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खुद मलाइका ने दिया जवाब, अरबाज से तलाक के बाद क्या ‘दबंग 3’ में मलाइका करेंगी आइटम सॉन्ग

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मलाइका अरोड़ा पिछले काफी समय से अर्जुन कपूर के साथ रिलेशनशिप को लेकर खूब सुर्खियों में हैं। यह कपल हाल ही में न्यूयॉर्क से छुट्टियां मनाकर लौटा है। अब जब दबंग 3 की शूटिंग शुरू हो चुकी है तो उनके फैंस जानना चाहते हैं कि क्या मलाइका भी इस फिल्म में नजर आएंगी। मलाइका ने दबंग में ‘मुन्नी बदनाम हुई’ आइटम सॉन्ग किया था जो कि सुपरहिट रहा था।

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए मलाइका ने फिल्म में रोल के बारे में कहा कि ‘मैं दबंग 3 का हिस्सा नहीं हूं। इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लोग अब आगे बढ़ गए हैं। मैं सभी को फिल्म के लिए शुभकामनाएं देती हूं।’ गौरतलब है कि दबंग 3 में अरबाज खान भी एक्टिंग करते हुए दिखेंगे जबकि इसे सलमान और अरबाज मिलकर प्रोड्यूसर कर रहे हैं।

अपने अगले प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए मलाइका ने कहा कि ‘मैं एक शॉर्ट फिल्म प्रोड्यूस कर सकती हूं हालांकि यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। इसके अलावा कुछ और प्रोजेक्ट्स पर बात चल रही है।’ मलाइका टीवी पर लगातार दिखती हैं वो रियलिटी शो जज करती नजर आती हैं।

मलाइका ने अरबाज खान से शादी के 19 साल बाद साल 2017 में तलाक लिया। दोनों का एक बेटा अरहान खान है, जो मलाइका के साथ ही रहता है। फिलहाल मलाइका, अर्जुन कपूर को डेट कर रही हैं। लंबे समय से ऐसी खबरें आ रही हैं कि कपल जल्द ही शादी के बंधन में बंध सकता है लेकिन दोनों की ओर से अभी तक इस पर कोई बयान नहीं आया है।

दबंग 3 की बात करें तो फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। इसमें सलमान खान के अपोजिट सोनाक्षी सिन्हा हैं। सोनाक्षी फिल्म में सलमान खान की पत्नी रज्जो का रोल अदा करेंगी। वहीं कन्नड़ एक्टर सुदीप नजर विलेन की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म को प्रभुदेवा डायरेक्ट कर रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर ये फिल्म 20 दिसंबर 2019 को रिलीज होगी।

फिल्म हुई थी सुपरहिट जब दस साल बाद इस फिल्म में दूसरी बार साथ दिखे थे सुपरस्टार राजेश खन्ना और रेखा

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राजेश खन्ना का सुपरस्टारडम भले ही ज्यादा लंबा नहीं चला लेकिन जिस कदर उस छोटे से दौर में लोगों ने उन्हें चाहा, उन्हें लेकर जो दीवानगी थी, वैसी शायद हिंदी फिल्मों के किसी अभिनेता को नसीब नहीं हुई। आज राजेश खन्ना की पुण्यतिथि है। #Throwbackthursday में आइए आज बात करते हैं लेख टंडन के निर्देशन में बनी और राजेश खन्ना, रेखा और राज बब्बर स्टारर फिल्म ‘अगर तुम न होते’ की।

1983 में आई फिल्म अगर तुम न होते उस समय की सुपरहिट फिल्मों में से एक थी। इस फिल्म में उस दौर के सुपरस्टार एक्टर राजेश खन्ना के साथ रेखा ने स्क्रीन शेयर किया था। फिल्म में राज बब्बर रेखा के पति की भूमिका में थे। रेखा और राजेश खन्ना ने एक साथ 7 फिल्में की थीं। अगर तुम न होते राजेश खन्ना और रेखा की एक साथ दूसरी फिल्म थी। ‘अगर तुम न होते’ की रिलीज से करीब 10 साल पहले नमक हराम में दोनों साथ नजर आए थे।

फिल्म की कहानी की बात करें तो राजेश खन्ना फिल्म में अमीर बिजनेसमैन की भूमिका में थे वहीं राधा बनीं रेखा ने पति राज बेदी यानी की राज बब्बर के लिए अपना करियर तक छोड़ दिया था। फिल्म की पूरी कहानी प्यार के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर देने के इर्द गिर्द थी।

इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा बताया जाता है। ‘अगर तुम न होते’ फिल्म का ‘धीरे धीरे जरा जरा…’ गाना तो आपको याद ही होगा। इस गाने में जो धुन रेखा ने स्क्रीन पर कमर में बंधे कमरबंद से निकाली है यह धुन पंचम दा ने चाबियों के जरिये रिकॉर्ड की थी।

अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भतीजा रिजवान कास्‍कर फिरौती मांगने के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार

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अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भतीजे रिजवान कास्‍कर को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी एक्‍सटॉर्शन सेल ने गिरफ्तार किया है। रिजवान इकबाल कास्‍कर का बेटा है। रिजवान को पुलिस ने एक्सटॉर्शन के मामले में ही गिरफ्तार किया है। वहीं उसका पिता इकबाल कास्कर भी एक्सटॉर्शन के एक मामले में जेल में बंद है।

रिजवान कासकर को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। रिजवान उस समय भारत छोड़कर भागने की प्लैनिंग कर रहा था। दाऊद के हवाला कारोबार के देखरेख करने वाले अहमद रजा के प्रत्यर्पण के बाद इकबाल कासकर के बेटे रिजवान के गिरफ्तारी मुंबई पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

आपको बता दें कि बुधवार को ही अहमद रजा को मुंबई पुलिस के सुपुर्द किया गया है। अहमद रजा को मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था जिसके बाद उसे मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया। अहमद रजा के बारे में पुलिस ने बताया है कि वह दाऊद इब्राहिम का हवाला का कारोबार संभालता था।

केंद्र सरकार करेगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़े बदलाव

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 केंद्र की एनडीए सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में कई बदलाव करने जा रही है। इसमें सबसे अहम ये है कि बीमा लेना है या नहीं इसका फैसला पूरी तरह से किसान पर छोड़ा जाएगा। फसल बीमा को वैकल्पिक बनाने के अलावा ऊंचे प्रीमियम वाली फसलों को योजना से बाहर करना और राज्यों को उनकी पसंद के उत्पाद जोड़ने की अनुमति देना शामिल है।राज्य सरकारों से मांगे गए सुझाव 
राज्य सरकारों से मांगे गए सुझाव

किसानों के लिए फसल बीमा को स्‍वैच्छिक बनाने का फैसला राहत की खबर होगी। फिलहालबीमा योजना के तहत किसानों का नामांकन अनिवार्य है। सरकारी अधिकारी ने बताया है कि पीएमएफबीवाई क्रियान्वयन के सातवें सत्र में है। क्रियान्वयन के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मंत्रालय ने इन खामियों की पहचान कर कई बदलावों का प्रस्ताव किया है। इस पर राज्य सरकारों से विचार मांगे गए हैं।

स्टेट लेवल कॉर्पस फंड स्थापित करने का भी प्रस्ताव

कृषि मंत्रालय ने ‘स्टेट लेवल कॉर्पस फंड’ स्थापित करने और राष्ट्रीय स्तर के इंश्योरेंस रिस्क पूल में स्थानांतरित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा प्रीमियम की अधिकतम सीमा के तहत किसी फसल के लिए सींचित क्षेत्र अगर 50 फीसद से अधिक होगा, तो अधिकतम प्रीमियम 25 फीसदी होगा। किसी फसल के लिए सींचित क्षेत्र यदि 50 फीसदी से कम होगा, तो उस फसल के लिए अधिकतम प्रीमियम 30 फीसदी तय करने का प्रस्ताव है।

पीएमएफबीवाई योजना की शुरुआत अप्रैल, 2016 में की गई थी। इसका मकसद किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई करना है।

कृषि मंत्री ने कहा, योजना को बेहतर करना चाहते हैं 
कृषि मंत्री ने कहा, योजना को बेहतर करना चाहते हैं

बुधवार को केंद्रीय कृष मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ससंद में एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को सरकार ज्यादा फायदेमंद और किसानों के लिए उपयोगी बनाने में जुटी हुई है। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे पांच दिनों के भीतर अपनी सलाह दें, ताकि बीमा योजना को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

