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कोनसे है दुनिया के ये 3 सबसे खतरनाक पक्षी जानिए इसके बारे में

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भगवान ने इस दुनिया में अनेकों जीव जंतुओं को बनाया है | सभी जीव जंतुओं की अपनी-अपनी खासियत होती है | कुछ जीव खतरनाक होते हैं तो कुछ बेहद ही प्यारे होते हैं | आज हम आप सभी को बताने वाले हैं विश्व के 3 सबसे खतरनाक पक्षियों के बारे में |

ऑस्ट्रेलिया में पाया जाने वाला कैसोवरी पक्षी दुनिया का सबसे खतरनाक पक्षी है | कैसोवरी पक्षी हर साल कई लोगों की जान ले लेता है | इस पक्षी का सबसे बड़ा हथियार इसका पैर है जो कि 5 फीट जितना बड़ा होता है और बेहद ही मजबूत तथा नुकीला होता है | यह अपने पैर से एक किक मारकर किसी को भी घायल कर सकता है या फिर उसकी जान भी ले सकता है |

ऑस्टरिच पक्षी भले ही देखने में मासूम लगता हो लेकिन यह बेहद ही खतरनाक पक्षी है | ऑस्टरिच 40 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है और गुस्सा आने पर अपने शिकार की जान लेकर ही मानता है | ऑस्टरिच के लिए किसी इंसान को मारना कोई बड़ी बात नहीं है | हर साल दो से तीन लोगों को ऑस्ट्रिच पक्षी मार डालते हैं |

ऑस्ट्रेलियन मैगपाई एक बेहद ही खूबसूरत पक्षी है | इसे देखकर लगता नहीं है कि यह किसी पर हमला कर सकता है | पर अपने ब्रीडिंग सीजन में यह पक्षी आसपास के लोगों के सर के ऊपर हमला करता है | इसका हमला इतना खतरनाक होता है कि यह लोगों के सर फोड़ सकता है |

हुआ खुलासा, शोले के गब्बर को आखिर हुआ क्या था

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शोले कितनी फेमस हुयी हम सब को ही पता है और हमारे गब्बर को आखिर कौन नहीं जानता , अजमद खान जो की नेगेटिव रोले के लिए बहुत ही चर्चा में रहे उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई. फिल्मों में उन्होंने दोस्त, भाई, पिता और कई तरह के किरदार अदा किए. अमजद खान का नाम हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया.

एक एक्सीडेंट से तबाह हो गई थी अमजद खान की जिंदगी, आखिरी वक्त में हो गई थी ऐसी हालत
अमजद खान के जीवन में बहुत सी मुश्किलें आई. लेकिन उन्होंने सभी मुश्किलों का डटकर सामना किया. पर उनके जीवन में एक ऐसी घटना घटी जिससे उनकी जिंदगी तबाह हो गई. यह घटना उस समय की है जब अमजद खान फिल्म द ग्रेट गैंबलर में अमिताभ बच्चन के साथ काम कर रहे थे. इस फिल्म की शूटिंग गोवा में होनी थी और अमजद खान फिल्म की शूटिंग के लिए अपने परिवार के साथ गोवा रवाना हुए. लेकिन रास्ते में अमजद खान की गाड़ी का भयानक एक्सीडेंट हुआ, जिससे उनको बहुत चोट आई.

अमजद खान (गब्बर) की 13 पसलियां टूट गई. स्टेयरिंग उनके फेफड़ों में घुस गया, जिस वजह से उन्हें लंबे समय तक व्हील चेयर पर रहना पड़ा. उनका ऑपरेशन भी हुआ. इस दौरान अमजद खान और उनके परिवार की मदद अमिताभ बच्चन ने की थी. इसी दौरान अमजद खान का वजन बढ़ना शुरू हो गया. वैसे तो वे अपनी फिटनेस का ख्याल रखते थे. हर रोज एक्सरसाइज करते थे. लेकिन एक्सीडेंट के बाद सब कुछ बदल गया.

एक्सीडेंट के बाद की स्थिति का जिक्र उनकी पत्नी शैला खान ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था. उन्होंने बताया था कि एक्सीडेंट के बाद सब कुछ रुक गया था. दवाइयों और ना चल-फिर पाने की वजह से उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा था. बढ़ते वजन की वजह से उनकी हालत बहुत खराब हो गई, जिस वजह से वह कोमा में चले गए. हालांकि कुछ समय बाद वो कोमा से बाहर आए. लेकिन 27 जुलाई, 1994 को रात को उनका निधन हो गया.

