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अमरीका तक पहुंची झारखंड में मुस्लिम युवक की हत्या की आंच

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वाशिंगटनः झारखंड में मुस्लिम युवक की हत्या कीआंच अमेरिका तक पहुंच गई है। अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF ) ने झारखंड में मुस्लिम युवक की भीड़ द्वारा हत्या का विरोध और निंदा करते सरकार से इस तरह की हिंसा और भय के माहौल को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

झारखंड के सरायकेला खर्सवान जिले के धातकीडीह गांव में पिछले बुधवार को तबरेज अंसारी (24) की भीड़ ने चोरी के शक में कथित रूप से खंभे से बांधकर डंडों से पिटाई कर दी थी। एक वीडियो में उसे कथित रूप से “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के नारे लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। शनिवार को उसकी मौत हो गई थी। यूएससीआईआरएफ के अध्यक्ष टोनी पर्किन्स ने कहा, “हम इस नृशंस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं जिसमें अपराधियों ने कथित तौर पर अंसारी की घंटों पिटाई करते हुए उसे हिंदूवादी नारे लगाने के लिए मजबूर किया।”

टोनी ने कहा, “हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह अंसारी की हत्या की व्यापक जांच के साथ ही इस मामले को देख रही स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच कर ठोस कदम उठाए जिससे इस तरह की हिंसा और भय के माहौल को रोका जा सके।” उन्होंने कहा, “जवाबदेही का अभाव केवल उन लोगों को प्रोत्साहित करेगा जो मानते हैं कि वे धार्मिक अल्पसंख्यकों को दंडित करने के लिये उन्हें निशाना बना सकते हैं।”

अरब यात्री इब्न बतूता ने हिंदुस्तान में चखा समोसा, जानिये क्या था समोसे का इतिहास

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42 वर्ष के हरिशंकर दूबे, नोएडा में समोसे बेचते हैं. समोसे से होने वाली कमाई से ही परिवार का भरण-पोषण होता है. बस्ती के रहने वाले हैं. खोड़ा में कमरा किराये पर लेकर रहते हैं.उन्हें नहीं पता कि समोसा कहां से हिंदुस्तान आया जबकि पिछले चार वर्षों से समोसा बनाने व बेचना ही उनका व्यवसाय है. हरिशंकर को यह भी नहीं पता कि समोसा आखिर तिकोना ही क्यों बनता है, बचपन से ही समोसे को तिकोना देखा, व जब समोसा बनाने प्रारम्भ किए तो तिकोना ही बनाया. हरिशंकर दूबे की ही तरह कई समोसे बेचने, बनाने वसमोसे खाने वालों को नहीं पता कि समोसा कहां से हिंदुस्तान आया व कैसे हमारे स्वाद में मिलकर बच्चों से लेकर बड़ों तक का पसंदीदा बन गया.

कहां से हिंदुस्तान आया समोसा?
समोसा, ईरान से हिंदुस्तान आया व भारतीय स्वाद में घुल-मिल गया. रेहड़ी एवं फुटपाथ से लेकर बड़े-बड़े होटलों की दहलीज पर इतराने लगा. हर भारतीय घर के स्वाद में चटखारे मारने लगा. बच्चों से लेकर बूढ़ों तक के दिल का अजीज पकवान बन गया. छुट्टी हो या पिकनिक, अतिथि आए हों या दोस्त, समोसे के स्वाद के बिना कोई भी पार्टी पूरी नहीं होती. सभा हो या संगोष्ठी चाय के साथ समोसा ही भाता है.

अपने इर्द-गिर्द देख लीजिए कोई ऐसा मार्केट नहीं जहां आपको मुस्कराता समोसा न दिखें.गर्मागर्म ऑयल में तलता समोसा अपनी तरफ न खींचे. लेकिन आपका यह समोसा भारतीय नहीं है बल्कि दूर देश से हिंदुस्तान आया हुआ है. 

