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अब हर साल दो लाख भारतीय जा सकेंगे हज पर!

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जापान के ओसाका में चल रही जी20 शिखर बैठक में भारतीय मुसलमानों के लिए एक अच्‍छी खबर आई है। सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीयों के लिए हज कोटे में वृद्धि की है। इसके साथ ही अब 1,70,000 की जगह 2,00,000 लोग हर साल इस्लामिक तीर्थ स्थल मक्का जा सकेंगे। कोटे में 30,000 की बढ़ोतरी की गई है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंच मोदी ने अपने ”अमूल्य रणनीतिक साझेदार” के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भी गहन चर्चा की।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं से कहा कि वली अहद ने प्रधानमंत्री मोदी से वादा किया है कि भारत का हज कोटा प्रति वर्ष 1,70,000 से बढ़ाकर 2,00,000 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ” यह महत्वपूर्ण है और यह कर लिया गया है।”

गोखले ने कहा कि दो लाख भारतीयों को अब हज जाने का मौका मिलेगा, जो (हज यात्रा) जल्द ही शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने पर्यटन, विमान सेवाएं बढ़ाने पर भी चर्चा की और दोनों दोबारा मुलाकात करने को भी राजी हुए।

बता दें कि पाकिस्‍तान के मुकाबले भारत के हज कोटे में दोगुनी वृद्धि की गई है। पाकिस्‍तान का हज कोटा इस बार 184,210 से बढ़ाकर 2 लाख किया गया गया है।

यानि इस बार पाकिस्‍तान से 15,790 अधिक हज यात्री मक्‍का जाएंगे। वहीं भारतीय मुसलमानों के लिए कोटे में 30000 की वृद्धि की गई है। इस प्रकार इस साल से भारत और पाकिस्‍तान से बराबर हज यात्री मक्‍का मदीना जाएंगे।

मोहन मरकाम बनाए गए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए अध्यक्ष

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मोहन मरकाम को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को राज्य की कोंडागांव सुरक्षित सीट से विधायक मोहन मरकाम को तत्काल प्रभाव से छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मोहन मरकाम को प्रदेशअध्यक्ष बनाए जाने की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भूपेश बघेल के काम की भी तारीफ की गई है। मरकाम आदिवासी समुदाय से आते हैं।

छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष पद की दौड़ में कई नामों की चर्चा चल रही थी। माना जा रहा था कि आदिवासी वर्ग से नया अध्यक्ष होगा। इसके चलते मरकाम और मनोज मंडावी में से किसी एक का बनना तय माना जा रहा था। आखिर में राहुल गांधी ने मरकाम के नाम पर मोहर लगाई।

दिसंबर 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की जीत के बाद प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाया गया था। जिसके बाद से वो दोनों जिम्मेदारी संभाल रहे थे। कई बार उन्होंने पार्टी हाईकमान से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदरी किसी और को सौंपने की बात कही थी। लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कहा था कि वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष पद से हटने की अपनी इच्छा से पार्टी आलाकमान को अवगत करा चुके हैं और राहुल गांधी इस संदर्भ में फैसला करेंगे। जिसके बाद से कांग्रेस को नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश थी।

योगिनी एकादशी 2019: जानिए कब पड़ रही है योगिनी एकादशी और क्या है इसका महत्व

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आपको बता दें, कि हिंदू धर्म में ऐसे कई सारे पर्व हैं, मगर योगिनी एकादशी को बहुत ही विशेष माना जाता हैं, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता हैं इस एकादशी का पाप के प्रायश्चित के लिए विशेष महत्व बताया गया हैं। इस दिन श्री हरि के ध्यान भजन और कीर्तन से मनुष्य को सभी पापों से मुक्ति मिलती हैं, कहा जाता हैं कि अगर इस दिन उपवास रखकर भगवान ​श्री हरि विष्णु का ध्यान किया जाए तो व्यक्ति को उसके हर पाप से मुक्ति प्राप्त हो सकती हैं। वही इस बार यह योगिनी एकादशी का पर्व 29 जून को पड़ रहा हैं।

