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छत्तीसगढ़ / दोस्त से करवाया पत्नी का दुष्कर्म, फिर 50 रुपए के स्टॉम्प पर तलाक देकर उसी से करा दी शादी

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पति-पत्नी के पवित्र संबंधों पर मिट्‌टी पलीत करने वाली यह शर्मनाक घटना है। कोतवाली थाना क्षेत्र में दुष्कर्म का यह अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जहां एक पति ने अपने दोस्त की मदद से पहले तो अपनी बीवी की आबरू लुटवा दी। फिर 50 रुपए के स्टाम्प पर तलाक लिया और उन दोनों की शादी भी 50 रुपए के स्टाम्प पर करा दी। पीड़िता व उसके परिजन को जब इस साजिश का पता चला तो उन्होंने थाने में एफआईआर कराई। 

शादी का हवाला देकर लेने आया तब खुला सच, पति और उसका दोस्त गिरफ्तार

  1. पुलिस ने धारा 376, 120, 34 के तहत आरोपी पति और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी खिलेन्द्र पिता बिजेन्द्र साहू (19) ग्राम पीपरटोला थाना सिंघनपुरी का है। 40 दिन पहले ही पीड़िता से उसकी शादी हुई थी। पराई स्त्री से अफेयर (प्रेम संबंध) के चलते वह पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था, इसलिए अपने दोस्त कमलेश पिता गजेलाल साहू (29) निवासी ग्राम नचनिया साल्हेवारा (राजनांदगांव) की मदद ली। खास बात यह है कि विवाह के समय पीड़िता नाबालिग थी। 
  2. वहीं आरोपी पति की उम्र 19 वर्ष है। इस विवाह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्रियता की पोल भी खोलकर रख दी है। दुष्कर्म के बाद आरोपी खिलेन्द्र ने पीड़िता को मायके में छोड़ दिया। कुछ दिन बाद आरोपी कमलेश पीड़िता के मायके गया और स्टाम्प पर शादी का हवाला देकर उसे लेने आने की बात कही। तब साजिश सामने आई। सामाजिक बैठकें हुईं और आरोपी खिलेन्द्र ने कलंकित होना बता कर साथ रखने से इंकार कर दिया। तब थाने में रिपोर्ट की।
  3. आधार कार्ड बनवाने का झांसा देकर स्टाम्प पेपर पर लिए साइनघटना 27 जून की है। आधार कार्ड बनवाने का झांसा देकर खिलेन्द्र पत्नी को लेकर कवर्धा पहुंचा। आरोपी कमलेश भी साथ था। तहसील ऑफिस में दो स्टाम्प पर पीड़िता के दस्तखत लिए। एक स्टाम्प तलाक संबंधी और दूसरा आरोपी कमलेश के साथ विवाह का था। नोटरी बाद लक्ष्मी लॉज में रुके। कुछ देर बाद खिलेन्द्र दोस्त के साथ बीवी को छोड़कर चला गया। इस दौरान आरोपी कमलेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 
  4. आरोपी खिलेन्द्र : गार्डन में नजदीकी देख शादी कराई बात 27 जून की है। मैं पत्नी का आधार बनवाने कवर्धा जाने वाले थे। बारिश का अंदेशा देख पत्नी को बस से कमलेश संग भेज दिया। कवर्धा पहुंचा तो गार्डन में पत्नी की गाेद में कमलेश सिर रख लेटा था। दोनों की रजामंदी पर मैंने स्टॉम्प पर शादी कराई। फिर लॉज में उनके संबंध बने। 
    आरोपी कमलेश: खिलेन्द्र ने मुझे ऐसा करने को कहा 
    खिलेन्द्र ने मुझसे ऐसा करने को बोला था। क्योंकि वो पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। कड़े सामाजिक नियमों के कारण सीधे-सीधे वह पत्नी से अलग नहीं हो सकता था। इसलिए नाटक रचा। मैं जब उसकी पत्नी को मायके लेने पहुंचा तो परिजन ने इसे गलत बताकर थाने की राह ले ली। 
  5. मेरे पति और उनके दोस्त ने मिलकर साजिश रची जानबूझकर मेरे साथ ऐसा किया 40 दिन पहले ही हमारी शादी हुई थी। मैं 11वीं तक पढ़ी हूं। शादी के 10-15 दिन तक तो सब ठीक-ठाक चला। लेकिन पति खिलेन्द्र का व्यवहार बदल गया। धमकाते रहते थे। एक दिन उन्होंने स्मार्ट कार्ड बनवाने कवर्धा चलने की बात की। हम बाइक से निकले। लेकिन उन्होंने मुझे लोहारा से बस में बैठा दिया। इस बस में मेरे पति के दोस्त कमलेश थे। बस में बैठाने के बाद मुझे कवर्धा में मिलने कहा। इसके बाद हम कवर्धा के काली गार्डन पहुंचे। 
  6. 3 घंटे बाद मेरे पति वहां आए और वीडियो बनाने लगे। फिर मुझे धमकाया। दूसरे दिन मुझे कवर्धा लेकर आया। जान से मारने की धमकी देकर दस्तखत कराए और होटल में ले गए। वहां थोड़ी देर में आता हूं, कह चले गए और वापस नहीं आए। इस दौरान उनके दोस्त ने दुष्कर्म किया। दोनों ने मिलकर साजिश रची और मुझे जानबूझकर कमरे में छोड़ा। इसके बाद मैं अपने मायके चली गई। मैंने वहां घटना की जानकारी दी। इधर, मेरे पति के दोस्त मुझे साथ ले जाने का दबाव बनाने लगे तो थाने पहुंचे। 
     
  7. साजिश के तहत दोनों आरोपियों ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता को धोखे में रख स्टाम्प पर दस्तखत लिए। फिर लॉज में ले जाकर दोस्त की मदद से पीड़िता की आबरू लुटवाई। फिलहाल दोनों आरोपी गिरफ्त में हैं।

सांप ने बुजुर्ग को डसा तो गुस्से में सांप को ही चबा लिया और फिर..

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गुजरात के महीसागर में एक जहरीले सांप ने 60 साल के बुजुर्ग को डस लिया जिसके बाद गुस्से में बुजुर्ग ने भी सांप को पकड़ कर अपने दांतों से काट लिया. जहर फैलने की वजह से पहले सांप की मौत हुई और उसके बाद बुजुर्ग ने भी दम तोड़ दिया.

दरअसल गुजरात के वडोदरा से करीब 120 किलोमीटर दूर संतरामपुर तहसील के एक गांव में  पर्वत गाला नाम के बुजुर्ग  खेत से मक्के की फसल को ट्रक पर लाद रहे थे. इसी दौरान उन्हें एक जहरीले सांप ने हाथ और मुंह पर डस लिया. सांप जैसे ही डस कर भागने लगा पीड़ित किसान ने उसे दौड़कर पकड़ लिया और गुस्से में उसे अपने दांतों से काट लिया जिससे सांप की मौत हो गई. हालांकि सांप के जहर की वजह से बुजुर्ग किसान की भी बाद में मौत हो गई

इस घटना को लेकर एक ग्रामीण ने कहा, ‘जिस सांप ने पर्वत गाला को काटा उसे उन्होंने पकड़ लिया और अपने मुंह से उसे काट लिया. इससे सांप की मौत हो गई. इसके बाद बुजुर्ग किसान को अन्य लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई.’

वहीं इस मामले को लेकर इलाके के सरपंच बैरिया ने कहा, ‘बुजुर्ग को सांप के दंश से बचाने के लिए पहले लुनावाड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उन्हें इंजेक्शन दिया गया. बाद में बड़े अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

इस घटना को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अजनवा पुलिस ने सांप काटने की इस घटना को लेकर केस दर्ज किया है और मामले की जांच की जा रही है.

छत्तीसगढ़ /रायपुर समेत पूरे प्रदेश में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी

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मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने राहत आयुक्त के साथ ही पीएचई के चीफ इंजीनियर, रायपुर, बिलासपुर और नागपुर रेलवे के जनरल मैनेजर को पत्र लिखकर अलर्ट रहने के लिए कहा है। खाड़ी से लेकर पं. बंगाल तक दो ताकतवर सिस्टम बन गए हैं, जिनसे मानसूनी बादल फिर छत्तीसगढ़ की तरफ अागे बढ़ेंगे।

एक सिस्टम समुद्र में है जो अवदाब में बदल रहा है। दूसरा चक्रवाती घेरा पश्चिम बंगाल पर सतह से 7.6 किमी ऊपर है और मजबूत हो चुका है। इनके असर से गुरुवार को दोपहर के बाद घने बादल अाएंगे और रात तक बस्तर और रायपुर में बारिश शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ जगह भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है। इसी सिस्टम के असर से 19 जुलाई, शुक्रवार को भी पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा संभव है। फिलहाल प्रदेश में किसी सिस्टम का असर नहीं होने से स्थानीय प्रभाव से बारिश हो रही है। 


यह खंडवर्षा जै ही है : बुधवार को भी राजधानी के अाधे पश्चिमी हिस्से से लेकर चरौदा तक अच्छा पानी बरसा, बाकी जगह बिलकुल सूखा रहा। लालपुर मौसम विभाग के वैज्ञानिक हरिप्रसाद चंद्रा ने बताया कि बारिश नहीं होने के कारण तापमान बढ़ा है। इस वजह से स्थानीय स्तर पर सिस्टम बन ही रहे हैं, समुद्र में भी हलचल तेज है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 4341 करोड़ रूपए के प्रथम अनुपूरक अनुमान का उप-स्थापन किया

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्रथम अनुपूरक अनुमान का उप-स्थापन किया। इसके तहत उन्होंने चार हजार 341 करोड़ 52 लाख 31 हजार 510 रूपए का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

अर्थी से उठ खड़ा हुआ युवक,अंतिम संस्कार की चल रही थी तैयारी

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राजधानी में एक बार फिर एक युवक मरकर जिंदा हो गया। बता दें कि कुछ दिन पहले भी एक युवक को निजी अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया था, जिसके कुछ समय बाद ही युवक दोबारा जिंदा हो गया। ठीक उसी तरह एक निजी अस्पताल ने युवक को मृत घोषित कर दिया। सुबह घर पर पहुंचे शव को देखकर परिजन बिलखने लगे। अचानक 4 घंटे बाद उसने आंखें खोलीं। इशारे से पानी मांगा और कप भर पीया। यह देखकर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे लेकर परिजन बलरामपुर अस्पताल गए, जहां फिर से मृत घोषित किया गया।

बताया जाता है कि अमीनाबाद के कगन की लाट निवासी संजय (28) पुत्र गुरुप्रसाद की तबियत खराब थी। उसे क्लीनिक पर दिखाया, जहां डॉक्टरों ने पीलिया बताया। 4-5 दिन इलाज करवाने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में शनिवार को उसे नक्खास के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मौसेरी बहन रजनी के मुताबिक शनिवार सुबह 10 बजे भर्ती संजय को रविवार सुबह 6 बजे मृत घोषित कर दिया गया। परिजन शव लेकर घर आ गए, जहां रिश्तेदारों का इंतजार किया जा रहा था। साथ ही दाह संस्कार की तैयारी हो गई थी।

अर्थी तैयार हो गई थी, उसे अर्थी पर रखा गया। सुबह करीब 10 बजे अचानक उसके शरीर में हरकत हुई। थोड़ी देर में उसने आंख खोली। यह देखकर मौजूद भीड़ घबरा गई। संजय ने थोड़ी ही देर में पानी के लिए इशारा किया। घर से एक कप पानी लाकर उसे उठा कर पिलाया गया। संजय के जीवित होने पर परिजन उसे बलरामपुर अस्पताल ले गए, जहां एमरजेंसी में 11.10 बजे लोग उसे लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जहां संजय को मृत घोषित कर दिया।

इस जगह सिर्फ महिलाएं ही जा सकती हैं, कारण जानकर चौंक जाएंगे आप

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क्या आपने किसी ऐसी जगह के बारे में सुना है, जहां सिर्फ और सिर्फ महिलाएं ही जा सकती हैं। नहीं ना, लेकिन हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां मर्दों का जाना प्रतिबंधित है। इस जगह पर सिर्फ और सिर्फ महिलाओं को ही एंट्री मिलेगी।

इस जगह का नाम है सुपरशी आइलैंड, जो फिनलैंड के बाल्टिक सी के पास है। इस आइलैंड को इसी साल खोला जाएगा। 8.47 एकड़ में फैले इस आइलैंड को अमेरिका की एक कारोबारी महिला क्रिस्टीना रॉथ ने खरीदा है।