लेखन में समोसे का जिक्र?
लेखन में समोसे का जिक्र कई सौ वर्ष पहले से मिलता है. बताया जाता है कि सबसे पहले समोसे का जिक्र ईरान के इतिहासकार अबुल फाजी बेहकी (995-1077 ई। ) ने किया. उन्होंने समोसे का वर्णन ‘समबुश्क’ एवं ‘समबुस्ज’ नाम से किया. मुस्लिम व्यापारी समोसे को हिंदुस्तान लाए. यह 13वीं एवं 14वीं शताब्दी का दौर था जब समोसा व्यंजन हिंदुस्तान आया व इस डिश को मुस्लिम राजवंशों का सरंक्षण मिला. यह उनके प्रिय पकवान में शामिल हो गया.
 

अरब यात्री इब्न बतूता ने हिंदुस्तान में चखा समोसा
मशहूर सूफी संत धनी खुसरो ने भी अपनी रचनाओं में समोसे को लेकर दिल्ली के सुल्तान के प्यार का जिक्र किया है. अरब यात्री इब्न बतूता ने भी सबसे पहले समोसा हिंदुस्तान में ही चखा व इसके स्वाद से मुरीद होकर अपनी यात्रा संस्मरण में समोसे का जिक्र ही कर डाला.

इब्न बतूता 14वीं शताब्दी में हिंदुस्तान आए व उन्होंने मोहम्मद बिन तुगलक के दरबार में समोसे का स्वाद चखा. उन्होंने इस पकवान का जिक्र समबुश्क नाम से किया. उन्होंने लिखा कि कैसे कीमा के साथ बादाम, पिस्ता व अखरोट वाला समोसा उन्हें परोसा गया. धनी खुसरो ने तो एक कहावत ही कह डाली- समोसा क्यों नहीं खाया? जूता क्यों न पहना.अंग्रेज जब हिंदुस्तान आए तो उन्होंने भी इस पकवान का स्वाद यहीं चखा. हालांकि ऐसा नहीं है कि समोसा सिर्फ हिंदुस्तान में ही बनता है लेकिन पाक को छोड़कर, भारत की तरह समोसा शायद ही दुनिया के किसी दूसरे देश में बनता हो. पुर्तगाल, ब्राजील व मोजाम्बिक में ‘समोसा’ पेस्ट्री की तरह बनता है.

ईरान से भारत आने वाला समोसा 20वीं शताब्दी तक कई तरह से बदल चुका है. अब आपको मार्केट में कई तरह के समोसे मिल जाएंगे. पहले अरब में बनने वाले समोसे में मांस, प्याज, पालक व पनीर पड़ता है. हिंदुस्तान में भी यह इसी रूप में आया लेकिन कालांतर में हिंदुस्तान में समोसे के भीतर आलू व मटर भरा जाने लगा. व इसके बाद समोसा इसी रूप में गांव, कस्बों व शहरों में मशहूर हो गया. समोसा कैसे तिकोना हुआ, इस बात का जिक्र कहीं नहीं मिलता है.

बिच्छू के काटने पर तुरंत करें ये उपाय जहर नहीं चढेगा जरा भी

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 गाँवों या शहरो में अक्सर कच्ची जगह या बरसात में घर में बिच्छू निकल आते हैं। बिच्छू बहुत जहरीला जिव है।किसी भी प्रकार के बिच्छू के प्रभावशाली दंश के कारण एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है जो आपके लिए बहुत खतरनाक हो सकती है, वहीं बिच्छू के काटने पर बहुत दर्द होता है और कुछ बिच्छू ऐसे होते हैं जिनके काटने से व्यक्ति की मौत हो जाती है।

अगर बिच्छू आपको डंक मार लेता है तो घर के नुस्खों से आप उसका जहर अपने शरीर से उतार सकते हैं। इसलिए आज हम आपको एक ऐसा घरेलु नुस्खा बताने जा रहें हैं जिसके इस्तेमाल से बिच्छू का ज़हर पूरी तरह से उतर जायेगा।

करें ये घरेलू उपचार:

-अगर आप वहां बारीक पिसा सेंधा नमक और प्याज को मिलाकर लगाएंगे तो भी जहर का असर खत्म हो जाता है।