उस दिन शाम 7:00 बजे तक सब कुछ ठीक था. तभी 7:20 के आसपास शादाब दौड़ता हुआ उनके पास आया और बोला कि डैडी का शरीर ठंडा पड़ रहा है, उन्हें बहुत पसीना आ रहा है. जब हम उनके पास गए तो देखा वह बेहोश है और कुछ ही मिनटों में वह इस दुनिया को छोड़ कर चले गए. इस घटना के बाद उनके परिवार वालों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था.

तस्वीरें देखने के बाद आप भी कहेंगे बाप रे बाप, दुनिया के 5 सबसे लंबे जीवित सांप

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दुनिया में सांपों की सैकड़ों प्राजातियां पायी जातीं हैं, किन्तु आज मैं आपको दुनिया के पांच सबसे लंबे जीवित सांपों के बारे में बताने जा रहा हूँ। इस सांपों की तस्वीरें देखने के बाद आप भी कहेंगे बाप से बाप। आइये जानते हैं दुनिया के उन सबसे लंबे सांपों के बारे में।
1. हरा एनाकोंडा ( Green Anaconda )
हरा एनाकोंडा दुनिया का सबसे बड़ा जीवित सांप है। इसकी लम्बाई ६ मीटर से ९ मीटर तक होती है। इसका वजन 250 किलोग्राम तक होता है। हरा एनाकोंडा गैर विषैले होते हैं और पूरे दक्षिण अमेरिका में दलदले स्थान या नदियों में पाए जाते हैं। मादा एनाकोंडा पुरुषों की तुलना में बड़े होते हैं।
2. रेटिकुलेटेड पायथन ( Reticulated Python) 

रेटिकुलेटेड पायथन की अधिकतम लम्बाई 10 मीटर हो जाती है। यह दुनिया का दूसरा सबसे लंबा जीवित सांप है। यह दुनिया में अजगर की सभी ज्ञात प्रजातियों में सबसे बड़ा है। यह दक्षिण-पूर्व एशिया की छोटी नदियों में पाए जाते हैं। यह एक गैर विषैला सांप है और मुख्य रूप से जमीन पर पाया जाता है।
3.बर्मीज पायथन (Burmese Python)

बर्मीज पायथन दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गैर विषैला सांप है। ये 5 मीटर से 7.6 मीटर की लंबाई और अधिकतम 137 किलो वजन तक पहुंच सकते हैं। ये दक्षिण पूर्व एशिया के दलदलों, वुडलैंड्स, घास के मैदानों और नदी घाटियों में रहते हैं।
बर्मीज अजगर भी दुनिया के सबसे खूबसूरत सांपों में से एक है।
4.अफ्रीकी रॉक पायथन (African Rock Python)

गैर विषैला अफ्रीकी रॉक अजगर अफ्रीका का सबसे बड़ा सांप है। ये 7.5 मीटर की अधिकतम लंबाई तक पहुंचते हैं और 114 किलो तक वजन के हो जाते हैं। यह विशाल सांप पश्चिमी और मध्य अफ्रीका के दलदलों, तापमान घास के मैदानों और उष्णकटिबंधीय जंगलों में निवास करता है।
5.इंडियन पायथन (Indian Python)

भारतीय अजगर एक बड़ा, गैर विषैला, कसैला साँप है जो दक्षिण एशिया में पाया जाता है। यह बड़ा सांप 6.4 मीटर की अधिकतम लंबाई तक पहुंच सकता है और 91 किलोग्राम तक वजन कर सकता है। ये वर्षावनों, वुडलैंड्स, झाड़ियों और दलदल में निवास करते हैं।

लड़कियां जरूर जान लें, इन 6 सवालों का जवाब जानने के बाद ही करे अपने पार्टनर से शादी

