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लगातार तीसरे दिन महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें क्या हैं महानगरों के भाव

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 लगातार तीसरे दिन पेट्रोल-डीजल की कीमत में उछाल आया है. शनिवार को पेट्रोल 11 पैसे और डीजल 10 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. शनिवार को पेट्रोल 5 पैसे और डीजल 6 पैसे महंगा हुआ था. दो दिनों तक कीमत स्थिर रहने के बाद लगातार दो दिनों से कीमत में इजाफा हो रहा है. आखिरी बार 16 जून को पेट्रोल और 20 जून को डीजल सस्ता हुआ था. उसके बाद से लगातार कीमत में उछाल आया है या फिर स्थिर रही है.

मेट्रो सिटी में पेट्रोल-डीजल के भाव 
शनिवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 70.28 रुपये और डीजल की कीमत 64.11 रुपये है. मुंबई में पेट्रोल 75.97 रुपये और डीजल 67.22 रुपये, कोलकाता में पेट्रोल 72.54 रुपये और डीजल 66.03 रुपये, चेन्नई में पेट्रोल 73.01 रुपये और डीजल 67.81 रुपये, नोएडा में पेट्रोल 70.21 रुपये और डीजल 63.56 रुपये और गुरुग्राम में पेट्रोल 70.74 रुपये और डीजल 63.65 रुपये प्रति लीटर है.

आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और सस्ता हो सकता है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि पेट्रोलियम को भी GST के दायरे में लाया जाएगा, जिससे इसकी कीमत में भारी कटौती देखने को मिल सकती है. दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका के बीच टेंशन कम होने से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव स्थिर हुआ है. धीरे-धीरे इसमें गिरावट भी दर्ज की जाएगी. पिछले दिनों युद्ध की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमत बढ़ने लगी थी.

VIDEO- ए.आर.रहमान के बेटे का गाना हुआ रिलीज, पहले ही गाने में छा गए आमीन !

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गायक आमीन का पहला गाना ‘सागो’ तमिल में रिलीज हुआ है. इस गीत को उनके पिता और प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर.रहमान (A. R. Rahman) ने कम्पोज किया है और उन्होंने आमीन के साथ मिलकर इसे प्रस्तुत भी किया है. यह गाना प्यार और दोस्ती के बारे में है, जिसे विवेक और एडीके ने लिखा है.

आमीन ने एक बयान में कहा है, ‘सागो’ के साथ डेब्यू करने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं. इस गाने को डैडी के साथ बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इस पर काम करने में मुझे बहुत मजा आया और मेरे इस गीत के बारे में लोगों की क्या प्रतिक्रिया है, इसके बारे में जानने का मुझे इंतजार है. उम्मीद है कि इंडस्ट्री में मेरा स्वागत गर्मजोशी के साथ होगा.’

गाने के वीडियो में आमीन नजर आएंगे. इसे अमित कृष्णन ने निर्देशित किया है.

मामा ने किया 3 साल की बच्ची से रेप

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दिल्ली के पश्चिम विहार में तीन साल की एक बच्ची से उसके रिश्तेदार ने कथित रूप से बलात्कार किया जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि चार दिन पहले पहले यह वारदात हुई।

दिल्ली महिला आयोग के अनुसार लड़की अपने घर के बाहर जब आरोपी की छह साल की बेटी के साथ खेल रही थी, तब उसके साथ यह घटना घटी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारआयोग ने बताया कि उसकी अध्यक्ष स्वाति मालीवाल अस्पताल में लड़की को देखने गईं और वह इस मामले में कानूनी और वित्तीय रूप से मदद पहुंचा रही हैं।

आयोग ने कहा, ‘छोटी सी बच्ची के साथ उसके मामा ने ही हद दर्जे की क्रूरता की और वह छह घंटे से अधिक समय तक ऑपरेशन थियेटर में रही। वह हाल ही में अपनी मां और दस साल के भाई के साथ मध्य प्रदेश से दिल्ली आई थी। उसके पिता अपनी मवेशी बेचने के बाद कुछ दिनों में उसके पास आने वाले थे।’

दलाई लामा ने क्यों कहा महिला उत्तराधिकारी संभव, पर वो आकर्षक हो

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आप मानिए या नहीं मानिए, लेकिन आपको शायद ही इस बात पर शक होगा कि दलाई लामा इस दुनिया में मौजूद सबसे चर्चित लोगों में से एक हैं.

