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लांच हुई भारतीय टीम की ‘विवादों’ वाली भगवा जर्सी, ये टीमें भी बदल चुकी हैं अपनी जर्सी का रंग

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आखिकार भारत की आईसीसी क्रिकेट वर्ल्‍ड कप 2019 में ऑरेंज जर्सी से पर्दा उठ गया। जर्सी के रंग को लेकर ‘राजनीतिक बवाल’ मचा था। टीम इंडिया के किट स्‍पॉन्‍सर नाइकी ने शुक्रवार को ऑरेंज जर्सी की तस्‍वीर जारी कर दी। नया डिजाइन भारत की पुरानी टी20 जर्सी से लिया गया है जिसमें भगवा रंग है।

टीम इंडिया यह जर्सी इंग्‍लैंड के खिलाफ रविवार को होने वाले मैच में पहनेगी। नाइकी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ‘टीम इंडिया 30 जून 2019 को बर्मिंघम में पहली बार अपनी अवे जर्सी पहनेगी। इस वर्ष वनडे और अवे किट की जो डिजाइन लॉन्‍च की गई हैं वह भारत की नौजवान पीढ़ी और राष्‍ट्रीय टीम की निडर भावना से से प्रेरित है। नई जर्सी सामने वाले हिस्‍से को छोड़कर पूरी तरह से ऑरेंज रंग की है।

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टीम इंडिया की नई जर्सी का रंग भगवा होने को लेकर काफी विवाद भी हुआ है। भारत में कई राजनीतिक दलों ने इस मामले में बीसीसीआई को घेरा है। दलों का आरोप है कि बीसीसीआई ने यह रंग केंद्र सरकार को खुश करने के लिए चुना। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों से इंकार किया था। आईसीसी ने इन आरोपों पर कहा कि कलर कॉम्बिनेशन उनकी तरफ से बीसीसीआई को भेजा गया था। भारतीय बोर्ड ने वहीं कॉम्बिनेशन चुना जो उन्हें उचित लगा।

नाइकी ने बयान में कहा कि अवे किट खेल और खिलाड़ियों की आधुनिक जरूरतों और तेजतर्रार मूवमेंट को ध्‍यान में रखते हुए तैयार की गई है। इस किट पसीने वाली जगहों को ध्‍यान में रखकर तैयार की गई है जिससे मैदान में खिलाड़ी राहत महसूस करें। साथ ही टीम में ऐसे कई बदलाव किए गए हैं जो इसे काफी हल्‍का, आरामदेह और खिलाड़ियों को चुस्‍त रहने में सहायता करते हैं।

इन टीमों ने बदला है जर्सी का रंग : दक्षिण अफ्रीका ने बांग्लादेश की हरी जर्सी को देखते हुए पीली जर्सी पहनी थी जबकि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज को जर्सी बदलने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनकी जर्सियां किसी टीम से नहीं मिलती हैं।

बारिश के कारण स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी की व्यूइंग गैलरी में भरा पानी

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गुजरात के वडोदरा में हुई मूसलाधार बारिश ने भले ही लोगों को गर्मी से निजात दिला दी हो, लेकिन स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी घूमने जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी की व्यूइंग गैलरी में पानी भर गया है. हालांकि व्यूइंग गैलरी काफी ऊंचाई पर होने से किसी तरह का नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन गैलरी में पूरी तरह से पानी भर गया है. गैलरी से पानी निकालने का काम तेज कर दिया गया है. दरअसल मौसम सुहाना बना रहने के कारण स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी को देखने वालों का तांता लगा हुआ है. लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बारिश के पानी को जल्द से जल्द निकाला जा रहा है.

उधर गुजरात के वडोदरा जिले के फतेहगंज इलाके में शुक्रवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए. ये सभी लोग एक ही परिवार से थे. सरकारी एसएसजी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. देवेश्वर पांडे ने बताया कि घटना के वक्त नालसिंह जमालसिंह परमार (35) इलाके में स्थित पुराने डाक भवन के पास एक निर्माण स्थल पर मौजूद थे. उसी वक्त वो आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए.

अधिकारी ने बताया कि यह परिवार मध्य प्रदेश का रहने वाला है और निर्माण स्थल के पास काम करता है. घटना के वक्त ये सभी बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े हो गये थे कि तभी वे आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए. वडोदरा जिला खाद्य नियंत्रण ने बताया कि शहर में शुक्रवार शाम छह बजे तक नौ मिमी बारिश हुई है.

