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नरसिम्हा राव ने की थी गांधी परिवार को दरकिनार करने की कोशिश : कांग्रेस सचिव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस पर अपने ही नेताओं और पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव को नजरअंदाज करने का आरोप लगाए जाने के बाद पार्टी सचिव जी चिन्ना रेड्डी ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिवंगत नेता ने अपने कार्यकाल के दौरान नेहरू-गांधी परिवार को दरकिनार करने की कोशिश की थी।विज्ञापन

अविभाजित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के मंत्री रहे रेड्डी ने राव के प्रधानमंत्री रहते हुए दिसंबर, 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर उन्हें जिम्मेदार ठहराने का भी प्रयास किया और कहा कि इसी कारण मुस्लिम समुदाय के लोग पार्टी से दूर हो गए।

उन्होंने यहां कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, ‘पी वी नरसिम्हा राव जी को जिन गांधी परिवार, सोनिया गांधी जी और कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री बनाने में मदद की उन्होंने उन्हें ही राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश की थी। उन्होंने गांधी परिवार को दरकिनार करने का प्रयास किया क्योंकि उन्हें डर था कि शायद वह दोबारा प्रधानमंत्री नहीं बन सकें।’ 

कैलाश मानसरोवर यात्रियों पर पड़ी खराब मौसम की मार, नेपाल में फंसे 200 भारतीय यात्री

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कैलाश मानसरोवर यात्रियों पर खराब मौसम की मार पड़ रही है. नेपाल में भारत के 200 यात्री खराब मौसम की वजह से फंसे हुए हैं. कैलाश मानसरोवर यात्रा से वापस लौट रहे करीब 200 भारतीय श्रद्धालु खराब मौसम के चलते नेपाल के हुमला जिले में फंसे हुए हैं. श्रद्धालुओं ने निजी टूर ऑपरेटरों पर उन्हें सुविधाएं ना देने का आरोप लगाया है. बता दें कि हर साल सैकड़ों भारतीय श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के लिए कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाते हैं. बौद्ध और जैन धर्म के मामने वाले लोग भी भगवान शिव में गहरी आस्था रखते हैं.

बताया जा रहा है कि खराब मौसम के चलते श्रद्धालु नेपाल-चीन सीमा से सटे हिलसा इलाके में फंसे हुए हैं. जिनमें ज्यादातर यात्री तेलंगाना के रहने वाले हैं. जिनकी संख्या करीब 40 बताई जा रही है. श्रद्धालुओं का कहना है कि खराब मौसम के कारण वह यहां फंसे हुए हैं और निकल नहीं पा रहे हैं. उनका आरोप है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय ही ट्रैवेल एजेंसी ने उन्हें यहां छोड़ दिया. बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्री करीब 19,500 फुट की दुर्गम बर्फीले पहाड़ों की यात्रा कर भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं.

कैलाश मानसरोवर यात्रियों में शामिल पंकज भटनागर का कहना है कि श्रद्धालुओं ने पिछले 13 जून को अपनी यात्रा शुरू की थी. तीर्थयात्री इस समय नेपाल-चीन बॉर्डर पर स्थित हिलसा शहर में फंसे हैं, जहां वे तिब्बत के बुरंग से पहुंचे थे. जहां से वह हेलीकॉप्टर द्वारा सिमीकोट के लिए रवाना हुए और इसके बाद नेपालगंज पहुंचे. पंकज भटनागर पंजाब के डेराबस्सी के रहने वाले हैं. वह बताते हैं कि यहां सुविधाओं का बहुत अभाव है और उन्हें रुक-रुक हो रही बारिश के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

विदेश मंत्री जयशंकर बोले- Pak में आतंकियों को मिला है सरकारी संरक्षण

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नई जिम्मेदारी संभालने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहली बार पाकिस्तान पर बड़ा हमला किया. यूके-इंडिया वीक के लीडर्स समिट में एस. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान की टेरर इंडस्ट्री अच्छा पड़ोसी होने से रोक रही रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया का अकेला देश है पाकिस्तान, जहां आतंकवाद को सरकारी संरक्षण मिला हुआ है.

अरबों डॉलर का अमेरिकी निवेश कर रहा है भारत का इंतज़ार : माइक पोम्पियो

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ओसाका में जी -20 मुलाकात से पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भारत के साथ निवेश से लेकर रोजगार सृजन, डेटा स्थानीयकरण, प्रौद्योगिकी साझेदारी जैसे कई विषयों पर बातचीत की. अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अरबों डॉलर मूल्य का अमेरिकी निवेश भारत की प्रतीक्षा कर रहा है.

पोम्पियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अपनी बैठक के बाद शाम को राजनयिकों और अन्य प्रतिष्ठित मेहमानों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हर महीने दस लाख भारतीय युवा नौकरी के बाजार में प्रवेश करते हैं.

पोम्पियो ने भारत में 5जी प्रक्रिया में अमेरिकी कंपनियों को शामिल करने के लिए पोम्पिओ ने अपनी बात रखी. भारत में 5 जी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पहले ही चीनी कंपनी हुआवेई और ZTE जोर दे रही हैं. अपनी यात्रा के दौरान पोम्पिओ ने इस प्रक्रिया में अमेरिकी कंपनियों को शामिल करने के लिए जोर दिया. अमेरिका पहले ही चीनी कंपनी हुआवेई को जासूसी का आरोप लगाकर बैन कर चुका है.

पोम्पिओ ने कहा कि “क्या हम भारत के 5जी नेटवर्क के भविष्य को सुरक्षित और विश्वसनीय रखने के लिए जापान जैसे भागीदारों के साथ साझेदार के रूप में एक साथ काम कर सकते हैं?” उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है कि हम कर सकते हैं”.

Google, Amazon और Facebook जैसी कंपनियों ने प्रस्तावित डेटा संरक्षण विधेयक की बार-बार आलोचना की है, वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा मसौदा तैयार किया जा रहा है. दूसरी ओर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की प्रस्तावित ई-कॉमर्स नीति में विनियामक निरीक्षण और कराधान के मुद्दे भी अमेरिका के अधीन रहे हैं.

भाजपा का ध्यान अब मुस्लिम महिलाओं को संगठन से जोड़ने पर

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लोकसभा चुनाव में सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब सदस्यता अभियान में जुटने जा रही है। इसे लेकर उसने अब मुस्लिम महिलाओं की ओर खासतौर से ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बनाई है। भाजपा ने बाकायदा चुने हुए विषयों को लेकर मुस्लिमों के बीच जाने का फैसला किया है।

इसके जरिए प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं को भरोसा दिलाया जाएगा कि उनकी हितचिंतक सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही है। सदस्यता अभियान को लेकर तीन दिन पहले हुई बैठक में अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में भाजपा से जोड़ने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है।

भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हैदर अब्बास चांद ने इस बारे में कहा, “भाजपा मुस्लिमों के लिए कभी अछूत नहीं रही है। हमने इस समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ा है। बड़ी संख्या में खुद लोग अब हमसे जुड़ रहे हैं। और भी लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है।”

चांद ने आईएएनएस को बताया, “तीन तलाक मुद्दा मुस्लिम महिलाओं को भाजपा के करीब लाने में काफी मददगार साबित हुआ। अन्य राज्यों में भी भाजपा मुसलमानों को प्रत्याशी बना चुकी है। इससे इस वर्ग को विश्वास हो गया है। भाजपा उनके भविष्य की चिंता कर रही है। लिहाजा हम सदस्यता अभियान के दौरान अपना मुख्य फोकस अल्पसंख्यक, विशेष कर मुस्लिम महिला वर्ग पर रखना चाहते हैं।”

चांद ने बताया कि अशिक्षित महिलाओं और तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को जागरूक किया जाएगा और घर-घर जाकर मोदी सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के हित में चल रहीं योजनाओं के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने बताया, “हमने एक जिले में 10 हजार मुस्लिम महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पूरे प्रदेश में लगभग पांच लाख मुस्लिम महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह अभियान छह जुलाई से चलाया जाना है। मेरे नेतृत्व में एक लाख 35 हजार नये सदस्य बने थे, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं।”

अवध क्षेत्र की मीडिया प्रभारी रुखशाना नकवी ने आईएएनएस से कहा, “तीन तलाक विरोधी कानून का बहुत अच्छा असर हुआ है। अन्य योजनाओं का मुस्लिम महिलाओं पर बहुत अच्छा असर हुआ है। यहां पर हर बूथ पर अल्पसंख्यक महिलाओं ने भाजपा को वोट दिया है। अब हर रोज मेरे पास भाजपा से जुड़ने के लिए फोन आ रहे हैं।”

उन्होंने बताया, “मेरे पास 16 जिलों का प्रभार है। लगभग हर जिले से एक हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुस्लिम महिलाएं बहुत ज्यादा प्रताड़ित हैं। इनकी खबर किसी दल ने नहीं ली है। सभी सिर्फ वोट बैंक के लालच में अपने को मुस्लिम हितैषी बताने में जुटे हैं। इस बार खासकर मुस्लिम महिलाओं को भाजपा सरकार से लाभ हुआ है। वे भाजपा की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही हैं।”

रुखशाना ने कहा, “हाल के दिनों में मुस्लिम महिलाओं में जागरूकता काफी बढ़ी है। केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकारों द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलम्बी बनाने की दिशा में जो कार्य किए गए हैं, इससे प्रभावित होकर मुस्लिम महिलाएं लगातार भाजपा से जुड़ रही हैं।”

अल्पसंख्यक मोर्चा की रशीदा बेगम ने कहा, “हाल के दिनों में मदरसा बोर्ड में नाजनीन अंसारी को सदस्य, सौफिया अहमद को अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य एवं आसिफा जमानी को उर्दू एकेडमी का चेयरमैन बनाए जाने समेत मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी सरकार में बढ़ाने से उनका झुकाव तेजी से पार्टी की तरफ हो रहा है। पहली बार कोई सरकार मुस्लिम महिलाओं के हक हुकूक की बात कर रही है।”

नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने गिनाई उपलब्धियां

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नगरीय प्रशासन मंत्री  डॉ. शिव डहरिया ने  जनता व कार्यकर्ताओं की समस्या का निराकरण करने राजीव भवन पहुंचे। जहां बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस जनों और कार्यकर्ताओ से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी। इस दौरान डॉ शिव डहरिया ने प्रेसवार्ता लेकर कहा कि कांग्रेस की सरकार भूमिहीन व्यक्तियों को भूमि धारण का अधिकार प्रदान करने के लिए अधिनियम लाया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को प्रतिनिधित्व मिले इसके लिए एक दिव्यांगों को एल्डरमेन नियुक्त किया जाएगा। सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इसके तहत रायगढ़ और जगदलपुर शहर में सीवरेज प्लान की स्वीकृति दी गई है।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अस्पताल में सीएम बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल से की मुलाकात

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल से मुलाकात कर हाल-चाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल का पिछले एक महीने से अस्पताल में इलाज जारी है। बिंदेश्वरी बघेल को कार्डियक अरेस्ट आया है। उनमें सांस लेने में तकलीफ और किडनी में इंफेक्शन पाया गया है। दिल्ली के डाक्टरों की विशेष टीम द्वारा उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराई जा रही है

क्या आप जानते हैं खट्टी इमली के BEAUTY BENEFITS

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इमली सिर्फ खाने का स्‍वाद ही नहीं बढ़ाती बल्कि यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी बहुत लाभदायक है. इसके अलावा आप इसे ब्यूटी टिप्स के रूप में भी ले सकते हैं. खाने के अलावा इसके कितने फायदे होते हैं आज हम इसी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं. चेहरे के निखार के लिए इसका उपयोग आप में से कम लोग ही जानते होंगे.

ये हैं इमली के सौंदर्य लाभ

इमली में ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स के अलावा विटामिन सी और ए होता है जो स्किन को फ्री रैडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं.

इमली स्किन के लिए एक परफेक्ट ब्लीच का काम करती है और स्किन टोन को निखारने में मदद करती है.

इमली में अल्फा हाइड्रोक्सिल ऐसिड्स होते हैं जो स्किन की गहराई में जाकर हर तरह की गंदगी को बाहर निकालते हैं.

इसके अलावा ये हर तरह के दाग-धब्बे और झुर्रियों को हटाने में मदद करते हैं व स्किन को जवां रखते हैं.

इमली का फेस मास्‍क भी है फायदेमंद

इमली को फेस मास्क के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए आप इसे दही, चंदन या फिर मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर लगा सकती हैं.

इसके लिए एक चम्मच इमली के गूदे को दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में मिला लें. थोड़ा सा दूध और गुलाब जल डालें और अच्छी तरह से मिक्स करें. अब इस पैक को पूरे चहरे पर लगा लें. लेकिन ध्यान रहे कि यह पैक आंखों पर न लगे. आधे घंटे तक ऐसे ही रहने दें और फिर ठंडे पानी से मुंह धो लें. इस प्रोसेस को हफ्ते में दो बार करें. फि‍र देखिए आपकी कितनी खूबसूरत और यंग लगने लगेंगी.

