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पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण पर भारत ने जताया ऐतराज

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भारत ने पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन की शर्मनाक घटनाओं को लेकर पाकिस्तान के समक्ष अपनी गंभीर चिंता जताई है. भारत ने इस संबंध में पाकिस्तान से अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम उठाने को कहा है.

विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा सदस्य राजकुमार धूत के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी. उनसे सवाल किया गया था कि क्या सरकार को पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण और उनके जबरन धर्म परिवर्तन संबंधित सूचनाओं की जानकारी है.

मंत्री ने कहा कि सरकार को समय-समय पर पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के समक्ष आ रही समस्याओं की रिपोर्ट मिलती रहती है. इनमें पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का अपहरण और उनका जबरन धर्म परिवर्तन जैसी समस्याएं भी शामिल है.

मंत्री ने बताया कि इस वर्ष के शुरू में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहने वाली दो नाबालिग हिंदू बहनों और दो हिंदू लड़कियों का अपहरण किए जाने, उन्हें जबरन इस्लाम धर्म कबूल करवाने से संबंधित खबरें सामने आई हैं. ऐसे कई अन्य मामले हैं जिनके बारे में स्थानीय अखबारों अथवा मीडिया में किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट नहीं छपती है.

मंत्री ने कहा, ”सरकार ने अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन करवाए जाने संबंधी इन शर्मनाक घटनाओं के संबंध में अपनी गंभीर चिंताएं पाकिस्तान के साथ साझा की है और पाकिस्तानी पक्ष से कहा गया है कि वह तत्काल उचित करवाई करे. वह अपने नागरिकों, विशेषत: अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा, संरक्षा, उनके कल्याण की रक्षा करने और उन्हें बढ़ावा देने संबंधी अपनी संवैधानिक दायित्वों को पूरा करे.”

गौरतलब है कि अल्पसंख्यक और मानवाधिकार मुद्दों पर पाकिस्तान का रिकॉर्ड खराब रहा है. पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन के मुद्दे संयुक्त राष्ट्र में भी उठाए जा चुके हैं.

मुंबई एयरपोर्ट के रनवे पर 2 दिन से फंसा था स्पाइसजेट का विमान, एयर इंडिया के इंजिनियर्स ने निकाला

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मुंबई हवाई अड्डे के मुख्य रनवे और घास वाले क्षेत्र के बीच सोमवार रात से फंसे ‘स्पाइसजेट’ के विमान बोईंग 737 को गुरुवार को खींच कर वापस रनवे पर लाया गया। खराब मौसम के कारण उतरते वक्त विमान रनवे से फिसलते हुआ नीचे उतर घास में फंस गया था। इस कारण हवाई अड्डे का मुख्य रनवे सोमवार रात से ही बंद था।

अधिकारियों ने बताया कि देश का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा अपने ‘सेकेंडरी रनवे’ से काम चला रहा था जहां से एक घंटे में केवल 35 विमानों का परिचालन संभव है। जबकि मुख्य रनवे से प्रतिघंटा 48 विमानों का परिचालन हो सकता है। एअर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड की एक टीम मंगलवार दोपहर से ही विमान को हटाने के काम में जुटी थी।

‘मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड’ के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि रनवे 09/27 में फंसे स्पाइसजेट के विमान को रात 11 बजकर 10 मिनट पर वापस रनवे पर खींच लिया गया। हालांकि यह नहीं बताया कि मुख्य रनवे से विमानों का परिचालन कब से शुरू होगा।

मनमोहन ने दिया था सबसे लंबा बजट भाषण, जानें इससे जुड़ी अनोखी बातें

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सदन में आज केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा. ये मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट है. आजादी के बाद से अब तक 88 केंद्रीय बजट पेश किए जा चुके हैं. हालांकि, अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण वित्तमंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने दिया था. तत्कालीन वित्तमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 में 18,177 शब्दों का सबसे लंबा बजट भाषण दिया था. वहीं, सबसे छोटा भाषण 1977 में एचएम पटेल ने पेश किया था. एचएम पटेल ने 800 शब्दों का सबसे छोटा बजट भाषण दिया था. आइए जानते हैं बजट से जुड़ी अनोखी बातें…

अल्पकालीन समय के लिए पहला बजट

आजादी के बाद पहला केंद्रीय बजट 15 अगस्त 1947 से 31 मार्च 1948 तक के लिए पेश किया गया था. हालांकि, भारत-पाकिस्तान बंटवारे की वजह से ये निर्धारित समय तक नियोजित नहीं हो सका था. उसके बाद 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने पहला बजट पेश किया.