मुंबई में बारिश ने मचाई तबाही, उत्तरकाशी से लेकर गुजरात का जानिए हाल

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 बारिश मुंबईवासियों के लिए आफत बन जाती है। हर बार की तरह इस बार भी मुंबई वालों के लिए मानसून की भारी बारिश बड़ी परेशानी लेकर आई है। मुंबई में भारी बारिश से लोगों को परेशानी होने लगी है। मुंबई में बारिश से लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में यहां जल भराव की समस्या आम है और बारिश के दौरान मुंबई में भरा पानी बाहर नहीं निकल पाने की वजह से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिन में मुंबई में भारी बारिश हो सकती है। मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को मानसून की पहली जोरदार बारिश हुई। तेज बारिश के चलते अलग-अगल हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई, जिसमें पुणे में हुए हादसा भी शामिल है। पुणे हादसे में 15 लोगों की मौत एक बड़ी घटना है। इस हादसे में बिहार और बंगाल के मजदूर थे। इस घटना पर जिला कलेक्टर नवल किशोर राम ने कहा कि भारी बारिश की वजह से दीवार ढह गई। इस घटना के साथ कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही सामने आ रही है। 

आर्टिकल-15 फिल्म की रिलीज को लेकर बवाल, रोक लगाने को सुप्रीम कोर्ट पंहुचा ब्राह्मण समाज

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ब्राह्मण समाज ने आर्टिकल-15 फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। फिल्म को लेकर समाज ने देशभर के कई सिनेमाघरों के बाहर नारेबाजी की। बैनर और पोस्टर फाड़ दिए। कानपुर में बवाल को देखते हुए प्रबंधन ने पहले शो को इंटरवल के बाद बंद कर दिया। दर्शकों को टिकट के पैसे भी लौटा दिए। पुलिस और पीएसी के तैनात होने के बावजूद एक थिएटर को छोड़कर बाकी सिनेमाघरों ने फिल्म का संचालन नहीं किया।

फिल्म आर्टिकल-15 के रिलीज होने पर कटरा सआदतगंज में कोई बवाल न हो, इसलिए शुक्रवार सुबह ही इस गांव को छावनी बना दिया गया। डेढ़ सेक्शन पीएसी और छह थानों की पुलिस सुबह से लेकर दोपहर तक गांव में डेरा डाले रही। बाद में पुलिस ने गांव में घूमकर हालात देखे और गांव में मामला शांत देखकर दोपहर बाद पुलिस और पीएसी को हटा लिया गया।

उधर ब्राह्मण समाज के लोगों के भारी विरोध को देखते हुए रुड़की में फिल्म आर्टिकल-15 के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। एएसडीएम के आदेश के अनुपालन में सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने सिनेमा हॉल मालिकों को अग्रिम आदेशों तक फिल्म प्रदर्शित नहीं करने के आदेश जारी किए हैं। दूसरी ओर, हरिद्वार में ब्राह्मण संगठनों ने सिडकुल स्थित सिनेमाघर के बाहर आर्टिकल-15 के विरोध में नारेबाजी करते हुए फिल्म का शो बंद करा दिया। इस दौरान सिनेमा हॉल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।

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फंदे पर लटकी मिलीं किशोरियों के भाई ने बताया कि फिल्म आर्टिकल-15 में सब उल्टा सीधा दिखाया गया है। उनकी जातियां भी बदली गई हैं। वह अब कोर्ट जाएगा और फिल्म निर्माता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। यहां बता दें कि तीन दिन पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में कानपुर के सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दीक्षित की ओर से याचिका दाखिल करके फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक गांव में हुए चचेरी बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या पर फिल्म बनाए जाने की बात कही थी, लेकिन ये फिल्म सत्य घटना के विपरीत है। इसमें निर्देशक ने ब्राह्मण को दुराचार और हत्या का आरोपी बताते हुए पूरे ब्राह्मण समाज की छवि धूमिल की है, जो सही नहीं है

अनुष्का की तस्वीर को देखकर विराट ने किया ऐसा कमेंट

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अनुष्का शर्मा इन दिनों लंदन में हैं और वह अपने फैंस के लिए कई तस्वीरें शेयर करती हैं। हाल ही में अनुष्का ने मेट्रो में सफर करते हुए तस्वीर शेयर की। यह तस्वीर अनुष्का के फैंस को तो पसंद आई ही, साथ ही अनुष्का की इस तस्वीर पर विराट कोहली ने प्यार भरा कमेंट कर दिया।

अनुष्का शर्मा ने यह तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की है जिसमें वो मुस्कुराती हुई दिख रही हैं। ब्लैक एंड व्हाइट इस तस्वीर को देख अनुष्का के फैंस भी बेहद खुश हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए अनुष्का ने एक कोट भी लिखा। अनुष्का ने आउड्रे हेपबर्न द्वारा लिखा हुआ कोट पोस्ट किया। अनुष्का ने लिखा- ‘खुश लड़कियां सबसे ज्यादा खूबसूरत होती हैं।’

अनुष्का के इस तस्वीर को पोस्ट करने के बाद लोग तरह-तरह के कमेंट करने लगे लेकिन इसी बीच अनुष्का के जीवन के सबसे खास व्यक्ति यानी विराट कोहली का भी एक प्यारा सा कमेंट आया। विराट कोहली ने लिखा- ‘आप हमेशा से ही सबसे खूबसूरत हैं माई लव।’

वैसे आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है जब अनुष्का ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट से यात्रा की हो, इससे पहले भी उन्हें कई बार स्पॉट किया गया है।

मध्य प्रदेश: सतना नगर पंचायत CMO पर हमला करने वाले बीजेपी नेता गिरफ्तार, दफ्तर में घुसकर की थी मारपीट

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मध्य प्रदेश में एक और बीजेपी नेता की गुंडागर्दी का मामला सामने आया था जब भाजपा पंचायत अध्यक्ष राम सुशील पटेल ने दफ्तर में भीतर घुसकर मुख्य नगर पंचायत अधिकारी (सीएमओ) के साथ मारपीट की, इस मारपीट में सीएमओ को सिर में चोट आई थी, जिसके बाद उनको तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है।बीजेपी नेता 
कोर्ट ने बीजेपी नेता को भेजा जेल

पुलिस ने सीएमओ पर जानलेवा हमला करने पर मामला दर्ज करते हुए धारा 353, 332, 294, 506B/34 लगाई है और बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर अमरपाटन न्यायालय में पेश किया जहां कोर्ट ने जमानत की अर्जी को खारिज करते हुए राम सुशील पटेल को मैहर जेल भेजा दिया। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि रामनगर परिषद में पीआईसी की बैठक होती, इसके पहले अध्यक्ष राम सुशील पटेल ने अपने आधा दर्जन समर्थकों के साथ CMO के चेम्बर में घुसकर जमकर मारपीट की जिसमें सीएमओ बुरी तरह घायल हो गए।

सीएमओ 
सीएमओ के दफ्तर में घुसकर की थी मारपीट

लहुलहान हालत में सीएमओ को रामगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिये जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इंदौर में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय द्वारा एक निगम अधिकारी की क्रिकेट के बैट से पिटाई के दो दिन बाद यह दूसरा मामला है जब किसी बीजेपी नेता ने सरकारी अधिकारी पर हमला किया है।

सीएमओ 
बीजेपी नेता ने भी सीएमओ के खिलाफ किया केस

सीएमओ की पिटाई के मामले में सतना एसपी रियाज इकबाल ने बताया, ‘सीएमओ बीजेपी नगर पंचायत अध्यक्ष रामसुशील पटेल द्वारा मारपीट किए जाने पर घायल हुए हैं। दोनों ने एकदूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया है। रामपटेल भी दावा कर रहे हैं कि उनके साथ मारपीट की गई है। उनका भी बयान दर्ज किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले भी विवाद हो चुका है।

जाति सूचक शब्द बोला तो लगेगा एससी-एसटी एक्ट, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में नियम सख्त

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खास बातें

  • यूजीसी ने देश के सभी विश्वविद्यालयों को लिखा पत्र
  • एंटी रैगिंग रेगुलेशन 2016 के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश
  • निर्देश का पालन न करने वाले संस्थानों पर भी होगी कार्रवाई
  • बिहारी, हरियाणवी, मोटी और पतली जैसे शब्दों का प्रयोग भी है रैगिंग में शामिल

किसी भी विद्यार्थी को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सभी 750 विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पत्र लिखकर एंटी रैगिंग रेगुलेशन 2016 के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। मुंबई में पिछले दिनों मेडिकल छात्रा की मौत के बाद जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने की बात सामने आई थी।  विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखा है।प्रो. जैन ने अपने पत्र में लिखा है कि आयोग ने 2011 से 2018 तक विश्वविद्यालयों को इस संबंध में नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। हालांकि कई उच्च शिक्षण संस्थान नियमों को सख्ती से लागू नहीं कर देते हैं। यदि कोई संस्थान या विश्वविद्यालय नियमों को लागू नहीं करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। 

प्रो. जैन के मुताबिक, आयोग  के पिछले पत्रों में विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को एंटी रैगिंग रेगुलेशन नियम सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया था। एंटी रैगिंग रेगलुेशन 2009 को 2016 में संशोधित किया था। इसके तहत जातिसूचक के साथ-साथ क्षेत्र पर आधारित शब्दों का प्रयोग भी नहीं किया जा सकता है। गौरतलब है कि यूजीसी एंटी रैगिंग रेगुलेशन 2016 में बिहारी, हरियाणवी, मोटी, पतली व जाति आधारित जैसे शब्दों को भी रैगिंग की श्रेणी में शामिल कर लिया था। 

30 दिनों में चार बिंदुओं पर मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट 

आयोग ने संस्थानों और विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक सत्र 2018-19 के तहत ऐसे मामलों की चार बिंदुओं पर एससी, एसटी व ओबीसी विद्यार्थियों की शिकायतों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। इसमें विवि को बताना होगा कि पिछले रेगुलेशन के आधार पर कमेटी गठित,  शिकायतों के लिए वेबसाइट पर विशेष पेज, रजिस्ट्रार के पास जाति सूचक शिकायतों पर निपटारा किया गया है या नहीं , एक वर्ष में कुल शिकायत, कितने मामलों का निपटारा, किसी फैकल्टी के खिलाफ भी शिकायत या कार्रवाई हुई या नहीं, विवि में कोई एंटी रैगिंग सेल है या नहीं, किस प्रकार से शिकायतों का निपटारा किया जाता है आदि पर रिपोर्ट देनी है। 

विश्वविद्यालय को वेबसाइट पर विशेष पेज बनाना होगा 

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को अपनी वेबसाइट पर एंटी रैगिंग या जातिसूचक शब्दों का प्रयोग न करने पर आधारित पेज तैयार करना होगा। इसी पेज पर विद्यार्थी ऑनलाइन एंटी रैगिंग, जातिसूचक या क्षेत्र पर आधारित शिकायत दे सकते हैं।

इसके अलावा कुलपति, प्रिंसिपल या रजिस्ट्रार ऑफिस में भी सीधे शिकायत लेने का प्रावधान करना होगा। संस्थानों को अपनी फैकल्टी पर भी नजर रखी होगी। इसके अलावा ऐसे मामलों के निपटारे के लिए फैकल्टी सदस्यों की टीम बनाने को कहा है, जोकि ऐसी घटनाओं व गतिविधियों पर नजर रखेगी। यदि कोई फैकल्टी इस मामले में आरोपी हो तो भी उसके खिलाफ कार्रवाई करें।

यूजीसी ने यौन उत्पीड़न के मामलों पर 31 तक मांगी रिपोर्ट

विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों और महिला कर्मियों को सुरक्षित माहौल देने के मकसद से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने यौन उत्पीड़न के मामलों पर 31 जुलाई तक रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को यूजीसी को कुल शिकायतों संग मामलों पर किस प्रकार से कार्रवाई की गई, उसके बारे में भी जानकारी देनी होगी।  

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन के मुताबिक, महिला शिक्षक, कर्मी और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण देने के मकसद से केंद्रीय, स्टेट, निजी व डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी के साथ-साथ कॉलेजों को भी आंतरिक शिकायत समिति गठित करने का निर्देश दिया गया था।

विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को यूजीसी रेगुलेशन 2015 के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों को आंतरिक शिकायत कमेटी गठित करनी थी। इस शिकायत समिति में संस्थान की महिला शिक्षक, कर्मी और छात्राएं यौन उत्पीडन संबंधी शिकायत दे सकती थी। सभी शिकायतों का समिति को रिकॉ़र्ड रखना अनिवार्य था। प्रो. जैन के मुताबिक, इसी के तहत विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक की शिकायतों की रिपोर्ट बनाकर भेजनी होगी। 

2, 5, 10 रुपए के सिक्कों को लेकर बड़ी खबर, RBI ने दिया यह आदेश

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अब कोई दुकानदार आपसे सिक्के लेने से इंकार नहीं कर सकता है। RBI ने विभिन्न आकार-प्रकार और डिजाइन के सिक्कों को स्वीकार करने लेकर लोगों में फैले संशय को दूर किया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि जो भी सिक्के हैं, वे पूरी तरह से वैध मुद्रा हैं। लोगों को बिना किसी झिझक के उसे स्वीकार करना चाहिए।

केंद्र सरकार द्वारा ढाले गए सिक्कों को आरबीआई चलन में डालता है। साथ ही केंद्रीय बैंक ने बैंकों से यह भी कहा है कि वे सिक्के बदलने आने वाले ग्राहकों को अपनी शाखाओं से नहीं लौटाएं। वे ग्राहकों से छोटी राशि के सिक्कों और नोट को स्वीकार करें।

