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धोनी जा सकते है जेल, इस गुनाह में फंस गए धोनी

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पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने सभी काम से दो महीने की छुट्टी ली है। वह वेस्टइंडीज दौरे पर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं। ये दो महीने धोनी सेना का साथ रहेंगे और कश्मीर में ड्यूटी करेंगे। धोनी पैराशूट रेजीमेंट की 106 पैरा टेरिटोरियल आर्मी बटालियन का हिस्सा हैं. वह कश्मीर में यूनिट के साथ 31 जुलाई से 15 अगस्त तक यूनिट के साथ पेट्रोलिंग, गार्ड और पोस्ट की ड्यूटी करेंगे।

इसी बीच धोनी के विवादों में घिरने की खबर आ रही है। मामला आम्रपाली ग्रुप के साथ लेन-देन का है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी का नाम लिखा है। कोर्ट ने अपने 270 पेज केफैसले में कहा कि कई कंपनियां ऐसी बनाई

सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि एक आम्रपाली माही डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड भी थी जैसा कि नाम से ही जाहिर होता है कि ये कंपनी धोनी की थी और इस कंपनी की डायरेक्टर धोनी की पत्नी साक्षी धोनी थी। इस कंपनी को शेयर केपिटल के साथ सारे खर्चे नगद दिए गए।

यही नही धोनी को सिर्फ 3 दिन तक आने के लिए साढ़े 6 करोड़ का भुगतान रिद्धि स्पोर्ट्स के जरिये किया गया। यही नही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि जिसको भी गलत हिसाब से पैसा दिया गया है उसको सही तरीके से वापस करे।

मदरसे से म्यांमार के 4 संदिग्ध गिरफ्तार, पुलिस को मिलीं कई चौंकाने वाली सूचनाएं

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यूपी के शामली जिले में पुलिस ने चार संदिग्ध लोगों को एक मदरसे से गिरफ्तार किया है. पकड़े गए संदिग्धों के कब्जे से पुलिस ने 3 पासपोर्ट, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी प्रमाण पत्र, दो भारतीय आधार कार्ड, दो बैंक पासबुक, एक पैन कार्ड, 4 मोबाइल फोन व आठ हजार 30 रुपए की नगदी बरामद की है. पुलिस को कई दूसरे अहम इनपुट भी हासिल हुए हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की रणनीति तय कर रही है.

पकड़े गए सभी आरोपी फर्जी तरीके से मदरसे में रह रहे थे. पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर मदरसे में छापेमारी की. पकड़े गए सभी युवक म्यामांर के रहने वाले हैं. सभी संदिग्ध अपनी पहचान छिपाकर यहां रह रहे थे. पुलिस ने साथ ही तीन मदरसा संचालकों को भी हिरासत में लिया है. फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

कई साल से रह रहा था मजीद
मामला भवन थाना क्षेत्र के जलालाबाद कस्बे का है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने खुशनुमा कॉलोनी से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए युवक का नाम अब्दुल मजीद (रोहिंग्या) है, जो म्यांमार के गांव ओनेगान का रहने वाला है. उसने 2001 में अपने पिता और भाई के साथ बिना किसी दस्तावेज के बांग्लादेश के नाकूरा के रास्ते से बिलोनिया बॉर्डर पार कर कोलकाता में शरण ले ली थी. वहां पर कुछ दिन रहने के बाद अब्दुल मजीद उत्तर प्रदेश के शामली में आकर रहने लगा और 2004 में फर्जी सूचनाओं और दस्तावेजों के आधार पर पैन कार्ड और फिर बाद में आधार कार्ड बनवा लिए. जिनके आधार पर मजीद ने SBI और PNB बैंकों में खाते खुलवाए.

यहां पर रहकर अब्दुल मजीद ने धार्मिक शिक्षा हासिल की और 2016 मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद में बतौर उस्ताद बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया. बाद में अब्दुल माजिद ने शामली के अलग-अलग मदरसों में बच्चों को तालीम दी. आरोप है कि इतने लंबे अरसे से रह रहे अब्दुल मजीद ने विदेशी पंजीकरण अधिकारियों को नहीं दिया और न ही अपने वहां रहने की कोई सूचना स्थानीय पुलिस विभाग को मुहैया कराई. इसी बीच अब्दुल मजीद 5 लाख 60 हजार रुपए की कीमत का एक मकान में खरीद कर रहने लगा.

