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जय श्री राम न कहने पर जिंदा जलाया, पुलिस बोली- विरोधाभासी बयान दे रहा पीड़ित

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चंदौली में एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में जल गया. जलने वाला युवक एक विशेष संप्रदाय (मुस्लिम) से संबंधित था. लिहाजा पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. शुरुआती दौर में कहा गया कि कुछ लोगों (यादव बिरादरी) ने मिलकर इस युवक को जलाकर मारने की कोशिश की है.

आनन-फानन में कई थानों की फोर्स घटनास्थल पर भेज दी गई. पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की जांच पड़ताल के दौरान यह पाया गया कि पीड़ित युवक कई तरह के बयान दे रहा है. पुलिस ने जब पूरे मामले की गहनता से छानबीन की तो पीड़ित युवक की कहानी गलत साबित हुई.

युवक बोला- कुछ लोगों ने केरोसिन तेज डालकर जलाने की कोशिश की
दरअसल चंदौली जिले के सैयदराजा का रहने वाला खालिद (16 साल) आज भोर में घर से बाहर निकला था. कुछ ही देर बाद वह जली हुई हालत में वापस घर लौटा. युवक द्वारा बताया गया कि उसे कुछ लोगो ने केरोसिन तेल डालकर जलाने की कोशिश की है. तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुची पुलिस ने युवक को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. इसके बाद युवक को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया.

परिजनों की माने तो रोज की भांति आज सुबह शौच के लिए युवक गया था. लेकिन आधे घंटे से ज्यादा बीतने के बाद तक घर नहीं पहुंचा, तो परिजन उसे देखने के लिए निकले. तभी अचानक पीड़ित युवक खालिद अंसारी भागते हुए घर पहुंचा. जिससे परिजनों में कोहराम मच गया. परिजनों ने आननफानन में पुलिस को सूचना दी.

अलग-अलग घटना स्थल का जिक्र कर रहा युवक
मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया है. घायल युवक लगातार अपना बयान बदल रहा है. साथ ही अलग-अलग घटनास्थल का जिक्र भी कर रहा है. युवक नेशनल इंटर कालेज में कक्षा 9 का छात्र है. परिजन मामले में जांच की मांग कर रहे है.


स्थानीय ने बताई अलग कहानी
वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस छानबीन में जुटी हुई है. जले युवक के बदलते बयानों के आधार पर चार घंटे तक क्राइम सीन खोजने जुटी पुलिस को स्थानीय अखबार विक्रेता ने पहली लीड दी. अखबार विक्रेता के अनुसार, उसने युवक को सुबह उसके घर के सामने मजार से आग लगाकर भागते हुए जाते देखा था.

पुलिस को मौके से नहीं मिले एविडेन्स
पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मजार के बाहर युवक के कपड़े और व्यवस्थित रूप में उतारी गई चप्पल भी मिली है. मौके पर किसी तरह के विरोध के एविडेन्स भी नहीं मिले हैं. शुरुआती छानबीन के अनुसार युवक ने जिस घटना स्थल के बारे में बताया है, उसके एकदम उल्टी दिशा में चार किलोमीटर दूर एक मजार के पास से उसके कपड़े मिले हैं.

गहनता से जांच में जुटी पुलिस
अब पुलिस इस मामले की तह तक पहुचने के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को बुलाकर फॉरेंसिक सबूतों को बटोर रही है. पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया यह मामला अंधविश्वास या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश नजर आ रही है. दोनों बिंदु पर पुलिस गहनता से जांच कर रही है.

मामला संदिग्ध, मॉब लिंचिंग की घटना नहीं
पुलिस के अनुसार अभी तक कि जांच में पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है और मॉब लिंचिंग जैसी किसी भी घटना से पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है. अब पुलिस इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक स्केचों को जोड़कर इस पहेली को सुलझाने में लगी है कि इस वारदात के पीछे का असली कारण क्या है?