दरअसल, क्रिस्टीना रॉथ एक ऐसी जगह की तलाश में थीं, जहां महिलाएं आराम से छुट्टियां बिता सकें। उन्हें किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो। उनका कहना है कि इस आइलैंड में महिलाओं को फिटनेस, न्यूट्रीशन और वो सभी चीजें मिलेंगी, जो उन्हें रोज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में नहीं मिल पाती हैं।

सुपरशी आइलैंड में एक रिजॉर्ट है, जिसे बनाने का काम अभी चल रहा है। इस रिजॉर्ट में 4 केबिन होंगे और इन केबिन्स में आराम से 10 महिलाएं रह सकेंगी। रिजॉर्ट में स्पा, सौना बाथ सहित कई अन्य सुविधाएं मिलेंगी। सभी केबिन पूरी तरह से स्वास्थ्य पर फोकस करके बना

ए जा रहे हैं। इसमें एक केबिन की कीमत दो लाख रुपये से लेकर चार लाख रुपये तक रहेगी, जिसमें महिलाएं पांच दिन तक आराम के पल बिता सकती हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आइलैंड पर जाने के लिए टिकट बुक करने से पहले महिलाओं को इसकी स्वीकृति लेनी होगी। इतना ही नहीं स्वीकृति के लिए सबसे पहले स्काइप के जरिए उन्हें इंटरव्यू देना होगा। न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक, क्रिस्टीना रॉथ ने कहा कि मुझे मर्दों से किसी तरह की कोई नफरत नहीं है। आगे जाकर यह आइलैंड मर्दों के लिए भी खुल सकता है, लेकिन फिलहाल यह सिर्फ और सिर्फ महिलाओं के लिए खोला गया है।

कल को भागकर नाक न कटाएं इसीलिए मारते हैं बेटियों को पेट में

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ये हमारे ही देश में होता है कि बेटी की हत्या करने से नहीं जाती इज्जत, बेटी को पेट में मार देने से भी नहीं जाती, लेकिन बेटी अपनी मर्जी से दूसरी जाति में शादी कर ले तो इज्जत चली जाती है. बाप-भाई बेटी को अपने ही घर के आंगन में गाड़कर उस पर तुलसी उगाएं तो नहीं जाती इज्जत, लड़की अपनी जिंदगी का एक फैसला खुद ले ले तो इज्जत चली जाती है.

19 साल पहले इलाहाबाद में हमारे मोहल्ले के एक दुबेजी की लड़की ने घर से भागकर एक कुर्मी लड़के से शादी कर ली. वो मेरी मोहल्ले वाली सहेली थी. खबर फैली तो दुबेजी के शुभचिंतक घर पर जमा हो गए. सबने ऐसे मातमपुर्सी की जैसे घर में कोई मर गया हो. उसके बाद कई दिनों तक मोहल्ले के तिराहे पर आंटियों का जमघट खुसुर-पुसुर करता मिला. लोगों ने इस घटना पर जो तरह-तरह के विचार व्यक्त किए, उसका सार कुछ यूं था कि ऐसी लड़कियों को तो जहर देकर मार देना चाहिए. ऐसी लड़कियों को अपने हाथ से फांसी पर लटका देना चाहिए. ऐसी लड़की पैदा होते ही मर जाए तो अच्छा. मेरी लड़की ऐसा करती तो मैं गंड़ासे से चीर देता, खाने में चुपके से जहर मिला देता वगैरह-वगैरह. उनकी सारी बातें किसी की हत्या करने के संभावित तरीकों पर उनके ज्ञान का मुजाहिरा थीं. इसके पहले मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि किसी को जान से मारने के इतने आइडियाज थे उनके पास.

लड़की ऐसे ही नहीं मुंह उठाकर भाग गई थी. पहले उसने कहा था पापाजी से, ‘मैं उस लड़के से प्यार करती हूं, शादी करना चाहती हूं.’ पापाजी ने क्या किया? पहले तो लड़की को दम भर कूटा, उसके सारे बाल काटकर उसे गंजा कर दिया और फिर घर में नजरबंद कर दिया. दुबेजी रसूख वाले धनी आदमी थे. वो आनन-फानन में रातोंरात किसी ब्राम्हण लड़के के साथ उसकी शादी कराने की फिराक में थे. लेकिन उससे पहले ही लड़की भाग गई. दुबेजी ने क्या किया, ये कोई नहीं बोला. सब जो बोले, लड़की को ही बोले.

मेरी मां ने इतना ही कहा कि ये कोई प्यार-व्यार नहीं है. शरीर की भूख है. चार दिन में जब भूत उतर जाएगा, तब रोएगी. मुझे उनकी हत्या के आइडियाज जितने डरावने लगे, उससे कम डरावनी नहीं लगी थी मां की बात. 20 साल उमर थी मेरी. 20 साल में वो चीज मुझे भी सताने तो लगी थी, जिसे मैं कविताओं में प्रेम लिख रही थी और जिसे मां ने शरीर की भूख कहा था. मुझे लगा कि शरीर की भूख भी है तो इसमें बुरा क्या है, गलत क्या है. मुझे सिर्फ लगा, मैंने कहा नहीं. 19 साल पहले इलाहाबाद के उस मुहल्ले में कोई लड़की न प्रेम बोलती थी, न सेक्स.

मैंने एक दिन वो मोहल्ला छोड़ दिया और वो शहर भी. वक्त के साथ धीरे-धीरे जिंदगी फैली भी और सिमटी भी. मेरी इस नई दुनिया में किसी के पास किसी लड़की की हत्या करने के ऐसे क्रिएटिव आइडियाज नहीं थे. इस नई दुनिया में आकर मैंने जाना कि प्रेम के, सेक्स के बारे में बात करने में शर्म कैसी. शरीर की भूख तो देह की अग्नि है न. कितना तो सुंदर शब्द है. उस सुंदर शब्द के मैंने 10 और पर्यायवाची सीखे और 20 तरीकों से उसे कहा, ‘देह में कितनी आग है.’ मेरी ये नई दुनिया बेहतर थी. इस दुनिया में कोई इलाहाबाद के उस मुहल्ले के पंडितों की तरह बात नहीं करता था. मैंने राहत की सांस ली.

मुझे अब तक ये मुगालता था कि मेरी फेसबुक फ्रेंडलिस्ट भी काफी फिल्टर्ड है. यहां हत्या के तरीकों पर बात करने वाले लोग नहीं, देह की अग्नि में जलने वाली लड़कियों को असली भट्ठी में झोंक देने के इरादे रखने वाले लोग नहीं. लड़कियों को पेट में मार देने के खिलाफ तो सरकार ने इतना अभियान चलाया है. मजाल है जो कोई बोल दे मेरी वॉल पर कि लड़की को पेट में ही मार दो. बाहर की दुनिया में बोलते होंगे, मेरी दुनिया में तो कोई ऐसा नहीं. मेरी फेसबुक वॉल पर भी नहीं.

लेकिन दो दिन पहले मेरा ये सारा भ्रम टूट गया. लोगों को छांटने-छानने की मेरी सारी छन्नियां बेकार साबित हुईं. बरेली की साक्षी मिश्रा ने टीवी पर आकर अपने पिता के खिलाफ क्या बोला, मेरी फ्रेंडलिस्ट में बैठे लोग अपने होने वाले बच्चे का लिंग परीक्षण करवाने और अगर लड़की हुई तो उसे पेट में मार देने की बात करने लगे. देश में एक साथ इतने सारे लोगों को अचानक लगा कि इसीलिए लड़की पैदा नहीं होनी चाहिए, इसीलिए लड़की पैदा होने पर घरों में मातम मनाया जाता है. इसीलिए भगवान करे कि मैं जो बाप बनने वाला हूं, भगवान मुझे लड़की ना दे. इसीलिए लड़कियों को पेट में मार देना चाहिए ताकि वो कल को भागकर नाक न कटाएं.

19 साल बाद मेरी फेसबुक वॉल मुझे इलाहाबाद के उस मोहल्ले जैसी लगी, जहां जून, 2000 की तपती गर्मी में लोग तिराहे पर मजलिस लगाए दुबेजी की लड़की की हत्या के तरीकों पर बढ़-बढ़कर ज्ञान दे रहे थे. इन 19 सालों में दुनिया बदल तो नहीं गई थी. जरूर इस दौरान भी लोग अपने दिलों में ऐसा सोचते रहे होंगे, लेकिन मुझे याद नहीं कि पिछले 10 सालों में मैंने कभी भी इतने बड़े पैमाने पर लोगों को लड़की को पेट में, घर के आंगन में और चौराहे पर सरेआम मार डालने की वकालत करते देखा हो. ऑनर किलिंग के समर्थक भी ऐसे खुलेआम नहीं बोलते थे कि लड़की को गंड़ासे से चीर दो. लेकिन साक्षी मिश्रा के लिए लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ रखी थी.