मजीद ने म्यांमार से तीन युवकों को बुलाया
इसी क्रम में अब्दुल मजीद का संपर्क म्यांमार के रहने वाले तीन युवकों से हुआ. जो अपने पासपोर्ट और वीजा पर शामली तालीम के लिए पहुंचे थे और अवैध रूप से मदरसे में तालीम दे रहे अब्दुल मजीद के संरक्षण में पढ़ाई करने लगे. आरोपी तीन अन्य युवकों के नाम रिजवान, नोमान व फुरकान हुसैन है. पूछताछ में सामने आया कि पकड़े गए तीनों संदिग्ध युवक सगे भाई हैं. इनके पास से म्यांमार जारी पासपोर्ट हैं लेकिन वीजा की वेलिडिटी काफी पहले खत्म हो चुकी थी.
पकड़े गए आरोपियों के मुताबिक वह तीनों म्यामार से मुफ्ती की डिग्री और धार्मिक तालीम लेने के लिए भारत आए थे. उन्होंने वीजा का समय खत्म होने के बाद नाम बदलकर शरणार्थी का प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिया था. रिजवान का वास्तविक नाम SHINE KO KO, फुरकान का नाम WIN KO KO और नोमान का वास्तविक नाम SOE KO KO है.

मदरसा संचालक भी गिरफ्तार
पुलिस ने मदरसा चालकों को भी गिरफ्तार किया है. पकड़े गए मदरसा संचालकों का नाम हफीयुल्ला ( मदरसा मिफ्ता उल उलूम ), कारी अशरफ ( मदरसा अशरफिया थानाभवन ) और वासिफ अमीन मोहतमीम ( मदरसा दारुल उलूम जलालाबाद) है.

मोबाइल सीडीआर से मिले कई रसुखदारों के नंबर, सेक्स रैकेट के मामले में अनिता ने खोले कई राज

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आरा : सेक्स रैकेट के मामले में रिमांड पर ली गयी अनिता देवी तथा उसका सहयोगी संजीत ने पुलिस के समक्ष कई राज खोल दिये है. जिसको लेकर पुलिस गोपनीय तरीके से छापेमारी शुरू कर दी है. हालांकि इस मामले में आरा व पटना से कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है. साथ ही मोबाइल का सीडीआर निकाला गया, जिसमें कई रसूखदारों के नंबर मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस जांच कर रही है. 

इधर, रिमांड पर लिये गये अनिता और संजीत ने पुलिसिया पूछताछ में अनिता ने कई सफेदपोश की पहचान करने के बाद उनका नाम भी पुलिस को बता चुकी है. पुलिस द्वारा गठित टीम पूरे मामले में जांच कर रही है और बताये गये आरोपियों की छापेमारी के लिए कवायद शुरू कर दी है. हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से परहेज कर रही है. 

भोजपुर के एक नाबालिग लड़की के साथ गंदा काम करनेवाले रसूखदारों की अब खैर नहीं है. जिन-जिन जगहों पर नाबालिग बच्ची को भेजा गया था. उन-उन जगहों पर पुलिस सत्यापन कर रही है. साथ ही नाबालिग बच्ची से राजनेता, इंजीनियर तथा कई सफेदपोशों की पहचान फोटो से करायी जा रही है. हालांकि पुलिस कई लोगों की पहचान फोटो के आधार पर करते हुए उनके गिरफ्तारी में जुट गयी है. 

आरा से लेकर पटना तक चल रही है छापेमारी
आरा शहर से लेकर पटना तक छापेमारी चल रही है. पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में कई सफेदपोश की संलिप्तता सामने आ रही है. पुलिस गोपनीय तरीके से जांच में जुटी हुई है. भोजपुर एसपी सुशील कुमार द्वारा गठित एसआइटी की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. हालांकि बताया जा रहा है कि इंजीनियर की पहचान हो चुकी है. कई जगहों पर उसकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी भी की गयी. फिलहाल इंजीनियर फरार है. 