जानिए योगिनी एकादशी के उपवास की विधि— 
आपको बता दें, कि प्रात: काल स्नान करके सूर्य देवता को जल अर्पित करें। इसके बाद पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की पूजा करें इसके बाद उन्हें पीले पुष्प पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद श्री हरि विष्णु और देवी मां लक्ष्मी के मन्त्रों का जाप करें। किसी भी निर्धन व्यक्ति को जल का, अन्न वस्त्र का या जूते छाते का दान करें। केवल जल और फल ग्रहएा करके ही उपवास रखें।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए ऐसे रखें व्रत— 
एकादशी का उपवास रखें दिन भर और रात भर केवल जलीय आहार ग्रहण करें ​ जितना संभव हो भगवान शिव की उपासना करें। कम से कम बोलें औ क्रोध बिल्कुल भी न करें। वही पापो के प्रायश्चित के लिए एकादशी का उपवास रखें और सुबह शाम श्री हरि की उपासना करें। गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करना भी सर्वोत्तम माना जाता हैं, वही इसके अलावा भगवद्गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करने से भी लाभ मिलता हैं।

तबरेज़ अंसारी की मॉब लिंचिंग देश के माथे पर कलंक- महमूद मदनी

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झारखंड के सराय केला में धार्मिक घृणा और हिंसक भीड़ के शिकार तबरेज अंसारी की मौत पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने चिंता प्रकट करते हुए इसे देश के माथे पर एक बदनुमा कलंक करार दिया।

मंगलवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि झारखंड में इस तरह की घटनाओं का होना आम बात हो गई हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि समाज की सामूहिक संवेदना इस कदर मुर्दा हो गई हैं कि एक व्यक्ति को कुछ लोग मारते रहते हैं और बड़ी संख्या में समाज के जिम्मेदार खड़े होकर तमाशा देखते हैं, जो वास्तव में भारत की संस्कृति, हिंदुस्तानियत, लोकतंत्र और मानवता के माथे पर एक कलंक है।

अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, मौलाना मदनी ने कहा कि यह देश के शासकों की जिम्मेदारी है कि वह देश को इस मुसीबत से बचाएं और ऐसा घिनौना कार्य करने वाले दोषियों को सख्त से सख्त सजा दें। इसके साथ उन लोगों को भी सजा दी जानी चाहिए जो ऐसे अपराधों के समर्थक या शुभचिंतक हैं।

मौलाना महमूद ने बताया कि जमीयत का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक तबरेज अंसारी के घर पहुंचा और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि 26 जून को जमीयत का केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल रांची में मुख्यमंत्री रघुवर दास से भेंट करेगा और उसके बाद गर्वनर हाउस के सामने सामूहिक प्रदर्शन किया जाएगा।

वर्ल्ड कप से बाहर हुई वेस्टइंडीज टीम, आप भी जानिए

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भारत से हारने के बाद अब वेस्टइंडीज की टीम भी वर्ल्ड कप से बाहर हो गयी । वेस्टइंडीज वर्ल्ड कप से बाहर होने वाली तीसरी बन गयी है । इससे पहले अफगानिस्तान और अफ्रीका वर्ल्ड कप से बाहर हो चुकी है । इस मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 125 रन से हराया ।

इस मैच के हारने के बाद वेस्टइंडीज की अभी फैंस की आखरी आशा भी खत्म हो गयी । वेस्टइंडीज को टीम का इस वर्ल्ड कप में काफी खराब प्रदर्शन किया है । वेस्टइंडीज ने 7 मैचो में से 1 ही मैच में जीत मिली है जबकि 5 मैच हारे है और एक मैच बारिश के कारण रद्द रहा ।

इस समय वेस्टइंडीज की टीम पॉइंट टेबल्स में नंबर 8 पर है । भारत से मैच हारने के बाद वेस्टइंडीज के पास टॉप-4 में जाने अब कोई भी रास्ता नही बचा है ।

मोदी-ट्रंप के मुलाकात पर फारूक अब्दुल्ला बोले- अमेरिका ने हमें अच्छा सबक सिखाया

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 जापान के ओसाका में जी20 सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात और दोंनों देशे के बीच हुई बातचीत पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला का बयान सामने आया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पीएम मोदी हर जगह आतंकवाद के बारे में बात करते हैं, इसमें कोई नई बात नहीं है, लेकिन ट्रम्प ने हमें अच्छा सबक सिखाया है। उन्होंने हमें टैरिफ कम करने के लिए कहा है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि दोनों को इस बारे में बात करनी चाहिए और कुछ करना चाहिए ताकि यूएसए के साथ हमारे संबंध बने रहें। बता दें कि जी20 सम्मेलन से हटकर पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच मुलाकात हुई है। इस मीटिंग के दौरान मोदी और ट्रंप ने ईरान और ट्रेड मुद्दों के साथ 5जी कम्‍यूनिकेशन नेटवर्क्‍स के साथ ही रक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। विदेश सचिव विजय गोखले ने इस बाबत जानकारी दी।