एक ऐसे दौर में जब सेलेब्रिटी लोगों की पूजा अर्चना होने लगी है, उस दौर में दलाई लामा ऐसे धर्मगुरू हैं, जिन्हें आप अध्यात्मिक दुनिया का सुपरस्टार कह सकते हैं.

दलाई लामा 84 साल के होने वाले हैं, उन्होंने इस जीवन में लाखों लोगों का हाथ थाम कर और प्रेरक उदगारों के जरिए उनके जीवन को दिशा दी है.

मैं उनसे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास स्थित मैकलॉडगंज में पहाड़ों से घिरे उनके निवास स्थान पर मिली.

कई उन्हें अलौकिक इंसान के तौर पर देखते हैं लेकिन वे खुद जमीन से जुड़े नजर आते हैं. अपने परंपरागत लाल रंग के परिधान में वे जब कमरे में अपने सहयोगियों के साथ दाखिल हुए तो वे एक सहज व्यक्तित्व लगे. अमरीकी कॉमिक दुनिया के फिक्शनल करैक्टर क्लार्क केंट के तौर पर नज़र आए, ना कि किसी सुपर ह्यूमन के तौर पर.

दलाई लामा वैसे शख्स हैं जो दुनिया भर के नेताओं से मिल चुके हैं. जो दुनिया भर के सितारों और पॉप स्टारों से मिले हैं. कभी चीन में उनका राजपाट भी था.

वे हंसते हुए बताते हैं, “एक चीनी अधिकारी ने एक बार मुझे राक्षस कहा था.”

ऐसा बताते हुए वे अपने सिर पर हाथों से सींग बनाने की कोशिश करते हैं फिर कहते हैं, “जब मैंने ये पहली बार सुना था, तब मेरी प्रतिक्रिया यही थी कि- हां मैं सींगों वाला राक्षस हूं.”

“मुझे उनकी समझ पर दया आती है, उनकी राजनीतिक सोच-समझ बेहद संकीर्ण है.”

स्वायत्त तिब्बत का सपना

चीन के ख़िलाफ़ उनके आक्रोश की एक लंबी कहानी है और इससे उनका पूरा जीवन प्रभावित हुआ है.

1959 में जब चीन ने अपनी सेना तिब्बत के इलाक़े में भेज दी तब दलाई लामा अपना घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए थे.

उन्होंने भारत से शरण मांगी और बीते छह दशक से करीब 10 हज़ार तिब्बती लोगों के साथ धर्मशाला में रह रहे हैं.

दलाई लामा का मठ, हिमालय के बर्फीले धौलाधार पर्वतीय चोटी से घिरा बेहद खूबसूरत नज़र आता है, लेकिन इसके पीछे कटु यादें भी जुड़ी हैं.

उनके जीवन का उद्देश्य अपने घर लौटना है, लेकिन यह किसी दूर होते सपने जैसा ही है, क्योंकि अगर वे इसके लिए प्रयास भी करेंगे तो यह पूरा होता नहीं दिख रहा है. वे बताते हैं, “तिब्बती लोगों को मुझ पर भरोसा है, वे मुझे तिब्बत बुला रहे हैं.”

हालांकि अगली ही सांस में वे जोड़ते हैं कि भारत उनका आध्यात्मिक घर है. थोड़ी झिझक के साथ वे स्वीकार करते हैं कि स्वायत्त तिब्बत का उनका लक्ष्य वास्तविकता से दूर होता जा रहा है.

वैसे तो दलाई लामा ने आधिकारिक तौर पर अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों को 2011 में ही छोड़ दिया था, लेकिन अध्यात्मिक गुरू के तौर पर वे तिब्बती लोगों के प्रमुख बने हुए हैं.

ट्रंप से नाखुशी

उनके प्रतिनिधियों और चीन सरकार के बीच कई सालों से कोई बातचीत नहीं हुई है.

दलाई लामा ने ये भी बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें अब तक किसी मुलाकात के लिए नहीं कहा है. हालांकि इस दौरान उनकी बातचीत कुछ सेवानिवृत्त चीनी अधिकारियों से ज़रूर हुई है, लेकिन उनलोगों ने बातचीत आगे बढ़ाई हो, ऐसा नहीं लगता है.