जानिए : योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए ये 7 चीजें

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योनि महिला के सबसे संवेदनशील हिस्सों में से एक है और एक स्त्री के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इसे स्वच्छ रखना अच्छा है परन्तु इसको साफ करने के कई खतरे हैं जो आपको पता होना चाहिए यहां 7 चीजें बतायी जा रही हैं जो आपको अपनी योनि के साथ कभी नहीं करनी चाहिए। क्या आप योनि की सफाई के लिए vaginal प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं या फिर कुछ डेली यूज़ की चीजो से अपने गुप्त अंग को साफ रखते हैं? आगे पढ़ें और जाने कि क्यों अपनी योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए ये 7 चीजें और योनि की सफाई करते समय आपको पहले से सावधान क्यों रहना चाहिए!

1. योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए अन्दर तक सफाई

आपको अच्छा लगता है जब योनि की अन्दर तक सफाई हो जाती है, है ना? सौभाग्य से, योनि खुद आत्मनिर्भर हैं की वह अपने से स्वत: douching करती हैं मतलब योनी अपने अन्दर की सफाई खुद ही कर लेती है अगर आप वहां साफ करना चाहते हैं तो साफ पानी के अलावा और कुछ भी उपयोग करने की आपको बिल्कुल जरूरी नहीं है योनि में बलगम (mucus) इसकी सफाई का ख्याल रखता है यदि आपको लगता है कि आप एक डौश का उपयोग करके बहुत स्वच्छ हैं, तो मैं आपको बता दूँ, आप केवल योनि में अच्छे बैक्टीरिया को कम कर रहे हैं।

हानिकारक बैक्टीरिया और अच्छे बैक्टीरिया दोनों महिला की योनि में एक साथ रहते हैं और जरुरी पीएच संतुलन को बनायें रखते हैं जो योनि को संक्रमण से बचाते है। सिरका के साथ योनि को साफ करने से योनि संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, यह एसटीआई (STIs) से बचने का सही तरीका नहीं है, और न ही यह एक सही गर्भनिरोधक पद्धति है, क्योंकि यह केवल संक्रमित होने की संभावना को बढ़ाता है और बच्चे के जन्म में जटिलताओं का कारण बनता है।

2. योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए लंबे समय के लिए सैनिटरी पैड का उपयोग

लंबे समय तक एक सैनिटरी पैड का उपयोग न करें तभी तक इसका उपयोग करें जब तक कि इसमें बदबू नहीं हो। आपकी योनि के अंदर एक टैंपन छोड़कर भूल जाने से संक्रमण हो सकता है, और कभी-कभी टैंपन योनि के अंदर गहरा बैठ जाता है और आपको इसे हटाने के लिए बहुत मुश्किल होती है। इसके अलावा, टाम्पन्स (tampons) कपास और सिंथेटिक फाइबर से बने होते हैं जो इन टैम्पोनों के अवशोषण शक्ति को बढ़ाते हैं।

ये फाइबर विषाक्त साबित होते हैं और आपकी योनि के अंदर विषाक्त पदार्थों को छोड़ सकते हैं। अपने आप इसे गलती से बचाने के लिए सुनिश्चित करें कि आप इसे निकलने के समय को याद रखने के लिए स्टिकी नोट्स, अलार्म, का उपयोग नही कर सकती है। यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने टैम्पोन को समय-समय पर बदलते हैं, कम से कम हर 4 घंटे लेकिन 8 घंटे से ज्यादा इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।

3.योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए सुगंधित योनि उत्पाद का उपयोग

दुनिया भर में कई महिलाओं को अपने पैरों के बीच में इत्र का उपयोग करने की आदत होती हैं। कभी-कभी, योनि गंध आपको सचेत और असहज महसूस हो सकता है, लेकिन इत्र का योनि में उपयोग एक कहर की तरह होता है। इसके अलावा, सुगंधित योनि वाश, साबुन और बालों को हटाने वाली क्रीम का उपयोग करने से हर कीमत पर बचना चाहिए। क्योकि योनि की दीवार (vaginal wall) सुपर शोषक होती है योनि के माध्यम से दवाओं को शरीर में पहुचाने के बारे में अनुसंधान चल रहा है क्योंकि वे तेजी से रक्त में अवशोषित हो जाते हैं और इसलिए वे तेजी से काम करते हैं।

