोपी मूक-बधिर होने के कारण कोर्ट की प्रक्रिया नहीं समझ सका. साथ ही हाईकोर्ट ने माना कि आरेापी अपने जुर्म (Crime) की प्रकृति और गंभीरता को बखूबी समझता है. इसके बावजूद उसने ऐसा किया. ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को 7 साल कैद की सजा सुनाई है.

मनुष्य के शरीर मे कितना लीटर खून होता है? 99% लोग नहीं जानते

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प्रश्न 1: मनुष्य के शरीर मे कितना लीटर खून होता है?
उत्तर: मनुष्य के शरीर में लगभग 4.7 से 5.5 लीटर खून होता है। 
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ में काला हीरा बहुतायत में पाया जाता है?
उत्तर: कोयला को

प्रश्न 3: मानव मस्तिष्क की मेमोरी कितने GB की होती है? उत्तर: वैज्ञानिक पुष्टि के अनुसार, मानव मस्तिष्क मेमोरी का भंडारण असीमित है। 
प्रश्न 4: किस देश को प्राचीन काल में रत्नद्वीप कहा जाता था ?
उत्तर : श्रीलंका को

प्रश्न 5: इंसान की आँखे कितनी दूर तक देख सकती है?
उत्तर : एक अध्ययन के मुताबिक, हम अपनी आंखों से 20 किलोमीटर 12 मील तक की दूरी तक देख सकते हैं।
प्रश्न 6: अमृत क्रांति का संबंध किससे बताया जाता है?
उत्तर: नदी जोड़ो परियोजना से संबंध है।
प्रश्न 7: 1 मीटर में कितने फुट होते हैं?
उत्तर:1 मीटर में 3.28 फुट होते हैं।

भूपेश बघेल : विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 24 में मुख्यमंत्री निवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे और राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित निर्माण कार्याें के बारे में अधिकारियों से स्थल पर जानकारी प्राप्त की और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए।