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डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम: छत्तीसगढ़ के हज यात्री प्रदेश की तरक्की, सुख-शांति और समृद्धि के लिए मांगे दुआ

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अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि हिन्दुस्तान से जाने वाले हज यात्री भारतीय संस्कृति के दूत है वे हज के दौरान भारत की एकता व अखंडता का पूरे विश्व समुदाय के समक्ष प्रतीक होते है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हज यात्री प्रदेश की तरक्की, सुख-समृद्धि के लिए दुआ मांगे। डॉ. टेकाम ने आज यहां कालीबाड़ी स्थित रविन्द्र मंच में हज यात्रियों के लिए आयोजित किट वितरण और टीकाकरण सह स्वास्थ्य परीक्षण, हज यात्रियों के स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। 
    डॉ. टेकाम ने हज यात्रा के लिए वर्षो की मनोकामना पूरी होने पर सभी यात्रियों को राज्य सरकार की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर हज यात्रियों को हज किट वितरण का शुभारंभ भी किया।
    उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 562 लोग हज कमेटी से हज यात्रा के लिए मक्का मदीना जाएंगे। डॉ. टेकाम ने कहा कि यात्राओं से मनुष्य को जीवन में नए अनुभव होते है और हज यात्रा जैसी तीर्थ यात्राओं से यात्रियों के व्यक्तित्व में व्यापकता आती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की लगातार कोशिश है कि प्रदेश के हज यात्रियों को बेहतर सुविधाए मिले, इसके लिए सरकार हज कमेटी को हर संभव मदद कर रही है। राज्य में हज हाउस का निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सैफुदीन, चिकित्सक दल सहित हज यात्रीगण और विद्वजन उपस्थित थे।

केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री से

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में केन्द्रीय जनजातीय मामलों की राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह ने सौजन्य मुलाकात की।

एनएसएस व एनसीसी के छात्रों ने किया वृक्षारोपण

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शासकीय हेमसुन्दर गुप्ता उ.मा. विद्यालय महापल्ली रायगढ़ में आज वृहद वृक्षारोपण का कार्य किया गया। सेवा निवृत शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन व विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष श्री टी.डी. प्रधान के अगुवाई में एनएसएस व एनसीसी के स्वयंसेवक व कैडेटस ने स्कूल के प्रांगण में छायादार व फलदार वृक्ष लगाकर उन्हें जीवित व पोषित रखने का भी संकल्प लिया। प्राचार्य एम.ए. सिद्दीकी ने इस कार्यक्रम को जल्द ही मुख्य मार्गों के  समीपस्थ जगहों पर आयोजित करने व पर्यावरण के विषय के गभीरता से ग्रामीणों को जागरूकता लाने कि जिम्मेदारी कैडेटस व एनसीसी प्रभारी को दी गई। श्री टी.डी. प्रधान ने एनएसएस व एनसीसी के स्वयंसेवक व कैडेटस को पौधों को रोपित करने के साथ-साथ उसके संरक्षण को ज्यादा महत्व बताते हुए वृक्षों को सुरक्षित ढंग से संरक्षित करने विद्यार्थियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे। 

उद्योगों में रैन वॉटर हारवेस्टिंग की अनिवार्यता की जांच के लिए बनेगी टीम गठित

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कलेक्टर श्री रजत बंसल ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों का जिले में समुचित क्रियान्वयन को लेकर शनिवार 20 जुलाई को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शाम चार बजे समीक्षा बैठक ली, जिसमें बॉयोमेडिकल अपशिष्ट के प्रबंधन एवं निबटान के लिए अधिकृत संस्था पर सतत् निगरानी करने के निर्देश क्षेत्रीय अधिकारी, सी.ई.सी.बी. रायपुर को दिए। साथ ही नगरीय निकाय क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरीबैग के उपयोग करने वालों के विरूद्ध लगातार छापामार कार्रवाई कर प्रकरण दर्ज करने, प्लास्टिक अपशिष्ट जलाने वालों पर जुर्माना लगाने के लिए नगर निगम के आयुक्त को निर्देशित किया। 
इसी तरह जिले में संचालित औद्योगिक संस्थानों एवं राइस मिलों में अनिवार्य रूप से रैनवाटर हारवेस्टिंग की व्यवस्था हो। इसके परीक्षण के लिए उन्होंने तीन सदस्यीय दल गठित करने के भी निर्देश दिए, जिसमें सी.ई.सी.बी., उद्योग विभाग तथा खाद्य विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि जिले के उद्योगों एवं राइस मिलों के संचालक अपने औद्योगिक क्षेत्र में स्वयं पौधरोपण करना सुनिश्चित करें। इससे वायु प्रदूषण पर काफी हद तक नियंत्रण लगाया जा सकेगा। बैठक में वन विभाग द्वारा नदी किनारे 64 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किए जाने के लक्ष्य की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी को महानदी के किनारे तटीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर पौधरोपण के लिए आरक्षित करने एवं फसल अवशेष के जलाए जाने वाले लंबित प्रकरणों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। बैठक में वन मण्डलाधिकारी श्री अमिताभ बाजपेयी, अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल, रीजनल ऑफिसर सी.ई.सी.बी. रायपुर श्री एस.के. उपाध्याय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