अगर आपके आंगन में भी तुलसी के पत्ते सूख जाते हैं तो जल्द जाने उसके दो कारण

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तुलसी – (ऑसीमम सैक्टम) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा है। यह झाड़ी के रूप में उगता है और १ से ३ फुट ऊँचा होता है। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। पत्तियाँ १ से २ इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं। पुष्प मंजरी अति कोमल एवं ८ इंच लम्बी और बहुरंगी छटाओं वाली होती है, जिस पर बैंगनी और गुलाबी आभा वाले बहुत छोटे हृदयाकार पुष्प चक्रों में लगते हैं। बीज चपटे पीतवर्ण के छोटे काले चिह्नों से युक्त अंडाकार होते हैं। नए पौधे मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में उगते है और शीतकाल में फूलते हैं। पौधा सामान्य रूप से दो-तीन वर्षों तक हरा बना रहता है। इसके बाद इसकी वृद्धावस्था आ जाती है। पत्ते कम और छोटे हो जाते हैं और शाखाएँ सूखी दिखाई देती हैं। इस समय उसे हटाकर नया पौधा लगाने की आवश्यकता प्रतीत होती है।

भारत की सबसे सस्ती ऑनलाइन शापिंग : ेंहिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में तुलसी का पौधा लगा होता। उस घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। और इससे आपके घर का वातावरण भी शुद्ध बना रहता है। तुलसी का पौधा लगाना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत फायदेमंद रहता है क्योंकि इसकी पत्तियाँ का सेवन आपको कई बीमारियों से छुटकारा दिला सकती हैं। लेकिन सही देखभाल ना मिलने के कारण अक्सर तुलसी का पौधा सूख जाता है। या फिर मुरझा जाता है और शास्त्रों के अनुसार तुलसी का पौधा सूखना अच्छा नहीं माना जाता है।
इन 2 कारणों से सूख जाती है घर में लगी तुलसी-
1) तुलसी के पौधे को ज्यादा धूप पसंद नहीं होती है। इसलिए तुलसी का पौधा लगाते समय आप इस बात का ध्यान रखें। कि तुलसी का पौधा ऐसी जगह मौजूद न हो। जहाँ दिन भर तेज धूप रहती है।
2) तुलसी के पौधों को जरूरत से ज्यादा पानी पसंद नहीं होता है। इसलिए तुलसी के पौधे को पानी देते समय आप इस बात का ध्यान रखें। कि आप पौधे को उतना ही पानी दे, जितने की उसे जरूरत हो क्योंकि ज्यादा पानी देने से तुलसी की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।

तस्वीरें देखकर खुली रह जायेंगी आँखे, 80 करोड़ का है विराट कोहली का ये घर

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विराट कोहली (जन्म: 5 नवम्बर 1988) भारतीय क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट के कप्तान हैं। एक सुरुचिपूर्ण दाएं हाथ के बल्लेबाज कोहली को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वे सन् 2008 की 19 वर्ष से कम आयु वाले विश्व कप क्रिकेट विजेता दल के कप्तान भी रह चुके है। भारत के घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विराट दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते है जबकि इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की कप्तानी करते है।

इंडिया की सबसे सस्ती और अच्छी ऑनलाइन शॉपिंग : ेंलेकिन विराट कोहली का केवल क्रिकेट के मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी विराट का सिक्का चलता है | विराट कोहली ब्रांड का प्रचार करके करोड़ों कमा रहे हैं | साथ ही वह अपनी जीवन शैली भी शान और शौकत से जीते हैं | इन्हें सबसे ज्यादा महंगी कारों और आलीशान घरों का है शौक ! विराट कोहली जितने कीमती रन बनाते हैं उतने ही कीमती अपनी चीजें भी रखते हैं |
इनके पास कई कारें हैं जिनकी कीमत करोड़ों में है | लाखों कीमत वाली इनके पास घड़ी है जो इनके शौक को पूरा करती है | विराट कोहली ने एक और रिकॉर्ड तोड़ा था | जब विदेशों में यह सबसे अधिक शतक बनाने वाले बल्लेबाज बने | इसके अलावा वे तीसरे खिलाड़ी हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा शतक लगाया |
बात करें इनके घर की तो घर है या जन्नत ! विराट के पास कई घर भी हैं | जिनकी तस्वीरें तो आप देख ही रहे हैं | जिसमें केवल एक ही व्यक्ति रहता है, “विराट” | विराट कोहली का एक घर मुंबई में है | जिसकी कीमत है ₹37 करोड़ है | वहीं दूसरे मकान की कीमत ₹80 करोड़ है |