1950 में जब चीन ने तिब्बत में सेना भेजी थी तब तिब्बत बेहद गरीब था लेकिन आर्थिक तौर पर तिब्बत समृद्ध हुआ है. उसकी आर्थिक प्रगति ने एक तरह से दलाई लामा के उद्देश्यों को कहीं पीछे छोड़ दिया है.

एक समय था जब, दलाई दुनिया भर के देशों की राजधानी में बुलाए जाते थे. अमरीकी राष्ट्रपति तक उनसे मिलने के लिए कतार में खड़े होते थे. जार्ज डब्ल्यू बुश ने उन्हें अमरीकी कांग्रेस के गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था जबकि बराक ओबामा भी उनसे कई बार मिल चुके हैं. ओबामा और दलाई लामा की एक मुलाकात तो 2017 में दिल्ली में हुई थी.

हालांकि मौजूदा अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ दलाई लामा का रिश्ता बहुत मधुर नहीं है. वे अमरीकी राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के लिए तैयार हैं लेकिन दलाई लामा के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नजदीकी ट्रंप ने उन्हें अब तक मुलाकात के लिए नहीं बुलाया है.

आने वाले सालों में दलाई लामा की विदेश यात्राओं की संख्या कम होती जाएंगी, लेकिन इस अध्यात्मिक नेता का कहना है कि उन्हें अब तक ट्रंप की ओर से कोई कॉल भी नहीं आई है.

अपने तीखे आकलन के आधार पर दलाई लामा कहते हैं कि अमरीका के 45वें राष्ट्रपति के शासन काल के वक़्त को नैतिक सिद्धांतों की कमी के तौर पर परिभाषित करना चाहिए. हालांकि 2016 में दलाई लामा ने ही कहा था कि उन्हें ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर कोई चिंता नहीं हो रही है.

दलाई लामा ने कहा, “जब से वह अमरीका के राष्ट्रपति बने तो उन्होंने अमरीका को प्रथामिकता देने की इच्छा जताई. यह ग़लत है.”

पेरिस जलवायु संधि और अप्रवासियों के संकट से अमरीका के पांव पीछे करने को दलाई लामा दो बहुत बड़े संकट के तौर पर देखते हैं.

दलाई लामा अमरीका मेक्सिको बॉर्डर की स्थिति के बारे में कहते हैं, “जब मैं बच्चों की तस्वीरें देखता हूं तो उदास होता हूं. अमरीका को दुनिया की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए.”

शरणार्थियों के ख़िलाफ़ दलाई लामा!

दलाई लामा अमरीका के दूसरे नेताओं और अमरीकी राष्ट्रपति के साथ अपने संबंधों को अलग रखना चाहते हैं. वे बताते हैं कि अमरीकी उपराष्ट्रपति ने तिब्बती लोगों के मदद की बात कही है और उन्हें अमरीकी कांग्रेस के दोनों सदनों के सदस्यों को समर्थन हासिल है.

हालांकि अमरीकी राष्ट्रपति की अनदेखी से पता चलता है कि ऐसा बीजिंग प्रशासन के दबाव में हो रहा है. चीन दलाई लामा के साथ संबंध रखने वालों पर दबाव तो डाल रहा है.

2012 में जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने दलाई लामा से मुलाकात की थी तो चीन ने अस्थायी तौर पर ब्रिटेन से अपने संबंध तोड़ लिए थे. बीते साल, भारत ने दलाई लामा के निर्वासन के 60 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को इसलिए रद्द कर दिया ताकि चीन नाराज़ नहीं हो.

वैसे दलाई लामा विश्व को स्वभाविक वैश्विक नज़रिए से देखते हैं. उन्होंने ब्रेक्सिट के मुद्दे पर कहा कि वे यूरोपीय संघ के प्रशंसक हैं क्योंकि बड़े संघर्षों को टालने के लिए वैश्विक साझेदारी एक अहम रास्ता है.

हालांकि दुनिया के सबसे मशहूर शरणार्थी दलाई लामा ने अप्रवासन के मुद्दे पर कुछ चौंकाने वाली बात कही.