बिच्छु के डंक मरने पर माचिस की 5-6 तीलियाँ का मसाला को उतारकर पानी में घिसकर बिच्छु के डंक लगे स्थान पर लगाने से तत्काल बिच्छु का जहर उतर जाता है।

-इसी के साथ कहा जाता है रतालु या प्याज के रस में नौसादर मिलाकर बिच्छू के डंक पर लगाने से भी विष उतर जाता है।

-फिटकरी के इस्तेमाल से भी बिच्छू के ज़हर को उतारा जा सकता है, इसके लिए फिटकरी को पानी में घिसकर बिच्छू के काटे हुए स्थान पर लगा दें और गर्म कपडे से सेके। ऐसा करने से बिच्छू का जहर पूरे शरीर में नहीं फैलेगा और उसका जहर जल्द ही शरीर से उतर जाएगा।

नशे के आदी ये बॉलीवुड कलाकार, जो एक- एक दिन में पी डालते हैं लाखों की शराब

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 बॉलीवुड कलाकारों की जिंदगी फिल्मों में जैसी दिखती हैं असल में होती बिल्कुल अलग है। बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हस्तियों की जिन्दगी, दूसरा का मनोरंजन करने में ही गुजर जाती हैं। घर-परिवार, दोस्त-यार सभी सेलिब्रिटी की तरह ट्रीट करने लगते हैं। ऐसे में अकेलेपन का शिकार और बुरी आदतों में ही लिप्त हो जाते हैं ये कलाकार। शराब-डारू जैसे नशें में लीन हो जाने से कितने रूपये की बर्बादी तो करते ही हैं और साथ ही स्वास्थ्य का भी हाल खस्ता कर देते हैं। इस तरह के कुछ कलाकार इस प्रकार हैंः

1) मनीषा कोइराला :

दोस्तों मनीषा कोइराला का बॉलीवुड फिल्मो का करियर तो बहुत अच्छा रहा हैं। उन्होंने बॉम्बे ‘1942 ए लव स्टोरी’ जैसी बहुत सी हिट फिल्मो में काम किया हैं और मनीषा कोइराला ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘संजू’ में संजय दत्त की मां का किरदार निभाती नजर आईं थीं। दोस्तों आपको यकीन नहीं होंगा की मनीषा कोइराला 80 हज़ार से लेकर 1 लाख 50 हज़ार रुपये तक की विदेशी शराब पीने में उड़ा देती हैं।

2) अर्जुन रामपाल :

दोस्तों बॉलीवुड फिल्म के अभिनेता और मॉडल अर्जुन रामपाल का फ़िल्मी करियर ज्यादा नहीं चल रही है। उनकी कई फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई है। और अर्जुन रामपाल भी बहुत महंगी शराब पीने में सबसे टॉप में आते हैं दोस्तों अर्जुन 2 लाख से लेकर 8 लाख तक की विदेशी ब्रांड की शराब पीते हैं।

3) राखी गुलजार :

दोस्तों बॉलीवुड फिल्म की जानी मानी ‘करन-अर्जुन’ में अपनी अदाकारी से सबका दिल जीतने वाली, और कई सुपरहिट फ़िल्में में काम करने वाली, पुराने ज़माने की खूबसूरत अभिनेत्री राखी गुलजार को कौन नहीं जानता है। और इन्हें भी शराब पीने का बहुत शौक है। महंगी और विदेशी शराब में इन्हें ब्रांड चिवास, मैकालेन और डेलमोर ज्यादा पसंद है।

4) धर्मेन्द्र :

दोस्तों धर्मेन्द्र पुराने ज़माने के सुपरस्टार है। और उन्होंने हेमा मालिनी से दूसरी शादी करने के लिए अपना धर्म तक बदल लिया था। धर्मेंद्र की शराब की लत के बारे में तो हर कोई लोगो को पता है। धर्मेंद्र ने अपने बेहतरीन कैरियर के 15 साल बहुत ज्यादा शराब से बिताया था। आज भी उन्होंने शराब छोड़ी नहीं है अभी भी धर्मेंद्र महंगी शराब पीना पसंद करते हैं।

विश्व कप : आज वेस्टइंडीज से है भारत का मुकाबला

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भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्व कप-2019 के एक अहम मैच में यहां ओल्ड ट्रेफर्ड मैदान पर आज वेस्टइंडीज का सामना करेगी। इस टूर्नामेंट में भारत ने अभी तक एक भी मुकाबला नहीं हारा है और इसी क्रम को वह विंडीज के खिलाफ भी बरकरार रखना चाहेगी।

पहले तीन मैच आसानी से जीतने बाद भारत को हालांकि अपने पिछले मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ मशक्कत करनी पड़ी थी लेकिन मोहम्मद शमी की आखिरी ओवर में लगाई गई हैट्रिक से भारत ने क्रिकेट के महाकुंभ में अपनी चौथी जीत दर्ज कर ली थी।

भुवनेश्वर के चोटिल होने के बाद टीम में आए शमी का वेस्टइंडीज के खिलाफ भी खेलना तय माना जा रहा है क्योंकि भुवनेश्वर की चोट को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हैं। उन्होंने हालांकि मंगलवार को फिजियो की देखरेख में तकरीबन आधे घंटे तक अभ्यास जरूर किया था लेकिन टीम प्रबंधन भुवनेश्वर को लेकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहेगा। इसलिए शमी और जसप्रीत बुमराह के ऊपर वेस्टइंडीज के तूफानी बल्लेबाजी क्रम को रोकने का जिम्मा होगा।

भारत के खिलाफ अहम मैच से पहले विंडीज को एक झटका लगा है। उसके स्टार खिलाड़ी आंद्रे रसेल विश्व कप से बाहर हो गए हैं। रसेल ने अभी तक विश्व कप में वैसा प्रदर्शन नहीं किया था जिसके लिए वो जाने जाते हैं लेकिन फिर भी वह जिस स्तर के खिलाड़ी हैं, वह किसी भी समय फॉर्म में आकर मैच का रुख बदल सकते हैं। विंडीज के पास रसेल जैसे कुछ और खिलाड़ी हैं जिनसे भारत को बच कर रहना होगा।

कार्लोस ब्रैथवेट उनमें से एक नाम है। ब्रैथवेट ने ही न्यूजीलैंड के खिलाफ विंडीज को जीत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था। लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने पांच रन दूर रहते गलती की और टीम को उसकी वजह से हार झेलनी पड़ी, इस तरह की गलती न सिर्फ ब्रैथवेट बल्कि पूरी टीम करने से बचेगी।

विंडीज के पास क्रिस गेल, शाई होप, शिमरोन हेटमायेर और कप्तान जेसन होल्डर भी हैं जो बड़ी पारियां और तेजी से रन बनाने का दम रखते हैं।

वहीं अगर भारतीय गेंदबाजों की बात की जाए तो शमी और बुमराह का सामना करना तो विंडीज के लिए मुश्किल होगा ही, उसे मध्य में युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की स्पिन जोड़ी से भी बचना होगा। स्पिन पर वैसे भी विंडीज की कमजोरी जगजाहिर है।

वेस्टइंडीज की गेंदबाजी भी इस टूनार्मेंट में अच्छा कर रही है, खासकर शेल्डन कॉटरेल। वह बेहतरीन फॉर्म में हैं। उनके अलावा ओशाने थॉमस, शेनन गैब्रिएल, कप्तान होल्डर और ब्रैथवेट भी अच्छी लय में हैं। बस देखना यह होगा कि भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के आगे यह किस हद तक अपनी अच्छी लय को कायम रख पाते हैं।

अगर भारतीय बल्लेबाजी की बात की जाए तो उसके लिए सब कुछ ठीक है, सिवाए नंबर-4 की समस्या के। विजय शंकर को दो मैचों में इस स्थान पर मौका दिया गया है लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाए। हो सकता है वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत इस नंबर पर युवा ऋषभ पंत या दिनेश कार्तिक को आजमाए।

