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ट्रैफिक नियम : गाड़ी चलाते समय तोड़े ये नियम तो भरना होगा मोटा चालान…

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रोड सेफ्टी को लेकर लोकसभा ने मंगलवार को मोटर वाहन (संशोधन) बिल-2019 को मंजूरी दी गई. इस बिल में इसमें रोड सेफ्टी को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं. अब सड़क पर गाड़ी चलाते हुए अगर आपसे ट्रैफिक नियमों का पालन करने में थोड़ी भी चूक हुई तो इसके लिए आपको भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है. फिर चाहे ड्राइविंग के दौरान ओवरस्पीड का मामला हो या बिना हेल्मेट, बिना सीट बेल्ट या फिर नशे में ड्राइविंग करनो का.

ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखने वाले ड्राइवर्स को सबक सिखाने के लिए जुर्माना कई गुना बढ़ाया गया है. आइए जानते हैं अब किस नियम को तोड़ने पर लगेगा कितना जुर्माना…
अब लापरवाही से गाड़ी चलाने पर देना होगा ज्यादा फाइन।

– शराब पीकर गाड़ी चलाने पर अभी तक दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाता है. वहीं अब ऐसा करने पर 10,000 रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है.
– ऐसे ही रैश ड्राइविंग करने पर पहले एक हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ता था. जब कि अब 5,000 रुपए के जुर्माने का प्रस्ताव दिया गया है.

– बिना ड्राइविंग लाइंसेंस के गाड़ी चलाने पर अब कम से कम 5,000 रुपए जुर्माना देने का प्रस्ताव पेश किया गया है. अभी ऐसा करने पर 500 रुपए का जुर्माना देना पड़ता है.

– ओवर स्पीडिंग की बात करें तो अभी इस पर 400 रुपए का जुर्माना देना पड़ता है. लेकिन प्रस्ताव में जुर्माने की राशी को बढ़ाकर 1000-2000 रुपए करने की बात कही गई है.

– अब सीट बेल्ट के बिना ड्राइव करने पर भी मोटी रकम चुकानी पड़ेगी. बगैर सीट बेल्ट के ड्राइव करने पर 100 रुपए का जुर्माना भरना पड़ता है. लेकिन अब जुर्माने को एक हजार रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है.

– गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात करने महंगा पड़ सकता है. अभी तक इस पर एक हजार रुपए का जुर्माना देना पड़ता था. लेकिन अब फोन पर बात करते पकड़े गए, तो आपको 5,000 रुपए चुकाने पड़ सकते हैं.

– इसके अलावा हिट एंड रन केस में अगर किसी पीड़ित की मौत हो जाती है, तो इस पर 25,000 हजार रुपए का मुआवजा देना पड़ता था. लेकिन अब मुआवजा राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया गया है. वहीं अगर कोई हिट एंड रन केस में आपकी गाड़ी से टकराकर बुरी तरह जख्मी हो जाता है, तो इसके लिए आपको 50 हजार रुपए भरने पड़ सकते हैं.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राजनाथ सिंह बोले कश्मीर पर मध्यस्थता का कोई सवाल नहीं उठता :

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कश्मीर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दिए गए बयानपर बुधवार को भी लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. सदन की कार्रवाई शुरु होते ही कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आकर बताना चाहिए कि आखिर उनके और डोनाल्ड ट्रंप के बीच में कश्मीर को लेकर क्या बात हुई थी.

हंगामें के बीच में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सरकार राष्ट्रीय स्वाभिमान के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करेगी. राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान से जब कभी भी इस मुद्दे पर बात होगी उस वक्त केवल कश्मीर पर ही बात नहीं होगी पूरे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर बात होगी. उन्होंने कहा कि कश्मीर पर कोई मध्यस्थता का सवाल ही नहीं उठता है. राजनाथ सिंह ने माना कि जून में प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात जरूर हुई थी लेकिन कश्मीर मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई थी. उन्होंने कहा कि जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई थी उस वक्त विदेश मंत्री एस जयशंकर वहां पर मौजूद थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सरकार की कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है जबकि विदेश मंत्री पहले ही इस मामले में अपना बयान दे चुके हैं.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में हुए शिमला समझौते के बाद कश्मीर मुद्दा द्वपक्षीय हो गया था. इस मुद्दे पर कोई भी तीसरा पक्ष सामने आ नहीं सकता है.