मसलन, बीते साल उन्होंने एक संबोधन में कहा था कि यूरोपीय संघ में आने वाले शरणार्थियों को अपने अपने देश वापस लौट जाना चाहिए क्योंकि यूरोप, यूरोपीय लोगों के लिए है. जब मैंने उनसे इस बारे में पूछा तो वे अपने बयान पर कायम रहे.

उन्होंने कहा, “यूरोपीय देशों को इन शरणार्थियों को शरण देनी चाहिए और उन्हें शिक्षा और ट्रेनिंग देनी चाहिए ताकि वे सब कुछ दक्षता के साथ अपने अपने देश लौट सकें.”

महिला लामा पर जवाब

दलाई लामा का मानना है कि अंतिम उद्देश्य तो उन देशों को फिर से खड़ा करना है जहां से लोग निर्वासित हुए हैं. लेकिन ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया भर में करीब 7 करोड़ लोग अपनी-अपनी जगहों से उखड़कर दूसरे देशों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं और अगर वे उन्हीं देशों में रहना चाहें तो?

इस सवाल के जवाब में वे कहते हैं, “सीमित संख्या में तो ठीक है… लेकिन पूरा यूरोप मुस्लिम देश या फिर अफ्रीकी देश बन जाएगा, ये असंभव है.” यह ऐसा नज़रिया जो विवाद को जन्म दे सकता है.

यहां यह भी ध्यान देना चाहिए कि दलाई लामा अध्यात्मिक गुरू होने के साथ-साथ राजनीतिज्ञ भी हैं और दूसरे नेताओं की तरह ही उनका अपना नज़रिया हो सकता है.

2015 में दलाई लामा ने एक और विवादास्पद बयान दिया था, उस बयान में उन्होंने कहा था कि अगर मेरे बाद कोई महिला दलाई लामा बनती है तो उस महिला को आकर्षक होना चाहिए.

दलाई लामा ने इस बयान पर खुद को कायम बताया और कहा कि जितना दिमाग का महत्व है उतना ही महत्व खूबसूरती का है. उन्होंने हंसते हुए कहा, “अगर महिला दलाई लामा बनती है तो उसे कहीं ज्यादा आकर्षक होना चाहिए.”

उन्होंने ऐसा क्यों कहा, इस पर दलाई लामा ने कहा, “वो इसलिए क्योंकि अगर कोई महिला लामा आती हैं और वो ख़ुश दिखती हैं तो लोग भी उन्हें देखकर ख़ुश होंगे. और अगर कोई महिला लामा दुखी दिखती हैं तो लोग उन्हें देखना पसंद नहीं करेंगे.”

तो क्या उन्हें नहीं लगता कि इस पर कई महिलाओं को लग सकता है कि दलाई लामा उनका अपमान कर रहे हैं, दलाई लामा ने कहा, “असली ख़ूबसूरती मन की ख़ूबसूरती है, ये सच है, लेकिन मैं समझता हूँ कि आकर्षक दिखना भी ज़रूरी है.”

उनका यह बयान, उनकी शख्सियत के उलट दिखाई देता है क्योंकि वे सहिष्णुता और आत्मिक बल की बात करते आए हैं. दलाई लामा ने यह जरूर कहा कि बौद्‌ध साहित्य में आंतरिक और बाहरी दोनों सुंदरता की बात शामिल है. उन्होंने ये भी कहा कि उनकी नज़र में पुरुष और महिला, दोनों में समानता होनी चाहिए और वे महिला अधिकारों का समर्थन करते आए हैं और चाहते हैं कि कामकाजी महिलाओं को पुरुषों जितना ही वेतन मिले.

इस इंटरव्यू में दलाई लामा ने हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखी. तिब्बत नहीं लौटने के चलते हुए एक फायदा पूछने पर उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है और वे अपनी राय खुले तौर पर जाहिर कर पाते हैं.

दलाई लामा का संदेश दुनिया भर में एकता स्थापित करने का है लेकिन जो धर्मगुरु अपनी प्रतिबद्धता के लिए इतना मशहूर हो वह विवादास्पद भी हो सकता है.

मोदी सरकार ने 3 बड़े अखबारों का विज्ञापन रोका

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मोदी सरकार ने देश के तीन बड़े अखबारों के सरकारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है . मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विपक्ष ने आरोप लगाया है कि उसने आलोचनात्मक रिपोर्टिंग के कारण द हिंदू, टाइम्स ऑफ इंडिया और एबीपी ग्रुप के द टेलीग्राफ जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए हैं.