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प्रत्येक व्यक्ति अपने पार्टनर से शादी करना चाहता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम पार्टनर के प्यार में इतना पड़ जाते हैं कि कई जरूरी चीजों को भी नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप शादी करने वाले हैं तो पहले अपने पार्टनर से ये सवाल जरूर कर लें ताकि आपके आने वाले जीवन में कोई समस्या न आए.
1. शादी से पहले ही जान लें कि फैमिली प्लानिंग के बारे में आपका साथी क्या सोचता है. पहले से जानकारी होगी तो आप खुद को मानसिक रूप से तैयार कर सकेंगे.
2. आपके साथी से उसके निवेश और आर्थिक स्थिति के बारे में पूछें. पता लगाएं कहीं वे किसी और पर निर्भर तो नहीं.
3. अपने होने वाले पार्टनर की पसंद और नापसंद को जानने की कोशिश करें. हो सकता उनकी कोई आदत या पसंद आपको बिल्कुल नापसंद हो. ऐसी चीजें आगे चलकर झगड़े का कारण बनती हैं.
4. अपने होने वाले पार्टनर से पूछ ले की शादी के बाद वे अलग रहना पसंद करेंगे या फैमिली के साथ.
5. पता कर लें कहीं आपका पार्टनर माता-पिता या किसी और दबाव में तो शादी नहीं कर रहा है. उसका मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है।
6.होने वाले पति की नौकरी के बारे में जानकारी होनी बहुत आवश्यक है. कई बार सिर्फ कहने से विश्वास नहीं करना चाहिए।

आइए जाने यहां पर, किसी भी व्यक्ति को थाली में एक साथ 3 रोटियां क्यों नहीं परोसनी चाहिए

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रोटी भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया में सामान्य खाने में पका कर खाये जाने वाली चपटी खाद्य सामग्री है। यह आटे एवं पानी के मिश्रण को गूंध कर उससे बनी लोई को बेलकर एवं आँच पर सेंक कर बनाई जाती है। रोटी बनाने के लिए आमतौर पर गेहूँ का आटा प्रयोग किया जाता है पर विश्व के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय अनाज जैसे मक्का, जौ, चना, बाजरा आदि भी रोटी बनाने के लिए प्रयुक्त होता है। भारत के विभिन्न भागों में रोटी के लिए विभिन्न हिंदी नाम प्रचलित हैं, जिनमे प्रमुख हैं: –
जाने इसकी असली वजह-
दोस्तों आपको बता दें कि ज्योतिस शास्त्र के अनुसार हिंदू धर्म में एक थाली में 3 रोटियां परोसना अशुभ माना जाता है। क्योंकि धर्म ग्रंथों में 3 अंकों को अशुभ माना जाता है। इसी वजह से किसी भी शुभ कार्य में तीन लोगों को एक साथ नहीं बिठाया जाता है। किसी भी हवन या पूजा पाठ में भी तीन वस्तुओं को शामिल नहीं किया जाता है। इसलिए थाली में भी खाना परोस के समय इसी धर्म का पालन किया गया है। इसलिए एक थाली में दो रोटी 50 ग्राम चावल एक कटोरी दाल और एक कटोरी सब्जी को एक संतुलित और स्वस्थ भोजन माना जाता है।
इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि थाली में एक साथ तीन रोटी नहीं रोशनी चाहिए। और यदि ऐसी नौबत आ जाए की एक थाली में आपको एक साथ तीन रोटी परोसनी पड़े। तो उसके लिए आप रोटी को तोड़ दे। ऐसा करने से अशुभ नहीं माना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि किसी व्यक्ति के मृत्यु के बाद त्रयोदशी संस्कार से पहले निकाले जाने वाले भोजन में ली जाती है। यही वजह है कि किसी व्यक्ति को एक साथ तीन रोटी रोटियां परोसना मृतक के भोजन के समान माना जाता है।