यह है पूरा मामला
बता दें कि गलत बयान देने के लिए सुर्खियों में रहने वाले ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए कहा. ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘अगर मैं मदद कर सकता हूं, तो मैं मध्यस्थ बनना पसंद करूंगा. अगर मैं मदद के लिए कुछ भी कर सकता हूं, तो मुझे बताएं.’ ट्रंप ने कहा कि वह मदद के लिए तैयार हैं, अगर दोनों देश इसके लिए कहें. भारत पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा जनवरी 2016 में पठानकोट में वायु सेना के ठिकाने पर हमले के बाद से पाकिस्तान से बातचीत बंद है.

ट्रंप ने किया यह दावा
ट्रंप ने दावा किया कि मोदी और उन्होंने पिछले महीने जी -20 शिखर सम्मेलन के मौके पर जापान के ओसाका में कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा की, जहाँ भारतीय प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर तीसरे पक्ष के मध्यस्थता की पेशकश की. ट्रंप ने कहा कि ‘मैं दो हफ्ते पहले प्रधान मंत्री मोदी के साथ था और हमने इस विषय (कश्मीर) के बारे में बात की. और उन्होंने वास्तव में कहा, ‘क्या आप मध्यस्थ या मध्यस्थ बनना चाहेंगे? मैंने कहा, ‘कहाँ?’ (मोदी ने कहा) ‘कश्मीर’.

क्या आपने देखी ये तस्वीरें मांग में सिंदूर और चूड़ा पहने खुद को आइने में निहारती नुसरत जहां

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बंगाली एक्ट्रेस और टीएमसी सांसद नुसरत जहां (Nusrat Jahan) शादी के बाद से लगातार सुर्खियों में हैं। इसकी वजह नुसरत पर जारी फतवा है तो वहीं उनकी खूबसूरती भी है। नुसरत ने हाल में एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस तस्वीर में नुसरत आइने में खुद को निहारती हुई दिखाई दे रही हैं। इस तस्वीर में नुसरत काफी खूबसूरत लग रही हैं। सोशल मीडिया पर नुसरत की यह तस्वीर छाई हुई हैं।

नुसरत ने इस तस्वीर के साथ अलग-अलग अंदाज में तीन तस्वीरें पोस्ट की हैं। खास बात है कि तीनों तस्वीरों में नुसरत की खूबसूरती देखकर कोई भी कायल हो जाएगा। तस्वीर में नुसरत गोल्डन और ऑफ व्हाइट कलर की साड़ी पहनी हुई हैं। इसके साथ ही गले में चोकर और हाथ में चूड़़े के साथ मांग में सिंदूर उनकी सुंदरता में चार चांद लगा रहा है।

नुसरत जहां ने हाल ही कोलकाता में शानदार रिसेप्शन दिया था। रिसेप्शन में फिल्म, राजनीति समेत दूसरे क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। रिसेप्शन की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इस दौरान नुसरत जहां ने मरून कलर का लहंगा पहन रखा था। साथ ही हैवी ज्वैलरी कैरी की। उनका ये ट्रेडिनशल लुक खूब जंच रहा था।

नुसरत जहां के पति निखिल जैन की बात करें तो उन्होंने ब्लैक कलर की शेरवानी पहनी। जिस पर हैवी कढ़ाई की हुई थी। तस्वीरों में ये कपल बिल्कुल परफेक्ट नजर आ रहा था। बता दें कि नुसरत ने निखिल के साथ 19 जून को शादी की थी। नुसरत और निखिल ने हिंदू रीति के साथ-साथ क्रिश्चियन वेडिंग भी की। नुसरत और निखिल की शादी तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में हुई। 