बुधवार को चौधरी ने संसद में कहा कि मीडिया को दबाया जा रहा है और सरकार के खिलाफ बोलने पर अखबारों के विज्ञापन रोके जा रहे हैं. 25 मिलियन से ज्यादा मंथली रीडरशिप वाले तीन बड़े अखबारों का कहना है कि उन्हें मिलने वाले लाखों रुपये मूल्य के सरकारी विज्ञापन रोक दिए गए हैं. अखबारों का कहना है कि सरकारी विज्ञापनों पर ये रोक बीजेपी के बड़े बहुमत के साथ सरकार में आने के बाद लगाई गई है. ख़बरों में दावा कियागया है किसरकार ने कुछ रिपोर्ट्स से नाखुश हो ऐसा कदम उठाया है .’ वहीँ इस मामले पर बीजेपी के मुताबिक भारत में प्रेस पूरी तरह से स्वतंत्र है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि सरकार इन तीनों अखबारों को झुकाने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्षों सहित 120 पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया

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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों की बाढ से आ गई है। कांग्रेस के करीब 120 पार्टी पदाधिकारियों ने राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। आपको बताते जाए कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस्तीफा देने पर डटे हुए हैं। 

इसी बीच गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनके इस्तीफे के बाद किसी मुख्यमंत्री, महासचिव या प्रदेश अध्यक्षों ने हार की जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा नहीं दिया। इस बयान के बाद कांग्रेस में इस्तीफों की बाढ आ गई है। करीब 120 पार्टी पदाधिकारियों ने राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

पाकिस्तानी क्यों कह रहे हैं, ”इंशाअल्लाह, इंडिया जीत जाए

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क्रिकेट वर्ल्ड कप अब ऐसी स्थिति में पहुंच चुका है जहां काफी कुछ साफ हो चुका है और काफी कुछ नहीं भी, यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो टूर्नामेंट रोमांचक दौर में पहुंच चुका है।

गुरुवार को वेस्ट इंडीज को हराने के बाद अब टीम इंडिया रविवार को इंग्लैंड की टीम का मुकाबला करेगी। वहीं, दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड को हराने के बाद पाकिस्तान भी सेमीफाइनल में पहुंचने की आस लगाए हुए है। लेकिन पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की ये आस तभी बरकरार रहेगी जब भारत रविवार को होने वाले मैच में इंग्लैंड को हरा दे।

इसी रोमांच को भांपते हुए इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में ट्विटर पर लिखा, “ये सवाल सभी पाकिस्तानी फैन्स से है। रविवार को होने वाले मैच में आप किसे सपोर्ट करेंगे? इंडिया या इंग्लैंड?” नासिर का ये पूछना था कि पाकिस्तानी क्रिकेट फैंन के धड़ाधड़ जवाब आने लगे। कई जवाब तो ऐसे भी आए जिसकी शायद किसी को उम्मीद न रही हो।

किसी पाकिस्तानी फैंन ने जवाब में – ‘जय हिंद’ लिखा तो किसी ने ‘वंदे मातरम’ अहमद ने लिखा, “हम अपने पड़ोसियों से बहुत प्यार करते हैं। हम निश्चित तौर पर इंडिया को सपोर्ट करेंगे।

सारा श्रेय खुद को देना चाहूंगा : शमी

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तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने मौजूदा विश्व कप में केवल दो मैच खेले हैं और दोनों ही मुकाबलों में उनका प्रदर्शन दमदार रहा है। शमी ने कहा कि वह टूर्नामेंट में अपने बेहतरीन प्रदर्शन का श्रेय खुद को देंगे। शमी पर पिछले साल घरेलू हिंसा का आरोप लगा था, जिसके कारण उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट से भी बाहर कर दिया गया था और उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए थे।

दो मैचों में शमी ने महज 3.46 की इकॉनमी रेट के साथ कुल आठ विकेट चटकाए हैं।

वेस्टइंडीज के खिलाफ 125 रनों से जीत दर्ज करने के बाद शमी ने कहा, “श्रेय? मेरे आलावा किसको दूंगा। मैं इसका पूरा श्रेय खुद को दूंगा।”