मामले में कई सफेदपोश का नाम आ रहा है सामने
वहीं दूसरी तरफ मुख्यालय के आदेश पर जांच कर रही सीआइडी टीम पीड़ित बच्ची व महिला अनिता देवी से पूछताछ करने के बाद साक्ष्य जुटाकर मुख्यालय को अपडेट कर रही है. हालांकि पूरे मामले में पुलिस गोपनीयता बरत रही है. सूत्रों की मानें तो इस मामले में कई सफेदपोश का नाम सामने आ रहा है. पूरे मामले की मॉनीटरिंग भोजपुर एसपी सुशील कुमार कर रहे हैं. साथ ही वरीय पदाधिकारियों को भी सूचना दी जा रही है.

चार दिन के रिमांड पर अनिता और संजीत से हो रही है पूछताछ

सेक्स रैकेट चलानेवाली पकड़ी गयी महिला अनिता देवी और उसका सहयोगी संजीत कुमार को चार दिनों के रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है. पुलिस क्रॉस वेरिफिकेशन कर पूछताछ कर रही है. हालांकि अनिता देवी द्वारा बार-बार ठिकाना बदलते हुए बयान भी बदला जा रहा है. बुधवार की देर रात उसके बताये गये ठिकानों पर पुलिस छापेमारी करती रही, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी. 

ये है मामला
बता दें कि एक माह पहले नगर थाना क्षेत्र के एक मुहल्ले से 12 वर्षीय बच्ची को बहला फुसला कर लाली नाम की एक लड़की ने नाबालिग बच्ची को अनिता के पास पहुंचायी, जिसके बाद अनिता ने संजय पासवान उर्फ जीजा, उर्फ पंडी जी के इशारे पर उक्त बच्ची को देह व्यापार के धंधे में ढकेल दिया. लगभग एक माह तक उसके साथ इस गिरोह के सदस्यों द्वारा गलत काम कराया गया. बाद में लड़की भाग कर अपने घर आयी और परिजनों को आप बीती सुनायी. पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सुशील कुमार ने छापेमारी का आदेश जारी किया और एसपी की टीम ने अनिता देवी और संजीत को गिरफ्तार कर लिया. 

बाद में नाबालिग बच्ची का बयान कोर्ट में दर्ज कराया गया और उसका मेडिकल जांच भी सदर अस्पताल में करायी. पकड़ी गयी अनिता देवी द्वारा पुलिस को बताया गया कि भोजपुर के एक विधायक के यहां भी उसका संबंध था और वहां आया जाया करती थी. विधायक का नाम आने के बाद भोजपुर के राजनीति में भुचाल आ गया. हालांकि इस मामले में पुलिस के कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे है. इस बाबत एसपी सुशील कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. पीड़िता से फोटो के आधार पर पहचान करायी जा रही है. दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो बक्शे नहीं जायेंगे. कुछ लोगों की संलिप्तता सामने आयी है.

मौसम वैज्ञानिक ने कही यह बात, एक सप्ताह में पूरी हो जायेगी बारिश की कमी

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मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ रंजीत सिंह का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में मॉनसून की सक्रियता ने देश में बारिश की कमी के स्तर को कम किया है. पांच अगस्त तक इसकी काफी हद तक भरपाई होने की उम्मीद है. मॉनसून की अनियमित गति पर डॉ सिंह ने कहा कि इस सप्ताह के शुरू में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश में कमी का देशव्यापी स्तर 19 प्रतिशत था, जो शनिवार को घटकर 14 प्रतिशत रह गया.

उन्होंने कहा कि जून में मॉनसून सक्रिय होने के बाद बारिश की कमी का स्तर 33 प्रतिशत था. यह कमी लगातार घट रही है. यह मॉनसून की शुरुआती सक्रियता में कमी के कारण हुआ है. यह सही है कि पिछले सालों की तुलना में मॉनसून के सक्रिय होने की गति इस साल थोड़ी धीमी रही. इसके कारण बारिश में कमी दर्ज की गयी है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से लेकर अगले एक सप्ताह तक मॉनसून की सक्रियता, बारिश की कमी को पूरा कर देगी.