शादी के बाद नुसरत जहां सांसद पद का शपथ लेने पहुंची थीं। शपथ लेने के बाद नुसरत ने पति निखिल जैन के साथ शादी की कुछ अनदेखी तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में यह दोनों रोमांटिक अंदाज में नजर आए।

एक तस्वीर में नुसरत जहां और निखिल जैन शादी के जोडे़ में नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर में नुसरत ने सुर्ख लाल रंग का लहंगा पहना हुआ है तो वहीं निखिल हल्के गुलाबी रंग की शेरवानी पहने हुए हैं। तस्वीरों में दोनों खुश नजर आ रहे हैं।

जानिए कौन है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गोद में खेलता हुआ बच्चा

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 प्रधानमंत्री मोदी से मिलने उनके ऑफिस में हर दिन कई लोग आते हैं। इन महमानों में विदेशी प्रमुख से लेकर बड़ी हस्तियां भी होती हैं। लेकिन मंगलवार को उनसे एक खास मेहमान मिलने आया, जिसकी तस्वीरें पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी की। प्रधानमंत्री इन तस्वीरों में एक छोटे बच्चे के साथ खेलते हुए दिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बच्चे की तस्वीर साझा की थी, जिसमें वे एक छोटे बच्चे के साथ खेलते हुए दिख रहे हैं। इस तस्वीर के जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही थी कि यह बच्चा कौन है. लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे थे। बता दें यह बच्चा कोई और नहीं बल्की बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य सत्यनारायण जटिया का पोता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर मेहमानों से मुलाकात करते रहते हैं। इन मेहमानों में देश-विदेश के लोग शामिल होते हैं। इस बीच मंगलवार को उनसे एक खास मेहमान मिलने आया, जिसकी तस्वीरें पीएम मोदी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की थीं। प्रधानमंत्री इन तस्वीरों में एक छोटे बच्चे के साथ खेलते हुए दिख रहे हैं। इंस्टाग्राम पर इस तस्वीर को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कैप्शन लिखा, ‘आज संसद में एक बेहद खास दोस्त उनसे मुलाकात करने के लिए आया।’ इस तस्वीर में मेज पर कुछ चॉकलेट भी रखी हुई दिख रही हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री के जापान दौरे की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी जिसमें वे एक छोटे बच्चे के कान खींचते हुए नजर आए थे। इसके अलावा एक बार जब पीएम मोदी दिल्ली की मेट्रो में सफर करते नजर आए तो भी उन्होंने पास में बैठे बच्चे के कान खींचे थे, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।

जानकर उड़ जाएंगे होश, सामने आई देश के हवाई अड्डों के बारे में चौंकाने वाली रिपोर्ट

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केंद्र सरकार को वर्तमान में हर साल करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है। ये नुकसान देश के 13 राज्यों के 26 शहरों में बने हवाई अड्डे और सिविल एन्क्लेव इस समय बेकार पड़े रहने की वजह से हो रहा है। वर्तमान में संचालन नहीं होने की वजह से इन हवाई अड्डों से कोई कमाई नहीं हो रही है। लेकिन सरकार को इनके रखरखाव पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च करनी पड़ रही है। इससे सरकारे खजाने को नुकसान हो रहा है।

नागर विमानन मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश- अरुणाचल प्रदेश में 1-1, असम में तीन, बिहार में तीन, गुजरात में 1, झारखंड में 2, मध्य प्रदेश में तीन, मिजोरम में 1, तेलंगाना में 2, तमिलनाडु में 2, त्रिपुरा में 3, उत्तर प्रदेश में 2 और पश्चिम बंगाल में 3 हवाई अड्डों का परिचालन नहीं हो रहा है।