International Tiger Day: बाघों की सुरक्षा कर रहे जासूसी कुत्ते, मिला पुरस्कार

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बाघ दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश में बाघों की सुरक्षा कर रहे जासूसी कुत्तों को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया और एनजीओ ट्रैफिक ने सम्मानित किया है। सतना के निरमान नाम के कुत्ते को पहला पुरस्कार मिला जबकि मैना (इंदौर) का स्थान दूसरा रहा। निरमान छह बाघ समेत 35 से ज्यादा मामले सुलझाने में मदद कर चुका है। इनमें कई वन्यजीव अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ अवैध बाघों के शवों की बरामदगी और बाघों की बरामदगी भी शामिल है।

ऐसी सुरक्षा में महारत हासिल करने के लिए निरामन ने अपने संचालकों के साथ 2016 में नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स (एनटीसीडी), बीएसएफ अकादमी, ग्वालियर में नौ महीने के कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। जबकि मैना ने भी 18 केस सुलझाने में मदद की है। इनमें कई वन्यजीव अपराधियों की गिरफ्तारी और बाघ के पंजे, दांत और शरीर के अन्य अंगों को जब्त करना शामिल है।

रनर अप स्निफर डॉग मैना को 2015 में स्पेशल आर्म्ड फोर्सेस भोपाल की 23वीं बटालियन में प्रशिक्षित किया गया था। वहीं ग्वालियर में प्रशिक्षित असम के बिश्वनाथ वन्यजीव प्रभाग के वन्यजीव स्निफर डॉग क्वार्मी ने विशेष पुरस्कार जीता।

15 दिन में दिखेंगे ये हैरान कर देने वाले फायदे, सिर्फ एक दिन में खाएं 3 इलायची

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इलायची का नाम सामने आते ही हमें चाय की याद आ जाती है। इलायची चाय का स्वाद तो बढ़ाती ही है, लेकिन इसके कई और फायदे भी है। ये वज़न कम करने, कील-मुंहासों को खत्म करने में भी मददगार होती है। इस छोटे से सुगंधित मसाले को ‘मसालों की रानी’ कहा जाता है। सफेद इलायची यानी खुशबू का खजाना। हर घर की किचन में मसाले के तौर पर इस्तेमाल होने वाली छोटी इलायची सेहत से भरपूर है। इलायची का सेवन कई मायनों में आपके लिए फायदेमंद रहता है। अधिकतर लोग इलायची को स्वादिष्ट मसाले के रूप में ही प्रयोग करते हैं और इसके सेवन से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में अनजान रहते हैं। ऐसे में हम आज आपको बताते हैं इलायची खाने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से। आमतौर पर इसका प्रयोग अलग-अलग प्रकार के मीठे में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है।

ज्यादा खाना भी नुकसानदेहऐसा नहीं कि सेहत के लिए फायदेमंद सफेद इलायची को आप ज्यादा खाने लगे। इसका ज्यादा सेवन भी आपके लिए अच्छा नहीं रहेगा। इलायची दो प्रकार की होती है यानी बड़ी और छोटी। दोनों ही इलायची का प्रयोग मसालों के रूप में किया जाता है। लेकिन यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि छोटी इलायची का ज्यादा सेवन भी आपको नुकसान दे सकता है। इसलिए हर दिन दो से तीन इलायची खाना आपके लिए सही रहेगा।