पीएम मोदी ने भारत की तरफ राष्‍ट्रपति ट्रंप के प्‍यार के लिए उनका शुक्रिया अदा किया है। पीएम मोदी ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो के हाथों दी एक चिट्ठी में ट्रंप को थैंक्यू कहा है। पोंपेयो हाल ही में भारत की यात्रा पर आए थे। ट्रंप ने कहा, ‘भारत और अमेरिका के संबंध इतने करीबी पहले नहीं थे जितने अब हैं।’ इसके साथ ही उन्‍होंने पीएम मोदी के साथ बातचीत की शुरुआत की।

विदेश सचिव गोखले ने बताया चार अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इनमें ईरान, 5जी, ट्रेड और रक्षा संबंध। ट्रंप ने मोदी को हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में विशाल जीत दर्ज करने पर बधाई दी। ईरान के मसले पर दोनों देशों ने आपस में संपर्क में रहने का वादा किया है और साथ ही क्षेत्रीय स्थिति को स्थिर रखने की बात कही। इस दौरान पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति के सामने भारत की ऊर्जा संबंधी जरूरतों को लेकर चिंता जताई।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने रूसी राष्‍ट्रपति पुतिन के साथ रिश्तों को बताया ‘बहुत अच्छा’

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जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी नेता के साथ अपने रिश्ते को ‘बहुत अच्छा’ बताया. ट्रंप ने कहा, ‘राष्ट्रपति पुतिन के साथ होना बहुत सम्मान की बात है.’ अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे संबंध बहुत, बहुत अच्छे हैं.’ रूस के साथ ट्रंप के संबंध और दोनों के बीच 2018 में हेलसिंकी में हुई बैठक के बाद पैदा हुए विवाद की पृष्ठभूमि में दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ यहां जी-20 शिखर सम्मेलन शुरू होने से पहले शुक्रवार को द्विपक्षीय वार्ता की. जी-20 शिखर सम्‍मेलन में भारत और अमेरिका के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में 4 मुद्दों ईरान, 5जी, द्विपक्षीय संबंधों और रक्षा मामलों पर चर्चा हुई. वहीं पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध और मजूबत हुए हैं. उन्‍होंने कहा कि भारत का मंत्र है सबका साथ और सबका विकास. पीएम मोदी ने कहा कि जापान, अमेरिका और इंडिया का मतलब है ‘जय’ (JAI).

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने पीएम मोदी को लोकसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत की बधाई दी. इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि हम अच्‍छे दोस्‍त बन गए हैं. मैं यह पुख्‍ता तौर पर कहना चाहता हूं कि हम सैन्‍य व अन्‍य क्षेत्रों में साथ काम करेंगे.

17वीं सदी के जापान से आए हैं गांधी के तीन बंदर, पढ़ें-मिजारू, किकाजारू, इवाजारू की कथा

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17वीं सदी में जापान के शहर निक्‍को में पहली बार इन तीनों बंदरों की प्रतिमाओं को मशहूर तोशो-गु मठ के एक दरवाजे के ऊपर पाया गया था.

जी-20 शिखर सम्‍मेलन (G-20 Summit) में शिरकत करने जापान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कोबे शहर में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र करते हुए खासतौर पर महात्मा गांधी की शिक्षाओं से जुड़े तीन बुद्धिमान बंदरों का उल्लेख किया.

उन्होंने कहा, ”जापान के साथ हमारा संबंध सदियों पुराना है. हम एक दूसरे की संस्कृति का सम्मान करते हैं. यह बापू (महात्मा गांधी) की वजह से है… हम सभी ने उनकी यह कहावत सुनी है- बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो और बुरा मत कहो. लेकिन यह सभी को मालूम है कि उन्होंने अपना संदेश फैलाने के लिए जिन तीन बंदरों की बात की, उसका मूल 17 वीं सदी के जापान में है.”

ये तीन बंदर हैं:
1. मिजारू- जो आंखें ढंके हुए है और बुरा नहीं देखता
2. किकाजारू- जिसने कान बंद किए हुए हैं और जो बुरा नहीं सुनता
3. इवाजारू- जिसने अपना मुंह बंद किया है और जो बुरा नहीं बोलता.