26 जून अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोध दिवस:- क्या कारण है की लोग तेज़ी से बढ़ रहे हैं नशे की और , क्यों बन रहा है नशा लोगों का साथी

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नशे का चलन कई सालों ही नही बल्कि पीढ़ियों पुराना है । कहा जाता है न की नशे ने तो राजाओं का राज पाट तक बिकवा दिये थे । हाँ नशा करना शुरू से ही काफी गलत माना जाता है । नशे के कारण व्यक्ति सब कुछ खो देता है । घर परिवार क्या वह तो खुद के जीवन और खुद के जीवन के मूल्यों को तक खो बैठता है । आज यह जैसे लोगों के लिए फैशन सा ही बन चुका है । पर आखिर इसका कारण क्या है की यह नशा हिलोगों का साथ बन रहा है ।

नशे की लत का कारण हम खुद हैं । दरअसल आज के समय में बचपन से ही बच्चा अकेलेपन को झेलता आ रहा होता है । उसको प्यार के नाम पर यदि कुछ मिलता है तो पैसे । वह यह कभी नही जान पाते हैं की बाप के कंधे पर बैठ कए दुनिया को देखने का क्या मजा होता है और माँ के आँचल से आँसू को पोचने के बाद उसके हाथ का खिलाया हुआ 2 निवाला भी सारी दुनिया की खुसी समेत ले आता है सारे दर्द को कम कर देता है ।

आज कल के माँ बाप और बच्चे बस पैसों के बीच ही अपने रिश्तों को सँजो कर जी रहे हैं , वह भी करें तो करें क्या ? और यही ही व्यस्तता बड़े होते होते बच्चों के अंदर एक अजीब सा खाली पन भर देती है । वह घर से ज्यादा बाहर की दुनिया में अपनी खुशी ढूँढने तो लगते हैं पर रिश्तों की सही समझ नही होने के कारण और अपरिपक्वता के चलते वह नए बने हुए रिश्तों को भी खो देते हैं और अकेलेपन को खुद पर हावी कर लेते हैं ।

यही ही अकेला पन उनके नशे की लत का सबसे बड़ा कारण बनता है । रिश्तों की ना कमी , ब्रेकअप , तलाक , दोस्तों का ना होना , खुद से निराशा ,असफलता , तनाव यही ही सब होता है जो की उनको इस ओर ले जाता है । जब भी व्यक्ति अकेलापन खुद पर हावी कर लेता है तो वह नशे को अपना शाठी मान लेता है ताकि उसको समय का जरा भी पता ना चले । इसी कारण यह सभी शहरी जीवन में ज्यादा देखने को मिल रहा है ।

सावधान! स्विगी, जोमैटो से ऑर्डर करते हैं खाना तो कट सकती है आपकी जेब, जानें वजह?

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अगर आप भी ऑनलाइन कंपनियों से भोजन ऑर्डर करते हैं तो ये खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स Swiggy, Zomato जैसी कंपनियों से भोजन मंगाने वालों को अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है. क्योंकि ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स ने कई प्रोडक्ट्स पर रेस्टोरेंट्स के दाम के मुकाबले 5 रुपये से लेकर 50 रुपये या उससे अधिक बढ़ा दिए हैं.

कंपनियां बढ़ा रही हैं ओरिजनल प्राइस

ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर्स अपने कोष की भरपाई करने के लिए देश भर के आउटलेट्स से खाद्य पदार्थों के ओरिजनल प्राइस बढ़ा रहे हैं. कोई आइटम आउटलेट के आधार पर 5 रुपये से लेकर 50 रुपये या उससे अधिक महंगा हो सकता है. दिलचस्प बात ये है कि ज्यादातर मामलों में ग्राहकों को यह पता भी नहीं है कि वे इस आइटम का प्रीमियम भुगतान कर रहे हैं, जिसका उन्होंने ऑर्डर किया है.

अगर हम थोड़ा गूगल चेक करें तो पाएंगे जोमैटो में दी गई कीमत और उस होटल के मेन्यू में दी गई कीमत में अंतर है. लेकिन जब ग्राहक वेबसाइट के ऑर्डर ऑनलाइन टैग पर क्लिक करता है, तो कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं.

हालांकि रेस्टोरेंट के मालिक डिलिवरी कंपनियों को कुछ कमीशन देते हैं. जिसकी वजह से दाम में 15-35 फीसदी के बीच अंतर बढ़ जाता है. जबकि ज्यादातर बडे ब्रांड के रेस्टोरेंट्स ने एग्रीगेटरों को ऑनलाइन ग्राहकों के लिए अपने मेन्यू को बढ़ाने का अधिकार दिया है. लिहाजा एक बार रेस्टोरेंट्स के मालिक प्राइस बढ़ाने की मंजूरी मिलने पर स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों को दाम बढ़ाना आसान हो जाता है.