शरीर को कई फायदे 
कई बार लोग स्वाद के चक्कर में ज्यादा इलायची का सेवन करने लगते हैं, यह भी उनके लिए सही नहीं होता। इसलिए इस लेख के जरिए आज हम आपको बता रहे हैं इलायची के सेवन से आपके शरीर को होने वाले फायदे। साथ ही यह भी बताएंगे कि यह आपके स्वाद के अलावा भी कई तरह से आपको फायदा पहुंचाती है।

दिल की धड़कन को सुधारती है 
आजकल हृदय रोग आम हो गया है यानी अक्सर लोगों की दिल की धड़कन कम हो जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि दिल की धड़कन को सही रखने में छोटी इलायची का सेवन बहुत कारगर साबित होता है। इलायची में पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नेशियम जैसे खनिज पदार्थ मौजूद हैं। इंसान के रक्त, शरीर में मौजूद तरल और ऊतकों का प्रमुख तत्व पोटेशियम है। इलायची के सेवन से पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा शरीर में बनी रहती है।

फेफड़ों की परेशानी दूर करें 
छोटी इलायची से फेफड़ों में रक्तसंचार तेज गति से होने लगता है। इससे सांस लेने की समस्या जैसे अस्थमा, तेज जुकाम और खांसी से राहत मिलती है। आयुर्वेद में इलायची की तासीर गर्म मानी गई है, जो कि शरीर को गर्मी देती है। इसलिए इसके सेवन से आपके शरीर पर ठंड का असर कम होता है।

रक्तचाप नियंत्रित करती है 
छोटी इलायची का सेवन रक्तचाप नियंत्रण में कारगर होती है। मानव शरीर में अधिकतर बीमारियां उच्च रक्तचाप के कारण जन्म लेती हैं। यदि आप भी प्रतिदिन दो से तीन इलायची का सेवन करें तो जिंदगीभर आपका रक्तचाप नियंत्रित रहेगा।

मुंह की बदबू को दूर करें 
छोटी इलायची स्वाद बढ़ाने के साथ ही माउथ फ्रेशनर का भी काम करती है। इसे खाने से मुंह की बदबू में राहत मिलती है। यदि आपके मुंह से तेज दुर्गंध आती है और लोग आपसे बात करने में संकोच करते हैं तो आप हर समय एक इलायची अपने मुंह में रख सकते हैं।

कब्ज से राहत दें 
पेट में कब्ज यानी बीमारियों को न्योता। इसलिए हर किसी की कोशिश रहती है कि उसे कब्ज की समस्या न हो। यदि आपको कब्ज है तो छोटी इलायची का सेवन या छोटी इलायची को पकाकर तैयार किए गए पानी का सेवन आपको फायदा पहुंचाएगा। यह आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त कर कब्ज से राहत देती है।

शाहिद अफरीदी ने ’15 गेंदों में ठोके 70 रन’, कहा-शेर अभी जिंदा है

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कनाडा में चल रही ग्लोबल टी20 लीग में शाहिद अफरीदी ने अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से सभी को चौंका दिया. अफरीदी ने ब्रैम्प्टन वूल्व्स के लिए खेलते हुए एडमॉन्टन रॉयल्स के गेंदबाजों की खूब खबर ली. ब्रैम्प्टन वूल्व्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 207 रनों का स्कोर खड़ा किया जिसके जवाब में एडमॉन्टन रॉयल्स टीम 9 विकेट पर 180 रन ही बना सकी और 27 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई.

आया अफरीदी का ‘तूफान

ब्रैम्प्टन वूल्व्स को लेंडल सिमंस और जॉर्ज मन्से ने तूफानी शुरुआत दी. दोनों ने मिलकर 25 गेंदों में 43 रन जोड़े. इसके बाद मुनरो और नीतीश कुमार सस्ते में आउट हो गए लेकिन लेंडस सिमंस ने 34 गेंदों पर 59 रन ठोक डाले. फिर एडमॉन्टन रॉयल्स के गेंदबाजों पर अफरीदी का कहर बरपा. पाकिस्तान के इस 40 साल के खिलाड़ी ने 40 गेंदों में नाबाद 81 रन कूट डाले. अफरीदी ने अपनी आतिशी पारी के दौरान 5 छक्के और 10 चौके लगाए. मतलब उन्होंने 70 रन तो महज 15 गेंदों में ही बना डाले.