वैसे तो हम दिन-रात नेताओं को गालियां देते हैं. हिंदी गोबर पट्टी के नेताओं की हकीकत किससे छिपी है भला. यहां तो 40 बीघा जमीन भर पा जाए तो ऊंची जाति वाला कमर में कट्टा खोंसकर चलता है. पुलिस का मामूली सा दरोगा भी औकात पहले, नाम बाद में बताता है. सब ये जानते हैं और सब ये कहते हैं. लेकिन लड़की अगर बोल रही है कि उसकी जान को खतरा है, उसे वो लोग घर में पीटते थे, लड़का-लड़की में भेद करते थे, उसे नजरबंद करके रखते थे, कहीं आने-जाने नहीं देते थे तो कोई इस बात पर यकीन नहीं कर रहा. कर भी ले तो लड़की को ज्ञान दे रहा है कि कर ली न अपने मन से शादी. अब खुश रहो, अपने पिता को बदनाम क्यों कर रही हो.

मतलब सरेआम लोग लड़की को कैसे मारें के आइडियाज दे सकते हैं, लड़की को पेट में मार डालो का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन लड़की नहीं बोल सकती कि उसके घरवालों ने उस पर अत्याचार किया. इस लड़की ने अगर अपना वीडियो न बनाया होता, टीवी चैनल पर न आई होती तो कहां मारकर फेंक दी जाती, किसी को पता भी नहीं चलता. न पुलिस पकड़ती, न सजा होती. कोई नहीं पूछता इसमें से, मिश्रा जी की बेटी कहां गई. सब खुश होते कि चलो इज्जत तो बच गई.

ये हमारे ही देश में होता है कि बेटी की हत्या करने से नहीं जाती इज्जत, बेटी को पेट में मार देने से भी नहीं जाती, लेकिन बेटी अपनी मर्जी से दूसरी जाति में शादी कर ले तो इज्जत चली जाती है. बाप बेटी के पीछे गुंडे भेज दे तो नहीं जाती इज्जत, बेटी सरेआम बोल दे कि बाप ने मेरे पीछे गुंडे भेजे तो इज्जत चली जाती है. बाप-भाई बेटी को अपने ही घर के आंगन में गाड़कर उस पर तुलसी उगाएं तो नहीं जाती इज्जत, लड़की अपनी जिंदगी का एक फैसला खुद ले ले तो इज्जत चली जाती है. मां-बाप का खोजा पति मारे-कूटे, जला दे, सातवीं मंजिल से फेंक दे तो नहीं जाती इज्जत, लड़की अपनी मर्जी का लड़का खोज ले तो इज्जत चली जाती है. साक्षी की भाई की फेसबुक वॉल पर उसके दोस्त और तमाम लोग उसकी बहन को सरेआम गालियां दें तो नहीं जाती इज्जत. साक्षी बोल दे कि भाई ने मुझे मारा तो इज्जत चली जाती है.

दुबेजी अपनी लड़की को गंजा कर दें तो नहीं जाती इज्जत. लड़की अपने मन की जिंदगी चुन ले तो इज्जत चली जाती है.

पोस्ट स्क्रिप्ट: दस साल बाद दुबेजी के परिवार से मेरी एक बार फिर मुलाकात हुई थी. वो लोग दूसरे मुहल्‍ले में रहने जा चुके थे और तब तक भागी हुई बेटी का घर में आना-जाना भी शुरू हो गया था. पांच बेटियों वाले उस घर में बाकी की चार बेटियों के लिए दुबेजी ने अपनी जाति में खुद वर ढूंढा था. एक उम्र गुजरने के बाद बाकी चारों को समझ में आया कि सब बहनों में सबसे खुश वही थी, जिसने अपनी मर्जी की शादी की थी. वो अपने पति से लड़ियाती भी थी, जबान भी लड़ाती थी और उसका कंधा पकड़कर लटक भी जाती थी. बाकी चारों पति की एक तेज आवाज पर डरी हुई चुहिया की तरह सरसराकर घर में भागती थीं. ये बात उनकी तीसरे नंबर की बहन ने मुझे छत पर अकेले में खुद बोली थी, ‘पता है, सबसे सुखी मीनू ही है. ठीक किया उसने