इसमें तमिलनाडु का थंजावुर और उत्तर प्रदेश के बरेला का सिविल एन्क्लेव भी शामिल हैं। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि 2016 में क्षेत्रीय संपर्कता योजना आरसीएस-उड़ान के तहत 4500 करोड़ रुपए की लागत से राज्यों में प्रचालनिक और अप्रचालनिक हवाई अड्डों से उड़ानों की योजना बनाई है। इस योजना के तहत अब तक 39 हवाई अड्डों को प्रचालनिक बनाया है।

नागर विमानन मंत्रालय ने अनुसार, बीते तीन सालों में अप्रचालनिक हवाई अड्डों की वजह से सरकार को 7.76 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। यह नुकसान इन हवाई अड्डों के रखरखाव पर खर्च की जाने वाली रकम से हुआ है। मंत्रालय के अनुसार 2015-16 में 2.30 करोड़ रुपए, 2016-17 में 2.85 करोड़ रुपए और 2017-18 में 2.61 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

25 किलों यूरिया का मुकाबला करेगी सिर्फ 2 किलों दहीं

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रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक से होनेवाले नुकसान के प्रति किसान सजग हो रहे हैं. जैविक तकनीक की बदौलत उत्तर बिहार के करीब 90 हजार किसानों ने यूरिया से तौबा कर ली है | इसके बदले दही का प्रयोग कर किसानों ने अनाज, फल, सब्जी के उत्पादन में 25 से 30 फीसदी बढ़ोतरी भी की है |

25 किलो यूरिया का मुकाबला दो किलो दही ही कर रहा है | यूरिया की तुलना में दही मिश्रण का छिड़काव ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है | किसानों की माने, तो यूरिया से फसल में करीब 25 दिन तक व दही के प्रयोग से फसलों में 40 दिनों तक हरियाली रहती है|

किसान बताते हैं कि आम, लीची, गेहूं, धान व गन्ना में प्रयोग सफल हुआ है| फसल को पर्याप्त मात्रा में लंबे समय तक नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की आपूर्ति होती रहती है| केरमा के किसान संतोष कुमार बताते हैं कि वे करीब दो वर्षों से इसका प्रयोग कर रहे हैं| काफी फायदेमंद साबित हुआ है| 

लीची व आम का होता है अधिक उत्पादन

इस मिश्रण का प्रयोग आम व लीची में मंजर आने से करीब 15-20 दिनों पूर्व इसका प्रयोग करें. एक लीटर पानी में 30 मिलीलीटर दही के मिश्रण डाल कर घोल तैयार बना लें | इससे पौधों की पत्तियों को भीगों दें | 15 दिन बाद दोबारा यही प्रयोग करना है |

इससे लीची व आम के पेड़ों को फॉस्फोरस व नाइट्रोजन की सही मात्रा मिलती है | मंजर को तेजी से बाहर निकलने में मदद मिलती है | सभी फल समान आकार के होते हैं | फलों का झड़ना भी इस प्रयोग से कम हो जाता है|

ऐसे तैयार होता दही का मिश्रण

देशी गाय के दो लीटर दूध का मिट्टी के बरतन में दही तैयार करें | तैयार दही में पीतल या तांबे का चम्मच, कलछी या कटोरा डुबो कर रख दें| इसे ढंक कर आठ से 10 दिनों तक छोड़ देना है | इसमें हरे रंग की तूतिया निकलेगी | फिर बरतन को बाहर निकाल अच्छी तरह धो लें | बरतन धोने के दौरान निकले पानी को दही में मिला मिश्रण तैयार कर लें |दो किलो दही में तीन लीटर पानी मिला कर पांच लीटर मिश्रण बनेगा|

इस दौरान इसमें से मक्खन के रूप में कीट नियंत्रक पदार्थ निकलेगा | इसे बाहर निकाल कर इसमें वर्मी कंपोस्ट मिला कर पेड़-पौधों की जड़ों में डाल दें | ध्यान रहे इसके संपर्क में कोई बच्चा न जाये | इसके प्रयोग से पेड़-पौधों से तना बेधक (गराड़)और दीमक समाप्त हो जायेंगे | पौधा निरोग बनेगा |