डॉ रंजीत सिंह ने कहा कि मौसम संबंधी गतिविधियों के लिहाज से देखें, तो यह बहुत असामान्य नहीं है. मौसम विज्ञान में इसे जलवायु के उतार-चढ़ाव के रूप में देखा जाता है. इसके अंतर्गत भारत में पिछले एक दशक से बारिश की पूर्ति की नकारात्मकता का दौर चल रहा है, जिसकी वजह से मॉनसून के वितरण में असमानता की प्रवृत्ति के कारण एक ही इलाके में कहीं ज्यादा बारिश होती है, कहीं बिल्कुल भी नहीं.

उन्होंने कहा कि स्थान विशेष पर हवा के कम दबाव का पर्याप्त क्षेत्र नहीं बन पाने के कारण बादल तो घिर जाते हैं, लेकिन बारिश नहीं होती. बारिश नहीं होने से तापमान में जरूरी गिरावट नहीं आ पाने से उमस बढ़ती है. यह स्थिति इस साल उत्तरी क्षेत्र में कुछ ज्यादा देखने को मिली. हालांकि, इससे अब राहत मिल जायेगी.

साल दर साल मॉनसून के बढ़ते असमान वितरण के बारे में डॉ सिंह ने कहा कि विश्व मौसम संगठन ने हाल ही में मौसम की अतिवादी गतिविधियों (एक्स्ट्रीम इवेंट) का वैश्विक अध्ययन किया था. दुनिया भर में भीषण गर्मी, भयंकर सर्दी और अतिवृष्टि जैसी मौसम की अतिवादी गतिविधियों के पिछले 50 सालों के आंकड़ों के आधार पर यह कहा जा सकता है वैश्विक स्तर पर एक्स्ट्रीम इवेंट की संख्या बढ़ रही है. इसकी एक संभावित वजह जलवायु परिवर्तन को माना जा सकता है.

उन्होंने कहा कि इसमें गर्मी, सर्दी और बरसात के मौसम का लंबा चलना और मॉनसून का असमान वितरण भी शामिल है. भारत में भी पिछले दो सालों में गर्मी और सर्दी लंबे समय तक चलने के कारण पिछले साल मॉनसून की वापसी भी देर से हुई थी. इस साल भी इस संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है.

खेती के लिए कृत्रिम बारिश लाभ का सौदा नहीं

मॉनसून के असमान वितरण के कारण महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों के कुछ जिलों में कृत्रिम बारिश कराने के फैसले पर डॉ रंजीत ने कहा कि महाराष्ट्र एवं पड़ोसी इलाके के सूखा प्रभावित लगभग दो दर्जन जिलों में विभाग के पुणे शोध केंद्र की मदद से कृत्रिम बारिश की पहल की गयी है.

उन्होंने कहा कि मॉनसून की संभावित गति को देखते हुए उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सूखा प्रभावित इलाकों में कृत्रिम बारिश कराने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए. वैसे भी यह बहुत लाभप्रद और कारगर तरीका नहीं है. इसे कृषि के अवश्यंभावी नुकसान को देखते हुए अपनाया जाता है. कृत्रिम बारिश से खेती के नुकसान की जितनी मात्रा की भरपाई होती है, उससे ज्यादा कृत्रिम बारिश पर खर्च हो जाता है. इसलिए यह लाभ का सौदा नहीं है.

5 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मॉनसून

मौसम वैज्ञानिक ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से महाराष्ट्र के समुद्री तट से बने कम दबाव के क्षेत्र ने मॉनसून को उत्तर की तरफ सक्रिय किया है, जिसके कारण पिछले चार दिनों में उत्तरी राज्यों में बारिश का स्तर बढ़ा है. शनिवार (27 जुलाई) को ओड़िशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, यह पांच अगस्त तक मॉनसून को सक्रिय रखेगा. इससे दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित उत्तर के मैदानी एवं पहाड़ी इलाकों में अच्छी बारिश होगी.