RBI ने कहा कि लोगों की लेन-देन की जरूरतों को पूरा करने के लिए समय-समय पर जो भी सिक्के चलन में लाए जाते हैं, उनकी विशेषताएं अलग होती हैं। वे विभिन्न विचारों, आर्थिक, सामाजिक और संस्कृति से प्रेरित होती हैं। आरबीआई ने कहा कि सिक्के लंबी अवधि के लिए चलन में बने रहते हैं। साथ ही अलग-अलग डिजाइन और आकार के सिक्के जारी किए जाते हैं।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट है कि कुछ तबकों में ऐसे सिक्कों को लेकर संदेह है और इसके कारण कुछ व्यापारी दुकानदार और लोग सिक्के स्वीकार नहीं करते, इससे देश के कुछ हिस्सों में सिक्कों के मुक्त उपयोग और चलन बाधित हुआ है। रिजर्व बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और इन सिक्कों को बिना झिझक वैध मुद्रा के रूप में स्वीकार करें।

वर्तमान में विभिन्न डिजाइन और आकार के 50 पैसा, 1 रुपया, 2 रुपया, 5 रुपया और 10 रुपए की राशि के सिक्के चलन में हैं। केंद्रीय बैंक ने इसके साथ बैंकों से यह भी कहा है कि वे सिक्के बदलने आने वाले ग्राहकों को अपनी शाखाओं से नहीं लौटाएं। नोट और सिक्कों को बदलने के बारे में आरबीआई के परिपत्र में बैंकों को सलाह दी गई है कि किसी भी बैंक शाखा को छोटी राशि के नोट या सिक्कों को लेने से मना नहीं करना चाहिए। हालांकि आरबीआई को बैंक शाखाओं द्वारा सिक्कों को स्वीकार नहीं करने के बारे में शिकायतें मिलती रही हैं।

पांच महीनों में फ्लाइट कैंसिलेशन से प्रभावित हुए स्पाइसजेट के 70 हजार यात्री, इंडिगो दूसरे नंबर पर

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स्पाइसजेट के 70,060 यात्री पांच महीने में फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण प्रभावित हुए हैं। इन यात्रियों को हर्जाने के तौर पर एयरलाइन ने 1.27 करोड़ रुपये दिए हैं। ये यात्री जनवरी से मई माह के बीच में प्रभावित हुए। वहीं अगर इंडिगो की बात की जाए तो वो इस मामले में दूसरे नंबर पर है। इंडिगो के 62,958 यात्री प्रभावित हुए हैं, जिसके लिए उसने 12.14 लाख रुपये का हर्जाना भी भरा है। विज्ञापन

ये जानकारी गुरुवार को लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दी है। इस मामले में जेट एटरवेज भी पीछे नहीं है। इस एयरलाइन के 50,920 यात्री कैंसिलेशन से प्रभावित हुए हैं। जिन्हें 53.31 करोड़ रुपये हर्जाने के तौर पर दिए गए हैं। जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को संचालन बंद कर दिया था। 

ये एयरलाइन इससे पहले बड़ी मात्रा में उड़ानें रद्द कर चुकी है। वहीं एयर इंडिया के 37,079 यात्री कैंसिलेशन से प्रभावित हुए हैं। इन यात्रियों को एयरलाइन ने 89.4 लाख रुपये हर्जाने के तौर पर दिए हैं।

तो प्रियंका गांधी बनेंगी कांग्रेस अध्यक्ष?

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कांग्रेस नेता एम. वीरप्पा मोइली ने कहा है कि राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष बने रहने की अब कोई संभावना नहीं है।

राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले पर अडिग रहने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने शुक्रवार को कहा इस मामले में फैसला कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्लूसी) ही लेगी।

वीरप्पा मोइली ने कहा कि कुछ भी हो सकता है। राहुल गांधी के फिर से पार्टी अध्यक्ष बनने की एक फीसद भी संभावना नही है। हालांकि किसी अन्य नाम पर विचार करने से पहले सीडब्लूसी की बैठक में इस पर एक बार फिर गहन विमर्श होगा। जब तक कि सीडब्लूसी उनका इस्तीफा मंजूर नहीं कर लेती तब तक यह अटकलों और आग्रह चलते रहेंगे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री मोइली ने उन अटकलों पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया जिसमें कहा जा रहा है कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने राहुल से अपील की है कि वह अपनी जगह अपनी बहन प्रियंका गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालने दें। उन्होंने कहा कि वह सीडब्लूसी के कोई अगला उचित कदम उठाने का इंतजार करेंगे।