कचरे के ढेर से मिली नवजात बच्ची को स्तनपान कराने वाली SI होंगी सम्मानित

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पिछले साल अगस्त के महीने में इंदौर-महू रोड पर कचरे के ढेर में मिली नवजात बच्ची भूख से बिलख रही थी, जिसके बाद एसआई अनिला पाराशर ने बच्ची को स्तनपान कराकर उसकी भूख मिटाई थी.

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर से कुछ ही किलोमीटर दूर बाबा भीमराव अम्बेडकर की जन्मस्थली, महू में एक नवजात बच्ची कचरे के ढेर से मिली थी. रोती-बिलखती इस नवजात बच्ची को एक महिला एसआई ने स्तनपान कराया था, जिसे अब दिल्ली में आगामी 18 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा.

महू के एएसपी कार्यालय में पदस्थ एसआई अनिला पराशर को नेशनल आईकॉनिक पर्सनैलिटी अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है. यह अवॉर्ड पूर्व अचीवर फाउंडेशन द्वारा 18 अगस्त को दिल्ली के लाजपत भवन ऑडिटोरियम में दिया जाएगा.

इस मामले पर जानकारी देते हुए एसएसपी ने बताया कि इस अवॉर्ड के लिए संपूर्ण मध्य प्रदेश से एकमात्र महिला पुलिसकर्मी के रूप में अनिला पाराशर का चयन हुआ है.

दरअसल पिछले साल अगस्त के महीने में इंदौर-महू रोड पर कचरे के ढेर में मिली नवजात बच्ची भूख से बिलख रही थी, जिसके बाद एसआई अनिला पाराशर ने बच्ची को स्तनपान कराकर उसकी भूख मिटाई थी. वह बच्ची काफी देर से भूख से रो रही थी, लेकिन किसी ने भी आगे आकर बच्ची गोद लेने की जहमत नहीं उठाई.

ऐसे में अनिला बच्ची के लिए भगवान बनकर सामने आई और उसके इस कदम ने साबित किया कि आज भी लोगों के अंदर इंसानियत बची है. लोग अनिला के इस कदम की काफी सराहना कर रहे हैं.

कारगिल विजय : विजय चौक पर वीरों को किया याद, कारगिल विजय दिवस के 20 साल पूरे

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करगिल विजय के 20 साल पूरे होने पर राजधानी दिल्ली में विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक विजय दौड़ का आयोजन किया गया. इस दौरान आर्मी ने कारगिल में शहीद हुए वीरों को याद किया. सेना के जवानों के साथ ही इस दौड़ में आम लोगों ने भी हिस्‍सा लिया.

इस दौरान शहीदों को याद करते हुए युवाओं ने कहा कि वे भविष्‍य में सेना में भर्ती होना चाहते हैं. उन्‍होंने कहा कि यह बेहद गौरवशाली पल है जब वे सभी लोग विजय चौक पर इकठ्ठा हुए हैं. वहीं एक रिटायर्ड बुजुर्ग ने कहा कि देश के जवान देश के लिए इतना बलिदान देते हैं. हमें उनके बलिदान को याद करना चाहिए.

जाने कैसे आपके द्वारा सिगरेट पीकर फेंक देने पर कुपोषित होते हैं पौधे

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ज़्यादातर लोगों का मानना है कि सिगरेट बट यानी सिगरेट में कश लगाने के छोर पर जो फिल्टर लगा होता है, वो कचरा नहीं होता और मिट्टी में आसानी से अपने आप रिसाइकिल हो जाता है. इस विश्वास के चलते ज़्यादातर लोग ये समझ ही नहीं पाते कि उनकी फेंकी हुई सिगरेट और उसके बट से पौधों को कितना नुकसान होता है. एक ताज़ा रिसर्च में पता चला है कि ऐसा करना इसलिए ठीक नहीं है क्योंकि इससे पौधों के विकास पर बुरा असर पड़ता है और पर्यावरण को अच्छा खासा नुकसान होता है.