यद्यपि यह सुनने में पागलपन लग सकता है, की योनि की इस अवशोषित प्रकृति का कुछ महिलाएं अलग तरीके से इस्तेमाल करती है वे वोदका ( pour vodkas) को पीने के बजाय अपने योनि में डालती हैं क्योंकि इसकी किक अधिक तीव्र होती है और वे तेजी से अवशोषित हो जाती हैं में उन महिलाओ से पूछना चाहती ही की आप अपने शरीर के लिए ऐसा कुछ क्यों करना चाहते हैं? उन पदार्थों में हानिकारक पराबैंगनी और phthalates हैं जो महिलाओं के उत्पादों को सुगंध प्रदान करते हैं जो जल्दी से खून में अवशोषित हो जाते हैं। इसलिए आपको इन खुशबू प्रदान करने वाली चीजो का उपयोग अपनी योनि में नहीं करना चाहिए|

4. योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए हॉट स्टीम का इस्तेमाल

जैसे कि डचिंग पर्याप्त नही होता है वैसे ही हॉट स्टीम का इस्तेमाल योनि को साफ करने के लिए लीग में शामिल हो गया है। इसके अलावा, जो जाननेवाला है वह यह है कि गर्भाशय को शुद्ध करने के लिए सबसे पहले, भाप गर्म होती है, और आप अपने आप को वहाँ नीचे जलने के जोखिम पर रखते हैं। यह पहले से ही भयानक है दूसरे, भाप को गर्भाशय तक पहुंचने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, और ऐसा लगता है कि इसकी संभावना न के बराबर ही है तीसरा, आप फिर से जीवाणु संतुलन को परेशान कर रहे हैं जो योनि के वातावरण को अम्लीय और इष्टतम रखने के लिए आवश्यक है।

इसलिए आपको योनि क्षेत्र को साफ रखने के लिए आपको कुछ भी नहीं करना पड़ता है। योनि खुद से अपनी देखरेख कर सकती है और डॉक्टर इस पर पर्याप्त दवाव नहीं डाल सकते हैं और महिलाओं से आग्रह कर रहे हैं कि वी-स्टीम जैसी चीजों के साथ अपने आप को यातना देना बंद करें।

5. योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए हेयर रिमूवल क्रीम का प्रयोग

नीचे की ओर हेयर रिमूवल क्रीम लगाने से उस एरिया पर घाव आदि हो सकता है और साथ ही संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। आप चाहें तो वैजाइना को शेव या वैक्‍स कर सकती हैं।

6. योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए लुब्रिकेशन का उपयोग

तेल आधारित लुब्रिकेशन को ठीक प्रकार से धोना थोड़ा मुश्‍किल होता है, इसलिये उपयोग करने के बाद अगर वो ठीक से साफ ना किया गया, तो वह बैक्‍टीरिया का कारण बन सकता है| आपको बता दें की योनि में खुद तरल चिपचिपा पदार्थ निकलता है जी उसके लिए लुब्रिकेशन का काम करता है

7. योनि के साथ कभी नहीं करना चाहिए ब्‍लीचिंग –

जिस तरह आप अपने चेहरे को गोरा करने के लिये ब्‍लीच करती हैं और फिर कुछ ही दिनों में पुराना रंग वापस आ जाता है। वैसे ही वैजाइना के आस पास की रंगत को निखारने में लगाई गई महनत भी खराब हो सकती है। उस जगह पर कैमिकल लगाना कोई अच्‍छी बात नहीं।

एडमिशन कराने आई महिला ने मास्टरजी को पहली बार में कर दिया बेहोश, दूसरी बार में…..

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हरियाणा राज्य की गुरुग्राम पुलिस ने एक सेवानिवृत कर्मचारी को कोलड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके अश्लील तस्वीर और वीडियो के जरिए से ब्लैकमेल कर प्रोपर्टी अपने नाम कराने वाली महिला को अरेस्ट किया है। आरोप है कि महिला पहले भी एक प्लाट अपने नाम करवा चुकी है और अब ट्यूलिप सोसायटी में फ्लैट की मांग कर रही थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला को अरेस्ट कर लिया।

बीती 13 जुलाई को सेक्टर-10ए थाने में एक शख्स ने लिखित शिकायत देकर बताया कि वह सरकारी विभाग से सेवानिवृत है और अब एक स्कूल में जॉब करता है। बीते अप्रैल महीने में एक महिला ने उसे उसके घर पर आकर मिली और उसने अपने लड़के का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में करवाने के लिए आग्रह किया।