जरूरत के अनुसार से दही के पांच किलो मिश्रण में पानी मिला कर एक एकड़ फसल में छिड़काव होगा | इसके प्रयोग से फसलों में हरियाली के साथ-साथ लाही नियंत्रण होता है | फसलों को भरपूर मात्रा में नाइट्रोजन व फॉस्फोरस मिलता होता है | इससे पौधे अंतिम समय तक स्वस्थ रहते हैं|

बोले किसान

सकरा के इनोवेटिव किसान सम्मान विजेता दिनेश कुमार ने बताया, मक्का, गन्ना, केला, सब्जी, आम-लीची सहित सभी फसलों में यह प्रयोग सफल हुआ है| आत्मा हितकारिणी समूह के 90 हजार किसान यह प्रयोग कर रहे हैं| इसके बाद मुजफ्फरपुर, वैशाली के साथ-साथ दिल्ली की धरती पर इसे उतारा है|

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने मार्च 2017 में इनोवेटिव किसान सम्मान से सम्मानित किया| मुजफ्फरपुर के किसान भूषण सम्मान प्राप्त सतीश कुमार द्विवेदी कहते हैं, जिन खेतों में कार्बनिक तत्व मौजूद होते हैं, उनमें इस प्रयोग से फसलों का उत्पाद 30 फीसदी अधिक होता है. इस मिश्रण में मेथी का पेस्ट या नीम का तेल मिला कर छिड़काव करने से फसलों पर फंगस नहीं लगता है. इसके प्रयोग से नाइट्रोजन की आपूर्ति, शत्रु कीट से फसलों की सुरक्षा व मित्र कीटों की रक्षा एक साथ होती है|

ट्रेनों में बायोमीट्रिक से होगी एंट्री, सीट का झगड़ा होगा खत्म

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ट्रेनों के जनरल डिब्बों में सवार होने के लिए धक्कामुक्की और मारपीट से अब छुटकारा मिलने वाला है। अब पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर सीटें मिलेंगी। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल(आरपीएफ) ने खास पहल की है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से लखनऊ के लिए चलने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में बायोमीट्रिक सिस्टम का ट्रायल सफल रहा है। जिसके बाद धीरे-धीरे अब अन्य ट्रेनों में भी इस उपाय को लागू कर भीड़ प्रबंधन की तैयारी है। सिस्टम लागू होने से बायोमीट्रिक मशीन से गुजरने के बाद ही यात्री डिब्बों में सवार हो सकेंगे।

रेल मंत्री पीयूष गोयल के निर्देश में आम रेल यात्रियों की तकलीफों को दूर करने के मद्देनजर आरपीएफ की ओर से की गई यह पहल स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ संभालने में बेहद मददगार मानी जा रही। स्टेशनों पर उमड़ने वाले यात्रियों की भीड़ प्रबंधन का खाका तैयार करने वाले आरपीएफ के महानिदेशक और 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि मुंबई के चार स्टेशनों पर बायोमीट्रिक मशीनें लगा दी गई हैं। पुष्पक एक्सप्रेस में पिछले चार महीने से जारी ट्रायल सफल रहा है। अब जरूरत के हिसाब से उन सभी ट्रेनों की जनरल बोगियों में यात्रियों के प्रवेश के लिए बायोमीट्रिक सुविधा लागू करने की तैयारी है, जिसमें भारी भीड़ के कारण उपद्रव की स्थिति हो जाती है। बायोमीट्रिक सुविधा होने से ट्रेनों की सीटों पर कब्जे के लिए यात्रियों के बीच मारपीट की नौबत नहीं आएगी।