उन्होंने कहा कि पिछले चार दिन में मॉनसून की सक्रियता में सकारात्मक बदलाव हुआ है. यह बारिश की कमी की भरपाई करेगा. इस बीच दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में बारिश की कमी का स्तर 80 प्रतिशत से घटकर 33 प्रतिशत पर आ गया है. आने वाले दिनों में इसमें तेजी से गिरावट का पूर्वानुमान है.

एक बार खाकर तो देखें, इस तरह से बनाया हुआ अंडा मसाला तो आपने कभी खाया नही होगा

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इस तरह से बनाया हुआ अंडा मसाला तो आप ने कभी खाया नही होगा आज खाकर देखें आइए डालते हैं एक नजर सामग्री पर
6 अंडे
2 प्याज
2 टमाटर
आधा कप हरा धनिया
1तेज पत्ता
आधा चम्मच राई
हल्दी नमक स्वाद अनुसार
1चम्मच गरम मसाला
आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1चम्मच भुना जीरा पाउडर
1चम्मच भुना धनिया पाउडर
2,3 चम्मच तेल
आधा नारियल
2 हरी मिर्च
1 बड़ी इलायची
4 लौंग एक
टुकड़ा दालचीनी
आइए जानते हैं बनाने की विधि सबसे पहले अंडे को उबालने रखे फिर नारियल के टुकडे करके मिक्सी में पीसकर छानलें और उसका दूध निकालें प्याज,टमाटर, हरी मिर्च व हरा धनिया बारीक काट कर रखें। एक प्याज, टमाटर,हरा धनिया, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर व लाल मिर्च पाउडर मिक्सी में पीसलें।
अब एक कढाई में तेल गरम करें फिर उबाला हुआ अंडा को फ्राई करें फिर निकाल लें। अब राई, तेज पत्ता,हरी मिर्च,दालचीनी, लौंग, बड़ी इलायची व प्याज डालकर अच्छी तरह भूनें पिसा हुआ मसाला डालदें और हल्दी, नमक और गरम मसाला पाउडर डालकर अच्छी तरह से भूनें।
फिर अंडा डालकर अच्छी तरह भुनने के बाद नारियल का दूध डालें और एक बार अच्छी तरह चलाएं। अब स्लो गैस में थोड़ी देर पकने के बाद गैस बंद करदें।अब गरमा गरम राइस के साथ सर्व करें।

ये 5 बीमारियां जिससे हर महिला को रहना चाहिए सावधान

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आज के समय में छोटी छोटी कारणों की वजह से महिलाएं बीमार पड़ जाती हैं। जिससे कारण महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति ख़राब हो जाती हैं तथा महिलाएं खुद को अस्वस्थ महसूस करती हैं। आज जानने की कोशिश करेंगे कुछ ऐसे बीमारियों के बारे में जिन बीमारियों से हर महिला को सावधान रहना चाहिए ताकि उसे भविष्य में किसी बड़ी समस्या का सामना करना ना पड़ें। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की ये 5 बीमारियां जिससे हर महिला को रहना चाहिए सावधान।
1 .एनीमिया की बीमारी, महिलाओं के शरीर में खून की कमी के कारण एनीमिया की बीमारी होती हैं। इस बीमारी से सभी महिलाओं को सावधान रहना चाहिए। क्यों की एनीमिया की बीमारी के कारण महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति ख़राब हो जाती हैं और महिलाएं धीरे धीरे कई तरह के बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। इस बीमारी से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए और डॉक्टर से ब्लड की जांच करानी चाहिए।
2 .थायराइड की बीमारी, हर महिला को थायराइड की बीमारी से सावधान रहना चाहिए। क्यों की इस बीमारी के कारण महिलाओं के शरीर का वजन अचानक से बढ़ने लगता हैं। साथ हीं साथ उसके ओवरीज में संकुचन की स्थिति बन जाती हैं। जिसके कारण महिलाओं को माँ बनने में परेशानी होती हैं। इसलिए महिलाओं को समय समय पर अपने थायराइड की जांच कराते रहना चाहिए ताकि इस समस्या से छुटकारा मिल सके।
3 .कुपोषण की बीमारी, गलत खान पान की वजह से महिलाओं के शरीर में सबसे ज्यादा कुपोषण की बीमारी होती हैं। इस बीमारी से महिलाओं का शरीर कमजोर होता हैं और शरीर में थकान की समस्या बनी रहती हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। महिलाएं इसके लिए आयरन, कैल्शियम, मेग्नीशियन, फाइबर और फोलिक एसिड युक्त आहार का सेवन कर सकती हैं।
4 .ह्रदय संबंधित बीमारी, महिलाओं को ह्रदय संबंधित बीमारी से सबसे ज्यादा सावधान रहना चाहिए। अगर किसी महिला को ह्रदय के पास दर्द होता हैं तथा उसे सांस लेने में परेशानी होती हैं तो महिलाएं तुरंत डॉक्टर की सलाह लें ताकि ह्रदय संबंधित बीमारी से बचा जा सके। महिलाएं इन संकेत को भूलकर भी नज़रअंदाज़ ना करें। क्यों की ये बीमारी महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक होता हैं।
5 .एंडोमेट्रिओसिस की बीमारी, आज के समय में बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जो एंडोमेट्रिओसिस की बीमारी से ग्रसित हैं। इस बीमारी के कारण महिलाओं को माँ बनने में परेशानी होती हैं और महिलाओं का शरीर अस्वस्थ हो जाता हैं। इस बीमारी के कारण महिलाओं को पीरियड्स के समय तेज दर्द और जलन का सामना करना पड़ता हैं। अगर किसी महिला के साथ ऐसी समस्या होती हैं तो महिलाएं तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि इस बीमारी से बचा जा सके। हर महिला को इन बीमारियों से सावधान रहना चाहिए।