कंफ्यूशियस की आचार-संहिता 
इन बंदरों के पाए जाने की भी एक कथा है. दरअसल 17वीं सदी में जापान के शहर निक्‍को में पहली बार इन तीनों बंदरों की प्रतिमाओं को मशहूर तोशो-गु मठ के एक दरवाजे के ऊपर पाया गया था. इनको हिंदारी जिंगोरो ने तराशा था. ये मठ शिंटो संप्रदाय का है. इस संप्रदाय में बंदरों का विशेष महत्‍व है.

इनके बारे में कहा जाता है कि ये महान दार्शनिक कंफ्यूशियस की आचार-संहिता को रेखांकित करते हैं, जिसके तहत इन बंदरों के माध्‍यम से मनुष्‍य के लिए जीवन सिद्धांतों को बताया गया है. जापान के पूर्वी हिस्‍सों और टोक्‍यो के आस-पास इस तरह की कई प्रस्‍तर प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं.

इन शिक्षाओं को ग्रहण करने के साथ ही गांधी के पास तीन बंदरों का छोटा स्‍टैच्‍यू भी था. उनको इनको बापू, केतन और बंदर कहा.

कांग्रेस में जारी है छत्तीसगढ़ के लिए अध्यक्ष की तलाश

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कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के लिए नए अध्यक्ष की तलाश तेज हो गई है, रायपुर से लेकर दिल्ली तक मंथन का दौर जारी है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी राज्य के कई नेताओं से चर्चा भी कर चुके हैं और जल्दी ही नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान संभव है।

राज्य में डेढ़ दशक बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई तो लोकसभा चुनाव में अपेक्षा के अनुरूप नतीजे नहीं आए। 11 लोकसभा सीटों में से सिर्फ दो पर ही कांग्रेस को जीत मिली है। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही भूपेश बघेल प्रदेशाध्यक्ष के पद से मुक्ति चाह रहे हैं।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में अमरजीत भगत, मोहन मरकाम और मनोज मंडावी के नामों की चर्चा जोरों पर है।इसको लेकर पार्टी में मंथन भी चल रहा है। इन तीन दावेदारों में से अमरजीत भगत को जहां भूपेश मंत्रिमंडल में जगह देने की तैयारी है तो मरकाम और मंडावी में से किसी एक को अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस मसले पर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भी मरकाम व मंडावी से बात कर चुके हैं।

पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के मसले पर चर्चा के लिए भूपेश बघेल भी बीते दिनों दिल्ली जाकर राहुल गांधी से चर्चा करने वाले थे, मगर उनकी माता की अचानक तबियत बिगड़ जाने के कारण दिल्ली दौरा अचानक निरस्त करना पड़ा था।

सरकार में मुख्यमंत्री बघेल के बाद राज्य के सबसे ताकतवर नेता और मंत्री टी एस सिंहदेव ने भी इशारों-इशारों में साफ कर दिया है कि अगला अध्यक्ष बस्तर से आदिवासी नेता हो सकता है, वहीं सरगुजा से नाता रखने वाले नेता को मंत्री बनाया जा सकता है। सिंहदेव ने अपनी मंशा से राहुल गांधी को भी अवगत करा दिया है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राज्य का नया अध्यक्ष आदिवासी वर्ग से बनाया जाएगा इतना तो तय है। इसके चलते मरकाम व मंडावी में से किसी एक का बनना तय है।

छत्तीसगढ़ की राजनीति के जानकारों का कहना है कि पार्टी मंडावी और मरकाम में से ही अध्यक्ष चुनकर खुद को आदिवासी हितैषी बताने के साथ इस वर्ग में जनाधार बनाए रखना चाहती है। मरकाम के पक्ष में बड़ी बात यह है कि वे सिंहदेव व भूपेश बघेल दोनों के करीबी हैं। मरकाम के अध्यक्ष बनने पर किसी तरह के टकराव के आसार भी नहीं है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज्य प्रभारी पी.एल. पुनिया भी ऐसे नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाह रहे हैं, जिससे सत्ता और संगठन के बीच किसी तरह का टकराव न हो। इस संदर्भ में पुनिया की राहुल गांधी से भी चर्चा हो चुकी है, संभावना है कि जुलाई माह में राज्य विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले ही नए अध्यक्ष का ऐलान कर दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़/कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का ऐलान-केंद्र सरकार मदद न दे तो भी 2500 रुपए में खरीदेेंगे धान