शमी ने कहा, ‘ बहुत कुछ झेला है। पिछले 18 महीनों में जो भी हुआ, वो मेरे साथ हुआ है और सबकुछ मुझे ही झेलना पड़ा इसलिए मैं सारा श्रेय खुद को दूंगा।”

उन्होंने कहा कि पुराना मामला खत्म हो चुका है और उनका पूरा ध्यान देश के लिए अच्छा खेलने पर केंद्रित है।

शमी ने कहा, “हां, मैं समझता हूं खुदा ने मुझे सबसे लड़ने की ताकत दी, पारिवारिक मामलों से लेकर फिटनेस तक। अब मेरा पूरा ध्यान देश के लिए दमदार प्रदर्शन करने पर केंद्रित है।”

शमी ने बताया कि उन्होंने पिछले कुछ समय में अपनी फिटनेस पर जमकर मेहनत की है।

उन्होंने कहा, “मैं एकमात्र खिलाड़ी नहीं था जो यो-यो टेस्ट में फेल हुआ। कभी-कभी आपकी लय खराब हो जाती है। मैं फेल हुआ वो अलग चीज है, लेकिन फिर मैंने कड़ी मेहनत की और अपनी फिटनेस बेहतर की। मैं अभी अच्छे जोन में हूं, मैंने अपना वजन कम किया है और हर चीज मेरे पक्ष में काम कर रही है।”

भारत एकमात्र ऐसी टीम है जो इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए 12 अंकों की जरूरत है। उसके खाते में छह मैचों से 11 अंक हैं।

मांसपेशियों को मजबूती देने का काम करेगी ये जादुई ड्रिंक

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जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ने लगती है, उसका प्रभाव हमारे शरीर पर साफ तौर पर दिखाई देता है। बढ़ती उम्र मंे आपकी हड्डियों व मांसपेशियों की ताकत काफी हद तक कम हो जाती है। ऐसे में यह बेहद आवश्यक है कि आप उसकी सही तरह से देखभाल करंे। तो चलिए आज हम आपको ऐसी एक ड्रिंक के बारे में बता रहे हैं जो आपकी मांसपेशियों को मजबूती देने का काम करेगी-


इस ड्रिंक को बनाने के लिए आपको 2 कप कटे हुए पाइनएप्पल, 1 कप ओटमील, 1 टीस्पून दालचीनी पाउडर, 1 टीस्पून अनफ्लेवर्ड जिलेटिन, 1 कप संतरे का रस, 8 औंस पिसे हुए बादाम, 1 टीस्पून आर्गेनिक शहद और 8 औंस पानी चाहिए होगा।
इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले ओटमील को 10 मिनट तक पकाएं।

इसके बाद उसे ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा करने के बाद इसमें बारी सभी साम्रगी डालकर स्मूद ब्लैंड कर लें। इस स्मूद ब्लैंड करने के बाद गिलास में डाल लें। अब लगातार 15 दिन तक रोजाना 2 बार इस ड्रिंक का सेवन करें। पहले इसे सुबह काली पेट पीएं और उसके बाद इसे दोपहर का भोजन करने के बाद पीएं।

विटामिन ए और सी का रिच सोर्स है धनिया

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हरी सब्जियां सेहत के लिए बहुत लाभकारी होती हैं, इन्हीं में से एक है धनिया। धनिया खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ साथ सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। धनिये में विटामिन ए और सी काफी मात्रा में होते है जो शरीर को कई बिमारियों से बचाते हैं। आज हम आपको बताएंगे धनिया हमारे लिए कैसे फायदेमंद है।

गलत खान पान के कारण पेट में गैस की प्रॉब्लम हो जाती है। इससे राहत पाना चाहते हैं तो आहार में हरा धनिया भी शामिल करना शुरू कर दें। धनिया के पत्तों के पेट की गैस से राहत मिलती है।

दस्त की प्रॉब्लम के लिए धनिया बहुत सहायक है। दस्त में धनिया की चटनी बना कर खाने से आपको बहुत जल्द आराम मिलेगा।

धनिया खून में इंसुलिन की मात्रा को कंट्रोल करता है। हर रोज धनिये का सेवन जरूर करें। आंवले के साथ धनिये का सेवन करने से लाभ मिलता है।