भारतीय तैलि/ साहू महासभा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार : मां कर्मा जयंती पर अवकाश

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मुख्यमत्री श्री भूपेश बघेल से अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की और भक्त माता कर्मा की जयंती पर छत्तीसगढ़ राज्य में सामान्य अवकाश घोषित करने के लिए आभार जताया।


 अखिल भारतीय तैलिक साहू महासभा नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री महाराष्ट्र सरकार श्री जयदत्ता क्षीरसागर ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को साहू समाज की आराध्य देवी भक्त माता कर्मा की जयंती पर छत्तीसगढ़ में राजकीय अवकाश घोषित करने पर आभार जताते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी है। महासभा ने प्रेषित पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल की घोषणा से देश भर में रहने वाले साहू समाज के 14 करोड़ लोग हर्षित और गौरवान्वित हैं और इससे समाज की बहु प्रतीक्षित मांग पूरी हुई है।


उल्लेखनीय है कि हाल में ही मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा मां कर्मा की जयंती, हरेली तिहार, हरितालिका तीज, छठ पूजा और विश्व आदिवासी दिवस पर छत्तीसगढ़ में सामान्य अवकाश घोषित किया गया है।

जब तक चाचा नहीं आएंगे जेल से बाहर, नहीं होगा अंतिम संस्कार : रेप पीड़िता की बहन बोली

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रायबरेली कार एक्सीडेंट में उन्नाव रेप पीड़िता की चाची और मौसी की मौत के बाद बहन का कहना है कि वे दोनों का अंतिम संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक कि जेल में बंद चाचा बाहर नहीं आ जाते. बता दें इस हादसे में रेप पीड़िता और उसके वकील महेंद्र प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल है. दोनों का इलाज लखनऊ के ट्रामा सेंटर में चल रहा है.

रेप पीड़िता की बहन ने कहा, “जेल में बंद हमारे चाचा को जब तक बाहर नहीं लाएंगे, मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं होगा. यह एक्सीडेंट विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने आदमियों से करवाया है. हम लोगों को लगातार धमकियां मिल रही थीं. विधायक केस वापस लेने का दबाव बना रहे थे.”

रायबरेली जेल में बंद हैं पीड़िता के चाचा
गौरतलब है कि रेप पीड़िता के चाचा रायबरेली जेल में बंद हैं. उनके ऊपर विधायक के भाई पर जानलेवा हमला करवाने का आरोप है. रविवार को रेप पीड़िता अपनी चाची, मौसी और वकील महेंद्र प्रताप सिंह के साथ जेल में बंद अपने चाचा से मिलकर वापस लौट रही थी. तभी रायबरेली हाईवे के पास उनकी कार की टक्कर एक ट्रक से हो गई. इस हादसे में पीड़िता की चाची, मौसी और ड्राइवर की मौत हो गई. जबकि पीड़िता और उसके वकील गंभीर रूप से घायल हैं.

परिवार का ये है आरोप
रेप पीड़िता के परिवार ने मामले में माखी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के इशारे पर एक्सीडेंट करवाने का आरोप लगाया है. पीड़िता की मां और भाई का आरोप है कि जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह के आदमियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. पीड़िता के भाई ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है.