दरअसल, दिल्ली, मुंबई आदि स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ जुटती है। बड़ी तादाद में लोग अनारक्षित यानी जनरल डिब्बों में सफर करते हैं। जनरल डिब्बों में चढ़ने के लिए यात्रियों में मारामारी मचती है। सीट के चक्कर में ट्रेन चलने के घंटों पहले से ही यात्री डटे रहते हैं। आरोप लगते रहे हैं कि स्टेशनों पर कुली और आरपीएफ के कुछ मनबढ़ सिपाही पैसे लेकर जनरल डिब्बों की सीटें बेच देते हैं। वही यात्रा जनरल डिब्बे में चढ़ पाता है, जो उन्हें पैसे चुकाता है. पैसे न देने वाले लोग आखिर में ही बोगियों में चढ़ पाते थे।

इसे देखते हुए आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार ने ट्रायल के तौर पर पहले लंबी दूरी की और बहुत भीड़भाड़ वाली पुष्पक एक्सप्रेस में बायोमीट्रिक सिस्टम लागू करने की योजना बनाई। डीजी अरुण कुमार ने पाया कि तकनीक के इस्तेमाल से क्यू मैनेजमेंट में मदद मिली। प्लेटफॉर्म पर भगदड़ की नौबत खत्म हुई। यात्री आसानी से बोगियों में सवार होने लगे।

जब आप स्टेशन पर पहुंचेंगे तो संबंधित ट्रेन में सवार होने के लिए आपको बायोमीट्रिक सिस्टम से गुजरना होगा। आपको मशीन में अंगुली लगाकर फिंगर प्रिंट देना पड़ेगा। फिंगर प्रिंट देने के बाद बोगी में आपके लिए सीट रिजर्व हो जाएगी। इसके बाद आप बेफिक्र हो सकते हैं। आपको प्लेटफॉर्म पर ही डटे रहने की जरूरत नहीं. जब ट्रेन का समय होगा, तब आप मौके पर पहुंचकर और फिर से अपना फिंगर प्रिंट मैच कराने पर आपको आरपीएफ की ओर से बोगी में एंट्री मिल जाएगी।

खेत में मिली थी ये चीज़, रातों-रात अमीर हो गया किसान

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सच बोला है किसी ने कि ऊपर वाला जब भी देता है, छप्पर फाड़ कर देता है। ऐसा ही कुछ हुआ आंध्र प्रदेश राज्य के कुरनूल जिले में रहने वाले एक किसान के साथ, जो रातों-रात अमीर (लखपति) हो गया।

दरअसल, किसान अपने अगली फसल के लिए अपने खेत में जोताई कर रहा था। तभी उसके हाथ एक हीरा लग गया, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 60 लाख रुपए है। गरीब किसान ने इस हीरे को एक स्थानीय व्यापारी को बेच दिया, जिसने इसके बदले उसे 13. 5 लाख रुपए कैश और पांच तोला सोना दिया।

जानकारी के अनुसार, कुरनूल जिले के गोलावनेपल्ली निवासी एक किसान खेत में जोताई कर रहा था, तभी उसे ये हीरा मिला।हालांकि हीरे के साइज, रंग और वजन के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस बारे में सारी जानकारी जुटा ली जाएगी।

इस मॉनसून में कुरनूल जनपद में ये दूसरी बार है जब किसी के हाथ हीरा लगा है। इससे पहले पिछले महीने 12 जून को एक गड़ेरिए को 8 कैरेट का हीरा मिला था। उसने इस हीरे को 20 लाख रुपए में बेच दिया था। हालांकि इस हीरे की कीमत लगभग 50 लाख रुपए थी।

दरअसल, कुरनूल जिले के कई गांवों में मानसून शुरू होने के साथ हीरे की तलाश काफी तेज हो जाती है। यहां बाहर से भी लोग हीरे की तलाश में आते हैं। इस क्षेत्र को हीरे के बड़े उत्पादन क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। बारिश के समय मिट्टी के ऊपरी हिस्से के हट जाने से ये हीरे आसानी से ऊपर आ जाते हैं।