शिलाजीत से भी ज्यादा ताकतवर हैं ये 3 चीजें, कमजोरी, तनाव और थकान को कर देती हैं खत्म

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शिलाजीत एक गाढ़ा, लसलसेदार पदार्थ है जो हिमालय, गिलगित बल्टिस्तान, अल्ताई तथा काकेसस के पर्वतों में कभी-कभी पाया जाता है। इसका रंग सफेद से लेकर गाढ़ा भूरा के बीच कुछ भी हो सकता है (अधिकांशतः गाढ़ा भूरा होता है।) आयुर्वेद ने शिलाजीत की बहुत प्रशंसा की है जहाँ इसे बलपुष्टिकारक, ओजवर्द्धक, दौर्बल्यनाशक एवं धातु पौष्टिक अधिकांश नुस्खों में शिलाजीत का प्रयोग किया जाता है|
खराब लाइफस्टाइल, डाईट और व्यायाम की कमी के कारण अधिकतर लोग थकान, तनाव और कमजोरी से पीड़ित हो जाते हैं, पुरुषों में ये समस्या ज्यादा देखी जाती है, इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है, शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए तरह तरह की कोशिशों के बावजूद भी मनचाहा परिणाम नही मिलता है। इसके लिए कई लोग शिलाजीत का सेवन करते हैं जो काफी फायदेमंद भी होता है, लेकिन अज हम आपको 3 ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शिलाजीत से भी अधिक लाभकारी होती हैं, तो चलिए जान लेते हैं।
ये हैं वो 3 चीजें
1- अश्वगंधा
अश्वगंधा कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए बहुत अधिक उपयोगी होता है, इसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकाल देता है, और रक्त को शुद्ध करता है, कमजोरी को दूर करने के लिए अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए।
2- पहाड़ी बादाम
आम भाषा में इसे चिलगोजा कहते हैं, जोकि पुरुषों में कमजोरी को दूर करने बहुत अधिक फायदेमंद होता है, इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी कम होती है, जिससे शरीर में फैट नही जमता है, चिलगोजा मांसपेशियों के विकास में बहुत लाभकारी है, यह थकावट और तनाव को दूर करके स्फूर्ति पैदा करता है।
3- कौंच के बीज
ये बीज शरीर की कई समस्याओ को खत्म कर देते हैं, इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और जिंक जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं, ये कमजोरी को दूर करते हैं, ये इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं।