अफगानिस्तान के खिलाफ एक बार फिर भारत की मध्य क्रम की चिंता सामने आई थी। लंबे अरसे से देखा गया है कि अगर भारत के शीर्ष-3 बल्लेबाजों में से कोई एक भी टिक नहीं पाता तो भारत बड़ा स्कोर नहीं कर पाता। अफगानिस्तान के खिलाफ भी यही देखा गया था। विंडीज की कोशिश भी यही होगी भारत के शीर्ष तीन- रोहित शर्मा, लोकेश राहुल और विराट कोहली को जल्दी पवेलियन भेजा जाए।

टीमें :

भारत : विराट कोहली (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, शिखर धवन, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक, हार्दिक पांड्या, लोकेश राहुल, मोहम्मद शमी, विजय शंकर, रोहित शर्मा, कुलदीप यादव।

वेस्टइंडीज : जेसन होल्डर (कप्तान), क्रिस गेल, इविन लुइस, डारेन ब्रावो, शिमरोन हेटमायेर, एशले नर्स, फाबियान एलेन, कार्लोस ब्रैथवेट, निकोलस पूरन (विकेटकीपर), शाई होप (विकेटकीपर), केमर रोच, ओशाने थॉमस, शेनन गैब्रिएल, शेल्डन कॉटरेल, सुनील एम्ब्रीस।

महाराष्ट्र में हुई थी देश की पहली गे मैरिज, शादी को जोड़े ने कहा था कमिटमेंट

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भारत में समलैंगिक संबंधों को कानूनी करार दिए जाने की बात ज़्यादा पुरानी नहीं है. सेक्शन 377 पर पिछले साल ही सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा था कि समलैंगिक संबंध अपराध की श्रेणी में नहीं हैं. इससे पहले जब 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने सेक्शन 377 के सिलसिले में विचार किए जाने की मंज़ूरी दी थी और फैसला आने में वक्त था, तब भारत में पहली गे शादी हुई थी. आइए उस अनोखी और पहली गे शादी के बारे में आपको बताते हैं कि कैसे एक आईआईटी ग्रेजुएट और टीचर ने शादी की.

 पवई आईआईटी से ग्रेजुएट हए 43 वर्षीय ऋषि ने पेशे से शिक्षक और विएतनाम मूल के विन्ह के साथ 30 दिसंबर 2017 को शादी रचाई थी. दोनों ही अमेरिका में रह रहे थे. ऋषि को ग्रीन कार्ड मिल चुका था और विन्ह बचपन से ही अमेरिका में बस चुके थे. दोनों की मुलाकात एक डेटिंग वेबसाइट के ज़रिए हुई थी. दोनों के बीच 2017 में ही डेटिंग शुरू हुई और फिर दोनों ने शादी का फैसला किया.

पवई आईआईटी से ग्रेजुएट हए 43 वर्षीय ऋषि ने पेशे से शिक्षक और विएतनाम मूल के विन्ह के साथ 30 दिसंबर 2017 को शादी रचाई थी. दोनों ही अमेरिका में रह रहे थे. ऋषि को ग्रीन कार्ड मिल चुका था और विन्ह बचपन से ही अमेरिका में बस चुके थे. दोनों की मुलाकात एक डेटिंग वेबसाइट के ज़रिए हुई थी. दोनों के बीच 2017 में ही डेटिंग शुरू हुई और फिर दोनों ने शादी का फैसला किया.

 शादी में क्यों नहीं आई अड़चन : इस सवाल का जवाब एक पुरानी कहानी में छुपा था. अस्ल में जब 1997 के समय में ऋषि ने अपने परिवार के सामने अपने गे होने का खुलासा किया था, तब परिवार को यह बात स्वीकारने में बहुत मुश्किल हुई थी. परिवार को पांच साल लगे मंज़ूर करने में कि उनका बेटा गे है और उसी तरह ज़िंदगी जीना चाहता है. इसके बाद सब ठीक हुआ, यहां तक कि ऋषि और उसके परिवार ने सैन फ्रांसिस्को में 2007 में हुई गे प्राइड परेड में भी हिस्सा लिया.