ये है दुनिया का सबसे छोटा देश, रहते है मात्र 33 लोग

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आज हम आपको ऐसा देश बताने जा रहे है जो इन सभी लोभ लालच से मुक्त बस अपनी ही दुनिया में पूरी तरह से मस्त है इस देश का नाम मोलोसिया है और यहाँ की सबसे ख़ास बात है कि ये चाहे छोटा सा हो और आपके मोहल्ले से भी कम लोग यहाँ पर रहते हो लेकिन इस देश को संयुक्त राष्ट्र संघ ने एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता दे रखी है हालांकि ऐसे बहुत से देश है जो आज भी इसे एक देश मानने से इनकार करते है लेकिन इसके बावजूद इसने अपनी स्थापना के 40 साल सफ़लतापूर्वक पूर्ण कर लिए है यहाँ पर रहने की शुरुआत सबसे पहले केविन नाम के शख्स ने की थी।

जो कहा जाता है अमेरिका के थे और उन्होंने पास में ही जाकर के एक फ्री पड़े इलाके पर अपना देश बना लिया इस देश में उन्होंने अपने जान पहचान वाले लोगो को रखा और वो अपने इस देश के राष्ट्रपति बन गये केविन इस देश को काफी लम्बे वक्त से चला रहे है और उनकी आय का मुख्य स्त्रोत टूरिज्म है।

क्योंकि दुनिया भर से कई लोग दुनिया का सबसे छोटा देश देखने आते है और यहाँ के राष्ट्रपति केविन खुद कई बार उन्हें घुमाने के लिए ले जाते है इस देश का अपना खुदका एक छोटा सा बैंक है अगर आप यहाँ पर जाते है तो पहले आपको डॉलर या रूपया इस देश की करेंसी में बदलवाना पड़ेगा और इसी के बाद आप इस देश में कुछ कर सकते है केविन के बाद में इस देश को कौन संभालेगा? ये बात तो कोई नही जानता है लेकिन अभी फ़िलहाल में ये देश सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र दुनिया भर में बना हुआ है इस बात में भी कोई शक नही है।

मोलोसिया को इसका करीबी अमेरिका भी कभी देश के रूप में मान्यता नही दे पाया है और अभी भी ये अपना अस्तित्व बनाने के लिए जंग लड़ रहा है जिसे देखकर के ही पता चलता है कि वाकई में छोटे छोटे मुल्क में भी अस्तित्व बना सकते है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया था सरेंडर : सर्वणा भवन के संस्थापक राजगोपाल का निधन

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सर्वणा भवन के संस्थापक पी. राजगोपाल का गुरुवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह हत्या के मामले में दोषी था।

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को अदालत के निर्देश के बाद राजगोपाल को सरकारी ‘स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल’ से एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका गुरुवार सुबह करीब 10 बजे निधन हो गया।

उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए और समय की मांग करने वाली उसकी याचिका को खारिज करने के बाद दक्षिण भारतीय खाने के लिए मशहूर सर्वणा भवन के संस्थापक राजगोपाल ने अन्य आरोपियों के साथ एक स्थानीय अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।

राजगोपाल के बेटे की याचिका पर मद्रास उच्च न्यायालय ने भी एक अंतरिम आदेश जारी किया था। राजगोपाल को अक्टूबर,2001 में एक कर्मचारी की हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी। राजगोपाल अपने एक कर्मचारी की हत्या करके उसकी पत्नी से शादी करना चाहता था।

मायावती के भाई पर IT का शिकंजा, 400 करोड़ की जमीन जब्त

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मायावती के भाई आनंद कुमार पर आयकर विभाग ने की बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने नोएडा में 400 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति जब्त कर ली है. करवाई के तहत आनंद और उनकी पत्नी की 7 एकड़ जमीन जब्त की गई है.

आधिकारिक आदेश के मुताबिक आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्र लता के ”लाभकारी मालिकाना हक” वाले सात एकड़ के प्लॉट को जब्त करने का अस्थाई आदेश विभाग की दिल्ली स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) ने 16 जुलाई को जारी किया था.

मायावती ने हाल ही में कुमार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है.