जब इसने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में ऐसे ही दाखिला नही होता तो महिला ने किसी अन्य निजी स्कूल में दाखिला करवाने के लिए आग्रह किया। महिला के कहने पर इसने कई निजी स्कूलों में प्रयास किया लेकिन महंगी फीस होने के कारण एडमिशन नही हो पाया। कुछ दिन बाद महिला का पीड़ित के पास कॉल आया और लड़के के एडमिशन के लिए किए गए प्रयासों का आभार जताते हुए अपने घर आने के लिए कहा।

शातिर महिला के कहने पर वह उसके घर चला जाता है। घर पहुंचने पर महिला एक कोलड्रिंक लेकर आती है, जिसे पीने के बाद इसको नशा होने लगता है और वह वहीं पर सो जाता है। 2-3 घंटे बाद जब होश में आता है तो वह अपने घर आ जाता है। महिला दोबारा उसे कॉल कर अपने घर पर बुलाती है और फिर से वही कोलड्रिंक पीने को कहती है तो ये उसे पीने के लिए मना कर देता है। इसके बाद महिला ने उससे बताया कि जब वह पहले आया था तो उसकी उसके फोन में वीडियो और तस्वीर है।

साथ ही धमकाती है कि कुछ प्रॉपर्टी उसके नाम नही की तो उसके द्वारा इसके नशे की हालात में लिए गए वीडियो और तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगी। इसके परिजनों को बताकर ऐसे बदनाम कर देगी। बदनामी से डरते हुए पीड़ित ने महिला के नाम 3 मरला प्लाट व सैक्टर-92 में एक ईडब्ल्यूएस फ्लैट महिला के नाम कर दिए।

इसके बाद महिला ने ट्यूलिप सोसायटी में फ्लैट देने की मांग कर दी। ऐसे में अपने आपको फंसता देख व्यक्ति ने सेक्टर-10ए थाना में शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रविवार को पुलिस ने महिला को अरेस्ट कर लिया।

बदल गया एमबीबीएस अंतिम वर्ष की परीक्षा का नाम, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को मिली मंजूरी

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 केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय चिकित्सा परिषद् के स्थान पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के गठन संबंधी विधेयक के प्रारूप को बुधवार को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक को मंजूरी दी गयी।

इस विधेयक के प्रभाव में आने के बाद भारतीय चिकित्सा परिषद् की जगह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग लेगा।विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, एमबीबीएस अंतिम वर्ष की परीक्षा को नेशनल एग्जिट टेस्ट (नेक्स्ट) के नाम से जाना जायेगा। स्नातकोत्तर स्तर के मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए इसे पास करना जरूरी होगा।विदेशों से एमबीबीएस करके आने वाले डॉक्टरों को भी देश में प्रैक्टिस से पहले यह परीक्षा देनी होगी।

अब तक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा संस्थान स्वयं आयोजित करता है। इस विधेयक के प्रभाव में आने के बाद एम्स समेत सभी राष्ट्रीय संस्थानों में राष्ट्रीय प्रवेश एवं पात्रता परीक्षा (नीट), कॉमन काउंसिलिंग और नेक्स्ट के आधार पर ही दाखिला होगा। विधेयक के प्रावधान में कहा गया है कि निजी तथा डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में भी 50 प्रतिशत सीटों की फी तथा अन्य शुल्क तय करने का अधिकार आयोग को होगा।

मेडिकल कॉलेजों की रैंकिंग तथा उनके आकलन के लिए मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड बनाया जायेगा।राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से संबद्ध चार स्वायत्त बोर्ड होंगे। ये बोर्ड अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड, पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड, मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड तथा एथिक्स एंड मेडिकल रेजिस्ट्रेशन बोर्ड होंगे। स्वायत्त बोर्डों में सदस्यों की संख्या तीन से बढ़ाकर पाँच करने का प्रस्ताव है। इनमें दो-दो अंशकालिक सदस्यों की नियुक्ति की जायेगी।