शादी में क्यों नहीं आई अड़चन : इस सवाल का जवाब एक पुरानी कहानी में छुपा था. अस्ल में जब 1997 के समय में ऋषि ने अपने परिवार के सामने अपने गे होने का खुलासा किया था, तब परिवार को यह बात स्वीकारने में बहुत मुश्किल हुई थी. परिवार को पांच साल लगे मंज़ूर करने में कि उनका बेटा गे है और उसी तरह ज़िंदगी जीना चाहता है. इसके बाद सब ठीक हुआ, यहां तक कि ऋषि और उसके परिवार ने सैन फ्रांसिस्को में 2007 में हुई गे प्राइड परेड में भी हिस्सा लिया.

 शादी नहीं कमिटमेंट : विन्ह के साथ रिश्ते के बारे में ऋषि ने मीडिया से कहा था कि वो इस रिश्ते को शादी नहीं बल्कि कमिटमेंट के तौर पर देखते हैं और उत्सव भी शादी का नहीं, परिवार और अपनों के बीच कमिटमेंट ज़ाहिर करने का था. कमिटमेंट कहें या शादी, ये इच्छा ऋषि की थी कि वो विन्ह के साथ अपने देश, अपने शहर में पारंपरिक रूप से बंधन में बंधे. विन्ह ने हामी भरी और ऋषि के परिवार ने महाराष्ट्र के यवतमाल में रिसेप्शन का अयोजन किया जिसमें परिवार और समाज के कई लोग शामिल हुए.

शादी नहीं कमिटमेंट : विन्ह के साथ रिश्ते के बारे में ऋषि ने मीडिया से कहा था कि वो इस रिश्ते को शादी नहीं बल्कि कमिटमेंट के तौर पर देखते हैं और उत्सव भी शादी का नहीं, परिवार और अपनों के बीच कमिटमेंट ज़ाहिर करने का था. कमिटमेंट कहें या शादी, ये इच्छा ऋषि की थी कि वो विन्ह के साथ अपने देश, अपने शहर में पारंपरिक रूप से बंधन में बंधे. विन्ह ने हामी भरी और ऋषि के परिवार ने महाराष्ट्र के यवतमाल में रिसेप्शन का अयोजन किया जिसमें परिवार और समाज के कई लोग शामिल हुए.

 इतने लोगों का सपोर्ट पाकर ऋषि ने भावुक होकर तब एक फेसबुक पोस्ट पर अपनी भावनओं का इज़हार करते हुए सभी को धन्यवाद दिया था और यवतमाल को उम्मीद से बढ़कर प्रगतिशील कहा था. शादी के बाद ऋषि और विन्ह अमेरिका लौट गए और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीने के बीच दोनों ने किसी बच्चे को गोद लेने की इच्छा भी ज़ाहिर की थी.

इतने लोगों का सपोर्ट पाकर ऋषि ने भावुक होकर तब एक फेसबुक पोस्ट पर अपनी भावनओं का इज़हार करते हुए सभी को धन्यवाद दिया था और यवतमाल को उम्मीद से बढ़कर प्रगतिशील कहा था. शादी के बाद ऋषि और विन्ह अमेरिका लौट गए और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी जीने के बीच दोनों ने किसी बच्चे को गोद लेने की इच्छा भी ज़ाहिर की थी.