यूके स्थित एंगिला रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में पाया कि धरती पर सबसे सामान्य रूप से पाए जाने कचरे सिगरेट बट कैसे पौधों की ग्रोथ पर बुरा असर डाल रहे हैं. ईकोटॉक्सिकोलॉजी एंड एनवायरनमेंटल सेफ्टी नाम के विज्ञान पत्र में प्रकाशित हुई ये पहली स्टडी है, जिसने सिगरेट बट से पौधों को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाया है और आंकड़ों के आधार पर ये साबित किया है. आप भी समझें कि कैसे और किस हद तक सिगरेट बट पौधों के लिए नुकसानदायी हैं.

जड़ों की मोटाई घटती है और तनों की लंबाई

सिगरेट बट जब मिट्टी में फेंक दिए जाते हैं, तो इससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने वाले जीवाणुओं और कीटाणुओं के ज़रिए होने वाली प्रक्रियाएं घट जाती हैं. इसका असर ये होता है कि पौधों के तने की लंबाई 27-28 फीसदी तक घट जाती है. साथ ही, पौधों की जड़ों का वज़न 57 फीसदी तक कम रह जाता है और घास के लिहाज़ से, अंकुरण का विकास 10 फीसदी तक अवरुद्ध होता है.

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दुनिया में हर साल करीब 4.5 ट्रिलियन सिगरेट बट कचरे के तौर पर फेंक दिए जाते हैं.

धरती पर कितना है ऐसा कचरा?
एक अनुमान के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल करीब 4.5 ट्रिलियन सिगरेट बट कचरे के तौर पर फेंक दिए जाते हैं. हमारे ग्रह पर फैल रहे प्लास्टिक प्रदूषण का ये सबसे ज़्यादा फैलता हुआ कचरा है. शोध करने वाले डॉ डेनियल ग्रीन का कहना है कि चारे के लिए खास तौर से इस्तेमाल होने वाली दो प्रजातियों व्हाइट क्लोवर और रेग्रास पर शोध किए गए जिनमें पाया गया कि सिगरेट बट से इनकी ग्रोथ पर खासा असर पड़ रहा है. ये प्रजातियां बायोडायवर्सिटी यानी जैव विविधता, परागण और नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए महत्वपूर्ण हैं.

सिगरेट बट क्यों हैं खतरनाक?
ज़्यादातर सिगरेट बट में सेल्यूलोज़ ऐसिटेट फाइबर से बने फिल्टर लगे होते हैं और ये अवयव बायोप्लास्टिक का एक स्वरूप हैं. पर्यावरण में अपने आप रिसाइकिल होने में इन्हें काफी समय लगता है. बाकी प्लास्टिक की तरह दशकों या सदियों का समय नहीं, लेकिन सालों का तो लगता ही है. इसलिए, इन्हें खतरनाक कचरा माना जा सकता है, खास तौर से पौधों के लिए तो बेशक. सिगरेट पीकर फेंकी गई हो, या ​बगैर पिए, ये बट मिट्टी के लिए समान रूप से नुकसानदायक होते हैं. शोधकर्ताओं ने जिन बगीचों में शोध के लिहाज़ से नज़र रखी, वहां कई जगह एक वर्गमीटर के दायरे में 100 से ज़्यादा फेंके हुए सिगरेट बट पाए गए, जो वाकई चिंताजनक है कि लोग इसे कचरा नहीं समझ रहे हैं. अभी इस बारे में शोधों का सिलसिला जारी है.

MS DHONI : दो महीने के ब्रेक में आर्मी ड्यूटी करेंगे धोनी, नहीं जाएंगे वेस्टइंडीज दौरे पर

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वेस्ट इंडीज दौरे के लिए रविवार को टीम के ऐलान से पहले यह साफ हो गया कि महेंद्र सिंह धोनी इस दौरे का हिस्सा नहीं होंगे. धोनी आने वाले दो महीनों तक टीम से दूर रहेंगे. इस दौरान धोनी अपनी पैरामिलिटरी रेजीमेंट को सर्व करेंगे. खबरों के मुताबिक धोनी कुछ दिन पहले इस सिलसिले में बीसीसीआई के अधिकारियों से मिले थे और इस बारे में उनसे बात की.