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कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों को सम्मान निधि देने की बात कह रही है, लेकिन जितने में चार बैग डीएपी न मिले, उस सम्मान निधि का क्या फायदा? कृषि मंत्री ने साफ किया कि अमानक खाद की शिकायत पर व्यापारी के साथ-साथ अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार 1760 से एक रुपए भी समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाना चाह रही। कांग्रेस ने 2500 रुपए में धान खरीदने का निर्णय लिया है। यदि केंद्र सरकार समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाती, तब भी राज्य सरकार 2500 रुपए में धान खरीदेगी। केंद्र सरकार यदि चावल लेने में सपोर्ट नहीं करेगी तो चावल बेस्ड इंडस्ट्री लगाएंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। 
 केंद्र सरकार धान का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाएगी तो राज्य सरकार क्या करेगी? 


हमसे पहले यहां भाजपा की सरकार थी। उसने सिर्फ चुनावी साल में ही 270 आैर 300 रुपए धान का बोनस दिया। इसलिए लोगों के मन में यह सवाल हो सकता है कि कांग्रेस सिर्फ चुनावी साल में ही 2500 रुपए में धान खरीदेगी। केंद्र सरकार ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद भी समर्थन मूल्य में एक रुपए की वृद्धि नहीं कर रहे। हमने जो कहा है वह किया है, इसलिए केंद्र सरकार राशि बढ़ाए या न बढ़ाए हम हर साल 25 सौ रुपए में ही किसानों का धान खरीदेंगे। 

खरीफ फसल के लिए खाद-बीज की क्या तैयारी है? 
हमने खाद-बीज की पूरी तैयारी कर ली है। इस बार धान का रकबा बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए हमने अतिरिक्त तैयारी भी की है। खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकार ने नेशनल सीड कार्पोरेशन से भी टाइअप किया है। साथ ही, बीज निगम में लगभग आठ लाख क्विंटल बीज की व्यवस्था की है।


इस बार धान के रकबे और उत्पादन में कितनी वृद्धि की संभावना है? 
पिछली बार राज्य में करीब 38 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई थी। इससे लगभग 1 लाख 10 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ था। सरकार ने 81 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की थी। इस बार लगभग 41 लाख हेक्टेयर में किसान धान उगाएंगे। एक लाख 30 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने की उम्मीद है। उसके मुताबिक ही हम तैयारी कर रहे हैं। 

पानी गिरने में देरी हुई तो क्या प्लानिंग है? 
अभी खेती किसानी का समय शुरू हो रहा है। मुझे लगता है कि जल्दी ही बारिश होगी आैर कृषि कार्य प्रभावित नहीं होगा। फिर भी यदि बारिश में देरी हुई तो हम किसानों से अाग्रह करेंगे कि वे 135 से 140 दिन में उत्पादन देने वाले धान के बजाय 115 से 125 दिन में उत्पादन देने वाले धान की वेरायटी लगाएं। इसके लिए अतिरिक्त बीज की व्यवस्था की है। 

राज्य में अमानक खाद की काफी शिकायतें हैं। इससे किस तरह निपटेंगे? 
हम विधानसभा में लगातार कहते रहे हैं कि छत्तीसगढ़ बिलो स्टैंडर्ड और अमानक खाद का बाजार बन गया है। इस सत्र से हमने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। हमने पांच-सात स्थानों पर छापामार कार्रवाई भी की है। तीन फैक्ट्रियों को सील करवाया है। हमने सभी जिले के अफसरों को निर्देशित किया है कि यदि उनके जिलों में अमानक खाद पाई जाती है तो व्यापारी आैर दुकान के खिलाफ कार्रवाई तो होगी ही उस जिले के अफसर के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

किसान सम्मान निधि बढ़ाने की राज्य सरकार ने मांग की है। कितने किसानों काे लाभ मिलेगा? 
हमने भी किसानों को पेंशन देने की बात कही है। केंद्र सरकार ने भी किसानों को 6 हजार रुपए देने की घोषणा की है। चार महीने में दो हजार रुपए केंद्र सरकार किसानों को देगी जो कि डीएपी के चार बैग की कीमत जितनी भी नहीं है। नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने इसे 12 हजार रुपए करने की मांग की है। हमने अभी राज्य के 16 लाख किसानों का रिकार्ड भेजा है। भविष्य में राज्य के 32 से 35 लाख किसानों को यह राशि देनी होगी।