PM नरेंद्र मोदी को एडवेंचर यात्रा पर ले जाने वाला ये शख़्स कौन है?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही एक बिल्कुल नए एडवेंचर अवतार में नज़र आने वाले हैं. डिस्कवरी टीवी के एक लोकप्रिय कार्यक्रम के लिए मोदी ने वाइल्डलाइफ एडवेंचर यात्रा की शूटिंग की है. बीयर ग्रिल्स स्टारर मैन वर्सेज़ वाइल्ड कार्यक्रम बेहद लो​कप्रिय रहा है, जिसके प्रोमो में मोदी नज़र आ रहे हैं. भारत के वाइल्डलाइफ को केंद्र में रखने वाले इस शो में मोदी जिस एंकर के साथ यात्रा कर रहे हैं, उस बीयर ​ग्रिल्स के बारे में आप क्या जानते हैं? क्या आप जानना चाहेंगे कि एडवेंचर और स्टंट की खातिर कैसे ग्रिल्स ने अपने बेटे की जान दांव पर लगा दी थी? क्या आप जानना चाहेंगे क्यों ग्रिल्स को सेना छोड़ना पड़ी थी? इसी तरह की दिलचस्प बातें जानिए.

ग्रिल्स काफी अरसे से टेलीविज़न शो के ज़रिए एडवेंचर और प्रकृति के साथ जुड़े रहे हैं. एस्केप टू दि लीजन, बॉन सर्वाइवर/मैन वर्सेज़ वाइल्ड, वर्स्ट केस सिनारियो, एस्केप फ्रॉम हेल, मिशन सर्वाइव जैसे कई लोकप्रिय कार्यक्रमों से अपने लाखों प्रशंसक बना चुके ग्रिल्स ब्रिटेन के एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता सर माइकल ​ग्रिल्स जहां एक राजनेता थे, वहीं उनके दादा, परदादा मशहूर क्रिकेटर थे. आइए बीयर ग्रिल्स के बारे में बेहद ख़ास बातें जानें.

बेटे को दांव पर लगाकर झेली थी आलोचना
एडवेंचर और स्टंट ग्रिल्स को इस कदर पसंद रहे हैं कि वो इनमें हमेशा प्रयोग करने की फितरत रखते हैं. अगस्त 2015 का वाक़या था, जब ग्रिल्स ने अपने टीनेजर बेटे जेसी को उत्तरी वेल्स तट पर स्थित सेंट टडवॉल द्वीप पर अकेला छोड़ दिया था. ये एक प्रयोग था कि द्वीप पर ज्वार भाटे से पहले एक लाइफबोट इंस्टिट्यूशन बचाव कार्य कर पाता है या नहीं. इंस्टिट्यूट को बचाव कार्य के मिशन की साप्ताहिक प्रैक्टिस करना थी. हालांकि, जेसी को कोई खतरा होने से पहले बचा लिया गया लेकिन ग्रिल्स के इस कदम की काफी आलोचना हुई, क्योंकि उनकी टीम भी नहीं चाहती थी कि इस स्टंट में किसी बच्चे को शामिल किया जाए.
हादसे के बाद छूटी आर्मी
ग्रिल्स 1994-1997 तक ब्रिटिश सेना में रहे. क्लाइंबिंग, पैराशूटिंग, सर्वाइवल, निरस्त्र युद्ध जैसे क्षेत्रों में महारत रखने वाले ग्रिल्स को एक रेजीमेंट के सर्वाइवल प्रशिक्षक के तौर पर उत्तर अफ्रीका में दो बार तैनात किया गया था. इसी रेजीमेंट में कार्यकाल के दौरान ग्रिल्स के साथ दो हादसे हुए. पैराशूट से फ्री फॉल के दौरान पहले हादसे में वो बाल-बाल बचे लेकिन इसके अगले साल केन्या में बड़ा हादसा हुआ और समय पर पैराशूट न खुल पाने के कारण वह बुरी तरह ज़ख़्मी हुए. रीढ़ की हड्डी में तीन गंभीर फ्रैक्चर हुए थे. इसके बाद उन्हें सेना छोड़ना पड़ी लेकिन उन्हें खिताब दिए जाते रहे और लेफ्टिनेंट कर्नल तक की मानद रैंक हासिल है.