गलत आदतें हड्डियों को कर सकती हैं नष्ट , इसलिए 1 बार पूरा जरूर पढ़ लें

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अस्थिसुषिरता या ऑस्टियोपोरोसिस हड्डी का एक रोग है जिससे फ़्रैक्चर का ख़तरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस में अस्थि खनिज घनत्व (BMD) कम हो जाता है, अस्थि सूक्ष्म-संरचना विघटित होती है और अस्थि में असंग्रहित प्रोटीन की राशि और विविधता परिवर्तित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस को DXA के मापन अनुसार अधिकतम अस्थि पिंड (औसत 20 वर्षीय स्वस्थ महिला) से नीचे अस्थि खनिज घनत्व 2.5 मानक विचलन के रूप में परिभाषित किया है; शब्द “ऑस्टियोपोरोसिस की स्थापना” में नाज़ुक फ़्रैक्चर की उपस्थिति भी शामिल है। ऑस्टियोपोरोसिस, महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद सर्वाधिक सामान्य है, जब उसे रजोनिवृत्तोत्तर ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं, पर यह पुरुषों में भी विकसित हो सकता है और यह किसी में भी विशिष्ट हार्मोन संबंधी विकार तथा अन्य दीर्घकालिक बीमारियों के कारण या औषधियों, विशेष रूप से ग्लूकोकार्टिकॉइड के परिणामस्वरूप हो सकता है, जब इस बीमारी को स्टेरॉयड या ग्लूकोकार्टिकॉइड-प्रेरित ऑस्टियोपोरोसिस (SIOP या GIOP) कहा जाता है। उसके प्रभाव को देखते हुए नाज़ुक फ़्रैक्चर का ख़तरा रहता है, हड्डियों की कमज़ोरी उल्लेखनीय तौर पर जीवन प्रत्याशा और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।

जब बात आती है हड्डियों की तो हड्डियां हमारे शरीर की सबसे अहम हिस्सा होती हैं। क्योंकी हड्डी के बिना कोई भी इंसान जीवित एवं खड़ा नहीं हो सकता है। लेकिन छोटी-मोटी गलतियां आपकी हड्डियों को नष्ट कर सकती है। इसलिए पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।
पहली गलती : – यदि आप ऐसे भोजन का सेवन कर रहे हैं। जिसमें अधिक मात्रा में नमक है या फिर आप अत्यधिक मात्रा में नमक खाते हैं तो यह शरीर की हड्डियों को नष्ट कर सकती है। क्योंकि जो भोजन से आपके हड्डियों को प्रोटीन मिलने वाला था वह नष्ट हो जाता है और इसका प्रभाव हड्डियों को पड़ता है।
दूसरी गलती : – आज के जमाने में कई ऐसे लोग हैं। जो बाहर का खाना खाना ज्यादा पसंद करते हैं। बड़े बड़े रेस्टोरेंटे या बड़े बड़े होटल में या फिर फास्ट फूड से बनी चीजों को खाना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन शरीर को जो पोषक तत्व मिलना चाहिए वह नहीं मिल पाता है। जिससे शरीर की हड्डियां एवं शरीर धीरे-धीरे कमजोर एवं नष्ट होने की कगार पर चली जाती है।
इसलिए दोस्तों कैल्शियम से भरी चीजों को खाना ना छोड़े वह आपके शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। जिससे आप कई तरह के कामों को करने में सक्षम हो पाते हैं अन्यथा आपसे किसी तरह का भी कार्य होने में कई तरह की परेशानियां हो सकती है।

1 बार जरूर पढ़ें, रोज की यह गलतियां लकवा मार सकती हैं

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पक्षाघात या लकवा मारना (Paralysis) एक या एकाधिक मांसपेशी समूह की मांसपेशियों के कार्य करने में पूर्णतः असमर्थ होने की स्थिति को कहते हैं। पक्षाघात से प्रभावी क्षेत्र की संवेदन-शक्ति समाप्त हो सकती है या उस भाग को चलना-फिरना या घुमाना असम्भव हो जाता है। यदि दुर्बलता आंशिक है तो उसे आंशिक पक्षाघात कहते हैं।
रोज की यह गलतियां लकवा मार सकती हैं :
हाई ब्लड प्रेशर – वैसे इंसान जिनका ब्लड प्रेशर अप डाउन होता रहता है। इस तरह के लोगों को अचानक से किसी घटना का समाचार नहीं देना चाहिए। ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर वाले इंसान का बीपी हाई हो जाने के कारण ब्लड सर्कुलर थम जाता है। तभी शरीर को लकवा मार सकती है। तनाव – जो लोग जरूरत से ज्यादा अपने दिमाग को सोचने पर मजबूर कर देते हैं और ज्यादा से ज्यादा नेगेटिव चीजों को सोचते हैं। जिससे उनके मस्तिष्क में डिप्रेशन उत्पन्न होता है। जो शरीर को लकवा जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ ला सकती हैं
केमिकल वाला भोजन – जैसा कि आप सभी लोग जानते हैं। आज के जमाने में लगभग सभी चीजों में कैमिकल का मिलावट हो रहा है। जिसके कारण हमारा शरीर दिन-ब-दिन कमजोर होता चला जा रहा है। इस तरह का भोजन का सेवन करने से शरीर में अधिक मात्रा में धीरे-धीरे टॉक्सिन जमा होने लगती हैं। जो ब्लड के सर्कुलर को रोक सकते हैं।जिसके कारण भी लकवा हो सकता है।