यह जोड़ी इंटरनेट पर कहर बरसा रही है देखे डांस वीडियो

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फिल्म स्टूडेंट्स ऑफ द ईयर 2 का एक गाना इन दिनों चर्चा में है। ‘हूक अप’ गाने ने इन दिनों सोशल मीडिया पर धमाल मचा रखा है। इन दिनों इंटरनेट पर एक वीडियो काफी तेजी के साथ देखा जा रहा है, जिसमें एक जोड़ी आलिया और टाइगर के ‘हुक अप’ गाने पर डांस करती नजर आ रही है। इस वीडियो में डांस कर रही जोड़ी का नाम रिकी वस्त्रकार और आरोही बताया गया है। 

पिछले महीने 18 तारीख को यूट्यूब पर रिकी वस्त्रकार द्वारा अपलोड किए गए इस वीडियो को अब तक 237,583 देखा जा चुका है। साथ ही इस वीडियो को 1900 से ज्यादा लोगों ने लाइक किया है और 47 कमेंट भी आए हैं। इस जोड़ी की डांस परफॉर्मेंस को यूट्यूब पर अच्छी खासी तारीफ मिल रही है। इस जोड़ी का डांस देखकर आपभी खुद को रोक नहीं पायेंगे .

वेदप्रताप वैदिक का ब्लॉग : कड़ी सजा दें मिलावटखोरों को

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यहां के अखबारों में एक खबर बड़े जोरों से छपी है कि भिंड-मुरैना में सिंथेटिक दूध के कई कारखानों पर छापे मारे गए हैं. राजस्थान और उ.प्र. के पड़ोसी प्रांतों के सीमांतों पर भी नकली दूध की ये फैक्टरियां चल रही हैं. इस मिलावटी दूध के साथ-साथ घी, मक्खन, पनीर और मावे में भी मिलावट की जाती है. दिल्ली, अलवर तथा देश के कई अन्य शहरों से भी इस तरह की खबरें आती रही हैं. यह मिलावट सिर्फ दूध में ही नहीं होती. फलों को चमकदार बनाने के लिए उन पर रंग-रोगन भी चढ़ाया जाता है और सब्जियों को वजनदार बनाने के लिए उन्हें तरह-तरह की दवाइयों के इंजेक्शन भी दिए जाते हैं. यह मिलावट जानलेवा होती है.

दूध में पानी मिलाने की बात हम बचपन से सुनते आए हैं, लेकिन आजकल मिलावट में जहरीले रसायनों का भी इस्तेमाल किया जाता है. इसीलिए देश में लाखों लोग अकारण ही बीमार पड़ जाते हैं और कई बार जान भी गंवा बैठते हैं. अभी मिलावट करने वाले को पकड़ा जाए तो उसे ज्यादा से ज्यादा तीन महीने की सजा और उस पर एक लाख रु. जुर्माना होता है. कौन डरेगा इस तरह के अपराध करने से? मोदी सरकार को चाहिए था कि मिलावट-विरोधी विधेयक वह संसद की पहली बैठक में ही लाती और ऐसा विधेयक कि उसकी खबर पढ़ते ही मिलावटखोरों की हड्डियों में कंपकंपी दौड़ जाती. मिलावटखोरों को कम से कम 10 साल की सजा हो और उनसे 10 लाख रु. जुर्माना वसूलना चाहिए.

खतरनाक मिलावटखोरों को उम्रकैद और फांसी की सजा तो दी ही जानी चाहिए, उनका कारखाना और सारी चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली जानी चाहिए. मिलावट करनेवाले कर्मचारियों के लिए भी समुचित सजा का प्रावधान होना चाहिए. मिलावट को रोकने का जिम्मा स्वास्थ्य मंत्नालय का है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्नी डॉ. हर्षवर्धन थोड़ा साहस दिखाएं तो हर सांसद, वह चाहे किसी भी पार्टी का हो, उनके इस कठोर विधेयक का स्वागत करेगा.