कई रोमांचक यात्राएं कर चुके हैं ग्रिल्स
हादसे के बाद सेना छोड़नी पड़ी लेकिन उसके बाद ग्रिल्स ने खुद को दोबारा फिट किया और अपनी लगन से उन्होंने एवरेस्ट पर चढ़ाई का इरादा किया. उनके इस साहसी कदम के बाद उन्हें कई तारीफें मिलीं. सर एडमंड हिलेरी ने एवरेस्ट की जिस चोटी एमा डैबलाम को बेहद मुश्किल बताते हुए कहा था कि उस पर चढ़ना नामुमकिन था, उस चोटी को भी ग्रिल्स ने फ़तह किया. इसके अलावा, ग्रिल्स उत्तरी अटलांटिक, अंटार्कटिका और ध्रुवों तक की मुश्किल व रोमांचक यात्राएं कर चुके हैं.

पीएम मोदी से पहले ग्रिल्स अपने शो में बराक ओबामा को बतौर गेस्ट सेलिब्रिटी शामिल कर चुके हैं.

भारत से रहा है पुराना नाता
भारत के जंगलों और मुश्किल प्राकृतिक रोमांचक स्थानों की यात्रा पर आधारित एक शो लेकर ग्रिल्स जल्द आ रहे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी ग्रिल्स के साथ नज़र आने वाले हैं. मैन वर्सेज़ वाइल्ड के इस शो को भारत की वाइल्डलाइफ पर केंद्रित करने से पहले भी ग्रिल्स भारत की यात्रा कर चुके हैं. स्कूली जीवन के तुरंत बाद ग्रिल्स ने एडवेंचर यात्रा के दौरान सिक्किम और पश्चिम बंगाल की हिमालय की चोटियों पर ट्रेकिंग और एडवेंचर खेलों के लिए वक्त बिताया था.

ग्रिल्स के शो सेलिब्रिटीज़ में ओबामा भी रहे शामिल
पीएम मोदी से पहले दुनिया के कई मशहूर सेलिब्रिटीज़ ग्रिल्स के एडवेंचर शो में हिस्सा ले चुके हैं. रनिंग वाइल्ड विद बीयर ग्रिल्स शो के दौरान कई सेलिब्रिटीज़ ग्रिल्स के शो के साथ जुड़े थे. इस शो के दूसरे सीज़न में करीब चार साल पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी शिरकत की थी. ओबामा के अलावा इस शो में सुपरस्टार केट विंसलेट, केट हडसन, माइकल जॉर्डन, ज़ैक एफ्रॉन और मिशेल रोड्रिग्ज़ जैसी हस्तियां जुड़ चुकी थीं.

हो जाएंगे भोलेनाथ नाराज, सावन में भूलकर भी ना करें इस सब्जी का सेवन

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दोस्तों आप सभी बहुत अच्छी तरह से जानते होंगे कि सावन और देवों के देव महादेव का बहुत ही गहरा नाता है. आपको बता दें कि सावन का महीना भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है और ऐसे में भगवान विष्णु के सो जाने के बाद सावन के महीने में रूद्र सृष्टि के संचालन का कार्य देखते हैं. दोस्तों आज के इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले है कि सावन के पहले सोमवार और नीति सोमवार को क्या क्या नहीं करना चाहिए ?

हम आपको बता दें कि सावन के सोमवार के दिन जो व्रत भी रखता हो वह किसी भी अनैतिक कार्य को करने से बचे. बुरे विचार मन में ना लाएं और साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.

आपको बता दें कि सामान सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान का ध्यान करना चाहिए और साथ ही साथ बड़े लोगों का अपमान भी नहीं करना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव की पूजा करना चाहिए. पूजा में कम-से-कम बेलपत्र और धतूरा जरूर रखना चाहिए और इस दौरान बैगन का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि बैगन को शास्त्रों में अशुद्ध माना गया है.

सावन के महीने में आपको मांस मदीरे से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इससे जीव हत्या का पाप लगता है.

ऐसा कहा जाता है कि सावन हरियाली का मौसम है और इस महीने में आपको पेड़ पौधों को नहीं काटना चाहिए.