जिंदगी में ये रहस्य कभी किसी को न बतायें : आचार्य चाणक्य

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चाणक्य (अनुमानतः ईसापूर्व 375 – ईसापूर्व 283) चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। वे ‘कौटिल्य’ नाम से भी विख्यात हैं। वे तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे। उन्होने नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया। उनके द्वारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाजनीति आदि का महान ग्रंन्थ है। अर्थशास्त्र मौर्यकालीन भारतीय समाज का दर्पण माना जाता है।
आचार्य चाणक्य के अनुसार हर किसी व्यक्ति की कोई न कोई उसकी कमजोरी जरूर होती है और हर व्यक्ति की कमजोरी उसका सबसे बड़ा रहस्य होता है। यानी कि व्यक्ति के जीवन के कुछ ऐसे रहस्य जो अगर कोई दुसरा व्यक्ति जान लें तो काफी अनर्थ हो सकता है। इसके कारण वह व्यक्ति समाज में अपमानित भी हो सकता है।
आचार्य बतााते है कि हर व्यक्ति को अपना रहस्य कभी किसी को नहीं देना चाहिए चाहे वह आपका कितना भी भरोसे मंद मित्र क्यों न हो या इसकी जगह आपकी पत्नी क्यों ना हो क्योंकी वक्त आने पर जब वह आपका विरोधी हो जाएगा तो वह आपका रहस्य किसी और को बता सकता है। जिसके कारण आपका बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। इसीलिए हर इंसान को अपना रहस्य किसी को नहीं बताना चाहिए।

स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ाती ये रिपोर्ट, 15 फीसदी अदालतों में महिलाओं के लिए नहीं हैं Toilet

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देश में जहां एक तरफ मोदी सरकार स्वच्छ भारत अभियान का नारा दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ देश के 16,000 अदालत परिसरों में से लगभग 15 प्रतिशत में महिलाओं के लिए टॉयलेट (Toilet) ही नहीं है। ज्ञात हो कि एक सर्वेक्षण में ये चौकाने वाला खुलासा हुआ है। आपको बता दें कि केंद्र की प्रमुख योजना स्वच्छ भारत अभियान के तहत सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में अदालती परिसरों, विशेषकर जिला न्यायालयों में टॉयलेटों (Toilet) के नवीनीकरण और मरम्मत करने के लिए स्वच्छ न्यायालय परियोजना लॉन्च की थी। इस परियोजना को सभी 16,000 अदालत परिसरों में स्थित टॉयलेटों को छह महीनों के अंदर बेहतर स्थिति में करने के लिए लॉन्च किया गया था।

15% अदालत परिसर में टाॅयलेट नहीं

हालांकि, न्यायिक सुधार के लिए वैध शोध करने वाली एक स्वायत्त ‘थिंक टैंक विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी’ द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में अदालत परिसरों में स्थित टॉयलेटों की दयनीय स्थिति का खुलासा हुआ है। ‘बिल्डिंग बेटर कोर्ट्स’ पर अदालती ढांचों की कमियों को प्रस्तुत करने और उनका विश्लेषण करने वाली एक रिपोर्ट में थिंक टैंक ने कहा कि 15 प्रतिशत अदालत परिसरों में महिलाओं के लिए टॉयलेट ही नहीं हैं।

पूर्वोत्तर राज्य भी शामिल

आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं जहां अदालत परिसरों में महिलाओं के लिए टॉयलेट नहीं हैं। रिपोर्ट में कहा गया, “आंध्र प्रदेश में 69 प्रतिशत अदालत परिसरों में महिलाओं के लिए टॉयलेट नहीं हैं। ओडिशा में 60 प्रतिशत और असम में 59 प्रतिशत अदालत परिसरों में यही स्थिति है।”