नाबालिग को खेत में ले जाकर पिलाई शराब, फिर किया रेप

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17 वर्षीय नाबालिग लड़की को 35 वर्षीय युवक द्वारा घुमाने के बहाने खेतों में ले जाकर पहले शराब पिलाई और नशे की हालात में उसका रेप किया. रेप की बात किसी को बताने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

निजी फैक्ट्री में काम करती है पीड़िता

पलवल महिला थाना प्रभारी सविता रानी ने बताया कि एक 17 वर्षीय पीड़िता लड़की ने शिकायत दर्ज कराई है कि पलवल में निजी फैक्ट्री में काम करती है. कंपनी मालिक लवकुश पिछले आठ-दस महीने से पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करता था. 7 दिसंबर वर्ष 2018 को लवकुश पीड़िता को अपने घर ले गया, जहां पर और कोई सदस्य मौजूद नहीं था.

नशे की हालत में किया रेप

लवकुश ने अपने घर में पीड़िता का रेप किया. लवकुश ने अलग-अलग दिन तीन बार पीड़िता का रेप किया. 17 जुलाई को लवकुश ने पीड़िता को फोन कर घुमाने के बहाने घर से बाहर बुलाया. पीड़िता जब घर से बाहर आई तो लवकुश उसे बाइक पर बैठाकर अलीगढ़ रोड़ स्थित खेतों में ले गया. जहां पर लवकुश ने पीड़िता को पहले शराब पिलाई और नशे की हालात में रेप किया.

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

रेप की बात किसी को बताने पर लवकुश ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी. होश में आने पर पीड़िता ने फोन कर अपने पिता को बुलाया और डर के मारे रेप की बात किसी को नहीं बताई. डरी-सहमी पीड़िता ने आपबीती अपनी मां को बताई और मामले की शिकायत पुलिस को दी गई. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायकि हिरासत में भेज दिया है.

जानिए इसका नाम और बेशुमार फायदे : ये सब्जी मोटापा, बीपी, बवासीर और कब्ज को रखती है दूर