क्रिकनेक्स्ट के मुताबिक धोनी ने बीसीसीआई के अधिकारियों से मुलाकात करके उन्हें बताया कि वह  वेस्टइंडीज के दौरे पर नहीं जा सकते. धोनी ने अधिकारियों को साफ किया कि उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले ही टेरिटोरियल आर्मी की पैराशूट रेजीमेंट को सर्व करने का फैसला किया था. इसी कारण वह दौरे पर नहीं जा सकते हैं.

धोनी को 2011 में लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक दिया गया था.
धोनी को 2011 में लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक दिया गया था.

वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद से ही धोनी के रिटायरमेंट को लेकर लगातार चर्चा चल रही है. खबरों के मुताबिक बीसीसीआई के अधिकारी ने क्रिकनेक्स्ट को बताया, ‘धोनी केवल दो महीने का ब्रेक ले रहे हैं. उन्होंने रिटायरमेंट को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है और बीसीसीआई और सेलेक्टर्स को भी यह साफ कर दिया है.’

धोनी को 2011 में लेफ्टिनेंट कर्नल का रैंक दिया गया था. वैसे भी धोनी का आर्मी प्रेम किसी से छिपा नहीं है. धोनी ने एक इंटरव्‍यू में कहा था कि वह बचपन से ही फौजी बनना चाहते थे. वह रांची के कैंट एरिया में अक्सर घूमने चले जाते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. यही वजह रही कि वो फौज के अफसर नहीं बन पाए और क्रिकेटर बन गए.

इस देश में कम से कम 100 साल तक तो जीते ही हैं लोग

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जहां आज के गलत खान-पान, रहन-सहन, प्रदूषण और ढेरो बीमारियों की वजह लोग लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं. वहीं एक ऐसा देश भी है जहां पर 100 साल जीना मामूली सी बात है. इस देश के 69,785 लोगों की उम्र 100 से ऊपर की है. जिसमें 88 फीसदी महिलाएं हैं. यहां पर पुरुषों की संख्या 8,331 है वहीं महिलाओं की संख्या 61,454 है. तो चलिए बताते हैं आपको उस देश के बारे में जहां पर लोग 100 साल तक तो जीते ही हैं.

जापान के 68 हजार लोग 100 साल से हैं ऊपर

जी हां, वो देश है जापान. बसे खास बात तो यह है जापान में 100 साल से ज्यादा उम्र वालों में वहां के पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं, जिनका नाम यासुहिरो नाकासोने है, जो मई में ही 100 साल के हुए हैं. इसके साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पॉपुलेशन एंड सोशल सिक्योरिटी रिसर्च के मुताबिक अगले पांच सालों में जापान में 100 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की संख्या 1 लाख को पार कर जाएगी. जानकारी के मुताबिक जापान में स्वास्थ सेवाओं में उन्नति और लोगों के बीच स्वास्थ को लेकर बढ़ती जागरुकता के कारण यह परिणाम सामने आए हैं.

USA : लू की चपेट में अमेरिका के 15 करोड़ लोग, भीषण गर्मी से पिघल रहा है USA

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 अमेरिका के शहर इस समय भयंकर गर्मी की मार झेल रहे हैं। अमेरिका में न्यूयार्क, फिलाडेल्फिया और वाशिंगटन समेत कई बड़े शहरों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

मध्य पश्चिमी मैदान से लेकर अटलांटिक तट तक करीब 15 करोड़ लोग इस भयंकर गर्मी से जूझ रहे हैं और चिलचिलाती धूप से बचने की जद्दोजहद कर रहे हैं। नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी है कि यदि एहतियात नहीं बरती गयी तो इस भयंकर गर्मी से लोगों को बेहोशी या मूर्छा आ सकती है।

लोगों से यथासंभव पानी पीने, घरों के अंदर ही रहने तथा बच्चों एवं जानवरों को नहीं छोड़ने की अपील की जा रही है। इस गर्मी के चलते कम से कम तीन लोगों की मौत हो गयी। उनमें से दो लोगों की जान पूर्वी प्रांत मैरीलैंड में इसी हफ्ते चली गयी। पूर्वी कनाडा के कुछ हिस्सों के लिए लू की चेतावनी जारी की गयी है। न्यूयार्क के महापौर डथ ब्लासियो ने गर्मी संबंधी आपात की घोषणा की है।