इन तीन प्रधानमंत्रियों ने पेश किया था बजट

जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तीन ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री रहते हुए बजट पेश किया था. गौरतलब है कि 1970 में प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी ने वित्तमंत्री का भी पदभार संभाला था. इस तरह 1970 में इंदिरा गांधी बजट पेश करने वाली पहली महिला वित्त वित्त मंत्री बनीं. वहीं, 49 साल बार दूसरी महिला वित्त मंत्री के रूप में आज देश का बजट निर्मला सीतारमण पेश करेंगी.

मनमोहन सिंह का सबसे लंबा बजट भाषण

मनमोहन सिंह ने सबसे लंबा बजट भाषण दिया था. इनके बाद अरुण जेटली ने साल 2014, 2016 और 2017 में लंबा भाषण दिया था. वहीं, बजट पेश करने के लिए सबसे ज्यादा समय जसवंत सिंह ने लिया था. जसवंत सिंह ने 2003 में बजट पेश करने के लिए 2 घंटे 13 मिनट का समय लिया था.

दो वित्तमंत्री बने राष्ट्रपति

आर वेंकटमन और प्रणब मुखर्जी दो ऐसे वित्तमंत्री हैं जो आगे चलकर भारत के राष्ट्रपति भी बने. इसके अलावा सीडी देशमुख रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पहले गवर्नर थे, जो बाद में वित्तमंत्री बने. उन्होंने 1991 में देश का बजट पेश किया था.

सुबह 11 बजे बजट पेश करने की परंपरा

साल 2000 तक केंद्रीय बजट संसद में शाम 5 बजे पेश किया जाता था, लेकिन 2001 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सुबह 11 बजे बजट पेश कर नई परंपरा शुरू की. वहीं, पहले फरवरी के अंतिम दिन बजट पेश होता था, जिसे मोदी सरकार ने बदलकर 1 फरवरी कर दिया. इसके अलावा रेल बजट को भी खत्म करके आम बजट में ही शामिल कर दिया गया.

रिकॉर्ड पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के नाम

मोरारजी देसाई ने सबसे ज्यादा 10 बार बजट पेश किया था. वहीं, पी. चिदंबरम को यह मौका 8 बार मिला. इसके अलावा प्रणब मुखर्जी, यशवंत सिन्हा, वाईबी चव्हाण और सीडी देशमुख ने 7-7 बार देश का बजट पेश किया. वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली ने लगातार 5 बार बजट पेश कर चुके हैं.

Union Budget 2019: पहले ही बजट में निर्मला ने तोड़ी सालों पुरानी परंपरा, ब्रीफकेस नहीं इस झोले में रखा गया है बजट

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भारत में पहली बार एक महिला वित्त मंत्री बजट पेश करने जा रही हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कई चीजों में बदलाव देखने को मिलेगा. इसकी शुरुआत बजट रखने वाले ब्रीफकेस से हुई. सालों पहले से बजट को रखने के लिए खास ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन शुक्रवार को जब निर्मला सीतारमन बजट लेकर निकलीं तो उनके हाथ में वो खास ब्रीफकेस दिखाई नहीं दिया. इसके बाद लोगों को एक खास लाल रंग का कपड़ा दिखा. निर्मला सीतारमण इसी लाल झोले में बजट के दस्तावेज लेकर जाएंगी.

क्यों बदली ब्रीफकेस की परंपरा

सरकार का मानना है कि यह पाश्चात्य संस्कृति से बाहर आकर देश की पुरानी परंपराओं से जुड़ने का शुरुआत है. बैग का लाल रंग भारतीय परंपराओं के हिसाब से शगुन का प्रतीक है.

बदल गया है बजट का नाम

यूनियन बजट का नाम इस बार बदल गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने बजट के भाषण में इसे “देश का बहीखाता” कहेंगी.

रेड सूटकेस का 159 साल पुराना है रिश्‍ता!
भारत के बजट और वित्‍त मंत्री के रेड सूटकेस के बीच का रिश्‍ता बेहद दिलचस्‍प है. यह रिश्‍ता वर्ष 1860 से बना हुआ है. मतलब यह रिश्ता 159 साल पुराना है और तब से अब तक चला आ रहा है. 26 नवंबर 1947 को स्‍वतंत्र भारत के पहले वित्‍त मंत्री शणमुखम शेट्टी द्वारा पेश बजट को भी इसी सूटकेस में लाया गया था.

वास्‍तव में बजट फ्रांसीसी शब्‍द ‘बॉगेटी’ से निकला हुआ है, जिसका मतलब लेदर बैग होता है. 1860 में ब्रिटेन के ‘चांसलर ऑफ दी एक्‍सचेकर चीफ’ विलियम एवर्ट ग्‍लैडस्‍टन फाइनेंशियल पेपर्स के बंडल को लेदर बैग में लेकर आए थे. तभी से यह परंपरा निकल पड़ी.

इन पेपर्स पर ब्रिटेन की क्‍वीन का सोने में मोनोग्राम था. खास बात यह है कि क्‍वीन ने बजट पेश करने के लिए लेदर का यह सूटकेस खुद ग्‍लैडस्‍टन को दिया था. ग्‍लैडस्‍टन की बजट स्‍पीच काफी लंबी होती थी, जिसके लिए कई सारे फाइनेंशियल डाक्‍यूमेंट्स और पेपर्स की जरूरत होती थी. यहीं से लंबी बजट स्‍पीच की परंपरा भी चल निकली.

ब्रिटेन में रेड ग्‍लैडस्‍टन बजट बॉक्‍स 2010 तक प्रचलन में था. 2010 में इसे म्‍यूजियम में रख दिया गया और उसकी जगह एक फ्रेश रेड लेदर बजट बॉक्‍स का यूज शुरू किया गया.

साफ तौर पर भारत के बजट बॉक्‍स या सूटकेस पर अभी भी ब्रिटेन का औपनिवेशिक असर है. स्‍वतंत्रता के बाद भारत में लेदर बैग की इस परंपरा को जारी रखा गया. ब्रिटेन की अन्‍य कालोनियां यानी उपनिवेशों जैसे- यूगांडा, जिम्‍बाब्‍वे और मलेशिया में भी बजट स्‍पीच के लिए इसी बजट सूटकेस का उपयोग किया जाता है.

हालांकि ब्रिटेन के विपरीत शणमुखम के बजट बॉक्‍स या सूटकेस में ही बजट डाक्‍यूमेंट्स लाने के विपरीत आगे के वित्‍त मंत्रियों ने नए बजट सूटकेस का उपयोग किया. इसीलिए भारत में बजट सूटकेस के कलर और शेड्स में अंतर आता रहा है. सबसे दिलचस्‍प पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सूटकेस था. यूपीए सरकार के वित्‍त मंत्री के रूप में उन्‍होंने पूरी तरह ग्‍लैडस्‍टन जैसे रेड बजट बॉक्‍स का उपयोग किया था.

राहुल ने अपने कार्यकर्ताओं से पूछा, ‘जब मुंबई डूब रही थी, तब आप लोग कहां थे?’

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नई दिल्ली। कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक मानहानि केस की सुनवाई के लिए मुंबई में थे। इस दौरान राहुल गांधी के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मुंबई में मौजूद थे। मुंबई में भारी बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था, इसी को लेकर राहुल गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं से नाराज नजर आए और उन्होंने पूछा, ‘मुंबई के जलमग्न होने पर आप लोग कहां थे?राहुल गांधी 
मुंबई में कार्यकर्ताओं से नाराज नजर आए

राहुल ने गुरुवार को मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि हमें एक पार्टी के रूप में लोगों की मदद करनी चाहिए जब उन्हें हमारी जरूरत हो, इस तरह से ही पार्टी बढ़ेगी। राहुल ने पार्टी के लोगों से कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए कहा। उन्होंने पूछा कि आप मुझे यह क्यों नहीं बताते कि हम अपना आधार मजबूत बनाने के लिए क्या कर रहे हैं।

मुंबई 
‘मुंबई बारिश में डूब रही थी तो कहां थे?’

दो दिनों पहले ही राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इस बीच, उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस को मजबूत करने के लिए बैठक बुलाने को कहा। भारी बारिश के दौरान आम लोगों की मदद ना करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से राहुल नाराज नजर आए, उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई कि इस वक्त में वे मुंबई के लोगों की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आए।

मानहानि केस 
मानहानि केस मेंं कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे थे मुंबई

दरअसल, पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के लिए भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था। इस मामले में वह गुरुवार को मुंबई की कोर्ट में पेश हुए थे। मामले की सुनवाई के दौरान राहुल ने खुद को निर्दोष बताया। वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 15000 रुपए के निजी मुचलके पर राहुल गांधी को जमानत दे दी। पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ ने राहुल गांधी की जमानत ली।

Budget 2019: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन की बजट तैयार करने वाली टीम से मिलिए

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59 वर्षीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन अपना पहला बजट ऐसे समय पेश कर रही हैं जब अर्थव्यवस्था गति धीमी है. इससे पहले सीतारमन वाणिज्य और रक्षा जैसे विभागों को संभाल चुकी है. फरवरी में अंतरिम बजट में छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय सहायता योजना शुरू की गई थी. जबकि प्रधानमंत्री किसान निधि सभी किसानों के लिए बढ़ा दी गई थी. यह बजट देश की दूसरी महिला वित्त मंत्री के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा. इस बजट को बनाने में जिस टीम का दिमाग है, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों सुभाष चंद्र गर्ग, अजय भूषण पांडेय और अतनु चक्रबर्ती का अहम योगदान है.

सुभाष चंद्र गर्ग

सुभाष चंद्र गर्ग की पहचान एक मृदुभाषी वित्त सचिव के रूप में रही है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की बजट टीम में उन्हें सबसे महत्वपूर्ण नौकरशाह माना जाता है. गर्ग आरबीआई-वित्त मंत्रालय टर्फ वॉर के दौरान काफी चर्चा में रहे, जिसके बाद गवर्नर उर्जित पटेल ने इस्तीफा दे दिया था. वर्तमान में सरकार को आरबीआई के अतिरिक्त भंडार को हस्तांतरित करने पर बिमल जालान समिति के समक्ष उनका एक नोट समिति सदस्यों के लिए सिरदर्द बन गया.

अजय भूषण पांडे

राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे के पास अपने दूसरे कार्यकाल में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पहले बजट में एक कठिन कार्य है. तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक अनुभव वाले पांडे, आधार को बढ़ावा देने और आधार का बचाव करने के लिए सरकार के प्रयासों का चेहरा रहे हैं, जो कि विशिष्ट पहचान परियोजना का उपयोग अब बड़े पैमाने पर व्यक्तियों को राज्य के लाभ के लक्षित वितरण के लिए किया जाता है.

पांडे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं, और मिनेसोटा विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी रखते हैं. वह प्रौद्योगिकी और विनियमन से संबंधित राज्य परियोजनाओं के साथ निकटता से जुड़े रहे हैं. वह GSTN के अध्यक्ष भी हैं, जो वस्तु और सेवा कर (GST) रिटर्न को संसाधित करने वाली कंपनी है, और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं.

अतनु चक्रवर्ती

DIPAM के सचिव अतनु चक्रवर्ती के पास सरकार के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाने का कार्य है. सीतारमण 2019-20 में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में हिस्सेदारी की बिक्री के लिए अंतरिम बजट में 90,000 करोड़ के लक्ष्य को और बढ़ाकर उनके लिए कार्य को कठिन बना सकती है. इस साल अब तक, DIPAM रेल विकास निगम लिमिटेड की प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश और शत्रु संपत्ति शेयर बिक्री के माध्यम से 2,357 करोड़ जुटाने में सक्षम है. चक्रवर्ती के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण काम कर्ज में डूबे एयर इंडिया के लिए खरीदार ढूंढना होगा.

कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन

यह वित्त मंत्रालय में मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन द्वारा पहला आर्थिक सर्वेक्षण था. अपने पूर्ववर्ती अरविंद सुब्रमण्यन द्वारा प्रस्तुत तारकीय सर्वेक्षण के बाद, जिसने शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं के बीच बहुत रुचि और बहस पैदा की, सीईए का पालन करने के लिए एक कठिन कार्य है. कृष्णमूर्ति ने मंगलवार को ट्वीट में उम्मीद जताते हुए कहा, “गुरुवार को संसद में पहली और नई सरकार के पहले आर्थिक सर्वेक्षण से वह उत्साह में हैं.

गरुड़-4: फ्रांस के भिड़ी भारतीय वायुसेना, विमानों के शोर और बम के धमाकों से कांपी धरती

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फ्रांस के मोंट-डे-मारसन में 1 जुलाई से शुरू हुए द्विपक्षीय युद्धाभ्यास गरुड़-4 में भारतीय वायुसेना फ्रांस की वायुसेना के साथ दो-दो हाथ कर रही है। भारत ने जहां इस युद्धाभ्यास में अपने रणकौशल को निखारा वहीं अपनी युद्धक क्षमताओं को भी परखा।  विज्ञापन

शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सौरभ एम्बुरे ने फ्रांस की राफेल विमान में उड़ान भरी। बता दें कि इस साल के अंत से 36 राफेल विमानों की डिलीवरी भारत को शुरू हो जाएगी। भारत ने 36 राफेल विमानों को फ्रांस के दसाल्ट से खरीदा है।

भारतीय वायुसेना के अनुसार भारत-फ्रांस के संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य दोनों वायु सेनाओं के बीच अंतर व्यवहार्यता और सहयोग को बढ़ाने के लिए अच्छी प्रथाओं को साझा करना है। यह युद्धाभ्यास 12 जुलाई तक चलेगा।

इसी साल भारतीय नौसेना ने फ्रांस के साथ मिलकर हिंद महासागर में नेवल एक्सरसाइज का भी आयोजन किया था। जिसमें दोनों देशों की नौसेना ने अपनी युद्धक रणकौशल को निखारा। फ्रांस और भारत सामरिक भागीदारी को लगातार बढ़ा रहे हैं।

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इस युद्धाभ्यास में चार एसयू-30 एमकेआई (SU-30 MKI), फ्यूल रिफिलर आईएल-78 (IL-78), सी-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट के साथ कुल 120 वायु-योद्धा अभ्यास में भाग ले रहे हैं जिसमें गरुड़ कमांडो का दस्ता भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ : गृह मंत्री लेंगे 6 जुलाई को विभागीय समीक्षा बैठक

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गृह, जेल, पर्यटन और लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू 6 जुलाई को मंत्रालय में सुबह 11 बजे गृह एवं जेल, दोपहर 12 बजे पर्यटन और 1 बजे लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। वे बैठक में गत 6 माह की विभागीय उपलब्धियों की जानकारी भी लेंगे।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री शामिल हुए महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा में

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में छेरापहरा की रस्म पूरी कर सोने की झाड़ू से बुहारी लगाकर रथ यात्रा की शुरुआत की। श्रीमंदिर से महाप्रभु जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को पहांडी यात्रा करते हुए रथ तक लाया गया । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने महाप्रभु की आरती की।

मुख्यमंत्री इसके पहले श्रीमंदिर की यज्ञ शाला के अनुष्ठान में शामिल हुए और श्रीमंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली तथा प्रदेश में अच्छी बारिश की कामना की।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री जय सिंह अग्रवाल, विधायक सर्वश्री कुलदीप जुनेजा, बृजमोहन अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक,  पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल , नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे सहित श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सीएम भूपेश बघेल ने छेरापहरा की रस्म अदा कर रथयात्रा की शुरुआत की

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राजधानी सहित पूरे देश में भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। यह कार्यक्रम पूरे 9 दिन तक चलता है। गुरुवार को गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छेरापहरा की रस्म अदा कर रथयात्रा की शुरुआत की। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पत्नी वीणा सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व मेयर प्रमोद दुबे उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पूरे देश में धूमधाम से निकाली जाती है। शहर हो या गांव हो सभी जगह यह त्यौहार मनाया जाता है। मैं भगवान से यहीं कामना करता हूं कि सबको सद्बुद्धी दे और फसलों की अच्छी उत्पादन हो। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की बधाई दी और देश सहित प्रदेश की उन्नति के लिए भगवान श्रीजगन्नाथ से प्रार्थना की।