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अरबी (अंग्रेज़ी तारो) एक उष्णकटिबन्धीय पेड़ है जिसे इसकी जड़ में लगी अरबी नामक सब्जी के लिए मुख्यतः उगाया जाता है। इसके साथ ही इसके बड़े बडए पत्ते भी खाद्य हैं। यह बहुत प्राचीन काल से उगाया जाने वाला पेड़ है। कच्चे रूप में पेड़ जहरीला हो सकता है। ऐसा इसमें मौजूद कैल्शियम ऑक्ज़ेलेट के कारण होता है। हालांकि ये लवण पकने पर नष्ट हो जाता है। या इनको रात भर ठ्ण्डे पानी में रखने पर भि नष्ट हो जाता है। अरबी अत्यन्त प्रसिद्ध और सभी की परिचित वनस्पति है। अरबी प्रकृति ठण्डी और तर होती है। अरबी के पत्तों से पत्तखेलिया नामक बानगी बनती है। अरबी कन्द (फल) कोमल पत्तों और पत्तों की तरकारी बनती है। अरबी गर्मी के मौसम की फसल है। अरबी गर्मी और वर्षा की ऋतु में होती है। अरबी अनेकों किस्म होती हैं-राजाल, धावालु, काली-अलु, मंडले-अलु, गिमालु और रामालु। इन सबमें काली अरबी उत्तम है। कुछ अरबी में बड़े और कुछ में छोटे कन्द लगते हैं इनसे भाँति-भाँति बानगियाँ बनाई जाती है। अरबी रक्तपित्त को मिटाने वाली, दस्त को रोकने वाली और वायु को प्रकोप करने वाली है।
अरबी (अंग्रेज़ी तारो) एक उष्णकटिबन्धीय पेड़ है जिसे इसकी जड़ में लगी अरबी नामक सब्जी के लिए मुख्यतः उगाया जाता है। इसके साथ ही इसके बड़े बडए पत्ते भी खाद्य हैं। यह बहुत प्राचीन काल से उगाया जाने वाला पेड़ है। कच्चे रूप में पेड़ जहरीला हो सकता है। ऐसा इसमें मौजूद कैल्शियम ऑक्ज़ेलेट के कारण होता है। हालांकि ये लवण पकने पर नष्ट हो जाता है। या इनको रात भर ठ्ण्डे पानी में रखने पर भि नष्ट हो जाता है। अरबी अत्यन्त प्रसिद्ध और सभी की परिचित वनस्पति है। अरबी प्रकृति ठण्डी और तर होती है। अरबी के पत्तों से पत्तखेलिया नामक बानगी बनती है। अरबी कन्द (फल) कोमल पत्तों और पत्तों की तरकारी बनती है। अरबी गर्मी के मौसम की फसल है। अरबी गर्मी और वर्षा की ऋतु में होती है। अरबी अनेकों किस्म होती हैं-राजाल, धावालु, काली-अलु, मंडले-अलु, गिमालु और रामालु। इन सबमें काली अरबी उत्तम है। कुछ अरबी में बड़े और कुछ में छोटे कन्द लगते हैं इनसे भाँति-भाँति बानगियाँ बनाई जाती है। अरबी रक्तपित्त को मिटाने वाली, दस्त को रोकने वाली और वायु को प्रकोप करने वाली है।
हम जिस सब्जी की बात कर रहे हैं, वो है अरबी की सब्जी, इसे ज्यादातर लोग साधारण सब्जी समझते हैं, लेकिन ये बहुत फायदेमंद सब्जी होती है, आज हम आपको अरबी की सब्जी और इसके फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।
अरबी की सब्जी खाने के फायदे
पेट की बीमारियों में लाभकारी
अरबी की सब्जी पेट की तमाम बीमारियों को दूर रखती है, इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो अपच और कब्ज जैसी परेशानियों को दूर रखती है।
कोलेस्ट्रॉल और बीपी
यदि कोई व्यक्ति कोलेस्ट्रॉल और बीपी से परेशान है तो उसे अरबी की सब्जी का नियमित रूप से सेवन करने से लाभ होता है।
मोटापा करती है दूर
यदि आपका वजन लगातार बढ़ रहा है तो अरबी की सब्जी का सेवन कीजिये, धीरे धीरे वजन नियंत्रित होने लगेगा।
डायबिटीज और बवासीर में लाभकारी
अरबी की सब्जी खाने से डायबिटीज में भी आराम मिलता है, इसके अलावा अगर किसी को बवासीर है तो उसे भी अरबी की सब्जी खानी चाहिए, बहुत जल्दी लाभ होता है।

सालों पुरानी हड्डियों की कमजोरी, खून की कमी और बदन दर्द को दूर करता है ये फल, जानिए

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चीकू शीतल, पित्तनाशक, पौष्टिक, मीठे और रूचिकारक हैं। इसमें शर्करा का अंश ज़्यादा होता है। यह पचने में भारी होता है। भोजन के बाद यदि चीकू का सेवन किया जाए तो यह निश्चित रूप से लाभ प्रदान करता है।
चीकू का उत्पादन बहुत अच्छी मात्रा में किया जा सकता है यदि अच्छी फसल का उत्पादन करना है तो उसकी देखभाल अच्छे से करनी होती है।
चीकू आलू की तरह दिखने वाला फल है, यह आसानी से हर जगह मिल जाता है, अगर आप चीकू का फल न खा सके तो इसका शेक बनाकर पियें, इसके लिए चीकू को बीच से कटकर बीज निकल दें और मिक्सर में एक गिलास दूध और मिश्री डालकर शेक तैयार कर लें, आप चाहें तो इसमें काजू और बादाम इत्यादि भी डाल सकते हैं, बाद में इसमें आइस क्यूब मिलाकर सेवन करें। चीकू के शेक के फायदे
हर सुबह चीकू के शेक के सेवन से त्वचा का निखार बढ़ता है, स्किन हेल्दी होती है, अगर आप झुर्रियों से परेशान हो तो इसका सेवन करें, कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए ये शेक किसी वरदान से कम नही है, यह शरीर को जबरदस्त ताकत देता है, साथ ही सालों पुराना हड्डियों का दर्द और बदन दर्द को भी दूर करता है।