जी-20 सम्मेलन: ओसाका पहुंचे पीएम मोदी, छाया रह सकता है ट्रेड वॉर और ईरान तनाव

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जापान में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यहां पहुंचे। इस सम्मेलन के दौरान वह महत्वपूर्ण बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया के प्रमुख नेताओं से भी मिलेंगे। विज्ञापन

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘अलसुबह ओसाका पहुंचे। आने वाले दिनों में जी-20 शिखर सम्मेलन, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रही हैं। वह वैश्विक महत्व के कई मुद्दों पर जोर देने के साथ ही भारत का नजरिया पेश करेंगे।’

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ओसाका में 28-29 जून को हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठी बार शिरकत करने पहुंचे हैं। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, ‘जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओसाका के कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। अगले तीन दिनों तक, वैश्विक मंच पर भारत के नजरिए को रखने के लिये प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चाओं का हिस्सा होंगे।’  

छाया रह सकता है ट्रेड वॉर और ईरान तनाव

अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वार और ईरान के साथ चल रहे तनाव के युद्ध में बदलने का खौफ, ये दो मुद्दे यहां शुरू हो रहे जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान छाये रह सकते हैं। विश्व के 20 अग्रणी देशों के नेताओं की मौजूदगी वाले सम्मेलन में उत्तर कोरिया और वेनेजुएला में गर्माता माहौल तथा धीमी होती वैश्विक अर्थव्यवस्था भी शीर्ष एजेंडे में शामिल रहेगी। विश्लेषकों का कहना है कि यह हालिया सालों में जी-20 का सबसे अहम सम्मेलन हो सकती है।

लंबे समय से चल रही ट्रेड वार में पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहते नरमी दिखाई थी कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ फोन पर अच्छी बातचीत के बाद वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। जिनपिंग ने भी ट्रंप से कहा था कि आपस में सहयोग से चीन और अमेरिका दोनों लाभ में रहेंगे और लड़ने से दोनों को नुकसान ही होगा। विशेषज्ञ भी शनिवार को संभावित दोनों नेताओं की इस वार्तासे बेहद उम्मीद लगा रहे हैं। 

अमेरिका स्थित सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के आर्थिक विशेषज्ञ मैथ्यू गुडमैन के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप सौदेबाजी पसंद करते हैं। ऐसे में वह किसी समझौते पर सहमत हो सकते हैं। तीन महीने में यह समझौता हो सकता है। एशिया-पैसेफिक आर्थिक सहयोग (एपेक) की पॉलिसी सपोर्ट यूनिट के निदेशक डेनिस ह्यू का कहना है कि यदि दोनों में समझौता नहीं होता है, तो यह सभी के लिए खराब होगा। 

ऑस्ट्रेलिया ने दी ट्रेड वार को लेकर चेतावनी

ऑस्ट्रेलिया का प्रधानमंत्री स्कॉट मौरिसन ने बुधवार को चेतावनी दी कि चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वार से छोटे देशों को व्यापक हानि हो सकती है और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा, इस विवाद से वैश्विक व्यापार सिस्टम बेहद दबाव में है और वैश्विक विकास अनुमान घट सकते हैं। जी-20 सम्मेलन शुरू होने की पूर्व संध्या पर ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है। 

कुंभ मेले में बिजली घोटाला, हाई कोर्ट ने राज्‍य सरकार और पीडीए से मांगा जवाब

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प्रयागराज। कुंभ मेले के दौरान झूसी में बने शास्त्री पुल से अंदावा तक विद्युतीकरण कार्य कराया गया था। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि विद्युतीकरण हुआ ही नहीं और ठेका लेने वाली कंपनी को भुगतान कर दिया गया है। इस मामले में संबंधित कंपनी के ऊपर मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि इसकी जांच के लिए अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कंपनी, प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी व राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस याचिका पर अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी और उसके पहले ही सभी पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना है।

क्या है मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया गया है कि कुंभ मेले के दौरान विद्युतीकरण के लिए टेंडर जारी किया गया था। इस दौरान प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिशासी अभियंता अवनींद्र कुमार सिंह की मिलीभगत से मेसर्स अनू वेन्चर्स को विद्युतीकरण का ठेका दिया गया। यह कंपनी गाजियाबाद के प्रताप बिहार की है और कुंभ में कार्य करने के लिए यह ऑथराइज्ड की गई थी। आश्चर्यजनक बात यह है कि कंपनी के पास काम करने का कोई एक्सपीरियंस नहीं था। उसके बावजूद उसके लिये अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनवाया गया। कंपनी के नाम नगर पालिका परिषद अयोध्या में कार्य का फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर जालसाजी की गई और विद्युतीकरण का काम ना करने के बावजूद भी मिलीभगत से भुगतान कर दिया गया। सरकार को करोड़ों रुपए की चपत लगाई गई और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। लेकिन, अब मामला खुलने के बाद इसमें कार्यवाही का दौर शुरू हुआ है।