गोवा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मिजोरम ऐसे राज्य हैं जहां सबसे कम अदालत परिसरों में टॉयलेट हैं। जहां झारखंड में आठ प्रतिशत अदालत परिसरों में टॉयलेट पूरी तरह संचालित हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में 11 प्रतिशत और मिजोरम में यह आंकड़ा 13 प्रतिशत है। सर्वेक्षेण के अनुसार, झारखंड की राजधानी रांची के जिला अदालत परिसर में महिला और पुरुष-किसी के लिए भी टॉयलेट नहीं है। 

बैंक ने इतनी फीसदी घटाईं ब्याज दरें, SBI ग्राहकों को झटका

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देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने ब्याज दरों में बदलाव किया है. बैंक ने लंबी अवधि की रिटेल टर्म और बल्क डिपॉजिट स्कीमों पर दिए जाने वाले ब्याज में कटौती की है. SBI ने रिटेल जमा दरों में 0.20% की कटौती की है. वहीं रिटेल बल्क जमा दरों में 0.35% की कटौती की है. SBI की वेबसाइट के मुताबिक 2 करोड़ रुपये से रिटेल डोमेस्टिक टर्म डिपॉजिट स्कीमों पर 1 अगस्त से कम ब्याज मिलेगा. SBI ने डिपॉजिट दरों में जो बदलाव किया वो 1 अगस्त 2019 से लागू होंगे.

2 करोड़ रुपये से कम की FD पर नई ब्याज दरें 
SBI की वेबसाइट के मुताबिक 2 करोड़ रुपये से कम के रिटेल डोमेस्टिक टर्म डिपॉजिट पर 2-3 साल की जमा योजना पर ब्याज दर को 6.75 प्रतिशत से घटाकर 6.70 प्रतिशत किया गया है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज की दर को 7.25 प्रतिशत से घटाकर 7.20 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी तरह 3-5 वर्ष की जमा योजना पर ब्याज दर को 6.70 प्रतिशत से घटाकर 6.60 प्रतिशत किया गया है. इसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर को 7.20 प्रतिशत से घटाकर 7.10 प्रतिशत किया गया है. बैंक ने 5-10 वर्ष तक की जमा योजना पर ब्याज दर को 6.60 प्रतिशत से कम कर 6.50 प्रतिशत किया है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए दर को 7.10 प्रतिशत से घटाकर 7.00 प्रतिशत किया है.

2 करोड़ रुपए से लेकर 10 करोड़ रुपए यानी डोमेस्टिक बल्क टर्म डिपॉजिट के तहत 2-3 वर्ष अवधि की जमा योजना पर ब्याज की दर को 6.75 प्रतिशत से कम होकर 6.70 प्रतिशत किया गया है और इसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज की दर को 7.25 प्रतिशत से घटाकर 7.20 प्रतिशत किया गया है. वहीं 3 से 5 साल अवधि की जमा स्कीम पर ब्याज दर 6.80 फीसदी से घटाकर 6.60 फीसदी किया गया है और इसमें सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर को 7.30 फीसदी से घटाकर 7.10 फीसदी कर दिया गया है. 5 से 10 वर्ष अवधि की जमा योजना पर ब्याज दर 6.85 फीसदी से घटाकर 6.50 फीसदी जबकि सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 7.35 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी कर दिया गया है.

बैंक ने 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की FD पर ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है. इस सेगमेंट में नई ब्याज दरें आखिरी बार 22 फरवरी 2019 को लागू हुई थीं.

पहली तारीख से बैंक फ्री में देगा ये सर्विसेज
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों के लिए पैसों के लेन-देन से जुड़ी सर्विस आईएमपीएस (IMPS) को 1 अगस्त से बिल्कुल मुफ्त करने जा रहा है. यानी 3 दिन बाद एसबीआई के ग्राहकों को आईएमपीएस के जरिये पैसे ट्रांसफर करने पर कोई पैसा नहीं देना होगा. अभी तक आईएमपीएस करने पर बैंक चार्ज लेता था लेकिन अब 1 अगस्त से यह चार्ज नहीं लगेगा.

इससे पहले एसबीआई बैंक ने आरटीजीएस (RTGS) और एनईएफटी (NEFT) चार्ज योनो, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग कस्टमर के लिए 1 जुलाई से खत्म कर दी थी. अब बैंक आईएमपीएएस के चार्ज योनो, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग कस्टमर के लिए 1 अगस्त से खत्म कर देगा.