नहीं आती बारात, इस गांव की लड़कियां है बंदरों की वजह से कुंवारी

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बिहार के पटना से 75 किमी दूर जिला भोजपुर के रतनपुर नामक गांव में लड़कियों की शादी नहीं हो रही है। शादी की वजह और कुछ नहीं बल्कि बंदर है। इस गांव में बंदरों का इतना आंतक है कि यहां लोग बारात लेकर आने से कतराते हैं, ये पूरा गांव बंदरों के आंतक से परेशान है और अब इसी वजह से यहां की लड़कियों की शादी भी नहीं हो पा रही है क्योंकि बाकी सभी गांवों के लोग यहां बारात लाने से डरते हैं। यहां लोग बारात लाने से इसलिए कतराते हैं क्योकि यहां इतने बंदर हैं जो कि लोगों को लहुलुहान करने में बिल्कुल देर नहीं लगाते हैं।

इसलिए यहां लोग बारात लाने से डरते हैं और इसी वजह से यहां की लड़कियां भी कुंवारी हैं। अभी कुछ समय पहले यहां एक बारात आई थी। खुशी में मग्न, हंसते-गाते लोग यहां की एक लडक़ी को ब्याहने आए थे लेकिन इसी बीच उन पर बंदरों के एक झुण्ड ने हमला कर दिया और कईं लोगों को लहुलुहान कर दिया। सिर्फ इसी गांव का नहीं, बल्कि आस-पास के कईं गांवों का भी यही हाल है और इसी वजह से यहां की लड़कियां कुंवारी हैं।

मोदी सरकार ने कर किया अब ये काम आसान, ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है तो कोई बात नहीं

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अब बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर दोगुने से पांच गुना तक जुर्माना क़र दिया गया है ऐसे में जिनके पास लाइसेंस नहीं है उनके लिए तो काफी परशानी हो गयी है।

अब इसके लिए भी मोदी सरकार ने तगड़ा इंतजाम किया है दरअसल ज्यादातर लोग गाडी तो खरीद लेते है लेकिन समय नहीं मिलने की वजह से लाइसेंस नहीं बना पाते है।

ऐसे में अब मोदी सरकार द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रोसेस को अब ऑनलाइन क़र दिया गया है।

ऑनलाइन होने से लोगो को ये फायदा पहुंचेगा की अब घर बैठे ही आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई किया जा सकता है।

ऐसा होने की वजह से अब पहले की तरह दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे लोग बड़ी ही आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन अप्लाई क़र सकेंगे जिससे लोगो का काफी समय बचेगा।

हमले में 3 महिलाओं समेत 10 की मौत, जमीन विवाद में बिछा दी लाशें

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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में ज़मीन के लिए 10 लोगो का कत्ल कर दिया गया है। इस खूनी संघर्ष में 25 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घायलों का रॉबर्ट्सगंज और पीएचसी घोरावल अस्पताल में इलाज जारी है। मरने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी ओपी सिंह को मामले पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिये हैं। सोनभद्र के उम्भा गांव में ये सूनी संघर्ष हुआ।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ग्राम प्रधान यज्ञवत घुर्तिया ने दो साल पहले उम्भा गांव में जमीन खरीदी थी और इसी ज़मीन को लेकर विवाद था। गांव के लोगों का कहना है कि प्रधान गांव में खेतों की जुताई करने पहुंचा था। ज़मीन का ये विवाद फिलहाल कोर्ट में चल रहा है इसलिये गांव की महिलाओं ने प्रधान और उसके साथ आए लोगों को खेत जोतने से रोका। विरोध करने पर प्रधान के साथ आए लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एडीजी ब्रिज भूषण ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी और किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा। इस वारदात के बाद उम्भा गांव में तनाव बना हुआ है। यहां पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना के बाद से ग्राम प्रधान यज्ञवत घुर्तिया फरार है।

बता दें कि इस इलाके में गोंड और गुर्जर अदिवासी रहते हैं और ये गुर्जर लोग वहां दूध बेचने का काम करते हैं। यह इलाका जंगलों से घिरा है और यहां ज्‍यादातर वनभूमि है। चूंकि यहां सिंचाई का कोई साधन नहीं है इसलिए स्‍थानीय लोग बरसात के पानी से वनभूमि पर खरीफ के मौसम में मक्‍के और अरहर की खेती करते हैं। इस इलाके में वनभूमि पर कब्‍जे को लेकर अक्‍सर झगड़ा होता रहता है।