10 जुलाई को अगली सुनवाई कुंभ मेले में विद्युतीकरण के नाम पर हुए घोटाले के खुलासे के लिए अधिवक्ता अरुण मिश्रा ने याचिका दाखिल की है और उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के लिए स्वतंत्र कमेटी गठित करने व विजिलेंस टीम से जांच कराने का आग्रह किया है। याचिका पर जस्टिस रामसूरत मौर्य तथा जस्टिस पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई की है और सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 10 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका पर अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।

दर्ज हुआ है मुकदमा

कुंभ के दौरान विकास कार्यों में घोटालों को लेकर पिछले 4 महीने से लगातार छोटे बड़े मामले सामने आ रहे हैं। मेला प्राधिकरण द्वारा कार्रवाई के दिये कई बड़े कदम उठाए गए हैं। जिनमें करोड़ों के भुगतान पर रोक लगाने के साथ कई जांच भी चल रही है। उसी क्रम में इस विद्युतीकरण के मामले में धांधली का मामला भी खुला था। तब खुद को बचाने के लिए कानूनी कार्यवाही का क्रम भी शुरू किया गया था। 22 फरवरी 2019 को अनू वेन्चर्स के खिलाफ गबन व षड्यंत्र के आरोप में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। लेकिन, इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने की खानापूर्ति के बाद कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता ने 16 मार्च को घोटाले की जांच के लिए एक मांग पत्र भी भेजा था। लेकिन, पूरे मामले को रफा-दफा करने के लिए खेल चल रहा था। अब मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच चुका है और हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण में सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है।

गुरुवार को बढ़े पेट्रोल और डीजल के रेट

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देश में गुरुवार को पेट्रोल और डीजल दोनों बढ़ोत्तरी हुई। आज दिल्ली में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 7 पैसे प्रति लीटर बढ़कर 70.12 रुपये हो गई। वहीं डीजल के रेट में प्रति लीटर 5 पैसे की और बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। सरकारी तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा करने के बाद प्रति दिन पेट्रोल रेट और डीजल रेट तय करती हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियमम दैनिक आधार पर 6 बजे से पेट्रोल रेट और डीजल रेट में संशोधन करती हैं और जारी करती हैं।

जानें आज के पेट्रोल और डीजल के रेट

-दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 70.12 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 63.95 रुपये प्रति लीटर पर है।

-कोलकाता में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 72.38 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 65.87 रुपये प्रति लीटर पर है।

-मुम्बई में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 75.82 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 67.05 रुपये प्रति लीटर पर है।

-चेन्नई में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 72.84 रुपये है। वहीं 1 लीटर डीजल 67.70 रुपये प्रति लीटर पर है।

जानें : अपने शहर के पेट्रोल के दाम

जानें : अपने शहर के डीजल के दाम

कीमत तय करने का ये है आधार

विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं।

पेट्रोल में कितना हिस्सा टैक्स का

खुदरा बिकने वाले पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी रकम का आप भुगतान करते हैं, उसमें आप 55.5 प्रतिशत पेट्रोल के लिए और 47.3 प्रतिशत डीजल के लिए आप टैक्स चुका रहे होते हैं।

डीलर भी जोड़ते हैं अपना मार्जिन

डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

पक्षी से टकराया जगुआर, कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, घरों पर गिरा मलबा

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हरियाणा में गुरुवार सुबह वायुसेना के जगुआर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. बताया जा रहा है कि यह लड़ाकू विमान अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से उड़ा था और एक पक्षी से टकरा गया. इसके बाद इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इस दौरान विमान का मलबा रिहायशी इलाके में गिरा है. हालांकि, इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.